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एक पेड़ मां के नाम 3.0′ अभियान से हरित चेतना को मिलेगी नई उड़ान, जुलाई में स्कूलों में होगा महाअभियान

एक पेड़ मां के नाम 3.0' से हरित चेतना को मिलेगा नया विस्तार, जुलाई में विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान  'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के जुलाई कैलेंडर के तहत पूरे माह चलेंगी पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी गतिविधियां – पौधरोपण, प्रकृति भ्रमण, पोस्टर, स्लोगन, वाद-विवाद, लेखन और जागरूकता कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में विकसित होंगे पर्यावरणीय संस्कार प्रत्येक विद्यार्थी बनेगा एक पौधे का संरक्षक, विद्यालयों से समाज तक पहुंचेगा हरित संदेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है। जुलाई माह का यह कैलेंडर विद्यालयों में हरित संस्कृति को मजबूत करने और मिशन लाइफ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कैलेंडर के अनुसार जुलाई मे पूरे महीने 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाना' विषय पर आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत जीवनशैली के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है। कैलेंडर में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का अभियान बन सके। योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों में ऐसे व्यावहारिक संस्कार विकसित करना है, जो उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाए। 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' बनेगा प्रमुख अभियान जुलाई माह की सबसे प्रमुख गतिविधि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान होगी। इसके अंतर्गत विद्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थलों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को पौधों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण का संकल्प भी लें। हर छात्र निभाएगा पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक लगाए गए पौधे की देखभाल, सिंचाई, संरक्षण और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही विद्यालयों में इको क्लब्स के माध्यम से पौधों की प्रगति की समीक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामुदायिक प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। रचनात्मक गतिविधियों से बढ़ेगी जागरूकता जुलाई के दौरान पोस्टर, स्लोगन, कोलाज, स्वतंत्र लेखन, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रकृति भ्रमण के माध्यम से स्थानीय जैव विविधता, पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जाएगा। दूसरे शनिवार को विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

सरकारी नौकरी का मौका! MPESB में कृषि विस्तार अधिकारी के 2784 पदों पर आज से आवेदन, जानें योग्यता

भोपाल   मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB), भोपाल ने किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के अंतर्गत ग्रुप-2, सब-ग्रुप-1 कृषि विस्तार अधिकारी पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 2,784 रिक्तियां भरी जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार 17 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) के 2784 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए आज से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। अभ्यर्थी 17 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 2 अगस्त से भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह भर्ती परीक्षा समूह-2, उप समूह-1 के तहत आयोजित की जा रही है। उम्मीदवार कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.esb.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 73% आरक्षण के साथ जारी होगा रिजल्ट कर्मचारी चयन मंडल ने भर्ती में राज्य की आरक्षण व्यवस्था लागू की है। अनुसूचित जाति (SC) को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (ST) को 16 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत (न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। 73 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान पर परिणाम घोषित किए जाएंगे। आरक्षण के साथ जारी होगा रिजल्ट इस भर्ती में कुल 73 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अनुसूचित जाति को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 16 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। 2 अगस्त को दो पालियों में होगी परीक्षा कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2 अगस्त को आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर पहुंचना होगा। रिपोर्टिंग समय समाप्त होने के बाद किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा में आधार सत्यापन अनिवार्य परीक्षा में शामिल होने के लिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य रहेगा। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र भी साथ लाना होगा। पहचान पत्र के बिना परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। परीक्षा शुरू होने के बाद से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन उम्मीदवारों को आवेदन की पात्रता नहीं कर्मचारी चयन मंडल ने भर्ती के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी तय की हैं। जिन अभ्यर्थियों की 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक संतान हैं, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। जिन पुरुष अभ्यर्थियों का विवाह 21 वर्ष की आयु से पहले और महिला अभ्यर्थियों का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले हुआ है, वे भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। महिलाओं के विरुद्ध अपराध में दोषी ठहराए गए पुरुष भी इस भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। ऐसे करें आवेदन योग्य और पात्र अभ्यर्थी कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जाकर 17 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2 अगस्त से परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी नियम – परीक्षा में शामिल होने के लिए बायोमेट्रिक (आधार आधारित) सत्यापन अनिवार्य होगा। – प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना जरूरी है। – परीक्षा केंद्र पर तय रिपोर्टिंग समय के बाद एंट्री नहीं मिलेगी। – मोबाइल, स्मार्ट वॉच और कैलकुलेटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह बैन रहेंगे। – परीक्षा शुरू होने के बाद पेपर खत्म होने से पहले उम्मीदवार कक्ष नहीं छोड़ सकेंगे। ये लोग नहीं कर पाएंगे आवेदन – जिन उम्मीदवारों के 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद दो से अधिक बच्चे हैं, वे आवेदन नहीं कर सकते। – यदि पुरुष का विवाह 21 वर्ष और महिला का विवाह 18 वर्ष की कानूनी उम्र से पहले हुआ हैए तो वे पात्र नहीं होंगे। – महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी सिद्ध पाए गए पुरुष आवेदक भी इस भर्ती के लिए अयोग्य होंगे। – योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन?     आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक होगा।      आवेदन की अंतिम तिथि तक उम्मीदवार के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य है।     अनारक्षित (UR) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है।     SC/ST/OBC/EWS/PwD, महिला उम्मीदवार, पूर्व सैनिक एवं संविदा कर्मचारी न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष की आयु तक आवेदन कर सकते हैं।     पूर्व सैनिकों को सेवा अवधि के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट का लाभ भी मिलेगा।     आयु में छूट मध्य प्रदेश शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को प्रदान की जाएगी।  

