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मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, पारा 44°C के पार, भोपाल-रायसेन में बादल और रतलाम में बूंदाबांदी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इस बीच छतरपुर के नौगांव में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जबलपुर में पिछले तीन वर्षों का तापमान रिकॉर्ड टूट गया है। नौगांव बना सबसे गर्म शहर छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है। इससे पहले शनिवार को रतलाम में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। प्रदेश के कई शहरों में 40°C से ऊपर तापमान मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, दतिया और रीवा में 42.4 डिग्री तथा धार में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, रायसेन और बैतूल में आज सोमवार सुबह से बादल छाए हैं। रायसेन में रात में बूंदाबांदी भी हुई। धार जिले में तेज धूप निकली है। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले रतलाम में रविवार रात 12 बजे बूंदाबांदी हुई। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकी। खरगोन में भी रविवार रात 12 बजे तेज बिजली कड़की। 15 मिनट तक बारिश का दौर चला। बड़वानी जिले के मंडवाड़ी निहाली गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरी। इससे किसान सलु बरडे के दो बैलों की मौत हो गई। जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अप्रैल महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। इसके अलावा ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 41.4 डिग्री और इंदौर में 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में पहली बार 44°C के पार पहुंचा पारा शनिवार को इस सीजन में पहली बार मध्यप्रदेश में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। रतलाम में अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उमरिया, मंडला, गुना और अन्य कई जिलों में भी तेज गर्मी का असर रहा। 20 अप्रैल का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 20 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर यह 42 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है। अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जनजीवन पर असर तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। आगे क्या मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बादल बन रहे हैं। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादल देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा 23 अप्रैल के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है। प्रदेश में छतरपुर जिला सबसे गर्म इससे पहले रविवार को पूरा प्रदेश गर्म रहा। छतरपुर के नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी के इस सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा। मंडला प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 43.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह छतरपुर के खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया-सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी-सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, धार में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और श्योपुर में तापमान 42 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा।  

रायपुर में ट्रैफिक सिग्नल पर शेड का निर्माण, अब धूप और बारिश में प्रतीक्षा करना होगा आरामदायक

रायपुर : ट्रेफिक सिंग्नल में प्रतीक्षा करने वालों को अब तेज धूप व बारिश में नहीं होगी परेशानी चौक.चौराहों में बनेंगे प्रतीक्षा शेड उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन     रायपुर  शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।       कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।  उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी      इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।   उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड  महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।  सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन      उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

चांदी ₹5000 टूटी, गोल्ड रेट्स में 1.87 लाख रुपये की कमी, जानें नए रेट्स

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) देखने को मिली है. बीते सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार शुरू हुआ, एक झटके में चांदी 5357 रुपये सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver अपने हाई लेवल से 1.87 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है।    चांदी ही नहीं एमसीएक्स पर सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. 10 Gram 24 Karat Gold का रेट अपने पिछले कारोबार बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 1780 रुपये कम हो गया और इस गिरावट के साथ अब सोना अपने हाई से 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है।  खुलते ही धड़ाम हो गई चांदी  एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायी वाली चंदी का भाव बीते शुक्रवार को तेजी के साथ 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई थी और सोमवार को जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये धड़ाम होकर 2,51,785 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से चांदी 5,357 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  अगर चांदी के हाई लेवल से तुलना करें, तो ये हफ्ते के पहले दिन की गिरावट के बाद अब 1,87,552 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है. बता दें कि इस साल जनवरी महीने में ही पहली बार चांदी का वायदा भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था।  US-Iran जंग के बाद कितनी गिरावट?  अगर बात करें, मिडिल ईस्ट युद्ध की शुरुआत के बाद अब तक फिसले चांदी के भाव के बारे में, तो 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक्स की शुरुआत की थी और इससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को MCX Silver Price 2,82,644 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और ताजा कीमत से तुलना करें, तो ये कीमती धातु इस दौरान 30,859 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  सोना भी चांदी की तरह फिसला अब MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो पिछले शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा सोना का भाव 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1780 रुपये की गिरावट लेकर  1,52,829 रुपये पर आ गया।   इस गिरावट के बाद सोना अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये से  50,155 रुपये सस्ता हो गया है. वहीं अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक Gold Rate में 12,830 रुपये की कमी आ चुकी है. 27 फरवरी को सोना 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।  बीते हफ्ते खूब भागा Gold-Silver अगर बीते सप्ताह गोल्ड-सिल्वर रेट्स की बात करें, तो एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट चार कारोबारी दिनों में 14,805 रुपये बढ़ा था. पिछले 10 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,43,274 रुपये थी, जो बीते शुक्रवार को 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।   चांदी की तरह सोना भी पिछले हफ्ते चमका थी. ये कीमती पीली धातु 10 अप्रैल के 1,52,652 रुपये की तुलना में बीते शुक्रवार को 1,54,605 रुपये पर बंद हुआ था. यानी ये चार दिन में 1953 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। 

