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झारखंड में ठंड का प्रकोप तेज: 11 जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

रांची  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को झारखंड के रांची समेत 11 जिलों के लिए 17 नवंबर तक शीतलहर(Cold Wave Alert) की चेतावनी जारी की। आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, रांची और हजारीबाग के लिए 17 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक ‘येलो अलर्ट' जारी किया। खूंटी सबसे ठंडा आईएमडी के रांची स्थित कार्यालय के उप-निदेशक और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया, “इन 11 जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी भागों के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खूंटी में तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और इसके साथ ही राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। घना कोहरा छाए रहने की संभावना,  दृश्यता होगी प्रभावित वहीं डाल्टनगंज में 9.3 डिग्री सेल्सियस और रांची में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, लोहरदगा में 9.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दृश्यता प्रभावित होगी। आईएमडी ने साथ ही लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

MP में मौसम बदलने के संकेत, कुछ शहरों को मिलेगी ठंड से राहत

भोपाल वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवा के रुख में कुछ बदलाव होने से शनिवार से ठंड से मामूली राहत मिलना शुरू हो सकती है। हालांकि कुछ शहरों में शीतलहर का प्रभाव अभी बना रह सकता है। तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।   तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

कड़ाके की सर्दी का प्रहार! कई राज्यों में शीतलहर का IMD अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

नई दिल्ली  देशभर में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप (Weather Update) और तेज़ होगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 16 नवंबर तक शीतलहर (Cold Waves) की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है।   उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की चपेट हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तापमान 0°C से नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति, मनाली, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 16 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाने और हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई गई है।   MP और CG में शीतलहर MP में वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने और लगातार सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बरकरार है। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में लगातार पांच दिन तक तीव्र शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मौसम का इस तरह का मिजाज अभी तीन-चार दिन तक और बना रह सकता है। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ठंड ने दस्तक दे दी है। IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 16 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना है।   मौसम विभाग ने ओडिशा, हरियाणा, हिमाचल, असम, दिल्ली और चंडीगढ़ में हल्के से घने कोहरे की चेतावनी दी है। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। प्रदूषण के साथ अब कोहरे की परत ने भी शहर को ढक लिया है, जिससे दृश्यता में भारी गिरावट आई है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। 13 नवंबर 2025 को केरल, तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप में आंधी-तूफान, गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। UP में तापमान में गिरावट उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य है, लेकिन पछुआ हवाओं ने न्यूनतम तापमान में गिरावट ला दी है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि लखनऊ और पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी होगी। बिहार में ठंड और धुंध का असर बिहार में सुबह-शाम धुंध और ठंड का असर बना हुआ है, जबकि दिन में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य में ठंड और बढ़ सकती है।  

बढ़ती ठिठुरन ने बढ़ाई चिंता: मौसम विभाग ने रायपुर सहित कई इलाकों में दी चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, पेण्ड्रारोड, राजनांदगांव, दुर्ग शीत लहर की चपेट में है. उत्तर से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम विभाग ने आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर चलने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी के साथ ही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी प्रदेश के जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कोरबा में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है. इसके कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में एक दो पैकेट्स में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी. वहीं 17 नवंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ में ठंड से कुछ राहत मिलने की सम्भावना बन रही है. प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक वर्षा की सम्भावना नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर मैं आज आकाश साफ रहने की संभावना बताई गई है. वही अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

