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एमपी में 10 एयरपोर्ट होंगे, दो शहरों में काम शुरू; CM मोहन यादव ने दी जानकारी

इंदौर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि अगले दो साल के भीतर उज्जैन और शिवपुरी में नये हवाई अड्डों का निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। इसका काम पूरा होते ही राज्य में हवाई अड्डों की कुल तादाद बढ़कर 10 पर पहुंच जाएगी। मोहन यादव, इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर नवीनीकृत टर्मिनल भवन, उड़ान यात्री कैफे और आधारभूत ढांचे के उन्नयन से जुड़ी अन्य सुविधाओं के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राम मोहन नायडू ने किया लोकार्पण केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इन सुविधाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री यादव ने लोकार्पण समारोह में बताया कि फिलहाल प्रदेश में आठ हवाई अड्डों के साथ ही 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन और शिवपुरी में अगले दो साल के भीतर हवाई अड्डों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इससे सूबे में हवाई अड्डों की कुल तादाद बढ़कर 10 हो जाएगी। इंदौर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का सीएम ने शुभारंभ किया; मन की बात भी सुनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर दौरे पर हैं। इंदौर पहुंचते ही उन्होंने एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का शुभारंभ किया। इसके बाद वे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। इधर, सीएम ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन को नर्मदा को कार्यक्रम में मंच पर बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली, तो वे कार्यक्रम छोड़कर निकल गए। जानकारी के अनुसार, एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा से बैठने को लेकर हुई बातचीत के दौरान उनकी कही बात से नाराज होकर सत्तन वहां से चले गए। वहीं, बबलू शर्मा ने बताया कि सत्तन जी की कुर्सी आगे ही थी, लेकिन उस पर नाम की पर्ची नहीं लगी थी। मुख्यमंत्री शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण सहित कई विकास कार्यों की महत्वपूर्ण सौगात देंगे। वे पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमि पूजन भी करेंगें, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत अब तक 1 लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सीएम ने महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित महावीर अलंकरण समारोह में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि महावीर जयंती केवल एक दिन नही बल्कि हर दिन मानना चाहिए। जैन सिद्धांत दुनिया मे अत्यंत अलौकिक सिद्धांत है। पौधों में प्राण है, यह सिद्ध करना जीवन का बड़ा दर्शन है। क्योंकि पौधे से भी हमें जीवनदायिनी वायु मिलती है। ज्ञानेन्द्रियाँ और कर्मेन्द्रियां जीवन के अनमोल तत्वों से वास्तविक परिचय का आधार है। इस मौलिक सिद्धांत का अनुसरण हर इंसान को करना सिखाता है। इन शहरों में भी प्लान मुख्यमंत्री ने बताया कि शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला की हवाई पट्टियों को क्षेत्रीय संपर्क योजना (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) के तहत हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। यादव ने बताया कि उड्डयन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने यह भी तय किया है कि हर 145 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी बनाई जाएगी। 50 करोड़ की लागत से नवीनीकरण अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे के पुराने टर्मिनल भवन का 50 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है और इसे 'टी-1' (टर्मिनल 1) नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के लोकार्पण के साथ ही हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवनों की तादाद बढ़कर दो हो गई है और दोनों इमारतों के बूते हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता बढ़कर कुल 50 लाख पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस हवाई अड्डे के जरिये हर रोज 100 से ज्यादा उड़ानों की आवाजाही होती है जिनमें नियमित यात्री उड़ानें और विशेष उड़ानें शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरिया मॉडल को जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उदाहरण बताया

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने की सराहना कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है। इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं। पृष्ठभूमि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।  कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा “जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं। सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।  2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण) जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।) भूजल स्तर में सुधार CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।  2026 में प्रगति 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं। कलेक्टर का वक्तव्य जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा— “कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल बजट में की 1791 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि

