samacharsecretary.com

महिलाओं के लिए खुशखबरी, सैनी सरकार देगी ₹2100 मासिक सहायता

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 'लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत पात्र महिलाओं को ₹2100 मासिक सहायता देने की तैयारी कर रही है। इस योजना के लिए पहले बजट में ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे बजट से इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री सैनी कुरुक्षेत्र में कश्मीरी हिंदू प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित 'कुरुक्षेत्र-कश्यप तीर्थाटन–2025' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इंडोनेशिया के बाली में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 से 14 सितंबर तक स्वामी ज्ञानानंद की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इसमें गीता यज्ञ, गीता का वैश्विक पाठ, और 13 सितंबर को गरुड़ की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 'लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत बीपीएल कार्डधारी महिलाओं को ₹2100 मासिक सहायता देने का वादा किया था। यह योजना केवल गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं के लिए ही लागू होगी।  लाडो लक्ष्मी योजना क्या है  नायब सरकार का 'नायाब' तोहफा हरियाणा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन का प्रारूप लगभग तैयार कर लिया है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की 45.62 लाख ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक प्रदान किए जाएंगे, जिनकी उम्र 23 से 60 साल के बीच है तथा पति-पत्नी की वार्षिक आय मिलाकर तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बिंदु पर भी चर्चा हुई कि पहले चरण में गरीबी रेखा के दायरे में आने वाली करीब 25 लाख ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक दिया जाए, जिनकी पति-पत्नी की वार्षिक आय 1.80 रुपये तक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस दिन से मिलेगा योजना का लाभ उनके निर्देश पर पहले चरण में ऐसी सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक प्रदान किए जाएंगे, जिनकी पति-पत्नी की वार्षिक आय मिलाकर तीन लाख रुपये तक है। यह महिलाएं ऐसी हैं, जो राज्य में किसी तरह की पेंशन प्राप्त नहीं कर रही हैं। सरकार का मानना है कि यदि लाडो लक्ष्मी योजना को दो चरणों में बांटकर लागू किया गया तो इसका फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है, इसलिए योजना को एक ही चरण में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बात पर सहमति बन चुकी है कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से देना आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस योजना के आरंभ होने की घोषणा करेंगे। यानी योजना के लाभ के लिए अभी राज्य की महिलाओं को तीन माह इंतजार करना होगा। राज्य के साल 2025-26 के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर चुकी है। हर साल खर्च होगा 980 करोड़ रुपये हर माह 45.60 लाख महिलाओं को 2100 रुपये देने पर 980 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट खर्च होगा, जबकि सरकार ने पहले ही पांच हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान कर रखा है। ऐसे में अगले चार साल यानी 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक बजट की कोई चिंता नहीं रहने वाली है। हरियाणा सरकार यदि 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को ही 2100 रुपये मासिक प्रदान करती तो 450 करोड़ रुपये वार्षिक बजट खर्च होता, लेकिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की सभी पात्र महिलाओं को पहले चरण में ही लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में करीब साढ़े 12 लाख महिलाएं ऐसी हैं, जो 60 साल या इससे अधिक उम्र होने के चलते बुढ़ापा पेंशन प्राप्त कर रही हैं। वे महिलाएं लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में नहीं आएंगी। मध्य प्रदेश और दिल्ली पर भारी रहेगी हरियाणा की लाडो लक्ष्मी हरियाणा से पहले मध्यप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना शुरू की थी, जो अभी तक जारी है, लेकिन इस योजना में महिलाओं को 1250 रुपये मासिक प्रदान किए जाने का प्रविधान है, जबकि हरियाणा सरकार लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मासिक देने वाली है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये का शगुन देने की घोषणा की थी। दिल्ली की भाजपा सरकार भी महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देगी, लेकिन हरियाणा के मुकाबले वहां महिलाओं की संख्या बहुत कम है। दिल्ली में अभी तक यह योजना आरंभ नहीं हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ प्रदान करने के लिए अधिकारियों को समस्त होमवर्क यथाशीघ्र पूरा करने के आदेश दिए हैं। परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में महिलाओं के बैंक खातों को लिंक करने का तेजी से चल रहा है।  

योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी

दलित युवाओं के सपनों को पंख दे रही योगी सरकार, बन रहे अधिकारी  योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर तक 8 कोचिंग केंद्रों के जरिए SC/ST अभ्यर्थियों को मिल रहा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 में योगी सरकार ने SC/ST युवाओं के लिए किया है बड़े बजट का प्रावधान  लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित कोचिंग केंद्र दलित बेटियों के सपनों को दे रहा नई उड़ान लखनऊ योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।  वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण प्रदान करना है, बल्कि अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण का स्तर अत्यंत उच्च है, जहां विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो, मुख्य परीक्षा हो या साक्षात्कार की तैयारी, इन केंद्रों में हर चरण के लिए व्यापक कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे देश की प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सशक्त हो रहे हैं। इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।  अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर  योगी सरकार की यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। सरकार की यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए। उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। इन केंद्रों में शामिल हैं: •    श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ। •    आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ। •    न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज। •    संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा। •    आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़। •    राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर। इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।

ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति: मंत्री पटेल

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में वायब्रेंट ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिकता न होकर गाँव की वास्तविक सरकार है, जो जनता के बीच बैठकर उनके लिए निर्णय लेती है। इस दृष्टि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभाओं को नियमित, सुव्यवस्थित और सहभागितापूर्ण बनाने के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित निर्देशों के अनुसारप्रत्येक ग्राम सभा में विकास कार्यों की समीक्षा और अनुमोदन अनिवार्य होगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति से योजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। सभी बैठकों का ऑनलाइन पंजीकरण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वायब्रेंट ग्राम सभा इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो गाँव-गाँव में लोकतंत्र को सशक्त कर रही है। श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी और आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।  

1500 नहीं, 5000 रुपए तक लाभ मिलेगा लाडली बहनों को, CM मोहन का आदेश

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने लाडली बहना योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को न सिर्फ़ 1500 रुपये मिलेंगे, बल्कि अगर वे उद्योगों में कार्यरत हैं तो 5000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे. उन्होंने गोविंदपुरा स्थित लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में यह घोषणा की. सीएम ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये करने की तैयारी कर रही है, ऐसे में इस घोषणा से लाडली बहनें बेहद खुश हैं. लघु उद्योग भारती कार्यक्रम में किया ऐलान दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गोविंदपुरा में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उद्योग और रोजगार को लेकर बड़े ऐलान किए। सीएम ने कहा कि उद्योगों में काम करने वाली ‘लाड़ली बहनों’ को सरकार 5 हजार रुपए अतिरिक्त देगी। प्रदेश की समृद्धि केवल इंदौर-भोपाल तक सीमित नहीं रहेगी, छोटे जिलों में भी उद्योग बढ़ाए जाएंगे। सीएम ने मॉर्टगेज ड्यूटी, फायर एनओसी और मल्टी-स्टोरी इंडस्ट्रियल प्लांट जैसी समस्याओं के समाधान की भी घोषणा की।  सीएम बोले- 1500 या 3000 रुपए नहीं, बल्कि 5000 रुपए दिए जाएंगे सीएम ने कहा, ‘अभी तक लाडली बहना योजना में महिलाओं को घर बैठे 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। लेकिन हमने तय किया है कि केवल यही पर्याप्त नहीं है। यदि लाडली बहना उद्योगों में काम करेगी तो उसे 1500 या 3000 रुपए नहीं, बल्कि 5000 रुपए प्रतिमाह सरकार की ओर से दिए जाएंगे। ताकि वे रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को सरकार 5 हजार रुपए देगी। अगर उद्योगपति 8 हजार रुपए देंगे, तो महिला श्रमिक को कुल 12 से 13 हजार रुपए मिलेंगे। आत्मनिर्भरता की ओर कदम.. सीएम यादव ने राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि हमारी बहनें सिर्फ मदद की मोहताज न रहें, बल्कि रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं उद्योगों से जुड़ें और बेहतर आमदनी हासिल करें।” अब हर महीने 12-13 हजार तक की आय मुख्यमंत्री ने समझाया कि यदि किसी उद्योगपति द्वारा महिला को ₹8,000 वेतन दिया जाता है, तो सरकार की ओर से मिलने वाले ₹5,000 अतिरिक्त के साथ लाड़ली बहन की कुल मासिक आय 12-13 हजार रुपए तक पहुंच जाएगी। यह महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण देगा बल्कि परिवार की जरूरतों को भी पूरा करेगा। रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा कार्यक्रम में सीएम यादव ने यह भी बताया कि रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किए जा रहे हैं। जल्द ही प्रदेश में 10-20 छोटी इकाइयां लगाई जाएंगी, जिनमें 100 से लेकर 7,000 तक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। CM मोहन ने लाडली बहनों के लिए किया बड़ा ऐलान दरअसल, सीएम मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. इनमें सीएम मोहन यादव ने 'लाडली बहना' योजना को लेकर अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार अब केवल 1500 रुपये मासिक सहायता नहीं देगी, बल्कि उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे. सीएम ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है.  1500 नहीं, हर महीने खाते में आएंगे इतने एक्स्ट्रा रुपये मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 'अब तक लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को घर बैठे 1500 रुपए दिए जा रहे थे, लेकिन यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही.  यदि लाड़ली बहनें उद्योगों में काम करती हैं, तो उन्हें 1500 या 3000 रुपए नहीं  5000 रुपए दिए जाएंगे'.  सीएम ने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. यदि उद्योगपति महिला कर्मचारियों को 8 हजार रुपए वेतन देंगे, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि मिलाकर उन्हें कुल 12 से 13 हजार रुपए मासिक आय प्राप्त होगी.  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग और रोजगार को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं.