शीतलहर का कहर: राजस्थान के 9 शहर ठिठुरे, सिरोही में सबसे कम तापमान दर्ज

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड का यही दौर जारी रहने की संभावना है। सीकर में पहले से चल रही शीतलहर का प्रभाव अब झुंझुनूं तक पहुंच गया है। दोनों जिलों में सुबह-शाम तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नौ शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। सबसे अधिक ठंड सिरोही में रही, जहां का तापमान 7.5°C रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा : फतेहपुर (सीकर) – 8.8°C, नागौर – 8.7°C, सीकर – 8.3°C, अलवर – 9.2°C, वनस्थली (टोंक) – 9.4°C, चूरू – 9.5°C, बारां – 9.3°C व करौली में  9.6°C न्यूनतम तापमान रहा। सीकर और आस-पास के इलाकों में सुबह-शाम हल्की शीतलहर और घनी ठंड का असर महसूस किया गया। दिन में धूप से राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दिन में लोगों को तेज धूप से राहत मिल रही है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। बुधवार को सबसे अधिक तापमान 32.9°C बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान अजमेर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली (टोंक) में 30.6 और 9.4, अलवर में 28.8 और 9.2, जयपुर में 29.2 और 13.6, पिलानी में 31.2 और 10.5, सीकर में 27.8 और 8.3, कोटा में 29.5 और 13.6, चित्तौड़गढ़ में 30.2 और 11.7, उदयपुर में 28.6 और 12.3, बाड़मेर में 32.9 और 17, जैसलमेर में 31.4 और 15, जोधपुर में 31 और 12.7, बीकानेर में 30.2 और 13.6, चूरू में 30.9 और 9.5, गंगानगर में 28.2 और 12.5, नागौर में 29.7 और 8.7, बारां में 29.1 और 9.3, हनुमानगढ़ में 27.7 और 12, जालौर में 30.9 और 11.6, सिरोही में 23.3 और 7.3, फतेहपुर में 29.1 और 8.8, करौली में 28.5 और 9.6, दौसा में 29.7 और 8.8, तापगढ़ में 27.8 और 13.4 तथा झुंझुनूं में 29.1 और 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होगी तथा रातें और अधिक ठंडी होंगी।

नवंबर में जमने लगी सर्दी! झारखंड में शाम के बाद सुनसान सड़कें

रांची झारखंड में इस नवंबर माह की शुरुआत में मौसम का अचानक बदलाव देखने को मिला है। रांची और आसपास के इलाकों में पहले दोपहर में गर्मी का अहसास था, लेकिन अब अचानक ठंडी हवाओं ने ठंड की मार बढ़ा दी है। सड़कों पर शाम के बाद छा जाता है सन्नाटा राज्य के कई जिलों में केवल कुछ ही दिनों में न्यूनतम तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी काफी बढ़ गई है। रांची में पहले हफ्ते तक लोग बिना स्वेटर, हल्के कपड़े पहनकर सैर करते थे, लेकिन दूसरे हफ्ते आते- आते तापमान में इतनी गिरावट आई है कि लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का प्रभाव ज्यादा महसूस किया जा रहा है। गुमला जिले में हालात ज्यादा गंभीर हैं। यहां की सड़कों पर शाम के बाद सन्नाटा छा जाता है और लोग घरों के बाहर अलाव के पास जुटकर ठंड से बचने की कोशिश करते देखे जाते हैं। गुमला का न्यूनतम तापमान अब मात्र 8.5 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि कोडरमा, रामगढ़, और गढ़वा जैसे जिलों में भी तापमान 9 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। शाम-सुबह की धूप के बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ठंडी हवाओं ने लोगों की बढ़ाई परेशानी मौसम विभाग ने इस ठंड के लिए हिमालय क्षेत्र से आने वाली ठंडी हवाओं को जिम्मेदार बताया है, जो सबसे पहले राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को प्रभावित करती हैं। विभाग ने कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, रामगढ़, पलामू और सिमडेगा के लिए अगले पांच दिनों तक सर्दी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। ठंड के बढ़ने के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी हल्की बीमारियों के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

कड़ाके की सर्दी की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर

रायपुर प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

इंदौर और भोपाल सहित 23 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, न्यूनतम तापमान 7° तक गिरा