चंडीगढ़  पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्पर्धा की मेजबानी करेगा। राज्य में पुरुष एशियाई चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस टूर्नामेंट का पहला मैच 26-27 अक्टूबर को खेला जाएगा। सभी मैचों का आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें जालंधर और चंडीगढ़ के बीच आवागमन के लिए विशेष बसें, उच्च स्तरीय सुरक्षा और बेहतरीन होटलों में ठहरने की व्यवस्था शामिल है। खिलाड़ियों के लिए सौगातों की बौछार खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महिला विश्व कप टीम का हिस्सा रहीं पंजाब की तीन महिला खिलाड़ियों को 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक डाइट भत्ता बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। साथ ही खिलाड़ियों के लिए विशेष शेफ नियुक्त किए जाएंगे। खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये के नकद इनाम बांटे गए हैं। खेल बजट में भारी बढ़ोतरी मुख्यमंत्री मान ने बताया कि राज्य का खेल बजट 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कोचों की संख्या भी 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब अब अपनी क्रिकेट लीग का आयोजन BCCI के सहयोग से करने जा रहा है। इसके अलावा, 44 साल बाद पंजाब को अंडर-13 बैडमिंटन नेशनल की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी। केंद्र पर साधा निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने केंद्र सरकार पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि अगर पदकों के लिए भी वोट पड़ते, तो केंद्र सरकार खिलाड़ियों को भी सारी सुविधाएं देना शुरू कर देती। यदि स्वर्ण पदक के लिए 20,000 और रजत के लिए 10,000 वोट तय होते, तो उनका खिलाड़ियों के प्रति प्रेम अलग होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब केवल अपना हक मांग रहा है।

ईरानी हमले में US एयरफोर्स का E-3 Sentry एयक्राफ्ट नष्ट, ₹6600 करोड़ है इसकी कीमत

रियाद सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिका की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका दिया है. 27 मार्च को हुए इस हमले में अमेरिकी वायुसेना का बेहद अहम E-3 Sentry AWACS (Airborne Warning and Control System) विमान क्षतिग्रस्त हो गया, साथ ही हवा में ईंधन भरने वाले कई टैंकर विमान भी इस हमले की चपेट में आए. ईरान के दावे के मुताबिक उसके इस हमले में 10 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में E-3 Sentry AWACS विमान को भारी नुकसान पहुंचा दिख रहा है।  इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने भी अपने X हैंडल से हमले में बर्बाद हुए इस​ विमान की तस्वीरें पोस्ट की हैं. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, हमले से पहले इस बेस पर करीब छह E-3 Sentry विमान तैनात थे. यह एक सर्विलांस विमान होता है, जिसका इस्तेमाल आसमान से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित खतरे का पता लगाने के लिए होता है. ईरानी हमले में इस महत्वपूर्ण विमान को हुए नुकसान से क्षेत्र में अमेरिका के एरियल ऑपरेशन की क्षमता को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस एक विमान की कीमत $700 मिलियन (₹6600 करोड़) के करीब है।  क्यों अहम है E-3 Sentry विमान E-3 Sentry विमान को अमेरिका के एरियल ऑपरेशन का बैकबोन माना जाता है. यह विमान हवा में उड़ता हुआ एक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की तरह है, जो अमेरिकी वायुसेना को इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (खुफिया जानकारी जुटाना) जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं प्रदान करता है. 1970 के दशक से सेवा में मौजूद यह विमान कई बड़े सैन्य अभियानों- जैसे ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, कोसोवो युद्ध, इराक और अफगानिस्तान अभियानों, ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व में निर्णायक भूमिका निभा चुका है. यह प्लेटफॉर्म विशाल हवाई क्षेत्र की निगरानी करने, विभिन्न लड़ाकू विमानों के बीच तालमेल बैठाने में सक्षम है. अमेरिका के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और सऊदी अरब जैसे कई देशों की सेनाएं भी इसका इस्तेमाल करती हैं।  एक्सपर्ट्स ने बताया गंभीर नुकसान एयर पावर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के विमान को नुकसान पहुंचना बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. अमेरिकी वायुसेना की पूर्व F-16 पायलट और डिफेंस पॉलिसी एक्सपर्ट हीथर पेनी (Heather Penney) ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और गंभीर नुकसान बताया. अमेरिकन फॉरेन एंड डिफेंस पॉलिसी एक्सपर्ट केली ग्रीको (Kelly Grieco) ने इसे 'शॉर्ट टर्म में बड़ा नुकसान' करार दिया और चेतावनी दी कि इससे मिडिल ईस्ट में चल रहे वर्तमान युद्ध में अमेरिका के ऑपरेशनल कवरेज में गैप आ सकता है. पेनी ने AWACS की भूमिका को 'शतरंज के मास्टर' की तरह बताया-जो पूरे युद्धक्षेत्र की तस्वीर देखता है, जबकि फाइटर पायलट उसी आधार पर मिशन को अंजाम देते हैं।  एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किसी आकस्मिक घटना का नतीजा नहीं, बल्कि ईरान की व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा हो सकता है. यह बेस क्षेत्र में अमेरिकी ऑपरेशंस का एक प्रमुख केंद्र है. ईरान के खिलाफ वर्तमान युद्ध में अमेरिकी वायुसेना बहुत हद तक इस एयरबेस पर निर्भर है, इसलिए यह एक हाई-वैल्यू टारगेट माना जाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान का प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर यह हमला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी एयर पावर के अहम घटकों- जैसे रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क और AWACS जैसे हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट को नष्ट करना है।  ओल्ड AWACS फ्लीट पर बढ़ेगा दबाव इस घटना ने अमेरिकी एयरबोर्न बैटल मैनेजमेंट सिस्टम के भविष्य को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है. E-3 Sentry के संभावित विकल्प के रूप में Boeing E-7 Wedgetail विमान पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, हीथर पेनी ने चेतावनी दी कि नए सिस्टम की खरीद में देरी से मौजूदा AWACS फ्लीट पर दबाव बढ़ेगा, जिससे अमेरिकी वायुसेना की कार्यक्षमता और मिशन रेडीनेस पर असर पड़ सकता है. कुल मिलाकर, E-3 Sentry को हुए नुकसान की तत्काल भरपाई अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह अमेरिकी वायुसेना की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी और तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।   

वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग ने जीते ओवरऑल चैम्पियन का खिताब

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026   वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य रायपुर  इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा। वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

MP में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति, रसोई गैस पर पैनिक: भोपाल में दो दिनों में 28,000 सिलेंडर बुक, सप्लाई 70% हुई

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर को लेकर 'पैनिक' जैसा माहौल है। कई शहरों में सिलेंडर की बुकिंग बढ़ गई है। अकेले भोपाल में ही 20 से ज्यादा गैस एजेंसियों पर सिलेंडर की बुकिंग दो से तीन गुनी तक बढ़ी है। यहां सुबह से दोपहर तक लोगों की भीड़ लग रही है। पिछले 2 दिन में ही भोपाल में 28 से 30 हजार तक बुकिंग हो गई, जबकि सप्लाई 22 हजार तक ही है। इससे पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा 40 हजार तक पहुंच गया है। वहीं, घरों में सप्लाई भी 4 से 5 दिन में हो रही है। भोपाल में पहले से दोगुनी हो रही बुकिंग फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में रसोई गैस को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पिछले 2-3 दिन में बुकिंग काफी बढ़ गई है। पहले से लगभग दोगुनी बुकिंग हो रही है। वहीं, सप्लाई 11 हजार सिलेंडर की है। इस कारण हर रोज 3 हजार तक पेंडिंग बुकिंग चल रही है। हालांकि, गैस पर्याप्त है। भोपाल में ही एजेंसियों के पास 5 से 6 दिन का स्टॉक है। भौंरी स्थित ऑयल डिपो से सिलेंडर की सप्लाई भी जारी है। स्टॉक खत्म होने की वजह से ईंधन खत्म नहीं, कम ड्राई हुए पंप मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि भोपाल में पिछले दो-तीन दिन से पंप ड्राई हो रहे थे। यह स्टॉक की कमी की बजाय से नहीं, बल्कि कंपनियों को एडवांस राशि नहीं देने की वजह से था। कंपनियां अब क्रेडिट दे रही है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन पंपों पर आ रहा है। शनिवार को कहीं से भी पंप ड्राई होने की खबरें नहीं आई। भोपाल में 192 पंप पर पर्याप्त ईंधन रहा। उन्होंने बताया कि अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी जरूर आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है। इस वजह से पेट्रोल की ही रोज की खपत 15 से 20 लाख लीटर तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह 9 लाख लीटर तक है। MP में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त ईरान, अमेरिका और इजराइल युद्ध का असर विश्व के बाकी देशों की तरह भारत पर भी पड़ रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर हर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित कर रहा है. इसी बीच बार-बार उड़ रही पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन अपने वाहनों में भरवा रहे हैं, इसी की वजह से पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल खत्म हो रहा है और अफवाहों को और हवा मिल रही है. नरसिंहपुर से ऐसा ही एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है जहां कई लोग किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी कैन लेकर पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच रहे हैं. ऐसी जमाखोरी से असली अन्नदाताओं के लिए परेशानी खड़ी हो रही है।  ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा फैलाई जा रही अफवाहें अफवाहों का असर अब मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिख रहा है. नरसिंहपुर के ग्रामीण इलाकों में अधिकांश पेट्रोल पंप आउट ऑफ स्टॉक हो रहे हैं. यहां भी लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईधन लेने के मामले सामने आ रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की तादाद में लोग 45 लीटर तक की कैन लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सारे के सारे किसान हैं या किसानों की आड़ में जमाखोर? ग्रामीण क्षेत्रों में जो गिनती के पंप मौजूद हैं वहां भी जमाखोरों की वजह से असली किसानों को जरूरत के मुताबिक डीजल नहीं मिल पा रहा। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मन की बात की 132वीं कड़ी पर चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी मन की बात की 132वीं कड़ी जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान, अब इसे जन आंदोलन बनाना हमारा संकल्प – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

