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प्रदेश का नया हिल स्टेशन: खजुराहो में पारा 1.5°C, रीवा में घना कोहरा, ट्रेनें हुई लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड का टॉर्चर और कोहरे का कहर जारी है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छा रहा है और कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में सर्दी का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है. बुधवार को शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. कल्याणपुर में बीते कई दिनों से तापमान गिर रहा है. ऐसे में लोग इसे प्रदेश का नया हिल सटेशन कह रहे हैं, जहां सर्दी का असर सबसे अधिक होता है.   पांच जिलों में पांच डिग्री से कम पारा  कल्याणपुर के अलावा प्रदेश के पांच अन्य जिलों में भी कड़ाके की सर्दी है. जहां, का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है. इनमें छतरपुर 3, उमरिया 3.1, खजुराहो 4.4, राजगढ़ 4.6 और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. इसके अलावा राजधानी भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री पारा रहा. प्रदेश में पड़ रही सर्दी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम है.  कोहरे और ठंड का असर रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर स्थित सोहागी घाटी में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रही। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित रही। भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 किमी से अधिक। गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में विजिबिलिटी 2-4 किमी। कोहरे के कारण सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। यात्रियों को ट्रेन देरी के कारण स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रदेश के शहरों का तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) कैसा रहा मौसम भोपाल 27.0 9.0 दिन धूप, सुबह कोहरा इंदौर 27.2 7.2 ठंडी सुबह, विजिबिलिटी कम ग्वालियर 22.3 8.4 कोहरे का असर खजुराहो 25.0 4.2 सबसे ठंडी जगह मंडला 29.3 6.3 दिन का तापमान सामान्य से अधिक रीवा 24.2 5.4 सोहागी घाटी में विजिबिलिटी 20 मीटर सतना 25.9 7.6 कोहरे के साथ सर्दी नौगांव 23.5 4.4 रात का तापमान कम जबलपुर 27.5 8.2 दिन का तापमान अधिक, रात ठंडी नरसिंहपुर 23.0 9.0 दिन का तापमान सामान्य से नीचे उज्जैन 27.0 9.8 दिन और रात का अंतर कम नोट: पूरे प्रदेश में करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। ट्रेन और यातायात पर असर भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे से करीब 4.5 घंटे लेट। शताब्दी, सचखंड और कर्नाटक एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित। रीवा-सोहागी घाटी में विजिबिलिटी कम होने से यात्री व वाहन धीमे चल रहे। सड़क और रेलवे दोनों ही प्रभावित, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह। प्रदेश में क्यों पड़ रही कड़ाके की ठंड मौसम विज्ञान के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की गति 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसके कारण रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बार नवंबर और दिसंबर में शीतलहर के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भोपाल में नवंबर में लगातार 15 दिन शीतलहर का असर रहा, जो पिछले दशकों में सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है। रीवा, दतिया और ग्वालियर में आज सुबह घना कोहरा रहा। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर, तो वहीं रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में सुबह 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर रही। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को एमपी में जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 259 kmph पहुंची है। इस वजह से रात के तापमान में गिरावट आई है। बुधवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिलेगा। नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी के के साथ   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही सर्द हवा के कारण रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है. अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की उम्मीद नहीं है. यानी नई साल 2026 की सुबह भी कुछ ऐसा ही मौसम रहेगा. प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.2 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में पारा रिकॉर्ड 1.7 डिग्री रह चुका है। कोहरे की वजह से मालवा, शताब्दी जैसी ट्रेनें भी लेट कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर की तरफ आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड, कर्नाटका एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें भी हर रोज लेट हो रही है। आज भी ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से है। छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत कई शहरों में आज सुबह भी कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। रीवा में 20 मीटर रही विजिबिलिटी रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में धुंध की वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। सुबह साढ़े 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर भी नहीं है। नए साल में सैकड़ों लोग खतरनाक और हादसों की घाटी माने जानी वाली सोहागी घाटी होकर प्रयाग स्नान के लिए और अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन कोहरे ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

राजस्थान में बवंडर, दिल्ली में झमाझम बारिश—कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज

नई दिल्ली  भारत के अधिकांश राज्यों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। इसी बीच अब IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी दिल्ली सोमवार को भी कोहरे की चादर में छिपी रही। IMD ने सोमवार को बताया है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक बारिश के आसार हैं। वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 29 दिसंबर को बारिश और 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी या बारिश की संभावनाएं हैं। नए साल के जश्न में ‘रंग में भंग’ पड़ सकता है. मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. दरअसल, दिल्ली और आसपास के राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इससे दिल्ली को भारी प्रदूषण से राहत मिलेगी. अब सवाल उठता है कि अचानक बारिश का पूर्वानुमान क्यों जारी किया गया है? दरअसल, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से बारिश का यह अलर्ट जारी हुआ है. मौसम विभाग जयपुर ने बताया कि राजस्थान में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इसका प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी तक रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, इसके असर से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश हो सकती है. बीकानेर और शेखावाटी संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या ‘मावठ’ का असर दिखने भी लगा है. बता दें कि यह बेमौसम बरसात रबी की फसलों के लिए वरदान मानी जाती है और यह किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से होगी बारिश IMD ने बताया है कि पश्चिमी हिमालयी इलाके में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है. इस सिस्टम की वजह से, 31 दिसंबर की शाम को दिल्ली NCR में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है. ये बादल 1 जनवरी तक बने रहने की उम्मीद है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे बाहर नए साल के जश्न पर असर पड़ सकता है. ये राज्य झेलेंगे ठंड और कोहरे की दोहरी मार 31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सुबह और रात में घना कोहरा छा सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक ऐसा मौसम बना रह सकता है। 30 दिसंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और 1 जनवरी तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 29 दिसंबर को शीत दिवस के आसार हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक शीत दिवस की संभावनाएं हैं। IMD ने बताया है कि 30 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शीत लहर का सामना कर सकते हैं। दिल्ली को प्रदूषण से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है. पिछले हफ्ते में दो दिनों के लिए दिल्ली में वायु प्रदूषण से राहत मिली थी. पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है. कोहरे और शीत लहर के साथ प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश प्रदूषित कणों को धोकर हटा सकती है, जिससे अस्थायी तौर पर एयर क्वालिटी में सुधार हो सकता है. हालांकि, यह सुधार लंबे समय तक नहीं रह सकता है. साल के अंत में बारिश इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिलेगा. जहां साल के अंत में बारिश की संभावना है, वहीं, जनवरी के पहले हफ्ते में इन इलाकों में मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. घना कोहरा छाने के आसार हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.

मध्यप्रदेश के 22 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, मंदसौर में सबसे कम 2.9 डिग्री, ट्रेनें देरी से चल रही हैं

भोपाल  मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंदसौर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, रीवा समेत कई जिलों में सुबह और रात के समय जबरदस्त ठंड महसूस की जा रही है।  मंदसौर सबसे ठंडा, भोपाल में 4.6 डिग्री तक लुढ़का पारा प्रदेश में बीती रात सबसे कम तापमान मंदसौर में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 3.1 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक गिर गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। ग्वालियर, इंदौर सहित करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। कोहरे का कहर, रेल यातायात प्रभावित सुबह घने कोहरे ने दृश्यता बेहद कम कर दी, जिससे दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य प्रमुख ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ गई। यात्रियों को ठंड के साथ लंबे इंतजार की मार झेलनी पड़ी। उत्तरी जिलों जैसे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में कोहरा सबसे घना रहा।  शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाएं तेज मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर सहित कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम के कारण सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडक बनी हुई है।  पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 दिसंबर के आसपास पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार ठंड को और गहरा कर रही है, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट संभव है। लोगों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बुजर्गों-बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए गरम पेय और हीटर का इस्तेमाल करें। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे ठंडी हवाएं और तेज हो गई हैं। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।     भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर भारत में शीतलहर-कोहरे का कहर, नए साल पर कैसा रहेगा मौसम? श्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से पूरा उत्तर भारत घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे। रेल और वायु यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। विमानों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 दिसंबर तक मौसम का रुख लगातार सर्द होगा जबकि नए साल के पहले … Read more

शीतलहर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान जारी, प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित

