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कांग्रेस और लालू यादव पर सम्राट चौधरी का हमला, बोले– बिहार को दशकों तक लूटते रहे

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी  ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस  ने 55 सालों तक प्रदेश को लूटा, जबकि डबल इंजन सरकार ने बिहार में विकास की नई इबारत लिखी है। सम्राट चौधरी बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के वीरपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) प्रत्याशी कुंदन सिंह (BJP) और खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के मारड़ में बब्लू मंडल जनता दल यूनाईटेड (JDU) उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित जनसभा में कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और लालू यादव ने मिलकर 55 सालों तक बिहार को लूटा। कांग्रेस ने गरीबों के मसीहा कर्पूरी ठाकुर को गाली दी थी। बिहार यदि पिछड़ा है तो इसका कारण कांग्रेस और राजद है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में एक तरफ विनाश है और दूसरी तरफ विकास है। एक तरफ जंगलराज है तो दूसरी तरफ सुशासन है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर महागठबंधन में परिवारवाद हावी है, वहीं दूसरी ओर जदयू ने एक साधारण कार्यकर्ता बब्लू मंडल को प्रत्याशी बनाकर यह साबित किया है कि राजग में कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है। राजग शासन में ना हिंदू देखा गया, ना मुसलमान,बस इंसान देखा गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास की भावना से काम हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बिहार में विकास की नई इबारत लिखी है। उन्होंने कहा कि करीब एक करोड़ लोगों को पक्का मकान मिला, गांवों में 20 घंटे से ज्यादा बिजली मिल रही है। पहले बागमती, गंडक और कोसी में पुल बनने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह सब संभव हुआ। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी।बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सब बदहाल थे। उस समय अपहरण उद्योग फल-फूल रहा था। महिलाएं शाम पांच बजे के बाद घर से निकलने से डरती थीं, लेकिन नीतीश कुमार के सुशासन ने बिहार का चेहरा बदल दिया।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने साइकिल और पोशाक योजना से बेटियों को स्कूल तक पहुंचाया, पढ़ाई के अवसर दिए और उन्हें सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त किया। पंचायत चुनाव में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिला। अब सरकार एक करोड़ 41 लाख महिलाओं को 10 हजार रुपये की पहली किस्त देकर उन्हें स्वावलंबी बना रही है।  

विजय शर्मा का कांग्रेस पर वार – बोले, संगठन सृजन नहीं ‘इटली संचालन’ कर रही पार्टी, पीएम मोदी कराएंगे गृह प्रवेश

रायपुर प्रधानमंत्री आवास को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, विगत सरकार ने 18 लाख आवास रोक कर रखा था, हमारी सरकार के आते ही कैबिनेट की पहली बैठक में इसे स्वीकृत किया। हम रोज 18 हजार आवास बना रहे हैं। पिछली बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर आए थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया था, इस बार यह संख्या और बड़ी होगी. कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, कांग्रेस दिल्ली से नहीं इटली से चलने वाली पार्टी है, रिमोट से चलने वाले लोग हैं। घुसपैठियों को लेकर कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा था कि घुसपैठिए भाजपा के प्रिय हैं, वो प्रदेश में आए तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में इतने घुसपैठिए कहां से आए इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। कांग्रेस के इस आरोप पर गृह मंत्री शर्मा ने कहा, जो घुसपैठिये इनके प्रिय होते हैं उन्हें वह लाते हैं, मैंने देखा है कि रायपुर में जिनका नाम था वे कवर्धा में अपना नाम जुड़वा लिए। घुसपैठियों के माध्यम से कांग्रेस वोट बैंक बनाने का प्रयास करती है।

