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मेडिटेरियन डाइट क्या है और क्यों मानी जाती है सबसे हेल्दी लाइफस्टाइल

पिछले कुछ वर्षों में मेडिटेरियन डाइट (भूमध्यसागरीय आहार) काफी पॉपुलर हो गई है और इसे खाने के सबसे हेल्दी तरीकों में गिना जाता है। यह डाइट मेडिटेरियन सी (भूमध्य सागर) को घेरे हुए देशों के लोगों के खाने की पारंपारिक आदतों से प्रेरित होकर बनी है। यह देश यूरोप, एशिया और अफ्रीका के महाद्वीप के अंदर आते हैं। बतौर डाइटिशियन मैं इस बात पर जोर देती हूं कि यह डाइट केवल खाने से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह न्यूट्रिशन, फिजिकल एक्टिविटी और माइंडफुल ईटिंग के बीच संतुलन से बनी संपूर्ण जीवनशैली है। स्वास्थ्य को हर तरह से फायदा पहुंचाने की वजह से हेल्थ एक्सपर्ट इसे फॉलो करने की काफी सलाह देते हैं। जैसा कि आप देख रहे हैं कि मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं तो ऐसे माहौल में इस डाइटरी पैटर्न को फॉलो करने पर लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। मेडिटेरियन डाइट क्यों है इतनी खास?     मेडिटेरियन डाइट की सबसे बड़ी खासियत दिल को फायदा पहुंचाना है। यह हेल्दी फैट्स देने वाले ऑलिव ऑयल, नट्स और सीड्स से भरी होती है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) लेवल को घटाते हैं। लगातार हो रही रिसर्च बताती हैं कि इस डाइट को फॉलो करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।     यह डाइट वेट मैनेज करने में काफी मदद करती है। यह कैलोरी कम करने की जगह पोषण से भरे साबुत फूड्स का सेवन बढ़ाने पर जोर देती है, जो लंबे समय तक आपकी भूख को शांत रखते हैं। यह प्राकृतिक रूप से ओवरईटिंग से बचाते हैं और वेट लॉस में मदद करते हैं।     मेडिटेरियन डाइट मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने में मदद करती है। यह ब्लड शुगर को रेगुलेट रखने में मदद करती है, जिस कारण टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए बढ़िया विकल्प है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज के हाई फाइबर से डायजेशन और गट हेल्थ बेहतर बनता है।     इस डाइट में एंटी-इंफ्लामेटरी इफेक्ट होते हैं। इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटाने में मदद करते हैं। बता दें कि कैंसर और अल्जाइमर डिजीज जैसी क्रोनिक बीमारियों के पीछे इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को जिम्मेदार देखा जाता है। एक्सपर्ट क्या कहते हैं? एक सीनियर डाइटिशियन ने मेडिटेरियन डाइट को लंबे समय तक स्वस्थ रहने और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित डाइटरी पैटर्न में से एक बताया है। यह साबुत फूड्स, हेल्दी फैट्स और लीन प्रोटीन पर जोर देती है, जो हार्ट हेल्थ, मेटाबॉलिक बैलेंस और रिप्रोडक्टिव वेलनेस को सपोर्ट करती है। यह पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और महिलाओं में हॉर्मोनल बैलेंस को भी सपोर्ट करती है। मेडिटेरियन डाइट में क्या खाते हैं? इस डाइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्लैक्सिबिलिटी है। यह किसी भी फूड ग्रुप को वर्जित नहीं करती, बल्कि हेल्दी ऑप्शन अपनाने पर जोर देती है। 1. फल और सब्जियां ताजे फूड इस डाइट की बुनियाद हैं। टमाटर, पालक, ब्रोकली, संतरा, सेब और बेरीज जैसे फूड्स विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। 2. साबुत अनाज ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ और व्होल व्हीट ब्रेड जैसे साबुत अनाज लंबे समय तक एनर्जी देने का काम करते हैं और ब्लड शुगर लेवल स्टेबल रखते हैं। 3. हेल्दी फैट्स इस डाइट में फैट्स का प्राइमरी सोर्स ऑलिव ऑयल होता है। इस तेल के अंदर दिल के लिए फायदेमंद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं। बादाम और अखरोट जैसे नट्स और सीड्स भी इस डाइट का अभिन्न हिस्सा हैं। 4. लीन प्रोटीन इस डाइट में मछली और सीफूड का नियमित सेवन शामिल होता है। खासतौर से सैल्मन, सार्डिन जैसी फैटी फिश शामिल होती हैं, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरी होती हैं। इसके अलावा, पॉल्ट्री, अंडे और दाल व छोले जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन फूड भी शामिल होते हैं। 5. मॉडरेशन में डेयरी प्रोडक्ट्स दही, चीज़, योगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स मॉडरेशन अमाउंट में खा सकते हैं। यह अपने प्राकृतिक रूप में या कम से कम प्रोसेस्ड होने चाहिए। 6. मसाले और जड़ी-बूटी नमक का अत्यधिक इस्तेमाल करने की जगह लहसुन, तुलसी, ओरेगैनो, रोजमेरी जैसे मसालों और जड़ी-बूटियों को फ्लेवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 7. कम मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स मेडिटेरियन डाइट में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बहुत ध्यान से करना चाहिए। इस आदत से अनहेल्दी फैट्स और एडिटिव्स को कम करने में मदद मिलती है।