संजू सैमसन और ऋतुराज की जोड़ी पर टिकी चेन्नई की उम्मीदें

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के तीसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) का सामना चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) से होगा। मुकाबला गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। IPL 2025 में दोनों टीमों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। CSK अंक-तालिका में आखिरी स्थान पर रही थी। वहीं, RR की टीम ने 9वें स्थान पर टूर्नामेंट समाप्त किया था। ऐसे में पहले मैच में दोनों टीम बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। आइए मैच से जुड़ी अहम बातें जान लेते हैं। दोनों टीमों के बीच रही है कड़ी टक्कर IPL में CSK और RR के बीच अब तक 31 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान CSK को 16 मुकाबलों में जीत मिली है। RR ने 15 मैच अपने नाम किए हैं। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए थे। इन दोनों मैच को RR ने अपने नाम किया था। पहला मैच उसने 6 विकेट और दूसरा मैच 6 रन से जीता था। IPL 2024 का एकमात्र मैच CSK ने 5 विकेट से अपने नाम किया था। इस संयोजन के साथ उतर सकती है CSK CSK के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हैं, ऐसे में वह शुरुआती मुकाबलों से बाहर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन संभालते नजर आ सकते हैं। सैमसन और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ टीम को मजबूत शुरुआत देना चाहेंगे। तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई खलील अहमद के हाथों में होगी। CSK की संभावित एकादश: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, सरफराज खान, कार्तिक शर्मा, अकील हुसैन, नूर अहमद, मैट हेनरी और खलील अहमद। ऐसी हो सकती है RR की प्लेइंग इलेवन RR का बल्लेबाजी क्रम मजबूत नजर आ रहा है। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी पहली गेंद से ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना चाहेंगे। युवा कप्तान रियान पराग से बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। रविंद्र जडेजा के टीम में आने से उनकी मजबूती और बढ़ी है। RR की संभावित एकादश: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (कप्तान), शिमरोन हेटमायर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई और एडम मिल्ने। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर CSK: अंशुल कंबोज, श्रेयस गोपाल, रामकृष्ण घोष और राहुल चाहर। RR: नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, शुभम दुबे और युधवीर सिंह चरक। कैसी है बारसापारा स्टेडियम की पिच? बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम की पिच काली मिट्‌टी से बनी है और यह बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। अमूमन यहां पर बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। गेंदबाजों को इस पिच पर ज्यादा मदद नहीं मिलती है। जिसके कारण उन्हें विकेट निकालने के एडी-चोटी का जोर लगाना पड़ता है। हालांकि, स्पिनर्स को थोड़ी मदद मिल सकती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर 198 रन का है, जबकि दूसरी पारी 180 रन है। कैसा रहेगा गुवाहाटी का मौसम? एक्यूवेदर के अनुसार, 30 मार्च को गुवाहाटी का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 19 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की 15 प्रतिशत उम्मीद है। बारिश नहीं हुई तो अच्छा मैच देखने मिल सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें यशस्वी ने पिछले 10 मुकाबलों में 167.76 की स्ट्राइक रेट से 458 रन बनाए हैं। रियान के बल्ले से पिछले 10 मैच में 171.08 की स्ट्राइक रेट से 284 रन निकले हैं। शिवम ने पिछले 10 मैचों में 41.86 की औसत से 293 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में जोफ्रा ने पिछले 8 मैच में 8.88 की इकॉनमी से 7 विकेट चटकाए हैं। नूर ने पिछले 10 मैचों में 8.29 की इकॉनमी से 14 विकेट अपने नाम किए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? CSK और RR के बीच यह मुकाबला 30 मार्च को गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

