samacharsecretary.com

सोमवार को महंगाई का डबल अटैक, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े; दिल्ली-कोलकाता में नई कीमतें लागू

नई दिल्ली  सोमवार को ईंधन की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई, जिससे पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जो दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रमुख शहरों में अब क्या है पेट्रोल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में तेल की कीमतों की तो दिल्ली में 102.12 रुपये, कोलकाता में 113.51, मुंबई में 111.21, नोएडा में 101.9 रुपये, बेंगलुरु में 110.6 रुपये, भूवनेश्वर में 108.8 रुपये, चंडीगढ़ में 101.5 रुपये, जयपुर में 113.4 रुपये, लखनऊ में 101.9 रुपये, पटना में 113.5 रुपये प्रति लीटर है। प्रमुख शहरों में अब क्या है डीजल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में डीजल के कीमत की तो नई दिल्ली में 95.2 रुपये, कोलकाता में 99.8 रुपये, मुंबई में 97.8 रुपये, चेन्नई में 99.6 रुपये, गुड़गांव में 95.4 रुपये, नोएडा में 95.4 रुपये, बेंगलुरु में 98.5 रुपये, भुवनेश्वर में 100.6 रुपये, चंडीगढ़ में 89.5 रुपये, हैदराबाद में 103.8 रुपये, जयपुर में 98.4 रुपये, लखनऊ में 95.4 रुपये, पटना में 99.5 रुपेय प्रति लीटर है। इस महीने यह चौथी बढ़ोतरी ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था। जबकि, 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया था। अधिकतर राज्यों में पेट्रोल 100 के पार उत्तर प्रदेश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.76 और पश्चिम बंगाल में ₹114.20 पर पहुंच गई है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल ₹117.35 वहीं, असम में ₹106.21, मध्य प्रदेश में ₹115.77,बिहार में ₹114.79, राजस्थान में ₹113.93 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹113.05, दिल्ली में ₹102.11, छत्तीसगढ़ में ₹109.59, गुजरात में ₹102.92, हरियाणा में ₹103.57, हिमाचल प्रदेश में ₹101.64 और जम्मू और कश्मीर में ₹108.47 प्रति लीटर हो गई है। झारखंड में 1 लीटर पेट्रोल का दाम आज से ₹107.02, केरल में ₹114.31, मणिपुर में ₹114.76, मिजोरम में ₹104.74,ओडिशा में ₹110.30, पंजाब में ₹105.90, सिक्किम में ₹109.88 हो गया है। वहीं, तेलंगाना में ₹116.78, त्रिपुरा में ₹104.89, उत्तराखंड में ₹100.96 एक लीटर पेट्रोल का दाम अब इस रेट पर है। इन राज्यों में डीजल भी 100 के पार mypetrolprice के मुताबिक आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत ₹105.92 पर पहुंच गई है। बिहार में भी कई शहरों में डीजल के दाम 100 रुपये लीटर के पार पहुंच गए हैं। अररिया में, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर में डीजल 100 के पार है। छत्तीसगढ़ में डीजल के रेट 100 के पार पहुंच गया है। गुजरात के राजकोट में डीजल 100.01 रुपये लीटर है। झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुछ शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। क्यों बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था। चुनाव से पहले सरकार की कोशिशें कीमतें स्थिर रखने के लिए सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती कर दी थी। पेट्रोल पर यह ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से पहले एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी, जो घटकर ₹11.90 रह गई। इसी तरह, डीजल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गया। इसी निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पिछले शनिवार को बढ़ी थी कीमतें पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले शनिवार को बढ़ी थी, जब पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल की कीमत में 91 पैसे की वृद्धि की गई थी। शनिवार को ही दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपया प्रति किलोग्राम की वृद्धि के साथ 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। क्यों दोबारा बढ़ी ईंधन की कीमतें? अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया। जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। पिछले कई हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल को पुरानी कीमतों पर ही बेच रही थी। लेकिन पिछले दो हफ्तों से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। अनुमानों के अनुसार, तीनों तेल और गैस कंपनियां – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – प्रतिदिन सामूहिक रूप से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठा रही थीं। इसलिए, सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ीं।

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ समेत मेयर के घर को उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

लुधियाना  पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।  पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।  इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था।  ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।  बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।  क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।  इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।   

