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केंद्र सरकार ने परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में किया अधिसूचित

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से जशपुर के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुर जिले को इस परियोजना के माध्यम से पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे क्षेत्र की जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक वैभव से समृद्ध जशपुर इस रेल परियोजना के माध्यम से देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्रों से बेहतर रूप से जुड़ सकेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। रेल, सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत अधोसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना जशपुर और आसपास के क्षेत्रों की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को सीएम की कड़ी चेतावनी, मामला संज्ञान में आते ही कराई गई एफआईआर

आजमगढ़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पिछले दिनों कुछ लोगों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। जैसे ही यह मेरे संज्ञान में आया, मैंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्प्णी स्वीकार नहीं होनी चाहिए। हर बेटी का सम्मान होना चाहिए। हम उन संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी-बहन, सबकी बेटी-बहन। अखिलेश यादव दूसरों को उपदेश देते हैं, वह अपने चेलों-चपाटों को भी उपदेश दें कि भाषा संयमित कर लें। उनके लोग बहन-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत लोगों व वरिष्ठ नेताओं के प्रति कैसी टिप्पणी करते हैं, उन्हें अपने लोगों को संस्कारित करने की आवश्यकता है। अच्छा होगा कि उन्हें समझाएं, नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दें, हम समझा देंगे।  सीएम योगी शनिवार को आजमगढ़ में 955 करोड़ से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों की मांग पर सीएम ने घोषणा की कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा लगेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पुरानी जेल को कन्वेंशन सेंटर के रूप में तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया।  बार-बार वोट पाने वाले भी आपके हितैषी नहीं  मुख्यमंत्री ने कहा कि आजमगढ़ का गौरवशाली इतिहास रहा है। ऋषि-मुनियों की साधना से पवित्र यह धरती साहित्यिक साधना का केंद्रबिंदु रही है। देश को स्वतंत्र कराने का जज्बा इस जनपद में रहा है। जिस जनपद में हस्तशिल्प, कारीगर, किसान, ऊर्जावान युवा हैं, वह जनपद पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। यह प्रश्न/पीड़ा लेकर मैं बार-बार आजमगढ़ आता हूं। जिन्होंने हमें बांटा और विभाजित किया, वे लगातार आपका समर्थन पाते थे, लेकिन वे कभी आपके हितैषी नहीं थे। पहचान को मोहताज था आजमगढ़, आज सबका सम्मान सीएम ने कहा कि 2017 के पहले आजमगढ़ पहचान के लिए मोहताज था। तब यहां विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय नहीं था। एयरपोर्ट भी ठीक से काम नहीं कर पा रहा था। आजमगढ़ की साड़ी और मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी को मंच नहीं मिल पा रहा था। अभी प्रदर्शनी में सबने अपने नई कहानी सुनाई। ब्लैक पॉटरी और साड़ी से जुड़े कारीगरों ने कहा कि जबसे यूपी में डबल इंजन की भाजपा सरकार आई,  तबसे हमारा कारोबार कई गुना बढ़ा है। हम भी पैसा कमा रहे हैं, परिवार और हमसे जुड़े लोग भी सम्मान का जीवनयापन कर रहे हैं। 2014 के पहले भ्रष्टाचार था भारत की पहचान  सीएम ने कहा कि नया भारत दुनिया को लोहा मनवा रहा है, जबकि 2014 के पहले भारत की पहचान भ्रष्टाचार के नाम पर होती थी। दुनिया में सम्मान नहीं था। लोग देश की सुरक्षा में सेंध लगाते थे, सरकार मौन रहती थी और दुश्मन आंख दिखाता था। नक्सलवाद था, गरीब की सुनवाई नहीं थी लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी पीढ़ी नए भारत का दर्शन कर रही है। महाराजा सुहेलदेव ने आक्रांताओं को नाकों चने चबवाए सीएम ने कहा कि राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। भयभीत आक्रांता भारत की धरती पर नहीं आते थे,  लेकिन जब हम जाति, क्षेत्र, भाषा व परिवारवाद के नाम पर बंटने लगे तो मोहम्मद गोरी का हमला हुआ। महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने उस कायर आक्रांता को 17 बार परास्त किया, वह हर बार माफी मांगता था। एक बार चूक हुई तो उसने धोखे से पृथ्वीराज चौहान को बंधक बना दिया, फिर उनके साथ जो व्यवहार किया, वह सबके सामने है। विश्वविद्यालय में महाराज सुहेलदेव की लगेगी अश्वारोही प्रतिमा  सीएम ने चेताया कि हम वह गलती बार-बार करते थे, जिसका परिमार्जन महाराज सुहेलदेव ने 1000 वर्ष पहले किया था, लेकिन बाद की पीढ़ी उनसे प्रेरणा नहीं ले पाई। बहराइच में आक्रांता सालार मसूद गाजी मियां के नाम पर आयोजन होता था, लेकिन हमने कहा कि किसी विदेशी आक्रांता को सम्मान नहीं मिलना चाहिए। आयोजन महाराजा सुहेलदेव के नाम पर होना चाहिए। नया भारत गुलामी के किसी भी प्रतीक को स्वीकार नहीं करेगा। अब बहराइच में महाराजा का भव्य स्मारक बन गया है। जब आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की बात आई तो मैंने कहा कि यह जरूर बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय बने तो अति उत्तम होगा। मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों की मांग पर सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालय में महाराज सुहेलदेव की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी लगेगी।  जितनी तेज गति, उतनी तेज प्रगति सीएम योगी ने कहा कि आजमगढ़ में आज एयरपोर्ट, पूर्वांचल एक्सप्रेस है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज कहीं भी जाना हो फोरलेन की कनेक्टिविटी है। आज आजमगढ़ से एक घंटे में गोरखपुर, डेढ़ से दो घंटे में वाराणसी और ढाई घंटे में लखनऊ पहुंचते हैं। प्रगति का आधार गति होती है, जितनी तेज गति, उतनी तेज प्रगति। आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी व वाराणसी की साड़ी को एक जनपद-एक उत्पाद के माध्यम से मंच मिला है।  हरिहरपुर का संगीत घराना बढ़ा रहा शास्त्रीय संगीत की परंपरा मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिहरपुर का संगीत घराना शास्त्रीय संगीत की परंपरा को फिर से मंच प्रदान कर रहा है। निरहुआ जैसे कलाकार भोजपुरी की मिठास को दुनिया में पहुंचा रहे हैं। इस धरा पर वीर कुंवर सिंह ने 1857 में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। यह साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की धरती है।  हर गलत काम के लिए बदनाम किया जाता था आजमगढ़ सीएम ने पूछा कि हर आतंकी घटना में क्यों संजरपुर का नाम आता था। हर गलत काम के लिए आजमगढ़ को क्यों बदनाम किया जाता था, क्योंकि तब सरकार नकारात्मक सोच रखती थी, स्वार्थ के लिए युवाओं का दुरुपयोग करती थी। गरीब के लिए स्वास्थ्य, आवास, शौचालय, राशन की सुविधा नहीं थी। युवाओं की नौकरी को लेकर सौदेबाजी होती थी। बेटी की सुरक्षा, पढ़ाई, शादी के लिए सरकार की कोई स्कीम नहीं थी। निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को महज 300 रुपये पेंशन मिलती थी। वह भी छह महीने में एक बार आती थी और उसमें आधा पैसा कमीशनखोरी में चला जाता था। आज सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की … Read more

विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया आह्वान

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से नवाचार व अनुसंधान को राष्ट्र निर्माण तथा जनकल्याण से जोड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास विज्ञान, कृषि, चिकित्सा, उद्यम, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। शनिवार को विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि कोई भी अनुसंधान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य आर्थिक उन्नयन, लोककल्याण और भारत को शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करना होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि विज्ञान भारती का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन ज्ञान की पावन धरा काशी में आयोजित हो रहा है, जिसमें 1300 से अधिक प्रतिनिधि पंजीकरण करा चुके हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय महामना मदन मोहन मालवीय की साधना का परिणाम है और इसकी स्थापना का उद्देश्य काशी को उसकी प्राचीन ज्ञान-विज्ञान की पहचान दिलाना था। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का समन्वय भारत को विकसित राष्ट्र बनाने तथा विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत हजारों वर्षों से ज्ञान, विज्ञान और नवाचार का केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक विज्ञान की प्रभावी यात्रा लगभग 400-500 वर्षों की है, जबकि भारत हजारों वर्षों से ज्ञान, विज्ञान और नवाचार का केंद्र रहा है। 2000 वर्ष पूर्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी। विदेशी आक्रमणों के कठिन दौर में भी यह 24-25 प्रतिशत बनी रही, लेकिन स्वतंत्रता के समय घटकर 1.5 से 2 प्रतिशत रह गई। भारत का किसान केवल किसान नहीं था, बल्कि वह इन्वेंटर और नवाचारी भी था। प्राकृतिक खेती, पशुपालन और भूमि की उर्वरता बनाए रखने की पारंपरिक व्यवस्थाएं उसकी वैज्ञानिक सोच का प्रमाण थीं। उन्होंने श्रीमद्भागवत गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि, गोरक्षा और वाणिज्य भारतीय अर्थव्यवस्था की परस्पर जुड़ी हुई व्यवस्थाएं थीं। लेकिन समय के साथ हम रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भर हो गए और अपनी मूल परंपराओं से दूर होते चले गए। विदेशी आक्रांताओं, वामपंथियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा को कमतर दिखाया सीएम योगी ने कहा कि भारतीय व्यापारी केवल व्यापार नहीं करता था, बल्कि देश को जोड़ने का कार्य करता था। भारतीय कारीगर भी केवल शिल्पकार नहीं बल्कि उद्यमी था, जिसने भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया। आज भी आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए वही मॉडल प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयोगों ने यह सिद्ध किया था कि पौधों में भी संवेदनशीलता और चेतना होती है। यदि एक पौधा सकारात्मक और नकारात्मक व्यवहार का प्रभाव समझ सकता है तो समाज पर नकारात्मक सोच के प्रभाव का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। विदेशी आक्रांताओं, वामपंथी विचारधाराओं और भारत-विरोधी प्रवृत्तियों ने लंबे समय तक भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरव को कमतर दिखाने का प्रयास किया, जिससे समाज अपनी जड़ों से दूर होता गया। भारतीय जीवन पद्धति का हर पक्ष विज्ञान से जुड़ा हुआ मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि उत्तराखंड के गांव में उनकी माता छोटी-छोटी क्यारियों में सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित करती थीं। भारतीय जीवन पद्धति का हर पक्ष विज्ञान से जुड़ा हुआ है। रसोई में हल्दी और मसालों के उपयोग से लेकर दैनिक जीवन की अनेक परंपराओं तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण स्पष्ट दिखाई देता है। कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने 140 करोड़ की आबादी के बावजूद महामारी का प्रभावी मुकाबला किया। यह भारतीयों की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता और पारंपरिक जीवनशैली का परिणाम था। गांवों में मार्च से अक्टूबर तक पशुओं को खेतों में बांधने की परंपरा प्राकृतिक और गो-आधारित खेती का उत्कृष्ट उदाहरण थी। इस व्यवस्था के कमजोर होने के साथ खेती की लागत बढ़ी, भूमि की उर्वरता प्रभावित हुई और कृषि संकट गहराया। एमएसएमई के कारण घटी बेरोजगारी