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IDFC बैंक घोटाले में बड़ा एक्शन, IAS पंकज अग्रवाल जेल भेजे गए; 6 अफसर रडार पर

चंडीगढ़. सीबीआई द्वारा आईडीएफसी बैंक घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल का 2 दिन का रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अब आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हरियाणा के चर्चित लगभग 657 करोड़ के आइडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जांच एजेंसी आइएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। सीबीआई ने मंगलवार को पंकज अग्रवाल को अदालत में पेश किया था, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया था। यह घोटाला हरियाणा और चंडीगढ़ के कई विभागों से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने अदालत में कहा कि पंकज अग्रवाल के कुछ इलेक्ट्रानिक उपकरण और दस्तावेज बरामद करने हैं। बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा? वहीं, बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग ने कहा कि ग्रवाल पहले ही सभी मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज सौंप चुके हैं। ऐसे में रिमांड की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पंकज अग्रवाल का रिमांड पर भेज दिया। अग्रवाल आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव हैं। जांच अनुसार पंकज जिस समय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रशासनिक सचिव थे, तब हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के खाते से करीब 10 करोड़ रुपये निकाले गए। यह खाता चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक में एग्रीकल्चर मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड के नाम से संचालित था। आरोप है कि इस राशि में से 9.75 करोड़ एसआरआर प्लानिंग गुरु लिमिटेड और 25 लाख रुपये मन्नत कांट्रेक्टर नामक कंपनियों को भेजे। दोनों शेल कंपनियां थीं, जिनका इस्तेमाल सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए किया गया। छह आइएएस अधिकारी जांच के दायरे में इस मामले में हरियाणा के छह अन्य आइएएस अधिकारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इनमें मोहम्मद शाइन, मणिराम शर्मा, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग, साकेत कुमार और डीके बेहरा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सीबीआई और ईडी दोनों मामले की जांच कर रही हैं और इस घोटाले में और भी कई राज खुल सकते हैं। नियमों के विपरीत खोले गए बैंक खाते सीबीआई के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे। सीबीआई के मुताबिक सीबीआई जांच में अग्रवाल का नाम हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) से जुड़े फंड गबन मामले में भी सामने आया है।

सूरजमुखी किसानों को राहत, 30 जून तक मंडियों में पूरी फसल खरीदेगी हरियाणा सरकार

चंडीगढ़. हरियाणा में सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकार के आश्वासन के बाद सुनवाई समाप्त कर दी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां अदालत में दिए गए अपने बयान से बंधी रहेंगी। सरकार ने अदालत को बताया कि 23 जून 2026 की शाम 5:25 बजे तक मंडियों में पहुंचे सूरजमुखी बीज की पूरी खरीद कर ली गई है और यदि कोई किसान 30 जून तक अपनी उपज लेकर आता है तो उसकी खरीद भी निर्धारित मानकों के अनुसार एमएसपी पर की जाएगी। जस्टिस विकास बहल और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में मांग की गई थी कि सभी किसानों की सूरजमुखी फसल का लाइसेंस धारी आढ़तियों के माध्यम से एमएसपी पर तत्काल खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही एमएसपी पर खरीद से इन्कार करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई तथा खरीद अवधि बढ़ाने के भी निर्देश दिए जाएं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचएसडब्ल्यूसी) तथा हैफेड की ओर से अदालत को बताया गया कि 23 जून तक मंडियों में आई सूरजमुखी की पूरी आवक खरीद ली गई है। दोनों सरकारी एजेंसियों ने कुल 93,505 क्विंटल सूरजमुखी बीज की खरीद की है। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया कि 30 जून तक यदि कोई किसान अपनी उपज बेचने के लिए संबंधित समिति के पास पहुंचता है तो उसकी फसल भी एमएसपी पर खरीदी जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रदीप रापडिया ने कोर्ट में कहा कि सरकार के इस बयान के बाद कहा कि अब याचिका का उद्देश्य पूरा हो चुका है और इसे निष्प्रभावी मानते हुए निस्तारित किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने आग्रह किया कि अदालत सरकार को उसके बयान से बाध्य करे ताकि किसानों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निस्तारित कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी अदालत में दिए गए अपने बयान का पूरी तरह पालन करेंगे। गौरतलब है कि इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार द्वारा आढ़तियों के लिए एमएसपी का केवल एक प्रतिशत कमीशन तय किए जाने के विरोध में कुछ कच्चे आढ़ती 2.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे, जिससे किसानों की फसल की खरीद प्रभावित हो रही थी। इसी विवाद को लेकर किसानों के हित में यह जनहित याचिका दायर की गई थी।