चीखों से गूंजा महाबलेश्वर… खाई में समाई स्कॉर्पियो, रस्सियों से निकाले गए शव

 महाबलेश्वर महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।  बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा।  मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं।  कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी।  खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है।  सभी मृतक सतारा के रहने वाले शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है।  पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।  सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।  फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

मन शांत तो तन स्वस्थ… आर्ट ऑफ लिविंग का यही संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मन की शांति ही तन का योग सादृश्य…यही है आर्ट ऑफ लिविंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविशंकर जी का 70वां जन्मोत्सव प्रदेशवासियों की ओर से रविशंकर के लिए जन्मोत्सव की मंगलकामनाएं लेकर स्वयं उदयपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने कभी दुनिया को हथियारों के बल पर जीतने की चेष्ठा नहीं की। हमने विश्वशक्ति नहीं, विश्वगुरु बनने का मार्ग चुना है। हमने हमेशा सबके सुख की कामना की है और वैश्विक कल्याण का नारा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की शांति ही तन के योग सादृश्य है। जब मन शांत होता है, तभी शरीर सही संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य में रहता है। यही आर्ट ऑफ लिविंग है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' हमारी संस्कृति का मूल है और रविशंकर जी इसी संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहे हैं। ने दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाकर शांत, स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को कर्नाटक राज्य में आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल सेन्टर, उदयपुरा, बैंगलुरू में रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रविशंकर से कहा कि वे मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से उन्हें जन्मोत्सव की अनंत और अशेष मंगलकामनाएं देने स्वयं यहां (उदयपुरा) आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 7 दशक की की ऊर्जा और करुणा इस व्यस्त और ऊथल पुथल के दौर में भी हर दिन नई और चिरयुवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग इस विश्व को की देन है। यह सेवा, साधना और शांति का परम संगम है। आर्ट ऑफ लिविंग पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता में बताये गये निष्काम कर्मयोग और जीवन को एक उत्सव की तरह जीने की कला का सहज मार्ग है, एक नव वैश्विक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग सिर्फ जीवन जीने की कला नहीं, जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग ने योग, प्राणायाम, ध्यान और भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जोड़कर लोगों को आत्मिक शांति प्रदान की है। करीब एक माह का यह आर्ट ऑफ लिविंग वैश्विक सम्मेलन वास्तव में मानवता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां मन शांत होता है, वहीं समाज भी समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग आध्यात्मिक संगठन को वैश्विक पुनीत सामाजिक कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप सब भारत की ध्यान, योग, साधना, मेडिटेशन, सुदर्शन क्रिया जैसी प्राचीन आध्यात्मिक परम्पराओं को पुनर्जीवित कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का भी उत्थान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु आकर देवलोक जैसा आनंद प्राप्त हो रहा है। भारतीय संस्कृति में भाषाओं का गुलदस्ता है। भाषा कोई भी हो, लेकिन चेहरे के भाव से ही बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। गुजरात के सोमनाथ में गुरूदेव के आशीर्वाद से सोमनाथ उत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रत्येक सांस के साथ जीवन और मृत्यु साथ-साथ चलती है। दोनों परमपिता परमात्मा के हाथ में है। श्रीरविशंकर जी ने 70वें जन्मदिन के अवसर पर 20 दिवसीय उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण विश्व से श्रद्धालु स्वयं से साक्षात्कार करने के लिए बेंगलुरु स्थित इस केंद्र में आते हैं। हमारी संस्कृति में हमारे गुरु ही हमें अंधेरे से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। हमारा जीवन यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे यानी जैसा पिंड है, वैसा ही ब्रह्मांड है की अवधारणा पर चलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य का भोजन तीन प्रकार का है। बगैर भोजन के 30 दिन तक जीवित रह सकते हैं। पानी हमें 7 दिन तक जिंदा रख सकता है। गुरुदेव ने हमें प्राण से परमानंद और परमानंद से परमात्मा की ओर जाने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसारिक जीवन में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। हमारा यह जीवन ऊर्जा और चेतना के साथ प्रकृति से भी जुड़ा रहे, इसके लिए के सभी सामाजिक सेवा प्रकल्प विशेष महत्व रखते हैं। बेंगलुरु के इस आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में हमें सांस्कृतिक चेतना और शांति का मार्ग प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल के जय घोष के साथ गुरुदेव रविशंकर जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सह्स्त्रायु को प्राप्त हों और दीर्घकाल तक हम सबके जीवन का मार्गदर्शन करते रहें। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। न्यूज फर्स्ट मीडिया हाऊस के सीईओ एस. रवि कुमार एवं टीवी 9 के वरिष्ठ एंकर रंगनाथ भारद्वाज ने कन्नड़ भाषा में दिये संबोधन में कहा कि गुरुदेव रविशंकर विश्व शांति के दूत हैं। आपने पूरे विश्व के लोगों को आर्ट ऑफ लिविंग के साथ-साथ आर्ट ऑफ लविंग भी सिखाया है। कार्यक्रम में तेलंगाना राज्य के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, श्रीमती जानकी शुक्ला, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ, एशियन पेंट के मालिक जलस दानी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। 