गृह मंत्री बोले—कांग्रेस की वजह से सरदार पटेल को देर से मिला भारत रत्न

पटना गृह मंत्री अमित शाह ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पटना में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर को लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती है। सरदार पटेल के कारण ही आज भारत एक हो पाया। आज के भारत के निर्माण में उनका बहुत बड़ा योगदान है। सरदार पटेल की जयंती पर 2014 से हर साल पीएम मोदी 31 अक्तूबर को केवरिया कॉलोनी जाते हैं। सरदार पटेल की प्रतिमा के सामने भव्य परेड होता है। अब गृह मंत्रालय ने तय किया है कि हर साल 31 अक्तूबर को भव्य परेड का आयोजन होगा। यह परेड देश की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए है। यह परेड सभी राज्यों की पुलिस बल और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स के सम्मान में है। उनकी प्रतिमा के सामने यह परेड आयोजित होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 26 जनवरी की तर्ज पर अब हर 31 अक्तूबर को परेड का आयोजन किया जाएगा। यह परेड एकता और अखंडता का संदेश देगा। 'सरदार ने पाकिस्तान कॉरिडोर बनाने की मनसा को नाकाम किया' इस बार देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, जिला, पुलिस स्टेशन, स्कूल, कॉलेज में रन फॉर यूनिटी का आयोजिन हुआ। इस बार 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत पर्व का आयोजन एकता नगर में है। यह एक नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगा। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) तक यह चलेगा। 15 नवंबर को भव्य कार्यक्रम के साथ इसका समापन होगा। इसमें देश भर की जनजातियों के लोग शामिल होंगे। हम सभी जानते हैं कि सरदार पटेल देश के लिए एक व्यक्ति नहीं विचारधारा हैं। उन्होंने आजादी के आंदोलन में प्रमुख सेनानी की भूमिका निभाई। 1928 का सत्याग्रह के बाद महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार की उपाधि दी थी। उन्होंने भारत के 562 रियासत को एक कर भारत को एक किया। आज भारत का मानचित्र सरदार पटेल की ही देन है। जहां भी जो समस्या आई, उसका सरदार पटेल ने निवारण किया। और, पाकिस्तान कॉरिडोर बनाने की मनसा को नाकाम किया। कांग्रेस पार्टी ने सरदार पटेल को भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की कारण लक्ष्यद्वीप में तिरंगा फहराया गया। दुर्भाग्य की बात है कि सरदार पटेल के निधन के बाद उन्हें भुलाने में कांग्रेस पार्टी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। सरदार जैसे महान व्यक्तित्व को भी भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। सरदार पटेल के लिए न कोई समाधि बनी और न उनका कोई स्मारक बना। जब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम बने तो उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने का काम किया। यह अब पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया है। 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में किसानों से लोहा का उपयोग किया गया। आज यह प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। देश-विदेश के ढाई करोड़ लोग यहां आए। 31 अक्तूबर को पीएम मोदी एकता नगर में परेड को सलामी देंगे। इस साल परेड के अंदर सीआरपीएफ पांच शौर्य चक्र विजेता और बीएसएफ 16 वीरता पदक विजेता भी शामिल होंगे। परेड क नेतृत्व महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। 

चुनावी मोर्चा मजबूत करने में जुटी कांग्रेस, SIR पर घमासान के बीच 51 हजार बीएलए की तैनाती

जयपुर राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के ऐलान के साथ ही सियासी आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो चुका है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि SIR के बहाने बीजेपी वोट चोरी करना चाहती है। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही वोट चोर बता दिया। कांग्रेस के आरोप इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस ने SIR में लोगों से फॉर्म भरवाने के लिए अब तक 51 हजार बीएलए बना दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन में बन जाएंगे हर बूथ पर कांग्रेस पार्टी का बीएलए रहेगा और 200 की 200 विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की निगरानी हेतु ऑब्जर्वर लगाए जाएंगे और  यह सभी ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा की बेईमानी को रोकेंगे। भाजपा सरकार कब तक चुनाव टालेगी सरकार को पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव तो करवाने ही पड़ेंगे और उस वक्त जनता के समक्ष भाजपा की पोल खुल जाएगी, उनका झूठा आवरण उतर जाएगा आखिर कब तक भाजपा ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से सरकार चलाएगी। बीजेपी का पलटवार इधर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा  कि हर बार 18 वर्ष के नव जवान का नाम जोड़ा जाता है और जो मृतक है, उसका नाम काटा जाता है. और आपने तो कई बार वोट चोरी की है. बाबा साहब आंबेडर को किसने हराया, आप लोगों ने हराया. किस प्रकार से आप लोगों ने लिस्ट तैयार की. ये हिंदुस्तान कोई धर्मशाला नहीं है कि आपने बांग्लादेश और रोहिंग्या के लोगों को वोटर बना दिया, चुनाव जीतने के लिए. वे लोग यहां की जमीन को सुरक्षित रखने वाले नहीं हैं। निर्वाचन विभाग की तैयारियां- 70% मतदाताओं की जियो-मैपिंग पूरी राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता आंकड़ों का अपडेट जारी किया गया है। 27 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश में कुल 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 570 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 2002 और 2025 की मतदाता सूचियों की भौगोलिक मैचिंग (Geo-Mapping) का कार्य 70.55% पूरा हो चुका है। वहीं, BLO ऐप के माध्यम से किए गए सर्वे में पाया गया कि 79.32% मतदाताओं की आयु 40 वर्ष से अधिक है, जबकि 22.22% मतदाताओं की उम्र 40 वर्ष से कम है। निर्वाचन विभाग ने बताया कि यह डेटा राज्यभर में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और सत्यापित करने का कार्य तेजी से जारी है।

