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कांग्रेस में SIR को लेकर मंथन, उपमुख्यमंत्री साव बोले—बिहार की जनता ने दिखा दिया आईना

रायपुर छत्तीसगढ़ में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मंथन को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 24 को रायपुर पहुचेंगे. एसआईआर प्रक्रिया के मंथन में जुटी कांग्रेस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर खूब हल्ला मचाया था. कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाया था, लेकिन बिहार की जनता ने मुंहतोड़ जवाब दिया. इसके बावजूद कांग्रेस बेबुनियाद बातें कर के भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं, बल्कि बरसों से होते आ रहा है. कांग्रेस अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए अब जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. जैसे बिहार की जनता ने कांग्रेस को जवाब दिया है, उसी तरह अन्य राज्यों की जनता भी उन्हें जवाब देगी. भारत-दक्षिण अफ्रिका का मैच छत्तीसगढ़ के लिए होगा यादगार : उपमुख्यमंत्री रायपुर में 3 दिसंबर को होने वाले भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका के दूसरे वनडे मैच को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मौजूद है. राजधानी रायपुर में इंटनेशनल वनडे मैच होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य और गर्व का विषय है. 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आगाज होगा. ये मैच छत्तीसगढ़ के लिए यादगार होने वाला है. ACB-EOW की रेड, उपमुख्यमंत्री बोले- जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं प्रदेशभर में आबकारी और डीएमएफ घोटाला मामले में लगभग 18 ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की रेड कार्रवाई को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दोनों मामलों में लंबे समय से इन्वेस्टिगेशन चल रही है. दोनों ही मामलों की जांच पहले से ही की जा रही. जांच के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है. जांच एजेंसी अपना काम कर रही है. ऐतिहासिक होगा डीजी कॉन्फ्रेंस : उपमुख्यमंत्री डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने डीजी कॉन्फ्रेंस के लिए इस वर्ष छत्तीसगढ़ को चुना है. देशभर के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर जुटेंगे. आने वाले समय की कार्ययोजना पर चर्चा होगी. यह बहुत ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस होने जा रही है.