प्रदेश में शीतलहर को लेकर योगी सरकार अलर्ट, गरीबों और निराश्रितों के लिए की संवेदनशील पहल शीतलहर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान जारी, प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित सभी जनपदों में सार्वजनिक स्थल पर अलाव के लिए 1.75 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित समस्त जनपदों को कम्बल खरीद के आदेश जारी, 75 जनपदों ने 1.40 लाख से ज्यादा कम्बल किए वितरित लखनऊ उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने आमजन को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक और सुनियोजित व्यवस्थाएं की हैं। प्रदेश के सभी जनपदों में रैन बसेरा, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, ताकि ठंड से किसी भी नागरिक को असुविधा न हो। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शीतलहर के दौरान कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड से पीड़ित न रहे। जिला प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों को पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत कार्यों को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। रैन बसेरों की व्यवस्था प्रदेशभर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं। इन रैन बसेरों में 9949 जरूरतमंद लोग अब तक आश्रय ले चुके हैं। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, प्रकाश और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कंबल वितरण को प्राथमिकता प्रदेश सरकार द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए कंबल वितरण को प्राथमिकता दी गई है। पिछले 03 वर्षों में औसतन 10,65,889 कंबलों की खरीद की गई है। इस पर लगभग 44.38 करोड़ रुपये की औसत धनराशि व्यय हुई है। चालू व्यवस्था के अंतर्गत सभी जनपदों को 17.55 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। 75 जनपदों द्वारा कंबल खरीद के लिए क्रयादेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 75 जनपदों में 3,78,884 कंबलों की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है। अब तक सभी जनपदों द्वारा 1,40,364 कंबलों का वितरण जरूरतमंदों को किया जा चुका है। शेष कंबलों को वितरण किया जा रहा है।  सभी जनपदों में अलाव की समुचित व्यवस्था ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी जनपदों को अलाव जलाने के लिए 1.75 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। जनपदों में प्रतिदिन जलाए जा रहे अलावों की स्थिति की नियमित फीडिंग राहत पोर्टल पर की जा रही है, जिससे शासन स्तर पर सतत निगरानी बनी रहे। कोहरे को लेकर अलर्ट कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार द्वारा तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा सचेत ऐप एवं वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 33.27 करोड़ अलर्ट एसएमएस जारी किए जा चुके हैं। ये संदेश प्रभावित जनपदों के अधिकारियों के साथ-साथ आमजनमानस को भी भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों जैसे यूपीडा, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी द्वारा जिलाधिकारियों एवं जिला पुलिस को ई-मेल के माध्यम से कोहरे से संबंधित अलर्ट लगातार जारी किए जा रहे हैं।

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: पंजाब में तापमान गिरा, फरीदकोट में सबसे ज्यादा सर्दी

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में सर्दी ने अब अपना असली असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं और घने कोहरे की चादर के साथ हुई। हालांकि दोपहर के समय कुछ इलाकों में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन तापमान में आई गिरावट और ठंडी हवाओं ने घर से बाहर निकलने वालों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग चंडीगढ़ द्वारा 25 दिसंबर को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में गिरावट से ठंड और तेज हो गई। गुरदासपुर, पठानकोट और बल्लोवाल सौंखड़ी में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि आदमपुर में शीत लहर देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में औसतन अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इस समय फरीदकोट जिला ठंड का केंद्र बना हुआ है, जहां राज्य का सबसे कम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि दिन के समय सबसे अधिक तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस भी फरीदकोट में ही दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर पटियाला में दिन के समय काफी ठंड महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान मात्र 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। इसके अलावा अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री, लुधियाना और पटियाला में 6.4 डिग्री, गुरदासपुर में 5.5 डिग्री, होशियारपुर में 5.1 डिग्री और बठिंडा (एयरपोर्ट) में 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 दिनों तक घने कोहरे और शीत लहर की चेतावनी पंजाब के लोगों को आने वाले दिनों में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी जारी की है। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के कई हिस्सों में ‘घने से बहुत घने कोहरे’ के साथ शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में भी अगले 5 दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने के साथ घना कोहरा रहने की उम्मीद है। चंडीगढ़ शहर में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई परेशानी, राजस्थान में पारा 7 डिग्री तक गिरा