श्याम भक्तों की आस्था का सैलाब, मंदिर के दानपात्रों में मिले करोड़ों रुपये, जेवर और विदेशी मुद्रा

समालखा. चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा के मंदिर में दानपात्रों के रुपयों की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये मिले हैं। बुधवार को तीन दानपात्रों की गिनती हुई है। शुरुआत से अब तक की करीब 1.41 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनके सात विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण भी मिले हैं। श्याम बाबा के मंदिर में श्राइन बोर्ड बनने की घोषणा के बाद पहली बार सीसीटीवी, प्रशासन और पंचायत की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती पारदर्शिता के साथ की जा रही है। करीब 12 दिन पहले बीडीपीओ की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती शुरू हुई थी। दो दिनों तक चली बड़े दानपात्र नंबर छह की गिनती में प्रशासन को 44.30 लाख रुपये मिले थे। दानपात्र नंबर पांच की गिनती में 25.90 लाख रुपये, दानपात्र संख्या सात की गिनती में 12.80 लाख रुपये, दानपात्र संख्या एक में 18.72 लाख रुपये, दानपात्र संख्या दो की गिनती में 26.10 लाख व दानपात्र संख्या आठ से दस की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये अभी तक मिले हैं। सरपंच सतीश छौक्कर ने बताया कि गिनती में तेजी लाने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही मंदिर भक्तों से दानराशि लेन के लिए श्राइन बोर्ड की पर्ची छपवाने को कहा है। मंदिर के प्रशासक और बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि करीब आठ दानपात्रों की गिनती हो चुकी है, जिनमें 1.41 करोड़ के करीब रकम मिले हैं। 14 दानपात्रों में रुपये की गिनती और होनी है। जल्द गिनती प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

धान रोपाई सीजन में हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 8 जिलों में रोजाना 8 घंटे थ्री-फेज बिजली

पानीपत. धान की रोपाई के सीजन की शुरुआत के साथ ही बिजली निगम ने किसानों के लिए बिजली आपूर्ति का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पानीपत, सोनीपत, करनाल, रोहतक सहित आठ जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को शिफ्टवार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। शेड्यूल में किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन आठ घंटे थ्री-फेज बिजली दी जाएगी, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। बिजली निगम अधिकारियों ने बताया कि कृषि फीडरों को उनके लोड के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। कम लोड वाले फीडरों पर एक शिफ्ट में बिजली दी जाएगी, अधिक लोड वाले फीडरों को तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा। मध्यम श्रेणी के फीडरों पर दो शिफ्टों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है, सभी किसानों को समान रूप से सिंचाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने बताया कि दो शिफ्ट वाले फीडरों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की तीन से सात दिन के अंतराल पर समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फीडरों की शिफ्ट में बदलाव भी किया जा सकेगा। धान की रोपाई के दौरान बिजली की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए निगम ने अपने फील्ड स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसफार्मर, लाइनों और कृषि फीडरों की निगरानी बढ़ा दी गई है, किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत दूर किया जा सके। ऐसे मिलेगी किसानों को बिजली जिले में सिंगल ग्रुप वाले फीडर में जिन फीडरों को सिंगल ग्रुप में रखा है, वहां खेतों के लिए थ्री-फेज बिजली सुबह 7 बजे से दोपहर तीन बजे तक (8 घंटे) उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त, मोटरों के संचालन के लिए पैट यानी सिंगल फेज बिजली सुबह पांच से साढ़े छह बजे तक और शाम को सात बजे से रात डेढ़ बजे तक दी जाएगी। जिन गांवों में पहले से थोड़ा ज्यादा लोड हैं, उनमें दो शिफ्ट में बिजली की सप्लाई होगी। पहला ग्रुप सुबह 2:45 से सुबह 10:45 बजे तक थ्री-फेज सप्लाई होगी, दूसरा ग्रुप सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक खेतों को पानी देने के लिए बिजली मिलेगी। पैट सिंगल फेज का समय ग्रुप-एक के लिए सुबह साढ़े 11 से दोपहर साढ़े तीन और रात साढ़े आठ से साढ़े 12 बजे तक। ग्रुप-2 के लिए सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ और देर शाम पौने आठ से रात पौने दो बजे निर्धारित है। अधिक लोड वाले तीन ग्रुप की सप्लाई तीन फेज वाले फीडरों पर तीन ग्रुप में सप्लाई होगी। पहले ग्रुप सुबह आठ बजे तक, दूसरे ग्रुप में सुबह आठ से शाम चार बजे तक सप्लाई होगी। वहीं तीसरे फेज में चार से रात 12 बजे तक सप्लाई चलेगी। प्रत्येक शिफ्ट आठ घंटे की होगी। बिजली निगम के एसई धर्म सुहाग ने कहा कि धान की रोपाई को लेकर हर साल बिजली की सप्लाई का शेड्यूल बनाया जाता है। उसी आधार पर सप्लाई होती है। दो शिफ्टों में चलने वाले एपी के शेड्यूल को तीन से सात दिनों में स्थिति जांची जाती है।

