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देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों की तैयारी, दिल्ली-पंचकूला में 221 फीट और देहरादून में 181 फीट ऊंचाई

अंबाला देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का रिकार्ड कायम करने वाले अंबाला के बराड़ा ब्लॉक से तेजेंद्र चौहान इस बार देश की राजधानी दिल्ली समेत पंचकूला और देहरादून में रावण के पुतले तैयार कर रहे हैं। हालांकि इस बार राजस्थान के कोटा में चौहान अपने कारीगरों के साथ नहीं पहुंचे हैं, जबकि उक्त तीनों स्थानों पर साढ़े तीन माह से रावण के पुतलों को तैयार किया जा रहा है। इन तीनों पुतलों पर स्थानीय रामलीला कमेटियों द्वारा कुल एक करोड़ दस लाख रुपये का खर्च होगा। इन में ही इन दिनों तेजेंद्र चौहान जुटे हैं और दशहरे से पहले इन रावण के पुतलों को खड़ा कर दिया जाएगा। बता दें कि बराड़ा से शुरु हुआ यह सफर साल 2017 में खत्म हो गया था जब चौहान ने यहां पर 210 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया था। जगह कम होने के कारण इसे पंचकूला शिफ्ट कर दिया गया था जहां पर 221 फीट का पुतला तैयार किया गया था। अब इसी ऊंचाई का पुतला दिल्ली और पंचकूला में तैयार होगा, जबकि देहरादून में इसकी ऊंचाई 181 फीट रखी गई है। तीनों पुतलों पर 20.5 टन लोहा लगेगा चौहान ने बताया कि तीनों स्थानों पर बनने वाले रावण के पुतलों में 20.50 टन लोहे का इस्तेमाल किया जाएगा। ऊचाई के हिसाब से यह तय होता है। दिल्ली और पंचकूला में जो रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं, उनमें प्रति पुतले में सात टन लोहा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह देहरनादून में बनने वाले रावण के पुतले में साढ़े छह टन लोहा इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा प्रति पुतले में दो लाख रुपये की आतिशबाजी भी लगाई जाएगी, जो ईको फ्रेंडली होगी। बराड़ा के कारीगर जुटे हैं निर्माण इन तीनों पुतलों को बनाने में अंबाला के ही कारीगर जुटे हैं। बराड़ा से चौहान अपनी टीम लेकर चलते हैं। एक पुतला बनाने में चालीस करीगरों की टीम लगती है यानी तीनों पुतले बनाने में कुल 120 कारीगर जुटे हैं। खास है कि इन पुतलों को बनाने के बाद खड़ा करने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ता है। यह पुतले भी टुकड़ों में बनते हैं। पुतले का हर हिस्सा अलग तैयार किया जाता है और बाद में इनको जोड़ा जाता है। यह पुतले कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगते हैं। देश में बनने वाले रावण के यह सबसे बड़े पुतले हैं। इस तरह से है ऊंचाई  रावण के जो पुतले 221 फीट ऊंचे बनाए जा रहे हैं। उनमें हर हिस्से की अलग ऊंचाई है। इसके तहत रावण के सिर पर 58 फीट का मुकुट, चेहरा 25 फीट, गर्दन 8 फीट और धड़ 90 फीट, पैरों की ऊंचाई 40 फीट, जूतियों की ऊंचाई दस फीट, रावण के हाथ में तलवार 50 फीट, जूते की लंबाई 40 फीट है। इसी तरह रावण का जो पुतला 181 फीट का है, उसमें मुकुट 45 फीट, चेहरा 20 फीट, गर्दन 6 फीट, धड़ 80 फीट, पैर 32 फीट, जूते की ऊंचाई छह फीट तथा लंबाई 36 फीट तथा रावण की तलवार र35 फीट की है।

विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए बनेगा खास मंच, सरकार देगी पंजीकृत एसोसिएशन को बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है। किसी ने यूरोप में कारोबार खड़ा किया, किसी ने अफ्रीका में अपनी पहचान बनाई, तो कोई नई पीढ़ी के साथ अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में बस गया। ये लोग भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन अपनी जड़ों से उनका रिश्ता अब भी उतना ही गहरा है। इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। क्या है मकसद? मकसद सिर्फ एक सामाजिक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि विदेश में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो जरूरत के समय सहयोगी, नई पीढ़ी के लिए संस्कृति का वाहक और हरियाणा के लिए दुनिया से जुड़ने का एक मजबूत सेतु बन सके। मजबूत कम्युनिटी सपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, जो विदेश में रहने वाले हरियाणवियों से जुड़े मामलों में सहयोग का माध्यम बनेगा। निवेश और बिजनेस नेटवर्क विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में यही एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर एक तरह के ‘सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में काम करेगी। विदेश में पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को किसी मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए।

हरियाणा में बारिश का दौर थमा, कुरुक्षेत्र में साफ रहेगा मौसम; 35 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

 कुरुक्षेत्र पिछले दिनों सोमवार को हुई बूंदाबांदी के बाद अब मौसम के मिजाज में सुधार के आसार हैं। अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्यत साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, तापमान में एक-दो डिग्री सेल्सियस तक उतार-चढ़ाव हो सकता है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अक्टूबर के शुरुआती दिनों में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 21 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने के संकेत हैं। मौसम साफ रहने का सबसे अधिक फायदा धान कटाई के काम को मिलेगा। खेतों में खड़ी फसल की कटाई और मंडियों तक फसल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा सकेगा। किसान भी मौसम को देखते हुए कटाई का काम जल्द पूरा करने की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में नमी कम होने से कंबाइन मशीनों से कटाई भी तेजी पकड़ेगी। 28 सितंबर की बूंदाबांदी ने बढ़ाई सुबह-शाम की ठंडक सोमवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई थी। मंगलवार से बारिश का दौर थमने के बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है। रात के तापमान में भी गिरावट से मौसम सुहावना बना हुआ है। सप्ताह भर साफ रहेगा आसमान कृषि विशेषज्ञ डॉ. दर्शन ने बताया कि आगामी दिनों में अधिकांश समय आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि कुछ दिनों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। अगर मौसम इसी तरह साफ रहा तो धान कटाई का काम तेज होगा और मंडियों में आवक भी बढ़ सकती है। साफ मौसम से कटाई के बाद फसल को सुखाने में भी किसानों को सुविधा मिलेगी।

हिसार में पकड़ा गया 5 लाख का इनामी बदमाश, पंजाब के शोरूम मालिक हत्याकांड में था शामिल

हिसार हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पंजाब के 5 लाख रुपए के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी और लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। हिसार STF की टीम ने आरोपी को राजगढ़ रोड स्थित बाईपास फ्लाईओवर के पास से दबोच लिया।पकड़े गए आरोपी की पहचान पंजाब के अबोहर स्थित राजीव नगर निवासी शक्ति कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़ा हुआ है। STF ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी अबोहर के कारोबारी संजय वर्मा के मर्डर में शामिल रहा है। एनकाउंटर में मारे गए रामरतन ने दिया था हथियार..     आरजू के कहने पर शामिल हुआ: शक्ति कुमार ने बताया कि अबोहर के राजावाली निवासी आरजू बिश्नोई उसका गहरा दोस्त है। आरजू के कहने पर ही वह लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप में शामिल हुआ था।     शोरूम मालिक की रेकी: 7 जुलाई 2025 को अबोहर में 'न्यू वेयरवेल शोरूम' के मालिक संजय वर्मा की हत्या से पहले आरोपी ने आरजू बिश्नोई और अक्षय डेलू के कहने पर पूरे शोरूम और संजय वर्मा की रेकी की थी। इसके बाद साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।     हत्या के बाद मिला था पिस्टल: वारदात के बाद जब आरोपी फरार हो रहे थे, तब पटियाला निवासी रामरतन ने अबोहर बाईपास फ्लाईओवर के नीचे अपनी गाड़ी में शक्ति कुमार को यह अवैध पिस्तौल और कारतूस दिए थे। बता दें कि रामरतन बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। 5 लाख का इनाम और 2 राज्यों में मुकदमे पंजाब के अबोहर में हुई इस हत्या के मामले में थाना सिटी-1 (फाजिल्का) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(3)(5) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज था। वारदात के बाद से फरार चल रहे शक्ति कुमार पर पंजाब पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं, हिसार में अवैध हथियार और लॉरेंस गैंग का सक्रिय सदस्य होने के नाते आरोपी के खिलाफ थाना आजाद नगर (हिसार) में 2 अक्टूबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a, 25(6), 54 और 59 के तहत FIR नंबर 520 दर्ज की गई है। हिसार STF आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है, जिसके बाद उसे पंजाब पुलिस के हवाले किया जाएगा।

