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ईरान ने सीजफायर की शर्तों को किया खारिज, होर्मुज को बंद करने और 45 दिन के युद्धविराम पर नहीं हुआ सहमति

तेहरान   ईरान और अमेरिका को एक मसौदा प्रस्ताव मिला है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई है ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके. पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों की ओर से तैयार किया गया है, जो संघर्ष को रोकने के प्रयास में जुटे हैं. उनका मानना है कि 45 दिन की यह अवधि दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता के लिए पर्याप्त समय देगी, जिससे स्थायी युद्धविराम पर सहमति बन सके।  अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया में अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया, लेकिन अमेरिका की इस पर प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने होर्मुज को खोलने से लेकर 45 दिन के अस्थायी सीजफायर के लिए भी इनकार कर दिया है. ईरान के वरिष्ठ अधिकारी ने न्यू एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ईरान को लगता है कि अमेरिका परमानेंट सीजफायर नहीं करना चाहता।  क्या है युद्धविराम की शर्तें?     पहले चरण में करीब 45 दिन का युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव है, जिसके दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत होगी. अगर बातचीत के लिए और समय चाहिए हुआ, तो इस सीजफायर को बढ़ाया भी जा सकता है।      दूसरे चरण में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने का अंतिम समझौता किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और ईरान के उच्च स्तर के समृद्ध यूरेनियम का समाधान -जैसे उसे देश से बाहर भेजना या उसकी मात्रा कम करना, सिर्फ अंतिम समझौते के बाद ही संभव होगा।  इस प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी सबसे पहले समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने दी. ईरान का कहना है कि वह तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक उसे वित्तीय क्षतिपूर्ति और भविष्य में फिर से हमले न होने का आश्वासन नहीं मिल जाता।  समझौता इतना भी आसान नहीं ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अब तक किसी तरह के समझौते की सूरत नहीं बन पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोई भी पक्ष अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. युद्ध के 24वें दिन तक ट्रंप समझौते के मूड में थे, लेकिन एक बार फिर से वे काफी एग्रेसिव हो चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर बमबारी की धमकी दी है. ईरान भी लगातार कह रहा है कि वो अमेरिका के ग्राउंड ऑपरेशन का इंतजार कर रहा है।  ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अब तक किसी तरह के समझौते की सूरत नहीं बन पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोई भी पक्ष अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. युद्ध के 24वें दिन तक ट्रंप समझौते के मूड में थे, लेकिन एक बार फिर से वे काफी एग्रेसिव हो चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर बमबारी की धमकी दी है. ईरान भी लगातार कह रहा है कि वो अमेरिका के ग्राउंड ऑपरेशन का इंतजार कर रहा है। 

