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आज शाम 6:30 बजे BJP मुख्यालय में PM मोदी कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधी बातचीत

नई दिल्ली पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के रुझानों में भाजपा का प्रदर्शन बेहद मजबूत नजर आ रहा है. खास तौर पर पश्चिम बंगाल और असम में पार्टी भारी बढ़त के साथ सरकार बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है. ताजा रुझानों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा करीब 181  सीटों पर आगे चल रही है, जबकि असम में पार्टी 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।  इन रुझानों के बीच पार्टी में उत्साह का माहौल है और जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 6:30  बजे नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे. यहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं और इस जीत के लिए उन्हें बधाई देंगे।  पश्चिम बंगाल में भाजपा का यह प्रदर्शन खास तौर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य लंबे समय से क्षेत्रीय दलों का गढ़ रहा है. ऐसे में पार्टी की यह बढ़त राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है. वहीं असम में भाजपा ने अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे पार्टी का आत्मविश्वास और बढ़ा है।  इसके अलावा पुड्डुचेरी में भी भाजपा गठबंधन शानदार प्रदर्शन करता नजर आ रहा है और सरकार बनाने की स्थिति में दिख रहा है. यहां पार्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत हासिल करने के करीब पहुंच गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की इस बढ़त के पीछे उसकी आक्रामक चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूत पकड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अहम कारक रही है. हालांकि, अभी ये रुझान हैं और अंतिम परिणाम आना बाकी है. इसके बावजूद भाजपा खेमे में उत्साह चरम पर है. अब सभी की नजरें आधिकारिक नतीजों और उसके बाद बनने वाली सरकारों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगी।  722 उम्मीदवार मैदान में राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। कांग्रेस ने सबसे अधिक 99 उम्मीदवार उतारे, जिसके बाद भाजपा ने 90 उम्मीदवार उतारे। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा। एनडीए सहयोगियों में, असम गण परिषद ने 26 उम्मीदवार उतारे, जबकि बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा। विपक्षी गठबंधन में राइजर दल ने 13 उम्मीदवार उतारे, असम जातीय परिषद ने 10, माकपा ने तीन और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा। चुनाव मैदान में शामिल अन्य पार्टियों में आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल शामिल हैं, जिन्होंने 18-18 सीटों पर चुनाव लड़ा। तृणमूल कांग्रेस ने 22 और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा, 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। 9 अप्रैल को हुआ मतदान राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान 9 अप्रैल को हुआ, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया। इस बार कुल 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ।

एमपी में बिजली बिल में सरचार्ज का तगड़ा झटका, एक महीने तक बढ़ेगी जेब पर अतिरिक्त खर्च

भोपाल  प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर अप्रैल माह के बिल में अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) की दर 5.36 प्रतिशत तय की है। यह दर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क के साथ जोड़ी जाएगी। बिजली कंपनियों ने एक महीने पहले ही बिजली दरों में 4.8 प्रतिशत का इजाफा किया था। यह सरचार्ज 24 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 एक महीने की अवधि के लिए लागू रहेगा।  कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अप्रैल 2026 के लिए FPPAS की गणना 5.40 प्रतिशत आई थी। नियामक आयोग के नियमों के तहत यदि यह 5 प्रतिशत से अधिक होता है तो 5 प्रतिशत मूल रूप से लागू किया जाता है और शेष राशि का 90 प्रतिशत जोड़कर अंतिम दर तय की जाती है। इसी आधार पर 5.36 प्रतिशत FPPAS निर्धारित किया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क के साथ यह अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी। इसके बाद अगले महीने के लिए दरें अलग से तय की जाएंगी, जो उस समय की फ्यूल और पावर खरीद लागत पर निर्भर करेंगी।  इस आदेश के तहत सभी बिजली वितरण कंपनियों पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सरचार्ज को उपभोक्ताओं के बिल में शामिल करें और इसकी जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करें। इस फैसले से घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी होगी। पहले से ही महंगाई के दबाव में चल रहे उपभोक्ताओं पर यह अतिरिक्त शुल्क आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला माना जा रहा है।  चुपचाप बढ़ा दिए बिजली के दाम बताया जा रहा है कि, बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च आ रहा है, जिसका बोझ अब बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाला जा रहा है। हालांकि, इस बढ़ोतरी को लेकर अबतक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी तरह की जानकारी या सफाई नहीं दी गई है। आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर ज्यादातर लोगों को अभी तक इसकी जानकारी भी नहीं है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि बार-बार इस तरह की बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होता है और लोगों में नाराजगी भी बढ़ सकती है। अब आम आदमी को 4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा। बढ़ने लगी लोगों की चिंता मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल 2026 के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की नई दर 5.36 फीसदी तय कर दी है। इसके बाद मई 2026 से कुल 6 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि मार्च 2026 में ये दर ऋणात्मक 0.63 प्रतिशत थी। राज्य में पहले अप्रैल 2026 से 4.8 फीसद की बढ़ोतरी हुई थी। इस तरह लगातार जारी बिजली दरों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, इस तरह हुई बढ़ोतरी को लेकर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। -बिजली कंपनी ने अप्रैल और मई 2026 से बिजली बिल में कुल मिलाकर करीब 11 फीसदी सरचार्ज की बढ़ोतरी की गई है। -इस बढ़ोतरी का असर प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की जेब पर पड़ेगा। -कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च आ रहा है, जिसका बोझ अब बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाला गया है। -हालिया बढ़ोतरी को लेकर अबतक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी तरह की जानकारी या सफाई नहीं दी गई है। यानी ये बढ़ोतरी चुपचाप कर दी गई है। 

