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पश्चिमी विक्षोभ का असर: हरियाणा में 5 दिन बारिश का अलर्ट, कल से बदलाव

हिसार. प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से जारी है। शुक्रवार को प्रदेश में रोहतक सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 26 अप्रैल से इस गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से प्रदेश में पांच दिन तक लगातार वर्षा हाे सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। मौसम विज्ञानियों ने इसके साथ ही तापमान में गिरावट होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को रोहतक सबसे गर्म रहा। प्रदेश के बाकी जिलों में भी लू चली। इससे दिन के समय लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। वहीं रात का तापमान भी तेजी से ऊपर चढ़ा है। प्रदेश के गर्म रात में भिवानी का 28.5, फरीदाबाद का 27 डिग्री तो अंबाला में 26.2 डिग्री तो नारनौल में 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम आमतौर पर 29 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 25 अप्रैल देर रात्रि को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है जिसके आंशिक प्रभाव से 26 अप्रैल रात्रि से 29 अप्रैल के दौरान हरियाणा राज्य में आंशिक बादलवाई रहने तथा बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से की संभावना है। इस दौरान मध्यम से तेज गति से धूलभरी हवाएं चलने तथा गरज चमक के साथ राज्य में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा भी हो सकती है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट होने तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

पारिवारिक पेंशन पर बड़ा फैसल,अवैध विवाह से पत्नी को नहीं मिलेगा अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार। महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता। पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट  

अमेरिका-ब्रिटेन को टक्कर देंगी भारतीय मिसाइलें: अपग्रेड मिशन तेज, Prahlada Ramarao का हिसार दौरा

हिसार. अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है। ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की। सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे। ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया। रूस के साथ तैयार की मिसाइल पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

बच्चों के पोषण पर फोकस, मिड-डे मील को बेहतर बनाने की नई पहल

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड-डे मील को और बेहतर बनाने के लिए एक खास प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अब सीधे कुक-कम-हेल्पर को ट्रेनिंग देने के बजाय पहले शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर आगे कुक-कम-हेल्पर को पोषण, स्वास्थ्य और साफ-सफाई के बारे में ट्रेनिंग देंगे। योजना के अनुसार, हर जिले के हर ब्लॉक से 4-5 टीजीटी शिक्षकों के नाम मंगवा लिया गया है। खास बात यह है कि इसमें गृह विज्ञान (होम साइंस) के अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि उन्हें खान-पान और पोषण की बेहतर समझ होती है। इन शिक्षकों को पहले विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे सही जानकारी और तरीके आगे पहुंचा सकें इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्कूलों में बनने वाला खाना ज्यादा पौष्टिक और सुरक्षित होगा। साफ-सफाई के बेहतर नियम अपनाए जाएंगे, जिससे बच्चों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, खाना बनाने वालों की स्किल भी बढ़ेगी, जिससे भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ खाना खिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाना है। बेहतर पोषण से बच्चों की पढ़ाई में भी सुधार होगा और उनकी उपस्थिति बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह कदम शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।  

हरियाणा में बड़ा खुलासा, बिना लाइसेंस बन रहा था नकली ENO

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नकली ENO fruit salt बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश हुआ है। कुंडली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव अटेरना के खेतों में अवैध रूप से फैक्टरी चलाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की, जहां हजारों की संख्या में तैयार पैकेट बरामद किए गए। शुरुआती जांच में शक होने पर स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और फूड सेफ्टी टीम को बुलाया गया। फैक्ट्री के पास नहीं था लाइसेंस जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्टरी के पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं था और जो ENO fruit salt तैयार किया जा रहा था, वह नकली प्रतीत हो रहा है। फैक्टरी संचालक अमरजीत दहिया मौके से फरार मिला और उसका फोन भी बंद है। लैब में जाँच के लिए भेजे गए सैंपल अधिकारियों ने मौके से सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही पूरी फैक्टरी को सील कर दिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग ने इस मामले में लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हरियाणा में राशन डिपो नियमों में बड़ा बदलाव, महिलाओं को मिला खास कोटा