 भोपाल/इंदौर मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले हफ्ते से ही ठिठुरन का दौर जारी है। दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं, जबकि सुबह और रात में पारा तेजी से गिर रहा है। भोपाल और इंदौर में तो 25 साल का रिकॉर्ड तक टूट गया है। बीती रात प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भोपाल, इंदौर समेत कुल 23 जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। स्कूलों के समय में बदलाव  ठंड बढ़ने के चलते देवास जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हिमालय में बर्फबारी का असर एमपी तक  मौसम विशेषज्ञ पी.के. शाह ने बताया कि इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही सक्रिय हो गए हैं। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है, जिससे ठंड का असर तेजी से बढ़ा है। पूर्वी हिस्सों में भी बढ़ी सर्दी  अब तक सर्दी का असर मुख्य रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश—भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग—में ज्यादा था। लेकिन अब इसका असर पूर्वी हिस्सों, यानी जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग तक पहुंच गया है। नवंबर में टूटा 25 साल का रिकॉर्ड इस बार ठंड ने नवंबर में ही पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल और इंदौर में पारा 25 साल में सबसे नीचे चला गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इसी कारण जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हो रही है, और उत्तरी हवा के रुख के चलते ठंडी लहरों का असर मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है। पूर्वी मध्यप्रदेश में भी दिखने लगा असर अब तक ठंड का असर मुख्य रूप से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में था, लेकिन अब जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल जैसे पूर्वी इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। सोमवार-मंगलवार की रात जबलपुर में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज हुई, जहां पारा 9.7 डिग्री रहा। भोपाल में 8.3, इंदौर में 8.4, ग्वालियर में 11 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां पारा 8 डिग्री तक गिर गया। प्रदेश के शहर हिमाचल-उत्तराखंड से भी ठंडे हैरानी की बात यह है कि जहां हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फ गिर रही है, वहीं मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान शिमला, मसूरी और देहरादून से भी नीचे है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी और मलाजखंड में भी दिन का तापमान 27 डिग्री से कम रहा।  कहां है तेज शीतलहर का असर? मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, शहडोल और जबलपुर में तेज शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। वहीं, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, रीवा, बालाघाट और छतरपुर जैसे जिलों में ठंडी हवाएं चलेगी। बालाघाट जिले के मालाजखंड क्षेत्र में बुधवार को Cold Day का अनुभव होने की संभावना है। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने MP को नवंबर में ही सर्दियों के आगोश में ला दिया है। दिन में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं और रात का तापमान तेजी से गिरने से लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का पारा ज्यादा, दिन में कम प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में ठंड का असर जरूर कम है, लेकिन दिन में यहां सर्दी है। सोमवार-मंगलवार की रात में पचमढ़ी का तापमान 13.8 डिग्री रहा, लेकिन मंगलवार को दिन का तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी, मलाजखंड में पारा 27 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। कई शहरों के तापमान में गिरावट बीती रात MP के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया।     इंदौर:  8.3डिग्री     भोपाल: 8.0डिग्री     उज्जैन: 11.5डिग्री     ग्वालियर: 10.7डिग्री     जबलपुर: 9.8डिग्री     शहडोल: 7.5डिग्री मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि वर्तमान में उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है जिसके प्रभाव से MP में ठंडी हवाएं बनी हुई हैं। साथ ही एक ट्रफ भी सक्रिय है, जो ठंड को और बढ़ा रहा है। मौसम विभाग की सलाह     ठंड से बचने के लिए सभी नागरिक सावधानी बरतें।     सुबह की वॉक सूरज निकलने के बाद ही करें।     बुजुर्ग और बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों का उपयोग जरूरी है। राजगढ़ रहा सबसे ठंडा शहर  सोमवार-मंगलवार की रात को कई शहरों में सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। जबलपुर में तापमान 9.7 डिग्री, भोपाल में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव और उमरिया में 8.5 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा। पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इसमें औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल … Read more

मध्यप्रदेश में ठंड का कहर: राजगढ़ सबसे ठंडा, पूरे प्रदेश में कोल्ड वेव की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपा दिया है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई शहरों में तापमान हिमाचल और उत्तराखंड के हिल स्टेशनों से भी नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर समेत 14 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिख रहा है। राजधानी भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि इंदौर में 7.9 डिग्री तक लुढ़क गया। तुलना करें तो शिमला में पारा 8.8 डिग्री, मसूरी में 8.6 डिग्री और देहरादून में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। यानी, इंदौर इन हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रही ठंडी हवाओं का असर मंगलवार से और बढ़ेगा। शाजापुर, सीहोर, बैतूल, छतरपुर, पन्ना और रीवा-सतना आदि जिलों में भी शीतलहर चलने की आशंका है। आज भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल ग्वालियर संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, क्योंकि इस दिशा से अभी उत्तर की बर्फीली हवाएं नहीं पहुंची हैं। जैसे ही ये हवाएं आएंगी, तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि वर्तमान में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ा रही हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव, जबकि शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, मंडला, रीवा, शहडोल जैसे जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी जिलों में भी पारा रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर इस समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 7.2 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड का सीजन ज्यादा लंबा चलेगा। सामान्यत: नवंबर के अंत से जनवरी तक तेज सर्दी रहती है, लेकिन इस बार हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी एक्टिव हुए विक्षोभ के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठिठुरन शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बार सर्दी 80 से 85 दिन तक चल सकती है। एमपी के शहरों में शिमला जैसी ठंड रविवार को बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे। इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है। इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।

