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सोना हुआ 6 महीने में सबसे सस्ता! कीमतों में बड़ी गिरावट के पीछे क्या है कारण, जानिए Buy or Wait

 नई दिल्ली सोने का भाव टूट (Gold Rate Fall) रहा है. न सिर्फ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और घरेलू मार्केट में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ये लगातार सस्ता हो रहा है. गुरुवार को सोने का भाव छह महीने के निचले स्तर पर आ गया है. स्पॉट गोल्ड की कीमत 21 नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर 4,022.09 डॉलर पर पहुंच गई. इसके अलावा डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर 4,116.20 डॉलर पर आ गए।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में गिरावट को लेकर स्टोनएक्स के सीनियर एनालिस्ट मैट सिम्पसन ने कहा, 'Gold Rate 4,000 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) की ओर तेजी से बढ़ रहा है. बुधवार को जारी सीपीआई रिपोर्ट के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कोई खास तेजी नहीं आई।  MCX पर भी टूटे सोना-चांदी  न सिर्फ स्पॉट मार्केट में सोने की कीमत बिखरी है, बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी गोल्ड-सिल्वर प्राइस में गिरावट आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate  गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया. तो वहीं 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत गिरकर 2.30 लाख रुपये के करीब आ गई. इसमें ओपनिंग के साथ ही लगभग 5000 रुपये की गिरावट आई. इसके बाद अब चांदी अपने हाई से 2.26 लाख रुपये सस्ती मिल रही है।  Gold में गिरावट की वजह क्या?  अगर सोने में गिरावट के कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा एक कारण नजर आता है और वो है महंगाई का जोखिम. अमेरिका में मई महीने की रिटेल महंगाई दर तीन साल के हाई 4.2% पर पहुंच गई है. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति कहते नजर आ रहे हैं कि, 'I Love Inflation'. मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते एनर्जी प्रोडक्ट की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकियों पर महंगाई का बम फोड़ने का काम किया है।  CME फेडवॉच टूल के मुताबिक, व्यापारी दिसंबर तक अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 70% से ज्यादा संभावना जता रहे हैं. उधर ईरान के होर्मुज बंद के ऐलान के बाद अचानक तेल की कीमतों में उछाल आया है. महंगाई बढ़ने के जोखिम के चलते सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. बता दें कि गोल्ड को हमेशा महंगाई के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है, लेकिन हाई पॉलिसी रेट्स कीमती धातुओं पर दबाव डालते हैं।  Gold में खरीदारी का मौका  तमाम रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका में महंगाई और मिडिल ईस्ट में संघर्ष के चलते के कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आई है. यह गिरावट निवेशकों के लिए एक खरीदारी का मौका (Gold Buying Opportunity) बन सकती है। 

21 विभागों की भागीदारी के साथ ग्रामीण सेवा शिविर शुरू, एक ही जगह मिलेंगी सभी सरकारी सुविधाएं