राजनीतिक हंगामा: असम में कांग्रेस नेता द्वारा गाए गए बांग्लादेशी राष्ट्रगान पर मची सियासी उठापटक

श्रीभूमि असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिधु भूषण दास पर एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रगान ‘अमार सोनार बांग्ला, आमी तोमाय भालोबाशी’ गाने का आरोप लगा है। इससे असम के बराक घाटी क्षेत्र में राजनीतिक विवाद भड़क गया। यह घटना सोमवार को कांग्रेस सेवा दल की बैठक के दौरान श्रीभूमि जिले के इंदिरा भवन में हुई। दास भंगा (श्रीभूमि) के निवासी हैं और सेवा दल की जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कथित तौर पर अपने संबोधन की शुरुआत रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित इस गीत से की। यह वही गीत है जो बाद में बांग्लादेश का राष्ट्रगान बना। टैगोर ने इसे 1905 में बंगाल के पहले विभाजन के दौरान लिखा था। घटना के सामने आने के बाद मंगलवार को राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। राज्य के मंत्री व भाजपा नेता कृष्णेंदु पॉल ने कहा, “मुझे रिपोर्ट मिली है कि कांग्रेस के एक नेता ने बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाया। कांग्रेस में कुछ भी संभव है- उन्हें यह भी नहीं पता कि कब और क्या गाना चाहिए। मैं वीडियो देखकर पुलिस से जांच की मांग करूंगा और उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करूंगा।” दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस विवाद को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” करार दिया है। कांग्रेस का बचाव रिपोर्ट के मुताबिक, करीमगंज (श्रीभूमि) जिला कांग्रेस समिति के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शहादत अहमद चौधरी (स्वपन) ने दास का बचाव करते हुए कहा, “बिधु भूषण दास ने बांग्लादेश का राष्ट्रगान नहीं, बल्कि रवींद्र संगीत प्रस्तुत किया था। ‘अमार सोनार बांग्ला’ एक रचना है जिसे नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। दास ने भाषण शुरू करने से पहले कहा था कि वे एक रवींद्र संगीत से शुरुआत करेंगे। वे एक सम्मानित नेता हैं, जो हर स्वतंत्रता दिवस पर इंदिरा भवन में भारतीय तिरंगा फहराते हैं। उन्हें बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाने का आरोप लगाना पूरी तरह बेबुनियाद है।” राजनीतिक हलचल क्यों? बराक घाटी क्षेत्र में बंगाली भाषी आबादी का बड़ा हिस्सा रहता है। यह क्षेत्र अक्सर भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इस विवाद ने चुनावी माहौल में नए राजनीतिक समीकरणों को हवा दे दी है। कांग्रेस ने फिलहाल इसे विपक्ष द्वारा रचा गया “मामूली मुद्दे को बड़ा बनाने का प्रयास” बताया है, जबकि भाजपा इस पर पुलिस जांच की मांग पर अड़ी है। राज्य पुलिस को अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वीडियो की जांच की जा सकती है यदि कोई शिकायत दर्ज होती है।