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर बनेगा वैदिक अध्ययन और भारतीय दर्शन का प्रमुख केंद्र: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का बनेगा महत्वपूर्ण केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में 243 पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र करें तैयार भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा के सशक्तीकरण एवं संस्थागत विकास संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन उपस्थित थे। बैठक में श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, रीवा में अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रकाशन, परीक्षा, प्रशासनिक एवं विस्तार गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। परिसर के लिए कुल 243 पदों के सृजन तथा उनकी पूर्ति तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें 117 शैक्षणिक, 4 प्रशासनिक तथा 122 गैर-शैक्षणिक पद सम्मिलित हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर संस्कृत, वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, प्राचीन शास्त्रों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परिसर में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध मार्गदर्शन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने परिसर के संधारण एवं शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पदों की स्वीकृति से श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा। साथ ही संस्कृत भाषा, वैदिक ज्ञान, भारतीय दर्शन और पारम्परिक विद्या प्रणालियों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रसार को नई गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा की स्थापना मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2023 को की गई थी। परिसर में संस्कृत, वैदिक अध्ययन तथा भारतीय शास्त्रों एवं भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित विषयों में अध्ययन-अध्यापन एवं शोध कार्य संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन सीमित मानव संसाधनों से किया जा रहा है। परिसर में वेद, वेदान्त दर्शन, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, संस्कृत, योग, पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र, संगीत, मानविकी, पौरोहित्य, हिन्दू अध्ययन, भारतीय ज्ञान परम्परा और शिक्षाशास्त्र सहित विभिन्न विभागों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इन विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग मानकों के अनुरूप प्रोफेसर, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद सृजित किए जाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।  

Ketan Agrawal Murder Case: सिया गोयल के कथित इशारे का VIDEO वायरल, पुलिस सुरक्षा के बीच बढ़ी चर्चा