कांग्रेस संगठन विस्तार: 45 जिलाध्यक्षों की सूची जारी, 5 पद खाली

जयपुर कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत 50 में से 45 जिलाध्यक्षों की नई नियुक्ति कर दी है, जबकि 5 जिलों में नाम का ऐलान अभी बाकी है। नई सूची में 12 मौजूदा विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर सहित 8 जिलों में पुराने जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका दिया गया है। वहीं, 37 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। ये नियुक्तियां राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के तहत की गई रायशुमारी प्रक्रिया के आधार पर अंतिम रूप से तय की गई हैं, जिसे संगठनात्मक पारदर्शिता और स्थानीय समीकरणों को साधने की रणनीति माना जा रहा है। कांग्रेस ने 12 जिलों में अपने मौजूदा विधायकों को संगठन की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इनमें अजमेर ग्रामीण से विधायक विकास चौधरी, बांसवाड़ा से अर्जुन सिंह बामणिया, डीडवाना-कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत, धौलपुर से संजय जाटव, जयपुर ग्रामीण वेस्ट से विद्याधर सिंह चौधरी, डूंगरपुर से गणेश घोघरा, झुंझुनूं से रीटा चौधरी, जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़, करौली से घनश्याम मेहर, सवाई माधोपुर से इंदिरा मीणा, श्रीगंगानगर से रूपिंदर सिंह कुन्नर और चूरू से मनोज मेघवाल शामिल हैं।                                                                                                                            पूरी लिस्ट — कौन नया, कौन रिपीट अजमेर ग्रामीण – विकास चौधरी (नए) अजमेर शहरी – राजकुमार जयपाल (नए) अलवर – प्रकाश गंगावत (नए) बालोतरा – प्रियंका मेघवाल (नए) बांसवाड़ा – अर्जुन बामनिया (नए) बाड़मेर – लक्ष्मणसिंह गोदारा (नए) ब्यावर – किशोर चौधरी (नए) भरतपुर – दिनेशसिंह सूपा (रिपीट) भीलवाड़ा ग्रामीण – रामलाल जाट (नए) भीलवाड़ा शहरी – शिवराम खटीक (नए) बीकानेर ग्रामीण – बिशनाराम सियाग (रिपीट) बीकानेर शहरी – मदनगोपाल मेघवाल (नए) बूंदी – महावीर मीणा (नए) चित्तौड़गढ़ – प्रमोदसिंह सिसोदिया (नए) चूरू – मनोज मेघवाल (नए) दौसा – रामजीलाल ओड (रिपीट) डीडवाना-कुचामन – जाकिर हुसैन गैसावत (रिपीट) डीग – राजीव सिंह (नए) धौलपुर – संजय कुमार जाटव (नए) डूंगरपुर – गणेश घोघरा (नए) हनुमानगढ़ – मनीष मकासर (नए) जयपुर ग्रामीण ईस्ट – गोपाल मीणा (रिपीट) जयपुर ग्रामीण वेस्ट – विद्याधर चौधरी (नए) जैसलमेर – अमरदीन फकीर (नए) जालौर – रमीला मेघवाल (नए) झुंझुनूं – रीटा चौधरी (नए) जोधपुर ग्रामीण – गीता बरवड़ (नए) जोधपुर शहरी – ओमकार वर्मा (नए) करौली – घनश्याम मेहर (नए) खैरथल-तिजारा – बलराम यादव (नए) कोटा ग्रामीण – भानुप्रताप सिंह (रिपीट) कोटा शहरी – राखी गौतम (नए) कोटपूतली-बहरोड़ – इंद्रराज गुर्जर (नए) नागौर – हनुमानराम बांगड़ा (कार्यकारी को प्रमोशन) पाली – शिशुपाल सिंह (नए) फलौदी – मोहम्मद सलीम नागौरी (नए) सलूंबर – परमानंद मेहता (नए) सवाई माधोपुर – इंदिरा मीणा (नए) सीकर – सुनीता गठाला (रिपीट) सिरोही – लीलाराम गरासिया (नए) श्रीगंगानगर – रुपिंदर सिंह कुन्नर (नए) टोंक – सैयद सउद सैदी (नए) उदयपुर ग्रामीण – रघुवीर मीणा (नए) उदयपुर शहर फतेह सिंह राठौड़ 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी कांग्रेस ने 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। भीलवाड़ा ग्रामीण में पूर्व मंत्री रामलाल जाट, जयपुर ग्रामीण पूर्व में गोपाल मीणा, कोटपूतली–बहरोड़ में इंद्राज गुर्जर, उदयपुर ग्रामीण में रघुवीर मीणा और अजमेर शहर में राजकुमार जयपाल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आनंद दुबे बोले—BJP के जोरदार प्रदर्शन में कांग्रेस के लिए मुंबई में मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली BMC चुनाव में अकेले लड़ने का संकेत दे चुकी कांग्रेस अब सहयोगियों के निशाने पर है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में शामिल शिवसेना (UBT) ने कांग्रेस की बिहार चुनाव में हार पर तंज कसा है। पार्टी नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस 2-4 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस को लगता है वो बहुत ताकतवर है, वो वहां जाकर हार जाती है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद हुसैन दलवाई के दिल्ली बलास्ट को लेकर दिए बयान पर भी आपत्ति जताई है।  दुबे ने कहा, 'महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस अकेला ही राष्ट्रीय पक्ष है, तो उसे कभी-कभी राष्ट्रीय पक्ष होने का सपना याद आ जाता है। अभी बिहार में जो दुर्दशा हुई, उसे लगता है कांग्रेस भूल गई है। कांग्रेस कभी-कभी अति आत्मविश्वास में बह जाती है। हरियाणा के चुनाव में हार हुई, महाराष्ट्र के चुनाव में हार हुई, अभी बिहार में हार हुई। देश में जहां कांग्रेस को लगता है कि वह बहुत ताकतवर है, वहां हार जाती है।' उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में तो जीतते हुए हार गई। वजह असमन्वय…। अब सुन रहे हैं कि महाराष्ट्र इकाई में जो नेता हैं, वो स्वयंबल की बात कर रहे हैं। आप स्वतंत्र हैं, चाहे जैसे लड़ें। इससे फर्क नहीं पड़ता…।' उन्होंने कहा, 'ये जो महाराष्ट्र इकाई के नेता हैं, ये कभी-कभी बहुत उत्साहित हो जाते हैं। उन्हें नहीं पता कि उनकी नाव में एक छेद है। बीच समंदर में जाकर डूब जाएंगे। हमारी नाव में बैठ जाएंगे, तो नैया पार हो जाएगी…। हमारी नाव में बैठोगे तो नाव पार हो जाएगी, नहीं तो बीजेपी के तूफान में और बीजेपी की लहरों में कहां डूब जाओगे पता नहीं चलेगा। बड़े बुजुर्गों की बात याद रखनी चाहिए। बड़े बुजुर्ग कह गए हैं कि जब आंधी तूफान आए, तब बैठ जाना चाहिए। कांग्रेस को यह समझ नहीं आ रहा है।' MNS के साथ वाले दावे पर उठाए सवाल शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, 'कांग्रेस को लगता है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के आने से उत्तर भारतीय नाराज हो जाएंगे। बिहार में कौन सा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना था। बिहार में आरजेडी के साथ रहकर कांग्रेस 61 से 6 सीटों पर आ गई। मुंबई में तो लगता है कि 2-4 सीटों पर आ जाएगी। फिर कांग्रेस स्वतंत्र पार्टी है।' बिहार चुनाव के नतीजे हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और महज 6 पर जीत हासिल कर सकी थी। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के खाते में 25 सीटें आई थीं। जबकि, एनडीए ने 200 सीटों से ज्यादा जीतकर बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

