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टूरिज्म हब बनने की राह पर छत्तीसगढ़, बड़े निवेश से होटल और पर्यटन उद्योग को मिलेगा बूस्ट

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे। बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

NEET RE-Exam में होगी हाई सिक्योरिटी, पेपर भेजने के लिए वायुसेना के विमानों की तैयारी

नई दिल्ली सरकार अब नीट-यूजी दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए भारतीय वायुसेना यानी आईएएफ की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मुद्दे पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परिवहन और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर इस बात पर विचार किया गया कि क्या पेपर ट्रांसपोर्ट के लिए वायुसेना के विमान इस्तेमाल किए जा सकते हैं ताकि लीक या छेड़छाड़ की कोई संभावना न रहे। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरी योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें हर स्तर की जानकारी दी जा रही है। पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी खुद NEET री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।  सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे।  कैसे शुरू हुआ विवाद? NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए, जिसके बाद मामला बढ़ता गया. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. फिलहाल इस मामले की जांच CBI कर रही है।  बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू की समीक्षा की गई। दरअसल, नीट-यूजी परीक्षा इस साल तीन मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए। एनटीए के मुताबिक सात मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया। इसके बाद बढ़ते विवाद और जांच के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज केस में देशभर में कई जगह छापेमारी की गई है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई का दावा है कि पेपर लीक के असली स्रोत का पता लगा लिया गया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। ऐसे में अब सरकार की कोशिश यही है कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जाए ताकि छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

अब नहीं चलेगी अनंत सुनवाई! SC ने हाईकोर्ट को मामलों के निपटारे की समयसीमा दी

 नई दिल्ली देश की न्यायपालिका में सुधार की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक कड़ा कदम उठाया है। अब देश के सभी हाईकोर्ट्स को किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपिन एम पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया है कि अदालती कार्यवाही में बेवजह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालतों में लंबित मामलों और फैसलों में होने वाली देरी पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शीर्ष अदालत ने आरक्षित फैसलों, जमानत आदेशों और उनके कारणों को सार्वजनिक करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है।  सुरक्षित फैसलों को अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित (Reserved Judgment) रखे जाने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाया जाना चाहिए. वहीं जमानत से जुड़े मामलों में आदेश आदर्श रूप से अगले दिन जारी किया जाए और उसी दिन जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए।  जमानत के मामलों में ‘इमीडिएट’ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए जमानत (Bail) के मामलों में बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि:     जमानत की अर्जी पर फैसला उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनाया जाना चाहिए।     आदेश को तुरंत जेल अधिकारियों को भेजा जाए ताकि 24 से 48 घंटे के भीतर आरोपी की रिहाई सुनिश्चित हो सके।     ट्रायल कोर्ट्स को अब इन मामलों में अपनी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) संबंधित हाईकोर्ट को सौंपनी होगी। फैसला न आने पर अब केस हो सकेगा ट्रांसफर सुप्रीम कोर्ट ने इन दिशानिर्देशों को सिर्फ एक सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्य नियम बनाया है। यदि किसी मामले में फैसला तीन महीने की समय सीमा के भीतर नहीं आता है, तो प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार जनरल को मामले को तुरंत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के संज्ञान में लाना होगा। यदि इसके बाद भी देरी होती है, तो मामला किसी दूसरी बेंच को सौंप दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि फैसला आने के 15 दिनों के भीतर विस्तृत आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया जाता, तो संबंधित पक्ष इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। देरी के 30 दिन पूरे होने पर केस को दूसरी बेंच में स्थानांतरित (Transfer) करने का विकल्प भी खुला रहेगा। पारदर्शिता के लिए डिजिटल बदलाव न्यायालय ने यह भी अनिवार्य किया है कि अब हर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से दिखेगा कि किस तारीख को फैसला सुरक्षित रखा गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पोर्टल्स पर जरूरी तकनीकी बदलाव करें ताकि फैसले सुरक्षित रखने, सुनाने और अपलोड करने की तारीखें जनता के लिए पारदर्शी हों। क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत? यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े एक मामले के बाद आया है, जिसमें दिसंबर 2025 में फैसला होने के बावजूद वह महीनों तक न तो अपलोड हुआ और न ही वादी को मिल सका। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने अपने 15 साल के अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकाल में हमेशा तीन महीने के भीतर निर्णय देने के मानक का पालन करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये निर्देश किसी जज या कोर्ट के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 से ही सुप्रीम कोर्ट सभी हाईकोर्ट्स से लंबित मामलों और उनके डेटा की रिपोर्ट मांग रहा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय मिलने में देरी न हो। जमानत पाए कैदियों कि रिहाई उसी दिन हो सुनिश्चित अदालत ने यह भी कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी रिहाई उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनिश्चित की जानी चाहिए. नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अदालत पहले आदेश का प्रभावी हिस्सा (Operative Part) खुले कोर्ट में सुनाएगी और उसके विस्तृत कारण सात दिनों के भीतर वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. साथ ही, जिस दिन फैसला सुरक्षित रखा गया हो, उसकी जानकारी भी संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है तो मामला किसी अन्य पीठ को सौंपा जा सकता है. वहीं, यदि फैसले के कारण 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं तो मामला वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है. शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे इन दिशानिर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। 