दर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया गया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से कारीगरों को तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनमें लगभग तीन करोड़ लोग कार्यरत हैं तथा बेरोजगारी दर तीन प्रतिशत से नीचे आ गई है। प्रकृति के प्रत्येक तत्व में उपयोगिता और अनुसंधान की संभावनाएं अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय के आयुर्वेदाचार्य जीवक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा पूर्ण होने के बाद गुरु ने जीवक को ऐसी वनस्पति खोजने का निर्देश दिया जिसमें औषधीय गुण न हों। लंबे समय तक खोज के बाद जीवक ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई वनस्पति नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक दृष्टि का प्रमाण है, जिसमें प्रकृति के प्रत्येक तत्व में उपयोगिता और अनुसंधान की संभावनाएं देखी जाती हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार के अनगिनत अवसर युवा वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, चिकित्सा, तकनीक, एमएसएमई, उद्यम और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार के अनगिनत अवसर मौजूद हैं। उन्होंने विज्ञान भारती को सुझाव दिया कि प्रत्येक अधिवेशन के साथ नवाचार प्रदर्शनी आयोजित की जाए, अधिवेशन से पहले नवाचार प्रतियोगिताएं कराई जाएं और उत्कृष्ट शोधकर्ताओं एवं नवाचारकर्ताओं को मंच पर सम्मानित किया जाए। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों तथा अन्य सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शोधकर्ताओं को अपने नवाचारों का प्रस्तुतीकरण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर विज्ञान भारती के अखिल भारतीय पालक अधिकारी सुनील आंबेडकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शेखर सी माण्डे, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत चतुर्वेदी, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ज्ञान भारतम् मिशन में हो रहा है पाण्डुलिपियों का डिजिटल संरक्षण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मठ मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में भी प्राचीन पाण्डुलिपियां सुरक्षित हैं। हमारी सांस्कृतिक स्मृतियां, ज्ञान, परम्पराएं, विज्ञान और दर्शन पाण्डुलिपियों के रूप में अभी तक विद्यमान हैं। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अमूल्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए ज्ञान भारतम् मिशन की पहल राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ की गई है। जिसके अंतर्गत वर्ष 1950 से पहले की पाण्डुलिपियों का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत मंदिरों, मठों, आश्रमों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक व शोध संस्थाओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में ताड़पत्र, ताम्रपत्र, प्रस्तर, भोजपत्र, पोथियों आदि के रूप में विद्यमान पाण्डुलिपियों का संरक्षण होना है। प्रदेश के एतिहासिक और सांस्कृतिक व धार्मिक रूप से समृद्ध है। यहां के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कई परिवारों तथा व्यापारिक संस्थानों के पास भी पर्याप्त मात्रा में पाण्डुलिपियां विद्यमान हैं। भारत की ज्ञान परम्परा को सुरक्षित रखने के इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रदेशवासियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स वीसी में ज्ञान भारतम् मिशन के संबंध में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई और अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रदेश के जिलों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की अनुमानित संख्या 10 लाख 24 हजार 571 हैं। पाण्डुलिपियों के संरक्षण के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति द्वारा ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण और उनकी अपलोडिंग की जा रही है। इस मिशन के लिए भारत सरकार और प्रदेश के पुरातत्व विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाण्डुलिपि संरक्षण अभियान के लिए पाण्डुलिपि धारकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें अभियान से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में शैक्षणिक संस्थानों और शोधार्थियों के भागीदारी सुनिश्चित की जाए।    