मिथाइल मेथाक्रायलेट लीक से दहशत, विस्फोट का खतरा बढ़ा

नई दिल्ली  कैलिफोर्निया में एक केमिकल फैक्ट्री के खराब वाल्व ने लाखों जिंदगियों और छह शहरों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है। ऑरेंज काउंटी की इस फैक्ट्री से मिथाइल मेथाक्रायलेट नाम के बेहद खतरनाक और आग पकड़ने वाले केमिकल का रिसाव हो रहा है। खराबी इतनी बड़ी है कि रिसाव को पूरी तरह बंद करना नामुमकिन हो चुका है। अब डर इस बात का है कि अत्यधिक दबाव या गर्मी के कारण यह स्टोरेज टैंक कभी भी फट सकता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए लगभग 40,000 लोगों को फौरन अपने घर खाली करने का सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन के सामने दो बड़ी चुनौतियां फायर अथॉरिटी के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस वक्त वे दो सबसे बुरे हालातों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। पहला खतरा यह है कि टैंक का ढांचा पूरी तरह ढह जाए, जिससे आसपास के पार्किंग एरिया में 6,000 से 7,000 गैलन जहरीला केमिकल फैल जाएगा। दूसरा और सबसे भयानक खतरा यह है कि कड़कती गर्मी के चलते टैंक के अंदर का तापमान और दबाव बढ़ जाए, जिससे उसमें जोरदार धमाका हो जाए। अगर ऐसा ब्लास्ट होता है, तो पास में ही मौजूद ईंधन और अन्य रसायनों के टैंक भी आग की चपेट में आ जाएंगे, जिससे यह हादसा एक बड़ी तबाही में बदल सकता है। पर्यावरण और इंसानी सेहत पर मंडराता खतरा इस जहरीले लिक्विड को पर्यावरण में तबाही मचाने से रोकने के लिए बचाव दल युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। केमिकल को स्थानीय नालियों, नदियों या समंदर में बहने से रोकने के लिए रेत की बोरियों की मजबूत दीवारें बनाई गई हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तापमान बढ़ने पर इस केमिकल से निकलने वाली भाप हवा को पूरी तरह जहरीला बना देगी। इसके संपर्क में आने से लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ, आंखों में चुभन और तेज जलन, उल्टी आने जैसा महसूस होना और असहनीय सिरदर्द जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 15% आबादी ने घर छोड़ने से किया इनकार यह पूरी घटना लॉस एंजिल्स से करीब 38 मील दूर गॉर्डन ग्रोव शहर में हुई है। यह इलाका मशहूर डिज़नीलैंड थीम पार्क के काफी करीब है। राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने फिलहाल डिज़नीलैंड को इस खतरे के दायरे से बाहर बताया है। इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच पुलिस के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। आदेश के बावजूद इलाके के करीब 15 फीसदी लोगों ने अपने आशियाने को छोड़ने से साफ मना कर दिया है। प्रशासन ने सुरक्षित निकाले गए लोगों के ठहरने के लिए दो बड़े शेल्टर होम तैयार किए हैं और लोगों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें और इस सरकारी आदेश का पूरी गंभीरता से पालन करें।

गुरुग्राम-मेवात में बनेगा 500 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर, हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान

 चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने राज्य को इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘हरियाणा इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026’ को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट और सेमीकंडक्टर उद्योगों को आकर्षित कर बड़े स्तर पर निवेश और रोजगार सृजित करना है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए नई नीति लाने की घोषणा की थी। अब इस नीति को लागू कर हरियाणा सरकार देश की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रानिक्स अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की तैयारी में है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह और विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में उद्योगपतियों से सलाह मशविरा करने के बाद इस नीति को अंतिम रूप दिया। हरियाणा की नई नीति केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप तैयार भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। केंद्र सरकार के अनुसार देश में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण का आकार वर्ष 2014 के करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है। भारत सरकार ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा की नई नीति भी इन्हीं केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप तैयार की गई है। गुरुग्राम-मेवात बेल्ट बनेगी नया इलेक्ट्रानिक्स हब हरियाणा सरकार ने आइएमटी सोहना में लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है। दिल्ली-एनसीआर से निकटता, बेहतर सड़क नेटवर्क, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की उपलब्धता इस क्षेत्र को निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकेगी। राज्य पहले से ही आटोमोबाइल और आटो कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी है। अब सरकार इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को भी उसी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रानिक्स निर्माण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं। उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन, पूंजी सहायता मिलेगी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि नई नीति के तहत सरकार उद्योगों को 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता देगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी सीमा 20 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तय की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हरियाणा में निर्मित इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्थानीय विनिर्माण इकाइयों को स्थायी बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी। रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आने से हरियाणा में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। मोबाइल कंपोनेंट, पीसीबी असेंबली, डिस्प्ले यूनिट, बैटरी पैक, आटो इलेक्ट्रानिक्स और चिप पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में एमएसएमइ इकाइयों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही राज्य में डिजाइन, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और इलेक्ट्रानिक्स स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने संकेत दिए हैं कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए अलग से विशेष नीति तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार भी भारत में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अरबों रुपये की प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। ऐसे में हरियाणा भविष्य में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट निर्माण का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

चीन से आतंकी नेटवर्क तक पहुंचा हाई-टेक कैमरा, NIA ने शुरू की सप्लाई चेन जांच

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अमेरिका में निर्मित GoPro कैमरा, जिसे आधिकारिक रूप से चीन के एक अधिकृत वितरक को भेजा गया था, वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादियों के पास कैसे पहुंच गया, इसकी जांच एजेंसी तेजी से कर रही है। NIA के जांचकर्ताओं का मानना है कि यह मामला केवल एक कैमरे की सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-विरोधी ताकतों को सीमाओं के पार हाई-टेक उपकरण मुहैया कराने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उजागर कर सकता है। दरअसल, पिछले साल जुलाई में दाचीगाम जंगलों में मुठभेड़ के दौरान मारे गए लश्कर आतंकियों के पास से बरामद उच्च गुणवत्ता वाले GoPro कैमरे ने इस पूरे प्रकरण को नई दिशा दी है। आतंकी संगठन अब हमलों को रिकॉर्ड कर दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए इन कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। GoPro कंपनी का बयान NIA ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में साफ बताया कि उक्त कैमरा चीन में स्थित अपने अधिकृत वाणिज्यिक वितरक को भेजा गया था। अब जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि चीन से प्राप्त यह उपकरण लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों तक कैसे पहुंचा। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कैमरे पाकिस्तानी सेना द्वारा खरीदे गए होने और बाद में आतंकी संगठनों को सौंपे जाने की प्रबल आशंका है। बता दें कि भारत और चीन के बीच आपसी कानूनी सहायता संधि (MLAT) न होने के कारण यह मामला राजनयिक स्तर पर उठाया जा रहा है। आरोपपत्र के बाद भी जांच जारी NIA ने पहलगाम आतंकी हमले का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल कर दिया है, जिसमें हमले के तात्कालिक परिचालन संबंधी तथ्य स्थापित किए गए हैं। हालांकि, उपकरण की खरीद और आपूर्ति शृंखला की जांच अभी भी चल रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन से आयातित एक सामान्य व्यावसायिक उत्पाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकी संगठन तक कैसे पहुंचा? पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकतर मृतक पर्यटक थे। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्रों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