चंडीगढ़ प्रदेश में अब राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। साथ ही नए राशन डिपो का 33 फीसदी कोटा महिलाओं के लिए तय किया गया है। अच्छा आचरण होने पर 60 वर्ष के बाद भी डिपो धारकों की अवधि 5 साल और बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत डिपो धारक की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सहानुभूति के आधार पर लाइसेंस दिया जा सकेगा। कोटे के आधार पर हर तीसरी दुकान महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। एसिड अटैक पीड़ित, स्वयं सहायता समूह, विधवा, तलाकशुदा, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में महिलाओं के आवेदन नहीं आते हैं तो पहले उन्हें आवेदन के लिए दो मौके दिए जाएंगे। इसके बाद ही डिपो किसी और को आवंटित किया जा जाएगा। डिपो के लिए ये नहीं कर सकेंगे आवेदन अब कोई भी व्यक्ति अगर पहले से डिपो धारक है तो वह दूसरे डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही डिपो धारकों के परिवार के लोग और रिश्तेदारों भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। पंच, सरपंच, विधायक, सांसद किसी भी जनप्रतिनिधि के पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरपंच या पार्षद बन जाता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द माना जाएगा। साथ ही राज्य या केंद्र सरकार का स्थायी या अनुबंधित कर्मचारी भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरकारी नौकरी में आ जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

गैस एजेंसियों पर लंबी वेटिंग, दो दिन का ही बचा सिलेंडर स्टॉक

करनाल  एलपीजी सिलिंडरों के लिए लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गैस एजेंसियों पर लोगों को बुकिंग के 15 दिन बाद भी घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। जब लोग पता करने एजेंसी पहुंचते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि अब तक आपकी बुकिंग तिथि का स्लॉट शुरू नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि कई एजेंसियों पर अब तक पांच या सात अप्रैल तक की बुकिंग की ही डिलिवरी दी जा रही है। करनाल में भगवाड़िया गैस एजेंसी और तरावड़ी व इंद्री की गैस एजेंसी समेत अन्य में इस समय सिलिंडर आपूर्ति की दिक्कत हो रही है। गीता, संतोष और अर्जुन ने बताया कि उन्होंने सिलिंडर बुक अप्रैल के पहले सप्ताह में कराया था अब तक डिलीवरी नहीं मिली। एजेंसी संचालकों से बात करते हैं तो कहा जाता है कि अभी पिछली बुकिंग की आपूर्ति की जा रही है, नंबर आने पर ही पर्ची जारी करके डिलीवरी दी जाएगी। 42 एजेंसियों के पास महज 17525 सिलिंडरों का स्टाॅक जिले में 42 गैस एजेंसी हैं, जिनके पास वीरवार को महज 17525 सिलिंडरों का स्टॉक है। खपत के अनुसार, यह स्टॉक महज दो दिन का ही है। हालांकि पीछे से रोजाना एजेंसियों में गाड़ी पहुंच रही है। वीरवार को 8182 घरेलू और 333 कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति दी गई। ट्रांजिट स्टॉक में 5211 सिलिंडर हैं। डीएफएससी मुकेश कुमार का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, गैस की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। यदि शर्त न लगती तो दो गुने से ज्यादा होती बुकिंग एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग का कहना है कि अब बुकिंग ज्यादा नहीं आ पा रही हैं। 25 दिन की शर्त से बुकिंग रुकी हैं। इससे जरूरतमंद को सिलिंडर जरूर और निर्धारित समय पर ही मिलेगा। यदि सरकार यह शर्त न लगाती तो वर्तमान समय में बुकिंग दोगुने से ज्यादा हो जाती। इसके बाद लोग घरों में सिलिंडर इकट्ठे कर लेते और किल्लत बढ़ जाती। उनकी एजेंसी में पांच दिन की वेटिंग चल रही है। सहायता के लिए हेल्पलाइन 0184-2285963 डीएफएससी ने बताया कि किसी भी समस्या या जानकारी के लिए नागरिक प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 0184-2285963 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जिले में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  

14616 अभ्यर्थियों की परीक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, होटल-धर्मशाला की होगी चेकिंग