पुणे  पुणे में अपने ही मंगेतर की बेरहमी से हत्या की साजिश रचने वाली सिया गोयल को अपने किए का जरा भी अफसोस नहीं है। यह बातें लोग सिया गोयल के हाल ही में सामने आए वीडियो को देख कर कह रहे हैं। सिया गोयल ने पुलिस की कस्टडी में ही कैमरे की तरफ एक भद्दा और अश्लील इशारा किया है। वीडियो में सिया गोयल पुलिस घेरे के बीच ही ‘मिडिल फिंगर’ दिखाती नजर आ रही है। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उसकी इस हरकत को देख दंग रह गए हैं। गौरतलब है कि बीते 18 जून को सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी संग मिलकर पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल को 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मार डाला। सिया और केतन की इसी साल फरवरी में सगाई हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में तय हुई थी। लेकिन इससे पहले ही सिया गोयल ने साजिश रची। सिया ने जांच के दौरान अपना जुर्म कबूल लिया है और कहा है कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और इसीलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए चेतन संग मिलकर मार डाला। फिलहाल दोनों पुलिस कस्टडी में हैं। इस दौरान ही सिया ने कैमरे की तरफ यह अश्लील इशारा किया। वीडियो में क्या? जानकारी के मुताबिक जब पुणे पुलिस सिया को उसके मार्केट यार्ड स्थित घर से जांच के बाद बाहर ला रही थी, तब उसने वहां तैनात कैमरों को देखकर मिडिल फिंगर दिखाई। 12 सेकेंड की इस वीडियो में सिया काले रंग की टी-शर्ट में दिखाई देती है। वहीं उसका चेहरा स्कार्फ से ढका हुआ था। पुलिस उसे घर की सीढ़ियों से नीचे लेकर आ रही होती है। जैसे ही सिया घर से बाहर निकलती है और कैमरों को देखती है, वह अश्लील इशारा करती है। वीडियो को देख लोग हैरान रह गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सिया गोयल की उम्र के साथ साथ हरकतें भी बच्चों वाली है। वहीं कुछ लोग उसकी हिम्मत को देखकर दंग रह गए हैं। एक यूजर ने लिखा, “इसकी हिम्मत को देखो। बिल्कुल पछतावा नहीं है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “सिया को सच में कुछ मानसिक परेशानी है। चाहे वो चेतन हो या केतन, उन्हें एक दिन मुसीबत में पड़ना ही था। हैरानी इस बात की है कि केतन के परिवार को ये पहले क्यों नहीं दिखा।” जांच जारी इस बीच पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने गुरुवार को लोहगढ़ किले के पहाड़ी इलाके के आसपास की जांच की है और सभी जगहों को मार्क भी किया है। जांच के तहत सिया गोयल को भी दोबारा किले पर ले जाया गया। सबूत के तौर पर पुलिस ने सिया के उन कपड़ों को भी जब्त कर लिया है जो उसने घटना के दिन पहने थे। इस बीच आगे की जांच के लिए पुलिस ने लोनावला में सिया गोयल के घर भी गई। जानकारी के मुताबिक हत्या की कड़ियों को जोड़ने वाले सबूत तलाशने के लिए उसके कमरे की तलाशी ली गई। सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट इस बीच इस बात का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी में से केतन को धक्का किसने दिया। खबर है कि इसका पता लगाने के लिए अब पुलिस दोनों का झूठ पकड़ने वाला परीक्षण यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की भी तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को उनके बयानों में गड़बड़ी का आभास हुआ है और इस कारण ही दोनों की साइंटिफिक टेस्टिंग कराने का फैसला लिया गया है। 'ऐसा मत करो' की सलाह देने का दावा सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि युवक ने दोनों को  योजना पर आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे योजना की कितनी जानकारी थी और घटना के बाद उसकी आरोपियों से क्या बातचीत हुई. सूत्रों का यह भी कहना है कि केतन की मौत के बाद चेतन सबसे पहले इसी युवक से मिला था. वहीं सिया ने भी उससे संपर्क किया था. पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है।  रिहर्सल वाले स्थान पर पहुंची पुलिस पुणे ग्रामीण पुलिस गुरुवार सुबह सिया गोयल को उस स्थान पर लेकर गई, जहां पुलिस के अनुसार उसने और चेतन ने कथित तौर पर पहले से अभ्यास किया था कि लोहागढ़ किले पर किसी व्यक्ति को चट्टान से कैसे धक्का दिया जा सकता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह स्थान पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास स्थित है. जांच के दौरान सिया ने उस जगह की पहचान की, जहां कथित तौर पर यह रिहर्सल हुई थी. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह कथित रिहर्सल मई महीने में किस तारीख को हुई थी और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था।  पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया  जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है. पुलिस का कहना है कि अदालत की प्रक्रिया पूरी होने और आरोपियों की सहमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी. पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए जांच एजेंसियां पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच सामंजस्य की जांच करना चाहती हैं।  पुलिस ने सिया के पुणे स्थित घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें पुलिस के अनुसार उसने 18 जून को पहना था. इन कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उपलब्ध अन्य सबूतों से उनका मिलान किया जा सके. जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में बड़ी मात्रा में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं. इनमें मोबाइल फोन का डेटा, लोकेशन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं. इन सभी की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके। 

UP BJP में क्या होंगे बड़े बदलाव? अमित शाह के साथ 3 घंटे की बैठक के बाद तेज हुई चर्चाएं

