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जब 145 करोड़ जनशक्ति का भारत बोलता है तो 500 वर्ष की विकट समस्या का भी समाधान होता हैः मुख्यमंत्री

जालोर (राजस्थान) में श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर के 375 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय महायज्ञ एवं विशाल धर्मसभा में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का किया आह्वान- बच्चों को रोने और नाराज होने दें, लेकिन स्मार्टफोन कतई न दें जालोर/लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृशक्ति का आह्वान किया कि छोटी आयु के बच्चों को रोने-नाराज होने दें, कुछ देर में वे ठीक हो जाएंगे, लेकिन स्मार्टफोन कतई न दें। स्मार्ट फोन का अधिकाधिक प्रयोग समय की हानि के साथ आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह सोचने की सामर्थ्य को कम और बुद्धि को कुंठित कर रहा है। लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। स्मार्टफोन के तमाम गेम नकारात्मक दिशा की ओर ले जा रहे हैं। बच्चा जितना समय स्मार्टफोन पर खर्च कर रहा है, उतना समय यदि अच्छी पुस्तकों, योग, व्यायाम पर लगाएगा तो जीवन सुंदर-व्यवस्थित होगा। स्मार्टफोन का लगातार प्रयोग नशे जैसा ही खतरनाक है। राजस्थान दौरे के दूसरे दिन सोमवार को गोरक्षपीठाधीश्वर व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जालोर के श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर (सिरे मंदिर) के 375 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय महायज्ञ एवं विशाल धर्मसभा में शामिल हुए। युवा पीढ़ी को दी सीख- परिवार के लिए समय निकालिए, बातचीत कीजिए धर्मसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने युवा पीढ़ी को सीख दी कि जितना आवश्यक है, उतना ही स्मार्टफोन प्रयोग कीजिए। परिवार के लिए समय निकालिए, बातचीत कीजिए। भोजन, पूजा के समय फोन न उठाइए, बाद में कॉलबैक कीजिए। स्मार्टफोन एक समय बाद डिप्रेशन की बीमारी पैदा करने वाला है। छोटी-छोटी बातों के कारण आत्महत्याओं की प्रवृत्ति बढ़ी है। कभी विफलता मिली है तो कारण ढूंढ़कर उसे सफलता में बदलना ही जीवन है। विफलता से घबराना नहीं, बल्कि चुनौतियों का मुकाबला करना है। कोई भाग्य नहीं ले सकता, सब कुछ ईश्वरीय कृपा से ही मिलता है। लोभ-लालच से मुक्त रहकर देश, समाज के लिए सोचिए। नशे के सौदागरों को परिवार, समाज, नगर, कस्बे, गांव में घुसने न देना सीएम ने कहा कि देश के दुश्मन और नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को नशे के आगोश में ले जाना चाहते हैं। नशे के कारोबारियों को सफल नहीं होने देना है। किसी देश के भविष्य को देखना है तो युवा पीढ़ी को देखें। यह सही दिशा में है तो देश नई ऊंचाई तक पहुंचता है। सीएम ने अपील की कि नशे के सौदागरों को परिवार, समाज, नगर, कस्बे या गांव, कहीं नहीं घुसने देना है। मनुष्य हड़पने की बजाय जरूरतमंद तक पहुंचाने का भाव रखे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में 200 से अधिक देश हैं, लेकिन भारत जैसा कोई नहीं। भारत दुनिया में अलग क्यों है, इसके लिए त्योहारों, परंपराओं, ऋषियों-मुनियों, विद्वानों, सैनिकों, किसानों, नौजवानों, बहन-बेटियों तथा माताओं के योगदान की विशिष्टता को समझना होगा। सीएम ने सिरे मंदिर के आसपास बंदरों के चौराहे का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब हम लोग यहां रुके तो ढेर बंदर आ गए। हमने एक बंदर को रोटी