200 बेड व अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बुजुर्गों को मिलेगा समर्पित इलाज, मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता व समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया। सात मंजिला इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने बीएचयू प्रशासन के अधिकारियों को भी परियोजना की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों को समर्पित यह अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ देश का तीसरा तथा उत्तर भारत का प्रमुख जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। केंद्र में बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक (वृद्धावस्था चिकित्सा) ओपीडी संचालित की जाएगी। इसके अलावा मेमोरी क्लीनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक समेत वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस केंद्र में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी एवं जांच सुविधाएं, पुनर्वास सेवाएं, डे-केयर सेंटर, आईसीयू तथा प्राइवेट वार्ड की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही यह संस्थान जरा चिकित्सा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। शैक्षणिक गतिविधियों के तहत यहां जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सीनियर रेजिडेंट की सीटों में वृद्धि के साथ-साथ एमडी जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान, उपचार पद्धतियों का विकास तथा बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य भी इस केंद्र में किया जाएगा। नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने की ली ट्रेनिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार शाम पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्नि नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण में आधुनिक उपकरणों द्वारा आग बुझाने की मॉकड्रिल भी की गई। मॉकड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को पुलिस के जवानों ने अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस तरह आसानी से बुझाई जा सकती है, इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया। सुरक्षाकर्मियों ने आग को धुएं और लपटों से बचकर बुझाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर आग बुझाने का अभ्‍यास भी किया। मॉकड्रिल में प्रमुख रूप से पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज  मुकेश सैनी, निरीक्षक विजय नागले, पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के एसआई  शिवनारायण शर्मा व उनकी टीम उपस्थित थी। इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों के संबंध में जानकारी दी गई। आग बुझाने के दौरान प्रयोग में आने वाले कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायर मेन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर एवं कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट(ब्रांच), ऑर्डनरी ब्रांच, एडॉफ्टर, जाली, फायर मेन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट, अग्निशमन यंत्र आदि की जानकारी दी गई। 5 तरह की होती है आग- बुझाने में बरतें सावधानी प्रशिक्षण के दौरान एसआई  शिवनारायण शर्मा ने बताया कि आग पांच तरह की होती है, जिन्हें बुझाने का तरीका भी अलग-अलग होता है। उन्होंने बताया कि इन्हें ए से इ तक की श्रेणी में रखा गया है। लकड़ी-कोयला में लगी छोटी आग को ए क्लास में रखा गया है। तरल पदार्थों में लगी आग को बी क्लास, गैसों में लगी आग को सी क्लास, मेटल में लगी आग को डी क्लास और इलेक्ट्रिक आग को ई क्लास की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी आग को पानी या कैमिकल की मदद से बुझाया जाता है। अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें         फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को सूचना दें।         फायर फायटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर अथवा पानी या रेत से अग्नि को प्रारंभिक स्थिति में बुझाएं। भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तत्काल कट-ऑफ करें।         फायर अलार्म दल सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी अलार्म बजाकर दें।         बचाव दल (इवेक्युएशन टीम) बिल्डिंग के व्यक्तियों को पूर्व निर्धारित योजना अनुसार सुरक्षित रास्तों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं।         भगदड़ नहीं करें।         लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।         संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण व मूल्यवान सम्पत्ति को बाहर निकालें।         अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे-पैट्रोल, कैरोसिन, प्लास्टिक, आदि को अग्नि दुर्घटना स्थल से दूर करें। इन नंबरों पर करें सूचित आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।  