MANIT में हुआ गिरिबाला सिंह का मेडिकल, मां-बेटे ने हवालात में काटी तनावभरी रात

भोपाल  एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। सीबीआई ने लगातार तीन दिन तक पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और सबूतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। गिरिबाला को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। 26 मई को सीबीआई की टीम पहली बार बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। यहां अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। टीम ने ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात की परिस्थितियों, घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों और घटना के बाद की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी भी हासिल की। ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब समर्थ और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। सीबीआई अब टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके। डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही CBI 28 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम एक बार फिर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। 7 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार पूछताछ की गई। इस तरह तीन दिन में करीब 10 घंटे चले सवाल-जवाब में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए? सवाल में फंसी गिरिबाला सिंह  ट्विशा शर्मा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह से फंस चुकी हैं। गुरुवार को गिरफ़्तारी के बाद उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ सीबीआई की हवालात में रखा गया। आज गिरिबाला सिंह को सीबीआई, कोर्ट में पेश करेगी। पूर्व जज, ट्विशा शर्मा केस की जांच कर रहे अधिकारियों के सवालों में घिरीं हैं। सीबीआई उनसे प्रमुख रूप से यह जानना चाह रही है कि फांसी लगाने और एम्स ले जाने के बीच ट्विशा के साथ क्या हुआ! उसके शरीर पर 6 चोटें कैसे आईं। गिरिबाला सिंह अधिकारियों के सामने पुराने बयान ही दोहरा रही हैं लेकिन सीबीआई को इस पर भरोसा नहीं हो रहा। सीबीआई ने मामले की जांच तेज कर दी है। सोमवार की रात को दिल्ली से आकर नई एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही टीम लगातार सक्रिय है। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियोें ने केस के हर पहलू को खंगालने की कोशिश की है। जांच अधिकारियों के अनुसार चार दिनों में ही टीम को कई अहम सबूत हासिल हो चुके हैं। बहू की संदिग्ध मौत के केस के संबंध में सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई के जांच अधिकारियों ने समर्थ के उस चचेरे भाई स्वराज को भी तलब किया, जिसने वारदात के बाद कथित तौर पर ट्विशा शर्मा को फंदे से उतारने में मदद की थी।  हवालात में रातभर बेचैन रहे समर्थ और गिरिबाला सिंह  भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी सीबीआई की हवालात में पहुंच चुकी हैं। अपनी बहू मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआइ ने उन्हें गुुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया था। बुधवार देर रात ही हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह सीबीआई टीम उनके घर पहुंची और ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद घटना के 17वें दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया। सीबीआइ उन्हें मैनिट में तैयार कैंप ऑफिस ले गई। यहीं मेडिकल जांच कराई। बाद में सीबीआइ ऑफिस ले गई। केस के लिए सीबीआइ ने भोपाल दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया है। अब शुक्रवार को सीबीआइ स्पेशल कोर्ट में पेश कर गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेगी। ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब बुरी तरह फंस गए हैं। भविष्य की चिंता ने मां बेटे को बेचैन कर दिया है। सीबीआइ की टीम सुबह 10.30 बजे ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची। यहां सास गिरिबाला सिंह, चचेरे भाई स्वराज और अन्य लोगों से 7 घंटे पूछताछ की। इसके बाद शाम 5.15 बजे गिरिबाला को गिरफ़्तार कर लिया।

