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विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात, प्रशस्ति पत्र और मेडल हुए लापता

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।  जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है।  घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है।  पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।  पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है। 

यूपी में महिला ई-रिक्शा पायलटों की मुहिम, अयोध्या समेत 5 जिलों में हुआ आगाज

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश में महिला ई-रिक्शा पायलटों की फौज तैयार की जा रही है, जिससे बालिकाओं और महिलाओं को विद्यालय, कार्यस्थल और अन्य जरूरी स्थानों तक सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक परिवहन मिल सकेगा। इस योजना के तहत शुरुआत में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 1000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी में इस सुविधा की शुरुआत कर दी गई है, जबकि लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, देवरिया, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में इसे जल्द शुरू किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका सीधा रिश्ता महिला सुरक्षा से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के लिए अब महिला चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा बेहतर समाधान बनकर उभर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के तकनीकी सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम ने अब तक प्रभावी परिणाम दिए हैं। पांच जनपदों में 119 महिलाओं को ई-रिक्शा देकर उद्यमी बनाया जा चुका है। वहीं, 629 महिलाओं को संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है और 244 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया गया है। इस पहल से जुड़ी महिलाएं अब सिर्फ वाहन ही नहीं चला रहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक धुरी भी बन रहीं हैं। योजना से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक पहुंचने की बात इस मॉडल की सफलता को और मजबूत बनाती है। ‘सेफ मोबिलिटी’ का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। इससे बेटियों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी, कामकाजी महिलाओं का सफर सुरक्षित बनेगा, गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेंगी। महिला सुरक्षा, सम्मानजनक परिवहन और स्वरोजगार इन तीनों मोर्चों पर एक साथ असर डालने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश को नई पहचान दे रही है। यही वजह है कि महिला सुरक्षा में यूपी अब मॉडल स्टेट के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ता दिख रहा है और ई-रिक्शा महिला पायलटों की यह नई फौज गांवों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की तैयारी में है।

बड़े तालाब के पास रसूखदारों के 347 अवैध बंगलों पर शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई

 भोपाल भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील शहर की पहचान है लेकिन भीड़ भाड़ और अवैध निर्माण ने यहां घूमने आने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. अब प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. क्योंकि बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. 6 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 21 अप्रैल तक चलेगा. कुल 15 दिनों तक चलने वाली इस कार्रवाई में जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं।  पहले दिन भदभदा में चला ‘पीला पंजा’अभियान के पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. यहां 9 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और पीछे नहीं हटेगी।  भोज वेटलैंड रूल्स के बाद सख्ती प्रशासन का कहना है कि 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बड़ा तालाब से 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसी नियम के तहत सभी निर्माण हटाए जाएंगे. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई तालाब की पारिस्थितिकी, जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है।  राजा भोज ने कराया था झील का निर्माण भोपाल की बड़ी झील को भोजताल या अपर लेक भी कहा जाता है. 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है. यह आज भोपाल शहर की पहचान भी है. यह शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत है और 2002 में इसे 'रामसर साइट' का दर्जा मिला. यहां बोट क्लब, खूबसूरत व्यू और वॉटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।  ये इलाके हैं नो-कंस्ट्रक्शन जोन लेक के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर का एरिया, जो भोज वेटलैंड और रामसर साइट का भी हिस्सा है, वेटलैंड नियमों के तहत नो-कंस्ट्रक्शन जोन है और अभी भी इस जोन में सैकड़ों फार्म हाउस, बंगले, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट से लेकर छोटे घर और झुग्गियां बनी हुई हैं। इन सब में बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव, बैरागढ़ और ऐसे एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। टास्क फोर्स ने नया सर्वे शुरू किया डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा बनाई गई 17 लोगों की टास्क फोर्स को ADM अंकुर मेश्राम लीड कर रहे हैं। यह टीम झील के आसपास के मना किए गए एरिया में सर्वे और डिमार्केशन और बाद में पहचाने गए अतिक्रमणों को हटाने के प्रोसेस पर नजर रखेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बार अतिक्रमण हटाने को लेकर सीरियस है, तो उन्होंने कहा, 'प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। अगर आपके मन में कोई खास स्ट्रक्चर है और जब उसे गिरा दिया जाता है, तभी आप मानेंगे कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, यह एक अलग बात है।' 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर तक कोई भी पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। 2. बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव और बैरागढ़ में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें रसूखदारों के बंगले और मैरिज हॉल शामिल हैं। 3. NGT के निर्देशों पर पहले भी तीन बार सर्वे हो चुका है, लेकिन इस बार टास्क फोर्स में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पर्यावरणविद भी शामिल हैं। 4. हब्बीनामा, इनायतनामा और वक्फ बोर्ड की जमीनों के दावों के कारण प्रशासन को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसे लेकर NGT पहले ही नाराजगी जता चुका है। 5. SDM टी.टी. नगर ने अपने क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जो संकेत है कि इस बार मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा  