दिल्ली-एनसीआर को बड़ी सौगात, ₹7000 करोड़ की टनल परियोजना से IGI पहुंचना होगा आसान

 गुरुग्राम   देश की राजधानी होने के चलते दिल्‍ली का महत्‍व काफ बढ़ जाता है. यहां विभिन्‍न प्रांतों के लोग हजारों-लाखों की तादाद में रहते हैं. कोई रोजगार के तलाश में तो कोई हायर एजुकेशन के सिलसिले में दिल्‍ली और आसपास के शहरों में रहते हैं. ऐसे में दिल्‍ली-एनसीआर में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को दुरुस्‍त करना जरूरी है, ताकि लाखों लोग रोजाना आरामदायक तरीके से सफर कर सकें. इसी को ध्‍यान में रखते हुए सरकार एक बड़े प्रोजेक्‍ट पर काम कर रही है. इस रोड-टनल प्रोजेक्‍ट के पूरा होने से दिल्‍ली-गुरुग्राम एक्‍सप्रेसवे और द्वारका एक्‍सप्रेसवे तक जाना और आना काफी आसान हो जाएगा. इसके अलावा साउथ से लेकर वेस्‍ट और ईस्‍ट दिल्‍ली तक की यात्रा भी बिना जाम के पूरा किया जा सकेगा। दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के बीच यातायात को तेज, सुगम और सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में केंद्र सरकार जल्द एक बड़ा फैसला ले सकती है. केंद्र सरकार की केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) बहुप्रतीक्षित करीब 7,000 करोड़ रुपये की उस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे सकती है, जिसके तहत वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज से जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक टनल और उससे जुड़े संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे. इस परियोजना में टनल के अलावा फ्लाईओवर, एलिवेटेड यू-टर्न और अप्रोच रोड्स भी शामिल होंगे, जिससे आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3, गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी।  करीब पांच साल से अधिक समय से विचाराधीन इस परियोजना को अब निर्णायक चरण में माना जा रहा है. 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC), जो निजी निवेश वाली परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति है, इस प्रोजेक्ट की सिफारिश कर चुकी है. अब इसे जल्द ही अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है।  राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने PPPAC को दी अपनी प्रस्तुति में बताया है कि नेल्सन मंडेला मार्ग से शिव मूर्ति इंटरचेंज तक 6 लेन की टनल बनाई जाएगी. यह टनल पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच तेज कनेक्टिविटी का नया गलियारा बनेगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूनिफाइड एक्सेस रोड-II (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाला ट्रैफिक सीधे वसंत कुंज और दक्षिण दिल्ली से जुड़ सकेगा. साथ ही गुरुग्राम और आईजीआई एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।  NHAI ने इस परियोजना के महत्‍व को बताते हुए ट्रैफिक का विस्तृत अनुमान भी पेश किया है. उसके अनुसार, इस कॉरिडोर पर फिलहाल करीब 38,015 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) प्रतिदिन का दबाव है, जो वर्ष 2053 तक बढ़कर लगभग 1.3 लाख PCU प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. ऐसे में भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना सिर्फ वर्तमान समस्या का समाधान नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी भी है।  टनल परियोजना सिर्फ भूमिगत संपर्क तक सीमित नहीं होगी. NHAI ने बताया है कि नेल्सन मंडेला मार्ग की ओर टनल के निकास बिंदु से आगे एक छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर भी प्रस्तावित है. यह कॉरिडोर महिपालपुर-छतरपुर चौराहे के पास डीडीए कार्यालय के नजदीक से ऊपर गुजरेगा और फिर वसंत कुंज के बी और सी ब्लॉक (बी-10 मार्केट) के चौराहे को पार करते हुए एम्बियंस मॉल के पास समाप्त होगा. इससे वसंत कुंज, छतरपुर और आसपास के इलाकों से एयरपोर्ट, द्वारका और गुरुग्राम की ओर जाने वाले ट्रैफिक को नया, तेज मार्ग मिलेगा।  इस परियोजना के साथ दिल्ली की एक और बड़ी सड़क कड़ी को जोड़ने की तैयारी चल रही है. अधिकारियों के अनुसार, AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना भी अंतिम रूप में है. यह कॉरिडोर उस स्थान से शुरू होगा जहां बारापुला एलिवेटेड रोड समाप्त होती है. यदि यह योजना भी समय पर मंजूर होती है, तो गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्रियों को AIIMS, सराय काले खां और पूर्वी दिल्ली तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक के एलाइनमेंट को जल्द अंतिम रूप देकर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।  