20 हजार रुपये में OnePlus Nord CE 6 सीरीज लॉन्च, डुअल चिपसेट और पावरफुल परफॉर्मेंस

OnePlus भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जो उसकी किफायती सीरीज का हिस्सा होगा. अपकमिंग हैंडसेट का नाम OnePlus Nord CE 6 है. कंपनी ने OnePlus Nord CE 6 और OnePlus Nord CE 6 Lite की लॉन्च डेट का भी खुलासा कर दिया है, जो 7 मई को लॉन्च होगा. OnePlus Nord CE 6 के स्पेसिफिकेशन्स   ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले OnePlus Nord CE 6 के फीचर्स का खुलासा हो चुका है. लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Nord CE 6 में 144 Hz का रिफ्रेश डिस्प्ले मिलेगा, जो 1.5K (1.5 रेजोल्युशन) सपोर्ट के साथ लॉन्च होगा. इसमें आई केयर प्रोटेक्शन फीचर भी शामिल है. मिलेगी 8000mAh की बैटरी OnePlus Nord CE 6 में 8000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि यह बैटरी करीब ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देगी. हालांकि अभी तक चार्जर स्पीड की जानकारी का खुलासा नहीं किया है. मिलेगी पावरफुल परफॉर्मेंस OnePlus Nord CE 6 में डुअल चिपसेट का फायदा मिलेगा. इसमें Snapdgragon 7 सीरीज का चिपसेट यूज किया है, जिसकी मदद से यूजर्स को बेहतर परफोर्मेंस मिलेगी. OnePlus Nord CE 6 Lite भी होगा लॉन्च भारत में 7 मई को OnePlus Nord CE 6  Lite को भी लॉन्च किया जाएगा. इसमें बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा. इसमें भी 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जो बेहतरीन परफोर्मेंस देता है. OnePlus Nord CE 6 Lite में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद करीब 2 दिन की बैटरी बैकअप मिलेगा. 6 साल तक बैटरी हेल्थ की जानकारी दी गई है. OnePlus Nord CE 6  और OnePlus Nord CE 6 Lite की कीमत का खुलासा अभी नहीं किया है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कीमत को लेकर लीक्स डिटेल्स शेयर की है. ये हैंडसेट 20 हजार रुपये की कीमत में खरीदे जा सकेंगे. 

WhatsApp ला रहा नया Notification Bubble फीचर, बिना ऐप खोले कर सकेंगे चैट

वॉट्सऐप पर एक नया फीचर आया है, जिसका नाम नोटिफिकेशन बबल है. इसकी मदद से यूजर्स आसानी से नए मैसेज देख सकेंगे और रिप्लाई कर सकेंगे. इसके लिए बार-बार वॉट्सऐप ऐप को ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. लेटेस्ट अपडेट की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट में बताया है कि न्यू फीचर का नाम नोटिफिकेशन बबल है. अभी यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज है औ बीटा वर्जन में टेस्टिंग की जा रही है. यह अपडेट अपने आप में बेहद खास है.   WhatsApp डिजाइन को लेकर बदलाव कर रहा है, जिसमें एक न्यू टूल है. इस न्यू टूल की मदद से यूजर्स के मैसेजिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करना है. इसकी मदद से यूजर्स मैसेज को जल्दी पढ़ सकेंगे और रिप्लाई भी कर सकेंगे. वॉट्सऐप चैटिंग के दौरान दूसरे ऐप को बंद करने की जरूरत नहीं होगी. Wabetainfo ने किया पोस्ट Wabetainfo की रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें न्यू फीचर को दिखाया गया है कि कैसे ये काम करता है. यह स्क्रीन फर फ्लोट होता हुआ नजर आता है. जरूरी मैसेज नहीं होंगे नजरअंदाज बबल इंटरफेस की मदद से मैसेज को जल्दी देखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर रिप्लाई भी किया जा सकता है. बबल फीचर सिर्फ मौजूदा चैटिंग को सपोर्ट करता है.   WhatsApp का नया फीचर, उदाहरण में समझें उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर आप किसी ऐप पर जरूरी काम कर रहे हैं. अगर बीच में कोई जरूरी वॉट्सऐप मैसेज आ जाता है तो दूसरे ऐप को बंद किए बिना मैसेज पढ़ा जा सकता है और उसका रिप्लाई किया जा सकता है. WhatsApp का बबल नोटिफिकेशन कैसे काम करेगा? वॉट्सऐप पर जैसे ही कोई नया मैसेज ग्रुप या पर्सनल चैट पर आएगा, उसके तुरंत बाद एंड्रॉयड स्क्रीन पर वॉट्सऐप आइकन फ्लोट होने लगेगा. उस बबल नोटिफिकेशन पर क्लिक करके यूजर्स आसानी से चैट आदि कर सकेंगे.