जिंदल स्टील ने कोयला गैसीफिकेशन क्रांति से रचा इतिहास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल स्टील की दिशा दिखाई

जिन्दल स्टील ने रचा इतिहास, कोयला गैसीफिकेशन क्रांति से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल स्टील की राह दिखाई  रायपुर  जिन्दल स्टील ने उन्नत कोयला गैसीफिकेशन के माध्यम से 'स्वदेशी' कोयले के बेहतरीन उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे कम कार्बन वाले स्टील के उत्पादन के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है।  जिन्दल स्टील ने दुनिया में पहली बार एक ऐसी तकनीक (कोयला गैसीफिकेशन) का सफल प्रयोग किया है, जिससे स्वदेशी कोयले से गैस (सिनगैस) बनाकर लोहा (डीआरआई) तैयार किया जा रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो कंपनी ने विदेशी गैस या महंगे आयातित कोयले के बजाय अपने देश के कोयले को साफ-सुथरी गैस में बदलकर स्टील बनाने की बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्राकृतिक गैस, एलपीजी और प्रोपेन की कमी को दूर करने के लिए जिन्दल स्टील ने अब गैल्वनाइजिंग और कलर कोटिंग लाइन भट्टियों में सिनगैस का सफल प्रयोग किया है, जो स्टील इंडस्ट्री में पहली बार हुआ है। यह प्रयोग आज की कठिन परिस्थितियों में ईंधन की कमी को दूर करने में मददगार साबित हुआ है।  स्टील जगत को नई दिशा दिखाते हुए जिन्दल स्टील ने सिनगैस से ब्लास्ट फर्नेस संचालित कर आयातित कोकिंग कोल पर देश की निर्भरता घटाई है और प्रति टन स्टील उत्पादन में कार्बन उत्सर्जन की मात्रा उल्लेखनीय स्तर तक कम करने में भी कामयाबी हासिल की है। स्टील उत्पादन की वैल्यू चेन में सिनगैस का उपयोग निश्चित रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा।  गौरतलब है कि भारत सरकार की भावी नीतियों और प्रोत्साहनों में राष्ट्रीय कोयला गैसीफिकेशन मिशन शामिल है, इसलिए उम्मीद है कि कोयला गैसीफिकेशन तकनीक को अपनाने में तेजी आएगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए देश में हो रहे इस प्रयास को समर्थन मिलेगा।  इस संबंध में जिन्दल स्टील, अंगुल के कार्यकारी निदेशक श्री पी.के. बीजू नायर ने कहा: "स्वदेशी कोयले से बनी यह गैस (सिनगैस) विदेशों से आने वाले महंगे मेथनॉल, अमोनिया और एलएनजी की जगह ले सकती है। भारत को अपनी तरक्की और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अपने पास मौजूद कोयले के विशाल भंडार का सही उपयोग करना चाहिए। अगर हम कोयला गैसीफिकेशन के साथ कार्बन नियंत्रण की तकनीक (CCUS) का उपयोग करें तो न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों (CBAM) पर खरा उतरकर हमारा स्टील, विदेशी बाजारों में और भी मजबूत बनेगा।" स्वदेशी कोयले का उपयोग और उन्नत स्वच्छ कोयला गैसीफिकेशन तकनीक के माध्यम से जिन्दल स्टील, सस्टेनेबल और सस्ता स्टील उपलब्ध कराते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टि को आगे बढ़ा रहा है।  जिन्दल स्टील के बारे में  जिन्दल स्टील भारत के शीर्ष स्टील उत्पादकों में से एक है, जो अपनी कार्यक्षमता और बेहतरीन क्वालिटी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। कंपनी का 'माइन-टू-मेटल' मॉडल इसे खास बनाता है, जहां खदानों से लेकर तैयार स्टील तक, सारा काम अपने संसाधनों और आधुनिक तकनीक से होता है। 12 बिलियन डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा निवेश के साथ कंपनी के पास अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में विश्वस्तरीय स्टील प्लांट हैं। जिन्दल स्टील आज  न केवल भारत में, बल्कि अफ्रीका तक अपने मजबूत नेटवर्क के जरिये देश की तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।  