गड़बड़ EVM के आरोपों पर भड़के डिप्टी सीएम शर्मा, कांग्रेस पर लगाया दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप

 रायपुर  बिहार चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी के कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि वह चुनाव में काम नहीं करते और ठीकरा ईवीएम पर फोड़ते हैं, लेकिन जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया है. वह दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए और फिर भी नेता प्रतिपक्ष बने बैठे हैं. किसको श्रेय जाता है, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी इस पर सोचना चाहिए कि उन्होंने संस्थाओं को बर्बाद और बदनाम भी. जहां आपकी (कांग्रेस) की जीत हुई, वहां ईवीएम ठीक कैसे हो गई? छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हो चुके धान खरीदी को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि इस बार 1 लाख अतिरिक्त किसानों ने पंजीयन कराया है. रकबा भी बढ़ा है. सरकार सभी किसानों का धान खरीदेगी. एग्रीस्टेक के माध्यम से पंजीयन प्रक्रियाएं जारी है. उन्होंने कहा कि जहां धान नहीं होगा, वहीं का पंजीयन रोका जाएगा. प्रदेश में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी : डिप्टी सीएम शर्मा वीरेन्द्र तोमर की गिरफ्तारी और करणी सेना के प्रदर्श की चेतावनी मामले पर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि कोई भी सामाजिक संस्था अच्छे काम के लिए होती है, अपराधियों के समर्थन के लिए नहीं. अपराधी तो अपराधी होता है, फिर चाहे वह किसी भी संस्था से जुड़ा हो. यदि अपराधी संस्था से जुड़े है, उस संस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गड़बड़ करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा. उनके खिलाफ सख़्ती से कार्रवाई की जाएगी.

e-KYC अनिवार्यता पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा विधायक पुरंदर बोले – ‘कांग्रेस को बिना आरोप लगाए चैन नहीं’

रायपुर महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवायसी अनिवार्यता को नाम काटने वाले कांग्रेस के आरोप पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने हमला बोला है. पुरंदर ने कहा कि आरोप लगाना कांग्रेस का जन्मसिद्ध अधिकार है, सरकार अच्छा काम करे तो उनको आपत्ति दर्ज करवाना जरूरी है. उनका कहना है कि केवायसी एक प्रक्रिया है, अगर कांग्रेस को आपत्ति है तो उनको चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए. पिछले 2 सालों में पूरी तरह से महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है, हम अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हैं. भाजपा किसान हितैशी सरकार : विधायक पुरंदर प्रदेश में धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रदर्शन कर रहे कमर्चारियों को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भाजपा किसान हितैषी सरकार है. जो तारीख निश्चित किया गया है उसे तारीख में खरीदी होगा, हड़ताल होते रहते है. मुख्यमंत्री साय का शासन है सब ठीक होगा. नक्सल विरोधी अभियान को लेकर कांग्रेस पर पुरंदर का हमला बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने टॉप नक्सली कमाडंर की माताओं से मुलाकात कर पुनर्वास में बेहतर जीवन के भरोसा दिए जाने पर गृहमंत्री शर्मा का धन्यवाद किया. विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 8 साल कांग्रेस सरकार में रही. लेकिन 8 नक्सलियों का भी आत्मसमर्पण नहीं करवा पाई. कांग्रेस नक्सलियों से मिलकर छत्तीसगढ़ को बर्बाद करना चाहती थी, इसके लिए कांग्रेस की निंदा करता हूं, गृह मंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद उन्होंने नक्सलियों के परिवार वालों को समझाइश दी. जहां अपराध हुए वहां कांग्रसी लिप्त : MLA पुरंदर दिल्ली बम धमाके में केंद्र की जिम्मेदारी पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस द्वारा सवाल खड़े किए जाने पर विधायक पुरंदर ने कहा कि भाजपा सरकार में आतंकवाद नक्सलवाद सिर उठाकर नहीं चल सकता, जिन्होंने भी यह किया है, उसका परिणाम वो भुगतेगा. जहां पर भी अपराध हुए वहां पर कहीं ना कहीं कांग्रेसी लिप्त होते हैं. इसका भी कांग्रेस को चिंतन करना चाहिए.