जयपुर उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही राजस्थान में एक बार फिर उत्तरी हवाएं सक्रिय हो गई हैं। बुधवार को सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। सीकर, फतेहपुर और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के कारण ओस की बूंदें जम गईं। मौसम विभाग ने चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों के लिए अगले दो दिनों तक कोल्ड-वेव की चेतावनी जारी की है। हालांकि बुधवार को घने कोहरे से राहत रही और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप खिली। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में फतेहपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री दर्ज हुआ। नागौर में 3.4, माउंट आबू में 4 और सीकर में 5 डिग्री तापमान रहा। वहीं सिरोही में बुधवार को प्रदेश का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान केवल 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर बना रहेगा। अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आने की संभावना है। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (24 दिसंबर): अजमेर अधिकतम 24.3 व न्यूनतम 12.2 डिग्री, भीलवाड़ा अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 10.5, अलवर अधिकतम 22 व न्यूनतम 8.6, जयपुर अधिकतम 22.3 व न्यूनतम 11, पिलानी अधिकतम 24.8 व न्यूनतम 7.2, सीकर अधिकतम 20.5 व न्यूनतम 5, कोटा अधिकतम 23.3 व न्यूनतम 12.2, चित्तौड़गढ़ अधिकतम 27 व न्यूनतम 11.6, उदयपुर अधिकतम 25 व न्यूनतम 11.6, बाड़मेर अधिकतम 27.9 व न्यूनतम 13, जैसलमेर अधिकतम 25.4 व न्यूनतम 8.8, जोधपुर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 11.5, बीकानेर अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.8, चूरू अधिकतम 23.6 व न्यूनतम 5.8, श्रीगंगानगर अधिकतम 23.5 व न्यूनतम 10.3, नागौर अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 3.4, बारां अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 10.5, जालोर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 12.8, सिरोही अधिकतम 19.5 व न्यूनतम 9.3, फतेहपुर अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 2.6, करौली अधिकतम 22.7 व न्यूनतम 6.9, दौसा अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.1, प्रतापगढ़ अधिकतम 25.3 व न्यूनतम 14.1, झुंझुनूं अधिकतम 22.8 व न्यूनतम 6.8, पाली अधिकतम 24.9 व न्यूनतम 6.8 डिग्री सेल्सियस।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा और जमाव बिंदु के करीब तापमान, शेखावाटी में अलर्ट

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में सक्रिय शीत लहर के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी अंचल में ठंड सबसे ज्यादा असरदार रही, जहां सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। बुधवार सुबह सीकर और आसपास के क्षेत्रों में ओस जमने की स्थिति बनी, जबकि कई जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज? मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही शीतलहर का दायरा बढ़ने और रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। कमजोर उत्तरी हवाओं और कोहरे के कारण कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर भी दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कोहरे और शीतलहर को देखते हुए नागरिकों को सुबह-शाम सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

सर्दी का कहर शुरू, घना कोहरा छाएगा दिनभर, मौसम विभाग का कोल्ड-डे रेड अलर्ट

हिसार लगातार ठंड बढ़ती नजर आ रही है। पूरे हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।पूरा उतर भारत इस ठंड की चपेट में है।वही मौसम विभाग द्वारा 26 दिसंबर तक घने कोहरे और कोल्ड-डे का रेड अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और उत्तर हरियाणा के जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है क्रिसमस के बाद एकाएक ठंड और बढ़ेगी। हरियाणा में कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार रात नारनौल 6.0°सी के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। हालांकि औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.2°सी अधिक बना हुआ है। लेकिन आने वाले 4 दिनों में कोहरे और कोल्ड-डे की स्थिति जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), रोहतक और जींद में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। वही कोहरे की वजह से वाहन चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।साथ में वाहन की लाईट जलाकर वाहन सड़कों परो रेंगते नजर आए। वही कोहरे का असर से परिवहन सेवाओं और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