खराब AQI पर कांग्रेस की चिंता: वायु प्रदूषण दिमाग और शरीर पर कर रहा है सीधा हमला

नई दिल्ली उत्तर भारत में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। खासकर सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार 300-400 के स्तर पर बना हुआ है। इस बीच विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस ने कहा कि भारत का वायु प्रदूषण संकट अब केवल सांस से जुड़ी समस्या नहीं रहा, बल्कि यह हमारे दिमाग और शरीर पर पूर्ण हमला बन चुका है। पार्टी ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को पूरी तरह संशोधित करने और राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) को तत्काल अपडेट करने की मांग की।   कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि वायु प्रदूषण एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बन गया है, जो कि समाज, स्वास्थ्य प्रणाली और भविष्य के कार्यबल के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘भारत का वायु प्रदूषण संकट अब केवल सांस लेने की बीमारी नहीं रहा। यह अब हमारे दिमाग और शरीर पर सीधा हमला बन गया है।’’ रमेश ने स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 में भारत में करीब 20 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी रहीं, जो वर्ष 2000 के मुकाबले 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।  उन्होंने कहा कि इनमें से करीब 90 प्रतिशत मौतें गैर-संक्रामक बीमारियों (एनसीडी) जैसे हृदय रोग, फेफड़ों का कैंसर, मधुमेह और अब डिमेंशिया जैसी बीमारियों से जुड़ी थीं।   कांग्रेस नेता ने आगे आंकड़े रखते हुए कहा, "भारत में वायु प्रदूषण से प्रति एक लाख आबादी पर करीब 186 मौतें दर्ज होती हैं, जो उच्च आय वाले देशों (17 प्रति लाख) की तुलना में दस गुना अधिक हैं।" उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण भारत में लगभग 70 प्रतिशत सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज), 33 प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर, 25 फीसदी हृदय रोग और 20 फीसदी मधुमेह से होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार है। रमेश ने बताया कि सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) के लंबे समय तक संपर्क से मस्तिष्क को नुकसान और संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट का खतरा बढ़ता है। वर्ष 2023 में विश्वभर में डिमेंशिया से हुई 6.26 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी पाई गईं। उन्होंने कहा कि भारत में पीएम 2.5 का मानक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वार्षिक मानक से आठ गुना और 24 घंटे के मानक से चार गुना अधिक है। एनसीएपी की शुरुआत 2017 में होने के बावजूद पीएम 2.5 का स्तर लगातार बढ़ा है और ‘‘अब देश का हर व्यक्ति ऐसे क्षेत्र में रह रहा है जहां पीएम 2.5 का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानक से काफी अधिक है।’’   उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, ‘‘हमें एनसीएपी में मूलभूत संशोधन करने और एनएएक्यूएस को तत्काल अपडेट करने की आवश्यकता है, जिसे नवंबर 2009 में आखिरी बार सावधानी से तैयार किया गया था।’’

AICC बैठक आज: नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से पहले कांग्रेस का बड़ा प्रयोग