राजा वड़िंग फिर विवादों में, सिख ककारों को लेकर टिप्पणी पर सभी दलों ने जताई नाराजगी

चंडीगढ़  तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नाबालिग सिख बच्चों के जूड़ों से मजाक करने वाला उनका वीडियो वायरल होने के बाद अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) भी मैदान में उतर आई है। वायरल वीडियो में राजा वड़िंग बच्चों के केसों को दोनों हाथों से छूते हुए और मजाकिया अंदाज में बोलते नजर आ रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसजीपीसी ने तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वड़िंग ने प्रचार के दौरान दो नाबालिग सिख बच्चों के केसों (जूड़ों) के साथ मजाक करते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समिति ने आरोप लगाया कि यह हरकत सिख आस्था और धार्मिक प्रतीकों का खुला अपमान है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वड़िंग की इस हरकत को ‘सिख धर्म के विरुद्ध अपवित्र कृत्य’ बताया। उन्होंने 17 सेकंड का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए कहा कि ‘गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सिखों को जो पांच कक्कड़ प्रदान किए, उनमें केश पवित्रता का प्रतीक हैं। राजा वड़िंग ने उनका मजाक उड़ाकर सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।’ बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की। बच्चों के साथ केवल मजाक किया था : कांग्रेस वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जसकरण काहलों ने इस विवाद को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने बच्चों के साथ केवल मजाक किया था। इसे धार्मिक या राजनीतिक विवाद बनाना गलत है।

कांग्रेस विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा— बृहस्पति सिंह को बीजेपी जॉइन कर लेनी चाहिए अगर पार्टी से असंतुष्ट हैं

रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में सियासत जारी है. इस बीच शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने कई गंभीर आरोप लगाए. उनके बयानों के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. इस पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं, तो वे बीजेपी में शामिल हो जाएं. बीजेपी बड़े दिल वाली पार्टी है. रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि बृहस्पत सिंह कांग्रेस के पुराने आदिवासी नेता हैं. वे अपने मन की बात खुलकर बोल देते हैं. कांग्रेस का कल्चर हमेशा से आदिवासियों को अपमानित और बेइज्जत करने वाला रहा है. पहले भी कांग्रेस के आदिवासी नेता अमरजीत भगत का माइक छीना गया था और अब बृहस्पत सिंह को अपशब्द कहकर अपमानित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का अपमान उचित नहीं. इसलिए कांग्रेस न लोकसभा और न विधानसभा कहीं भी नहीं है, फिर भी वे घमंड कर रहे. अगर बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं, तो बीजेपी में आ जाएं. हमारी पार्टी विशाल हृदय वाली है, समुद्र में एक लोटा पानी आए या चला जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है. बता दें कि शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने वीडियो जारी कर पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए. 5 से 7 लाख रुपए लेकर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति का आरोप लगाया गया. इस संबंध में छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. वायरल वीडियो में पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी शैलजा कुमारी ने भी पैसे लेकर टिकट वितरण किया था. इसके कारण कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा.

