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मंत्री चौहान का ऐलान: अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में मिलेंगे 10 हजार रुपये प्रतिमाह

अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह मिलेंगे 10 हजार रुपये: मंत्री चौहान उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिलेंगे बेहतर अवसर भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मंत्री-परिषद द्वारा दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रगृह योजना में संशोधन करते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 10 हजार रुपये की राशि प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्री चौहान ने कहा कि छात्रगृह योजना में प्रतिवर्ष 100 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा, जिसमें 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर स्तर के नवीन विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से अनुसूचित जाति वर्ग के अधिक विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिलेगा जिससे वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने करियर को नई दिशा दे सकेंगे। मंत्री चौहान ने कहा कि ऐसी योजनाएं सामाजिक न्याय को मजबूत करने और जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।  

नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित 40 माओवादियों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा

उत्तर बस्तर कांकेर : विशेष लेख : कभी बंदूक थामकर हिंसा करने वाले माओवादी अब सीख रहे हुनर नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित 40 माओवादियों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के शिक्षा पर भी विशेष ध्यान  उत्तर बस्तर कांकेर जिन हाथों ने कभी बंदूक थामकर हिंसा की मार्ग अपनाया  था, अब वहीं हाथ अपने हुनर का कमाल दिखा रहे हैं। भानुप्रतापपुर के पास ग्राम चौगेल के पुनर्वास केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा हुनर दिखाते हुए काष्ठ कला से नेम प्लेट, छत्तीसगढ़ शासन का ‘लोगो’, ग्राम पंचायतों के लिए बोर्ड, बच्चों के लिए की-रिंग सहित अन्य सजावटी सामग्री तैयार की जा रही है, साथ ही कपड़े का थैला, कार्यालयों के लिए बस्ता भी तैयार किया जा रहा है। सरकार द्वारा घोषित नक्सल पुनर्वास नीति के तहत कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन कांकेर द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को कुशल और दक्ष बनाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। यहां पर उन्हें काष्ठशिल्प के साथ ही इलेक्ट्रिशियन, ड्रायविंग, सिलाई, राजमिस्त्री जैसे पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कभी नक्सली गतिविधियों में संलिप्त रहे युवक-युवतियॉ अब विभिन्न व्यवसाय में दक्ष हो रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के बाद आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाह कर सकें। चौगेल कैंप बना कौशल प्रशिक्षण केंद्र वर्षों से लाल आतंक के साए में हिंसा का दंश झेल रहा बस्तर संभाग अब विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। शासन द्वारा नक्सल मुक्त बस्तर घोषित किया जा चुका है। हिंसा की राह त्यागकर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों को सरकार कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत भानुप्रतापपुर विकासखंड के पास ग्राम चौगेल (मुल्ला) कैम्प में विभिन्न सृजनात्मक और रोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कभी बीएसएफ का कैम्प रहा चौगेल (मुल्ला) का यह कैम्प अब हुनर सिखाने वाला गढ़ बन चुका है। यहां पर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यधारा में लौटे 40 आत्मसमर्पित माओवादियों को अलग-अलग पाठयक्रमों जैसे- काष्ठ शिल्प, इलेक्ट्रिशियन, सिलाई, ड्राइविंग, राजमिस्त्री इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दी जा रही है। पढ़ने के लिए पाठ्य सामग्री, पुस्तकें, पेन-पेंसिल दिए गए हैं तथा पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवाईयां भी दी जाती हैं। कैम्प में मनोरंजनात्मक गतिविधियां जैसे कैरम, वाद्य यंत्र, विभिन्न प्रकार के खेल भी आयोजित किया जाता है। चौगेल पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, वाहन चालक के साथ ही कांकेर में घुड़सवारी का भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में सिलाई मशीन, काष्ठ शिल्प एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाने हेतु कृषि विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी, पशुधन विकास विभाग के साथ ‘बिहान’ के द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया है।  प्रशिक्षण उपरांत नियोजन करने वाला पहला जिला बना कांकेर पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण उपरांत नक्सली पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने वाला कांकेर पहला जिला बन चुका है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अपने हाथों से तीन नक्सली पीड़ित और एक आत्मसमर्पित नक्सली को निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपा, इनमें पुनर्वासित सगनूराम आंचला एवं नक्सल पीड़ित रोशन नेताम, बीरसिंह मंडावी और संजय नेताम शामिल थे। इन सभी को निजी फर्म का नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जहां उन्हें 15 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय और अन्य प्रकार की वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। इन्होंने चौगेल कैम्प में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्राप्त किया था तथा उन्हें निजी क्षेत्र में नियोजित किया गया है। मुख्यधारा में लौटकर प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार प्रदान करने के मामले में उत्तर बस्तर कांकेर पहला जिला है। निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए माओवाद पीड़ित श्री बीरसिंह मंडावी ने कहा कि ग्राम मुल्ला (चौगेल) के कैम्प में पुनर्जीवन मिला है, जहां निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल एवं पारंगत बनाया गया, वहीं प्रशिक्षण के बाद जिला प्रशासन द्वारा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 