जयपुर राजस्थान में नए जिलाध्यक्षों की तैनाती के साथ ही कांग्रेस इस बार नया प्रयोग भी करने जा रही है। इसमें नव नियुक्त जिलाध्यक्षों को तीन महीने की 'प्रोबेशन' अवधि पर तैनाती दी जाएगी। इस दौरान नए जिलाध्यक्षों की फरफारमेंस का रिव्यू ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित एक विशेष समिति करेगी। यह पहल ‘संगठन सृजन अभियान’ का हिस्सा है। इसके तहत राजस्थान में पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने संभावित जिला अध्यक्षों पर फीडबैक एकत्र किया। इसके बाद बारां और झालवाड़ को छोड़कर 48 संगठनात्मक जिलों में से हर जिले के लिए 6-6 नामों का पैनल तैयार कर AICC को भेज दिया गया। पैनल में  तीन प्राथमिक और तीन आरक्षित वर्गों (SC, ST, अल्पसंख्यक या महिला) से होंगे, ताकि अगर किसी सीट पर सोशल इंजीनियरिंग के तहत निर्णय लेना हो तो उसका विकल्प भी मौजूद रहे।  बारां और झालावाड़ को उपचुनावों के कारण फिलहाल इसमें शामिल नहीं किया गया है। आज पैनल पर दिल्ली में चर्चा पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट अंतिम रूप दे चुके हैं और आज शुक्रवार को उनकी बैठक AICC महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, सांसद शशिकांत सेंथिल, और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ होगी। ये नेता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विपक्ष के नेता टीकाराम जूली, और वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत व सचिन पायलट से भी परामर्श करेंगे। खरा नहीं उतरे तो 3 महीने में छुट्टी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह प्रणाली सार्थक है; बस इसे समझने और धैर्य रखने की जरूरत है। नए फॉर्मेट के तहत जिला अध्यक्ष को तीन माह की प्रोबेशन पर रखा जाएगा और विशिष्ट जिम्मेदारियां दी जाएंगी। प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं हुआ तो उन्हें बदला जा सकता है।” पार्टी का यह कदम राजस्थान में संगठन को मज़बूत करने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विवादों में रहा फीडबैक कार्यक्रम हालांकि, यह फीडबैक प्रक्रिया विवादों से अछूती नहीं रही। कई जिलों में गुटबाजी, नियम उल्लंघन, तीखी बहस और यहां तक कि मारपीट की घटनाएं सामने आईं। अजमेर में पोस्टर विवाद से लेकर जालोर, करौली, डूंगरपुर और कोटा में गहलोत-पायलट खेमों के बीच टकराव तक ने पार्टी में आंतरिक तनाव को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के नए फॉर्मूले के तहत पारदर्शिता की वकालत की, वहीं पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना जैसे नेताओं ने इस प्रक्रिया में पक्षपात के आरोप लगाते हुए असहमति जताई। यह सब दर्शाता है कि संगठन सृजन अभियान कांग्रेस में नई ऊर्जा के साथ-साथ पुराने अंतर्विरोधों को भी उजागर कर रहा है।  