 नई दिल्ली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन की औपचारिक रूप से ताजपोशी 20 जनवरी के हुई थी. अब छह महीने के बाद टीम नवीन की स्क्रिप्ट तैयार हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की तीन घंटे तक मैराथन बैठक चली, जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्द 'टीम नवीन' का ऐलान हो सकता है?  नितिन नवीन ने गुरुवार को अमित शाह से मुलाकात की. अमित शाह के आवास पर करीब तीन घंटे तक चली बैठक में बीएल संतोष भी शामिल थे. हालांकि, इस मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन मुद्दों पर चर्चा हुई. खासकर बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन को लेकर मंथन किया गया।  अमित शाह के आवास पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक को सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा तक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बीजेपी के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप, नई नेतृत्व टीम और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।  नितिन नवीन की टीम गठन की स्क्रिप्ट तैयार बीजेपी अध्यक्ष बने हुए नितिन नवीन को छह महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनकी टीम का ऐलान नहीं हुआ है. गुरुवार शाम अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को फाइनल रूप देने पर मंथन किया गया. हालांकि, बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इस दौरान बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन का विषय ही अहम था।  सूत्रों की माने तो नितिन नवीन के नेतृत्व वाली बीजेपी की नई केंद्रीय टीम में 'वरिष्ठ और युवा नेताओं' को जगह मिलने की संभावना है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार में मंत्री का पद संभाल रहे कई नेताओं को भी पार्टी संगठन में शामिल किया जा सकता है और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाने की प्लानिंग है।  जानिए कैसी होगी नितिन नवीन की नई टीम नितिन नवीन, अमित शाह और बीएल संतोष के साथ हुई बैठक से संकेत साफ हैं कि पार्टी अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच नया संतुलन बनाकर संगठन को अगले चुनावी दौर के लिए तैयार करना चाहती है. इसके अलावा महिला आरक्षण कानून के पास होने के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी संगठन में आधी आबादी को अहमियत दे सकती है. यूपी की में बनी टीम पंकज में 13 महिलाओं को संगठन में शामिल किया गया है, जिसके चलते माना जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम में महिलाओं को खास तवज्जे दी जाएगी।  नितिन नवीन की उम्र 46 साल है, जो युवा पीढ़ी के नेता हैं. ऐसे में उनके नेतृत्व में एक युवा टीम गठन की बात कही जा रही है, जिसमें कुछ अनुभवी पार्टी नेताओं को उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा पार्टी दक्षिणी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसका चुनावी प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है.ऐसे में इन राज्यों के नेताओं को कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां टीम नवीन में दी जा सकती हैं।  बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को उचित महत्व मिल सकता है. उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके चलते इन दोनों ही राज्यों की सियासत अहमियत संगठन में मिल सकती है।  बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव की आहट भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है. केंद्र की सत्ता में लगातार तीसरे कार्यकाल के बीच पार्टी नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसी रणनीति के तहत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की लंबी बैठक को महज औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि संगठन के पुनर्गठन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।  माना जा रहा है कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव, 2029 की राजनीतिक तैयारी और संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए पार्टी जल्द ही केंद्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान कर सकती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा चेहरों की सक्रिय भूमिका का संतुलित मिश्रण देखने को मिल सकता है.सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम में शामिल किए जाने वाले नेताओं के नामों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।  संगठन में भेजे जाएंगे मोदी कैबिनेट से कई नेता बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, राष्ट्रीय महासचिवों, सचिवों और पार्टी मोर्चों के प्रमुखों की नई टीम को अंतिम रूप देने की कवायद लगातार हो रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार बीजेपी अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान जल्द कर देगी।  मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा हो चुका है और रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया है, जिसके चलते उनकी भी कैबिनेट से छुट्टी तय है. पंकज चौधरी यूपी और हर्ष मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं. इस तरह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कुछ और सदस्यों को हटाया कर संगठन में भेजा जा सकता है.  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर, 2026 को पूरा हो रहा है। 