200MP कैमरे वाला Vivo फोन भारत में होगा लॉन्च, जानें लॉन्च डेट, कीमत और फीचर्स

 नई दिल्ली  वीवो भारत में नए फोन लॉन्च करने जा रहे हैं, जो Vivo X300 सीरीज का हिस्सा होगा. यह लॉन्चिंग 6 मई को होगी. कंपनी पहली बार भारत में Vivo X300 Ultra लॉन्च होगा, जिसमें 200MP के दो कैमरा लेंस होगा।  एक 200MP का प्राइमरी कैमरा और दूसरा 200MP का पेरिस्कोप लेंस है. इस हैंडसेट को हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीक (IPL) मैच के दौरान पंजाब के कप्तान श्रेषस अय्यर के साथ स्पॉट किया जा चुका है, जो फोटोग्राफी कर रहे थे. अय्यर का वह फोटो वायरल हो चुका है।  Vivo X300 FE भी भारत में लॉन्च होगा. दोनों ही हैंडसेट में एक्सटर्नल लेंस किट को फिट किया जा सकेगा. इसकी मदद से यूजर्स को बेहतर जूम और क्रिस्प फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी. हाल ही में श्रेयस अय्यर इससे फोटोग्राफी करते हुए नजर आ चुके हैं।  भारत में 6 मई को लॉन्च होगा  Vivo X300 Ultra को 6 मई को दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा, उसके बाद इसकी सेल ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमेजॉन, फ्लिपकार्ट और वीवो के ऑनलाइन स्टोर्स से की जाएगी।  Vivo X300 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स  Vivo X300 Ultra के इंडियन पोर्टल पर कुछ स्पेसिफिकेशन्स को कंफर्म किया है. इसमें स्नैपड्रैगन 8 इलाइट का यूज किया जाएगा।  पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि भारत में लॉन्च होने वाले वीवो एक्स 300 अल्ट्रा में 6600mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसके साथ 100W का वायर्ड फास्ट चार्जर और 40W का वायरलेस चार्जिंग मिलता है।  Vivo X300 Ultra पहले ही चीन में लॉन्च हो चुका है, जहां इसके स्पेसिफिकेशन्स को रिवील किया जा चुका है. कीमत भी करीब 1 लाक रुपये रखी है और भारत में भी कीमत करीब इतनी हो सकती है।  सैमसंग और शाओमी से होगी कांटे की टक्कर  Vivo X300 Ultra का मुकाबला सैमसंग और सैमंसग के हाइ एंड स्मार्टफोन से होगा. वीवो के इस हैंडसेट की टक्कर सैमसंग गैलेक्सी एस 26 अल्ट्रा और शाओमी 17 अल्ट्रा से होगी.. 

