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मोगा से गरजेगी बीजेपी, 14 मार्च को अमित शाह भरेंगे चुनावी हुंकार

पंजाब पंजाब की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा जिले के किल्ली चहल गांव से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसी स्थान से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 17 फरवरी को अपने 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रैली का स्थान बेहद सोच-समझकर चुना गया है, क्योंकि मोगा को पंजाब की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र मालवा इलाके का केंद्र बिंदु है, जिसे राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला इलाका भी कहा जाता है। हाल ही में AAP ने भी यहां नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए बड़ी रैली की थी, जिसमें पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, “मोगा राज्य का सेंटर प्वाइंट है और पंजाब की राजनीति का कोर क्षेत्र माना जाता है। मालवा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी की जमीन पर पकड़ को दर्शाती है।” ऐसे में अमित शाह की रैली को राजनीतिक ताकत दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि 14 मार्च की यह रैली पार्टी के शीर्ष स्तर पर अंतिम रूप दी गई है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, खासकर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री की यह रैली राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगी। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के बाद अमित शाह की रैली यह स्पष्ट संदेश देगी कि पंजाब अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह रैली इस बात का भी संकेत होगी कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों की नजरें पंजाब पर टिकी हुई हैं। कुछ समय से यह धारणा बन रही थी कि बीजेपी ने पंजाब को राजनीतिक रूप से बैक बर्नर पर रख दिया है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों की तैयारियों में व्यस्त थी। हालांकि, जालंधर के पास डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यात्रा को पंजाब में फिर से सक्रिय चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में शिरोमणि अकाली दल से उसका गठबंधन टूट गया था। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या दोनों पुराने सहयोगी फिर से चुनाव से पहले एकजुट होंगे। दोनों दलों के कुछ वर्गों में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में पंजाब में चुनावी मुकाबला और तेज होगा, जिसमें सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंकते नजर आएंगे।

तीन दिन सीमांचल में अमित शाह, सियासी एजेंडे पर होगा मंथन

पटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर बुधवार शाम पहुंच चुके। पूर्णिया एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मंत्री लेशी सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका स्वागत किया। यहां से वह सड़क मार्ग से किशनगंज पहुंचे। यहां पर लैंड पोर्ट अथॉरिटी की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। किशनगंज में ही रात्रि विश्राम किया। आज यानी गुरुवार को गृह मंत्री अररिया में रहेंगे, जहां वह सुबह 11 बजे लेट्टी सीमा चौकी पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा को लेकर बातचीत होगी। आज ही वह दूसरे चरण की वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और फिर रात रुकने के लिए पूर्णिया लौटेंगे। शुक्रवार यानी 27 फरवरी को गृह मंत्री शाह पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बार फिर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। समीक्षा बैठकों के अंतिम दौर के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। यह तो थी अमित शाह के कार्यक्रम की जानकारी आगे आपको बताते हैं अमित शाह के कार्यक्रम का एजेंडा क्या है? 'यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है' वरिष्ठ पत्रकार गिरिंद्र नाथ झा ने कहा कि गृह मंत्री की यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है। इसमें सिलिगुड़ी कॉरिडोर का मुद्दा प्रमुख है। दूसरी जो महत्वपूर्ण बात है वह यह कि केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज के कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। गृह मंत्री का इस कार्यक्रम पर काफी फोकस है। अररिया में वह वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इसके साथ ही वह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा उपायों, प्रशासनिक तैयारियों और चल रही विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 'बंगाल के कुछ प्रमुख नेता मुलाकात करने आएंगे' गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे का बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जाए या नहीं? इस सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार गिरिंद्र नाथ झा ने कहा कि बंगाल चुनाव से इसे नहीं जोड़ना उचित नहीं होगा। अगर बंगाल चुनाव मुद्दा रहता तो वह बंगाल में ही प्रवास करते हैं। वह सीमा सुरक्षा पर बातचीत करने आए हैं। हां, सीमावर्ती जिले जैसे उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर या अन्य जिलों के कुछ नेता गृह मंत्री से मुलाकात करने जरूर आएंगे। 'सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे' वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी कहते हैं कि अमित शाह के सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे हैं। पहला यह कि भारत सरकार सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। गृह मंत्री शाह ने हाल के वर्षों में कई बार सीमांचल का दौरा किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह कई बार घुसपैठियों का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप भी लगाया था कि क्षेत्र में अवैध प्रवासियों के माध्यम से वोट बैंक बनाने के प्रयास चल रहे हैं। सभी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही थी। 'इन चीजों पर भी मंथन करेंगे अमित शाह' वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि दूसरी बात यह है कि सीमांचल के जिलों की सीमा पश्चिम बंगाल से सटती है। इस सीमवर्ती गांवों में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिनका संबंध बंगाल से भी है। उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के विधानसभा सीटों पर भाजपा फोकस कर रही है। किशनगंज और पूर्णिया में रात्रि विश्राम के दौरान वह सीमावर्ती जिलों के कुछ प्रमुख नेताओं से मिलकर रणनीति बना सकते हैं। इसके अलावा घुसपैठियों का मुद्दा भी है। यह कॉमन मुद्दा है जो कि सीमांचल और बंगाल में दोनों जगहों पर है। इसके अलावा बार्डर पर सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जाए? इन चीजों पर भी मंथन करेंगे। गृह मंत्री के दौरे पर भाजपा ने क्या कहा? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से हमलोग गृह मंत्री का स्वागत करते हैं। गृह मंत्री का घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रूख है। वह घुसपैठियों को हर हाल में देश के बाहर करना चाहते हैं। आतंकवाद और आतंरिक सुरक्षा पर भी उनका काफी फोकस है। तीन दिवसीय दौरे पर वह इन्हीं मुद्दों पर फोकस करेंगे। तेजस्वी यादव गृह के सीमांचल दौरे पर क्या बोले? तेजस्वी यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही राजनीतिक कवायद है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और इससे पहले भी झारखंड व बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया था। अब बंगाल चुनाव में इस मुद्दे को उठाकर जनता को भटकाने की कोशिश की जा रही है।

सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

पूर्णिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंच रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक के अपने इस दौरे में वे किशनगंज, अररिया व पूर्णिया जिले में सीमा सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे और फिर कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान 25 फरवरी को किशनगंज तो 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम होगा। नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में उनकी यह यात्रा सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश के कई दिग्गज पार्टी नेताओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बड़े पार्टी नेताओं का जमावड़ा भी यहां लगेगा और व्यस्त शिडयूल के बीच इन नेताओं से भी उनकी बातचीत होनी तय है। बंगाल विधानसभा चुनाव की बनेगी रणनीति राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को आकार देंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल का बड़ा इलाका सीमांचल से जुड़ता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चित इस इलाके पर भाजपा की पहले से भी पैनी नजर रही है। पहले के चुनावों में उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। हालांकि गत विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम भाजपा को नहीं मिल पाया था। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री के तीन दिवसीय सीमांचल प्रवास को उस नजरिए से भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के इस परिक्षेत्र के कई बड़े नेता की मुलाकात भी केंद्रीय गृहमंत्री से संभव है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि उन नेताओं को चुनाव को लेकर गंभीर मंत्र भी मिलेंगे और फिर तय कार्ययोजना पर पार्टी काम करेगी। यह इसलिए भी अहम है कि गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन इस इलाके में रहे और मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन हाशिए पर चला गया था। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों के संबंधित मुद्दों पर होगी बैठक पूर्णिया। तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात बजकर बीस मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां वे मे फेयर होटल में रात्रि विज्ञाम करेंगे। 27 फरवरी को वे दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ शाम चार बजे तक होटल में ही भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अहम बैठक करेंगे। शाम चार बजे बीस मिनट पर वे पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। एक दिन पहले से ही बढ़ायी गई सुरक्षा केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन अभी से अलर्ट मोड में है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट जाने वाले विभिन्न रास्तों के साथ-साथ शहरी परिक्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

5 साल में सख्त कार्रवाई का ऐलान: अमित शाह बोले- घुसपैठियों की नहीं होगी कोई जगह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर दिया कि अगर भारत नक्सलियों से मुक्त हो सकता है, तो वह घुसपैठियों से भी मुक्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में अवैध प्रवासियों को न केवल मतदाता सूची से बल्कि देश से भी निकाल दिया जाएगा। शाह असम पुलिस की 10वीं बटालियन के नए परिसर की आधारशिला रखने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। बटालियन के बारे में उन्होंने कहा कि इसका निर्माण घुसपैठियों के अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर किया जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता ने एक बार कहा था कि घुसपैठियों को बाहर निकाल दिया जाएगा, लेकिन ''कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि अवैध प्रवासी उसका वोट बैंक हैं।'' उन्होंने कहा, ''अतिक्रमण की गई जमीनों से घुसपैठियों को निकालना ही काफी नहीं है, उन्हें भारत से बाहर भी भेजना होगा।'' शाह ने कहा कि अगले पांच वर्षों में असम पूर्व और पूर्वोत्तर भारत का औद्योगिक केंद्र बन जाएगा। असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।  

साइबर अपराध पर शिकंजा, अमित शाह का आज बड़ा ऐलान—OTP, लिंक और कॉल धोखाधड़ी से निपटने के लिए नई योजना

