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अतिक्रमण पर MP सरकार का बड़ा एक्शन, प्रशासन ने 4.79 हेक्टेयर भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है। ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी। राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया। NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया। संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सख्त संदेश, नशे के कारोबारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; बड़े पैमाने पर चलेगा नशा मुक्ति अभियान

किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़े पैमाने पर चलेगा नशा मुक्ति अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर में हुई पुलिस कार्रवाई पर मीडिया से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा सागर जिले में हुई दु:खद घटना और कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा अवैध शराब के कारोबार में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने सहित आवश्यक कदम उठाए गए हैं, कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस टीम ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ले लिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता सिद्ध की है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति अभियान संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी।  

आगामी पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बारिश से खराब सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात के बाद नवीनीकरण भी हो: मुख्यमंत्री आगामी पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी पर्वों के लिए 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित, प्राथमिकता के आधार पर होंगे गड्ढामुक्त शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और प्रमुख बाजारों की सड़कों को प्राथमिकता पर लेकर तत्काल शुरू कराएं मरम्मत कार्य: मुख्यमंत्री 09 विभागों के करीब 4.36 लाख किमी मार्गों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, 50 हजार किमी के गड्ढामुक्ति लक्ष्य पर चल रहा काम लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाने और बरसात के बाद जरूरत के अनुसार उनका नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्वों से पहले आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के काम पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति का काम केवल पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। बैठक में बताया गया कि अतिवृष्टि के साथ ही एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर गड्ढामुक्ति के विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे। आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में 09 विभागों के मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है, जिसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर पर काम पूरा किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी है। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है, वहां की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मार्गों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम उपस्थित रहे।

बस्तर में बारिश का कहर, सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

जगदलपुर. जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर में देर रात से तेज बारिश का दौर जारी है। कलेक्टर ने तेज बारिश को देखते हुए आज स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। बस्तर क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जगदलपुर समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। इस इलाके में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है तथा इसके साथ उपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 9.4 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका उत्तर हरियाणा से उत्तर बंगाल की खाड़ी में स्थित निम्न दाब के क्षेत्र के साथ स्थित उपरि हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण तक, 5.8 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जम्मू, देहारादून, फतेहगढ़, प्रयागराज, अम्बिकापुर, झलसुगुड़ा होते हुये, उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब तक स्थित है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के ऊपर स्थित है। प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर वज्रपात होने तथा भारी बारिश होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बिलासपुर और रायपुर संभाग के पूर्वी जिले संभावित है। दिनांक 12 से 14 सितंबर तक भारी बारिश का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। बस्तर का प्रवेश द्वार केशकाल घाट में लगा भीषण जाम, घंटों से दोनों ओर वाहनों की कतार बस्तर के प्रवेश द्वार केशकाल घाट में शुक्रवार सुबह जाम की स्थिति निर्मित हो गई। घाट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि वाहन चालक घंटों से जाम में फंसे हुए हैं।  

जहरीली शराब केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रवि लखेरा के पैर में लगी गोली; 26 पेटी शराब भी बरामद