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की कोर्ट में पेशी, अब 3 सितंबर को अगली सुनवाई

हिसार   पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा आज 95 दिन के बाद जेल से बाहर आई और हिसार की अदालत में उसकी पेशी हुई. अब 3 सितंबर को मामले में अगली सुनवाई होगी.पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सोमवार (25 अगस्त) को हिसार कोर्ट में पेश किया गया। वह 95 दिन बाद जेल से बाहर आकर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई। ये उसकी 10वीं पेशी थी। कोर्ट से लौटते वक्त उसने हाथ हिलाया। ज्योति मल्होत्रा की पेशी : पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा 95 दिनों के बाद जेल से बाहर आई. इससे पहले ज्योति मल्होत्रा 22 मई को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश हुई थी. हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को आज हिसार कोर्ट में पेश किया. इस दौरान अदालत में ज्योति मल्होत्रा की ओर से एडवोकेट कुमार मुकेश ने कोर्ट के सामने अपनी बातें रखी. ज्योति मल्होत्रा की आज हिसार कोर्ट में पेशी 3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई : एडवोकेट कुमार मुकेश ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा को अब 3 सितंबर को कोर्ट में फिजिकल तौर पर पेश किया जाएगा. अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी. पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा केस की जांच करते हुए 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. आपको बता दें कि जासूसी के आरोप में ज्योति मल्होत्रा को 15 मई को घर से गिरफ्तार किया गया था. तभी से ज्योति मल्होत्रा जेल में है. पुलिस सोर्सेज से चार्जशीट को लेकर 5 अहम खुलासे हुए..     सवालों के सीधे जवाब नहीं देती, डेटा डिलीट किया: चार्जशीट को लेकर जांच का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया कि ज्योति काफी शातिर है और वह सवालों के सीधे जवाब नहीं देती। यहां तक कि गिरफ्तारी का उसे पहले ही आभास हो गया था, इसलिए उसने कुछ डेटा डिलीट कर दिया था।     भागने से पहले पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा: गिरफ्तार होने की सूचना उसको पाकिस्तानी एजेंटों ने ही पहुंचाई। इस सूचना के मिलते ही वह भागने की तैयारी कर थी, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। ज्योति ने जो डेटा डिलीट किया, उसमें से कुछ रिकवर कर लिया गया है, लेकिन कुछ रिकवर होना बाकी है।     राजस्थान में आर्मी कैंप के वीडियो भी पहुंचाए: ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी।     इंडियन ट्रैवल एडवाइजरी का उल्लंघन किया: पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की।     4 पाकिस्तानी एजेंटों से लगातार टच में थी ज्योति: पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है। पुलिस की गाड़ी में ज्योति मल्होत्रा  "ज्योति पर लगे आरोप गलत" : ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा अपनी बेटी पर लगे आरोपों को गलत बता चुके हैं. वे उससे कई बार जेल जाकर मिल भी चुके हैं. वे राष्ट्रपति को पत्र लिखकर न्याय की गुहार भी लगा चुके हैं. ज्योति मल्होत्रा केस में अब तक क्या-क्या हुआ ? :     16 मई को ज्योति मल्होत्रा को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया     ज्योति मल्होत्रा को पुलिस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया     22 मई को पुलिस ने दोबारा पुलिस रिमांड पर लिया था     26 मई को हिसार के कोर्ट ने ज्योति को न्यायिक हिरासत में भेजा     9 जून को ज्योति की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई     ज्योति को फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया     10 जून को ज्योति की जमानत याचिका लगाई गई     11 जून को ज्योति की जमानत याचिका खारिज की गई     23 जून को ज्योति की कोर्ट में पेशी, 7 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया     7 जुलाई को ज्योति मल्होत्रा की वीसी से सुनवाई, न्यायिक हिरासत में भेजा गया     21 जुलाई को ज्योति मल्होत्रा की वीसी से सुनवाई, न्यायिक हिरासत में भेजा गया     4 अगस्त को ज्योति मल्होत्रा की वीसी के जरिए पेशी, फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा गया     5 अगस्त को ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई     14 अगस्त को पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ 2500 पेज की चार्जशीट पेश की     18 अगस्त को ज्योति मल्होत्रा की फिर से पेशी, न्यायिक हिरासत में भेजा गया     25 अगस्त को फिजिकल पेशी, अब 3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