UP के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, बढ़े मानदेय के बाद सम्मान कार्यक्रम

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के 1:43 लाख शिक्षा मित्रों के लिए 5 मई का दिन बेहद खास होने जा रहा है। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए आगामी 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। 18,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में स्पष्ट तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है। योगी कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश के शिक्षा मित्रों को अप्रैल महीने से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है। अब 5 मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षा मित्रों के साथ संवाद भी करेंगे। पांच मई को सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को 18,000 रुपए प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है। योगी सरकार का कहना है कि इससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है। योगी सरकार का कहना है कि प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। पहले मानदेय में वृद्धि और अब उन्हें सम्मान देने के लिए की जा रही यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में पांच मई को होने जा रहा यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी शिक्षा मित्रों के लिए गोरखपुर के आयोजित इसा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेश भर के शिक्षा मित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन: मझगांय और रुंज परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा होगी

मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित ग्रामीणों के हितों का रखा जाएगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 86 गांवों की 27510 हैक्टेयर भूमि में होगी सिंचाई 45 हजार किसान परिवार होंगे लाभान्वित प्रभावितों के मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणजनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के लिए वरदान साबित होंगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के 86 गांवों 27510 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए लगभग 39.56 मिलियन घन मीटर पानी प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र के लगभग 45 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं के डूब से प्रभावितों से चर्चा कर विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो उनके विभिन्न मुद्दों पर प्रभावितों से चर्चा करेगी और उनके हित में शासन को प्रतिवेदन देगी। गठित समिति में :- 1. अध्यक्ष – संभाग आयुक्त सागर संभाग 2. सदस्य – प्रमुख अभियंता जल संसाधन, भोपाल 3. सदस्य – मुख्य अभियंता धसान-केन कछार जल संसाधन, सागर हैं। समिति आगामी 5 दिनों में प्रभावितों से विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जाँच कर एवं विस्थापितों से चर्चा उपरांत वस्तु स्थितिपरक प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में इस परियोजना का कार्य निर्माण के अंतिम चरण में है। वर्तमान में इसके नाला क्लोजर का कार्य किया जा रहा है, जिसे वर्षा काल के पहले पूर्ण किया जाना है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें 1657 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष है। इस परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन हेतु अपर सचिव जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन कर पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ रूपए मात्र स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच एवं दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एवं भुजबई हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत कर 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया जा चुका है, 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन हेतु शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार 670 परिवारों का चयन कर पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ 50 लाख रूपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।  

पंजाब के अहम मुद्दों पर राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे राघव चड्ढा और सीएम भगवंत मान