दी तो वह खाने लगा, लेकिन जब तक उसने पहली रोटी खा नहीं ली, तब तक दूसरी रोटी नहीं ली। मनुष्यों को यह शालीनता सीखनी चाहिए। मनुष्य हड़पने व संचय की बजाय जरूरतमंद तक पहुंचाने का भाव रखे। लोभ संवरण साधना है और इसे जीवन का हिस्सा बनाना परम साधना है। विरोध को भी अपने में समाहित करने का सामर्थ्य रखता है भारत सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि जहां साधना करते थे, उस पूरे क्षेत्र का प्रभाव इतना आध्यात्मिक होता था कि शेर और गाय एक ही घाट पर पानी पीते थे। सीएम ने शिव परिवार का जिक्र किया। कहा कि मां पार्वती दुर्गा की प्रतीक हैं, उनकी सवारी शेर और भोलेनाथ की सवारी बैल है। गणपति की सवारी चूहा, भोलेनाथ के गले में नाग और कार्तिकेय की सवारी मोर है, फिर भी सब साथ मिलकर जीवन चक्र को संचालित कर रहे हैं। जहां विरोध को भी अपने में समाहित करने का सामर्थ्य हो और समतामूलक समाज को एकता के सूत्र में आगे बढ़ाने की ताकत हो,  वही भारत है। भारत ने दुनिया को जीने की कला सिखाई। ऋषि-मुनियों की साधना, वीर-वीरांगनाओं के बलिदान, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता, हस्तशिल्पियों के कार्य व श्रमिकों के पसीने से भारत का निर्माण हुआ है। समाज का हर तबका जुड़कर योगदान देता है तो देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनता है। धर्म जोड़ता है और जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है सीएम योगी ने मत्स्यनाथ पीठ, फतेहपुर में बाबा अमृतनाथ पीठ आदि का जिक्र किया और कहा कि मंच पर बैठे सभी योगेश्वर गुरु परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इन पीठों के द्वारा समाज व समिष्टि के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। भक्ति, साधना व सामर्थ्य के माध्यम से लोककल्याण का बड़ा अभियान चल रहा है। हम भी इस परंपरा को बढ़ाने में अपनी ओर से प्रयास प्रारंभ करें। भारत छोड़कर किसी भी देश में ऋषि-मुनियों की परंपरा से जुड़ने का अवसर नहीं मिलेगा। हमारे पास लंबी विरासत-परंपरा है। सनातन धर्मावलंबी आश्रम व संतों-योगेश्वरों के साथ संवाद-संबंध जोड़कर परंपरा से रच-बस जाता है। उसे यहां परिवार, अपनत्व, अभिभावक का भाव दिखता है। ईश्वर के अवतार की भूमि भी सिर्फ भारत ही बनती है। धर्म जोड़ने का माध्यम है, लेकिन जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है। गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि नाथ संप्रदाय की परंपरा हर काल खंड में धराधाम पर विराजमान है। संत, योगी, योगेश्वर सदैव अजर-अमर हैं। इनकी कृपा भक्तों व आस्थावान श्रद्धालुओं पर बरसती है। हम भी प्रयास करें क्योंकि देश, समाज, धर्म के लिए किया गया योगदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। समाज को बांटने का पाप करने वाले को समझाएं और उसे दूर करने का प्रयास करें। वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान से बना है यह देश सीएम ने वीरमदेव, कीर्ति चौहान आदि वीरों को याद करते हुए कहा कि यह देश वीरों व वीरांगनाओं के बलिदान से बना है। चित्तौड़गढ़ में रानी पद्मिनी ने हजारों वीरांगनाओं के साथ जौहर किया था। जालोर में भी अलाउद्दीन खिलजी और उसके बाद भी यह परंपरा देखने को मिली। सीएम ने सिरे मंदिर की बारीक कारीगरी, दुर्लभ कला, शिलालेखों का जिक्र करते हुए महाराजा मान सिंह … Read more

बिहार की सियासत में हलचल: अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे सम्राट चौधरी

