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भारतीय जहाजों पर हमले के बाद ईरान को नई दिल्ली का चेतावनी भरा संदेश, नतीजे भुगतने होंगे

नई दिल्ली दो भारतीय क्रूड ऑयल जहाजों पर ईरानी नौसेना की गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने बताया कि जहाजों के एक केबिन की खिड़की का शीशा टूट गया। भारतीय अधिकारियों ने तेहरान को साफ संदेश दिया कि ऐसी किसी भी हरकत के नतीजे भुगतने पड़ेंगे। समझा जाता है कि भारत में ईरानी दूतावास और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच इस घटना को लेकर मतभेद है। सूत्रों ने बताया कि IRGC अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल वसूलना चाहता है, जबकि भारतीय अधिकारी ऐसी मांग मानने को तैयार नहीं हैं। 2 भारतीय जहाजों (जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड) पर ईरानी नौसेना की ओर से गोलीबारी की यह घटना तब हुई है, जब ईरानी युद्धपोत IRIS लवान अभी भी कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। यह भारत से शरण मांगकर आया था। इस युद्धपोत के 183 चालक दल सदस्यों में से लगभग 120 को पहले ही स्वदेश भेज दिया गया है, जबकि कुछ जरूरी कर्मी जहाज की देखभाल के लिए केरल के बंदरगाह पर रुके हुए हैं। इस ईरानी जहाज की ओर से भारत से शरण इसलिए मांगी गई क्योंकि उसका दूसरा युद्धपोत IRIS डेना 4 मार्च को श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी से हमला कर डुबो दिया गया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि IRGC स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है, लेकिन एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत किसी भी तरह का टोल देने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरानी गोलीबारी की इस घटना के नतीजे सामने होंगे। दोनों भारतीय जहाज बड़े क्रूड ऑयल टैंकर हैं और लाखों बैरल तेल ले जा रहे थे, जो शनिवार को ओमान के उत्तर में ईरानी नौसेना की गोलीबारी का शिकार हुए और उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस मुड़ना पड़ा। नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को किया तलब ईरान ने पहले कहा था कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। ताजा घटनाक्रम के बाद भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया और घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर जग अर्णव सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था। वहीं, दूसरा जहाज सन्मार हेराल्ड इराक से क्रूड ऑयल लेकर भारत जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि भारत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गोलीबारी को बहुत गंभीरता से ले रहा है और देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खुली और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करता है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल पारगमन गलियारों में से एक है, जिसमें वैश्विक क्रूड शिपमेंट का 20% हिस्सा गुजरता है। भारत उन देशों में शामिल है जिनके सबसे अधिक जहाज इस स्ट्रेट से गुजरते हैं, जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आयात पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है। ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के बीच भारत को मित्र राष्ट्रों की सूची में रखा है, जिनके जहाजों को इस स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी जा रही है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को ड्रोन-मिसाइल हमलों की धमकी देकर रोका जा रहा है। “होर्मुज़ फिर से बंद”-VHF प्रसारण ने बढ़ाई दहशत घटना के दौरान कई जहाजों ने एक रेडियो प्रसारण सुना, जिसमें दावा किया गया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को “पूरी तरह बंद” कर दिया गया है। प्रसारण में कहा गया कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया है और किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इस संदेश ने पूरे समुद्री क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके बाद कई जहाजों ने तुरंत अपनी दिशा बदल ली। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: ईरानी राजदूत तलब घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया और इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।   ईरान की सफाई और कूटनीतिक संतुलन की कोशिश इस बीच, ईरान की ओर से स्थिति को शांत करने की कोशिश भी दिखाई दी। भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें घटना के विस्तृत विवरण की जानकारी नहीं है और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामला जल्द सुलझ जाएगा। समुद्री गलियारों में बढ़ता अनिश्चितता का साया होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तेज कर दी गई है। क्या कहा भारत ने ईरान से? भारत ने ईरान से साफ कहा कि वह इस घटना को गंभीरता से लेता है और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत की चिंता अपने देश के अधिकारियों तक पहुंचाएं और भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग को जल्द बहाल करें। क्या ईरान ने कोई जवाब दिया? बैठक में ईरान के राजदूत ने भारत की चिंताओं को सुना और भरोसा दिया कि वे इस संदेश को तेहरान तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की बात को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों तक तुरंत जानकारी दी जाएगी। होर्मुज का महत्व क्यों? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे देश, जो खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करते हैं, इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर डाल सकता है। क्या आगे हालात सुधरेंगे? भारत ने साफ किया है कि वह इस मार्ग … Read more