पूरी दुनिया में ठप पड़ा ChatGPT, यूजर्स के अटके काम; हिस्ट्री और लॉगिन में आ रही दिक्कत

नई दिल्ली OpenAI का AI चैटबॉट ChatGPT इस समय भारत समेत दुनिया भर में अचानक ठप हो गया। इस प्लेटफॉर्म के अचानक डाउन होने से हजारों यूजर्स प्रभावित हुए हैं। यूजर्स को लॉगिन, जवाब मिलने और पुरानी चैट को लोड करने में परेशानी आ रही, जिससे कई लोगों का काम बीच में ही रुक गया। ऑनलाइन आउटेज मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म Downdetector पर अमेरिका में 4,300 से अधिक यूजर्स ने AI प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की सूचना दी है। वहीं, भारत में अब तक लगभग 470 शिकायतें दर्ज की गई हैं। लगभग 85%, लोगों ChatGPT का यूज करने में परेशानी हो रही है, जबकि 6 प्रतिशत ने लॉगिन में समस्या बताई है। शेष 6 प्रतिशत ने वेबसाइट के साथ समस्याओं की जानकारी दी है। शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे से ही यूजर्स को चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दफ्तर का काम कर रहे प्रोफेशनल्स, कोडिंग सीख रहे इंजीनियर्स और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र जैसे ही अपने सवालों के जवाब के लिए चैटजीपीटी पर गए, उन्हें केवल एक खाली स्क्रीन या फिर एरर मैसेज दिखाई देने लगे। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से सबसे ज़्यादा शिकायतें मिलीं। चैटजीपीटी ठप होते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और लोगों ने अपनी-अपनी दिक्कतों को लेकर शिकायतों की बाढ़ ला दी। OpenAI ने भी माना है कि उनके सिस्टम में गड़बड़ी आई है। कंपनी ने अपने स्टेटस पेज पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ यूजर्स को बातचीत करने या जवाब पाने में दिक्कत हो सकती है। कंपनी ने बताया कि उन्होंने समस्या को कम करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और वे इस सुधार पर लगातार नजर रख रहे हैं। यूजर्स को हो रही ये परेशानी चैटजीपीटी डाउन होने पर यूजर्स को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: जवाब नहीं मिल रहा और ऐप हो रहे क्रेश जब यूजर कोई सवाल टाइप कर रहा है तो चैटजीपीटी कोई जवाब नहीं दे रहा और स्क्रीन पर केवल ब्लिंक हुआ कर्सर या खाली जगह दिखाई दे रही है। एंड्रॉयड और आईफोन (iOS) दोनों के मोबाइल ऐप्स खुलते ही अपने आप बंद हो रहे हैं या हैंग हो जा रहे हैं। पुरानी चैट गायब और लॉगिन में समस्या स्क्रीन की बाईं तरफ (Left Side) जहां पुरानी सारी बातचीत और प्रोजेक्ट्स सेव रहते हैं, वह हिस्सा पूरी तरह खाली या सफेद दिखाई दे रहा है। कई यूजर्स अपने अकाउंट से अपने आप लॉगआउट हो गए हैं और जब वे दोबारा लॉगिन करने की कोशिश कर रहे हैं, तो पेज लोड ही नहीं हो रहा है। वहीं यूजर्स का चैटजीपीटी खुल तो रहा है, लेकिन वह इतना धीमा चल रहा है कि एक छोटा सा जवाब लिखने में भी कई मिनट लगा रहा है। चैटजीपीटी के बंद होने से उन यूजर्स को सबसे ज्यादा परेशानी हुई जिनके रोज के काम इसी पर टिके हैं। चाहे पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स हों, दफ्तर में काम करने वाले प्रोफेशनल्स या फिर कंटेंट क्रिएटर्स सबके काम पर अचानक ब्रेक लग गया। इससे यह बात बिल्कुल साफ हो गई है कि अब एआई टूल्स की निर्भरता बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