US-ईरान के बीच सीजफायर की उम्मीद, ईरान ने भेजा मध्यस्थों को शांति प्रस्ताव

तेहरान  मिडिल-ईस्ट में तनाव में भारी बढ़ोतरी के साथ जंग अपने 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी धमकियां तेज़ कर दी हैं, जबकि तेहरान ने इस पर तीखा जवाब दिया है. ऐसे में जंग खतरनाक रूप लेती जा रही है।  Axios ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों का एक ग्रुप 45 दिनों के संभावित संघर्ष-विराम की शर्तों पर चर्चा कर रहा है, जिससे जंग स्थायी रूप से रुक सकती है।  एक्सियोस ने बातचीत की जानकारी रखने वाले चार अमेरिकी, इज़रायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से यह बात कही है।  सीजफायर पर क्या बात हुई? एक्सियोस में संवाददाता बाराक रविद की रिपोर्ट में कहा गया है कि दो फेज़ वाली डील की शर्तों पर बातचीत जारी है. पहले फेज़ में 45 दिन का संभावित सीज़फ़ायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी।  रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरे फेज़ में युद्ध खत्म करने पर एक समझौता होगा. अगर बातचीत के लिए और वक्त की ज़रूरत हुई, तो सीज़फ़ायर बढ़ाया जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ईरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने या ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का सामना करने की उनकी डेडलाइन मंगलवार शाम है।  पर्दे के पीछे क्या चल रहा? रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी, मिस्र और तुर्की के मीडिएटर के ज़रिए बातचीत हो रही है और ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भेजे गए टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए भी हो रही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल के दिनों में ईरान को कई प्रपोज़ल दिए, लेकिन अभी तक ईरानी अधिकारियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है।  सूत्रों ने कहा कि मीडिएटर पार्टियों के साथ दो-फ़ेज़ वाली डील की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं. पहला फ़ेज़ संभावित 45-दिन का सीज़फ़ायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी. एक सूत्र ने कहा कि अगर बातचीत के लिए और समय की ज़रूरत हुई तो सीज़फ़ायर बढ़ाया जा सकता है।  दूसरे फ़ेज़ में युद्ध खत्म करने पर एक एग्रीमेंट होगा. सूत्रों ने कहा कि मीडिएटर सोचते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से फिर से खोलना और ईरान के बहुत ज़्यादा एनरिच्ड यूरेनियम का समाधान या तो इसे देश से हटाकर या डाइल्यूशन करके सिर्फ़ एक फ़ाइनल डील का नतीजा हो सकता है।  होर्मुज़ को लेकर ईरान का सख्त रुख! ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 5 अप्रैल, रविवार को होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी जारी की है. आईआरजीसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि फारस की खाड़ी में नई सुरक्षा व्यवस्था बन रही है और यह अहम समुद्री रास्ता अब पहले जैसा नहीं रहेगा।  वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर रविवार के दिन पलटवार की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर यह रास्ता नहीं खोला गया, तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा. होर्मुज़ पर ईरान के नियंत्रण के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। 

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, बिहार के नए सीएम के लिए गूंजा निशांत कुमार का नाम

पटना बिहार की सियासत में एक नया नाम तेजी से उभरता दिख रहा है. वह नाम है निशांत कुमार है. अब ये सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि अब ये खुले मंच पर है. मांग उठ रही है कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्‍यमंत्री बनाया जाए. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन करने पहुंचे, तो वहां का माहौल अचानक सियासी संदेश में बदल गया. उनके सामने ही ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ और ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे. सत्ता के गलियारों में नया संकेत! सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इन नारों को न तो रोका गया और न ही किसी तरह की नाराजगी दिखाई दी. खुद नीतीश कुमार शांत रहे, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ गए. दरअसल, नीतीश कुमार के सामने ही “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिल्कुल शांत नजर आए. उन्होंने लोगों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ते रहे. गर्म हो सकती है राजनीति जानकारों की मानें तो यह नारेबाजी भी बिहार की आगे की राजनीति को गर्म करने के लिए काफी है. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. 10 अप्रैल को वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. उसके बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का मुख्यमंत्री बैठेगा, ऐसा फिलहाल तय माना जा रहा है. असल में, यह नारे इसी वजह से लगाए जा रहे हैं. जेडीयू के कार्यकर्ताओं की मांग है कि बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बैठें. ऐसे में बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह चाह अब बिहार की राजनीति का नया अखाड़ा बनने वाली है. … पर CM कुर्सी अब भी दूर! बिहार में बीजेपी कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व लगभग 10 वर्षों से सीएम की कुर्सी पर अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश में हैं. इसी सपने को पूरा करने के लिए बिहार में नीतीश कुमार के सबसे करीबी कहे जाने वाले बीजेपी के डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को डिप्टी सीएम को रिप्‍लेस कर दिया गया. सीएम की कुर्सी की राह तैयार करने के लिए रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्‍टी सीएम बनाया गया. रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को भी बदलकर सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले चेहरों को आगे किया गया. विजय सिन्‍हा और सम्राट चौधरी को डिप्‍टी सीएम बनाया गया। बावजूद बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है। डिप्टी CM बदलते रहे बिहार में सीएम की कुर्सी की राह बनाने के लिए नीतीश कुमार के साथ रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्टी सीएम बनाया गया. इसी कड़ी में रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को हटाकर, सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया. बावजूद इसके, बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है. अब ट्रांजिशन मोड में बिहार मगर अब नीतीश कुमार 75 साल के हो गए हैं. उम्र का असर उनके स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है. ऐसे में अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. लेकिन इस बीच बिहार एक ट्रांजिशन मोड में है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बदलाव का दौर बिहार की राजनीति पर क्या असर डालता है. राजनीतिक जानकार रमाकांत चंदन का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री की गद्दी पर निशांत को काबिज करने की मांग तेज हुई, तो यह बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों पर असर डाल सकता है. गेमचेंजर बनेगा नारा या बिगाड़ेगा गणित? अब देखने वाली बात यह होगी कि ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ का जो नारा नीतीश कुमार के सामने लगाया गया, वो गेमचेंजर साबित होता है या NDA का गणित बिगाड़ देता है. जेडीयू कार्यकर्ताओं ने आज खुलकर अपनी उस मांग को नीतीश कुमार के सामने जाहिर कर दी, इसके लिए अभी दो दिन पहले ही पार्टी कार्यालय में पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों में निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग रखी गई थी. यह भी कहा गया कि बिहार के विकास को लेकर जो संकल्प है, उसे निशांत कुमार पूरा करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह मांग बिहार की राजनीति को किस करवट ले जाती है.