बिहार में विपक्षी एकता पर सवाल: RJD-कांग्रेस के बीच हर मोर्चे पर मतभेद

पटना  बिहार के महागठबंधन में आपसी तकरार के बाद अब साझा चुनाव प्रचार अभियान पर संकट छा गया है. कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' होने के बाद आरजेडी और कांग्रेस के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है. इसके चलते साझा घोषणा पत्र पर भी बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है.  महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. आरजेडी और कांग्रेस दोनों के अपने-अपने चुनावी वादे हैं.सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी के साथ गतिरोध खत्म करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगाया जा सकता है. इसी क्रम में अशोक गहलोत का आज पटना दौरा होगा और तेजस्वी यादव से उनकी मुलाकात मुमकिन है. आरजेडी से रिश्ते में खटास आने के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावारु को कांग्रेस ने पीछे हटाया है. क्या है आरजेडी कांग्रेस की उम्मीद? जानकारी के मुताबिक गुरुवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और गठबंधन के नेताओं को उम्मीद है कि वे कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट से बचने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर लेंगे। मंगलवार तक महागठबंधन 12 सीटों पर ‘दोस्ताना मुकाबला’ की ओर बढ़ रहा है। इनमें से तीन सीटें बछवाड़ा, राजापाकर और बिहार शरीफ हैं। यहां 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा, वहां नामांकन वापसी की तारीख भी निकल चुकी है। दोनों के बीच रिश्ते पटरी पर लौटने के मिल रहे संकेत सूत्रों ने बताया कि बची हुई सीटों में से वैशाली जिले के लालगंज से कांग्रेस ने पहले ही अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है, जबकि उसके और राजद के बीच यह सहमति बन गई है कि प्राणपुर (कटिहार) और एक अन्य सीट से केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में रहेगा। राजद ने सोमवार को 143 उम्मीदवारों की अपनी आधिकारिक सूची जारी की, जबकि कांग्रेस ने 61 उम्मीदवारों की घोषणा की है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं। महागठबंधन के अन्य सहयोगियों में विकासशील इंसान पार्टी, वामपंथी दल और भारतीय समावेशी पार्टी शामिल हैं। एक महीने पहले महागठबंधन आगे बढ़ता हुआ दिख रहा था, जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने संयुक्त मतदाता अधिकार रैली निकाली थी, और ऐसा प्रतीत हुआ था कि उन्होंने चुनाव आयोग के विवादास्पद विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में एक विश्वसनीय मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। हालांकि, उसके बाद से लगाता तनाव बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी यादव की सीएम उम्मीदवारी पर संशय राजद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तेजस्वी को महागठबंधन का आधिकारिक मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। तेजस्वी ने मतदाता अधिकार रैली के दौरान भी इस बारे में खुलकर बात की थी लेकिन यह बात हैरान करने वाली थी कि राहुल गांधी ने इसका पूरी तरह समर्थन नहीं किया। बिहार में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि पार्टी इस पर प्रतिबद्ध नहीं होना चाहती थी क्योंकि इससे बिहार में गैर-यादव वोटों का एकीकरण हो सकता था। हालाँकि, नेताओं के एक वर्ग ने इस रुख को अतार्किक बताया। बिहार के एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने कहा कि महागठबंधन में सबसे ज़्यादा सीटों पर कौन चुनाव लड़ रहा है? राजद। अगर हम जीतते हैं, तो राजद के विधायक ही तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। फिर समस्या कहाँ है? सांसद ने कहा कि यह तर्क कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित न करना कांग्रेस का सिद्धांत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या पार्टी उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही करेगी? नहीं, ऐसा नहीं होगा। क्योंकि अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह राजद के साथ तनाव का एक कारण था जिसे आसानी से टाला जा सकता था। बिहार में जतीय सर्वे पर सवाल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अक्सर 2022 में बिहार में शुरू हुए जातिगत सर्वेक्षण का ज़िक्र करते हैं, उस वक्त आरजेडी, जेडीयू के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और वह उप-मुख्यमंत्री थे। विपक्ष द्वारा जातिगत जनगणना की मांग के बीच, बिहार ऐसी गणना करने वाले पहले राज्यों में से एक था। दूसरी ओर राहुल गांधी समेत कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस सर्वेक्षण को स्वीकार करने को लेकर उत्साहित नहीं है। जाति जनगणना को बीजेपी के खिलाफ अपने अभियान का आधार बनाकर राहुल गांधी अक्सर कहते रहे हैं कि महागठबंधन सरकार ऐसी जनगणना कराएगी और यह बिहार के जातीय सर्वेक्षण जैसा नहीं होगा, जो लोगों को बेवकूफ बनाने का एक तरीका था। दोनों दलों में अहंकार का टकराव सीट बंटवारे की बातचीत में शामिल नेताओं ने भी संबंधित पार्टी नेतृत्व के अहंकार को ज़िम्मेदार ठहराया। एक नेता ने बछवाड़ा सीट को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। कांग्रेस बछवाड़ा सीट इसलिए चाहती थी क्योंकि 2020 में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और छह बार के विधायक रामदेव राय के बेटे शिव प्रकाश गरीब दास ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 39,878 वोटों से जीत हासिल की थी। सहयोगी दल सीपीआई ने अपने उम्मीदवार अवधेश कुमार राय के लिए सीट मांगी, जो 2020 में सिर्फ 484 वोटों से हार गए थे। बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का हिस्सा रहे एक नेता ने कहा कि कांग्रेस ने इसे अपने अहंकार का मामला बना लिया। इसलिए अब बछवाड़ा, जहां पहले चरण में मतदान होना है, वहां सीपीआई और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार होंगे, जिससे एनडीए को बढ़त मिलेगी। अन्य सूत्रों ने बताया कि अहंकार के कारण छोटी-मोटी घटनाएं भी हुईं। एक बार तो अल्लावरु ने तेजस्वी को एक घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बदले में तेजस्वी ने अल्लावरु को मुलाक़ात के लिए दो घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बिहार के एक नेता ने कहा कि यह इतनी छोटी-मोटी बात हो गई। साझा घोषणा पत्र पर सहमति अटकी आरजेडी और कांग्रेस के चुनावी वादे और घोषणाएं कई मायनों में एक जैसी हैं, लेकिन उनके साझा प्रारूप पर सहमति बननी बाकी है. महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी इस पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल पाई है. इसी आंतरिक संघर्ष के कारण साझा चुनाव प्रचार शुरू होने पर सवाल खड़ा हो गया है. सम्राट चौधरी ने कसा तंज… बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संकट पर तंज कसते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ही एकमात्र नेता हैं और अन्य पार्टियां महत्वहीन हैं. उन्होंने कहा, "कोई SIR के दौरान … Read more