रेल यात्रियों को बड़ी राहत: वेटिंग टिकट होने पर भी सफर के दौरान मिल सकेगी कन्फर्म सीट

नई दिल्ली ट्रेन में वेटिंग टिकट लेकर सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब यात्री चलती ट्रेन में भी अपने लिए कंफर्म बर्थ बुक करा सकेंगे। बता दें कि अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना हो चुकी है, अगर ट्रेन के भीतर कोई सीट खाली है, तो यात्री उसे सफर के दौरान ही तुरंत बुक कर सकेंगे। रेलवे का यह नया नियम आने वाले दिनों में वेटिंग और आरएसी (RAC) के झंझट से जूझने वाले यात्रियों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं साबित होने वाला है। CRIS अपग्रेड कर रहा है टीटीई का हैंड हेल्ड टर्मिनल दरअसल, भारतीय रेलवे आने वाले दिनों में टिकट बुकिंग से आरएसी (RAC) की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की एक बहुत बड़ी तैयारी कर रहा है। इसके लिए रेलवे का टेक्निकल विंग यानी रेल सूचना प्रणाली केंद्र टीटीई को दिए गए हैंड हेल्ड टर्मिनल सॉफ्टवेयर को नए फीचर्स के साथ अपग्रेड कर रहा है। इस अपग्रेडेशन के तहत टीटीई के इस डिवाइस में 'कंफर्म बर्थ बुकिंग' का एक नया और सीधा ऑप्शन जोड़ने की तैयारी चल रही है। इस नई और हाईटेक व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने अपने वाणिज्य विभाग के आला अधिकारियों और कई टीटीई को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दे दिया है, ताकि जमीन पर काम शुरू करने में कोई दिक्कत न आए। यात्री के न आने पर तुरंत वेबसाइट पर दिखने लगेगी सीट इस पूरी व्यवस्था को समझाते हुए एक सीनियर टीटीई ने बताया कि मान लीजिए अगर सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कंफर्म टिकट होने के बावजूद कोई यात्री अपनी सीट पर नहीं आता है, तो टीटीई चेकिंग के दौरान उस बर्थ को अपने एचएचटी डिवाइस में तुरंत खाली दिखाएगा। टीटीई द्वारा यह जानकारी भरते ही वह बर्थ सीधे रेलवे के बुकिंग पोर्टल और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लाइव दिखने लगेगी। इसके बाद अगर कोई अन्य यात्री बेतिया, नरकटियागंज या रास्ते के किसी भी अन्य स्टेशन से सप्तक्रांति में सीट बुक कराना चाहता है, तो वह आसानी से ऑनलाइन बुकिंग कर सकता है। फिलहाल मौजूदा व्यवस्था में ऐसी खाली सीटों को टीटीई केवल ट्रेन के भीतर ही बुक कर पाते हैं और ये वेबसाइट पर नहीं दिखती हैं, लेकिन इस नए बदलाव के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी।

