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चुनाव न कराने पर NSUI सख्त, चरणबद्ध आंदोलन के साथ विश्वविद्यालयों का घेराव करेगा

रायपुर छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में NSUI पदाधिकारियों ने कहा, लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर संगठन अब प्रदेशभर में आंदोलन करेगा। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 27 मार्च से होगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का एक साथ घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इन मुद्दों को लेकर होगा आंदोलन     छात्रसंघ चुनाव की बहाली     छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का संरक्षण     बढ़ती फीस और छात्रवृत्ति में देरी     शिक्षकों की कमी     परीक्षा और परिणाम में अनियमितता     प्लेसमेंट, हॉस्टल, परिवहन और डिजिटल संसाधनों की समस्याएं     प्रशासन की उदासीनता NSUI का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बंगाल में चुनावी बिगुल, दो चरणों में मतदान की घोषणा

 नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। यहां पर 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। यहां पर मतगणना 4 मई को होगी। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्त सुखवीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बता दें कि आयोग इस माह इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा कर चुनाव तैयारियों का जायजा ले चुका है। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। चुनाव पर्व, हम सबका गर्व चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि पांच राज्यों के सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की गई है। सभी पार्टियों से सुझाव लिया गया है। इस दौरान चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पांच राज्यों में 17.4 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहाकि यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहाकि मैं युवाओं से अपील करना चाहूंगा कि वह चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि चुनाव पर्व हम सबका गर्व है। इन राज्यों के लिए भी घोषणा पश्चिम बंगाल के अलावा चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले वहां नई विधानसभा का गठन किया जाना है।  

BJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त से की अपील, बंगाल में 3 चरणों में मतदान कराने की मांग

बंगाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की फुल बेंच अभी बंगाल के दौरे पर है और चुनाव से जुड़ी तैयारियों का जायजा ले रही है. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर कभी भी चुनाव तारीखों का ऐलान हो सकता है. इस बीच राज्य में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर चुनाव को 3 चरणों में ही कराए जाने की मांग की है. बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सोमवार को कोलकाता में चुनाव आयोग की फुल बेंच से मुलाकात की और यह मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 3 चरणों से ज्यादा चरणों में नहीं कराया जाना चाहिए. पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि आयोग को पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा नहीं होने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए. BJP ने चुनाव आयोग से चुनावी प्रक्रिया को बहुत ही कम समय में खत्म कराने की अपील की. पार्टी ने कहा, “हमारी पहली मांग है कि चुनाव एक, दो या ज्यादा से ज्यादा 3 चरणों में कराई जाए. 7 या 8 चरणों में चुनाव कराने की कोई जरूरत नहीं है.” विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा माहौल को लेकर गहरी चिंता जताते हुए BJP प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को अपनी 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा. मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ अन्य चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ आज सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर की पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं ताकि चुनाव कराने को लेकर उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना जा सके. BJP नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त से मिलने वाले 3 सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, ने बताया कि पार्टी ने आयोग से विधानसभा चुनाव अधिक से अधिक 3 चरणों में कराने की अपील की है. उन्होंने कहा, “हमने एक, 2 या 3 चरणों में चुनाव की मांग की थी, लेकिन इससे ज्यादा चरणों में नहीं हो.” BJP के नेता शिशिर बाजोरिया, जो प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी थे, ने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा कि रूट मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण इलाकों कराए जा रहे हैं. ये मुख्य सड़कों पर किए जा रहे हैं जहां कोई लोग नहीं रहते, सिर्फ गाड़ियां गुजरती हैं. इस तरह राज्य पुलिस सेंट्रल फ़ोर्स को काम करने के लिए मजबूर कर रही है.”

PU छात्र संघ चुनाव: NSUI का दबदबा, शीर्ष दो पदों पर किया कब्जा

पटना पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें NSUI ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज की है। देर रात परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय परिसर में समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया। अध्यक्ष पद के मुकाबले में NSUI के शांतनु शेखर ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को भारी मतों के अंतर से पछाड़ दिया। शांतनु को कुल 2896 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को महज 1400 और ABVP की अनुष्का कुमारी को 924 वोटों से संतोष करना पड़ा। महासचिव पद पर खुशी कुमारी का कब्जा महासचिव पद के लिए भी NSUI की खुशी कुमारी ने निर्णायक बढ़त बनाए रखी। उन्होंने 2164 वोट हासिल कर अपनी जीत सुनिश्चित की। हालांकि, अन्य पदों पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। उपाध्यक्ष पद के मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी शिफत फैज ने 1571 वोटों के साथ बाजी मारी। वहीं ABVP के अभिषेक कुमार 2143 वोट पाकर संयुक्त सचिव का पद हासिल करने में विजयी रहे। जबकि ABVP के ही हर्ष वर्धन को 1519 मत मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष के पद पर कब्जा करने में सफल हो गए। मतदान में छात्राओं ने लिया बढ़ चढ़ कर हिस्सा इस बार के चुनाव में खास बात यह रही कि छात्राओं ने लोकतंत्र के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कुल 65% मतदान दर्ज किया गया।