WhatsApp का नया फीचर, एक क्लिक में मोबाइल रिचार्ज होगा संभव

नई दिल्ली चैटिंग के अलावा WhatsApp में कई फीचर्स जोड़़े जा चुके हैं. धीरे-धीरे यह लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है. अब कंपनी ने भारत में एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब यूजर्स सीधे व्हाट्सऐप के अंदर ही मोबाइल रिचार्ज कर पाएंगे।  इस फीचर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि अब आपको रिचार्ज के लिए अलग-अलग ऐप्स खोलने की जरूरत नहीं होगी. कंपनी के मुताबिक यह फीचर धीरे-धीरे Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है और आने वाले हफ्तों में सभी तक पहुंच जाएगा।  WhatsApp और PayU की पार्टनर्शिप WhatsApp का यह नया सिस्टम पेमेंट कंपनी PayU के साथ पार्टनरशिप में लाया गया है, जिससे पेमेंट प्रोसेस तेज और आसान हो सके. इस फीचर के आने के बाद अब आप अपना नंबर ही नहीं, बल्कि अपने परिवार या दोस्तों का नंबर भी आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं।  Jio, Airtel और Vi जैसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के सभी प्लान्स व्हाट्सऐप के अंदर ही दिखाई देंगे, जहां से आप अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुन सकते हैं।  व्हाट्सऐप में ₹ का आइकन  व्हाट्सऐप ने इस फीचर को और आसान बनाने के लिए ऐप के होम स्क्रीन पर एक नया ₹ आइकन भी जोड़ा है. यह आइकन आपको सीधे पेमेंट सेक्शन में ले जाता है. यही से आप रिचार्ज कर सकते हैं, UPI पेमेंट भेज सकते हैं और कई शहरों में मेट्रो टिकट जैसी सुविधाएं भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  WhatsApp से ऐसे होगा मोबाइल रिचार्ज अगर आप सोच रहे हैं कि व्हाट्सऐप से रिचार्ज कैसे करना है, तो इसका तरीका काफी आसान रखा गया है. सबसे पहले आपको ऐप में दिख रहे ₹ आइकन पर टैप करना होगा।  इसके बाद Mobile Prepaid Recharge का ऑप्शन चुनना होगा. फिर आप अपना या किसी और का नंबर सेलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद ऑपरेटर कन्फर्म करें और उपलब्ध प्लान्स में से एक प्लान चुन लें।  पेमेंट के लिए आप UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसे ही आप पेमेंट कन्फर्म करेंगे, रिचार्ज पूरा हो जाएगा। रिचार्ज के अलावा टिकट तक की बुकिंग व्हाट्सऐप के मुताबिक, भारत में लोग पहले से ही इस ऐप का इस्तेमाल चैट, बिजनेस और कई जरूरी सर्विसेज के लिए कर रहे हैं. आज के समय में कई शहरों में लोग व्हाट्सऐप के जरिए मेट्रो टिकट बुक करते हैं, बिल भरते हैं और सरकारी सेवाओं का भी इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में मोबाइल रिचार्ज को भी इसी प्लेटफॉर्म पर लाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  Meta इंडिया के बिजनेस मैसेजिंग डायरेक्टर रवि गर्ग ने कहा है कि भारत में व्हाट्सऐप लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. ऐसे में कंपनी का फोकस यह है कि ज्यादा से ज्यादा काम एक ही जगह पर आसान तरीके से हो सकें. यही वजह है कि अब रिचार्ज जैसी रोज की जरूरत को भी व्हाट्सऐप में जोड़ दिया गया है।  PayU के चीफ बिजनेस ऑफिसर हेमांग दत्तानी का कहना है कि लोगों को वही सर्विस सबसे ज्यादा पसंद आती है, जो उन्हें उसी प्लेटफॉर्म पर मिल जाए जहां वे पहले से समय बिताते हैं. व्हाट्सऐप पर रिचार्ज लाना इसी सोच का हिस्सा है, ताकि यूजर्स बिना ऐप बदले अपना काम पूरा कर सकें।  गौरतलब है कि WhatsApp अब एक ऑल-इन-वन ऐप बनने की तरफ बढ़ रहा है, जहां चैट, पेमेंट, टिकट बुकिंग और अब मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. इस तरह के ऐप्स को सुपर ऐप भी कहा जाता है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि WhatsApp और कौन-कौन सी सर्विसेज को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ता है। 

भीम यूपीआई ऐप पर अब क्रेडिट स्कोर चेक कर सकेंगे यूजर्स, एनपीसीआई और सिबिल के बीच हुआ करार