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को मिलेगा 20 हजार, लेकिन पूरी करनी होगी एक शर्त

पटना  बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है. बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं. हाल ही में किए गए सर्वे से यह संकेत मिला है कि योजना का लाभ धीरे-धीरे व्यापक रूप से सामने आ रहा है. इसको लेकर राज्य सरकार की सहयोगी संस्था जीविका (JEEViKA) की ओर से अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया जा चुका है. इन महिलाओं को योजना के तहत शुरुआती सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे. सर्वे के आधार पर यह पता लगाया गया कि कितनी महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू किया और उनकी स्थिति क्या है।  70 प्रतिशत महिलाओं ने शुरू किया काम जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिन्होंने पहले मिली राशि से अपना रोजगार शुरू कर उसे सही तरीके से आगे बढ़ाया है. इस बीच सर्वे के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत लाभुक महिलाओं ने किसी न किसी रूप में अपना काम शुरू कर लिया है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को दर्शाता है. जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है, उन्हें जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है।  किस्तों में मिलती है पूरी सहायता इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. पहली किस्त 10 हजार रुपये की दी जा चुकी है. दूसरी किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक को कुछ अंशदान भी करना होगा. इसके बाद तीसरी और चौथी किस्त में क्रमश: 40 हजार और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे. अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें लाभुक को कोई योगदान नहीं करना होगा. विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रावधान है।  किस तरह के रोजगार शुरू किए गए सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने अपनी सुविधा और स्थानीय जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के रोजगार शुरू किए हैं. सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपनाया है, जिसमें गाय, बकरी और मुर्गी पालन प्रमुख हैं. इसके अलावा फल-सब्जी की दुकान, किराना, सिलाई-कढ़ाई, चाय-पकौड़े की दुकान और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय भी बड़ी संख्या में शुरू किए गए हैं।  महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में योगदान दें. सर्वे का कार्य पूरा होते ही योग्य लाभुकों को अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हो सके।  महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी पहल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है. बड़ी संख्या में महिलाओं का रोजगार शुरू करना इस योजना की सफलता का संकेत है. आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहती है, तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। 

गर्मियों में उफान: UP-MP और अन्य राज्यों में हीटवेव, गोंदिया में ट्रैफिक सिग्नल बंद

 नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है. IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।  साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने झारखंड में 22 अप्रैल तक जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी है. वहीं, इस बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में हीटवेव की संभावना बनी हुई है।  महाराष्ट्र में हाय गर्मी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इस चिलचिलाती धूप ने नागरिकों का हाल बेहाल कर दिया है. विशेष रूप से गोंदिया शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लाल होने के कारण लोगों को काफी देर तक कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।  जनता की इस समस्या को देखते हुए, नागरिकों ने जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर से अनुरोध किया कि दोपहर के समय सिग्नल बंद रखे जाएं. नागरिकों की इस जायज मांग पर संज्ञान लेते हुए यातायात पुलिस ने एक जरूरी फैसला लिया है. इस बीच सिग्नल बंद रहने का समय दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक तय किया गया है. इसके बाद शाम 4 बजे से सिग्नल फिर से चालू कर दिए जाएंगे।  इस फैसले के कारण अब नागरिकों को तपती धूप में चौराहों पर रुकना नहीं पड़ रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिला है. जिला यातायात पुलिस के इस मानवीय कदम की शहरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है।  दिल्ली में बढ़ेगा पारा भारत मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की संभावना है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है।  आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच बना रह सकता है।  मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यहां लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण स्वास्थ्य को लेकर जोखिम बना रह सकता है. इसका असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है।  क्या सावधानियां बरतें:     लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचें     हल्के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें     बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें     पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें  