Punjab Nikay Chunav Result: नगर निकाय चुनाव में AAP आगे, कांग्रेस और अकाली दल की बढ़ी चिंता

चंडीगढ़  पंजाब निकाय चुनाव 2026 के लिए डाले गए वोटों की गिनती जारी है। अभी तक के रुझानों में आम आदमी पार्टी सभी दलों पर भारी पड़ती दिख रही है। हालांकि अभी रुझान हैं। स्पष्ट परिणाम दोपहर 12 बजे तक आने की संभावना है। बता दें कि 26 मई को राज्य के 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा लेकर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद कर दिया था। मतगणना के लिए राज्यभर में कुल 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। काउंटिंग सेंटरों के बाहर पुलिस बल तैनात है। पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर देखे जा सकेंगे। इसके अलावा विभिन्न समाचार वेबसाइटों और टीवी चैनलों पर भी लाइव अपडेट उपलब्ध रहेंगे। इन चुनावों को वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर आज आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है। अभी तक के रुझान | राजनीतिक पार्टी | सीटों की संख्या | | आम आदमी पार्टी (आप) | 150 | | शिरोमणि अकाली दल | 38 | | कांग्रेस | 39 | | निर्दलीय | 36 | | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 4 | लुधियाना निकाय चुनावों में ‘आप’ आगे लुधियाना जिले में नगर निकाय चुनावों की मतगणना के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) कई क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। दोराहा में सभी 15 वार्डों पर चुनाव हुआ, लेकिन अभी किसी पार्टी को विजेता घोषित नहीं किया गया है। जगराओं के सभी 23 वार्डों में मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ तीन वार्डों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस एक और निर्दलीय उम्मीदवार एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। खन्ना में कुल 33 वार्ड हैं। इनमें एक सीट निर्विरोध रही, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 32 वार्डों में ‘आप’ 10 सीटों पर और कांग्रेस तीन सीटों पर आगे है। पायल में सभी 11 वार्डों पर चुनाव हुआ। यहां ‘आप’ एक वार्ड, कांग्रेस दो वार्ड, निर्दलीय एक वार्ड और शिरोमणि अकाली दल (SAD) एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। रायकोट के 15 वार्डों में भी मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ एक वार्ड और कांग्रेस चार वार्डों में आगे चल रही है। समराला में 15 वार्डों में से तीन सीटें निर्विरोध रहीं, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 12 वार्डों में ‘आप’ तीन, भाजपा एक, कांग्रेस एक और शिरोमणि अकाली दल पांच वार्डों में आगे है। जिला स्तर पर कुल 112 वार्डों में से चार निर्विरोध रहे, जबकि 108 वार्डों पर मुकाबला हुआ। इनमें ‘आप’ 18 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। भाजपा एक, कांग्रेस 11, निर्दलीय दो और शिरोमणि अकाली दल छह वार्डों में आगे चल रहे हैं।  रामदास में ‘आप’ की एकतरफा जीत, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु के नतीजे घोषित पंजाब में नगर परिषद चुनावों के नतीजे लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला हलके के कस्बा रामदास नगर परिषद की कुल 11 वार्डों में से 10 पर ‘आप’ उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा अपना खाता खोलने में नाकाम रहीं। भुच्चो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से ‘आप’ के प्रिंसी गोलण, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी रहीं। कोठा गुरु में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर (आप), वार्ड नंबर 2 से बूटा सिंह (आप) और वार्ड नंबर 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) ने जीत हासिल की। इसके अलावा धूरी के अन्य वार्डों में वार्ड नंबर 13 से ‘आप’ की आशा लद्दड़ और वार्ड नंबर 7 से भी ‘आप’ उम्मीदवार विजयी रहे हैं।  बटाला, लहरा मुहब्बत, कोट ईसे खां और फाजिल्का के नए पार्षदों का ऐलान पंजाब में हुए नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के नतीजों का सिलसिला जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार: बटाला: नगर निगम के वार्ड नंबर 5 से आम आदमी पार्टी के भूपिंदर सिंह बाजवा विजयी रहे हैं। लहरा मुहब्बत: यहां हुई मतगणना में वार्ड नंबर 1 से जसवीर कौर (निर्दलीय), वार्ड 2 से गुरतेज सिंह (शिरोमणि अकाली दल), वार्ड 3 से राजप्रीत कौर (निर्दलीय), वार्ड 4 से मोहन लाल (निर्दलीय), वार्ड 5 से गुरमीत कौर (शिरोमणि अकाली दल) और वार्ड 6 से मेवा सिंह (शिरोमणि अकाली दल) विजयी रहे। कोट ईसे खां: वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय उम्मीदवार अरुण सीकरी ने जीत हासिल की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार बिट्टू मल्होत्रा को 116 वोटों के अंतर से हराया। फाजिल्का: नगर परिषद के घोषित 6 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी और भाजपा को 1-1 सीट मिली है।  पंजाब नगर परिषद चुनाव: रामदास, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु में AAP की भारी जीत पंजाब में नगर परिषद चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला कस्बे के रामदास नगर परिषद के कुल 11 वार्डों में से 10 वार्डों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। भुचो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से 'आप' के प्रिंस गोलन, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी हुए हैं। कोठा गुरु के विजेताओं में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर ('आप'), वार्ड 2 से बूटा सिंह ('आप') और वार्ड 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) शामिल हैं। इसके अलावा, धुरी के अन्य वार्डों में, वार्ड 13 से 'आप' की आशा लद्दर और वार्ड नंबर 7 से 'आप' के उम्मीदवार विजयी हुए हैं।  मलेरकोटला में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना मलेरकोटला की तीन नगर निकायों के 61 वार्डों की मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। प्रशासन ने दावा किया है … Read more