पिता ने कर्ज लेकर दिलाया धनुष, बेटी कीर्ति शर्मा ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया जींद का मान

जींद. हरियाणा के जींद जिले का छोटा सा गांव रिटोली उस समय ख़ुशी से सराबोर हो उठा, जब एशियन गेम्स 2026 से तीरंदाजी में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की खबर आई. गांव की बेटी कीर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम इवेंट में अपनी साथियों अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में दक्षिण कोरिया को पराजित कर यह स्वर्णिम इतिहास रचा है. जैसे ही कीर्ति के स्वर्ण पदक जीतने की सूचना गांव पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. बता दें, भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियां लगातार स्वर्णिम प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ा रही हैं. कीर्ति की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का वर्षों का संघर्ष और त्याग छिपा है. माता गुड्डी देवी ने नम आंखों से यादों के पन्ने पलटते हुए बताया कि कीर्ति की प्रतिभा की पहचान पिल्लूखेड़ा मंडी के एफएस स्कूल में हुई थी. शुरुआत में वह एथलेटिक्स में दौड़ लगाया करती थी. कोच ऊधम सिंह ने जब उनके स्टैमिना और एकाग्रता को देखा, तो उसे तीरंदाजी में किस्मत आजमाने की सलाह दी. बेटी के गोल्ड जीतने  के बाद उनकी मां गुड्डी देवी बताती हैं,"हमारे पास तो इतने पैसे भी नहीं थे. हमने सोचा छोटा-मोटा खेल होगा. पहली बार ₹5,000 का लकड़ी का धनुष उधार पैसे लेकर खरीदकर दिया था. जब उसकी कला में निखार आया तो कोच के कहने पर ₹55,000 का प्रोफेशनल धनुष आढ़ती से कर्ज लेकर लाए." कीर्ति के पिता विजय कुमार, जो महज तीन एकड़ जमीन पर खेती करके परिवार का गुजर-बसर करते हैं, बताते हैं कि जब बच्ची का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के पद्मा हजारीबाग (झारखंड) केंद्र में हुआ, तब उसके अभ्यास के लिए ₹55,000 का नया धनुष भी आढ़ती से ब्याज पर पैसे उठाकर दिलाना पड़ा. पिता ने भावुक होते हुए कहा,"जब बेटी का फोन आया कि 'पापा, हमने कोरिया को हराकर गोल्ड जीत लिया है', तो एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ. उस वक्त मैं खेत में धान की कटाई की तैयारी कर रहा था. 3 एकड़ जमीन में बच्चों को पढ़ाया और इस मुकाम तक पहुंचाया. आज बेटी ने सारा कर्ज चुकता कर दिया."  कीर्ति बीते 4 सालों से परिवार और घर त्यागकर झारखंड में इंटरनेशनल कोच ऊधम सिंह के मार्गदर्शन में दिन-रात कड़ा अभ्यास कर रही थी. घर पर पोती की जीत की सूचना सबसे पहले उनके भाई ने हरिद्वार से दी, जो वहां रहकर जेईई की पढ़ाई कर रहे हैं. दादा रामजवारी और दादी लखपति देवी ने खुशी जताते हुए कहा,"बेटी ने पूरे देश और हरियाणा का नाम पूरे विश्व में ऊंचा कर दिया है. हमारी पोती ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों तो गांव की गलियों से निकलकर भी दुनिया जीती जा सकती है." गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में जींद जिले के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है. कीर्ति शर्मा से पहले निशानेबाज नीरू ढांढा दो स्वर्ण पदक, जुलाना की पूजा कबड्डी में स्वर्ण पदक और अलेवा के हिमांशु रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं.