रीवा-सतना में दृश्यता सिर्फ 50 मीटर, घने कोहरे और ठंड से बढ़ी यात्रा कठिनाई

भोपाल मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह रीवा और सतना में हालात इतने खराब रहे कि ‘ब्लाइंड मॉर्निंग’ जैसी स्थिति बन गई।  प्रदेश के कुछ जिलों में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की उछाल देखी जा रही है. इसमें मुख्य रूप से भोपाल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटे की बात की जाए तो नरसिंहपुर जिले में शीतल दिन देखा गया. वहीं रीवा, सतना, छतरपुर और दतिया जैसे जिलों में शीतल दिन रहा. नर्मदापुरम के पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान अधिकतम तापमान अपने निचले स्तर पर रिकॉर्ड हुआ. आगर-मालवा में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. बड़े जिलों की न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा जबलपुर में 9 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में घने कोहरे और ठंड का अलर्ट है. कोहरे की वजह से मालवा एक्सप्रेस करीब 4 घंटे देरी से चली, जबकि शताब्दी, सचखंड, पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर भी असर देखा गया। रीवा और सतना के अलावा दमोह, खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर, मुरैना और सीधी में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं भोपाल, दतिया, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, गुना, रायसेन, शिवपुरी, सागर, शाजापुर, भिंड और धार में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पश्चिम क्षेत्र में बना हुआ है. साथ ही सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं उत्तर भारत के राज्यों में चल रही है. प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में ठंड के साह ही मध्यम से घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की संभावना बनी हुई है. इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल है. इन जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में मध्यम कोहरे का अलर्ट जारी किया है. इसमें मुख्य रूप से भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और मैहर में मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी है. इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे इससे पहले रविवार-सोमवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर बना रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 8.8 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री पहुंच गया। रीवा में 5.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 5.9 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री, नौगांव में 7.6 डिग्री, खंडवा-सतना में 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। MP में इतना रहा तापमान… नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।     भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 4.6°C (सबसे कम), रीवा – 5.6°C, कल्याणपुर (शहडोल) – 5.9°C, राजगढ़/खजुराहो (छतरपुर) – 7°C, चित्रकूट (सतना) – 7.1°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान उज्जैन – 11.4°C ग्वालियर – 11.3°C जबलपुर – 9°C भोपाल – 8.8°C इंदौर – 8.8°C  

ठंड, घना कोहरा और जहरीली हवा ने बढ़ाई दिल्लीवासियों की परेशानी, येलो अलर्ट लागू

नई दिल्ली दिल्ली और आसपास के सटे इलाकों में कड़ाके की सर्दी बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, वहीं घने कोहरे ने आम लोगों की आवाजाही और जीवन को मुश्किल बना दिया है। दिल्ली–NCR क्षेत्र के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, ठंडी हवाओं की गति बढ़ने के बावजूद वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुँच चुकी है, जिससे स्वास्थ्य और यातायात दोनों पर असर पड़ रहा है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता अब भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है और प्रदूषण में कमी का नाम नहीं लिया जा रहा है। दिन-ब-दिन हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। राजधानी में GRAP-4 की पाबंदियां लागू की गई हैं, लेकिन इनका असर फिलहाल सीमित नजर आ रहा है और हवा जहरीली बनी हुई है। आज भी दिल्ली के अधिकांश इलाके रेड जोन में हैं। दिल्ली-NCR में बढ़ती ठंड और हवाओं की रफ्तार बीते दो दिनों से दिल्ली–एनसीआर में ठंड लगातार बढ़ रही है और सुबह से शाम तक धूप नदारद है। पूरे क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और ठिठुरन का एहसास बढ़ गया है। ठंडी हवाएं पहले 8 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, लेकिन आज से इनकी गति बढ़कर लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इन तेज हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है, जिससे आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ गई हैं। ठंड का कोल्ड अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, फिलहाल शीतलहर की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा कई इलाकों में बना रहता है। ठंडी हवाओं के कारण शरीर में ठिठुरन बढ़ेगी, और बुजुर्गों व बच्चों के लिए जोखिम अधिक रहेगा। IMD ने लोगों से सलाह दी है कि वे सावधानी बरतें, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें और हाईवे पर अनावश्यक यात्रा न करें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम से कम हो। कुछ शहरों का तापमान, AQI और आगे का मौसम दिल्ली में अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 334 रहा। नोएडा में तापमान 22 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच और AQI 328 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में हालात सबसे गंभीर रहे, जहां AQI 444 से 484 तक पहुंच गया और तापमान 21 से 11 डिग्री सेल्सियस रहा। गुड़गांव में AQI 323 और ग्रेटर नोएडा में 432 रिकॉर्ड किया गया। IMD के अनुसार, 27 दिसंबर तक पूरे सप्ताह ठंड का असर बना रहेगा, और अधिकतम तापमान 19 तथा न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इस दौरान घना कोहरा और ठंडी हवाएं लगातार बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी येलो या अन्य अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। दिल्ली पर प्रदूषण की घनी चादर छा जाने से राजधानी की रफ्तार धीमी हो गई है। धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। दूर से दिखाई देने वाली इमारतें और स्मारक अब मुश्किल से दिखाई दे रहे हैं। राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत BS-6 मानक से नीचे की गाड़ियों के दिल्ली में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, निर्माण कार्यों पर रोक, औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। दिल्ली में सर्दी लगातार बढ़ रही है और राजधानी में दो दिन से येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।