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा एवं निर्देशों की अनुपालना में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए 12 जून से 15 जुलाई तक "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" का आयोजन किया जाएगा। महा-अभियान के तहत राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य महत्वपूर्ण विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। शिविरों का समय सप्ताह के कार्य दिवसों में प्रातः 9:30 बजे से सायं 6 बजे तक (अथवा कार्य समाप्ति तक) रहेगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशानुसार शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक का कार्य उसी दिन पूर्ण करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यदि सायं 06:00 बजे तक कुछ कार्य अपूर्ण या लंबित रहते हैं, तो विभागवार उनकी सूची संधारित की जाकर समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। शिविर की शुरुआत से समाप्ति तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए विशेष पोर्टल तैयार अभियान की पारदर्शिता और दैनिक प्रगति पर नजर रखने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी संचार विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें विभागीय कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट इस पोर्टल पर शिविर प्रभारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से अपडेट की जाएगी। इसके साथ ही, अभियान के दौरान निष्पादित होने वाले सभी दस्तावेजों व प्रमाण-पत्रों पर "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" की विशेष मोहर अंकित की जाएगी। अभियान में स्थानीय स्तर पर सांसदों, विधायकों, जिला प्रमुखों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग ​की और से सभी जिला कलक्टर को निर्देशित किया गया है। एक ही स्थान पर मिलेंगी विभिन्न विभागों की सेवाएं ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग द्वारा राजस्व अभिलेखों एवं खातों का शुद्धिकरण, खातों का विभाजन, रास्तों संबंधी प्रकरणों का निस्तारण, नामांतरण (म्यूटेशन), सरकारी एवं चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन, खातेदारी अधिकार प्रदान करने, सीमाज्ञान, आबादी विस्तार एवं विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वीबी—जी राम जी योजना का प्रचार—प्रसार एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन,बैंक खाता खुलवाना और बैंक लिंकेज की प्रक्रिया को गति देगा। पंचायती राज विभाग स्वच्छता संबंधी कार्यों, आईएचएचएल ​की स्वीकृतियां,विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु श्रेणी के परिवारों को पट्टा वितरण, भूखण्ड आवंटन तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की सेवाएं उपलब्ध कराएगा। वन विभाग द्वारा वन भूमि संबंधी प्रकरणों का निस्तारण एवं पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मातृ-शिशु स्वास्थ्य जांच, कैंसर एवं सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी जांच, टीकाकरण तथा आयुष्मान भारत कार्ड वितरण करेगा। पशुपालन विभाग द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण एवं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसियां वितरित की जाएगी। पेयजल विद्युत, सड़क एवं अन्य आधाभुत सुविधाओं से जुडी समस्याओं का होगा समाधान ग्रामीण सेवा शिविर में ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत सप्लाई,ट्रांसफार्मर एवं बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। जबकि कृषि विभाग किसानों को विभिन्न योजनाओं एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी उपलब्ध कराएगा। आयोजना विभाग जनधन खाते, सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, अटल पेंशन योजना एवं जनआधार से जुड़े कार्य करेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग एनएफएसए से संबंधित लंबित प्रकरणों, ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग का निस्तारण करेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पेंशन सत्यापन, पालनहार योजना, यूडीआईडी कार्ड, कृत्रिम अंग वितरण एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से संबंधित कार्य किए जाएंगे।   इन विभागो की भी रहेगी भागीदारी शिविरों में महिला एवं बाल विकास विभाग लाडो प्रोत्साहन योजना, काली बाई भील सम्बल उड़ान योजना, पन्नाधाय सुरक्षा एवं समान केन्द्र,मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह अनुदान योजना,वन स्टॉप सेन्टर,महिला हेल्पलाइन,शिक्षा सेतु,मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सुरक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाएगा। श्रम विभाग निर्माण श्रमिकों के लिए टूलकिट सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण करेगा। आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित सहायता प्रकरणों का निस्तारण करेगा। जल संसाधन विभाग जल निकासी, जलभराव, बांधों एवं अतिक्रमण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करेगा। परिवहन विभाग पात्र व्यक्तियों को रोडवेज बसों के लिए रियायती एवं निःशुल्क यात्रा पास जारी किए जाएंगे। सहकारिता विभाग किसानों को फसली ऋण योजनाओं के प्रति जागरूक करेगा तथा पीएम-किसान लाभार्थियों का सत्यापन करेगा। शिक्षा विभाग नामांकन वृद्धि,पालनहार योजना, छात्रवृत्ति समस्याओं के समाधान एवं विद्यालय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी गांव—गांव शिविरों में आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर आवश्यक दवाइयों का वितरण करेगा। सैनिक कल्याण विभाग पूर्व सैनिकों की पेंशन एवं पहचान पत्र संबंधी समस्याओं का समाधान करेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग पेयजल व्यवस्था, हैंडपंप मरम्मत, जल गुणवत्ता जांच तथा पाइपलाइन लीकेज की समस्याओं का निराकरण करेगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों एवं राजकीय भवनों की मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी। राज्य स्तर पर गठित होगा समन्वय प्रकोष्ठ- अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं दैनिक समीक्षा के लिए प्रमुख शासन सचिव, राजस्व के निर्देशन में राज्य स्तर पर समन्वय प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। राज्य सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे अपने निकटतम ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में पहुंचकर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करें।

Bihar MLC Election: 9 उम्मीदवार बिना मुकाबले जीते, पवन सिंह और निशांत कुमार के नाम भी शामिल