नई दिल्ली   नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने  कहा कि उसकी इकाई भीम सर्विसेज और ट्रांसयूनियन सिबिल के बीच करार हुआ है। इसके बाद अब यूजर्स भीम ऐप पर अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर पाएंगे। इस एकीकरण के साथ, यूजर्स सीधे भीम ऐप पर अपना सिबिल स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट देख सकते हैं, जिससे वे प्लेटफॉर्म छोड़े बिना अपनी क्रेडिट स्थिति पर आसानी से नजर रख सकते हैं। एनपीसीआई ने बताया कि क्रेडिट डेटा तक पहुंच सहमति-आधारित मॉडल द्वारा नियंत्रित होगी, जिसके तहत जानकारी केवल यूजर्स की स्पष्ट स्वीकृति के बाद ही प्राप्त की जाएगी। यह फीचर भीम ऐप के वर्जन 4.0.19 और उससे ऊपर के वर्जनों पर उपलब्ध है।क्रेडिट स्कोर की जानकारी जोड़ने का उद्देश्य ऐप की उपयोगिता को रोजमर्रा के भुगतानों से आगे बढ़ाकर व्यापक वित्तीय जागरूकता तक फैलाना है। ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ भावेश जैन ने कहा, "जैसे-जैसे भारत क्रेडिट के लिए लेन-देन आधारित दृष्टिकोण से अधिक योजनाबद्ध दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, यह उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण कदम है।" एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड की एमडी और सीईओ ललिता नटराज ने कहा कि यह सहयोग ऐप के मूल सिद्धांत, यानी सरलता और उपयोगकर्ता नियंत्रण को क्रेडिट क्षेत्र में आगे बढ़ाता है। इससे पहले मार्च में, एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड ने ऐप पर यूपीआई भुगतान के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शुरू किया था, जिससे उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान का उपयोग करके 5,000 रुपए तक के लेनदेन को स्वीकृत कर सकते हैं। एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड द्वारा विकसित भारत का स्वदेशी यूपीआई भुगतान ऐप, भीम, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान करता है। ऐप में खर्च विभाजन, फैमिली मोड और खर्च विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में, भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को 10 वर्ष पूरे हो गए हैं और इसकी ग्लोबल रियल टाइम लेनदेन में हिस्सेदारी 49 प्रतिशत हो गई है।

झुलसी त्वचा से छुटकारा: घर बैठे अपनाएँ ये 5 असरदार उपाय

गर्मियों के मौसम में टैनिंग की समस्या बहुत आम है। गर्मी के दिनों में थोड़ी भी देर धूप में रहने से टैनिंग होने लगती है। इसके कारण त्वचा काली पड़ जाती है और निखार भी कम हो जाता है। ऐसे में, कई लोग टैनिंग हटाने के लिए तरह-तरह के स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनमें हानिकारक केमिकल्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में, आप चाहें तो टैनिंग दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपायों को आजमा सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको टैनिंग हटाने के लिए कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिसे आप अपने किचन में रखे सामानों से ही कर सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से – टमाटर से हटाएं टैनिंग टैनिंग हटाने के लिए आप टमाटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, इसमें लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्किन की डार्कनेस और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, यह त्वचा की रंगत को सुधारने में भी मददगार होता है। इसके लिए आप एक कॉटन बॉल की मदद से टमाटर के रस को चेहरे पर लगाएं। करीब 15-20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। इससे टैनिंग दूर हो जाएगी और त्वचा ब्राइट दिखने लगती है। टैनिंग हटाने के लिए आलू लगाएं आलू भी टैनिंग को हटाने के लिए असरदार माना जाता है। दरअसल, इसमें ब्लीचिंग के गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद करते है। साथ ही, यह त्वचा के कालेपन और दाग-धब्बों को भी दूर करता है। इसके लिए आप आलू को कद्दूकस करके रस निकाल लें। फिर एक कॉटन बॉल की मदद से आलू के रस को अपने चेहरे पर लगाएं। करीब 15 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। इससे आपकी स्किन साफ और ग्लोइंग नजर आएगी। कॉफी से हटेगी टैनिंग कॉफी टैनिंग को हटाने में बहुत कागर होती है। इसमें एक्सफोलिएटिंग गुण मौजूद होते हैं, जो डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करते हैं। साथ ही, यह टैनिंग और पिगमेंटेशन को दूर करने में भी मदद करती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक कटोरी में 2 चम्मच कॉफी पाउडर लें। इसमें 2 चम्मच कच्चा दूध डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 15-20 मिनट चेहरे को पानी से धो लें। सप्ताह में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करने से टैनिंग की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। नींबू से हटाएं टैनिंग टैनिंग हटाने के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, इसमें ब्लीचिंग गुण मौजूद होते हैं, जो टैनिंग को साफ करने और त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद करते हैं। इसके लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच नींबू का रस लें। इसमें एक चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 15 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार नजर आएगी। सन टैन हटाने के लिए दही अगर आपको टैनिंग हो गई है, तो भी आप दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, इसमें लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों और टैनिंग को हटाने में मदद करता है। साथ ही, त्वचा की रंगत को सुधारने में भी मददगार होता है। इसके लिए आप कटोरी में 2 चम्मच दही लें। इसमें चुटकी भर हल्दी डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इसे अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। करीब15 मिनट के बाद चेहरे को पानी से धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार नजर आएगी।