मध्य प्रदेश में ठंड का असर: राजगढ़ सबसे ठंडा, 20 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया है। 20 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर शामिल हैं। उत्तरी हवाओं के असर से तापमान तेजी से गिरा है, भोपाल में 10 साल का और इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा क्रमशः 8°C और 7°C दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर भी दिख रहा है। राजधानी और अन्य शहरों में कंपकंपी वाली ठिठुरन महसूस हो रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी तापमान गिरा है। अगले 2 दिन शीतलहर की संभावना बनी हुई है। आज यहां रहेगा हशीतलहर असर मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल जिलों में शीतलहर असर दिखाएगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। इससे उत्तरी हवाएं सीधे एमपी में आ रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से के जिलों में शीतलहर असर है। पिछले 2 दिन में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, इंदौर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर में भी शीतलहर चली। सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल में शीतलहर का अलर्ट है।  इंदौर में 25 साल, भोपाल में 10 साल की सबसे सर्द रात शनिवार और रविवार की रातों ने कई शहरों में नया ठंडा इतिहास लिख दिया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज हुआ, जो पिछले 10 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा गिरा-यह नवंबर महीने में पिछले 25 साल की सबसे ठंडी रात रही। यहां नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड वर्ष 1938 का है, जब तापमान 5.6 डिग्री पहुंचा था। राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री रहा और यह लगातार चौथी रात रही जब शहर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। सीहोर, उमरिया और रीवा में भी पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़का है। दिलचस्प रूप से पचमढ़ी में अन्य शहरों की तुलना में ठंड कम रही और यहां न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सीहोर में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.5 डिग्री, मलाजखंड में 9.6 डिग्री और रीवा में 9.9 डिग्री दर्ज हुआ। छिंदवाड़ा 10°, नौगांव 10.5°, मंडला 10.6°, बैतूल 10.8°, गुना,दमोह,शिवपुरी 11°, सागर 11.5°, धार 11.6°, टीकमगढ़, सतना 11.8°, रतलाम 12.2°, दतिया 12.5°, श्योपुर 12.6°, खजुराहो 13°, खंडवा,सीधी,नरसिंहपुर 13.4°, नर्मदापुरम 13.7° और खरगोन 14.2° दर्ज किया गया। इंदौर में 25 तो भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में रिकॉर्ड ठंड रही। पारा 10 डिग्री के नीचे आ गया। भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री रहा। यहां पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। इंदौर के साथ राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। लगातार चौथी रात राजगढ़ में पारा सबसे कम रहा। ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान लुढ़का है। उज्जैन में 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.8 डिग्री रहा। आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बढ़ेगा मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है। आने वाले दिनों में कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है, साथ ही हल्का कोहरा भी नजर आने लगा है।दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा और अनुमान है कि पारे में गिरावट का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उमरिया, बैतूल, रीवा भी सबसे ठंडे पिछले तीन दिन से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ही तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से में भी पारा लुढ़क रहा है। रविवार-सोमवार की रात में उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट)-रीवा में 9.1 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह मंडला में 10.1 डिग्री, गुना-शिवपुरी में 11 डिग्री, दमोह-सतना में 11.2 डिग्री, सीधी में 11.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.5 डिग्री, दतिया में 11.6 डिग्री, रतलाम में 12 डिग्री, धार में 12.1 डिग्री, सागर में 12.6 डिग्री, खजुराहो में 13 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पचमढ़ी में इन सभी शहरों से ज्यादा 14.2 डिग्री रहा। इसलिए बढ़ा ठंड का असर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और अल सुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं, सुबह हल्का कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। रविवार को ज्यादातर शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट होने की संभावना है। पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, … Read more