सागर  सागर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपित और गढ़ी मलहरा शराब दुकान के ठेकेदार रवि लखेरा को पुलिस ने बरायठा के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से रवि लखेरा घायल हो गया। पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन पुलिस ने रवि लखेरा को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस के मुताबिक रवि लखेरा जहरीली शराब तैयार करने का फॉर्मूला उपलब्ध कराता था। उसके खिलाफ बहेरिया थाने में भी अवैध शराब का मामला दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था। पुलिस को गुरुवार रात जानकारी मिली कि वो बरायठा क्षेत्र के जंगल में छिपा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्लान बनाया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि को गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।रवि लखेरा को शुक्रवार तड़के सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पहले भी सामने आ चुका है नाम बंडा जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपित रवि लखेरा पहले भी नकली शराब के मामलों में पुलिस के रडार पर रह चुका है। उसका नाम मई 2026 में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में पकड़ी गई नकली शराब फैक्ट्री मामले में सामने आया था। ललितपुर पुलिस ने उस समय कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नकली शराब, खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की थी।जांच में सामने आया था कि गिरोह का संबंध मध्य प्रदेश में अवैध शराब की सप्लाई से भी था और रवि लखेरा का नाम इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। सागर में जहरीली शराब मामले में 26 पेटी शराब जब्त सागर के बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को गिरफ्तार आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू को पुलिस क्राइम स्पॉट पर लेकर पहुंची। यहां आरोपी ने जमीन के अंदर शराब दबाकर रखने और कुछ शराब नहर में फेंकने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खुदाई कराई, जिसमें 26 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार मौके से 1128 जले हुए क्वार्टर भी मिले हैं। आरोपियों ने शराब को नष्ट करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। चंदू की निशानदेही पर शराब और जले क्वार्टर मिले पुलिस ने आरोपी चंदू से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर कार्रवाई की। इसमें करीब 1.30 लाख रुपए कीमत की 26 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। इसके अलावा 1128 जले हुए क्वार्टर मिले। शराब को नष्ट करने में इस्तेमाल 12 लाख रुपए कीमत का ट्रैक्टर-ट्रॉली और करीब 40 लाख रुपए कीमत की पोकलेन मशीन भी जब्त की गई है। पुलिस अब शराब के स्रोत, भंडारण, परिवहन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। आईजी ने मौके पर पहुंचकर आरोपी से की पूछताछ कार्रवाई के दौरान सागर संभाग के नवागत आईजी इरशाद वली भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली और मौके पर मौजूद आरोपी चंदू से पूछताछ की। आईजी ने बताया कि जहरीली शराब मामले में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान एसपी अनुराग सुजानिया, एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी भी मौजूद रहे। देवरी के डिलोना में 45 किलो महुआ लाहन जब्त अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ चल रही कार्रवाई में देवरी के ग्राम डिलोना में भी दबिश दी गई। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने राजा भैया लोधी के पुराने खंडहर मकान की तलाशी ली। मकान में रखे तीन कुप्पों से करीब 45 किलो महुआ लाहन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार इसका इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया जाना था। टीम ने महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कराया। मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। हीरापुर में मकान से 2.80 लाख की विदेशी शराब मिली पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम हीरापुर में एक मकान पर दबिश देकर 261 बल्क लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त की। इसकी कीमत करीब 2.80 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि मकान का इस्तेमाल अवैध शराब के गोदाम के रूप में किया जा रहा है। जांच में इस शराब का संबंध बंडा जहरीली शराब प्रकरण के आरोपी मनीष लोधी से बताया गया है।मकान से ओल्ड मोंक, लंदन प्राइड, ब्लेंडर्स प्राइड, गोवा रम, व्हाइट मिश्चिफ, रॉयल सिलेक्ट, फॉक्स ऑरेंज, 8 पीएम, महावत, रॉयल स्टैग, ग्रीन लेबल और ब्लैक फोर्ट रम समेत विभिन्न ब्रांड की शराब मिली। आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मध्यप्रदेश में बारिश का दौर फिर शुरू, 12 जिले भीगेंगे; कल से इंदौर संभाग में भी बरसेंगे बादल

भोपाल मध्य प्रदेश में तीन दिन की राहत के बाद मानसून ने फिर करवट ली है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में बारिश का जोर रहने की संभावना है। 12 सितंबर से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।  फिर सक्रिय हुआ मानसून, अब पश्चिमी एमपी की बारी प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का जोर थमा हुआ था। ज्यादातर इलाकों में धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ गई थी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गुरुवार को धूप का असर रहा। अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। शुक्रवार को इसका ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहेगा, जबकि शनिवार से पश्चिमी हिस्से में भी बारिश बढ़ सकती है।  शुक्रवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। कुछ जगहों पर धूप निकल सकती है, जबकि कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। तीन दिन से बारिश नहीं, गर्मी-उमस बढ़ी प्रदेश में पिछले 3 दिन से भारी बारिश नहीं हुई है। इस वजह से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। गुरुवार को भोपाल में तीखी धूप रही। इस वजह से लोग बचाव करते हुए नजर आए। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी धूप खिली। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र), मानसून ट्रफ एक्टिव है। वहीं, पश्चिमी हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) की सक्रियता भी है। इसके चलते बारिश का दौर चलेगा। एमपी में 8% बारिश कम, 32 जिले पीछे मौसम विभाग के अनुसार, अब तक हुई बारिश की बात करें तो इस सीजन 795.3 मिमी यानी, 31.3 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 33.9 इंच (862.5 मिमी) की तुलना में 2.6 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 8 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 13% बारिश कम हुई है। 33 जिलों में 1% से 56% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 25% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। बीते एक सप्ताह से यहां के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है, लेकिन बुधवार तक आंकड़ा एक प्रतिशत हो गया। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 56% कम पानी गिरा है। इन 22 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम ने क्यों बदला रुख? मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ इस समय सक्रिय हैं। इसके अलावा प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है और आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश थमते ही बढ़ी उमस पिछले तीन दिनों में प्रदेश में तेज बारिश का दौर नहीं रहा। इसका असर तापमान और उमस के रूप में देखने को मिला। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी मौसम साफ रहा। बारिश से मिली राहत के बाद अब उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सीजन में अब तक सामान्य से कम पानी मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य आंकड़ा 862.5 मिलीमीटर यानी 33.9 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। कुल बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में कमी करीब 2 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 13 प्रतिशत है। पश्चिमी जिलों में बारिश की ज्यादा कमी बारिश के आंकड़ों में सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले जिलों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इन जिलों में कमी 1 से 56 प्रतिशत तक है। 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अब फिर बढ़ेगी बारिश की गतिविधि पिछले एक सप्ताह में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने के कारण सीजन का आंकड़ा भी ऊपर आया है। अब मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होने से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बढ़ने की उम्मीद है।