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस दुर्घटना, 15 की मौत; मृतकों की संख्या बढ़ सकती है

उधमपुर  जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक यात्री बस खाई में गिर गई है। इस भीषण हादसे में 15 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई, जब बस रामनगर से उधमनगर की ओर जा रही थी। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बस रामनगर के पास ही एक गांव कगोर्ट से गुजर रही थी। जानकारी मिली है कि ऊंची पहाड़ी पर बने रोड से गुजरती हुई बस का एक तीखे मोड़ के पास नियंत्रण खो गया। यह हादसा सुबह 10 बजे के करीब ही हुआ। हादसे के बाद से बचाव अभियान जारी है। कई लोगों को इस घटना के बाद अस्पताल में एडमिट कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह बस उधमपुर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। इस घटना को लेकर एलजी मनोज सिन्हा ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाला है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के साथ हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके अलावा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस घटना को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि मेरी उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात हुई है। उनका कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन समय रहते शुरू हो गया था और घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में मुझे कुछ समय पहले ही जानकारी मिली थी और मैंने तुरंत उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर से बात की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है. उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट कर दिया गया है. डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है. जिला प्रशासन ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. रामनगर के एसडीएम ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।  उधमपुर-रामनगर मार्ग पर सड़क की स्थिति और मौसम को लेकर अक्सर हादसे होते रहते हैं. पहाड़ी इलाका होने के कारण मोड़ों पर सतर्कता बरतना जरूरी होता है. इस हादसे के कारण स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हुआ है. पुलिस ने आसपास के इलाके में यातायात को डायवर्ट कर दिया है. स्थानीय लोग बस हादसों को रोकने के लिए सड़क सुधार और बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग कर रहे हैं। 

निदा खान को TCS ने किया सस्पेंड, नासिक कांड के बाद बड़ा कदम, अग्रिम जमानत पर आज फैसला

 नासिक नासिक के चर्चित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में निदा खान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. एक तरफ जहां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने उसे सस्पेंड कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ आज उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होनी है. इस केस को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर हलचल तेज है. महिला आयोग की जांच भी जारी है और आज इस जांच का तीसरा दिन है. ऐसे में पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  निदा खान को TCS ने 9 अप्रैल 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र के जरिए सस्पेंड कर दिया. कंपनी के मुताबिक, उनके खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके चलते वे फिलहाल न्यायिक या पुलिस हिरासत में हैं. कंपनी ने यह भी साफ किया कि ऐसी स्थिति में वह अपने काम की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।  सस्पेंशन ऑर्डर में साफ लिखा गया है कि निदा खान 27 दिसंबर 2021 से कंपनी के साथ जुड़ी थीं और प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं. कंपनी ने उनके नेटवर्क एक्सेस को भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि उनके पास मौजूद कंपनी की सभी संपत्तियां वापस जमा कराई जाएं. उन्हें किसी भी ऑफिस में रिपोर्ट करने या घर से काम करने से भी मना किया गया है।  कंपनी ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि निदा खान इस मामले को लेकर किसी भी कर्मचारी से बातचीत नहीं करेंगी और पूरी गोपनीयता बनाए रखेंगी. अगर वे इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. यह आदेश कंपनी के HR हेड शेखर कांबले द्वारा जारी किया गया है, जो पुणे, नासिक और गोवा क्षेत्र के प्रभारी हैं।  इस बीच, आज कोर्ट में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है. पूरे मामले को लेकर अटकलें तेज हैं कि कोर्ट उन्हें राहत देगा या उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी जाएगी. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला अहम हो सकता है और आगे की जांच पर भी इसका असर पड़ेगा।  महिला आयोग की ओर से गठित सत्यशोधन समिति भी इस मामले की जांच कर रही है. आज इस जांच का तीसरा दिन है और टीम लगातार तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है. आयोग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही या अन्य पहलू जुड़े हुए हैं।  पूरे मामले ने कॉर्पोरेट और सामाजिक दोनों ही स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ कंपनी ने अपनी नीति के तहत सख्त कदम उठाया है, तो दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. आने वाले दिनों में कोर्ट के फैसले और जांच रिपोर्ट के आधार पर इस केस की दिशा साफ होगी। 

PM मोदी ने झालमुड़ी के दौरान दुकानदार को दिए 10 रुपये, लेकिन जेब में थे और कितने नोट?