सावधान! गर्मी में पानी पीकर भी हो सकते हैं बीमार, जानें 8 बड़ी गलतियां

गर्मियों के मौसम में शरीर को हीटवेव से बचाने के लिए हम सभी भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं। हमें लगता है कि सिर्फ पानी पी लेना ही काफी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने का गलत तरीका आपको बीमार कर सकता है? बहुत तेज प्यास लगने का इंतजार करना अक्सर लोग तब तक पानी नहीं पीते जब तक उनका गला पूरी तरह से न सूख जाए। आपको बता दें कि तेज प्यास लगना शरीर में पानी की कमी शुरू होने का पहला संकेत है। इससे बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप दिन भर नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। एक ही बार में बहुत सारा पानी गटकना कुछ लोग घंटों तक प्यासे रहते हैं और फिर अचानक एक ही बार में कई गिलास पानी पी जाते हैं। ऐसा करने से शरीर उस पानी को सही से सोख नहीं पाता है। इसके कारण न सिर्फ बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, बल्कि शरीर को पानी का पूरा फायदा भी नहीं मिल पाता। बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना चिलचिलाती धूप से आकर फ्रिज का चिल्ड पानी पीना भले ही तुरंत सुकून देता हो, लेकिन यह आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। बर्फ जैसा ठंडा पानी आपके पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है और गले में खराश या परेशानी पैदा कर सकता है। हमेशा सामान्य तापमान वाला या हल्का ठंडा पानी ही पिएं। सिर्फ सादे पानी पर निर्भर रहना गर्मी में जब हमें पसीना आता है, तो शरीर से सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि जरूरी नमक और मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं। इनकी भरपाई केवल सादे पानी से नहीं हो सकती। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस के घोल को शामिल करें। प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स या कैफीन का सहारा लेना गर्मी से राहत पाने के लिए अगर आप कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक या बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पी रहे हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। ये सभी चीजें शरीर को अंदर से और ज्यादा डिहाइड्रेट कर देती हैं और पानी की कमी को बढ़ा देती हैं। बाहर जाते समय पानी साथ न ले जाना हीटवेव के दौरान अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें। बाहर गर्मी में अगर आपको अचानक प्यास लग जाए और तुरंत पानी न मिले, तो आपका शरीर बहुत तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना सिर में तेज दर्द होना, चक्कर आना, बहुत ज्यादा पसीना बहना या अचानक कमजोरी महसूस होना कोई सामान्य थकान नहीं है, बल्कि ये डिहाइड्रेशन के गंभीर संकेत हैं। इन इशारों को बिल्कुल अनदेखा न करें और ऐसा महसूस होने पर तुरंत पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें। रात के समय पानी न पीना अक्सर लोग दिन में काम के दौरान कम पानी पीते हैं और रात में भी उस कमी को पूरा नहीं करते। इस लापरवाही से शरीर में पानी की लगातार कमी बनी रहती है, जो धीरे-धीरे आपके पूरे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल सकती है।  

डायबिटीज महामारी का रूप ले रही है भारत में, 10 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित, कौन सा राज्य सबसे आगे?