11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव, 120 ट्रेनें प्रभावित; कई कैंसिल और डायवर्ट

 नई दिल्ली अगर आप 11 से 13 सितंबर के बीच ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें. दिल्ली डिवीजन से गुजरने वाली करीब 120 ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है. इनमें कई ट्रेनें कैंसिल रहेंगी, कुछ के रूट बदले गए हैं, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या उनके शुरुआती और आखिरी स्टेशन में बदलाव किया गया है. इसका असर राजधानी, तेजस राजधानी, वंदे भारत, पूर्वा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों समेत कई EMU सेवाओं पर भी पड़ेगा।  क्यों बदला गया ट्रेनों का शेड्यूल? नॉर्दर्न रेलवे ने ऑपरेशनल कारणों से 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है. इसके लिए रेलवे ने अलग ट्रेन हैंडलिंग प्लान जारी किया है. रेलवे के मुताबिक इस अवधि में कुछ ट्रेनों को कैंसिल और डायवर्ट किया गया है. इसके अलावा कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट और रीशेड्यूल किया जाएगा. कुछ ट्रेनों के टर्मिनल भी बदले गए हैं।  11 सितंबर को किन ट्रेनों पर असर? 11 सितंबर को कई प्रमुख राजधानी ट्रेनें डायवर्ट रूट से चलेंगी. इनमें नई दिल्ली-रांची राजधानी, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी और नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी शामिल हैं. इसके अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-गाजियाबाद EMU और गाजियाबाद-मथुरा जंक्शन EMU के रूट में भी बदलाव किया गया है. इस दिन पलवल-शकूरबस्ती, गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-पलवल लेडीज और दिल्ली जंक्शन-शामली EMU कैंसिल रहेंगी।  12 सितंबर को कौन सी ट्रेनें प्रभावित 12 सितंबर को भी कई EMU सेवाएं प्रभावित रहेंगी. गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद और नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU समेत कई लोकल ट्रेनें कैंसिल रहेंगी. फरीदाबाद में RLDA के काम के चलते पलवल-शकूरबस्ती EMU भी कैंसिल रहेगी. इस दिन गोमती, श्रमजीवी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, वैशाली और मगध एक्सप्रेस डायवर्ट रूट से चलेंगी. वहीं एक वंदे भारत ट्रेन को 35 मिनट रेगुलेट किया जाएगा।  कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव हुआ 11 सितंबर को कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के रवाना होने के समय में बदलाव किया गया है. नई दिल्ली-हैदराबाद एक्सप्रेस और ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस 120 मिनट रीशेड्यूल रहेंगी, जबकि पश्चिम एक्सप्रेस 90 मिनट देरी से चलेगी. 12 सितंबर को तेजस राजधानी, भुवनेश्वर तेजस राजधानी, राजेंद्र नगर टर्मिनल तेजस राजधानी और तमिलनाडु एक्सप्रेस को देरी से रवाना किया जाएगा. इसके अलावा हरियाणा एक्सप्रेस नई दिल्ली से चलेगी. नई दिल्ली-अलीगढ़ EMU गाजियाबाद से चलेगी, जबकि 64582 और 64557 MEMU के टर्मिनल में भी बदलाव किया गया है।  13 सितंबर को भी कई ट्रेनें हैं कैंसिल 13 सितंबर को भी दिल्ली डिवीजन में ट्रेन संचालन प्रभावित रहेगा. इस दिन पलवल-गाजियाबाद, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन, साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद-शकूरबस्ती और नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU कैंसिल रहेंगी. इसके अलावा शिवगंगा एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर, मेरठ कैंट-श्रीगंगानगर स्पेशल, मथुरा जंक्शन-गाजियाबाद EMU और पलवल-गाजियाबाद EMU डायवर्ट रूट से चलेंगी।  कुछ ट्रेनों के स्टार्ट-टर्मिनेट स्टॉप बदले 13 सितंबर को कुछ ट्रेनों को उनके तय स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन पर समाप्त किया जाएगा. मथुरा जंक्शन-नई दिल्ली EMU पलवल पर खत्म होगी. वहीं पलवल-नई दिल्ली EMU हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त होगी. इसी तरह बुलंदशहर-तिलक ब्रिज MEMU दिल्ली शाहदरा पर ही समाप्त होगी।  