पीएम मोदी की सहानुभूति पर चीन की प्रतिक्रिया, संकट में सहयोग की सराहना

नई दिल्ली  चीन ने अपने शांक्सी प्रांत में हुए भीषण कोयला खदान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई संवेदनाओं के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम कई लोगों की जान जा चुकी है और दो लोग अभी भी लापता हैं। भारत में चीन के राजदूत जू फेईहोंग ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत की सहानुभूति और समर्थन को बेहद मूल्यवान माना जाता है। भारत का समर्थन हमारे लिए महत्वपूर्ण चीनी राजदूत जू फेईहोंग ने पीएम मोदी के संदेश के लिए उनका धन्यवाद करते हुए एक्स पर लिखा कि शांक्सी प्रांत में खदान दुर्घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदना संदेश के लिए हम उनकी सराहना करते हैं। इस कठिन समय में भारत के लोगों की सहानुभूति और समर्थन को बेहद मूल्यवान माना जाता है। हमारी संवेदनाएं पीड़ितों, लापता लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम बचाव और राहत कार्यों में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवेदना संदेश इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को इस हादसे पर अपना शोक संदेश भेजा था। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था कि चीन के शांक्सी प्रांत में एक खदान दुर्घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। भारत के लोगों की ओर से, राष्ट्रपति शी चिनफिंग और चीन के लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुखद घड़ी में शक्ति प्रदान करे। मैं शेष सभी लापता व्यक्तियों के शीघ्र और सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना करता हूं। शुक्रवार शाम को हुआ था भयानक विस्फोट चीनी अधिकारियों के अनुसार, यह गैस विस्फोट शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 7:29 बजे किनयुआन काउंटी की लियुशेनयु कोयला खदान में हुआ था। शनिवार को अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य लापता हैं। इस घटना में घायल कुल 128 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक और दो की गंभीर बनी हुई है कंपनी की लापरवाही आई सामने घटना की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि खदान के भीतर जहरीली और हानिकारक गैसें लंबे समय तक सुरक्षित सीमा से अधिक बनी हुई थीं, जिससे दोबारा आपदा होने की आशंका बढ़ गई थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि खदान का संचालन करने वाली कंपनी द्वारा कानूनों का गंभीर उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई है। सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, किनयुआन का प्रशासन संभालने वाले चांगझी शहर के मेयर चेन शियांगयांग ने बताया कि कंपनी के जिम्मेदार लोगों को नियंत्रण में ले लिया गया है। इसके साथ ही, व्यापक सुरक्षा जांच पूरी होने तक कंपनी की कोयला खदानों में उत्पादन पूरी तरह से रोक दिया गया है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दिए सख्त जांच के आदेश चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने लापता लोगों को बचाने और घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के लिए चौतरफा प्रयास करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने विस्फोट के कारणों की गहन जांच करने और कानून के अनुसार जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम ने कहा है कि वे दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाएंगे, स्थानीय अधिकारियों, उद्योग रेगुलेटर्स और संबंधित कंपनी की जिम्मेदारियों की जांच करेंगे और प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त सजा सुनिश्चित करेंगे।