शानदार तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी 200 अंक की छलांग

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में खुलते ही उछाल देखा गया. 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,375.65 पर ओपन हुआ. आईटी, मेटल, फार्मा और केमिकल शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों में करीब 1-1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि कुछ मिनटों के भीतर बाजार थोड़ा स्थिर दिखा. सुबह 9:23 बजे निफ्टी 50 करीब 173 अंकों के उछाल के साथ 24,352 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि सेंसेक्‍स 542 अंकों के उछाल के साथ 78,042 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  रुपये में भी लगातार मजबूती देखी जा रही है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय करेंसी रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे चढ़कर 95.17 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  बाजार की शुरुआती बड़ी बातें मुंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की मजबूती लेकर 24,375.65 के स्तर पर खुला. बाजार के इस शुरुआती उछाल से निवेशकों ने कुछ ही मिनटों में मोटी कमाई की।  सेक्टर्स का हाल: कहां रही तेजी, कहां मंदी? बाजार को ऊपर ले जाने में आज आईटी कंपनियों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।  आईटी और मेटल में धूम: निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी तेजी देखी गई. इसके साथ ही मेटल (धातु) इंडेक्स भी 1.66 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया।  छोटे और फार्मा शेयर चमके: छोटे आईटी और टेलीकॉम शेयरों के साथ-साथ केमिकल इंडेक्स में 0.82 प्रतिशत और फार्मा इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।  यहां दिखा दबाव: इस चौतरफा तेजी के बीच बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी सुस्ती रही. सरकारी बैंकों का इंडेक्स (Nifty PSU Bank) 0.87 प्रतिशत गिर गया. इसके अलावा टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एसबीआई और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।  उतार-चढ़ाव में आई कमी बाजार में जोखिम और डर को मापने वाला पैमाना यानी 'इंडिया विक्स' (India VIX) आज 1.62 प्रतिशत गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया. इसका घटना इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी घबराहट कम है और स्थिरता बढ़ रही है।  बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार का रुख सकारात्मक बना रहेगा, लेकिन निवेशकों को थोड़ा सावधान भी रहना चाहिए।  निफ्टी के लिए जरूरी स्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना बहुत जरूरी है. अगर यह इसके ऊपर टिका रहता है, तो तेजी का दौर जारी रहेगा. बाजार के लिए पहला बड़ा अवरोध 24,300 और फिर 24,450 पर है।  गिरावट पर यहां है सहारा: अगर बाजार में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो 24,050 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा. यदि यह स्तर भी टूटता है, तो निफ्टी 23,900 तक नीचे जा सकता है।  विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि दुनिया भर के बाजारों में टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में चल रही बिकवाली पर नजर रखें, क्योंकि इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।  आईटी सेक्‍टर्स में ज्‍यादा उछाल  सेक्टर के लिहाज से बात करें तो निफ्टी आईटी (Nifty IT) में करीब 2 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी मेटल (Nifty Metal) 1.66 फीसदी मजबूत हुआ. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, केमिकल्स और फार्मा सूचकांकों में क्रमशः 1 फीसदी, 0.82 फीसदी और 0.72 फीसदी से अधिक की तेजी रही।  इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank) इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 के शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV), एनटीपीसी (NTPC), एसबीआई (SBI) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।  व्यापक बाजार (Broader Market) में भी मजबूती बनी रही. निफ्टी स्मॉलकैप 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 0.46 प्रतिशत की बढ़त देखी गई. वहीं, निफ्टी 100 में 0.46 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.41 प्रतिशत की तेजी आई. बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) 1.62 फीसदी गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया।  एक्‍सपर्ट्स का क्‍या कहना है?  मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शॉर्ट टर्म के लिए बाजार का नजरिया सतर्कता के साथ सकारात्मक (Cautiously Optimistic) बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहना व्यापक रूप से तेजी के ट्रेंड को सकारात्मक रखता है. बाजार के लिए तात्कालिक रुकावट (Immediate Resistance) 24,300 पर है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24,450 पर देखा जा रहा है।  गिरावट की स्थिति में 24,050 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (Key Support Level) बना हुआ है. अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में 23,900 की तरफ एक सुधारात्मक गिरावट (Correction) आ सकती है।  एक्सपर्ट्स ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में चल रही बिकवाली (Global Technology Sell-off) पर नजर रखनी चाहिए. सेमीकंडक्टर शेयरों में दोबारा कमजोरी आने से घरेलू आईटी शेयरों में हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।  कमोडिटी और वैश्विक बाजारों के संकेत  अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.77 प्रतिशत बढ़कर 72.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहा।  एशियाई बाजारों में भी आज ज्यादातर शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जहां निक्केई (Nikkei), हैंगसेंग (Hang Seng) और कोस्पी (KOSPI) में 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।  इससे पहले, तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण कल रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) गिरावट के साथ बंद हुए थे. वहां नैस्डैक (Nasdaq) 0.80 प्रतिशत टूट गया था, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) बिना किसी खास बदलाव के सपाट बंद हुआ था। 