यात्रियों को क्या करना चाहिए? अगर आप इन तीन दिनों में दिल्ली डिवीजन से सफर करने वाले हैं तो सिर्फ टिकट देखकर स्टेशन के लिए न निकलें. अपनी ट्रेन का नंबर, रूट, रवाना होने का समय और शुरुआती/आखिरी स्टेशन जरूर चेक करें. खास तौर पर नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद, साहिबाबाद, पलवल, दिल्ली शाहदरा और हजरत निजामुद्दीन से जुड़ी ट्रेनों के यात्रियों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।  ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करने के लिए NTES का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है. नॉर्दर्न रेलवे का यह ऑपरेशनल प्लान 11 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा. हालांकि, इस दौरान अगर कोई और बदलाव होता है तो रेलवे की ओर से नया अपडेट जारी किया जा सकता है. इसलिए सफर से पहले ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करना सबसे बेहतर रहेगा।    ये रही पूरी लिस्ट 📅 11.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें   64015 (पलवल–SSB EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64910 पलवल से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64110 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64114 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64491 भी रद्द 64491 (दिल्ली जं–शामली EMU) – रद्द ⇄ डायवर्टेड ट्रेनें 64419 (NZM–GZB EMU) – निज़ामुद्दीन–तिलक ब्रिज–BPNL–साहिबाबाद मार्ग से 20840 (NDLS–RNC राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12424 (राजधानी, NDLS–डिब्रूगढ़) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12314 (NDLS–सियालदह राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12306 (NDLS–हावड़ा राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 22812 (NDLS–भुवनेश्वर राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 64904 (GZB–मथुरा EMU) – साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निज़ामुद्दीन मार्ग से 12394 (सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से ↪ शॉर्ट ओरिजिनेट/टर्मिनेट 15307 (हरियाणा एक्सप्रेस) – तिलक ब्रिज से शॉर्ट ओरिजिनेट (NDLS के बजाय) 64110 (NDLS–अलीगढ़ EMU) – ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट 64568 (तिलक ब्रिज–बुलंदशहर MEMU) – दिल्ली शाहदरा से शॉर्ट ओरिजिनेट 64567 (बुलंदशहर–तिलक ब्रिज MEMU) – दिल्ली शाहदरा पर शॉर्ट टर्मिनेट 🕑 पुनर्निर्धारित/विलंबित प्रस्थान 12724 (NDLS–हैदराबाद) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12616 (NDLS–चेन्नई GT एक्सप्रेस) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12926 (पश्चिम एक्सप्रेस) – 90 मिनट पुनर्निर्धारित 15304 (इंटरसिटी एक्सप्रेस, NDLS–कासगंज) – 75 मिनट पुनर्निर्धारित 12952 (तेजस राजधानी) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 12310 (NDLS–राजेंद्र नगर तेजस राज) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 64441 (GZB–NDLS EMU) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान 12382 (NDLS–हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस) – 35 मिनट विलंबित प्रस्थान 14212 (AGC इंटरसिटी एक्सप्रेस) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान ⚙ नियंत्रित (रेगुलेट)   64471 (GZB–पानीपत MEMU) – साहिबाबाद पर 20 मिनट नियंत्रित 📅 12.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें 64425 (GZB–NDLS EMU) – रद्द 64432 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64013 (पलवल–SSB EMU) – फरीदाबाद में RLDA कार्य के कारण पहले से रद्द 64015 (पलवल–SSB EMU) – पहले से रद्द 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64110 शॉर्ट ओरिजिनेट 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64114 शॉर्ट ओरिजिनेट 64441 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64410 भी रद्द रहेगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द, लिंक 64491 भी रद्द 64410 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64443 (GZB–दिल्ली जं EMU) … Read more