मध्य प्रदेश के स्कूल टीचर्स के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग का बड़ा प्रस्ताव; 15 दिन अतिरिक्त अवकाश की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 4 लाख शिक्षकों के लिए खुश खबरी है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियों को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीचर्स की छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों की छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी, जिसे विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हरी झंडी दे दी है. प्रदेश में सरकारी स्कूल स्टूडेंट्स के लिए 23 जून से रीओपन होने जा रहे हैं। जनगणना ड्यूटी को अतिरिक्त छुट्टी का बनाया गया आधार प्रदेश में सरकारी टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियां 1 मई से 31 मई तक निर्धारित थीं. हालांकि, इस बार गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ही 7 मई से हायर सेकंडरी और हाई स्कूल की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुईं, जो 27 मई तक चलीं. इसके अलावा जनगणना भी चलती रही. इसमें अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी. छुट्टियों के दौरान दूसरे सरकारी काम कराए जाने को आधार बनाकर शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मुलाकात की गई और शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की गई थी. शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापना सौंपा गया था। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी हरी झंडी उधर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, '' प्रदेश में स्कूली टीचर्स का ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय बढ़ाया जा रहा है. शिक्षकों को 15 जून तक का अवकाश दिया जा रहा है. इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है. जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.'' उधर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल के पास इसे भेजा जाएगा. प्रमुख सचिव के अनुमोदन के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। अब 23 जून को खुलेंगे स्कूल प्रदेश में पहले स्कूली शिक्षकों को 2 माह का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था, जिसे घटा कर 40 दिन कर दिया गया था. 2024-25 में शिक्षकों की छुट्टियों को 10 दिन और कम कर दिया गया. 2025 के बाद इस साल भी शिक्षकों को 31 दिन का अवकाश दिया गया. हालांकि, अब शिक्षकों के अवकाश को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. प्रदेश में सरकारी स्कूल अब स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को खुलेंगे।