पटना  बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया गुरुवार  को औपचारिक रूप से पूरी हो गई. नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक किसी भी उम्मीदवार ने अपना पर्चा वापस नहीं लिया. इसके बाद निर्वाची पदाधिकारी ने पवन सिंह समेत सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के नए चेहरे पवन सिंह को लेकर रही, जिन्हें पहली बार पार्टी ने विधान परिषद भेजा है।  पहली बार विधान परिषद पहुंचे पवन सिंह भाजपा ने इस बार विधान परिषद चुनाव में भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक पवन सिंह को उम्मीदवार बनाया था. नामांकन के बाद से ही उनकी उम्मीदवारी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थी। अब निर्विरोध निर्वाचन के साथ पवन सिंह का विधान परिषद पहुंचना तय हो गया है. माना जा रहा है कि पवन सिंह विधानपरिषद में अपने इलाके के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।  बीजेपी के चार उम्मीदवार हुए निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के खाते से पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं. इनमें संजय मयूख लगातार तीसरी बार विधान परिषद पहुंचे हैं, जबकि पवन सिंह और शीला पंडित के लिए यह नई राजनीतिक पारी की शुरुआत मानी जा रही है।  जेडीयू के चार उम्मीदवारों को भी मिली जीत जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन कुमार भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए. पार्टी ने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था।  एलजेपी (रामविलास) और आरजेडी को भी एक-एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुनील कुमार सिंह भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं. दोनों नेताओं का विधान परिषद पहुंचना पहले से लगभग तय माना जा रहा था।  नामांकन वापसी की समय सीमा तक नहीं हुआ कोई बदलाव निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नामांकन वापसी का समय बुधवार शाम 3 बजे तक निर्धारित था. लेकिन, किसी भी उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया. चूंकि जितनी सीटें थीं, उतने ही उम्मीदवार मैदान में थे, इसलिए सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।  यूपी चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद के लिए उम्मीदवारों का चयन सिर्फ संगठनात्मक जरूरत नहीं, बल्कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति का भी हिस्सा है. खासकर पवन सिंह की एंट्री को भाजपा के बड़े राजनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है. भोजपुरी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी भी दे सकती है, जिसका लाभ यूपी चुनाव में भी देखने को मिल सकता है. बहरहाल, सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन के साथ बिहार विधान परिषद की इन सीटों का चुनाव बिना मतदान के ही संपन्न हो गया है।  पवन सिंह और भाजपा उम्मीदवारों की CM से होगी मुलाकात भाजपा के उम्मीदवार पवन सिंह निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से भी मिलेंगे।भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय मयूख के साथ पार्टी के सभी निर्वाचित उम्मीदवार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।इस मुलाकात को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जदयू के चारों निर्वाचित MLC करेंगे नीतीश कुमार से मुलाकात जनता दल यूनाइटेड के सभी 4 निर्वाचित विधान पार्षद प्रमाण पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। इसके लिए वे 7, सर्कुलर रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे। जदयू के नवनिर्वाचित सदस्य पार्टी नेतृत्व का आशीर्वाद लेने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा कर सकते हैं। राजद के सुनील सिंह लेंगे लालू-राबड़ी और तेजस्वी का आशीर्वाद राजद के निर्वाचित उम्मीदवार सुनील सिंह निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने के बाद राजद नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। वे पहले तेजस्वी यादव से मिलेंगे और उसके बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का आशीर्वाद लेंगे। राजद इसे संगठन की एकजुटता और नेतृत्व के प्रति सम्मान के रूप में देख रही है। औपचारिक निर्वाचन के साथ नए सदस्यों की होगी परिषद में एंट्री निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलने के बाद सभी 10 उम्मीदवार औपचारिक रूप से बिहार विधान परिषद के सदस्य बन जाएंगे।निर्विरोध निर्वाचन के कारण इस बार मतदान की जरूरत नहीं पड़ी। सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कर ली।अब सभी की नजर परिषद में इन नए सदस्यों की भूमिका और राजनीतिक गतिविधियों पर रहेगी।

भोपाल के चर्चित त्विषा केस में नया मोड़, जेल में किताब पढ़ती दिखीं गिरिबाला सिंह; महिला आयोग ने जाना हाल