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों के साथ भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे। चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा था और राष्ट्रपति ने उन्हें मंगलवार को सुबह 10:40 बजे का समय दिया है। चड्ढा के साथ दो अन्य राज्यसभा सदस्य भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। खास बात यह है कि इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। पता चला है कि राघव चड्ढा राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें पंजाब सरकार की ओर से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों पर की जा रही कार्रवाई से अवगत करवाएंगे। उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक मई को विधानसभा के बुलाए गए विशेष सत्र में पहले ही कह चुके हैं कि वे राष्ट्रपति से मिलकर दल बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे। इसके साथ ही वे विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव से भी उन्हें अवगत करवाएंगे। मान ने कहा था कि पंजाब देश का पहला राज्य बन जाएगा जो दल बदल कानून में बदलाव की मांग करेगा। भगवंत मान भी राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. उनकी इस मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि वह दल-बदल कानून को लेकर अपनी सरकार का रुख साफ करेंगे और उसमें बदलाव की मांग उठाएंगे।  दल-बदल कानून में बदलाव की मांग भगवंत मान पहले ही विधानसभा के विशेष सत्र में यह संकेत दे चुके हैं कि वह राष्ट्रपति से मिलकर दल-बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे. उनका कहना है कि मौजूदा कानून में कई खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर जनादेश के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. मान ने यह भी कहा था कि पंजाब ऐसा पहला राज्य बन सकता है, जो इस कानून में बदलाव की पहल करेगा।  विश्वास प्रस्ताव का भी जिक्र मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति को विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव की जानकारी भी देंगे. उनका उद्देश्य यह दिखाना है कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और वह स्थिर स्थिति में काम कर रही है।  एक ही दिन में राघव चड्ढा और भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और केंद्र स्तर पर अपनी बात मजबूती से रखना चाहती है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.

सीएम ने ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया, 55 बीघा जमीन पर 110 करोड़ की परियोजना

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पहले आवासीय ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। 55 बीघा में बनेगा परिसर, 5000 छात्रों की क्षमता यह विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड, शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में बनाया जाएगा। लगभग 55 बीघा भूमि पर बनने वाले इस परिसर की अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये है। यहां करीब 5,000 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा होगी। निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। ‘मध्य भारत शिक्षा समिति’ करेगी संचालन करीब 85 वर्षों से सक्रिय मध्य भारत शिक्षा समिति विश्वविद्यालय का संचालन करेगी। लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा (18 जुलाई 2027) से शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाए। मंच पर प्रमुख अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। नई शिक्षा नीति से जुड़े सपनों पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद शिक्षा में भारतीय दर्शन को समाहित करने की अपेक्षा थी, जो अब नई शिक्षा नीति के माध्यम से साकार हो रही है। बनने वाले विश्वविद्यालय की विशेषताएं जाने     विश्वविद्यालय की लागत 110 करोड़, तीन साल में तैयार होगा, गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से सत्र शुरू करने का लक्ष्य तय है।     इसका संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। आरएसएस का पहला विश्वविद्यालय होगा। संघ से जुड़े शैक्षिक संस्थानों विद्या भारती स्कूल संचालित करती है।     ग्वालियर के बाद प्रदेश में किसी और शहर में आरएसएस विश्वविद्यालय का अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संघ से जुड़े विद्या भारती की देशभर में पांच नई यूनिवर्सिटी बनाने की योजना विचाराधीन हैं।     चाणक्य यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु कर्नाटक में पहले से खुल चुकी है। पहला बैच 200 छात्रों का शुरू हो चुका है। असम गुवाहाटी- एक और आरएसएस यूनिवर्सिटी पर काम चल रहा है। बाकी तीन यूनिवर्सिटी अभी जगह फाइनल नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, जयभान सिंह पवैया, संत कृपाल सिंह, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, अनूप मिश्रा, सांसद भारत सिंह कुशवाह और भाजपा व आरएसएस के कई नेता व पदाधिकारी मौजूद हैं। मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा 55 बीघा भूमि पर करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर करीब 12.30 बजे मेला मैदान पहुंचकर राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे वृंदावन ग्राम थीम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितलाभ वितरित करेंगे। सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का करेंगे अवलोकन सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात अपरान्ह करीब 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे। यहां से वे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे। मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम       दोपहर 3 बजे शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।     अपरान्ह 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे।     शाम 4.15 बजे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे।     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1938 में ग्वालियर में शुरू हुई थी पहली शाखा     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर में पहले प्रचारक नारायण राव तर्ते आये थे। उन्हीं के प्रयासों से अप्रैल 1938 में जीवाजीगंज स्थित पोतनीस की धर्मशाला में नियमित रूप से संघ शाखा प्रारंभ हुई थी। महानगर की पहली शाखा में जाने वाले प्रमुख स्वयंसेवक थे-माधवराव वाघ, श्रीकृष्ण कान्हेरे, माधव केलकर, श्रीधर गोपाल कुंटे, दत्तात्रय कल्याणकर, दिगम्बर सोहनी, नरहरि सोहनी, राव साहब पाटील, कृष्णराव भट्ट, सदाशिवराव भिड़े, श्रीरंग हरि गोखले, बापूनाना परांजपे।