मोहन भागवत का कांग्रेस पर निशाना: हिंदू धर्म का उदाहरण देते हुए दिया जवाब

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन पर कांग्रेस के सवाल के बाद आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने जवाब दिया है कि आखिर उन्होने संगठन का रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं करवाया। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925में ही हो गई थी। ऐसे में क्या ब्रिटिश सरकार के साथ इसका रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए था? मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की पहचान व्यक्तियों के संगठन के तौर पर है। भागवत बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। मोहन भागवत ने कहा, आजादी के बाद भारत सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं किया था। हम विशेष पहचान रखने वाले संगठन हैं और यह जनता का निकाय है। इसे आयकर से भी छूट दी गई है। उन्होंने कहा, हमें तीन बार बैन किया गया। इसका मतलब सरकार ने हमें मान्यता दी है। अगर हमारी मान्यता ही ना होती तो फिर बैन कैसे किया जाता? उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और अदालतें भी आरएसएस को बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स के रूप में मान्यता देती हैं। बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। जैसे कि हिंदू धर्म का भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। केवल भगवा झंडे को सम्मान देने के आरोपों पर भागवत नेकहा कि भगवा को आरएसएस में गुरु के तौर पर सम्मान दिया जाता है। वहीं भारत के तिरंगे का सम्मान किसी मायने में कम नहीं है। हम हमेशा तिरंगे का सम्मान करते हैं और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं। बतादें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि आरएसएस को बैन कर देना चाहिए। यहीं देश में फसाद की जड़ है। खरगे के बेटे और कर्टाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मांग की थी कि सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की शाखाओं को बैन कर दिया जाए। उन्होंने आरएसएस के रजिस्ट्रेशन नंबर को लेकर भी सवाल किया था। एक दिन पहले ही मोहन भागवत ने कहा था कि आरएसएस का लक्ष्य हिंदू समाज को सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव के लिए संगठित करना है और हिंदू भारत के लिए ‘‘जिम्मेदार’’ हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कोई "अहिंदू" नहीं है, क्योंकि सभी एक ही पूर्वजों के वंशज हैं और देश की मूल संस्कृति हिंदू है। उन्होंने कहा, "शायद उन्हें यह बात पता नहीं है, या उन्होंने यह बात भुला दी है।" उन्होंने कहा, "जानबूझकर या अनजाने में, हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है, इसलिए कोई भी अहिंदू नहीं है, और प्रत्येक हिंदू को यह समझना चाहिए कि वह हिंदू है, क्योंकि हिंदू होने का मतलब भारत के लिए जिम्मेदार होना है।"  

14,631 वोटों से अर्पित बने जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस में कमलनाथ गुट की वापसी और MP की सियासत पर असर