सामूहिक विवाह समाज में समानता और सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय तरीका: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने हामूखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 जोड़ों को दिया आशीर्वाद देवास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।  रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महंत रामेश्वर दास, महंत रामदास जी महाराज, महंत बालकनाथ जी महाराज, बालकृष्ण दास जी महाराज, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महावीर नाथ जी महाराज, नारायण यादव, कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।  

CM साय की पहल से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था होगी मजबूत, जशपुर समेत कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

रायपुर प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले सहित राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए व्यापक योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे किसानों, छात्रों और लघु व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी। प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो राज्य के प्रमुख उच्च क्षमता उपकेंद्रों में शामिल होगा। इसके अतिरिक्त सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित विभिन्न स्थानों पर नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के उच्च क्षमता सब-स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विद्युत वितरण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। प्रदेशवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिला संबल, जीवन स्तर में आया बड़ा सुधार

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों के जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार बिलासपुर  श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।  जिले ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों के जरिए कुल 42 हजार 316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16 हजार 861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया। महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 हजार 296 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रसव सहायता के रूप में लगभग 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33 हजार 121 बच्चों को 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले ने राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14 हजार 757 विद्यार्थियों को लगभग 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये प्रदान किए गए। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 निर्माण श्रमिकों एवं उनकी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 हजार से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत 28 बच्चों को कुल 11.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के सामान्य मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित पुत्रियों, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में 2 हजार 814 पुत्रियों को कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले में 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये प्रदान किए गए, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस योजना के अंतर्गत बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं। वित्तीय वर्ष में 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रमिकों को क्रमशः 3706 रुपये एवं 3697 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। जिले में 1248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये वितरित किए गए।मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये प्रदान किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। रचना//

विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में ‘अस्मिता परियोजना’ का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

रायपुर : विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में 'अस्मिता परियोजना' का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सशक्त अवसर रायपुर आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले के ग्राम मथनीबेड़ा में  शाम बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुलता उसेंडी द्वारा नीति आयोग मद से महत्वाकांक्षी पहल “अस्मिता परियोजना” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक ने कहा कि गांव के हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह कार्ययोजना बनाई गई है। “अस्मिता परियोजना” का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को व्यक्तिगत पोल्ट्री शेड प्रदान कर स्थायी एवं दीर्घकालिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना के तहत महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में सम्मानजनक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही गांव को पक्की सड़क की सुविधाएं मिलेगी और सरकार के मंशानुरूप गांव में सभी आवश्यक मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।  कलेक्टर ने कहा कि अस्मिता प्रोजेक्ट के तहत पायलेट प्रोजेक्ट मथनीबेड़ा गांव को चयनित किया गया है और पहले चरण में 07 महिला हितग्राहियों का चयन किया गया है और जल्द ही गांव के अन्य हितग्राहियों को भी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य नंदलाल राठौर सहित अन्य जनप्रतिनधियों ने भी संबोधित करते हुए इस पहल को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदई नाग, दीपेश अरोरा, प्रेम सिंह नाग सहित जनपद पंचाय सीईओ उत्तम महोबिया एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।  अस्मिता परियोजना यह परियोजना एक त्रिपक्षीय मॉडल पर आधारित है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन एवं निगरानी, महिला लाभार्थियों द्वारा संचालन एवं प्रबंधन तथा एबिस फूड एंड प्रोटीन्स द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले इनपुट, तकनीकी सहयोग एवं बाजार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अस्मिता परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं निरंतर फील्ड सपोर्ट प्रदान किया जाएगा, जिससे उत्पादन में वृद्धि एवं जोखिम में कमी सुनिश्चित हो सके। इस मॉडल से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। परियोजना के तहत प्रति महिला लाभार्थी को वार्षिक लगभग 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय का लक्ष्य रखा गया है, वहीं मासिक औसत आय 12 से 13 हजार रुपये तक होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पोषण सुधार एवं प्रोटीन उपलब्धता बढ़ाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा भविष्य में सुकर पालन और मछली पालन को भी शामिल किया जाएगा।

अमरावती सेक्स स्कैंडल: नागपुर की नाबालिग पीड़िता ने दिए बयान, हो सकते हैं बड़े खुलासे