झाड़ग्राम  झाड़ग्राम की गलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘झालमुड़ी प्रेम’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है. सुरक्षा के कड़े घेरे को तोड़कर जब पीएम मोदी एक साधारण सी दुकान पर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया. अपनी जेब से पैसे निकालने से लेकर दुकानदार के साथ उनकी मजेदार बातचीत ने लोगों का दिल जीत लिया है. पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी रैली करने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखते हुए एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुकने का फैसला किया. वहां पहुंचकर उन्होंने कहा- भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ? कितने का होता है आपका झालमुड़ी? इस पर दुकानदार कहता है- आप जितने का कहेंगे उतना का खिलाएंगे।  इस पर पीएम मोदी दुकानदार से कहते हैं कि अच्छे वाला कितने का होता है? इस पर दुकानदार कहता है 10, 20 और 30. इस पर पीएम मोदी कहते हैं जो भी है बना दो. इसके बाद पीएम जेब से पैसे निकालते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि उनके जेब से 50 रुपया का एक नोट, 20 रुपया का दो नोट औऱ 10 रुपये का एक नोट निकला. पीएम मोदी उसमें से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दे देते हैं. दुकानदार कहता है आप आए यही काफी है. इस पर मोदी कहते हैं नहीं भाई ऐसा नहीं. इस पर दुकानदार फिर कुछ कहता है और 10 रुपये गल्ले में डाल देता है. फिर दुकानदार कुछ कहता है. इस पर पीएम कहते हैं, ‘दिमाग नहीं खाते भाई’. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी हंसने लगे. पीएम ने न केवल बड़े चाव से बंगाल के इस प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का आनंद लिया. इस दौरान सबलोग उनको देख रहे थे।  जेब से निकाले 100 रुपये के आसपास, दिए केवल 10 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के बाद प्रधानमंत्री अपनी जेब से तीन-चार नोट निकालते हैं. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि उनकी हाथ में 50 रुपये का एक नोट, 20 रुपये के दो नोट और 10 रुपये का एक नोट था. कुल मिलाकर लगभग 100 रुपये. पीएम ने बड़ी सहजता से उनमें से 10 रुपये का नोट निकाला और दुकानदार को थमा दिया. दुकानदार, जो प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर दंग था, उसने पैसे लेने से मना करते हुए कहा, ‘सर, आप यहां आए यही काफी है।  ‘दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े।  बिहार का रहने वाला है दुकानदार पीएम मोदी ने जिस दुकानदार की दुकान से झालमुरी खाई वो बिहार के गया का रहने वाला है। उसका नाम विक्रम साहो है। उसने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पीएम के साथ हुई बातचीत को साझा किया। उसने बताया कि पीएम मोदी ने उससे उसके बारे में पूछा। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि वो 9वीं पास है। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते वो आगे पढ़ाई नहीं कर पाया। माता-पिता के बारे में भी पूछा पीएम मोदी ने विक्रम से उसके माता-पिता के बारे में भी पूछा। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन लोग है। उन्होंने पीएम मोदी को अपने माता पिता का नाम भी बताया। दुकानदार ने बताया कि उनकी माता का नाम सुनीता देवी और पिता का नाम उत्तम साहो है। पीएम मोदी ने पूछा कि आपकी कितनी दुकानें हैं तो उन्होंने बताया कि सिर्फ एक ही दुकान है। एक बात का रह गया मलाल दुकानदार विक्रम ने बताया कि उन्होंने एक बात का मलाल है कि वो पीएम मोदी का ऑटोग्राफ नहीं पाया है। उसने बताया कि पीएम ने उनसे राजनीति से जुड़ी कोई बात नहीं की। उन्होंने झालमुरी के पैसे भी दिए। पीएम मोदी ने उसने कहा कि बढ़िया से रहो। मुझे बहुत अच्छा लगा कि पीएम मोदी मेरी दुकान में आए और झालमुरी खाई।  जनता के बीच बनी चर्चा यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है।  कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में बढ़ाई सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता पारणोत्सव में मुख्यमंत्री का उपवास, संस्कार और सेवा का संगम का संदेश मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, किए दर्शन धार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनेक योनियों के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है, जो पंचतत्वों से निर्मित है। इस शरीर को संस्कारित करने के लिए उपवास एक श्रेष्ठ माध्यम है। आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पारणोत्सव के माध्यम से इस जीवन को पुण्य संचयन से जोड़ने का यह अवसर अत्यंत पावन और कल्याणकारी है। ऐसे उत्सवों में सहभागिता से मानव जीवन धन्य हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) में यह बात कही। आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) का  भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान 550 से अधिक तपस्वियों का पारणा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे चराचर जगत में सूर्य ऊर्जा का संचार करता है, उसी प्रकार मानव जीवन में गुरुदेव सूर्य के समान मार्गदर्शक होते हैं। जीवन में अनेक प्रकार के भटकाव आते हैं, किन्तु अच्छे और बुरे का अंतर समझाने का कार्य गुरुदेव ही करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव आचार्य राजेन्द्र सूरी जी महाराज के आशीर्वाद से ही सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मानव अपने संस्कारों को न भूले और आदिकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति से जुड़ा रहे। जीवन में पाने से अधिक आनंद देने में है, इसी उद्देश्य के साथ सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचल में गुरुदेव के आगमन से नई चेतना का संचार हो रहा है। गुरुदेव के इंदौर में चातुर्मास आगमन पर राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उनके आशीर्वाद से शासन के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर सामाजिक चेतना के विकास के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये की गई है। दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और उनके उत्थान के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध मोहनखेड़ा महातीर्थ में पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मानव के मन में धर्म का अंश जागृत होता है, तभी वह इस प्रकार के पुण्य आयोजनों में सहभागी बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश सेवा के लक्ष्य को लेकर निरंतर आगे बढ़ें, उनका आशीर्वाद सदैव साथ है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विरासत के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ किसान, महिला, युवा और गरीब वर्ग के कल्याण हेतु सतत कार्य कर रही है। आदिराज पारणा महोत्सव आदिराज पारणा महोत्सव जैन धर्म का एक प्रमुख एवं पवित्र आध्यात्मिक आयोजन है, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, भगवान ऋषभदेव ने 400 दिन की कठोर वर्षीतप साधना पूर्ण करने के उपरांत अक्षय तृतीया के दिन हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस कुमार के हाथ से गन्ने के रस (इक्षुरस) से पारणा किया था। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के निर्वहन में प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का पारणा कराया जाता है, जो आत्मसंयम, त्याग और तपस्या की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्य प्रकाश  भंडारी, जैन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश तांतेड, जैन संघ के प्रमुख महेंद्र व्होरा, ट्रस्ट सचिव मुकेश  जैन, नवयुवक परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़ उपस्थित रहे।  