250 एकड़ में फैलेगा आधुनिक शिक्षा का हब, नीतीश सरकार ने 547 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी रफ्तार

पटना बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के करीब साढ़े तीन महीने बाद अब राज्य सरकार प्रस्तावित ‘एजुकेशन सिटी’ को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो गई है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और इसे वैश्विक स्तर के मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. जापान-सिंगापुर के मॉडल पर होगा निर्माण सरकार इस एजुकेशन सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए जापान और सिंगापुर जैसे देशों के मॉडल का अध्ययन कर रही है. साथ ही विदेशी कंसल्टेंट्स की मदद से डीपीआर को और बेहतर बनाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, अगले दो महीने में इसका फाइनल इंटरनेशनल मॉडल सामने आ सकता है. 250 एकड़ में बनेगा आधुनिक एजुकेशन हब यह एजुकेशन सिटी पटना के आसपास लगभग 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी. इसे ‘शेयर्ड कैंपस मॉडल’ पर बनाया जाएगा, जहां अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेज अपनी पहचान के साथ एक ही परिसर में मौजूद रहेंगे और कई सुविधाएं शेयर करेंगे. वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा कैंपस इस एजुकेशन सिटी में छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है. इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, हाईटेक लैब, रिसर्च सेंटर, सेमिनार हॉल, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, स्पोर्ट्स स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. साथ ही फैकल्टी और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे. 547 करोड़ से अधिक का बजट, रोजगार के नए अवसर इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 547 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, हालांकि आगे यह राशि बढ़ भी सकती है. सरकार का मानना है कि यह एजुकेशन हब न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा करेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. शेयर्ड कैंपस मॉडल से मिलेगा बड़ा फायदा शेयर्ड कैंपस मॉडल के तहत एक ही परिसर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों का समय बचेगा. साथ ही एक मजबूत रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार होगा. इंडस्ट्री कनेक्शन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न कोर्स की उपलब्धता से यह परिसर शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है. बिहार बनेगा शिक्षा का मजबूत केंद्र सरकार की योजना है कि इस एजुकेशन सिटी के जरिए बिहार को देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल किया जाए. यहां देशभर के छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी और राज्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा.