Giribala Singh Arrest: 6 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद CBI ने किया गिरफ्तार

भोपाल  ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है।छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। वहां उनका मेडिकल करवाया जाएगा। इसके सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होगी। पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी दरअसल, एमपी हाईकोर्ट ने देर रात उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे के करीर सीबीआई की टीम उनके घर में प्रवेश की थी। उसके बाद से लगातार उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने डॉक्टरों के पर्चे भी प्रस्तुत किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती गिरिबाला सिंह पूछताछ के दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी। उनसे तमाम सवाल सीबीआई ने पूछे हैं जो ट्विशा के केस से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारियों के साथ-साथ घर में एसआईटी की टीम भी मौजूद है। इसके साथ ही सीबीआई की तकनीकी टीम भी घर में मौजूद है। एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है इससे पहले CBI ने कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को फिर से रचने के लिए 'टनल व्यू' जांच पद्धति का इस्तेमाल किया. जांच एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है, ताकि ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन कब घर में आया या गया. इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद्द की थी जमानत याचिका CBI ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यप्रदेश पुलिस से  ट्विशा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. पेशे से वकील समर्थ सिंह इसके बाद से फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं.  इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की दहेज मृत्यु के मामले में दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. बुधवार को जारी आदेश में निचली अदालत द्वारा 15 मई के आदेश के जरिए दी गई राहत को रद्द कर दिया गया था. अदालत ने यह टिप्पणी की कि जमानत देते समय केस डायरी और गवाहों के बयानों से जुड़े अहम तथ्यों पर ठीक से विचार नहीं किया गया था।  ट्विशा शर्मा केस की टाइमलाइन     ट्विशा शर्मा ने 12 मई को ससुराल में दी थी जान     13 मई को परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या हुई     गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन     इसके बाद परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की     भोपाल कोर्ट से याचिका हो गई खारिज     परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात की     दोबारा पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई     हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए     सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी     दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का किया पोस्टमार्टम     सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लिया     इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर किया     सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की     हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज समर्थ सिंह को भी लेकर पहुंची थी सीबीआई दरअसल, गिरिबाला सिंह पूछताछ से पहले सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को भी लेकर घर पहुंची थी। बताया जाता है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। कोर्ट में पेशी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई रिमांड पर ले सकती है। उठ रहे हैं कई सवाल वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर कई सवाल हैं। इसमें सबसे अहम सवाल उसकी मौत की टाइमिंग को लेकर है। पुलिस की डायरी में मौत की टाइमिंग कुछ और है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कुछ और टाइम दर्ज है। ऐसे में तमाम तकनीकी साक्ष्यों की जांच को इकट्ठा कर रही है। एसआईटी ने भी अभी तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इसके बाद सीबीआई अपने तरीके से जांच कर रही है। ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक की बड़ी बातें      12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं थी.     शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन परिवार ने साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया.     पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.     मामले की गंभीरता और विवाद के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई.      सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर केस दोबारा दर्ज किया और सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत व फोरेंसिक रिपोर्ट अपने कब्जे में ली     एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घर की जांच और क्राइम सीन को समझने की प्रक्रिया शुरू की     जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं     सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई को केस सौंपा     सीबीआई ने पति और सास से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए और जांच को आगे बढ़ाया।     ताजा कार्रवाई में सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिससे मामले में जांच तेज हो गई है जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल की एक सत्र अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया. उन्होंने यह टिप्पणी की कि निचली अदालत केस डायरी, गवाहों की गवाही और व्हाट्सअप बातचीत जैसे अहम सबूतों की ठीक से जांच करने में नाकाम रही।  हाई कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के बाद पाया कि इस आदेश में गंभीर कमियां थीं. बेंच ने यह भी पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज गवाहों की अहम गवाही … Read more