भोपाल  त्विषा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह से बुधवार को मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने मुलाकात की। आयोग की टीम महिला कैदियों और बंदियों की स्थिति का जायजा लेने जेल पहुंची थी। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने गिरिबाला सिंह से जेल में भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान गिरिबाला सिंह ने किसी भी प्रकार की परेशानी से इनकार करते हुए कहा कि जेल में सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं और उन्हें कोई शिकायत नहीं है। जानकारी के अनुसार, आयोग की टीम जब उनके पास पहुंची, तब वे लेखक देवदत्त पटनायक की पुस्तक 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ रही थीं। टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी। बातचीत के दौरान वे काफी शांत नजर आईं। निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की टीम को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि गिरिबाला सिंह को जेल में किसी प्रकार की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हो।   क्या है 'द प्रेग्नेंट किंग' की कहानी देवदत्त पटनायक का उपन्यास 'द प्रेग्नेंट किंग' पौराणिक कथा से प्रेरित है। कथा के अनुसार राजा युवनाश्व संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ कराते हैं। यज्ञ के बाद रानियों के लिए तैयार किया गया मंत्रयुक्त पेय वे स्वयं पी लेते हैं, जिसके बाद वे गर्भवती हो जाते हैं। बाद में उनके शरीर से पुत्र मांधाता का जन्म होता है। इसी कथा को आधार बनाकर यह उपन्यास लिखा गया है।  लीगल एड के वकीलों ने पेश किया वकालतनामा त्विषा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने जिला अदालत में वकालतनामा प्रस्तुत किया है। दोनों वकील विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े हैं। इस कारण अदालत ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछा है कि उन्हें मामले में पैरवी की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। कोर्ट ने इस संबंध में आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश मांगे हैं।  दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच तेज त्विषा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को मिल गई है। जांच एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच का फोकस गर्भावस्था, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर है। इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप से रिकवर किए गए चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिलीट किए गए डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि मामले की सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके।  CBI जुटा रही मेडिकल और डिजिटल सबूत ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है। एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों का मिलान कर रही है। जांच में प्रेग्नेंसी, अबॉर्शन, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर फोकस किया जा रहा है। वहीं, गिरिबाला सिंह की ओर से जिला कोर्ट में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने वकालतनामा पेश किया। दोनों वकील विधिक सेवा प्राधिकरण (लीगल सर्विस अथॉरिटी) से जुड़े हैं, इसलिए कोर्ट ने प्राधिकरण से अनुमति मांगी है। सीबीआई मोबाइल, लैपटॉप से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और डिलीट डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि मामले की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों की जांच कर रही सीबीआई एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही सीबीआई मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों और अन्य तथ्यों को जोड़कर जांच कर रही है। गिरिबाला सिंह की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में पेश दस्तावेज में सामने आया है कि जांच से जुड़े तथ्य पहले ही उनके पास पहुंच रहे थे। ट्विशा के परिजन के वकील अंकुर पांडे का कहना है कि इसी के चलते गिरिबाला अग्रिम जमानत लेने में सफल हो गईं। मामले की प्रारंभिक जांच और रस्सी जब्त करने वाले एसआई दिनेश शर्मा से दोबारा पूछताछ की जाएगी। शर्मा ने ही घटना के बाद सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्राइम सीन तैयार किया था। घटनास्थल की तस्वीरों में कमरे में दो अलग-अलग रिंग पर दो बेल्ट लटकी नजर आ रही थीं, लेकिन पुलिस ने 13 मई को केवल एक बेल्ट जब्त की। महिला बंदियों ने प्रस्तुत किए भजन महिला आयोग की टीम ने जेल के महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली गई। जेल के सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों के ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए। निरीक्षण के दौरान आयोग के सचिव सुरेश तोमर, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।  एसआई ने रस्सी जब्त की और कार में रख ली वकील अंकुर पांडे ने कहा– कटारा हिल्स थाने के एसआई दिनेश शर्मा 13 मई 2026 को सुबह करीब 9:42 बजे ट्विशा के घर पहुंचे। उन्होंने गिरिबाला और समर्थ के सामने रस्सी जब्त की, लेकिन दस्तावेज में किसी को चश्मदीद नहीं बनाया। उन्होंने रस्सी अपनी कार में रख ली, जबकि ये तत्काल एम्स के डॉक्टरों को देना था। 13 मई को पीएम कराने भी दिनेश शर्मा ही एम्स पहुंचे थे। ट्विशा के परिजन ने इस पर 14 मई को हंगामा कर दिया। इसके बाद एसआई ने 15 मई को ये रस्सी डॉक्टरों को दी। वकील कहते हैं, ऐसे सबूत जुटाते समय गवाह बनाना कानूनी रूप से जरूरी है। पुलिस को शुरुआत में ही गिरिबाला और पति समर्थ को संदिग्ध के रूप में चिह्नित करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया। इतनी बड़ी चूक के बावजूद जिम्मेदार उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 27 मई को हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। एक जून को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम गिरिबाला और समर्थ सिंह को लेकर उनके घर पहुंची थी। रस्सी की पहचान करने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं वकील का दावा है कि प्रारंभिक जांच करने वाले एसआई दिनेश शर्मा की भूमिका संदिग्ध है। अग्रिम जमानत के लिए दिए गए आवेदन में जब्ती से जुड़े दस्तावेज में हुई गलतियों का जिक्र था। इसी आधार पर जमानत मांगी गई। इससे संकेत मिलता है कि केस डायरी … Read more