2026 के चुनावों में पांच राज्यों की होगी परीक्षा, NDA के मुकाबले इंडिया ब्लॉक का जोरदार सामना

नई दिल्ली साल 2025 अलविदा हो चुका है और नए साल की दस्तक के साथ हम 2026 में दाखिल हो गए हैं. भारत के सियासी परिदृश्य के लिहाज से 2026 को चुनावी साल के तौर पर देखा जा रहा है. साल का आगाज महाराष्ट्र के बीएमसी सहित 29 महानगरों में निगम चुनाव हैं तो दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें असल इम्तिहान एनडीए का नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन का होने वाला है. देश के लिए 2026 पूरी तरह चुनावी साल रहने वाला है. पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल, असम के साथ दक्षिण भारत के पुदुचेरी, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसके अलावा 75 राज्यसभा सीटों पर अप्रैल से लेकर नवंबर 2026 तक होने हैं तो उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव है, जिसे 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है. माना जा रहा है कि 2026 के चुनावी नतीजे और राजनीतिक गतिविधियों से सिर्फ सूबे की सियासी बिसात ही नहीं बिछेगी बल्कि देश दशा और दिशा भी तय हो जाएगी. ऐसे में राजनेताओं की बयानबाजी और हर रोज हो रही योजनाओं के ऐलान के चलते इनराज्यों में चुनावी माहौल पर सियासी रंग चढ़ चुका है. 2026 में बिछेगी पांच राज्यों चुनावी बिसात साल 2026 में चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा के चुनाव होने हैं. असम विधानसभा में 126 सीटें, केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभा की 30 सीटें है. देश के अलग-अलग राज्यों की 75 राज्यसभा सीटें अप्रैल से लेकर जून और नवंबर 2025 खाली हो रही है, जिसमें यूपी की 10, बिहार की 5, महाराष्ट्र की 7, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 3-3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने है. इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा चुनाव होने है. महाराष्ट्र में मुंबई के बीएमसी सहित 29 महानगर पालिका परिषद में चुनाव हो रहे हैं. उपचुनाव-निकाय चुनाव का होगा इम्तिहान साल 2024 में देश के कुछ राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव भी है. मौजूदा विधायक के निधन से सीटें खाली हुई हैं. गोवा की पोंडा क्षेत्र, कर्नाटक का बागलकोट क्षेत्र और यूपी की घोसी सीट, महाराष्ट्र की राहुरी, मणिपुर की ताडुबी सीट और नागालैंड की कोरिडांग सीट पर चुनाव होने हैं. इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं, जिसमें महाराष्ट्र के लेकर यूपी तक शामिल है. महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगर निगम के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव 2026 में होना है. चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2026 तक निकाय चुनाव करने का लक्ष्य रखा है. हिंदी पट्टी के सबसे अहम सूबे यूपी में पंचायत चुनाव 2026 में होने है, जिसे 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है. ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों व अध्यक्षों के चुनाव होंगे. बंगाल में ममता बनर्जी की होगी अग्निपरीक्षा पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई, 2026 को खत्म हो रहा है, जिसके चलते यहां पर निर्वाचन आयोग अप्रैल-मई 2026 में चुनाव करा सकता है. बंगाल में कुल 294 विधासनभा सीटें है. 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थी तो बीजेपी को सिर्फ 77 सीटें मिली थी. ममता बनर्जी 2011 से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हैं और टीएमसी लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं. ऐसे में ममता बनर्जी की कोशिश लगातार चौथी जीत के लिए तो बीजेपी हरहाल में जीत के लिए बेताब है. ऐसे में ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचाए रखने की परीक्षा है तो लेफ्ट और कांग्रेस को अपने सियासी वजूद को बचाए रखने का चुनाव है. बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा चुनौती इसीलिए हो गई है कि कांग्रेस और वाम दलों के एकदम पस्त होने से भी बढ़ी है जिनका वोट उसकी तरफ़ आने के ज़्यादा टीएमसी की तरफ़ गया है. पिछले दो चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत सिर्फ डेढ़ फीसदी बढ़ा तो तृणमूल ने तीन फीसदी ज्यादा वोट हासिल किया है. तमिलनाडु में एमके स्टालिन का इम्तिहान तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है. इसके चलते केरल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव हो सकते हैं. तमिलनाडु में भी डीएमके के नेता स्टालिन की परीक्षा होनी है तो AIADMK भी अपनी वापसी के लिए बेताब, लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद मुकाबला रोचक हो गया है. 2021 के चुनाव में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने राज्य की कुल 234 में से 133 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी, DMK के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने 18 सीटे जीती थीं . सूबे की सत्ता पर 10 सालों तक काबिज रही AIADMK महज 66 सीटें जीत पाई थी. AIADMK के साथ गठबंधन करने के बाद बीजेपी चार सीटें पाई थी. इस बार के सियासी हालत बदल गए हैं. इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सिर्फ एनडीए और इंडिया ब्लॉक में ही नहीं बल्कि तीसरा फ्रंट भी मैदान में है. तमिल एक्टर थलपति विजय ने अपनी पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम बनाकर डीएमके बनाम AIADMK की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है. ऐसे में देखना है कि स्टालिन कैसे सत्ता रिपीट करते हैं. केरल में UDF बनाम LDF की चुनावी लड़ाई केरल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में केरल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने की संभावना है. केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने वाले वाम मोर्चा के सामने भी यूडीएफ चुनौती है. केरल में पिनराई विजयन अगर तीसरी बार सफल होते हैं तो रेकॉर्ड बन जाएगा, लेकिन हार जाते हैं तो लेफ्ट का देश से सफाया हो जाएगा. ऐसे में लेफ्ट के लिए अपना आखिरी किला बचाए रखने की चुनौती है. केरल का चुनाव लेफ्ट के अगुवाई एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के बीच है. साल 2021 के चुनाव मेंएलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी. इस बार कांग्रेस की कोशिश सत्ता में वापसी की है. प्रियंका गांधी केरल से सांसद हैं तो राहुल गांधी के राइट हैंड माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल भी केरल से … Read more