एमपी में 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त, 123 नगर परिषदों में 4-4 और 46 नगर पालिकाओं में 6-6 पार्षद मनोनीत

भोपाल  मध्य प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एल्डरमैन की बड़े पैमाने पर नियुक्ति की है. राज्य की 123 नगर परिषदों में से प्रत्येक में चार-चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जिससे कुल 492 सदस्यों की नियुक्ति हुई है. इसके अलावा 169 अन्य शहरी स्थानीय निकायों में भी एल्डरमैन तैनात किए गए हैं. शहरी विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है।  कामकाज की देखरेख प्रशासन के प्रतिनिधियों के तौर पर एल्डरमैन नगर परिषदों के कामकाज की देखरेख करेंगे और विकास कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे. इस नियुक्ति के माध्यम से पार्टी ने शहरी स्थानीय निकायों के भीतर अपने कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे संगठन और प्रशासन के बीच तालमेल और मजबूत हुआ है।  इन परिषदों की लिस्ट हुई जारी जारी की गई परिषदों की सूची में सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं।  CM मोहन ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी नियुक्त एल्डरमैन को बधाई देते हुए लिखा कि, मध्यप्रदेश के 169 नगरीय निकायों में नव-नियुक्त एल्डरमैन साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आप सभी को शहरों के समग्र विकास, सुशासन और जन-भागीदारी को बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. मुझे विश्वास है कि ‘विकसित मध्यप्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आप सभी अपनी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से अपने-अपने नगरों में प्रगति के नये आयाम जोड़ेंगे. नागरिकों की अपेक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरेंगे।  चंबल और बुंदेलखंड में लिस्ट होल्ड नव-नियुक्त पार्षदों का कार्यकाल वर्तमान परिषद के कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाएगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. प्रत्येक नगर परिषद में अधिकतम चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं. चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्रों के लिए सूचियों को फिलहाल रोककर (होल्ड) रखा गया है. कई नगरीय निकायों में नामों को लेकर आम सहमति न बन पाने के कारण सूचियों को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है।  एल्डरमैन कैसे चुने जाते हैं? एल्डरमैन नगरीय निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) के अंतर्गत मनोनीत (नियुक्त) पार्षद होते हैं. इनका चुनाव जनता द्वारा सीधे तौर पर नहीं किया जाता, बल्कि इनकी नियुक्ति सरकार या संबंधित प्राधिकारी द्वारा की जाती है. ये शहरी स्थानीय निकाय की बैठकों में भाग लेते हैं और अपनी राय देते हैं।  