नटराजन मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कांग्रेस विधायक आज राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट कल कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने अपने राज्यसभा नामांकन पत्रों को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए इसे अत्यंत तत्काल सुनवाई योग्य मामला बताया और शीघ्र सुनवाई या अंतरिम आदेश की मांग की। अदालत ने उनकी दलीलों पर संज्ञान लेते हुए मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए नामांकन खारिज किया कि नटराजन ने लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी, जबकि वास्तव में केवल समन जारी हुआ था और मामले में अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि संज्ञान भी नहीं लिया गया था, फिर भी नामांकन खारिज कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अवैध, मनमाना और पक्षपातपूर्ण है। साथ ही नामांकन खारिज करने के आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन की ओर से पेश होते हुए आरोप लगाया कि उनका नामांकन गलत कानूनी आधार पर संक्षेप में खारिज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वास्तविक कानूनी उपाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर करना है।  मीनाक्षी नटराजन को चुनाव आयोग पर भरोसा पूरे मामले पर मीनाक्षी नटराजन का भी बयान सामने आया था। चुनाव आयोग के दफ्तर से बाहर आकर मीडिया से उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी है और सिंघवी जी ने पूरे मामले को विस्तार से उनके समक्ष रखा है। हमें संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। हम अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार जो जानकारी सामने आ रही है, इसके मुताबिक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को करीब 35 मिनट तक चुनाव आयुक्त से  बातचीत की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मीनाक्षी नटराजन, भूपेश बघेल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बाहर आकर प्रेस को ब्रीफ किया था। उसमें सिंघवी ने बताया था कि चुनाव आयोग तक हमने हमारी बात पहुंचा दी है। उन्होंने हमारी बात पर विचार कर फैसला लेने का कहा है। हालांकि ये फैसला कब आएगा, इसका कहीं जिक्र नहीं है। बुधवार रात तक कोई फैसला नहीं आया। अब संभावना जताई जा रही है कि कुछ देर में चुनाव आयोग मामले में अपना फैसला सुना सकता है।  न्याय में इतनी देरी क्यों : सिंघार नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उनका कहना था कि चुनाव आयोग चाहता तो इस मामले में बुधवार को ही फैसला दे सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भाजपा उम्मीदवार के मामले में चुनाव आयोग ने निर्णय लिया था, लेकिन इस प्रकरण में आयोग ने कोई विचार नहीं किया। सिंघार ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा, "हमने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई और निर्णय की मांग की थी। अदालत ने कल का समय दिया है, लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? कई मामलों में रातभर सुनवाई होती रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली की तरह काम कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग रबर स्टांप की तरह किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को न्यायपूर्ण फैसला देगा। तीनों राज्यसभा सीटें जीत सकती है भाजपा दरअसल, मामले पर चुनाव आयोग की चुप्पी ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद फैसला करेगा। यदि तब तक आयोग कांग्रेस के पक्ष में कोई फैसला नहीं करता या खामोश ही रहता है तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा। बाकी दो सीटों पर भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल का निर्वाचन निर्विरोध तय है। ऐसे में प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा बिना लड़े जीत जाएगी। सिंघार बोले- न्याय में देरी क्यों? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। चुनाव आयुक्त चाहते तो कल इस बारे में निर्णय दे सकते थे। खारिज करना या स्वीकार करना, यह विशेष अधिकार चुनाव आयोग को है। हरियाणा में चुनाव आयोग ने हस्तक्षेप किया था, गुजरात में हस्तक्षेप किया था तो एमपी में क्यों नहीं किया? सिंघार ने भोपाल में मीडिया से कहा- झारखंड में बीजेपी कैंडिडेट को आप (चुनाव आयोग) वैलिड कर सकते हैं तो मीनाक्षी नटराजन के मामले में फैसला क्यों नहीं लिया? इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग भाजपा के रबर स्टैंप के रूप में काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर चुनाव आयोग ने कोई विचार नहीं किया। उनके रिटर्निंग ऑफिसर ने स्पष्ट रूप से नियमों की धज्जियां उड़ाईं। सुप्रीम कोर्ट ने कल का समय दिया है। मैं समझता हूं कि इसमें न्याय होगा लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? सुप्रीम कोर्ट इस पर निर्णय आज करता तो बेहतर होता क्योंकि आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट है। अदालत के निर्णय के बाद ही करें कार्यवाही वहीं, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा विधानसभा पहुंचे और अपने समर्थकों के साथ विधानसभा गेट पर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा की निर्वाचन शाखा भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। शर्मा ने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि दोपहर एक से तीन बजे के बीच भाजपा के तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "हमने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए विधानसभा की निर्वाचन शाखा को अदालत के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।"  कांग्रेस की बैठक में होगी चर्चा गुरुवार को दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक भी आयोजित की गई है। पार्टी ने अपने सभी महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली तलब किया है। … Read more