नई दिल्ली डायबिटीज किसी भी उम्र में हो सकती है. आजकल, बिजी लाइफस्टाइल, खराब खान-पान की आदतों और एक्सरसाइज की कमी के कारण, डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है. कुछ लोग मोटापे, वजन बढ़ने या ज्यादा तनाव जैसे कारणों से इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं. एक बार डायबिटीज हो जाने पर, व्यक्ति को जीवन भर इसके साथ जीना पड़ता है. यह एक जेनेटिक बीमारी है जो समय के साथ और बिगड़ती जाती है।  भारत में, डायबिटीज की समस्या अब एक महामारी का रूप ले चुकी है. भारत को अब अक्सर 'डायबिटीज कैपिटल ऑफ वर्ल्ड' कहा जाता है. इसी संबंध में, इस खबर में जानें कि भारत के किस राज्य में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं… भारत के किस राज्य में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं? द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी (जून 2023) में प्रकाशित ICMR-INDIAB के एक डिटेल्ड स्टडी के अनुसार, भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, और सबसे ज्यादा डायबिटीज रेट वाला राज्य गोवा है, जहां 26.4 प्रतिशत से ज्यादा आबादी इस बीमारी से प्रभावित है. इसके बाद, ज्यादा दर वाले अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुडुचेरी, तमिलनाडु, केरल, पंजाब और चंडीगढ़ शामिल हैं. 2025 के एक और विश्लेषण से पता चलता है कि डायबिटीज के लिए सबसे ज्यादा 'आयु-मानकीकृत प्रसार दर' (ASPR) तमिलनाडु में है, जिसके बाद गोवा और कर्नाटक का नंबर आता है. नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया 2023–2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे कम डायबिटीज दर वाला राज्य उत्तर प्रदेश (4.8 प्रतिशत) है।  इस मुद्दे पर डॉक्टर का क्या कहना है? SPARSH हॉस्पिटल, यशवंतपुर, बैंगलोर के इंटरनल मेडिसिन और डायबेटोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. अशोक एम. एन का कहना है कि गोवा में डायबिटीज की दर सबसे ज्यादा बताई गई है, जो लाइफस्टाइल, खान-पान की आदतों और जनसांख्यिकी से जुड़े अलग-अलग फैक्टर्स के मिले-जुले असर को दिखाता है. बहुत ज्यादा शहरी आबादी, आराम पसंद लाइफस्टाइल, और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, चीनी और शराब वाली डाइट, ये सभी इस बढ़ती समस्या की वजह हैं. इसके अलावा, गोवा में बेहतर स्क्रीनिंग और हेल्थ के बारे में ज्यादा जागरूकता जैसे कारण भी दूसरे इलाकों के मुकाबले डायबिटीज का पता लगाने की ज्यादा दर की वजह हो सकते हैं।  डॉ. अशोक एम. एन ने आगे कहा कि केरल, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब जैसे कुछ राज्यों में भी डायबिटीज की बीमारी में बढ़ोतरी देखी गई है. इन इलाकों में भी शहरीकरण, कम फिजिकल एक्टिविटी और बढ़ता मोटापा जैसे रिस्क फैक्टर्स मौजूद हैं. कई मामलों में, तनाव, सोने-जागने के अनियमित चक्र और आनुवंशिक प्रवृत्तियों के कारण यह खतरा और भी बढ़ जाता है. एक और बड़ी चिंता युवाओं में डायबिटीज के बढ़ते मामले हैं, जिसका मुख्य कारण कम उम्र से ही अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की आदतों को अपनाना है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डायबिटीज अक्सर शुरुआती फेज में पता नहीं चल पाता, जिससे शरीर के अंदर गंभीर जटिलताएं चुपचाप पनपने लगती हैं. इस समस्या से निपटने के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर जोर देना जरूरी है, जिसमें नियमित जांच, स्वस्थ खान-पान की आदतों के बारे में जागरूकता, अधिक फिजिकल एक्सरसाइज और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप शामिल है. हालांकि किसी इलाके की ज्योग्राफिकल लोकेशन भी डायबिटीज की मौजूदगी पर असर डाल सकती है, लेकिन लाइफस्टाइल ही सबसे अहम फैक्टर बनी हुई है।  National Institutes of Health (.gov) के अनुसार, एक्सपर्ट्स विशेष रूप से गोवा और दक्षिणी राज्यों में डायबिटीज की हाई रेट का श्रेय खराब लाइफस्टाइल, एनवायरमेंटल फैक्टर्स और सोशियो इकोनॉमिक फैक्टर के मेल को जिम्मेदार मानते हैं, जिनमें शामिल है…     हाई रेट ऑफ ओबेसिटी: भारत में डायबिटीज का सबसे आम कारण मोटापा है. नेचर जनर्ल में प्रकाशित ICMR-INDIAB के अध्ययन से पता चलता है कि जिन क्षेत्रों में डायबिटीज का प्रसार अधिक है, वहां अक्सर पेट और सामान्य मोटापे की दरें भी अधिक होती हैं. ये ऐसे फैक्टर्स हैं जिनका टाइप 2 डायबिटीज से गहरा संबंध होता है।      लाइफस्टाइल में बदलाव या अर्बनाइजेशन: गोवा और तमिलनाडु जैसे राज्य बहुत ज्यादा शहरीकृत (Highly Urbanized) हैं, इसके कारण लोगों की लाइफस्टाइल में निष्क्रियता बढ़ी है, फिजिकल एक्टिविटी कम हुई है, और हाई कैलोरी वाले, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ा है।      खान-पान की आदतें: खान-पान की आदतों में बदलाव (विशेष रूप से रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी का अत्यधिक सेवन) 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' के बढ़ते मामलों का एक प्रमुख कारण है. दरअसल, यह सिंड्रोम विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का एक ग्रुप है, जो मिलकर टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है।      जेनेटिक संवेदनशीलता: कई अध्ययनों से पता चलता है कि अन्य आबादी की तुलना में, भारतीयों में आमतौर पर डायबिटीज होने की जेनेटिक प्रवृत्ति अधिक होती है, साथ ही उनमें 'इंसुलिन प्रतिरोध' का लेवल भी अधिक होता है।  आर्थिक रूप से डेवलप राज्यों में, 'नॉन कम्युनिकल डिजीज' (NCDs) (जैसे कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर) की रेट लाइफस्टाइल में बदलावों के कारण बढ़ी हुई दिखाई देती हैं. इसी वजह से केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में ये आंकड़े विशेष रूप से हाई हैं. इन क्षेत्रों में आमतौर पर बेहतर हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई लेवल ऑफ पब्लिक अवेयरनेस होता है. इसके चलते, कम आय वाले और कम शहरीकृत राज्यों की तुलना में यहां ज्यादा संख्या में मामलों की पहचान की जाती है और उनकी रिपोर्ट की जाती है.. डायबिटीज के मरीजों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए? डायबिटीज के मरीजों को नमक का सेवन कम करना चाहिए. नॉन-वेज खाना, डेयरी प्रोडक्ट्स, आइसक्रीम, नारियल का तेल और चिकन में फैट ज्यादा होता है. अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको फास्ट फूड और तली-भुनी चीजों से दूर रहना चाहिए. आपको नाश्ते में उपमा, बोंडा, वड़ा या पूरी नहीं खानी चाहिए. डॉ. श्रद्धेय कटियार ने अपने ट्विटर (X) हैंडल पर डायबिटीज के मरीजों के लिए 31 सबसे खराब चीजों की एक लिस्ट शेयर की है, जो इस प्रकार है… आटा या मैदा उबला आलू कम फैट वाली मिठाइयां बिस्कुट अनानास स्किम्ड दूध रस्क तरबूज प्रोटीन बार मैरी बिस्कुट शहद आम दलियां सूजी इडली/चीला … Read more