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- हम हर हाल में सुरक्षित

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, इनसे हैं हम हर हाल में सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे भरोसे की गारंटी है एनएसजी काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रूपए की डीपीआर तैयार सरकार जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ेगी भोपाल के पास तूमड़ा में खुलेगा आकस्मिक आपदा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र लाल परेड मैदान में हुआ नेशनल सिक्योरिटी गार्ड शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ एक माह तक चलेगा एनएसजी एवं म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यद्यपि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है।अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। शो के दौरान एनएसजी जवानों ने मॉक टेररिस्ट अटैक का रीयलस्टिक सीन क्रिएट कर इस तरह के अटैक्स को काउंटर कर पूरी क्षमता से निपटने के लिए एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली पूरी प्रकिया एवं कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी। इस सेंटर के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह सेंटर देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे जवान अपने हथियार और बुद्धिमत्ता से सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई। एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा' है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज़) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही … Read more

रुपया हुआ मजबूती से ऊंचा, डॉलर के मुकाबले 12 साल की सबसे बड़ी वृद्धि, RBI के कदमों का असर

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सख्त कदमों के बाद रुपये ने 12 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हो गई है। आज 6 अप्रैल को रुपया 0.3% मजबूत होकर 92.83 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसमें 1.8% की तेज छलांग दर्ज की गई थी, जो सितंबर 2013 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त है। ब्लूमबर्ग ने सीआर फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी के हवाले से बताया है कि 10 अप्रैल की समयसीमा से पहले बैंक अपनी डॉलर की स्थिति समाप्त करेंगे, जिससे रुपया और मजबूत होकर 91.50 से 92 के दायरे में पहुंच सकता है। शुक्रवार को गुड फ्राइडे के कारण स्थानीय बाजार बंद थे। RBI के सख्त फैसलों से बदला खेल रुपये की मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण RBI के हालिया कड़े कदम हैं। केंद्रीय रिजर्व बैंक ने बैंकों की डॉलर पोजीशन $100 मिलियन तक सीमित की और ऑफशोर ट्रेडिंग के बड़े माध्यम NDF पर रोक लगाई साथ ही सट्टेबाजी वाले सौदों पर भी सख्ती बढ़ाई। आरबीआई के इन कदमों से बाजार में डॉलर की मांग घटी और रुपया मजबूत हुआ। ईरान युद्ध का असर अब भी बना खतरा हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव अभी भी रुपये के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है। तेल की कीमतों में तेजी, भारत का बढ़ता आयात बिल और देशी निवेशकों की बिकवाली, जैसे ये सभी फैक्टर रुपये पर दबाव बना सकते हैं। पिछले एक साल में कितना कमजोर हुआ रुपया तेजी के बावजूद, रुपया पिछले एक साल में करीब 8.2% गिर चुका है और एशिया की कमजोर मुद्राओं में शामिल रहा है। रुपये को सपोर्ट देने के लिए RBI को भारी हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट आई है। RBI की बैठक पर टिकी बाजार की नजर अब निवेशकों की नजर RBI की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर है। खास तौर पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान महत्वपूर्ण होंगे। यह तय करेगा कि रुपया आगे और मजबूत होगा या दबाव में आएगा। समिति की बैठक सोमवार से शुरू होगी और बुधवार को इसके नतीजे की घोषणा की जाएगी। क्या फिर कमजोर होगा रुपया? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर ईरान युद्ध लंबा चलता है तो रुपया फिर दबाव में आ सकता है। मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अपूर्व जावडेकर का कहना है, "मुझे उम्मीद है कि अगर ईरान युद्ध लंबा चलता है, जिससे कम से कम एक तिमाही तक तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी, तो रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर तक कमजोर हो जाएगा, जब तक कि आरबीआई और हस्तक्षेप न करे।" एशियाई देशों की करेंसी पर दबाव भारत अकेला नहीं है। थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देश भी ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं, जिससे उनकी मुद्राएं भी दबाव में हैं। RBI के सख्त कदमों से रुपये को मजबूती जरूर मिली है, लेकिन वैश्विक हालात, खासकर तेल और युद्ध आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।

मध्य प्रदेश में भाजपा स्थापना दिवस पर 14 जिलों में वर्चुअल पार्टी कार्यालय भूमिपूजन