मध्यप्रदेश में BJP की बड़ी जीत! तीनों सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, मीनाक्षी नटराजन केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों को आज ही जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। दरअसल, नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद और केवल तीन पदों के लिए तीन ही नामांकन शेष रहने के चलते सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए आज 11 जून को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा तय है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद स्थिति यह बन गई कि तीन सीटों के मुकाबले केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में रह गए, जिससे चुनाव निर्विरोध हो गया। जिसके बाद बीजेपी के तीनों राज्यसभा सांसदों का स्वागत पार्टी कार्यालय में करने की भी तैयारी की जा रही है। विधायक दल के बाद ये सभी नव-निर्वाचित सांसद बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष उनका स्वागत करेंगे। इन सीटों से बीजेपी के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट का राज्यसभा जाना तय हो गया है। हालांकि मीनाक्षी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि अदालत चुनाव होने दे और रिजल्ट घोषित करने पर अपने आदेश का कैप लगा दे. लेकिन अदालत ने दलील दरकिनार कर दी।  गुजरात राज्यसभा चुनाव गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के सभी चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया ने जीत दर्ज की है।  इसके साथ अब राज्यसभा में गुजरात से 11 सांसद है, सभी सांसद बीजेपी के हैं. साल 2029 मे अब अगले राज्यसभा चुनाव होंगे तब तक गुजरात से कांग्रेस का कोई भी सांसद नहीं होगा।  बता दें, राजस्थान में भी तीनों राज्यसभा उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीते हैं.  दो सीटों पर बीजेपी के सतीश पुनिया और अल्का गुर्जर और एक सीट पर कांग्रेस के नीरज डांगी चुनाव जीत गए हैं।  क्यों आई ऐसी स्थिति? यह पूरा विवाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के बाद शुरू हुआ। बीजेपी ने उन पर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्ति सही मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और सड़क पर प्रदर्शन भी किया। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। आयोग ने भी आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने को आधार मानते हुए नामांकन खारिज रखने का निर्णय बरकरार रखा। फिलहाल कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मीनाक्षी के नामांकन रद्द मामले में अब कल होगी सुनवाई 48 घंटे के भीतर कांग्रेस चुनाव आयोग से लेकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई. कांग्रेस ने डिजिटल याचिका दायर की, लेकिन अब भी मीनाक्षी नटराजन के निलंबन के मामले में कोई राहत की तस्वीर कांग्रेस के लिए दिखाई नहीं दे रही है. चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है. उधर नामांकन वापसी की तारीख नजदीक आते देख कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची और याचिका लगाई, लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई है।  क्या था वो मामला? राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था।

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम! 34 जिलों में तेज बारिश-आंधी के आसार, 6 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में सक्रिय दो मौसमीय प्रणालियों के कारण प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला, जबकि गुरुवार को भी ग्वालियर, जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से लगातार कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही है। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं और मानसून के सक्रिय होने तक प्री-मानसून सिस्टम प्रभावी रहेंगे। ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।  कई जिलों में बदला मौसम बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना, उमरिया, बैतूल, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। बारिश के बीच गर्मी भी बरकरार एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर का तापमान 43.1 डिग्री, जबलपुर 40.5 डिग्री, भोपाल 40.4 डिग्री, उज्जैन 39.5 डिग्री और इंदौर 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव, दतिया, सतना, दमोह और रीवा सहित कई जिलों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। गुरुवार को इन जिलों में बारिश और तेज हवा मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, रतलाम और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। छह जिलों में ओले गिरने की आशंका मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बदल सकता है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम में बदलाव की यह है वजह मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। 