मध्यप्रदेश पुलिस ने ढाई साल के कार्यकाल में हासिल कीं कई ऐतिहासिक उपलब्धियां

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से मध्यप्रदेश पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अभिवादन किया गया। कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईजी स्तर के बाद संभाग स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और वे स्वयं इन बैठकों में शामिल होंगे। साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए संचालित किया जाए जनजागरण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। मध्यप्रदेश पुलिस के अथक प्रयासों से मंडला और बालाघाट जिले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हुए। मध्यप्रदेश की धरती से लाल सलाम को आखिरी सलाम किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश की धरती से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की है। मध्यप्रदेश, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी अनेकों उपलब्धियों के लिए आज प्रदेशवासी मध्यप्रदेश पुलिस और सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार हर साल भर्ती के लिए कर रही है आवश्यक प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत सरकार के नए आपराधिक कानूनों को लागू करते हुए और सभी जरूरी संसाधन जुटाते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया को जारी रख रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत पदों में से कोई भी पद खाली न रहे। विकास के क्रम में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। इसके लिये अभी से प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित वातावरण तथा आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था के प्रशिक्षण से प्रदेश में आयोजित होने वाले अन्य बड़े मेलों के प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। साम्प्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। इसके लिए धार प्रशासन और पुलिस बल बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए।     थानों में शुचिता का माहौल बने।     वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करें।     वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।     यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था आरंभ : डीजीपी  मकवाणा कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया प्रदेश में डायल-112 सेवा, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं तथा लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों के निराकरण की दिशा में भी … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों से साकार हुआ दशकों पुराना सपना

रायपुर जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने के साथ ही जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर जिला सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। वर्षों से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है। रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है। विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा वनांचल क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित था। परिवहन के लिए मुख्यतः सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के निर्माण से जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ तथा किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। किसानों और उद्यमियों के लिए खुलेगी नई संभावनाएं रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही व्यापार और लघु उद्योगों को विस्तार का नया अवसर मिलेगा। पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्रों, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की पहुंच अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ेगी पहुंच नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को सुगम बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ उनकी उपलब्धता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा क्षेत्र रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखती है।

26 लाख परिवारों को आवास योजना का लाभ, बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर लगाया काम रोकने का आरोप

रायपुर  छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘डबल इंजन सरकार’ के लाभों पर जोर देते हुए मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र-राज्य समन्वय की सराहना की। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “मैं छत्तीसगढ़ में डबल-इंजन सरकार के दो बड़े फायदे बताऊंगा। डबल-इंजन सरकार की वजह से छत्तीसगढ़ दोगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा है। राज्य को केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरा फायदा मिल रहा है। 26 लाख आवास का काम पूरा अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना को पिछली कांग्रेस सरकार ने रोक दिया था, जिससे 18 लाख गरीब लोग घर से वंचित रह गए। राज्य में हमारी सरकार के आने के बाद केंद्र सरकार के सहयोग और विशेष समर्थन से प्रधानमंत्री आवास योजना को मंजूरी मिली और इस योजना के तहत 26 लाख घरों को स्वीकृति दी गई है। पीएम मोदी को दी बधाई पीएम मोदी द्वारा देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बनाने पर अरुण साव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यभार संभालने के बाद देश में राजनीति का स्वरूप और दिशा बदल गई है। राजनीति अब प्रदर्शन-आधारित हो गई है। विकास की राजनीति शुरू हो गई है। एनडीए की बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए और मजबूत हुआ है।” कांग्रेस सरकार ने रोक दी थी योजना 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी थी। इस दौरान राज्य में पीएम आवास योजना के कार्य को गति नहीं मिली थी। डेप्युटी सीएम टीएस सिंहदेव के पास इस विभाग की जिम्मेदारी थी। पीएम आवास का काम रुकने के बाद उन्होंने विभाग से इस्तीफा दे दिया था।     छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम ने दी पीएम मोदी को बधाई     कहा- बीजेपी सरकार में 26 लाख आवास मंजूर हुए     कांग्रेस के कार्यकाल में राज्य में रोक दी थी योजना     कांग्रेस के समय टीएस सिंहदेव के पास थी जिम्मेदारी पहली कैबिनेट में हुआ कैबिनेट छत्तीसगढ़ में 2023 में बीजेपी की सरकार बनी थी। सीएम पद की शपथ लेने के बाद छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने पहले ही मीटिंग में पीएम आवास योजना के काम को मंजूरी दी थी। इसके बाद राज्य में पीएम आवास का काम शुरू हुआ। राज्य में पीएम आवास के निर्माण का काम तेजी से हो रहा है।