परियोजना में ट्रैफिक के विभिन्न दिशाओं से आने-जाने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त संरचनाएं भी शामिल की गई हैं. इसके तहत छतरपुर से महिपालपुर की ओर आने वाले ट्रैफिक के लिए मौजूदा दो लेन के एलिवेटेड हिस्से के समानांतर दो लेन का नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इसके अलावा टनल से बाहर निकलकर छतरपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी प्रस्तावित है. इससे अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक का दबाव बांटा जा सकेगा और चौराहों पर रुकावट कम होगी. यह प्रोजेक्‍ट हर दिशा से आने वाले ट्रैफिक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. इसका उद्देश्य आने वाले कई दशकों तक इस पूरे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है. AIIMS लिंक समेत प्रस्तावित सड़क नेटवर्क टनल परियोजना के पूरा होने तक तैयार होने की उम्‍मीद है।   

30 जून तक भरें प्रॉपर्टी टैक्स, हरियाणा सरकार दे रही 100 फीसदी ब्याज माफी

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज को माफ करने का एलान किया है। इसी कड़ी में साल 2010-11 से 2024-25 तक के प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज की 100 प्रतिशत माफी की ऐतिहासिक योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत नागरिकों को केवल मूल बकाया कर भुगतान करना होगा, जबकि संपूर्ण ब्याज राशि माफ कर दी जाएगी। इस विशेष छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए 30 जून 2026 से पहले बकाया टैक्स जमा करना तथा अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्व-सत्यापन करना अनिवार्य है। नगर निगम पंचकूला के आयुक्त विनय कुमार ने नागरिकों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना लंबे समय से लंबित कर बकायों के निपटान का एक उत्कृष्ट अवसर है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला नागरिकों को अधिकतम सुविधा प्रदान करने के लिए विशेष प्रॉपर्टी टैक्स शिविरों और मेगा कैंपों का आयोजन कर रहा है, जहां मौके पर ही प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित समस्याओं का समाधान, सत्यापन तथा कर भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 27 जून को लगाएं जाएंगे विशेष शिविर आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि विशेष शिविरों के तहत 27 जून को कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20 तथा 28 जून को कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5 में कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 29 और 30 जून को सेक्टर-4 स्थित नगर निगम कार्यालय में विशेष मेगा कैंप लगाए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला द्वारा करदाताओं की सुविधा के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। निगम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को इस ब्याज माफी योजना का लाभ दिलाना तथा प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड को अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है। आयुक्त ने सभी संपत्ति मालिकों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने बकाया कर का भुगतान कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि 30 जून 2026 के बाद यह विशेष छूट उपलब्ध नहीं रहेगी, इसलिए पात्र नागरिक शीघ्र अपने दस्तावेजों के साथ निर्धारित शिविरों में पहुंचकर अपनी प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन करवाएं और बकाया कर जमा करें। विशेष शिविरों का कार्यक्रम 27 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20, पंचकूला 28 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5, पंचकूला 29 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला 30 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनहितकारी योजना का लाभ उठाकर अपने प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें।