16 साल बाद वापसी कर रही साउथ अफ्रीका की बड़ी परीक्षा

जोहानिसबर्ग फीफा विश्व कप 2026 का भव्य आगाज शुक्रवार को प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगा। यह मैच रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। सह मेजबान होने के कारण मेक्सिको पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव है और टीम अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी। घरेलू मैदान पर किसी भी तरह की चूक पूरे टूर्नामेंट के माहौल को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर 16 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मुकाबला खुद को फिर से वैश्विक फुटबॉल मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह मेजबान टीम को हराने में सफल रहती है तो ग्रुप ए की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और उसके लिए नाकआउट चरण का रास्ता आसान हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 2010 विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में भी ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं। तब जोहानिसबर्ग में खेला गया मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा था और दक्षिण अफ्रीका बाद में गोल अंतर के कारण अगले दौर में जगह बनाने से चूक गया था। मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे अपने तीसरे कार्यकाल में टीम की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने टीम को मजबूत रक्षात्मक ढांचे, मिडफील्ड में एडसन अल्वारेज की अगुआई और स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की गोल करने की क्षमता के इर्द-गिर्द तैयार किया है। एज्टेका स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक टीम के लिए 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कोच ह्यूगो ब्रूस के मार्गदर्शन में दक्षिण अफ्रीका केवल रक्षात्मक रणनीति अपनाने नहीं उतरेगा। अफ्रीकी क्वालीफायर में नाइजीरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़कर विश्व कप में पहुंची इस टीम ने छह मैचों में केवल चार गोल खाए और नौ गोल दागे। लाइल फोस्टर, ओसविन अपोलिस और मिडफील्डर टेबोहो मोक्वेना टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रुप ए में आगे कोरिया गणराज्य और चेकिया जैसी टीमों से भी मुकाबले होने हैं। ऐसे में विश्व कप के इस उद्घाटन मैच की जीत किसी भी टीम को शुरुआती बढ़त और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है। फुटबाल प्रेमियों की नजरें अब एज्टेका स्टेडियम पर टिकी हैं, जहां से विश्व कप 2026 की रोमांचक यात्रा शुरू होगी। दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया का सामना चेकिया से विश्व कप में शुक्रवार को दूसरा मैच दक्षिण कोरिया और चेकिया के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 7:30 बजे से होगा। चेकिया की टीम 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और उसे दक्षिण कोरियाई टीम की कड़ी चुनौती का सामना करना है। दक्षिण कोरियाई टीम क्वालीफाइंग दौर में एक भी मैच नहीं हारी है। इस विश्व कप में सभी की नजरें दक्षिण कोरिया के स्टार खिलाड़ी सन हेंग मिन पर होंगी क्योंकि यह संभवत: उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है।

Nipah Virus Alert: केरल में मिला नया मामला, 43 साल के शख्स के संक्रमित होने से बढ़ी चिंता