भाजपा बनाम कांग्रेस: सांप-गोली वाले बयान पर सुशील आनंद का जवाब

रायपुर सौहार्द के पर्व दिवाली पर भी राजनीतिक पार्टियां बयानबाजी से नहीं चूक रही है. भाजपा और कांग्रेस के बीच अब पटाखे वाली सियासत शुरु हो गई है. भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने रविवार को कांग्रेस और पीसीस अध्यक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि दीपक बैज में परिपक्वता नहीं है. दिवाली का त्योहार है, मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी की पूजा करें. कांग्रेस संगठन का काम सांप पटाखा जैसा है. वह किसी की तुलना पटाखे से नहीं करें, अगर बम फट गया तो आंख चौंधिया जाएगा. इस बयान पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया है. कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा को बीजेपी के बमों का अध्ययन करना चाहिए. वो स्वयं फुस्सी बम है. बीजेपी में बहुत सारे पटाखा बम है. स्वास्थ्य मंत्री पटाखा बम है. सारे अस्पतालों की स्थिति दयनीय है. इसी तरह तेज आवाज करने वाले बड़बोला बम है गृहमंत्री, जो कानून व्यवस्था नहीं संभाल पाते हैं. वहीं मंत्री ओपी चौधरी लक्ष्मी बम है, जहां भी हाथ मारेंगे, वहां से लक्ष्मी आएगी. बिहार चुनाव में 8वीं फेल नेता लड़ रहे चुनाव : विधायक मिश्रा विधायक पुरंदर मिश्रा ने बिहार चुनाव में कांग्रेस नेताओं को मिली जिम्मेदारी पर कहा कि बिहार का चुनाव महत्वपूर्ण चुनाव है. वहां नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता है. बिहार में 8वीं फेल नेता चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन नितीश कुमार जैसे नेता इस चुनाव को दिलचस्प बनाएंगे. कांग्रेस के नेता वहां जा कर क्या करेंगे. उनको हारने के लिए अभी से बढ़ाई देता हूं. नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर बड़ा बयान नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास के लिए उनका मुख्यधारा से जुड़ना सराहनीय है. उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का परिणाम है. उन्होंने विश्वास जताया कि तय समय सीमा में नक्सलवाद का समाप्त हो जाएगा. बचे हुए नक्सली भी जल्द ही मुख्यधारा से जुड़ना चाहेंगे.

संगीता कुमारी और सिद्धार्थ सौरभ ने थामा BJP का दामन, RJD-कांग्रेस में मचा हड़कंप

पटना बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की उपस्थिति में सोमवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक मिलन समारोह में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की निवर्तमान विधायक संगीता कुमारी और कांग्रेस के निवर्तमान विधायक सिद्धार्थ सौरभ तथा पूर्व सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा इस मिलन समारोह में मुख्य आयकर आयुक्त रहे सुजीत कुमार भी भाजपा में शामिल हुए। इन सभी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने सदस्यता ग्रहण करवाई और उनका पार्टी में स्वागत किया। गौरतलब हो कि भाजपा में शामिल हुई संगीता कुमारी कैमूर जिले में मोहनिया और सिद्धार्थ सौरभ पटना जिले में बिक्रम क्षेत्र के निवर्तमान विधायक हैं। भाजपा अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि पूरे बिहार में जो माहौल है, उससे साफ है कि बिहार में फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि राजग में शामिल सभी पांच दल चट्टानी एकता के साथ चुनावी मैदान में जा रहे हैं, जबकि महागठबंधन में भगदड़ मची है। उन्होंने कहा कि राजग में सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी गई है और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी जाएगी। जायसवाल ने कहा कि एनडीए के उम्मीदवारों के नामांकन का पर्चा दाखिल करने के दौरान राजग के बड़े नेता, राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के नेता प्रत्येक जिले में रहेंगे और नामांकन सभा आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी और विधान पार्षद संजय मयूख एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी भी उपस्थित थे।