नीतीश सरकार की नई सौगात: जीविका समूह की महिलाओं को सस्ता बीमा लाभ

पटना. मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों के लिए बड़ी योजना शुरू की है। 15 अप्रैल से 31 मई तक राज्यभर में ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके जरिए लाखों महिलाओं को जीवन बीमा से जोड़ा जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य करीब एक करोड़ जीविका दीदियों को बीमा सुरक्षा देना है। फिलहाल राज्य में लगभग 72 लाख दीदियां पहले से बीमित हैं, लेकिन अब इस दायरे को और बढ़ाने की तैयारी है। दो योजनाएं, कम खर्च में बड़ा कवर दीदियों को दो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा-Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana। पहली योजना में 436 रुपये सालाना प्रीमियम है, जबकि दूसरी में महज 20 रुपये में बीमा कवर मिलता है। दुर्घटना या मृत्यु पर 4 लाख तक की मदद इन दोनों योजनाओं को मिलाकर बीमित दीदी के परिवार को अधिकतम 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। प्राकृतिक मृत्यु पर 2 लाख और दुर्घटना में मृत्यु पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये का प्रावधान है। बैंक खाते से खुद कटेगा प्रीमियम बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अंशदान सीधे बैंक खाते से काटा जाएगा। आवेदन करते ही प्रीमियम स्वतः जमा हो जाएगा, जिससे दीदियों को अलग से भुगतान की झंझट नहीं होगी। एक साल के लिए मिलेगा बीमा कवर यह बीमा 1 जून से लागू होगा और एक साल तक मान्य रहेगा। हालांकि अभियान 31 मई तक चलेगा, लेकिन इसके बाद भी इच्छुक दीदियां योजना से जुड़ सकती हैं। परिवार तक बढ़ेगी सुरक्षा की पहुंच अभियान के दौरान जीविका दीदियों को अपने पति का भी बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे पूरे परिवार को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। अब तक हजारों परिवारों को मिला सहारा पिछले वर्षों में इस योजना से करीब 10 हजार परिवारों को आर्थिक मदद मिल चुकी है। सरकार अब इसे और व्यापक बनाकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सियासी विदाई से पहले बड़ा संदेश मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को सशक्त करेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा देगी।