शिक्षा से लेकर गृह विभाग तक बदलाव, कई जिलों के DDC बदले गए

 रांची  झारखंड सरकार ने प्रशासनिक महकमे में एक और बड़ा फेरबदल किया है. इस बार झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के 66 अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला और पदस्थापन किया गया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 23 मई 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस फेरबदल में कई जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC) बदले गए हैं और कई प्रतीक्षारत व तैनात अधिकारियों को विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) व अन्य महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई है. शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक सेवा से जुड़े विभागों में बदलाव इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में श्रीमती स्मिता टोप्पो को संयुक्त सचिव और श्री अनवर हुसैन को निदेशक (प्रशासन) बनाया गया है. वहीं, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में श्री योगेंद्र प्रसाद और अनुज कुमार प्रसाद को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी मिली है, जबकि शशि प्रकाश सिंह को भी इसी विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात करते हुए उन्हें सीईओ आरोग्य सोसाइटी व एड्स कंट्रोल सोसाइटी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसके अलावा, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की उप सचिव रहीं सरोजनी तिर्की को अब आईटीडीए (ITDA) लातेहार का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है. जिलों में नए उप विकास आयुक्तों (DDC) की तैनाती राज्य सरकार ने कई जिलों में नए उप विकास आयुक्त (DDC)-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) की नियुक्ति की है. इसके तहत जामताड़ा जिला परिषद में असीम किसपोट्टा, पलामू में मो. सादात अनवर, पाकुड़ में श्री अरविंद कुमार लाल, लोहरदगा में राज महेश्वरम्, गढ़वा में प्रेमलता मुर्मू और खूंटी जिला परिषद में प्रवीण कुमार प्रकाश को नया डीडीसी बनाया गया है. कल्याण, श्रम, और सामाजिक सुरक्षा विभाग अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में मेनका और सुनील दत्त खाखा को संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि मुमताज अली अहमद को अल्पसंख्यक आयोग के सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में हरिवंश पंडित और मोनी कुमारी तथा प्रीती किस्कू को संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है. वहीं, सुमन पाठक को महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. गृह, राजस्व, वित्त और योजना विभाग गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बड़े पैमाने पर अफसरों की तैनाती हुई है, जिसमें संजय पांडेय, रौशन कुमार साह, ज्ञानेंद्र और विभूति मंडल को संयुक्त सचिव बनाया गया है. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग में प्रणव कुमार पाल संयुक्त सचिव होंगे, जबकि श्री धीरेंद्र कुमार सिंह और विद्या भूषण कुमार को क्रमशः राजस्व परिषद रांची में सचिव और संयुक्त सचिव बनाया गया है. वित्त विभाग में मधुमिता कुमारी और ज्योति कुमारी झा को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजेश्वर नाथ आलोक और संजीव कुमार (अतिरिक्त प्रभार- निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी) को योजना एवं विकास विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. जल संसाधन, नगर विकास और अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापन जल संसाधन विभाग में बिनय मनीष आर. लकड़ा और अजय सिंह बड़ाईक को संयुक्त सचिव बनाया गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग में बिजय कुमार, संतोष सिंह और रंजीत लोहरा को संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है. इसके अलावा, दिनेश कुमार रंजन को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में संयुक्त सचिव, विशालदीप खलखो को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग में संयुक्त सचिव (साथ ही जैप-आईटी के ओएसडी का अतिरिक्त प्रभार) और मो. जियाउल अंसारी को खान एवं भूतत्व विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. कृषि, पर्यटन, खेलकूद और अन्य निगमों में कमान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में मनोज कुमार को संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि अजय कुमार साव को कृषि विभाग में संयुक्त सचिव के साथ-साथ झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद के प्रबंध निदेशक (MD) का अतिरिक्त प्रभार मिला है. पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग में रामा रविदास और सत्यवीर रजक को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह, रंजीता टोप्पो को खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग में संयुक्त सचिव बनाते हुए झारखंड राज्य खाद्य निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं, संतोष कुमार गर्ग को राज्यपाल सचिवालय में संयुक्त सचिव, प्रेम कुमार तिवारी को माडा (MADA) धनबाद का एमडी, और शैलेंद्र कुमार रजक को वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय का निदेशक (साथ ही पेंशन एवं लेखा निदेशालय का अतिरिक्त प्रभार) नियुक्त किया गया है. जनजातीय विकास में नई नियुक्तियां विभिन्न जिलों में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) के परियोजना निदेशकों की भी तैनाती की गई है. इसके तहत सरायकेला-खरसावां में उषा मुंडू, दुमका में मनीषा तिर्की, और गुमला में लीली एनोला लकड़ा को परियोजना निदेशक बनाया गया है. इसके साथ ही, विजय सिंह बिरुवा को झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (JTDS) रांची का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है. उसी तरह मीना को लोकायुक्त कार्यालय में संयुक्त सचिव और सौरव कुमार सिन्हा को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