पीएम-सीएम हटाने वाले बिल पर अमित शाह ने जताई कड़ी नाराजगी, विपक्ष पर निशाना

नई दिल्ली संसद में पेश किए गए संविधान (130वां संशोधन) विधेयक पर जारी विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बिल का विरोध करके लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और जनता को बताना चाहिए कि क्या कोई मुख्यमंत्री (CM), प्रधानमंत्री (PM) या मंत्री जेल से सरकार चला सकता है. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि उन्हें जेल से सरकार चलाने का विकल्प मिले. अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा, "आज भी ये कोशिश कर रहे हैं कि अगर कभी जेल गए तो जेल से ही आसानी से सरकार बना लेंगे. जेल को ही CM हाउस, PM हाउस बना देंगे और DGP, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव या गृह सचिव जेल से ही आदेश लेंगे." गृह मंत्री ने साफ कहा कि इस बिल के प्रावधान लोकतंत्र की गरिमा के लिए आवश्यक हैं. उनके मुताबिक, अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होता है और 30 दिन के भीतर उसे जमानत नहीं मिलती, तो उसे पद छोड़ना होगा. उन्होंने पूछा, "अगर जमानत मिल जाती है तो वे वापस शपथ लेकर पद संभाल सकते हैं, लेकिन जेल से सरकार चलाना क्या लोकतंत्र के लिए उचित है?" 'पीएम मोदी ने PM के पद को शामिल करने पर दिया जोर' अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस बिल में PM का पद शामिल करने पर जोर दिया. उन्होंने याद दिलाया कि इंदिरा गांधी ने 39वें संशोधन में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्पीकर को न्यायिक समीक्षा से बाहर रखा था, लेकिन मोदी सरकार इसके उलट कदम उठा रही है. विपक्ष द्वारा संसद में बिल पेश करने से रोकने पर शाह ने कहा, "क्या संसद केवल शोरगुल के लिए है या बहस के लिए? हमने भी अतीत में विरोध किया है लेकिन किसी बिल को पेश ही न होने देना अलोकतांत्रिक मानसिकता है. विपक्ष को इसका जवाब जनता को देना होगा." अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार ने लालू यादव को बचाने के लिए अध्यादेश लाया था, तब राहुल गांधी ने उसे सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया था. उन्होंने पूछा, "अगर उस दिन नैतिकता थी, तो क्या आज नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगातार तीन चुनाव हार चुकी है?" AAP नेता सत्येंद्र जैन और कांग्रेस द्वारा RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को समर्थन देने का हवाला देते हुए शाह ने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह सरकार के अध्यादेश को बकवास बताया और फाड़ दिया, लेकिन आज वही कांग्रेस, सरकार बनाने के लिए लालू यादव को गले लगा रही है." गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के 'ब्लैक बिल' कहकर विरोध करने पर कहा कि वे और बीजेपी पूरी तरह इस विचार को खारिज करते हैं कि देश को किसी एक व्यक्ति के बिना चलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा, "एक सदस्य हटेगा तो पार्टी के अन्य सदस्य सरकार चलाएंगे. जब उन्हें जमानत मिलेगी, वे फिर से पद ग्रहण कर सकते हैं. इसमें आपत्ति क्या है?" उन्होंने उम्मीद जताई कि विधेयक पारित होगा और कांग्रेस और विपक्ष में भी कई लोग नैतिक आधार पर इसे समर्थन देंगे.