 भोपाल आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। भोपाल के प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस प्रदेशभर में बूथ स्तर पर मनाया जा रहा है। पार्टी कार्यालयों तथा कार्यकर्ताओं के निवास पर पार्टी का झंडा फहराया गया, कार्यालयों की सजावट कर मिठाई बांटी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल प्रदेश कार्यालय में सुबह ध्वजारोहण किया। इसके बाद 14 जिलों में पार्टी के जिला कार्यालयों का भूमिपूजन एवं तीन जिलों में कार्यारंभ समारोह किया।कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज भाजपा मजबूत संगठन बनकर उभरा है। हम 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साथ लेकर चलेंगे। अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे यही हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा अगले स्थापना दिवस 2027 को प्रदेश सभी 62 जिला कार्यालय का शिलान्यास होगा। वीडियो कांफ्रेंस रूम, पुस्तकालय कार्यालय होगा। अगले एक साल में सभी कार्यालय अत्याधुनिक होंगे। सुविधा सम्पन्न रहेंगे। सभी कार्यालय सोलर बिजली से रोशन होंगे। मोर्चा प्रभारी जिला जिला प्रभारी जिलों में नीचे तक जाए इसका रोडमेप बना रहे हैं। हमारा दल कार्यकर्ता सम्पन्न हो, अगले चुनाव तक हम नीचे तक मजबूत हो इस दिशा में काम करेंगे। खंडेलवाल ने कहा कार्यकर्ता सद्भाव से रहे। ऐसा आचरण करे कि हमारा सम्मान रहे हमारी विचार धारा का सम्मान रहे। हमारे आग्रह पर भाजपा के स्थापना दिवस के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केरल दौरा निरस्त किया उनका आभार और अभिनंदन है। इस दौरान भाजपा के दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान किया गया। सीएम ने मंच से नीचे उतरकर विजेश लुणावत, गौरीशंकर जी, बसंत गुप्ता सहित अन्य दिवंगत नेताओं के परिवारों को सम्मानित किया। सीएम बोले- हमने भाजपा को देखा, जिसकी विचारधार अमर हो गई सीएम ने कहा- कौन सा फीनिक्स पक्षी है जो राख बनकर फिर जीवित हो जाता है, हमने वह पक्षी नहीं देखा, लेकिन हमने भाजपा को देखा है, जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है। हमारे नेताओं का चरित्र और दर्शन अद्भुत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व से भाजपा के हर कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का दौर लंबे समय तक चला, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया। प्रदेश अध्यक्ष बोले- 62 जिलों में बीजेपी कार्यालय हो, हमारा लक्ष्य बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य नेताओं ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने मूल विचारों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 17 जिलों में कार्यालय निर्माण की शुरुआत कर रही है। लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों। खंडेलवाल ने बताया कि प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की व्यवस्था होगी। यहां संगठन और पार्टी विचारधारा से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम में दिवगंत नेताओं के परिजनों का हुआ सम्मान भोपाल में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में सीएम-प्रदेशाध्यक्ष के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल समेत में भाजपा के पदाधिकारी, स्थानीय मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। इस मौके पर बीजेपी नेताओं ने दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान किया। पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों का सम्मान करने के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर उनके पास पहुंचे। इसके बाद सीएम, प्रदेशाध्यक्ष का संबोधन हुआ फिर बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। एमपी के 17 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों के लिए जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी थी। अब यहां जिला कार्यालयों का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ है। सभी बूथों पर बांटी जा रही मिठाई कार्यक्रम में वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। भाजपा के स्थापना दिवस पर पांच, छह एवं सात अप्रैल को प्रदेश कार्यालय सहित सभी मंडल, जिला कार्यालयों पर पुष्पमाला सजावट, दीपमालिका और रंगोली और विद्युत साज-सज्जा की गई। सभी बूथों पर पार्टी का झंडा फहराकर मिठाई बांटी जा रही है। सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान भाजपा सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान चलाएगी। इसके तहत पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, सभी पार्षद और पार्टी के सभी कार्यकर्ता अभियान में भाग लेंगे। बता दें कि इन कार्यक्रमों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क और उनका सम्मान, केंद्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

क्या ईरान में 45 दिन का युद्ध विराम होगा? पाकिस्तान समेत कई देशों की पेशकश पर निर्भर स्थिति