वनप्लस पैड 4 लॉन्च डेट कन्फर्म,30 अप्रैल को मिलेगा पावरफुल टैबलेट, जानें फीचर्स

वनप्लस भारत में एक नया टैबलेट लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम OnePlus Pad 4 होगा. यह टैबलेट बीते साल लॉन्च किए गए OnePlus Pad 3 का अपग्रेड वर्जन होगा. कंपनी ने बताया है कि यह टैबलेट भारत में 30 अप्रैल को लॉन्च होगा. इसमें ऑक्सीजनओएस का सपोर्ट मिलेगा. OnePlus Pad 4 की जानकारी वनप्लस के ऑफिशियल पोर्टल पर शेयर की है. यह एक प्रोडक्टिविटी फोक्स्ड टैबलेट है, जिसमें हाई एंड स्पेसिफिकेशन्स मिलते हैं. वनप्लस के अपकमिंग टैबलेट एक लाइटवेट प्रोडक्ट होगा और इसमें मेटल यूनिबॉडी डिजाइन का यूज किया गया है. यह डिवाइस भारत में दो कलर वेरिएंट में लॉन्च होगा,  जो ड्यून ग्लो और सैग मिस्ट कलर हैं. OnePlus Pad 4 का डिस्प्ले वनप्लस पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Pad 4 में  13.2 इंच का 3.4K (3.4 हजार रेजोल्युशन) मिलेगा. यह 144Hz के रिफ्रेश रेट्स के साथ आता है. इसमें आई केयर फीचर मिलेगा, जो लंबे समय तक स्क्रीन देखने की वजह से आंखों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा. वनप्लस पैड 4 का प्रोसेसर वनप्लस पैड 4 में बेहतर परफॉर्मेंस का यूज किया जाएगा. AnTuTu बेंचमार्क पर 4.1 मिलियन का स्कोर मिला है. इस डिवाइस में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का यूज किया जाएगा. वनप्लस पैड 4 की रैम और बैटरी वनप्लस पैड 4 में मैक्सिमम 12GB की LPDDR5X RAM मिलेगी. इसके अलावा 512जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. साथ ही 13380mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको चार्जिंग के लिए 80W का सुपर वूक फास्ट चार्जिंग मिलेगा. वनप्लस पैड 4 के साथ असेसरीज भी मिलेंगी वनप्लस पैड 4 के साथ कुछ असेसरीज भी मिलती है. इसमें डेडिकेटेड स्मार्ट कीबोर्ड और न्यू वनप्लरस स्टाइलो प्रो भी मिलेगा, जिसे खासतौर से स्केचिंग और राइटिंग के लिए तैयार किया गया है. वनप्लस पैड 4 की कीमत को लेकर अभी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ना ही इसके साथ मिलने वाले बैंक ऑफर्स को लेकर कोई डिटेल्स शेयर की है. हालांकि वनप्लस पैड 3 की शुरुआती कीमत 49,999 रुपये रखी गई थी.