दूसरे चरण की वोटिंग कल, आज थमेगा चुनावी शोर— इन विधानसभा सीटों पर शाम 4 बजे तक होगा मतदान

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण का मतदान दो दिन बाद यानी 11 नवंबर को होगा। आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। शाम पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार थम जाएगा। दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इसके लिए 45339 मतदान केंद्र बनाएं गए हैं। इनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील बनाया गया है। इसमें 4003 अतिसंविदनशील बूथ घोषित हैं। यहां पर चार बजे तक मतदान होगा। इन विधानसभा में शाम चार बजे तक वोटिंग कटोरिया, बेलहर, चैनपुर, चेनारी, गोह, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी के (36 बूथ), बोधगया (200 बूथ), रजौली, गोविंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा, चकाई विधानसभा में बनाए गए बूथों पर शाम चार बजे मतदान होगा। वहीं बोधगया में 106 बूथों पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इन बूथों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। जानिए, दूसरे चरण में कितने मतदाता दूसरे चरण के मतदान में 1302 प्रत्याशी चुनावी मैदान हैं। इनमें 1165 पुरुष उम्मीदवार, 136 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंड हैं। वहीं तीन करोड़ 70 लाख मतदाता दूसरे चरण में मतदान करेंगे। एक करोड़ 95 लाख पुरुष वोटर हैं। एक करोड़ 74 लाख महिला वोटर हैं। चार लाख चार हजार दिव्यांग वोटर हैं। 63373 सर्विस वोटर हैं। 943 थर्ड जेंडर हैं। 43 एनआरआई हैं। वहीं 18 से 19 साल के मतदाताओं की संख्या सात लाख 69 हजार 356 है। 

चुनाव से पहले RJD को झटका, विधायक का BJP में शामिल होना मचा रहा हलचल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक भरत बिंद मंगलवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।       भाजपा प्रदेश मीडिया सेंटर में आयोजित मिलन समारोह में आज भरत बिंद पार्टी में शामिल हो गये। चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने दोनों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई और उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. जायसवाल ने कहा कि बिहार के मतदाता फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)की सरकार बनाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास कर रहा है। विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है। विपक्ष विकास को लेकर कोई बात नहीं कर सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 'विपक्ष आज परेशान है कि राजग सौहार्दपूर्ण तरीके से सीट बंटवारे की घोषणा कर दी और आज से उम्मीदवारों की भी घोषणा शुरू हो गई है। विपक्ष हताशा में है और मीडिया को कुछ शिगूफा देने की कोशिश कर रहा है।' उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजग में शामिल पांचों दल चट्टानी एकता के साथ चुनावी मैदान में चल दिए हैं। डा. जायसवाल ने कहा कि 'हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और विजयी भी होंगे।"  