 अमरावती महाराष्ट्र में अमरावती के परतवाड़ा सेक्स स्कैंडल को लेकर नया मोड़ सामने आया है. इस केस में पहली नाबालिग पीड़िता सामने आई है. उसने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है. अब पूरे मामले की जांच और तेज कर दी गई है. स्पेशल जांच टीम (SIT) लगातार नए सुराग खंगाल रही है. इस मामले को लेकर अन्य पीड़ितों से भी अपने बयान दर्ज कराने की अपील की जा रही है. शनिवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले अमरावती पहुंचे, उन्होंने अफसरों के साथ इस पूरे मामले को लेकर मीटिंग भी की।  नाबालिग पीड़िता नागपुर की रहने वाली है. उसने पुलिस से संपर्क कर आपबीती साझा की है. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इससे मामले की कई अनसुलझी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।  इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब 11 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें नाबालिग लड़कियों के साथ शोषण की बातें सामने आईं. इसके बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।  जांच आगे बढ़ी तो अमरावती के परतवाड़ा क्षेत्र से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है. इस मामले में पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं, जिनमें 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और एक टैबलेट शामिल हैं. इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।  राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय निगरानी शुरू कर दी है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की, इस बैठक में सीनियर पुलिस अधिकारी, SIT प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और सभी संभावित पीड़ितों को सामने लाने के प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।  फ्लैट, कैफे में लड़कियों को बुलाते थे आरोपी पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर बुलाकर उनका शोषण किया. इनमें किराए के फ्लैट, कुछ कैफे और एक गार्डन शामिल है. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जो कई जगहों पर सक्रिय था।  इस बीच, जांच टीम ने सोशल मीडिया पर फैलाए गए आपत्तिजनक कंटेंट को भी हटाने की कार्रवाई शुरू की है. अब तक करीब 41 सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट किया जा चुका है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से वीडियो और फोटो फैलाने के लिए किया जा रहा था।  SIT अब इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल और फिजिकल ट्रेल की जांच कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक या दो आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।  इस मामले में पीड़िता का सामने आना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब जांच एजेंसियों के पास प्रत्यक्ष बयान और ठोस आधार मौजूद हैं. फिलहाल पूरा ध्यान SIT की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है, जिससे यह तय होगा कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है। 

महिला आरक्षण बिल पर TMC और कांग्रेस का गठजोड़, पीएम मोदी ने उठाए सवाल

बिष्णुपुर  पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल पास कराने के समय टीएमसी ने कांग्रेस के साथ मिलकर इसका विरोध किया, जिससे बंगाल की बहनों और बेटियों की उम्मीदों को झटका लगा. अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा को भाजपा की पहचान बताया और कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।  उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका बढ़ाना जरूरी है और राजनीति में उनकी भागीदारी भी मजबूत होनी चाहिए. इसी के साथ पीएम मोदी ने टीएमसी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के अनुकूल नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ भाजपा महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने इस दिशा में सहयोग नहीं किया।  रैली के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश और दुनिया में उनका सम्मान होता है, लेकिन टीएमसी पर उनके सम्मान को लेकर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, तब जो घटनाक्रम हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. इसके साथ ही पीएम ने टीएमसी पर घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने और कानून-नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया, साथ ही धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश को संविधान की भावना के खिलाफ बताया।  सभा में कई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि 'मातृ शक्ति भरोसा कार्ड' के जरिए बंगाल की हर बहन को साल में 36,000 रुपये दिए जाएंगे. महिला सशक्तिकरण के रोडमैप को सामने रखते हुए बताया गया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद मिलेगी, वहीं संतान होने पर केंद्र सरकार की ओर से भी 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।  बेटियों के भविष्य और उनकी शिक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50,000 रुपये की मदद देने का बड़ा वादा किया. गरीबों के हक की बात करते हुए मंच से साफ किया गया कि बंगाल की जनता को अब अपने राशन की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीजेपी की सरकार आते ही सबको मुफ्त राशन मिलेगा और कोई उसे छीन नहीं पाएगा. इसके साथ ही, सिर पर पक्की छत का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 1.5 लाख रुपये तक की सहायता देने की बात कही गई. स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया गया कि आयुष्मान भारत योजना लागू होते ही हर महिला को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक रखा है।  अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने आयुष्मान योजना को रोका हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था पर सख्ती की बात कही और लोगों से अपील की कि वे सही और गलत के बीच फर्क समझकर निर्णय लें. उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।             

आज IPL में पंजाब vs लखनऊ: PBKS का सीजन में शानदार प्रदर्शन, LSG के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर

मुल्लांपुर पंजाब किंग्स वर्सेस लखनऊ सुपर जाएंट्स आईपीएल 2026 का 29वां मैच आज यानी रविवार, 19 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला जाना है। पीबीकेएस वर्सेस एलएसजी मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, वहीं दोनों कप्तान आधा घंटा पहले टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे। इस मैच के दौरान दो पुराने दोस्त -श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत- का आमना सामना होगा। कुछ साल पहले तक दोनों खिलाड़ी दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला करते थे। लखनऊ की नजरें इस मैच में पंजाब का विजयी अभियान रोकने पर होगी। वहीं एक भी मैच ना हारने वाली पीबीकेएस की नजरें प्लेऑफ की तरफ एक और कदम बढ़ाने पर होगी। आईए एक नजर पंजाब वर्सेस लखनऊ मुकाबले की पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- PBKS vs LSG पिच रिपोर्ट मुल्लांपुर का महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम एक बैलेंस्ड ट्रैक है जो बैट्समैन और बॉलर दोनों के लिए कुछ न कुछ देता है। पेसर्स को पावरप्ले में नई बॉल से मदद मिलती है, स्पिनर्स बीच के ओवरों में खेल में आते हैं, और डेथ ओवरों में ओस पड़ने पर पिच आमतौर पर आसान हो जाती है। इस जगह पर लगभग 170 रन का स्कोर बनाना मुश्किल होता है, और शाम के मैचों में ओस की वजह से चेज करने वाली टीमों को थोड़ा फायदा होता है। अभी तक इस सीजन यहां हुए दोनों मैच पंजाब ने चेज करते हुए जीते हैं। जीटी के खिलाफ पंजाब ने 163 तो हैदराबाद के खिलाफ 220 रनों का टारगेट चेज किया था। आज भी टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले फील्डिंग करने पर होगी। दोनों टीमों का यह सीजन का छठा मैच होगा। पंजाब ने 5 में से 4 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बारिश के कारण रद्द रहा था। वहीं लखनऊ को 5 में से 2 मैचों में जीत मिली है और 3 में हार का सामना करना पड़ा है। दिन का पहला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच होगा। मुकाबला कोलकाता के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। पंजाब किंग्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स मैच कैसे देखें लाइव? पंजाब बनाम लखनऊ मैच की लाइव स्ट्रमिंग जियोस्टार के ऐप और वेबसाइट पर की जाएगी। ऐसे में अगर आप मुकाबले को लाइव देखना चाहते हैं, तो जियोस्टार पर मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से इसका मजा ले सकते हैं। अगर आप मैच का फ्री में लुत्फ लेना चाहते हैं, तो कुछ मोबाइल रिचार्ज के साथ जियोस्टार का सब्सक्रप्शन मिलता है। इसके अलावा मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, जहां से आप मैच का मजा टीवी पर ले सकते हैं। दोनों ने 3-3 मैच जीते PBKS और LSG के बीच अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें पंजाब किंग्स (PBKS) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 3-3 मैच जीतकर एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी है। पिछले सीजन दोनों टीमों के बीच 2 मैच खेले गए थे, दोनों पंजाब ने जीते थे। वहीं, दोनों टीमें इस मैदान पर पहली बार आमने-सामने होंगी। प्रभसिमरन ने पंजाब के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए पंजाब किंग्स की सबसे बड़ी ताकत श्रेयस अय्यर की मौजूदगी है जो शानदार कप्तानी कर रहे हैं। इसके अलावा इस सीजन में टीम के लिए प्रभसिमरन सिंह बल्लेबाजी में शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने 5 मैचों में 211 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 5 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। प्रिंस ने 5 मैचों में 9 विकेट लिए इस सीजन में LSG के लिए मुकुल चौधरी ने बल्लेबाजी में शानदार योगदान दिया है। उन्होंने 5 मैचों में 127 रन बनाए हैं, जिसमें 1 अर्धशतक शामिल है। वहीं गेंदबाजी में प्रिंस यादव टीम के लिए अहम साबित हुए हैं, जिन्होंने 5 मैचों में 9 विकेट अपने नाम किए हैं। पंजाब ने दोनों मैच चेज करते हुए जीते महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम की पिच आमतौर पर संतुलित मानी जाती है, जहां शुरुआत में तेज गेंदबाजों को अच्छी उछाल और मूवमेंट मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी आसान हो जाती है। इस मैदान पर अभी तक 13 IPL मैच खेले गए हैं। पहले इनिंग में बैटिंग करने वाली टीम ने 6 और चेज करने वाली टीम ने भी 7 मैच जीते हैं। यहां हाइएस्ट टीम स्कोर 228/5 है, जो पिछले साल मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बनाया था। इस सीजन यहां दो मैच खेले गए हैं। दोनों पंजाब ने चेज करते हुए जीते हैं। बारिश की संभावना बिल्कुल नहीं न्यू चंडीगढ़ में 19 अप्रैल को मौसम काफी गर्म रहने की संभावना है। थोड़े बादल भी रहेंगे। तापमान 23 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बारिश की बिल्कुल भी नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, शशांक सिंह, मार्कस स्टोयनिस, मार्को यानसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाख, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल। इम्पैक्ट प्लेयर- नेहल वाधेरा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, एम सिद्धार्थ, आवेश खान, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव ओर मोहम्मद शमी। इम्पैक्ट प्लेयर- आयुष बडोनी।    