एक मठ के पते से जारी हुए 40 पासपोर्ट, फर्जी दस्तावेजों से विदेश यात्रा का शक; STF की जांच तेज

भोपाल  भोपाल में सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट कैसे हासिल कर लिए। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड और पासपोर्ट आवेदन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट की जांच कर रही है। इनमें से बड़ी संख्या में पासपोर्ट 2021-22 में जारी हुए थे। जांच एजेंसियां अब संबंधित पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। इसके लिए टीमों को मध्यप्रदेश के साथ असम और अन्य स्थानों पर भी भेजा गया है।  जांच का अहम पहलू यह है कि आवेदकों के पते और पहचान की फील्ड वेरिफिकेशन पुलिसकर्मियों ने किस आधार पर की। अधिकारियों को शुरुआती जांच में वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। अब यह देखा जा रहा है कि क्या संबंधित अधिकारी वास्तव में मौके पर गए थे या दस्तावेजों के आधार पर ही सत्यापन कर दिया गया। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय या अन्य सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। यदि किसी सरकारी रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल पासपोर्ट हासिल करने के लिए हुआ है तो उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कुछ पासपोर्ट धारकों के विदेश जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच में कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से जुड़े ट्रैवल ट्रेल सामने आए हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ भारतीय पहचान बनाने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश जाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी। एसटीएफ ने पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पते और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ करीब 100 लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। 

भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर IMF का बड़ा बयान, कहा- बेहतर डेटा से आर्थिक अनुमान होंगे और मजबूत

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली भारत की GDP ग्रोथ और उसके आंकड़ों को लेकर चल रही बहस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने नए आर्थिक आंकड़ों और उन्हें तैयार करने के तरीके को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है. IMF के मुताबिक भारत अब भी दुनिया की ग्रोथ के लिए प्रमुख इंजन बना हुआ है. इस प्रमुख वैश्विक संगठन का कहना है कि अपडेट किए गए इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सीरीज आगे भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।  नए IIP और PPI से क्या बदलेगा? वहीं, IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की रियल GDP ग्रोथ को उम्मीदों से बेहतर बताया है. वॉशिंगटन में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान IMF की कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट डायरेक्टर जूली कोजैक ने भारत के ताजा GDP आंकड़ों पर बात की. उन्होंने कहा कि नवीनतम GDP रिलीज में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) का नया इंडेक्स और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की नई सीरीज शामिल की गई है. उनके मुताबिक, ये दोनों नई सीरीज भारत के GDP अनुमानों को बेहतर बनाने में मदद करेंगी. यानी आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों को मापने और GDP का अनुमान लगाने के लिए ज्यादा अपडेटेड डेटा उपलब्ध होगा।  IMF ने डेटा क्वालिटी पर क्या कहा? जूली कोजैक ने भारत के मैक्रोइकोनॉमिक डेटा सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों को स्टैटिस्टिकल फ्रेमवर्क और डेटा क्वालिटी को और मजबूत करने की दिशा में इसी तरह आगे बढ़ना चाहिए. IMF की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत के आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता और GDP की गणना को लेकर कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि नए डेटा सेट और बदले हुए डेटा सिस्टम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अनुमानों को ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।  7.8% GDP ग्रोथ पर IMF क्या बोला IMF ने भारत की आर्थिक ग्रोथ के ताजा आंकड़ों को उम्मीद से बेहतर बताया. कोजैक के मुताबिक, भारत की रियल GDP पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, जो IMF स्टाफ की उम्मीद और दूसरी रेटिंग एजेंसियों के अनुमान से ज्यादा रही. उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ को सर्विसेज और एक्सपोर्ट से मजबूती मिली. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू इकोनॉमी की मजबूती इस आंकड़े में दिखाई देती है।  MOSPI के आंकड़ों में क्या आया है सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) ने 31 अगस्त को FY 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के GDP आंकड़े जारी किए थे. इसके मुताबिक पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 6.9% थी. इस दौरान मजबूत कैपिटल एक्सपेंडिचर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया. स्थिर कीमतों यानी 2022-23 के बेस ईयर पर रियल GDP ₹81.36 लाख करोड़ रही. FY 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ थी. वहीं मौजूदा कीमतों पर नॉमिनल GDP 10.3% बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ हो गई. एक साल पहले यह करीब ₹80 लाख करोड़ थी।  ग्रॉस वैल्यू एडेड में भी मजबूत ग्रोथ GDP के साथ ग्रॉस वैल्यू एडेड यानी GVA के आंकड़ों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. पहली तिमाही में रियल GVA 8.2% बढ़कर ₹73.82 लाख करोड़ रही. वहीं नॉमिनल GVA 11.5% बढ़कर ₹80.53 लाख करोड़ पहुंच गई. इससे संकेत मिलता है कि सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और दूसरे प्रमुख सेक्टरों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई थीं. GDP किसी देश की इकोनॉमी की सबसे अहम तस्वीरों में से एक होती है. इसलिए इसे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले आंकड़ों की क्वालिटी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। 