भोपाल  मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के परिणाम आ चुके हैं. जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थकों का दबदबा दिखा है. एमपी युवा कांग्रेस की कमान अब यश घनघोरिया संभालेंगे, वह मितेंद्र दर्शन सिंह की जगह लेंगे. यश घनघोरिया कांग्रेस के सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे हैं,  जिन्होंने एमपी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव जीता है. वहीं जिलाध्यक्षों में सबसे बड़ी जीत उज्जैन जिले में अर्पित यादव ने हासिल की है. वह उज्जैन में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बने हैं.  मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस (यूकां) के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का प्रभाव साफ दिखा. उनके समर्थक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया नए प्रदेश अध्यक्ष चुने गए. यश ने 3.13 लाख वोट हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के समर्थक अभिषेक परमार 2.38 लाख वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इस चुनाव की घोषणा मई में हुई थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आई. यूथ कांग्रेस के सभी प्रमुख पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इनमें प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं. भोपाल शहर से अंकित दुबे यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बने, जबकि भोपाल ग्रामीण का अध्यक्ष पद राहुल मंडलोई को मिला. यश घनघोरिया के नाम की औपचारिक घोषणा दिल्ली से होगी. चुनाव में यश घनघोरिया के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक प्रवीण पाठक और सचिन यादव ने जमकर मेहनत की. वहीं, अभिषेक परमार के समर्थन में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय रहे. खुले तौर पर उनके लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, गोविंद सिंह, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, कुणाल चौधरी, विक्रांत भूरिया और विपिन वानखेड़े ने वोट मांगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और जयवर्धन सिंह भी लगातार सक्रिय रहे. जिलाध्यक्षों के चयन में भी राजनीतिक समीकरण साफ दिखे. जीतू पटवारी के समर्थकों ने करीब 40 जिलों में अपनी पसंद के अध्यक्ष बनवाए, जबकि कमलनाथ का प्रभाव लगभग 15 जिलों तक सीमित रहा. महाकौशल क्षेत्र में कमलनाथ के समर्थक पूरी तरह सक्रिय रहे. फिर भी, यूथ कांग्रेस में कमलनाथ गुट का दबदबा साफ नजर आया. चुनाव परिणामों में सबसे बड़ी जीत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में देखने को मिली. वहां अर्पित यादव ने 14,631 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर प्रदेश में सबसे मजबूत जिला अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया. इस तरह, मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के इस चुनाव में कमलनाथ और उनके समर्थकों ने अपनी मजबूत स्थिति साबित की. जानें, जिलों में किसे कितने वोट मिले… आगर मालवा: जिला अध्यक्ष बने पृथ्वीराज चौहान को सबसे ज्यादा 5050 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे लक्ष्मण सिंह को 2046 वोट मिले हैं। अलीराजपुर: जिला अध्यक्ष बने पुष्पराज सिंह रावत को 2743 वोट मिले। जबकि, 667 वोट पाकर दीपक भूरिया दूसरे नंबर पर रहे। अनूपपुर: 4406 वोट पाकर मानवेंद्र मिश्रा जिला अध्यक्ष बने। वहीं 1554 वोट पाकर दुर्गेश मिश्रा दूसरे नंबर पर रहे। अशोक नगर: 2988 वोट पाकर रजनीश सिंघई पहले नंबर पर रहे। 2848 वोट पाकर सचिन त्यागी दूसरे नंबर पर रहे। बड़वानी: 3344 वोट पाकर आदित्य गोयल जिला अध्यक्ष बने। मोतीराम सोलंकी 629 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। बालाघाट: शिवम विश्वकर्मा 1258 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहे अमरकांत बिसेन को 1080 वोट मिले। बैतूल: संजय यादव 10668 वोट पाकर जिलाध्यक्ष बने। 9986 वोट पाकर प्रदीप कोकटे दूसरे नंबर पर रहे। भिंड: मनीष कुमार शर्मा 3393 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर राजू सिंह लोधी को मात्र 173 वोट मिले। भोपाल ग्रामीण: राहुल सिंह मंडलोई 4785 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहे अंकुर राणा को 2146 वोट मिले। भोपाल शहर: 8172 वोट पाकर अंकित दुबे जिला अध्यक्ष चुने गए। 6374 वोट पाकर अमित खत्री दूसरे नंबर पर रहे। बुरहानपुर: 3786 वोट पाकर अर्जुन जांगले जिला अध्यक्ष चुने गए। 2505 वोट पाकर राजेंद्र मसाने दूसरे नंबर पर रहे। छतरपुर: जिला अध्यक्ष बने मानवेंद्र सिंह परमार को 7452 वोट मिले। गजेंद्र परमार 597 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। छिंदवाड़ा: मात्र 896 वोट पाकर हरिओम रघुवंशी निर्विरोध जिला अध्यक्ष बने। दमोह: 2454 वोट पाकर द्रगपाल लोधी जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहे अफजल अजीज को 1754 वोट मिले। दतिया: जिला अध्यक्ष बने अरविंद सिंह गुर्जर को 6188 वोट मिले। 4176 वोट पाकर नोमी सिंह कमरिया दूसरे नंबर पर रहे। देवास: जिले में किशोर सिंह चौहान 11209 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। नवीन बाली 7041 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। धार : जिले में 6840 वोट पाकर रोहित कामदार जिला अध्यक्ष चुने गए। सोनू सेमलिया 3382 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। डिंडोरी: अमन पाठक 821 वोट पाकर जिला अध्यक्ष चुने गए। दूसरे नंबर पर रहे राजेश मरावी को 517 वोट मिले। गुना: युवा कांग्रेस अध्यक्ष बने पंचम सिंह भील को 3896 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे दीपक बिलरवां को 1775 वोट मिले। ग्वालियर ग्रामीण: पुष्पेंद्र सिंह 10408 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहे योगेंद्र परमार को 3322 वोट मिले। ग्वालियर शहर: 9616 वोट से विजय यादव जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहित सुमित सिंह को 6142 वोट मिले। हरदा: जिले में निर्विरोध जिला अध्यक्ष बने योगेश चौहान को 213 वोट मिले। इंदौर ग्रामीण: जिला अध्यक्ष बने गजेंद्र सिंह राठौड़ को 10156 वोट मिले। जबकि दूसरे नंबर पर रहे गौरव सिंह सोलंकी को 8218 वोट मिले। इंदौर शहर: अमित पटेल को 6286 वोट पाकर जिला अध्यक्ष चुने गए। दूसरे नंबर पर रहीं हिबा खान को 1541 वोट मिले। जबलपुर ग्रामीण: जिला अध्यक्ष बने शुभम श्रीवास्तव को 8267 वोट मिले। जबकि, 961 वोट पाकर सौरभ सिंह गौतम दूसरे नंबर पर रहे। जबलपुर शहर:10478 वोट पाकर सत्येंद्र कुकी जिला अध्यक्ष चुने गए। अमित सोनकर 8290 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। झाबुआ: नटवर डोडियार 3370 वोट पाकर जिला अध्यक्ष बने। दूसरे नंबर पर रहे प्रकाश परमार को 1709 वोट मिले। कटनी: जिला अध्यक्ष बने मोहम्मद इसराइल को 2952 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे पार्थ समाधिया को 915 वोट मिले। खंडवा: जिला अध्यक्ष बने अनिल यादव को … Read more