Amazon में फिर से छटनी की संभावना, 14,000 कर्मचारियों का भविष्य संकट में

 नई दिल्ली अमेरिकी की कंपनी अमेजन एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की प्लानिंग कर रही है. खबरों के मुताबिक, कंपनी विभिन्न डिपार्टमेंट में 14,000 तक नौकरियां कम करने और कुछ चुनिंदा टीमों को बंद करने की योजना बना रही है. एशिया बिजनेस आउटलुक की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह छटनी दुनियाभर में की जा सकती है. इसका असर खासतौर पर अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल और एचआर (HR) विभाग पर पड़ सकता है. इसमें मिड-लेवल मैनेजर और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों (व्हाइट-कॉलर जॉब) के प्रभावित होने की ज्यादा संभावना है।  अगर कंपनी यह कदम उठाती है, तो एक साल से भी कम समय में यह अमेजन की तीसरी बड़ी छंटनी होगी. इससे पहले कंपनी ने इस साल जनवरी में करीब 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, जबकि 2025 के अंत तक भी लगभग 14,000 पदों में कटौती की जा चुकी है।  छटनी करने वाली अकेली कंपनी नहीं  हाल ही में कर्मचारियों की छटनी करने वाली और संख्या कम करने वाली कंपनी अमेजन अकेली नहीं है. बता दें कि कुछ ही दिन पहले, ओरेकल ने सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर दुनियाभर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. प्रभावित 30,000 कर्मचारियों में से 12,000 भारतीय कर्मचारी बताए जा रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और एक्सेंचर जैसी अन्य कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है. खबरों के मुताबिक, मेटा भी अपने कर्मचारियों की संख्या में 15,000 तक की कटौती करने की योजना बना रही है।  क्या इससे ज्यादा छटनी करेगा अमेजन?  सोशल मीडिया प्लेजफॉर्म एक्स पर ब्लाइंट अकाउंट के नाम से एक पोस्ट शेयर किया गया है जिसमें अमेजन में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका जताई गई है. अमेजन में काम करने का दावा करने वाले एक यूजर ने लिखा कि मई में छंटनी की अफवाहें सुनी हैं… सुना है कि 10,000 से अधिक लोगों की छंटनी हो सकती है. इस खबर से अमेजन के कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है. इसे लेकर एक यूजर ने लिखा कि मैं पहले से ही इस नौकरी को लेकर बहुत तनाव और चिंता में हूं और इस खबर के बाद समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या करूं… क्या मुझे दूसरी नौकरी ढूंढनी चाहिए? रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कुछ कर्मचारी इस बात से नाराज हैं कि छंटनी तय करने के लिए किन मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह साफ नहीं है. यानी प्रदर्शन के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं, लेकिन उसके नियम स्पष्ट नहीं है. इस कारण कर्मचारियों के बीच चिंता और असमंजस और बढ़ गया है।  चीन की टीम हो सकती है बंद वहीं, इस दौरान कई टीमें की बंद होने की भी खबर है. माना जा रहा है कि यह छंटनी कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में ज्यादा निवेश करना और कंपनी की संरचना को पहले से ज्यादा सरल और व्यवस्थित बनाना शामिल है. एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी एआई कंपनियों में निवेश बढ़ाने के तहत अमेजन डेटा सेंटर्स पर 125 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहा है. इससे पहले अमेजन के सीईओ एंडी जेसी ने कहा था कि जनरेटिव एआई और एआई एजेंट कंपनी में कुछ भूमिकाओं की आवश्यकता को कम कर सकते हैं।   

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई की याचिका, अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में रहेगी सजा

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की ओर से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया है।  जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया. इसके पहले 17 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने मिशेल की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. याचिका में मिशेल ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि को भारतीय संसद द्वारा बनाए गए प्रत्यर्पण कानून के अधीन घोषित करने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि भारतीय प्रत्यर्पण कानून की धारा 21 के तहत किसी प्रत्यर्पित व्यक्ति के खिलाफ किसी दूसरे आरोपों के मामले पर मामला नहीं चलाया जा सकता है।  याचिका में कहा गया था कि संयुक्त अरब अमीरात के प्राधिकार की ओर से जारी प्रत्यर्पण आदेश का उल्लंघन कर भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत नए आरोप लगाए गए हैं. मिशेल की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा था कि नए आरोप लगाना देश के प्रत्यर्पण कानून का उल्लंघन है. मिशेल ने कहा था कि उसके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उसकी अधिकतम सजा वो भुगत चुका है. अधिकतम सजा के बाद भी उसे हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21, 245 और 253 का उल्लंघन है।  बता दें कि राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को मिशेल को रिहा करने की मांग खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि मिशेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 467 लगाई गई है जिसमें उम्रकैद का प्रावधान है. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने अपनी अधिकतम सजा पूरी कर ली है।  सुनवाई के दौरान ईडी ने मिशेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि की धारा 17 के मुताबिक अगर कोई आरोपी प्रत्यर्पित किया जाता है तो उस पर न केवल वही मुकदमा चलेगा जिसके लिए उसे प्रत्यर्पित किया गया है बल्कि दूसरे संबंधित मुकदमे भी चल सकते हैं।  बता दें कि मिशेल को अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में सीबीआई और ईडी दोनों के मामले में जमानत मिल चुकी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च 2025 को मिशेल को मनी लाउंड्रिंग मामले में जमानत दी थी. सीबीआई से जुड़े मामले में मिशेल को सुप्रीम कोर्ट पहले ही जमानत दे चुका है।  दरअसल अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के मामले में 3600 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है. सीबीआई के मुताबिक मिशेल ने इस घोटाले की कुछ रकम 2010 के बाद हासिल किया और कुछ 2010 के बाद. 3600 करोड़ रुपये के इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया था. मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 4 दिसंबर 2018 को भारत लाया गया था. 23 अक्टूबर 2020 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. चार्जशीट में 13 को आरोपी बनाया गया है. 19 सितंबर 2020 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना, अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जी सापोनारो और वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार संदीप त्यागी समेत 13 को आरोपी बनाया गया है। 