भोपाल मेट्रो के आसपास 500 मीटर दायरे में बदलेंगे विकास के नियम, TOD रीसिविंग एरिया के प्रस्ताव पर सुनवाई

भोपाल   भोपाल विकास योजना 2005 के अंतर्गत मेट्रो रेल परियोजना के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे को प्राप्ति क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को टीएंडसीपी में सुनवाई होगी। इससे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के निर्माण और विकास अधिकारों पर बड़ा असर पड़ेगा। आपत्तियों का निराकरण कर इसी माह में रीसिविंग एरिया को लेकर मास्टर प्लान में बदलाव का – नोटिफिकेशन जारी होगा। भोपाल सिटीजन फोरम के संयोजक सुरेंद्र तिवारी ने आपत्ति लगाई हुई है। शुक्रवार को वे व अन्य इस पर अपनी बात रखेंगे। मध्य प्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार यानी टीओडी नियम, 2018 के तहत रीसिविंग एरिया तय किया जा रहा है। इससे 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' बढ़ेगा। इस तरह होगा लाभ -वर्टिकल डेवलपमेंट होगा। अभी 1:25 एफएआर है, अतिरिक्त खरीदी से ये तीन से पांच गुना तक हो जाएगा। अतिरिक्त मंजिलें बना सकेंगे। -मेट्रो स्टेशन के 500 मीटर के भीतर घनी आबादी और कमर्शियल हब बनने से लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का उपयोग अधिक करेंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। -इस क्षेत्र में प्लॉट और प्रॉपर्टीज की रीसेल व व्यावसायिक वैल्यू में तेज इजाफा होगा, जिससे स्थानीय भू-स्वामियों को आर्थिक फायदा होगा। मेट्रो से 500 में संसि 50 सीटर वाया जा रहा है। इसके लिए आपत्तियों पर सुनवाई होगी। शहरी विकास के लिए शासन की पॉलिसी है। उसके तहत ही प्रक्रिया की जा रही है।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, आयुक्त सह संचालक टीएंडसीपी ये नुकसान भी संभावित -पहले से सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और बिजली नेटवर्क को अपग्रेड नहीं किया गया, तो हाईराइज बिल्डिंग्स बनने से बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा हो जाएगा। -भले ही लोग लंबी दूरी के लिए मेट्रो लें, लेकिन 500 मीटर के दायरे की आंतरिक सड़कों और गलियों में गाडियों की संख्या और पार्किंग की कमी से भारी जाम लगेगा। -1-2 मंजिला पुराने रिहायशी मकानों के ठीक बगल में बहुमंजिला इमारतें बनने से धूप, वेंटिलेशन और प्राइवेसी प्रभावित होगी। -घने निर्माण से हरियाली कम होगी और 'कंक्रीट हीट आइलैंड' का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे तापमान बढ़ेगा। -मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीनें और घर बहुत महंगे हो जाएंगे, जिससे मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लिए क्षेत्र में रहना या कारोबार करना नामुमकिन सा हो जाएगा।