पंजाब में आंधी-ओलावृष्टि का खतरा, तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री कम, हीटवेव से राहत

लुधियाना  पंजाब में बदलते मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। हाल ही में हुई बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में करीब 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 4.7 डिग्री कम है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार आज (4 मई) राज्य में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इसी को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कुछ स्थानों पर एक सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के 22 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जबकि 13 जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और मोगा में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।  मंडियों में रखा गेहूं भीगा  पंजाब में आंधी से कई जिलों में बिजली के खंभे, होर्डिंग व पेड़ टूटकर गिर गए। वर्षा से तापमान में भी गिरावट आई और कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले दिनों कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला गया था। मौसम विभाग ने सोमवार-मंगलवार को भी प्रदेश में आंधी चलने और अधिकांश जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हिमाचल में कई घरों की छतें उड़ गईं। आंधी व ओलावृष्टि से बागवानी को भी नुकसान पहुंचा। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध रहीं। शिमला के बैनमोर वार्ड में बिजली गिरने से एक पेड़ दोफाड़ हो गया। दो जिलों का तापमान 35 डिग्री से अधिक राज्य में केवल 2 जिले 35 से 40 डिग्री के बीच रहे, जिनमें बठिंडा (37.5 डिग्री) और फाजिल्का (35.4 डिग्री) शामिल हैं, जबकि कोई भी जिला 40 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा। बाकी जिलों में तापमान 28.5 से 34.6 डिग्री के बीच रहा। चंडीगढ़ में 33.2 डिग्री (3.0 डिग्री कमी), अमृतसर में 32.8 डिग्री (4.3 डिग्री कमी), लुधियाना में 33.4 डिग्री (4.6 डिग्री कमी), पटियाला में 34.6 डिग्री (2.9 डिग्री कमी), फिरोजपुर में 34.6 डिग्री (3.3 डिग्री कमी), होशियारपुर में 31.5 डिग्री (3.8 डिग्री कमी), मोहाली में 32.4 डिग्री (2.9 डिग्री कमी), पठानकोट में 33.8 डिग्री (1.1 डिग्री कमी), रूपनगर (भाखड़ा डैम) में 30.7 डिग्री (5.2 डिग्री कमी) और आनंदपुर साहिब में 32.8 डिग्री (2.8 डिग्री कमी दर्ज हुई। कुल मिलाकर राज्य में तापमान में 1 से 5 डिग्री तक गिरावट देखने को मिली, जिससे गर्मी में हल्की राहत महसूस हुई। इस तरह का मौसम बना हुआ है मौसम विभाग के मुताबिक इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान की तरफ सक्रिय है, जो हवा में करीब 3 किमी ऊंचाई पर घूम रहा है और ऊपर की तरफ एक लहर (ट्रफ) भी बनी हुई है। इसके साथ ही हरियाणा और आसपास के इलाकों में भी हवा का एक सिस्टम बना हुआ है, जो करीब डेढ़ किमी तक फैला हुआ है। इसी वजह से मौसम बदल रहा है, जिससे बादल, तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं। भूस्खलन से उड़ी-बारामुला मार्ग बंद कश्मीर के उड़ी में रविवार को वर्षा के कारण भूस्खलन होने से उड़ी-बारामुला राजमार्ग बंद कर दिया गया है। सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम जारी है। शहर     वर्षा (मिमी में) पालमपुर     38.0 लुधियाना     25.6 चंडीगढ़     23.7 मोहाली     20.9 अमृतसर     2.2 फिरोजपुर     2.5 नवांशहर     2.1 रूपनगर     1.5 हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हुआ हिमपात हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हिमपात और धर्मशाला में ओलावृष्टि हुई। मौसम सुहाना होने से पर्यटक भी बढ़े हैं। मनाली के होटलों में 75 प्रतिशत आक्यूपेंसी पहुंच चुकी है। शिमला, मनाली, कसौली, मैक्लोडगंज व डलहौजी में भी पर्यटक पहुंचने लगे हैं। लाहुल स्पीति के कोकसर में बर्फ देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। सिरसा और भिवानी में गिरे ओले, तेज आंधी के साथ वर्षा हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ वर्षा हुई। सिरसा-भिवानी में ओले गिरने के बाद रविवार देर रात को हिसार और महेंद्रगढ़ के सतनाली में तेज आंधी के बाद वर्षा हुई। रविवार रात को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा हुई। इसके अलावा झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, नूंह मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिलों में आंधी अंधड़ व गरज चमक के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना देर रात तक बनी हुई थी। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूरे क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।   तापमान में आई गिरावट राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और फाजिल्का में 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य जिलों में तापमान 28.5 से 34.6 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, फिरोजपुर, होशियारपुर और मोहाली समेत कई शहरों में 1 से 5 डिग्री तक तापमान में कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अगले 7 दिनों तक मौसम रहेगा बदला-बदला मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। 5 मई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 8 मई के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 3 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है।

मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।  मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।  बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

सड़कें सरकार का असली विकास, बारिश से पहले सभी रास्ते बिना समस्या के होंगे: मुख्यमंत्री

सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि *मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ। हम सभी को अपने अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ समझना है, ये सेवा करने के मंदिर हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू, टोल फ्री नंबर पे दर्ज होगी समस्या: मुख्यमंत्री रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।   बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत, ममता दीदी की सत्ता पर खतरा, रुझानों में बहुमत के पार

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल और असम समेत पांच राज्यों में अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। बंगाल में बीजेपी बहुमत के आंकड़े के पार चल रही है और टीएमसी काफी पीछे हो गई है। असम में बीजेपी बंपर जीत की ओर आगे बढ़ रही है। बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। केरल में यूडीएफ अच्छे अंतर के साथ आगे हो गई है और तमिलनाडु में ऐक्टर विजय की पार्टी टीवीके 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बना चुकी है। यह डीएमके के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।। पुडुचेरी में फिर से एनडीए की सरकार रिपीट होती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल में संवेदनशील माहौल देखते हुए मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बार तमिलनाडु, केरल और पुडुच्चेरी में भी जमकर मतदान हुआ था। बंगाल की 293 सीटों के लिए 77 मतगणना केंद्रों पर गिनती हो रही है। मतगणना से पहले ही टीएमसी और बीजेपी ने एक दूसरे पर हेरफेर के आरोप लगाए थे। धन्यवाद हिंदू, धन्यवाद सनातनी- शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रुझानों में बड़ी लीड के बाद सभी सनातनी, सभी हिंदू मतदाताओं को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा है कि पहले राउंड में मुस्लिम बाहुल्य बूथ थे, ममता बनर्जी आगे निकल गई थीं. भवानीपुर के हिंदू बाहुल्य बूथ की ईवीएम खुली, तो हमने अंतर कवर करते हुए बढ़त बना ली. तीन, चार, पांच, छह बूथ मुस्लिम बाहुल्य हैं. इन बूथों पर ममता बनर्जी लीड करेंगी. सात, आठ, नौ और 10 हिंदू बाहुल्य बूथ हैं. यहां फिर से अंतर कम कर लीड ले लूंगा।  आरजी कर पीड़िता की मां पनिहाटी सीट से आगे आरजी कर रेप पीड़िता की मां बीजेपी के टिकट पर पनिहाटी सीट से चुनाव लड़ रही हैं. पनिहाटी सीट पर आरजी कर पीड़िता की मां आगे चल रही हैं. बीजेपी उम्मीदवार आरजी कर पीड़िता की मां तीन हजार वोट से आगे चल रही हैं।  जनता ने हमारे संदेश को स्वीकार किया है- थरूर शशि थरूर ने कहा है कि हम 10 साल से इंतजार कर रहे थे. इतनी बड़ी मेजॉरिटी हमें मिली, तो हम स्टेबल रहेंगे. जनता ने हमारे संदेश को स्वीकार किया है और् इतना बड़ा समर्थन हमें मिलता नजर आ रहा है।     विजय की सुरक्षा बढ़ाई गई तमिलनाडु में विजय की अगुवाई वाली टीवीके 102 सीटों पर आगे चल रही है. एआईएडीएमके के उम्मीदवार 73 और डीएमके के उम्मीदवार 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. तमिलनाडु के रुझानों के बाद विजय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विजय के घर के बाहर भी सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।  असम चुनाव में साफ तौर पर बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम असम में लगातार तीसरी बार बीजेपी हैटट्रिक लगा रही है। राज्य की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इईवीएम, 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली गईं। राज्य में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था।