यमुना जल बंटवारे पर बनी सहमति, 32 साल बाद हरियाणा-राजस्थान करेंगे समझौता

जयपुर /चंडीगढ़  हरियाणा और राजस्थान के बीच पिछले 32 वर्षों से लंबित यमुना जल बंटवारे का विवाद आखिरकार सुलझ गया है. दोनों राज्यों ने वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने पर सहमति बना ली है. इस ऐतिहासिक सहमति को औपचारिक रूप देने के लिए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच एक आधिकारिक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।  इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहेंगे. समझौते से पहले दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विवाद के स्थायी समाधान पर अंतिम सहमति बनी।  बैठक में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने आपसी समन्वय के साथ दशकों पुराने गतिरोध को समाप्त करने की कार्ययोजना को मंजूरी दी. यह विवाद मुख्य रूप से वर्ष 1994 में हुए यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन को लेकर था. उस समझौते के तहत मॉनसून के दौरान यमुना में उपलब्ध अतिरिक्त पानी में राजस्थान को भी हिस्सेदारी दी गई थी।  हालांकि, आवश्यक बुनियादी ढांचे के अभाव और तकनीकी बाधाओं के चलते यह योजना पिछले 32 वर्षों से लागू नहीं हो सकी थी. इसका सबसे अधिक असर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र पर पड़ा, जहां चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिले लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।  अब हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के बाद हथिनिकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है. इस परियोजना के पूरा होने पर शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।  सरकारों का मानना है कि यह समझौता न केवल दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद का समाधान करेगा, बल्कि राजस्थान के जल-संकटग्रस्त इलाकों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा. इससे क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। 

हरियाणा के हिसार में पशुओं के लिए खुला देश का पहला ब्लड बैंक, शुरू हुआ जीव संजीवनी अभियान

हिसार. सामाजिक सरोकारों को जनभागीदारी से जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण ने मंगलवार को पशु कल्याण के क्षेत्र में देश की पहली अनूठी पहल का सूत्रपात किया। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के सहयोग से ‘जीव संजीवनी’ महाअभियान शुरू किया गया, जिसके तहत हिसार में देश का पहला संगठित पशु रक्तदान शिविर लगा। इसका उद्देश्य भविष्य में पशुओं का स्वैच्छिक रक्तदाता नेटवर्क विकसित करना है। शिविर के पहले दिन चार श्वानों और एक भैंस ने रक्तदान कर इस नई पहल का हिस्सा बनने का संदेश दिया। उपचार के समय रक्तदाता की तलाश होती है बड़ी चुनौती विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं, बड़े ऑपरेशनों, प्रसव संबंधी जटिलताओं, एनीमिया, चीचड़ जनित रोगों और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थितियों में पशुओं को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन देश में अब तक पशुओं के लिए संगठित रक्तदाता व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी थी। ऐसे में कई बार उपचार के दौरान उपयुक्त रक्तदाता की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर लुवास के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि पशुओं के लिए रक्तदाता का उपलब्ध न होना काफी समय से बड़ी चुनौती रहा है। लुवास में सुरक्षित रखा जाएगा रक्त एकत्रित रक्त को लुवास में सुरक्षित रूप से किया जाएगा संरक्षित लुवास में उपलब्ध ब्लड बैंक सुविधा के माध्यम से एकत्रित रक्त को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से बीमार पशुओं के उपचार में उसका उपयोग किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया गया तो भविष्य में देशभर में पशु रक्तदान की संगठित व्यवस्था विकसित हो सकती है। लुवास में पहले से उपलब्ध है पशु ब्लड बैंक लुवास में पशुओं के लिए ब्लड बैंक की सुविधा संचालित है, जहां सुरक्षित परिस्थितियों में रक्त को लगभग 40 दिन तक संरक्षित रखा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर यह रक्त दुर्घटना, सर्जरी, प्रसव जटिलताओं और बीमारियों से जूझ रहे पशुओं के उपचार में उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार संगठित रक्तदाता नेटवर्क विकसित होने से हजारों पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा।