गुरुग्राम के विकास पर बड़ा मंथन, CM सैनी की हाईलेवल बैठक शुरू

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गुरुग्राम की विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक शुरू हुई। बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और लंबित कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों से विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। प्रदूषण के लिए देशभर में बदनाम हो चुकी साइबर सिटी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तेवर सख्त नजर आए। गुरुग्राम में चल रही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के एक क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आ रही है। प्रदूषण पर अधिकारियों से जवाब-तलब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चल रही बैठक में गुरुग्राम की सड़कों, जलनिकासी, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। खासकर प्रदूषण की स्थिति को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आरओ के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा को अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

स्कूल खेल प्रतियोगिताओं की नई तारीखें जारी, 4-6 और 9-11 अक्टूबर को होंगे मुकाबले

 चंडीगढ़ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 59वें राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के अनुरोध के बाद विभाग ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले चरण की प्रतियोगिताएं चार से छह अक्टूबर तथा दूसरे चरण की प्रतियोगिताएं नौ से 11 अक्टूबर तक होंगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला उपायुक्तों तथा जिला खेल अधिकारियों व परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों को भी पत्र भेजा गया है। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे जिलों से आने-जाने वाले खिलाडिय़ों के लिए आवश्यकतानुसार बसों की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इन खेल प्रतियोगिताओं के संचालन और खिलाडिय़ों के खान-पान व ठहरने का खर्च अपने स्वयं के तय बजट व स्कीम से ही जारी करेंगे। अकादमिक सेल को भी निर्देश दिए गए हैं कि इस नए टाइम टेबल को टीचर्स डायरी में अपडेट करें ताकि स्कूलों की नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं पर इसका असर न पड़े