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर; इंदौर की सड़कें दरिया, भोपाल में लंबा जाम

उज्जैन /भोपाल /इंदौर  मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है, जहां जुलाई की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश ने एमपी में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. बुधवार शाम से देर रात तक हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में जलभराव हो गया और नालों में तेज बहाव की स्थिति बन गई. इंदौर और भोपाल में बारिश का कहर देखने को मिला. इंदौर में तेज बारिश जानलेवा साबित हुई. शहर में अलग-अलग स्थानों पर दो युवक नालों के तेज बहाव में बह गए।  इस दौरान उज्जैन के इंगोरिया थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी लोधा में सहायक सचिव नाले में बह गए, जिनका शुक्रवार सुबह तक कोई सुराग नहीं लग पाया. वहीं, एक युवक रपट पुलिया पार करने के दौरान बाइक सहित पानी के तेज बहाव के साथ बह गया. गनीमत रही कि वह तैरने जानता था, जिससे तैरकर वह किनारे पहुंचा और झाड़ियां पकड़ कर अपनी जान बचा ली. लेकिन इस घटना में उसी बाइक पानी में बह गई. वहीं, इंदौर में नाले में बहकर 2 युवकों की मौत हो गई है।  सहायक सचिव नहीं मिला कोई सुराग इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया, "गांवड़ी लोधा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम 07:30 बजे करीब घर लौट रहे थे. तभी नाले पर बनी पुलिया को बाइक से पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे बाइक सहित बह गए." इस मामले में होमगार्ड की प्लाटून कमांडर शीला ने बताया, "बड़नगर से जवानों को भेज दिया गया है. रात होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है. रेस्क्यू टीम सुबह 6 बजे रवाना होगी." रात के करीब 1 बजे सहायक सचिव की बाइक मिली, तो लोगों को उम्मीद जगी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक सहायक सचिव का कोई सुराग नहीं मिला है।  मंडला में जलमग्न हुई सड़कें मंडला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 14 सुभाष वार्ड में पहली ही बारिश पूरी सड़क जलमग्न हो गई. गंदा पानी कई घरों में घुस गया. करीब एक घंटे बाद सड़क से पानी तो उतर गया, लेकिन पूरी सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैल गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान नगरपालिका अधिकारियों ने 1 सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव के कारण भविष्य में कोई दुर्घटना, जनहानि या अन्य अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी।  निगम मुख्यालय में पहली बारिश में भरा पानी मध्य प्रदेश के नए निगम मुख्यालय में पहली बारिश में ही पानी घुस गया. इससे करोड़ों रुपए के बने नए भवन की पोल खुल गई है. लगभग 75 करोड रुपए में बनी बिल्डिंग का पिछले महीने ही लोकार्पण हुआ था. नगर निगम के नए मुख्यालय में तेज बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया. अब बारिश के बाद आधुनिक निगम मुख्यालय वॉटर लॉबी बना नजर आया।  थोड़ी बारिश में सड़कें हुई लबालब इसके अलावा भोपाल के कई क्षेत्रों में थोड़ी बारिश के बाद ही सड़कें लबालब हो गईं. तेज बारिश में निचले इलाकों में वाटर लॉगिंग की समस्या साफ दिखाई दी. इससे भोपाल नगर निगम के दावों की पोल खोल दी. सड़क किनारे के छोटे नाले भी कई जगह ओवरफ्लो दिखाई दिए. इसके अलावा बारिश की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया और धीमी गति से वाहन रेंगते हुए नजर आए।  जबलपुर में तेज बहाव में बह गई बोलेरो जबलपुर में सुबह से लगातार बारिश हो रही है. बेलखेड़ा क्षेत्र में नाले उफान पर हैं. इस दौरान उफनते नाला पार करते समय बड़ा हादसा हो गया, जब बोलेरो नाले में बह गई. इसमें ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई और तीन लोग बोलेरो का शीशा तोड़कर बाहर निकल आए. मृतक ड्राइवर का नाम रवि पिल्ले बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नाले में तीन फुट से ज्यादा पानी था. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।  उज्जैन में बारिश के बाद जलभराव उज्जैन में हुई बारिश के बाद जगह-जगह जल भराव की स्थिति नजर आई. नई सड़क, बहादुर गंज, चामुंडा माता मंदिर चौराहा, इंदौर गेट, गदा पुलिया, नीलगंगा, एटलस चौराहा से लेकर ऐसे तमाम जगहों पर पानी भरा हुआ नजर आया. वहीं ग्राम पंचायत गांवड़ी लोधा में पानी के तेज बहाव में अपनी टूव्हीलर बाइक सहित गांव में ही खंती में बहे सहायक सचिव बह गए. सहायक सचिव का नाम सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा है।  पिता के लिए खाना ले जाते समय नाले में बहा युवक इंदौर में बारिश के दौरान जलभराव हो गया. इसी दौरान लसूड़िया मोरी निवासी 34 साल के गोलू पंवार रात करीब 9 बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था. नाले के किनारे से गुजरते समय उसका पैर फिसला और वह नाले के तेज बहाव में बह गया. सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया. गुरुवार सुबह गोलू का शव बरामद कर लिया गया।  वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी क्षेत्र में महेश चौहान अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था. अचानक दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए. मनीष किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन महेश अब भी लापता है. पुलिस और रेस्क्यू टीम आसपास के नालों और नदी किनारों पर लगातार उसकी तलाश कर रही है. प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नालों, पुलिया और रपट पार नहीं करने तथा सतर्क रहने की अपील की है।  पुलिस ने लोगों से की अपील एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल एक युवक का शव बरामद हो चुका है, जबकि नाले में बहा दूसरा युवक अब भी लापता है. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ हसदेव नदी पर पुल, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की घोषणा रायपुर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी है और नगर पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रथम जनप्रतिनिधियों के कंधों पर केवल एक नगर के विकास की नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति और जनविश्वास की नींव रखने की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना एवं सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दायित्व सौंपा है, उसका प्रतिफल पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील कार्यशैली और विकास के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बम्हनीडीह के विकास को नई गति देने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए दहिदा-बम्हनीडीह के बीच हसदेव नदी पर पुल निर्माण, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय तथा सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विकास को नई गति देते हुए हर वर्ग के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर, किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक संबल तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल बड़े शहरों के विकास से नहीं, बल्कि बम्हनीडीह जैसे उभरते नगरों को सशक्त बनाने से होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाओं और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बम्हनीडीह नगर पंचायत जनभागीदारी, सुशासन और विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी तथा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनेगी। समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण सिंह देव ने भी जनता को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, नारायण चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा बोले- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों पर भारत