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रहीं चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज है। सम्राट रविवार को शाह से मिलने पटना से दिल्ली जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार में नए सीएम के नाम पर मंथन चल रहा है। चर्चा है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से होगा। अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली क्यों बुलाया है, इस बारे में कोई स्पष्ट वजह तो सामने नहीं आई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर उनसे चर्चा की जा सकती है। सम्राट बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में नंबर दो की पॉजिशन पर हैं। वह राज्य का सबसे अहम माने जाने वाला गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, जो पहले नीतीश के पास हुआ करता था। बताया जा रहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संभावित सीएम पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे बिहार सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद नए सिरे से सरकार का गठन किया जा सकता है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका ऐलान उसी समय होने की संभावना है।  

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया

लखनऊ, भारतीय महिला तीरंदाजी टीम की सदस्यों ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि  लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसमें देश की अनेक नामचीन खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। शनिवार को मुलाकात के दौरान स्टार पैरा-तीरंदाज व अर्जुन पुरस्कार से अलंकृत शीतल देवी समेत सभी खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलम्पिक में अपने पैर से निशाना लगाकर पदक जीतने वाली इस महान खिलाड़ी का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने टीम की अन्य खिलाड़ियों का भी सम्मान किया।   इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार व उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अवनीश अवस्थी, खेल व युवा कल्याण विभाग के सचिव व पैरालंपियन सुहास एल वाई आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में फसल बीमा व कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों को मिला मुआवज़ा

लखनऊ प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के संबंधित बीमा योजनाओं के लाभार्थी किसानों को सहायता राशि प्रदान किए जाने के लिए आज मा0 मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में क्षतिपूर्ति वितरण समारोह का आयोजन लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद बुलंदशहर में एनआईसी में किया गया जिसमें जनपद के लाभार्थी किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में मा0 मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से योजना के लाभार्थी किसानों के खातों में धनराशि भेजी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 9270 लाभार्थियों को धनराशि 175.5 करोड़ सीधे खातों में हस्तान्तरित की गयी, जिसके अन्तर्गत जनपद बुलंदशहर में 41 लाभार्थियों के सापेक्ष 02 करोड़ रूपये की धनराशि खातों में हस्तान्तरित की गयी। एनआईसी में आयोजित कार्यक्रम में मा0 विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, सीडीओ निशा ग्रेवाल द्वारा योजनाओं के लाभार्थी किसानों/परिजनों को संकेतिक चेक का वितरण किया गया। जनपद में 41 लाभार्थियों में से एक लाभार्थी नीरज सिंह ग्राम नौसाना तहसील सदर जनपद बुलंदशहर की पुत्री की आज 21 फरवरी 2026 को शादी है ।मृतक किसान की पत्नी नीरज सिंह के खाते में 05 लाख रुपए की धनराशि आज हस्तांतरित हुई । जिला प्रशासन की ओर से ग्राम नोसाना में लाभार्थी के घर पहुंचकर परिवारजनों को मा0 मुख्यमंत्री द्वारा आज दिए गए आर्थिक सहायता धनराशि के खाते में अंतरित होने के बारे में अवगत कराया गया ।शादी के दिन ही आर्थिक सहायता की धनराशि मिलने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, परिवार के सदस्यों के द्वारा मा0 मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया गया। योजना का लाभ तत्परता से दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी महोदया का भी आभार जताया।  

पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना के साथ मुख्यमंत्री ने शुरू की सतनाम सद्भाव पदयात्रा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया. उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी. साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है. पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी. कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है. उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी. कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे. गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा. पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है. इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए.