कोझिकोड केरल में निपाह वायरस के एक मामले की पुष्टि हो गई है. शुरुआती जांच में 43 साल के व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. कोझिकोड के फेरोक के रहने वाले संदिग्ध मरीज की शुरुआती जांच में निपाह वायरस की पुष्टि हुई है. यह जांच कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में की गई थी.स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज़ अस्पताल के आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में आया था और माना जा रहा है कि निपाह का संदिग्ध मरीज़ माने जाने से पहले वह कई लोगों के संपर्क में आया था।  अधिकारियों को शक है कि यह संक्रमण किसी गोदाम की सफाई के दौरान हुआ हो सकता है, हालांकि इसके सही स्रोत की अभी पुष्टि नहीं हुई है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी (NIV) से अंतिम पुष्टि गुरुवार को होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि मरीज़ की हालत अभी स्थिर है. हालात का जायज़ा लेने और आगे के कदमों पर फ़ैसला करने के लिए गुरुवार सुबह मेडिकल बोर्ड की बैठक बुलाई गई है. कोझिकोड ज़िला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक अलग समीक्षा बैठक भी होगी. कंटेनमेंट ज़ोन घोषित करने और पाबंदियां लगाने का फ़ैसला समीक्षा बैठकों और NIV टेस्ट के नतीजों के आधार पर लिया जाएगा.स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीज़ के कई लोगों के संपर्क में आने की वजह से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है।  घबराने की जरूरत नहीं: केरल के स्वास्थ्य मंत्री केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बुधवार को कहा कि कोझिकोड के जिस व्यक्ति की शुरुआती जांच में निपाह की पुष्टि हुई है, वह कई लोगों के संपर्क में आया था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय घबराने की कोई वजह नहीं है.मंत्री ने कहा कि 43 साल के मरीज़ ने उस प्राइवेट अस्पताल के कई विभागों का दौरा किया था जहां उसने शुरू में इलाज कराया था, जिससे दूसरों के भी संक्रमित होने की चिंता बढ़ गई है.मंत्री ने बताया कि एहतियात के तौर पर, अस्पताल के जिन कर्मचारियों के मरीज़ के संपर्क में आने की संभावना है, उन्हें क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया है।  मंत्री ने आगे कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है और वे हालात पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं. हालात का जायज़ा लेने और आगे के कदमों पर फ़ैसला करने के लिए गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में स्वास्थ्य मंत्री के ऑफ़िस में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई है. मरीज़ का सैंपल पुष्टि के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी भेजा गया है, जबकि ज़िला और राज्य स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी तैयारी के उपाय कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मरीज़ की हालत स्थिर बनी हुई है।   

TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह! कल्याण बनर्जी के अल्टीमेटम से ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं

कोलकाता पश्चिम बंगाल की सत्ता का 15 साल तक सिरमौर रहीं ममता बनर्जी और उनकी अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस मुश्किल में हैं. एक के बाद एक नेता टीएमसी से किनारा कर रहे हैं. 60 से ज्यादा विधायक बागी हो गए हैं. दिल्ली में लोकसभा सदस्यों ने भी पार्टी में बगावत का बिगुल फूंक दिया है. वहीं, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका अब कल्याण बनर्जी का ताजा रुख है।  ममता बनर्जी ने जिन कल्याण बनर्जी को चीफ व्हिप बनाने के लिए 40 साल पुरानी सहयोगी काकोली घोष को पद से हटा दिया, अब वही कल्याण बनर्जी भी बगावत का झंडा बुलंद करते दिख रहे हैं. कल्याण बनर्जी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम दे दिया है कि या तो वह अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को।  कल्याण बनर्जी ने कहा है कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी को हटाएं. नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते. उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग करने का ऐलान किया और कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कभी भी मुझपर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे. कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम कल अभिषेक के केस के लिए तैयारी कर रहे थे और आधी रात मुझे बताया गया कि वकील बदल दिया गया है।  उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अपमानजनक है. अभिषेक बनर्जी को वरिष्ठों का सम्मान करना नहीं आता. कल्याण बनर्जी ने अभिषेक को घमंडी व्यक्ति बताया और तल्ख लहजे में कहा कि वह हैं कौन? अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी के साथ हूं. लेकिन दीदी को अब फैसला करना होगा कि उनको पार्टी और वफादार नेता चाहिए या बच्चा और परिवार।  कल्याण का बागी रुख ताबूत में आखिरी कील? कल्याण बनर्जी की गिनती ममता बनर्जी के विश्वस्त नेताओं में होती है. पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद कल्याण बनर्जी कई अहम मामलों में कोर्ट के भीतर भी टीएमसी से जुड़े मामलों की पैरवी करते नजर आए हैं. फर्जी हस्ताक्षर से संबंधित जिस केस में अभिषेक बनर्जी भी आरोपी हैं, उस मामले में भी कल्याण बनर्जी ही वकील थे. कल्याण बनर्जी के बागी रुख को टीएमसी के ताबूत में आखिरी कील की तरह देखा जा रहा है।  बिछड़ रहे सब बारी-बारी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी से सांसद-विधायक और नेता बारी-बारी बिछड़ रहे हैं. कल्याण बनर्जी के बागी रुख अख्तियार करने से कुछ घंटे पहले ही ममता बनर्जी को दो बड़े झटके लगे. पहले प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. वहीं, कल तक ममता बनर्जी के साथ खड़े नजर आए प्रसून बनर्जी भी बागी काकोली गुट के साथ हो लिए. काकोली गुट को लोकसभा में अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग वाले पत्र पर प्रसून बनर्जी ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।