इंडिया एक्सपो मार्ट में लगेगा उपलब्धियों और योजनाओं का अनोखा संगम

विभागीय प्रदर्शनी से बढ़ेगी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की भव्यता इंडिया एक्सपो मार्ट में लगेगा उपलब्धियों और योजनाओं का अनोखा संगम 28649 स्क्वायर मीटर स्पेस बुक, कुल 37085 स्क्वायर मीटर में लगेंगे स्टॉल्स  प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को नई पहचान देगा यूपीआईटीएस विभागीय स्टॉल्स के अतिरिक्त, फूड कोर्ट्स और बी2बी एवं बी2सी स्टेज भी बनेंगे सीएम युवा, न्यू एंटरप्रेन्योर्स और पार्टनर कंट्री पवेलियन होंगे आकर्षण का केंद्र  कल्चरल स्टेज पर विभिन्न कल्चरल एक्टिविटीज और शोज का किया जाएगा आयोजन लखनऊ ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण की तैयारी ज़ोरों पर है। इस बार का शो सिर्फ़ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य सरकार के विभिन्न विभाग भी इसमें अपनी उपलब्धियों, परियोजनाओं और योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा पेश करेंगे। 25 से 29 सितंबर के बीच होने वाले इस भव्य आयोजन में विभिन्न स्टॉल्स के लिए कुल 37085 स्क्वायर मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 28649 स्क्वायर मीटर स्पेस बुक भी हो चुका है। इससे साफ़ है कि इस बार का यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वाकई रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी के साथ प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को नई पहचान देगा। योगी सरकार की योजनाओं का होगा प्रदर्शन शो में इन्वेस्ट यूपी, यूपीसीडा, जीनीडा, यीडा और नोएडा जैसे औद्योगिक विकास से जुड़े विभाग प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा विभाग भी अपनी योजनाओं को प्रदर्शित करेंगे। आने वाले विजिटर्स को आकर्षित करने के लिए नगर विकास, पर्यटन एवं संस्कृति और स्वच्छ गंगा मिशन से जुड़े विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। वहीं, सिंचाई विभाग, फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ एंड हॉस्पिटल्स, आयुष, पर्यावरण और वन विभाग भी इसमें हिस्सा लेंगे। कृषि, डेयरी और जीआई प्रोडक्ट्स को मिलेगा मंच ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभाग जैसे कृषि विभाग, डेयरी डेवलपमेंट, एनीमल हज्बंड्री, फिशरीज और यूपीएसआरएलएम अपने-अपने सेक्टर की उपलब्धियों को सामने रखेंगे। साथ ही ओडीओपी और जीआई प्रोडक्ट्स भी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों का ध्यान खींचेंगे। इस बार शुगर एंड केन, टेक्सटाइल्स एंड हैंडलूम्स, क्रेडाई, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ट्रांसपोर्ट (ऑटो व ईवी), यूपीएसडीएम और हायर एजुकेशन से जुड़े स्टॉल भी शोभा बढ़ाएंगे। इसके अलावा सीएम युवा, न्यू एंटरप्रेन्योर्स और पार्टनर कंट्री पवेलियन जैसी पहल भी आकर्षण का केंद्र होंगी। यही नहीं, विभागीय स्टॉल्स के अतिरिक्त, आयोजन स्थल पर फूड कोर्ट्स, बी2बी एवं बी2सी स्टेज के अतिरिक्त कल्चरल स्टेज भी बनाया जाएगा, जहां पर विभिन्न कल्चरल एक्टिविटीज और शोज का आयोजन किया जाएगा।     

ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जेल में, शारिक मछली पर गंभीर आरोप अभी तक बिना FIR, ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जा चुके हैं जेल

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी, यौन शोषण और जमीन कब्जाने के मामलों में शारिक मछली का नाम लगातार सरगना के तौर पर सामने आ रहा है। हाल ही में पुलिस और प्रशासन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर उसकी 100 करोड़ कीमत की 7 अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। 23 जुलाई उसके भाई शाहवर और भतीजे यासीन को ड्रग तस्करी में पकड़ा गया था। यासीन के मोबाइल फोन में कई लड़कियों और महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले थे। जिसके बाद कुछ पीड़िताओं ने सामने आकर इन दोनों के खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराए थे। पूरी कार्रवाई के दौरान शारिक का नाम संरक्षक के तौर पर चर्चाओं में आया है। लेकिन, भाई और भतीजे की गिरफ्तारी के 34 दिन बाद भी उसके खिलाफ गFIR दर्ज नहीं की गई है। इन दो मामलों में कार्रवाई का इंतजार पहला मामला: पिपलानी थाने में 11 सितंबर 2024 को एक युवती ने शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि शारिक के परिचित ने उससे रेप किया और वीडियो बनाया। यह वीडियो शारिक को भेजा गया था। उसी के रेस्टोरेंट में वारदात को भी अंजाम दिया। लेकिन, पुलिस शारिक के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रही है। शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता ने 25 जुलाई को फिर शिकायत की। लेकिन, करीब 32 दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरा मामला: 31 जुलाई को अशोका गार्डन थाने में ​​​​​​राजेश तिवारी नाम के व्यक्ति ने अपहरण बंधक बनाकर पीटने और अवैध वसूली करने की शिकायत कराई थी। इसकी जांच 25 दिन से चल रही है। लेकिन, शिकायत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कोल्डड्रिंक पिलाकर रेप, न्यूड वीडियो बनाया पिछले 11 सितंबर 2024 को एक 22 वर्षीय पीड़िता अपने पिता के साथ पिपलानी थाने पहुंची थी। उसने 2019 से अक्टूबर 2024 तक शोषण करने के आरोप लगाए। पुलिस ने शिकायती आवेदन तो लिया लेकिन आगे कार्रवाई नहीं की। तब वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची और जांच एममी नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर को सौंप दी गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि 2019 में जब वह 11वीं में थी तब पीएससी की तैयारी के लिए आनंद नगर स्थित कोचिंग क्लास जाती थी, तब कोचिंग संचालक ने उसका परिचय दिव्यांश अहिरवार से करवाया था। दिव्यांश ने खुद को मैनिट का छात्र बताया। कोचिंग खत्म होने के बाद एक दिन दिव्यांश ने मुझे अपनी स्कूटी से घर छोड़ने को कहा। दिव्यांश मुझे पटेल नगर स्थित अपने घर ले गया और एमपीपीएससी की किताब देने के बहाने कमरे में बुलाया। वहां उसने कोल्डड्रिंक दी, जिसे पीते ही मैं बेहोश हो गईं। होश आया तो मेरे शरीर पर कपड़े नहीं थे। दिव्यांश ने न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस डर से अपने पिता से मिलने वाले कोचिंग के पैसे दिव्यांश को देने शुरू कर दिए। पीड़िता के पिता को दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से दूर रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से उसने दिव्यांश द्वारा किए जा रहे शोषण के बारे में अपने पिता को नहीं बताया। इस बीच, दिव्यांश ने उसे बार-बार ब्लैकमेल किया और संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। मना करने पर मारपीट भी करता था। क्लब 90 के रूम में ले जाकर रेप किया पीड़िता ने यह भी बताया कि जिस क्लब 90 में हिंदू छात्राओं से फरहान और उसके साथी रेप करते थे, इसी में दिव्यांश जबरन पीड़िता को ले गया। यहां उसने शारिक मछली और मोहित बघेल से परिचय करवाया। दिव्यांश ने बताया कि वह शारिक के लिए काम करता है और न्यूड वीडियो शारिक को ही देता है। उसने यह भी दावा किया कि शारिक के रसूख के कारण ही पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। महिला संबंधी अपराध, इसलिए जांच ट्रांसफर की पिपलानी थाना प्रभारी चंद्रिका यादव के मुताबिक आनंद नगर चौकी में केस की शिकायत की गई थी, क्योंकि महिला संबंधी अपराध था इसलिए केस एमपी नगर थाने में ट्रांसफर किया, महिला एसआई मामले की जांच कर रही हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा

बाढ़ में नहीं भूख से तड़पेंगे पशुधन!नीतीश सरकार पहुंचाएगी चारा  बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा पशुओं की जान बचाने उतरी नीतीश सरकार, हर शिविर में पहुंचेगा चारा  बाढ़ के दौरान पशुओं का डायर्ट प्‍लान तैयार! जरूरत के अनुसार मिलेगा चारा पटना बाढ़ की विभीषिका केवल इंसानों को ही नहीं, पशुओं के लिए भी मुश्किल खड़ी कर देती है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के पशुपालकों की समस्‍या को समझते हैं। ऐसे वक्‍त में जब घर-आंगन जलमग्न हो जाते हैं और चारागाह डूब जाते हैं। बिहार सरकार पशुपालकों के पशुधन को बचाने के लिए बड़ी सहारा बनी है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने आपदा प्रभावित इलाकों में पशु चारा वितरण कार्यक्रम शुरू किया है, ताकि किसी भी पशुपालक को अपने मवेशियों को भूखा रखने की नौबत न आए। पशुओं के हिसाब से मिलेगा चारा जिला प्रशासन के सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत हर जिले में पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में प्रभावित गांवों और पशु शिविरों तक चारा पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि वितरण पूरी तरह पशुओं की ज़रूरत के हिसाब से तय किया गया है। किसके लिए कितना चारा  बिहार सरकार जिला प्रशासन के सहयोग से बड़े जानवरों के लिए 6 किलो चारा तय किया है। छोटे जानवरों के लिए 3 किलो चारा तय किया है। वहीं, उससे छोटे जैसे भेंड बकरी और दूसरे मवेशियों के लिए एक किलो चारा तय किया गया है। चारे में इस बात का ध्‍यान रखा गया है कि मवेशियों की जरूरत का पोषण उन्‍हें मिल जाए। ये है प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से पशुपालकों को एक बार में 3 दिन से लेकर एक हफ्ते तक का चारा मुहैया कराया जा रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ने पर यह व्यवस्था शिविर संचालन तक जारी रखने का आदेश दिया गया है। चारा वितरण से पहले प्रभावित पशुओं की संख्या गिनी जाती है और हर पशुपालक को टोकन दिया जाता है। इसी आधार पर लाइनवार और व्यवस्थित तरीके से चारा पहुंचाया जाता है। ऐसे ले सकते हैं लाभ बताते चलें, बाढ़ के समय पशुओं का जीवन दांव पर होता है। तब यह योजना पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। जरूरत पड़ने पर मवेशी पालक, पशुपालन निदेशालय, बिहार के 0612-2230942 नंबर या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार 0612-2226049 नंपर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम     उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।     एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही। श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए। सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।