ऊर्जा मंत्री तोमर का आदेश: पाँचों बिजली कंपनियाँ शीघ्र करें स्वीकृत पदों पर भर्ती

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री तोमर विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा भोपाल पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केव्ही के स्वीकृत सभी सब स्टेशन का कार्य जल्द पूरा करेगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा में दिए। मंत्री तोमर ने कहा कि मेंटिनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किये गए कार्यों के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। इसका स्थाई निदान ढूढे। उन्होंने कहा कि पायलेट प्राजेक्ट के रूप में एक फीडर लें और उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और कार्यवाही तब करने जब बिल बढ़ जाता है, की स्थिति उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्यवाही करे। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा। अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्यवाही ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्यवाही करें। मेंटिनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवायें। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें। गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिये जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करेा। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं  मंत्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिये सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे खुद भी ऐसे अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियो की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकायदारों से पहले वसूली करें।  सिंहस्थ: 2028 के कार्य प्राथमिकता से करें सिंहस्थ:2028 से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री तोमर ने मिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पॉवर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अनूप सिंह, एमडी पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी मंजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।  

कृषि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर रखी जाएगी नजर गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में सामाजिक और सेवा भारती संस्थाएं भी करें सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना बड़ी चुनौती थी, हम इसे 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, इसी उद्देश्य से उपार्जन केंद्रों पर गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के द्वारा भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हित से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराया जाए।  

रायपुर: कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत किए 708 करोड़

रायपुर : कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 708 करोड़ स्वीकृत कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण फोरलेन सड़कों के विस्तार से सुरक्षित यातायात के साथ आर्थिक प्रगति का आधार भी मजबूत होगा – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  “राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

RBI गवर्नर की चेतावनी: वेस्ट एशिया संकट से देश की अर्थव्यवस्था पर होगा बड़ा असर

नई दिल्‍ली वेस्‍ट एशिया संकट को लेकर आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने बड़ी चेतावनी दी है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में कहा गया है कि आने वाले समय में महंगाई बढ़ने वाली है. साथ ही जीडीपी को लेकर भी चेतावनी दी है. हालांकि, आरबीआई ने राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।  मिडिल ईस्‍ट में आए संकट का असर भारतीय नागरिकों पर कम करने के लिए रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर अनचेंज रखा है. बढ़ती ग्रोथ के साथ महंगाई को कंट्रोल में रखने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. इस बैठक में आरबीआई ने अपना रुख न्‍यूट्रल रखा है।  महंगाई को लेकर चेतावनी आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई अनुमान 4.6 फीसदी रखा है. वहीं वित्त वर्ष 2027 के लिए कोर महंगाई अनुमान 4.4 फीसदी किया है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए खुदरा महंगाई अनुमान बिना बदलाव के 4 फीसदी पर रखा है. वहीं,वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान 4.2 फीसदी से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है. इसी तरह वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान 4.7 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है।  जीडीपी ग्रोथ कम होने का अनुमान  आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.9 लगाया है, जो वित्त वर्ष 2026 के अनुमान 7.4 फीसदी से कम है.  वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रीयल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 फीसदी रखा है, जो पहले 6.9 फीसदी था. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रीयल GDP अनुमान 6.9 रखा है।  आरबीआई गवर्नर ने क्‍या दी चेतावनी?  केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने अल नीनो की संभावित परिस्थितियों के उभरने की आशंका जताई है, जो भारत के महंगाई दर के लक्ष्‍यों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि तनाव के कारण एनर्जी कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी एक रिस्‍क के तौर पर उभरा है. हालांकि,  पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अब तक अपरिवर्तित रही हैं. खुदरा महंगाई फरवरी में बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई, जो 11 महीनों में सबसे अधिक है. थोक कीमतें एक साल से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर 2.13 प्रतिशत पर पहुंच गईं। 

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान: गुजरातियों पर टिप्पणी के बाद मांगी माफी, हमेशा रहेगा सम्मान

नई दिल्ली केरल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन फिर भी वह खेद व्यक्त करते हैं। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।'' दरअसल, पिछले दिनों केरल चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हालांकि, इस दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों का जिक्र किया, जिससे काफी विवाद हुआ। खरगे ने कहा था, "मोदी जी, आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।" खरगे की टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की थी और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है और माफी की मांग की। खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल थे। गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। पटेल ने कहा, ''ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।'' वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ''राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद "जहर" को दर्शाती हैं। संघवी ने कहा, ''अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।''