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध से मची वैश्विक उथल-पुथल के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच सीजफायर कराने के लिए पाकिस्तान सहित अन्य मध्यस्थों ने पूरा जोर लगाया है और 45 दिनों के सीजफायर प्लान पर बातचीत शुरू हो गई है। बता दें कि बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से यह जंग जारी है। ईरान ने जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें बरसाई हैं। वहीं इस युद्ध की वजह से ईंधन आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इस बीच एक्सियोस ने रविवार को चार अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों का एक समूह 45 दिन के संभावित सीजफायर की शर्तों पर चर्चा कर रहा है। इस सीजफायर प्लान से युद्ध का हमेशा के लिए अंत भी हो सकता है। क्या है सीजफायर प्लान? रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थ दो चरणों वाले एक समझौते की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। इसमें बताया गया है कि पहला चरण 45 दिन का संभावित सीजफायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी। वहीं दूसरा चरण युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर आधारित होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर बातचीत के लिए और समय की जरूरत पड़ी, तो सीजफायर की अवधि बढ़ाई जा सकती है। एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे मध्यस्थ युद्धविराम के लिए जुटे सभी मध्यस्थ एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एपी को बताया है कि संघर्षविराम कराने की उनकी सरकार की कोशिशें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे सीजफायर को लेकर उम्मीदें एक बार फिर लौटी हैं। वही क्षेत्र के दो अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान के अलावा तुर्किये और मिस्र के मध्यस्थ भी अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। ईरान ने रखी हैं शर्तें एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि होर्मुज को पूरी तरह से खोलने और ईरान के पास अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम होने जैसे मुद्दों को केवल एक अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में ही सुलझाया जा सकता है। इसके अलावा मध्यस्थ अमेरिका के लिए विश्वास-बहाली के उपायों पर काम कर रहे हैं और उन कदमों की तलाश कर रहे हैं जिन्हें अमेरिका ईरान की कुछ मांगों को पूरा करने के लिए उठा सकता है। वही ईरान ने युद्ध खत्म करने के शर्त के रूप में युद्ध का हर्जाना और सुरक्षा की गारंटी समेत कई मांगें रखी हैं। ट्रंप ने दी है डेडलाइन इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को एक बार फिर धमकी देते हुए कहा कि ईरान के साथ सोमवार तक समझौता होने की प्रबल संभावना है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर ईरान ने तेजी नहीं दिखाई तो अमेरिका और तेजी से हमले करेगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अगर ईरान समझौते की दिशा में तेजी नहीं दिखाता है तो वह सब कुछ उड़ा देने और तेल पर नियंत्रण करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वार्ता जारी रखने के लिए ईरानी वार्ताकारों को राहत दी है। इससे पहले ट्रंप ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलमार्ग को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान को 'नरक बना दिया जाएगा। ईरान ने दिया दो टूक जवाब वहीं ईरान ने ट्रंप को दो टूक जवाब दे दिया है। ईरान के संस्कृति मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों को खारिज करते हुए उन्हें 'अस्थिर और भ्रम में रहने वाला व्यक्ति' करार दिया। सैयद रजा सालिही-अमीरी ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा, ''ईरानी समाज उनके बयानों पर आम तौर पर ध्यान नहीं देता क्योंकि उसका मानना है कि उनमें व्यक्तिगत, व्यवहारिक एवं भाषाई संतुलन का अभाव है और वह लगातार परस्पर विरोधी रुख अपनाते रहते हैं।'' सालिही-अमीरी ने कहा, ''ऐसा लगता है कि ट्रंप एक ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिसका पूरा विश्लेषण न तो ईरानी कर पा रहे हैं और न ही अमेरिकी।'' उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज ‘दुनिया के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए बंद है।’

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट: खुलते ही चांदी ₹2800 सस्ती, सोना भी हुआ सस्ता