सोशल मीडिया निगरानी बढ़ी: चुनाव आयोग ने सियासी विज्ञापनों व प्रत्याशियों के खातों के लिए दिए निर्देश

 नई दिल्ली चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी बीच आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2025 को आदेश दिए हैं कि सभी राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दल, साथ ही चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रचार करने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से अपने राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व-सत्यापन कराएं। विज्ञापन और सोशल खातों का पूर्व-सत्यापन चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले एमसीएमसी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। बता दें कि, सभी राज्य और जिले में एमसीएमसी बनाई गई है जो विज्ञापनों की जांच करेगी और दिशानिर्देशों के अनुसार पूर्व-सत्यापन करेगी। भ्रामक समाचार पर निगरानी मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी संदिग्ध मामलों जैसे 'पेड न्यूज' पर भी कड़ी नजर रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। वहीं चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को अपने सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी नामांकन दाखिल करते समय चुनाव आयोग को देना होगा। चुनावी खर्च का विवरण भी साझा करना अनिवार्य इसके साथ ही चुनावी खर्च का विवरण भी साझा किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया और इंटरनेट प्रचार पर हुए खर्च का विवरण चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के अंदर देना होगा। इसमें इंटरनेट कंपनियों को भुगतान, विज्ञापन सामग्री तैयार करने का खर्च और सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन का खर्च शामिल होगा। कुल मिलाकर चुनाव आयोग का यह कदम डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। आयोग का उद्देश्य है कि राजनीतिक प्रचार ईमानदारी और नियमों के अनुरूप हो।

मांझी की पार्टी और HAM के बीच सीट बंटवारे पर फैसला, उम्मीदवारों की घोषणा जल्द

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनडर एनडीए में सीट शेयरिंग पर जारी खींचतान के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और उसकी सहयोगी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। इसी बीच जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मैं अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा। सूत्रों के मुताबिक, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 6 विधानसभा सीटें दी जाएंगी। इसके साथ ही भविष्य में एक विधान परिषद (MLC) सीट देने पर भी बातचीत हुई है। मांझी ने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा, 'अभी मैं पटना निकल रहा हूं..वैसे एक बात बता दूं, मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूं। मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहूंगा।' उन्होंने कहा- 'बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी।' बता दें कि यह फैसला शनिवार को दिल्ली में हुई एनडीए की मैराथन बैठक के बाद आया है, जो लगभग 8 घंटे चली। बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर लंबी चर्चा हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार मांझी भाजपा से नाराज चल रहे थे, लेकिन अब बात बन गई है। HAM सूत्रों के अनुसार, सीटों पर अंतिम सहमति के बाद जीतन राम मांझी पटना के लिए रवाना हो गए हैं और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।

BJP को चुनावी झटका: मिश्री लाल यादव ने छोड़ी पार्टी, RJD में एंट्री तय

पटना  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक और तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब दरभंगा की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक मिश्रीलाल यादव ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में दलितों और अन्य पिछड़े समुदायों को उनका हक नहीं मिल रहा है। दरअसल, मिश्री लाल यादव ने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की और आरोप लगाया कि संगठन में दलितों और अन्य पिछड़े समुदायों को उनका हक नहीं मिल रहा है। दरभंगा ज़िले की अलीनगर सीट से विधायक यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वह पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को अपना इस्तीफ़ा सौंपेंगे। पार्टी ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सूत्रों ने बताया कि यादव इन अटकलों से नाराज हैं कि इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा और भाजपा अलीनगर से गायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतार सकती है। राजद में होंगे शामिल! विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर 2020 का चुनाव लड़ने वाले मिश्री लाल यादव ने कहा, "मैंने पहली बार एनडीए के लिए अलीनगर सीट जीती है। पहले, कई अन्य उम्मीदवार, जिनके पास बहुत पैसा और बाहुबल था, ऐसा करने में नाकाम रहे थे।" यादव ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा नहीं किया, लेकिन समझा जाता है कि वह राजद नीत विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक के संपर्क में हैं।