हरियाणा के मुख्यमंत्री को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थ्रेट मेल में धमाके और हमले की चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी को फिर से धमकी मिली है। चंडीगड़ के स्कूलों को सोमवार सुबह मिले मेल में ये थ्रेट दिया गया। मेल में लिखा- सीएम सैनी चंडीगढ़ में रहिंदे ने, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। इसी के साथ कहा गया कि हम चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों को सोमवार को निशाना बनाएंगे। 1 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला हुआ था। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। हाई अलर्ट जारी किया गया।  सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। धमकी वाली ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया। धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- ‘चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। चंडीगढ़ में सीएम सैनी रहिंदे, जदों तक नहीं ठोकदे, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में भी बम फटेगा।’ ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी।  

भगवंत मान और नायब सिंह सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, पंजाब-हरियाणा CM और DGP भी खतरे में

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक मेल के जरिए आई है। इस मेल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का ल नाम भी शामिल है। इसके अलावा मेयर ऑफिस और सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल भरी इस धमकी को मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है और इन सभी की सुरक्षा और सतर्क कर दी गई है। स्कूलों को भी मिली धमकी चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी स्कूल परिसरों में पहुंच गए और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तलाशी अभियान चला रहे हैं। एक स्कूल में तलाशी के दौरान मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ’’जैसे ही हमें सूचना मिली, हम स्कूल परिसर में पहुंच गए। सघन तलाशी ली जा रही है, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हमने अभिभावकों से कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’’ मिल चुकी हैं कई बार धमकियां यह ताजा घटना पिछले कुछ हफ्तों में चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद सामने आई है, जहां कुछ स्कूलों और उच्च न्यायालय को धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। इससे पहले पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बम संबंधी धमकी मिली। हालांकि बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि ईमेल के जरिये मिली धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारियों, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों के दस्ते और एक एंबुलेंस को जांच के लिए उच्च न्यायालय के परिसर में भेजा गया। इससे पहले बुधवार को सेक्टर 37 में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था जिसमें एक संदिग्ध देसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, पासपोर्ट कार्यालय और अमृतसर, जालंधर, पटियाला और हरियाणा में विभिन्न स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली थी। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया।  

भोपाल: लाल परेड ग्राउंड में NSG कमांडो का जोरदार पावर शॉ

भोपाल  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है। 'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा' सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है। 'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों' सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा। आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया। डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

IMD का अलर्ट: 80KM की तेज़ हवाओं के साथ बंगाल-सिक्किम में होगी मूसलधार बारिश, UP-बिहार में भारी बारिश

कलकत्ता  देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है।  बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।      पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।      IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।  दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी।  उत्तर प्रदेश में भारी बारिश     उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है।      मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।  बिहार में मौसम का बदलाव     बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।      6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है।  राजस्थान में मौसम ने ली … Read more

विजय मेवाड़ा के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग, परिजनों और हिंदू संगठनों ने निकाला कैंडल मा

भोपाल  राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में होटल संचालक विजय मेवाड़ा की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों,  परिजनों और क्षेत्रीय नागरिकों ने रविवार को एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हजारों की संख्या में लोग इस मार्च में शामिल हुए। विजय मेवाड़ के हत्यारों को फांसी की सजा देने मांग करते हुए नारे लगाए। कैंडल मार्च में शामिल हुए मंत्री सारंग यह कैंडल मार्च नेहरू स्कूल चौराहे से शुरू होकर प्रभात चौराहे तक पहुंचा और फिर वापस नेहरू स्कूल चौराहे पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक विजय मेवाड़ा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। मार्च में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी शामिल हुए। उनके साथ हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। आरोपियों ने चाकू से कर दिया था हमला गौरतलब है कि 30 मार्च को अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में प्रभात पेट्रोल पंप के पास 35 वर्षीय विजय मेवाड़ा पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। वह अपनी चाय होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने जा रहे थे, तभी मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम, फरमान उर्फ आरिस और मोहम्मद इमरान उर्फ ब्रावो ने विवाद के बाद उन पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल विजय ने हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फरमान और इमरान को पहले ही पकड़ लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम फरार था, जिस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसिफ रातीबड़ क्षेत्र में छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची और गिरफ्तार कर वापस ला रही थी, तभी आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आसिफ के पैर में गोली लग गई। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अवैध हथियार भी बरामद  पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 9 आपराधिक मामले सामने आए हैं और उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपी के पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे हथियार कहां से मिले और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतरे इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इससे पहले अशोका गार्डन थाने पर हनुमान चालीसा पाठ और चक्काजाम भी किया गया था। वहीं, सकल हिंदू समाज ने एनएसए लगाने, बुलडोजर कार्रवाई और आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। इलाके में अब भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

नया फोर लेन बायपास दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक कड़ी बनेगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव

दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास : मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (ज़िला झाँसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है। झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पाँच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।