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में जारी गिरावट (Gold-Silver Rates) का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स (MCX) पर वायदा कारोबार ओपन होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती हो गईं. चांदी एक झटके में अपने पिछले बंद के मुकाबले 2800 रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई, तो वहीं सोने का भाव 1300 रुपये से ज्यादा कम हो गया।  इस गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver Price अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से क्रैश (Silver Crash From High) होते हुए 2.09 लाख रुपये सस्ती हो गई है. अगर आप सोना-चांदी में निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो फिर खरीदारी से पहले इनके लेटेस्ट रेट जान लेना आपके लिए जरूरी है. हालांकि, शुरुआती तेज गिरावट के दोनों कीमती धातुएं रिकवरी मोड में भी नजर आईं।  चांदी की कीमत में फिर गिरावट एमसीएक्स पर सोमवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही चांदी की कीमत धड़ाम हो गई. बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन गुरुवार को वायदा चांदी 2,32,495 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और जब लॉन्ग वीकेंड के बाद कमोडिटी मार्केट ओपन हुआ, तो Silver Price फिसलकर 2,29,651 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो चांदी अचानक 2844 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई।  सोमवार को आई इस शुरुआती गिरावट के बाद अब चांदी अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम कीमत पर मिल रही है. MCX Silver Price पर नजर डालें, तो इस कीमती धातु का लाइफ टाइम हाई लेवल 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम है और ताजा भाव से तुलना करें, तो अब 1 Kg Silver Price 2,09,686 रुपये तक कम है।  सोने का भी चांदी जैसा हाल  न सिर्फ चांदी का भाव टूटा है, बल्कि सोने की कीमत में भी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली है. बीते गुरुवार को सोने का वायदा भाव 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और सोमवार को ये गिरावट के साथ 1,48,298 रुपये पर ओपन हुआ. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1382 रुपये कम हो गया।   सोना भी अपने हाई लेवल से अब काफी सस्ता हो चुका है. गोल्ड का लाइफ टाइम एमसीएक्स हाई 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है और ताजा भाव इस हाई के मुकाबले 54,686 रुपये सस्ता है।  ग्लोबल टेंशन, फिर भी टूटे सोना-चांदी  मिडिल ईस्ट युद्ध से ग्लोबल टेंशन चरम पर है और ट्रंप की ईरान को लेकर नई धमकियों ने इसे बढ़ाने का काम किया है. इन हालातों में भी सोना-चांदी की कीमतों में ये गिरावट चौंकाने वाली है, क्योंकि अक्सर किसी आपदा या जियो-पॉलिटिकल तनाव की स्थिति में कीमती धातुओं के दाम आसमान पर पहुंच जाते हैं।  वर्तमान हालात में सोना-चांदी की कीमतों पर कच्चे तेल के दाम में तेजी के चलते महंगाई के जोखिम ने दबाव बढ़ाया है, जो 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है. लोग अपने हाथ में कैश रखने को ज्यादा उचित मान रहे हैं. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी सोना-चांदी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। 

पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में वृद्धि, मुख्यमंत्री मान ने 100 बसों को किया फ्लैग ऑफ

पटियाला. पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम पटियाला में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रैली स्थल पर पहुंचने से पहले पीआरटीसी मुख्यालय जाकर इन बसों को रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर, सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा प्रदान करना है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी आवाजाही आसान होगी। बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आने वाली गर्मियों में बिजली की आपूर्ति निर्बाध जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक बयान देते हुए विरोधी दलों के नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग बड़े स्कूलों में पढ़े हों, लेकिन असली पंजाबी संस्कृति गांवों से ही सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गांव से जुड़े हैं और वहीं से उन्होंने अपनी संस्कृति और मूल्यों को सीखा है। जल्द और बसें भी होंगी शामिल सरकार की योजना के अनुसार पनबस के बेड़े में कुल 606 बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 387 नई बसें सीधे तौर पर जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा किलोमीटर योजना के तहत 19 वोल्वो बसें, 100 वातानुकूलित बसें और 100 साधारण बसें भी शामिल की जाएंगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि पीआरटीसी और पनबस के बेड़े में एक हजार से अधिक नई और किलोमीटर योजना वाली बसों को शामिल कर राज्य की परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।