धान की 1509 किस्म ने किसानों की कराई बल्ले-बल्ले, एक एकड़ से 1 लाख तक कमाई

 कैथल  अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। इस बार 1509 किस्म धान किसानों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रही है। इस किस्म ने भाव में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कैथल सहित प्रदेश की मंडियों में 1509 धान का भाव 3800 से लेकर 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। प्रति एकड़ झाड़ृ भी अच्छा निकल रहा है। निर्यातकों का कहना है घरेलू मार्केट और विदेशों में चावल की डिमांड अच्छी होने के कारण किसानों को धान का रेट अच्छा मिल रहा है। फिलहाल ईरान में सबसे ज्यादा डिमांड है। इरान में सभी किस्मों की 12 लाख एमटी की मार्केट है, भारत से सबसे ज्यादा चावल का निर्यात ईरान में होता है। इस बार विदेश और घरेलू मार्केट में 1509 के स्टीम चावल का रेट 8600 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल और सेला चावल का 8400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वर्ष 2015 में किस्म 1509 का उत्पादन प्रदेश में बहुत ज्यादा हुआ था, इसके चावल की डिमांड भी कम थी। इस किस्म को कोई खरीदार नहीं था। प्रदेश की मंडियों में धान खरीद को लेकर किसान यूनियन और किसानों ने धरने प्रदर्शन किए थे, इसके बाद प्रदेश सरकार ने 1509 को 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एमएसपी पर खरीद की थी, इसके बाद 2020 में फैसला लिया था कि 1509 का रेट पीआर से कम होगा तो इसे एमएसपी पर खरीदा जाएगा। पीआर धान का एमएसपी 2461 प्रति क्विंटल का रेट निर्धारित पुरानी अनाज मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बासमती किस्म 1509 की खरीद मुख्य रूप से प्राइवेट एजेंसियों द्वारा की जा रही है और किसानों को बाजार के अनुसार अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडी में पीआर धान की खरीद भी शुरू हो गई है, इसकी खरीद एजेंसियां कर रही है, पीआर धान का एमएसपी 2461 रेट निर्धारित किया गया है। इस बार पूरा होगा पिछला घाटा: सतनारायण रोहेड़ियां गांव के किसान सतनारायण ने बताया कि उसने दस एकड़ में 1509 किस्म लगाई थी। उसकी धान का रेट 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिला। पिछले साल उसने 30 एकड़ में धान लगाया था, रेट 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल मिला था, कोई खास मुनाफा नहीं हुआ था, पिछले साल जो घाटा हुआ था, इस बार सब पूरा हो गया। इस बार एक एकड़ से करीब एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। प्रति एकड़ एक लाख रुपये का बिका धान मंडी में बासमती 1509 लेकर पहुंचे काकौत के किसान गांव के किसान मदन ने बताया कि उसने करीब तीन एकड़ में यह फसल लगाई थी। इस सीजन में क्षेत्र में बारिश औसतन कम हुई, लेकिन इसके बावजूद खेतों में उत्पादन अच्छा हो रहा है। धान सूखा और साफ होने के कारण उसका धान 4460 रुपये प्रति क्विंटल बिका। झाड़ औसतन 58 मण का निकला। प्रति एकड़ एक लाख रुपये के करीब उसका धान बिका, यानि तीन एकड़ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का धान निकला है, इस किस्म ने इस बार वारे न्यारे कर दिए।

हरियाणा में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू

 चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं। इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है। राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है। अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं। 31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है। इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

हिमांशु भाऊ गैंग पर STF का शिकंजा, हरियाणा में तीन बदमाश अरेस्ट

चरखी दादरी. एसटीएफ ने इमलोटा गांव के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्तौल और कुल 50 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इन हथियारों का इस्तेमाल झज्जर जिले के बेरी नगर पालिका चेयरमैन बिल्लू की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर की रात एसटीएफ की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में इमलोटा बस अड्डे पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, जो विदेश में बैठकर अपनी गैंग के लिए हत्या व फिरौती जैसी वारदातें करवाता है। झज्जर का रहने वाला है नीरज उसने अपने साथियों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इमलोटा से मोरवाला जाने वाली सड़क पर रेड की। इस दौरान मौके पर तीन युवक एक प्लसर मोटरसाइकिल के साथ खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उनकी पहचान झज्जर जिले के दुबलधन निवासी रोहित उर्फ बासिया, नितिन और झज्जर जिले के ही कोट निवासी नीरज के रूप में हुई। पुलिस ने उक्त युवकों की तलाशी ली तो रोहित उर्फ बासिया के कब्जे से माल्होत्रा संस ईगल लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। इसकी मैगजीन में 10 कारतूस और अलग से एक मैगजीन में 10 कारतूस मिले। नितिन से जिगाना पीएक्स-9 लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। उसकी मैगजीन में 10 कारतूस और जेब से 12 कारतूस मिले। वहीं नीरज से क्यूगिर रोमानिया लिखा पिस्तौल बरामद हुआ, जिसकी मैगजीन में आठ कारतूस मिले। तीनों आरोपित हथियारों के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सके। पुलिस ने हथियारों सहित उन्हें काबू कर आगामी कार्रवाई शुरू की है। मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया पुलिस ने रोहित के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस मोबाइल में स्नैपचैट एप पर एक आइडी से बातचीत होना पाया गया। इस संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर हिमांशु उर्फ भाऊ के गैंग से जुड़े होने और उसके कहने पर हथियार अपने पास रखने की बात कही है। वहीं, ये भी सामने आया है कि हथियार बेरी में बिल्लू चेयरमैन की हत्या के लिए भेजे गए थे।