अंता सीट पर गर्म हुआ माहौल, जीत के लिए कांग्रेस-भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

जयपुर/बारां अंता विधानसभा उपचुनाव की जंग अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस चुनावी रण को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस ने मैदान में करीब 300 नेताओं की फौज उतार दी है, जिनमें सांसदों से लेकर पीसीसी पदाधिकारियों तक शामिल हैं। हर गांव और हर बूथ पर नेताओं को तैनात किया गया है ताकि मतदाता तक सीधा संपर्क बनाया जा सके। वहीं बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी प्रचार में उतर चुकी हैं। आज अंता में वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल शर्मा का संयुक्त रोड शो रखा गया है। पार्टी ने अब तक 272 नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जिनमें 40 बड़े नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है। चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी और स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतवार 170 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। हर पंचायत में 3-3 नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक सचिन पायलट बुधवार को अंता में रोड शो कर चुके हैं।  गोविंद डोटासरा, सुखजिंदर रंधावा, सचिन पायलट और टीकाराम जूली जैसे दिग्गज नेता पहले ही प्रचार में जुट चुके हैं। आने वाले दिनों में अशोक गहलोत के भी अंता पहुंचने की संभावना है। भाजपा की रणनीति और बड़ा रोड शो वहीं भाजपा भी अब पूरी ताकत से मैदान में उतर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज 6 नवंबर (गुरुवार) को अंता में भव्य रोड शो करेंगे। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन भी एक विशेष रथ पर सवार होंगे। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे एक साथ किसी सीट पर प्रचार करते दिखाई देंगे। वसुंधरा राजे पहले ही प्रचार अभियान की शुरुआत कर चुकी हैं। रोड शो की तैयारियां पूरी रोड शो दोपहर 12 बजे मांगरोल के सुभाष चंद्र बोस सर्किल से शुरू होकर आज़ाद चौक होते हुए सीसवाली चौराहा तक निकाला जाएगा। पूरे मार्ग पर 51 स्वागत द्वार सजाए गए हैं और जगह-जगह कार्यकर्ता फूल बरसाकर स्वागत करेंगे। कार्यक्रम में महिला और युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रहेगी। भाजपा का दावा है कि यह रोड शो क्षेत्र में पार्टी के प्रति जनसमर्थन को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम सुबह 10:50 बजे जयपुर से प्रस्थान के बाद झालावाड़ होते हुए मांगरोल पहुंचेगा। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रोड शो के बाद वे पुनः जयपुर लौटेंगे। चुनावी महत्व अंता उपचुनाव से भले ही विधानसभा का समीकरण न बदले, लेकिन दोनों दल इसे राजनीतिक संदेश देने का मौका मान रहे हैं। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राजस्थान में अब तक 7 उपचुनाव हो चुके हैं। लेकिन यह पहला उपचुनाव है जब सीएम भजनलाल शर्मा व पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ रोड शो में नजर आएंगे। वहीं कांग्रेस के भी तमाम बड़े नेता लगातार अंता में आ रहे हैं। छोटी-छोटी सभाओं तक में जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा सत्ता में जनसमर्थन दिखाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। आखिरी तीन दिनों में दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के बीच सियासी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।