मोहन ने ममता के गढ़ में किया जोरदार प्रदर्शन, कहा- वेस्ट बंगाल में कमल खिलने से कोई ताकत नहीं रोक सकती

भोपाल  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इस बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अप्रैल को कोलकाता की दो विधानसभाओं में धुआंधार प्रचार किया। उन्होंने कोलकाता जिले की कमरहाटी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अरुप चौधरी और मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में जनता से समर्थन मांगा। दोनों विधानसभाओं में उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत बंगाल में कमल खिलने से नहीं रोक सकती। पश्चिम बंगाल की जनता जंगलराज और तृणमूल कांग्रेस से त्रस्त हो चुकी है। जनता को अब विकास चाहिए। पश्चिम बंगाल में दहाड़े सीएम मोहन यादव 18 अप्रैल की सुबह सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कमरहाटी विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, परिवर्तन और प्रगति की ओर बढ़ने को तैयार है। कई सालों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार में नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज प्रगति के साथ आगे बढ़ेगा। यहां के हर वर्ग के जीवन में जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आएगा। कोलकाता के अंदरुनी इलाकों में बहुत गरीबी है और हालात बेहतर दयनीय हैं। यहां युवाओं के पास रोजगार नहीं है, मजबूरी में लोगों को परिवार का पालन पोषण करने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हर क्षेत्र में विकास की असीमित संभावनाएं हैं। अब बंगाल की जनता टीएमसी के कुशासन और जंगलराज से मुक्ति चाहती है। बंगाल लगातार गर्त में जा रहा है, इसके उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार चाहिए। गौरतलब है कि 18 अप्रैल की सुबह सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कमरहाटी विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, परिवर्तन और प्रगति की ओर बढ़ने को तैयार है। कई सालों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार में नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज प्रगति के साथ आगे बढ़ेगा। यहां के हर वर्ग के जीवन में जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आएगा। कोलकाता के अंदरुनी इलाकों में बहुत गरीबी है और हालात बेहतर दयनीय हैं। यहां युवाओं के पास रोजगार नहीं है, मजबूरी में लोगों को परिवार का पालन पोषण करने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हर क्षेत्र में विकास की असीमित संभावनाएं हैं। अब बंगाल की जनता टीएमसी के कुशासन और जंगलराज से मुक्ति चाहती है। बंगाल लगातार गर्त में जा रहा है, इसके उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार चाहिए। 'बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए SIR जरूरी' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित जहां हर राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है, तो वही बंगाल पिछड़ रहा है। बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाकर विकास की एक नई इबारत लिखना चाहती है। बंगाल चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। प्रधानमंत्री मोदी देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में चुनाव आयोग के निर्देश पर एसआईआर कराया गया है। इस प्रक्रिया में सही मतदाताओं की पहचान की गई। बंगाल की प्रगति और बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी है। 'जनता चाहती है बीजेपी का शासन' दूसरी ओर, शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया। यहां उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता की चेहरे की चमक बता रही है कि दुनिया की कोई ताकत यहां कमल खिलने से नहीं रोक सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और बंगाल में भी भाजपा चुनाव जीतेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष को बंगाल में भाजपा का शुभंकर बताया। उन्होंने कहा कि जैसे लोहा पारस के संपर्क में आने पर सोना बन जाता है। उसी प्रकार अगर कोई कार्यकर्ता दिलीप के संपर्क में आए तो वह भाजपा का बन जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिलीप घोष के समर्थन में भव्य रोड शो भी किया। इस रोड शो में कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय जनता उमड़ पड़ी। रोड शो में उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए। तेजी से करेंगे विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र की गलियों में घूमकर जनता से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण के कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा तो विकास की राह पर बहुत आगे बढ़ेगा। पश्चिम बंगाल कभी देश का सबसे अच्छा राज्य था। लेकिन पहले कम्युनिस्ट पार्टी और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने बंगाल का पूरा बेड़ा गर्क कर दिया। बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित जहां हर राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है, तो वही बंगाल पिछड़ रहा है। बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाकर विकास की एक नई इबारत लिखना चाहती है। बंगाल चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। प्रधानमंत्री मोदी देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में चुनाव आयोग के निर्देश पर एसआईआर कराया गया है। इस प्रक्रिया में सही मतदाताओं की पहचान की गई। बंगाल की प्रगति और बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी है। जनता चाहती है बीजेपी का शासन दूसरी ओर, शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया। यहां उन्होंने कहा कि पश्चिम … Read more