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- शिक्षा, संगठन और संस्कार समाज विकास की सबसे बड़ी ताकत

शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ​जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री ​अघरिया और स्वर्णकार समाज के सामुदायिक भवनों का लोकार्पण ​10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित ​रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के 'स्वर्ण मंडपम' सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ​शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी         कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।" ​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति          कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा। ​बलौदा में 'स्वर्ण मंडपम' का लोकार्पण             नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

किसके पास कितने वोट? राज्यसभा चुनाव में गणित बिगड़ा तो बदल सकता है पूरा समीकरण

नई दिल्ली राज्यसभा की 24 सीटों के चुनाव में संख्याबल के बावजूद विपक्षी दलों में अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा पैदा नहीं हो पा रहा है। पिछले कई मौकों पर बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग ने भाजपा विरोधी खेमे को कई बड़े झटके दिए हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश, झारखंड एवं कर्नाटक में काग्रेस और उसके सहयोदी दलों को क्रॉस वोटिंग की चिंता सता रही है। झारखंड की 2 सीटों पर चुनाव झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी कांग्रेस के पास खाली हो रही दोनों सीट जीतने के लिए पर्याप्त नंबर हैं, लेकिन भाजपा के द्वारा चुनाव लड़ने की तैयारी से समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक सीट की जीत के लिए 28 वोट चाहिए। झामुमो के नेतृत्व वाली INDIA गठबंधन की सरकार के पास 56 विधायक हैं। यानी दोनों सीटें जीती जा सकती हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 24 विधायक हैं। यानी चार सीटों की क्रॉस वोटिंग से तो मामला पलट ही सकता है, एक दो वोट इधर उघर होने पर दूसरी वरीयता से दूसरी सीट का फैसला होगा। कर्नाटक में रोचक हुआ चुनाव कर्नाटक में कांग्रेस में सरकार के भीतर खींचतान जारी है। ऐसे में, वहां की चार सीटों का चुनाव रोचक है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास 135 व भाजपा-जदएस के पास 85 विधायक हैं। एक सीट के लिए 45 वोट की जरूरत है। इसमें कांग्रेस तीन एवं भाजपा के एक सीट जीतने के आंकड़े हैं, लेकिन भाजपा दूसरी सीट के लिए उतरती है तो उसे बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग करानी पड़ेगी या फिर मामला दूसरी वरीयता के वोटों पर जा सकता है। मध्य प्रदेश में चाहिए 58 वोट मध्य प्रदेश में तीन सीटों के चुनाव में एक सीट के लिए 58 वोट की जरूरत है। भाजपा के पास दो सीट जीतने के बाद भी 48 वोट अतिरिक्त हैं। यानी उसे एक और सीट जीतने के लिए दस और वोटों का जुगाड़ करना होगा। कांग्रेस के पास 62 वोट हैं। यानी आसानी से एक सीट आ सकती है, लेकिन अगर भाजपा एक ज्यादा उम्मीदवार उतारती है तो क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ जाएगा। गौरतलब है कि इस बार कांग्रेस से दिग्विजय सिंह की सीट खाली हो रही है। वह फिर से लड़ते हैं तो भाजपा दांव खेल सकती है। पिछली बार दिग्विजय सिंह के चलते हुए राज्यसभा सीट के विवाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी थी। सिंधिया अब भाजपा में हैं। भाजपा यहां पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। इन राज्यों में चुनाव 18 जून को होने वाले चुनाव में आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम की एक-एक सीट शामिल हैं। महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए उपचुनाव भी होगा। जिन 26 सीटों के लिए चुनाव और उपचुनाव हो रहा है उनमें एनडीए के पास 18 सीटें हैं और इनमें भी 12 सीटें भाजपा की हैं। इसके अलावा चार सीटें कांग्रेस, तीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास हैं। भाजपा की खाली होने वाली सीटों में गुजरात से तीन, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से दो-दो और अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और मणिपुर से एक-एक सीट शामिल हैं।