क्या नौतपा बना भीषण गर्मी की वजह? समझिए आखिर क्यों तप रही है धरती

 भोपाल  मई का आखिरी हफ्ता शुरू होने वाला है और जून बस आने वाला है. इसी के साथ पूरे देश में गर्मी आग उगल रही है. दोपहर में सड़कें तवे जैसी जल रही है और घरों की दीवारें भी भट्टी की तरह तप रही है. ये हाल तब है जब नौतपा नहीं आया है. नौतपा देश में 25 मई से 2 जून के बीच पड़ने वाला है. ऐसे में एक सवाल हर किसी के मन में आ रहा है कि आखिर नौतपा से पहले और नौतपा के समय इतनी गर्मी क्यों पड़ती है. दिलचस्प बात यह है कि इस समय पृथ्वी सूरज के सबसे करीब नहीं बल्कि उससे काफी दूर होती है. फिर भी भारत समेत उत्तरी गोलार्ध के देशों में नौतपा के दौरान तापमान 45 से 48 डिग्री तक पहुंच जाता है. तो आइए जानते हैं इस खबर में पूरा खेल।  लोग मानते हैं कि इस दौरान शायद सूरज धरती के ज्यादा करीब आ जाता है, लेकिन असल वजह कुछ और ही है. वैज्ञानिकों और ज्योतिष दोनों के अनुसार यह समय प्रकृति के सबसे शक्तिशाली चक्रों में से एक माना जाता है. यही वजह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही देश के कई हिस्से भट्टी की तरह तपने लगे हैं और नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है।  दरअसल गर्मी की असली वजह सूरज और धरती के बीच की दूरी नहीं बल्कि पृथ्वी का झुकाव है. नौतपा के दौरान पृथ्वी अपनी धुरी पर करीब 23.5 डिग्री झुकी हुई होती है. मई और जून के दौरान उत्तरी गोलार्ध सूरज की ओर झुक जाता है. इससे सूर्य की किरणें भारत पर सीधे और लंबवत पड़ती हैं. जब किरणें सीधी पड़ती हैं तो ज्यादा ऊर्जा एक छोटे हिस्से पर जमा होती है और तापमान तेजी से बढ़ जाता है. यही कारण है कि जनवरी में सूरज अपेक्षाकृत करीब होने के बावजूद ठंड रहती है, क्योंकि तब किरणें तिरछी पड़ती हैं. नौतपा के दौरान यही सीधी धूप धरती को सबसे ज्यादा गर्म करती है।  नौतपा का संबंध ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र से भी माना जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो पृथ्वी पर गर्मी चरम पर पहुंच जाती है. इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहने वाला है. मौसम विभाग (IMD) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हीटवेव का असर और बढ़ सकता है. कई शहरों में रात का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर बना रहेगा. यानी लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी. डॉक्टरों ने दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप से बचने की सलाह दी है।  वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो नौतपा मानसून की तैयारी का भी अहम हिस्सा है. तेज गर्मी समुद्र से ज्यादा नमी खींचती है. यही नमी बाद में मानसूनी बारिश का आधार बनती है. मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़े तो मानसून मजबूत हो सकता है. यही कारण है कि किसान भी नौतपा को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं. ग्रामीण इलाकों में आज भी कहा जाता है कि 'जितना तपेगा नौतपा, उतना बरसेगा सावन.' हालांकि अत्यधिक गर्मी लोगों के लिए परेशानी भी बन जाती है और बिजली-पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है।  इन दिनों उत्तर भारत के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. दिल्ली में गर्म हवाएं और कंक्रीट की इमारतें तापमान को और बढ़ा रही हैं. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके तो मानो आग उगल रहे हैं. कई जगहों पर सड़कें पिघलने जैसी स्थिति बन गई है. वहीं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के शहरों में भी लू का असर लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन उससे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।  गर्मी से बचाव इस समय सबसे जरूरी है. डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन सकती है. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. ORS, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने चाहिए और धूप में निकलते समय सिर ढकना जरूरी है. बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि उन पर हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है।  नौतपा सिर्फ मौसम नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का भी हिस्सा है. कई जगहों पर सूर्य पूजा की परंपरा निभाई जाती है. लोग जल दान और अन्न दान करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. हालांकि वैज्ञानिकों के लिए यह पृथ्वी, सूर्य और मौसम के बीच संतुलन का एक अद्भुत उदाहरण है. यही समय हमें प्रकृति की असली ताकत का एहसास भी कराता है।  आखिर में समझने वाली सबसे बड़ी बात यही है कि गर्मी का कारण सूरज का पास आना नहीं बल्कि पृथ्वी का झुकाव और सूर्य की सीधी किरणें हैं. नौतपा इस प्रभाव को और ज्यादा तीव्र बना देता है. इसलिए आने वाले दिनों में सावधानी बेहद जरूरी है. क्योंकि तपती धरती के बाद ही मानसून की राहत मिलने वाली है।