गैस सिलेंडर के लिए अब शादी कार्ड नहीं, गारंटी के आधार पर मिलेगा, कंपनियों के नए नियम

भोपाल   एक तरफ जहां अक्षय तृतीया के साथ साथ देशभर में शादियों का सीजन चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में शादी समारोह में भोजन के लिए उपयोग होने वाले कमर्शियल सिलेंडर के नियम में गैंस कंपनियों के साथ-साथ खाद्य विभाग ने एक बार फिर बड़ा बदलाव कर दिया है। दो दिन पहले ही कंपनियों द्वारा तय किए गए शादी कार्ड के नियम को निरस्त करते हुए अब कैटर्स की शादी पर बुकिंग के आधार पर उन्हीं के हवाले से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति करने का फैसला लिया गया है। मुख्य तौर पर खाद्य विभाग ने पिछली व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था को प्रभावी किया है। आपको बता दें कि, दो दिन पहले ही गैस कंपनियों ने शादी कार्ड दिखाने के साथ सिलेंडर की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए जमा करने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति करने के नियम जारी किए थे। बावजूद इसके एजेंसियों पर स्टॉक की समस्या आने लगी, जिससे लोगों को अधिक परेशान होना पड़ा, जिसके चलते शनिवार को एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले गैस कंपनियों ने जारी किया था ये नियम बता दें कि, गैस कंपनियों ने पहले एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि, सभी संचालक विवाह समारोह के लिए उपभोक्ताओं द्वारा शादी कार्ड दिखाने पर दो कमर्शियल सिलिंडर दे सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता को दो सिलेंडरों का रिफिलिंग शुल्क 3700 रुपए देने के साथ-साथ सिलेंडरों की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए शुल्क जमा करना होगा। साथ ही, ये निर्देश भी दिए कि, आयोजन के अगले दिन तक सिलेंडर एजेंसी में जमा कराने होंगे, इसके बाद गारंटी शुल्क लौटा दिया जाएगा। उपभोक्ता के पत्र पर खाद्य विभाग का एक्शन लेकिन शुक्रवार को ही जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो उन्हें सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो सकी। इसके चलते किसी उपभोक्ता द्वारा खाद्य विभाग में पत्र लिखकर सिलेंडर की व्यवस्था कराने की मांग की थी। इस पर विभाग में अधिकारियों ने चर्चा कर गैस एजेंसियों को समस्या से अवगत कराया। इसके बाद खाद्य विभाग और गैस कंपनियों ने मिलकर सिलेंडरों की सुलभ आपूर्ति के लिए संयुक्त नियम बनाया है। अब कैटर्स के जरिए होगी कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बताया जा रहा है कि, अब शादी समारोह के लिए व्यावसायिक सिलेंडर एजेंसी से कैटर्स द्वारा ही लिए जा सकेंगे। इसके लिए शादी समारोह के लिए कैटर्स की बुकिंग करने पर वो अपने कनेक्शन पर एजेंसी से सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे खाली सिलिंडर के बदले में एजेंसी उसे तय समय पर आपूर्ति करेगी, जिससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। कैटर्स ही बुक करेंगे सिलेंडर मामले को लेकर जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन का कहना है कि, अब शादी समारोह में भोजन व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर शादी कार्ड के बजाए कैटर्स की प्रोग्राम बुकिंग की गारंटी लगानी होगी। इसके बाद आयोजनकर्ता के बजाए सिलेंडर कैटर्स के नाम से बुक कराना होगा।