नई दिल्ली  साइबर स्कैम और ठगी के ईकोसिस्टम को खत्म करने को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है. आज यानी 10 फरवरी 2026 को केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.  दो दिवसीय चलने वाले इस नेशनल इवेंट का नाम साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना है. इस अवसर पर गृह मंत्री CBI अधिकारियों के समारोह की अध्यक्षता करेंगे. साथ ही गृह मंत्री नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे. वे होम मिनिस्ट्री के अंतर्गत I4C के S4C डैशबोर्ड की भी शुरुआत करेंगे.  नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 2 दिन चलेगा कार्यक्रम यह दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस 10–11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा. इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सेंट्रल ब्यूरो इनवेस्टीगेशन (CBI) कर रही है, जिसमें गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) का सहयोग भी है. S4C क्या है?  S4C को सिंपल शब्दों में समझें तो यह एक नेशनल डैशबोर्ड है, जिसका काम साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत उसको डिटेक्ट और ट्रैस करना है.  S4C, असल में एक शॉर्ट नाम है, जिसका पूरा नाम सस्पेक्ट रजिस्ट्री एंड साइबर क्राइम कॉर्डिनेशनल सिस्टम है. यह एक नेशनल साइबर इंटेलीजेंस एंड मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म, जिसको इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने डेवलप किया है. I4C एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत काम करती है.   2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन सीबीआई साल 2000 से साइबर क्राइम्स की जांच कर रही है और 2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन की शुरुआत की थी. यह केंद्र सरकार और उसके ऑफिस को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है. ये डिविजन साइबर क्रिमिनल्स और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी दोनों से निपटती है.  भारत में कई सर्विस डिजिटल काम कर रही हैं ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नेशनल कॉन्फ्रेंस ऐसे समय आयोजित होने जा रही है, जब भारत डिजिटल चेजेंस तेजी से हो रहे हैं. बैंकिंग से लेकर कम्युनिकेशन तक तक में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है. वहीं, संगठिग साइबर अपराधी नेटवर्क इस सिस्टम में मौजूद खामियों का मिसयूज कर रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस का मकसद क्या है?       भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी बदलते स्वरूप पर समझ विकसित करना.      साइबर ठगी के इकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों का अध्ययन करना.      फाइनेंशियल पिलर्स (म्यूल खाते और धन शोधन).     टेलिकॉम पिलर (SIM/eSIM और डिजिटल का मिसयूज करना).     ह्यूमन पिलर (साइबर गुलामी और ठगी केंद्रों में तस्करी).      कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों के बीच सहयोग को मजबूत करना है.      साइबर स्कैम और धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग, रियल-टाइम फंड ट्रेसिंग, समय पर साक्ष्य संरक्षण और पीड़ितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना है.  आज से शुरू होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा, आपराधिक नेटवर्कों को रोकना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास को बढ़ाना है. 

अमित शाह का तोहफा: MP में 550 करोड़ की मदद, बिजली बिल में आएगी राहत

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

नक्सलवाद के खात्मे की तैयारी तेज, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक, मार्च 2026 पर नजर

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

विकसित भारत के संकल्प की दिशा में देश ने पकड़ी तेज रफ्तार: अमित शाह

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

अमित शाह का TMC पर हमला: बोले– ममता सरकार का समय खत्म होने वाला

सिलिगुड़ी पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. इस चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी टीएमसी को हटाने के लिए पुरजोर कोशिशों में जुटा है. वहीं, ममता सरकार पर लगातार केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते आ रही है. इन आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिलिगुड़ी की यात्रा पर हैं.  यहां अमित शाह ने कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी सरकार की विदाई का समय अब नजदीक है. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन निश्चित है और जनता बदलाव की उम्मीद रखती है. अमित शाह ने अपने भाषण में ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने अलग-अलग समुदायों को आपस में लड़ाने वाली राजनीति की है, जिससे राज्य की एकता खतरे में पड़ गई है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया गया है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में दूरी बढ़ी है. इस दौरान अमित शाह ने BJP के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संगठन को मजबूत करें और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर लोगों से जुड़ें. उनका कहना था कि केवल कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि जनता अब ममता सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और वह बदलाव चाहती है.     हिंसा, भय और भ्रष्टाचार की प्रतीक TMC की बंगाल में अब फिर वापसी नहीं होने वाली है। सिलीगुड़ी में इस संभाग के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहा हूँ… अमित शाह ने यह भी कहा कि राज्य में सालों से हिंसा, डर और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिसे बंगाल की जनता अब सहन नहीं करेगी. उन्होंने टीएमसी पर भी कड़ी बात करते हुए कहा कि यह पार्टी हिंसा और भय का पर्याय बन चुकी है और अब जनता इस राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी. अमित शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, और यह बदलाव जनता की इच्छानुसार होगा. 

पंजाब में होगी विशाल रैली, अमित शाह करेंगे जनसभा को संबोधित

चंडीगढ़ अगले महीने भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता पंजाब दौरे पर आएंगे। महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब पहुंचेंगे। अमित शाह मोगा में एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह डेरा सच्चखंड बल्लां में माथा टेकेंगे। इस संबंध में जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सांझा की। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को संसद में बजट सत्र होगा और उसके बाद प्रधानमंत्री सीधे पंजाब के लिए रवाना होंगे। उनके लगभग शाम चार बजे तक डेरा बल्लां पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का प्रकाश पर्व पूरे देश के लिए एक पवित्र दिन है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री का डेरा बल्लां में नतमस्तक होना संगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की वाणी और उनके संदेश समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। अगले वर्ष श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में पंजाब का दौरा करेंगे। शाह मोगा में भाजपा द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार अभी शाह के दौरे की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन यह निश्चित है कि उनका दौरा फरवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। पार्टी के अंदरूनी स्तर पर कुछ नेताओं द्वारा अमित शाह की रैली को लेकर जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोर ग्रुप, प्रदेश पदाधिकारियों और जिला प्रधानों के साथ अभी तक इस रैली को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है।