US-Iran संघर्ष की पुनरावृत्ति, तेल कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग (US-Iran War) शुरू हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस बीच क्रूड की कीमतें फिर छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6% महंगा हो गया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इस टेंशन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दिखी, तो अगले ही पल तेज रिकवरी भी नजर आई।  लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजी पलटी नजर आई और जंग की आहट व तेल के झटके से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज रिकवरी करनी शुरू कर दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता हुआ नजर आया. हालांकि, ये तेजी भी कुछ देर के लिए कायम रही और दोनों इंडेक्स फिर से फिसलते हुए नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,493 की तुलना में खुलने के साथ ही फिसलकर 78,203 के लेवल पर आ गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही ये इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गया और उछलकर 78,733 के लेवल पर कारोबार करने लगा. वहीं कुछ देर तेजी में कारोबार के बाद अचानक फिर गिरावट आई और सेंसेक्स 140 अंक से ज्यादा फिसल गया। NSE Nifty भी सेंसेक्स की तरह ही चलता हुआ नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,353 की तुलना में ओपनिंग के साथ ही गिरकर 24,241 के लेवल पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसकी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया और ये उछलकर 24,420 के स्तर पर कारोबार करता नजर आने लगा और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर ग्रीन से रेड जोन में आ गया।  इन शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट  मिडिल ईस्ट में फिर टेंशन बढ़ने के साथ ही होर्मुज पर तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से गिफ्ट निफ्टी बुरी तरह टूटकर ट्रेड कर रहा था और इससे आशंका जताई जा रही थी कि सेंसेक्स-निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट दिया और दोनों इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गए।  सबसे तेज भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (2.10%), ICICI Bank Share (2%) और Trent Share (1.10%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में शामिल BHEL Share (3%), AU Bank Share (1.50%), Voltas Share (1.40%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां पर CUB Share (3%), Radico Khetan Share (2.50%) की बढ़त में थे।