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया जनता दर्शन का आयोजन, करीब 150 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं

  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश- निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता से करें जन समस्याओं का निराकरण गोरखपुर, गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की और समस्याएं सुनकर अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। रविवार को देवाधिदेव महादेव की आराधना के विशेष पर्व महाशिवरात्रि पर आनुष्ठानिक व्यस्तता में भी उन्होंने जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चिंता मत करें, हर समस्या का समाधान होगा, सबकी भरपूर मदद की जाएगी।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग पात्र हैं और किसी कारण से उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। सीएम ने पुकारा, ‘ओ भोलू’ और भाव विह्वल हो दौड़ आया गोवंश दृढ़ संकल्पों वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुपरिचित पहचान गोसेवक की भी है। जब भी वह गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं गोशाला में जाकर गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। रविवार सुबह भी मंदिर की गोशाला में जाकर उन्होंने गोसेवा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। सीएम योगी यहां कई गोवंश को उनके लिए रखे नामों से बुलाते हैं। रविवार सुबह उन्होंने एक गोवंश को जब यह कहकर पुकारा, ‘ओ भोलू’ तो श्याम रंग का यह बछड़ा भाव विह्वल होकर सीएम योगी की तरफ दौड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने भोलू को खूब दुलारा और उसे अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मंदिर की गोशाला में जब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचते हैं तो प्रायः एक मोर भी उनके इर्द-गिर्द आ जाता है। मुख्यमंत्री ने मोर को भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी के टुकड़े करके उसे खिलाया। मंदिर परिसर में सीएम ने बच्चों पर लुटाया प्यार, कराया अन्नप्राशन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने बच्चों को अपने पास बुला लिया, उन पर खूब प्यार लुटाया। उन्होंने बच्चों से उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा। उनसे ठिठोली भी की और फिर स्नेहाशीष से खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट भी दी। इस अवसर पर उन्होंने एक बच्चे को गोद में लेकर अन्नप्राशन भी कराया।

किसानों को राहत: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि बढ़ी, 4–5 फरवरी को भी होगी खरीद

रायपुर राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय अवधि दो दिन बढ़ा दी है। अब चार और पांच फरवरी को भी धान खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी की  ने अपनी पड़ताल के बाद खबर प्रकाशित कर सरकार को चेताया था कि टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जिलों से जानकारी मांगी थी और इसके बाद मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी कर दी। अब तक 140 लाख टन धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। राज्य में इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया हुई है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। यह भी पढ़ें- रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा और भी आसान, सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ मंजूर ये किसान होंगे धान बेचने के पात्र   ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन उनका भौतिक सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।  वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान जिनके पास वास्तव में धान का स्टॉक (बचा हुआ धान) पाया गया है।  ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन वे किसी भी कारणवश निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच पाए थे। हमने धान खरीदी की समीक्षा की है। कुछ किसान जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था। इसलिए दो दिन और किसानों का धान खरीदेंगे। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़    

मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर “गजरु” का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।  मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।   चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।     इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।  विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।    समारोह में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत, सचिव खेल  यशवंत कुमार, संचालक खेल मती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिहार में सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, आरोपी गिरफ्तार

बेतिया, बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला पश्चिम चंपारण जिले में देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित, आपत्तिजनक टिप्पणी कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, यह पूरा मामला पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र का है। बताया गया कि सरस्वती पूजा के अवसर पर मूर्ति विसर्जन के समय सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को सूचना प्राप्त हुई कि सरस्वती पूजाकी मूर्ति विसर्जन के अवसर पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बिहार के मुख्यमंत्री के संबंध में अमर्यादित, असंसदीय भाषाओं का प्रयोग करते हुए एक व्यक्ति द्वारा अपने फेसबुक आईडी से एक बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक वीडियो को वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बिगड़ने की आशंका बन गई। मामले के संज्ञान में आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। इस संबंध में पुलिस अवर निरीक्षक सोनू कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर शिकारपुर थाना में एक मामला दर्ज किया गया। जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि यह वीडियो सिसवा गांव के वार्ड नंबर 11 के रहने वाले राजू कुमार द्वारा जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि शिकारपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी? पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है कि आस्था पर चोट करने वाले और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही है।  

एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित

रायपुर, जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।   एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।  अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।