सचखंड एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी, पानीपत स्टेशन पर फटा प्रेशर पाइप; दूसरा इंजन भेजा गया

पानीपत. अमृतसर से हजरत निजामुद्दीन जा रही सचखंड एक्सप्रेस बुधवार को पानीपत जंक्शन पर तकनीक खराबी हो गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही इंजन का प्रेशर पाइप फट गया, जिसके कारण ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के इंजन में प्रेशर पाइप फटने की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पाइप में आई खराबी के कारण इंजन का संचालन सुरक्षित रूप से संभव नहीं था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने समालखा स्टेशन से दूसरा इंजन मंगाने का निर्णय लिया। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से सबसे अधिक परेशानी जनरल कोच में सफर कर रहे यात्रियों को हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच कोचों में बैठे यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरकर छांव और पानी की व्यवस्था तलाशते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के रुकने के कारण उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हुई है और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में देरी होगी। रेलवे कर्मियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक इंजन के पहुंचने के बाद उसे ट्रेन से जोड़ा जाएगा और सभी आवश्यक तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। इस दौरान पानीपत जंक्शन पर अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी आंशिक प्रभाव देखने को मिला।

बाल भवन करनाल में ग्रीष्मकालीन शिविर: 200 बच्चों ने कराया रजिस्ट्रेशन

करनाल हरियाणा के करनाल जिले में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को मजेदार और सिखाने वाला बनाने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद ने एक बेहतरीन पहल की है। स्थानीय बाल भवन में आगामी 30 जून तक एक शानदार ग्रीष्मकालीन शिविर यानी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त और परिषद के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे इस कैंप में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने का काम किया जा रहा है। इस खास कैंप को लेकर बच्चों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अबेकस और योगा के साथ महिलाएं सीख रहीं ब्यूटी केयर जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी ने बताया कि इस समर कैंप में 5 से 14 साल तक के बच्चों को एक्सपर्ट टीचर्स द्वारा कई तरह की एक्टिविटीज सिखाई जा रही हैं। कैंप में बच्चे मुकेश शर्मा से आर्ट एंड क्राफ्ट, गुंजन से योगा, रायना से डांस और गरिमा भारद्वाज से अबेकस सीख रहे हैं। अबेकस असल में गणित के सवालों को तेजी से हल करने का एक पुराना और मजेदार तरीका है, जिससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। इस साल बच्चों के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं के लिए फैशन डिजाइनिंग और ब्यूटी केयर की क्लास भी जोड़ी गई है, जिसमें वे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इस कैंप की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 200 बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन यानी दाखिला करवा लिया है। यह क्लासेज रोज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बाल भवन में लगती हैं। आज भी कैंप में 155 से ज्यादा बच्चे पहुंचे। खास बात यह है कि निजी स्कूलों के बच्चों के साथ-साथ सरकारी स्कूल, बाल गृह और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों को भी इसमें अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका दिया जा रहा है। कैंप में आने वाले बच्चों के लिए ठंडे शरबत की छबील लगाई गई है और हर दिन हल्का नाश्ता भी दिया जाता है। डीसी ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस कैंप में भेजने की अपील की है।