करनाल  हरियाणा लोक सेवा आयोग की 26 अप्रैल को जिले में 48 केंद्रों पर एचसीएस की परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जिला पुलिस करनाल ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने सभी थाना प्रबंधकों व पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित होटल, धर्मशाला, सराय आदि स्थानों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित करें। साइबर सेल करनाल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के मिलने पर गहनता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अतिरिक्त होटल, धर्मशाला व सराय संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक ठहरने वाले व्यक्ति के वैध पहचान दस्तावेज प्राप्त कर नियमानुसार रिकॉर्ड में दर्ज करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के आने की सूचना तुरंत संबंधित थाना या पुलिस चौकी को दें। 14616 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा करनाल में 48 केंद्रों पर दो चरणों में परीक्षा होगी, जिसमें 14616 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षा के समय से 10 मिनट पहले तक प्रवेश दिया जाएगा। सुबह के सत्र की परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के रहने के इंतजाम भी प्रशासन करेगा। केंद्रों तक पहुंचने और वापस लाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। यह रहेगा समय सुबह का सत्र : सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा होगी। सुबह 8.30 से 9.50 बजे तक केंद्र में प्रवेश मिलेगा। शाम का सत्र : दोपहर 3 से 5 बजे तक परीक्षा होगी। दोपहर 1.30 से 2.50 बजे तक केंद्र में प्रवेश मिलेगा।  

सब्जी मंडी पुल प्रकरण: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला से पूछताछ के लिए SIT सक्रिय

हिसार हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला-सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के विवाद के मामले में एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना जवाब देने के लिए बुलाया है। डीएसपी कमलजीत ने इस मामले सीआईए इंचार्ज पवन सहित सभी 6 पुलिस कर्मियों को भी नोटिस दिया है। अभी दुष्यंत चौटाला-दिग्विजय चौटाला ने जांच में शामिल होने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जजपा प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई का कहना है कि पुलिस ने अभी तक शिकायत व एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई है। उसे देखने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है। आज दुष्यंत चौटाल कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आएंगे। जिसके बाद इस विषय पर भी विमर्श किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज कमलजीत ने कहा कि अभी इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी। हमने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे हैं। उनके बयान भी लेंगे। इसके बाद मौके से जुटाए गए अन्य वीडियो का भी विश्लेषण करेंगे। पूरी जांच के बाद एसपी सिद्धांत जैन को रिपोर्ट सौंपेंगे। यह था मामला गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के बाद जजपा व इनसो नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला मामले के विरोध में गिरफ्तारी देने सिटी थाना पहुंचे थे। इसके बाद एसपी ऑफिस जा रहे थे तो रास्ते में सब्जी मंडी पुल पर सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के साथ पुलिस कर्मियों से काफी बहस हुई थी। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार की गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। पवन कुमार ने उन्हें हथियार दिखाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी ई है। जिसकी जांच के लिए एसपी ने डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।  

चुनाव आयोग सख्ती: खर्च विवरण नहीं देने पर 115 प्रत्याशी अयोग्य

चंडीगढ़ हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी उम्मीदवार अगले पांच वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यह कदम उन प्रत्याशियों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने चुनाव खर्च का अनिवार्य विवरण समय पर जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है। नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना अनिवार्य होता है। तय समय सीमा में यह जानकारी उपलब्ध न कराने पर उम्मीदवार को आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में अयोग्य उम्मीदवारों की सूची अपडेट करते हुए 115 प्रत्याशियों को पांच वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जाएगी। उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का विधिवत रजिस्टर बनाए रखने और हर विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे इस संबंध में पर्यवेक्षकों से मार्गदर्शन भी ले सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। निकाय उम्मीदवार कितना पैसा खर्च कर सकते हैं आयोग समय-समय पर उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय करता आया है। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। नगर निगम महापौर के लिए उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। निगम में पार्षद के उम्मीदवार साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। वहीं नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 20 लाख रुपये, नगर काउंसिल के मेंबर की खर्च सीमा चार लाख रुपये तय की गई है। पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर यदि उम्मीदवार खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। उसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देते हैं तो जिला अधिकारी उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं और इसकी जानकारी राज्य चुनाव आयोग को भिजवाई जाती है। कहां कितने उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए चुनाव आयोग के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार, नगर परिषद झज्जर के 5, नूंह नगर परिषद के 14, पुन्हाना नगर पालिका के 17, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका के पांच, नगर परिषद नारनौल के 41, नगर पालिका राजौंद के 13, नगर पालिका टोहाना के एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है।