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है: त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान, शोध और प्रशिक्षण का सशक्त मंच है MIDCOMS : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 28 वें AOMSI मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14 वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 का किया शुभारंभ भोपाल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अधोसंरचना और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में देश की प्रगति उल्लेखनीय है। डॉ. साहा भोपाल में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के 28वें मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी जैसे विशेषज्ञता आधारित क्षेत्रों में निरंतर प्रशिक्षण, शोध और आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सम्मेलन चिकित्सकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने कहा कि त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एमबीबीएस सीटों में कई गुना वृद्धि की गई है। राज्य ने जीएसटी संग्रह, कानून-व्यवस्था एवं अन्य विकास संकेतकों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सशक्त अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा शिक्षा विस्तार, टेलीमेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से देश का स्वास्थ्य क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी चिकित्सा शिक्षा, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, ट्रॉमा केयर और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि MIDCOMS 2026 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन युवा सर्जनों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध और नवाचार से जोड़ते हैं। देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें अधिक दक्ष, आत्मविश्वासी और संवेदनशील चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित करेगा। AOMSI के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन रोहित पंडित AOMSI के महासचिव डॉ. कलारामन बालारामन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए 1300 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, विशेषज्ञ, शिक्षकगण, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं प्रतिनिधिगण भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम शोध, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं नवाचार पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए योग को बनाएं जनआंदोलन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने संभाला पदभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। विधायक किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा। समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।