25 जिलों के 123 नगर परिषदों की पहली लिस्ट चंबल, बुंदेलखंड में फिलहाल लिस्ट होल्ड रखी गई है। कई निकायों में नामों को लेकर सहमति न बन पाने के कारण फिलहाल लिस्ट होल्ड रखी गई है। एल्डरमैन के नामों की घोषणा नगरीय निकाय में सबसे शुरुआती इकाई यानी नगर परिषद से की गई है। इन जिलों के नगर परिषदों के एल्डरमैन जारी हुई सूची सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार,देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच इन नामों की हुई घोषणा जिला: सागर नगर परिषद कर्रापुर: प्रभु सिंह, कमलेशरानी राय, श्रीपाल जैन, विक्रम सिंह नगर परिषद बिलहरा: मनीष गर्ग, राजू पटेल, पुष्पेन्द्र ठाकुर, हीरालाल अहिरवार पेंटर नगर परिषद सुरखी: अरुण गौतम, गोपाल पटैल, अभय जैन, विजय सिंह लोधी नगर परिषद राहतगढ़: अर्पित जैन चौधरी, सोनू सोती, पूरनदास कबीरपंथी, अनुराग चौरसिया जिला: रीवा नगर परिषद् वैकुण्ठपुर: कैलाश बारी, बहादुर सिंह, सीमा पाण्डेय, सतीश रजक नगर परिषद् सिरमौर: उर्मिला सिंह, सविता कोल, लालपति लोध नगर परिषद् डभौरा: लीलावती विश्वकर्मा, बृजनाथ साहू, ज्योति केशरवानी, भूपनारायण मिश्रा नगर परिषद् सेमरिया: गीता देवी विश्वकर्मा, बनारसी दास गुप्ता, मुकेश कुशवाहा, विमलेश द्विवेदी, राजकुमार सेन नगर परिषद् त्योंथर: सतीश तिवारी, मंगलेश्वर सिंह, पुष्पा देवी, अभयनाथ श्रीवास्तव नगर परिषद् चाकघाट: उमाशंकर केशरवानी, सौखीलाल सोनी, दीपिका नामदेव, पंकजदत्त त्रिपाठी नगर परिषद् मनगवां: पूनम बंसल, कुसुमलता वर्मा, भागवत प्रसाद द्विवेदी, लवकुश गुप्ता नगर परिषद् गोविन्दगढ़: नरेन्द्र बुधौलिया, ब्रम्हानन्द पाण्डेय, श्रीनिवास साकेत, शैलेन्द्र सोनी नगर परिषद् गुढ: शंभु प्रसाद लोनिया, शैलेन्द्र कुमार बंसल, खुशबू कोरी, रामप्रसाद गुप्ता जिला: मऊगंज नगर परिषद् नई गढ़ी: श्याम सुन्दर गुप्ता, ललित कुमार पटेल, विजय शंकर यादव, रामपाल सिंह जिला: शहडोल नगर परिषद् बुढार: तारा शर्मा, अशोक वैश, संजू पात्रीक, रविकांत चौरसिया नगर परिषद् बकहो: पंकज नापित, अनिल वर्मा, राहुल जैन, रजनीश प्रसाद मिश्रा नगर परिषद् ब्यौहारी: नीता साहू, विश्वनाथ कोल, प्रशांत गुप्ता, मनोज शुक्ला नगर परिषद् खाँड (बाणसागर): रामपाल गौतमा, शारदा प्रसाद गुप्ता, अरुणा केवट, रामबाबू पनिका नगर परिषद् जयसिंहनगर: रामलाल खटीक, चंद्रशेखर नामदेव, रामनिवास तिवारी, देवकी सोनी जिला: उमरिया नगर परिषद् नौरोजाबाद: झाला नरेश पटेल, गणेश सिंह, शिवनारायण गौतम, तीर्थबती कोल नगर परिषद् चंदिया: संजय यादव, राजकुमारी तिवारी, राकेश वर्मा, गोविन्द कोल नगर परिषद् मानपुर: हरीश विश्वकर्मा, रसिक खण्डेलवाल, रामनिधि शुक्ला, अमर बैगा जिला: कटनी नगर परिषद कैमोर: शोभा सोनी, अरुण गुप्ता, सुनीता मुंगेरिया, किरण बर्मन नगर परिषद बरही: किरण पटेल, रजनीश नामदेव, रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, मनोज रावत कोल नगर परिषद विजयराघवगढ़: राकेश पाण्डेय, भारत कोल, महेन्द्र ताम्रकार, रोशनी सोनी जिला: डिण्डोरी नगर परिषद् शहपुरा: राजेश साहू, मनोज सोनी, हारून मंसूरी, रामलाल रजक नगर परिषद् डिण्डौरी: कुवरिया मरावी, सुदील बरगैया, मोहन सिंह राठौर, आशीष सोनी जिला: नरसिंहपुर नगर परिषद सालीचौका: पंकज सहेला, राजेन्द्र वर्मा, सरस्वती विश्वकर्मा, भैरो प्रसाद गहरा नगर परिषद चीचली: कैलाश काशीवाले, चंद्रकांत गुप्ता, जगदीश कौरव, कलाबाई मेहरा नगर परिषद् साईखेड़ा: सुरेन्द्र सिंह तोमर, मोहन पटेल, शांति राजपूत, ब्रजेश चौधरी नगर परिषद तेंदूखेड़ा: परषोत्तम पटेल, राजू पाली, मनीष चौबे, ठाकुर दास हरिजन जिला: बालाघाट नगर परिषद बैहर: राजेश उइके, प्रिती मेरावी, राजेश्वर कदम, किर्ती शुक्ला नगर परिषद कटंगी: प्रगति बिसेन, संजय वाघमारे, प्रितम खटवानी, चंदन खरे नगर परिषद लांजी: आलोक चौरसिया, सुशीला दुग्गड, प्रगति पालिवाल, अविनाश रैच जिला: सिवनी नगर परिषद बरघाट: राजेन्द्र ठाकुर, किरण टेंभरे, रमन लुधियाना, प्रदीप ठाकुर नगर परिषद छपारा: स्वर्णिम साहू, रेखा जावरे, सुनील दत्त पाठक, दिनेश लोधी नगर परिषद लखनादौन: आशीष गोल्हानी, देवेन्द्र जैन, प्रकाश सोनी, नरेश सेन नगर परिषद केवलारी: सुधीर पाण्डेय, राजकुमार बघेल, त्रिवेणी दमाहे, संजय तिवारी जिला: छिंदवाडा नगर परिषद हर्रई: योगेन्द्र शर्मा, मनबोध बघेल, अशोक ठाकुर, नितिन चौरसिया नगर परिषद चांद: रमाकांत सिंग लोधी, ओम चौरसिया, तुलसीराम साहू, मुकेश चौरिया नगर परिषद् बिछुआ: भजनलाल गाकरे, चुकन प्रसाद विश्वकर्मा, रघुराज सिंग रघुवंशी, गणेश चौरागढ़े नगर परिषद् चांदामेटा बूटरिया: मनीष जैन, विक्रम सिंह गौर, उमेश … Read more

डेडलाइन से पहले सुकमा में भिड़ंत, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता; एक नक्सली मारा गया

सुकमा. केंद्र सरकार द्वारा देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की समयसीमा अब नजदीक आ गई है। इस डेडलाइन को पूरा होने में अब केवल दो दिन बचे हैं। इसी बीच सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां गट्टापाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ है। इस मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को गट्टापाड़ इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान आज सुबह नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला। जंगलों के बीच दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। वहीं इस मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग सुकमा एसपी किरण चव्हाण कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, घटना स्थल से सुरक्षाबलों ने .303 राइफल भी बरामद की है. इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. जवान जंगल में नक्सलियों की घेराबंदी में जुटे हैं.  इस पूरे ऑपरेशन को सुकमा एसपी किरण चव्हाण लीड कर रहे हैं. फिलहाल, सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है. यह बताया गया कि मुठभेड़ में 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली को मार दिया गया है. मुठभेड़ अभी जारी है, सर्च के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. पूर्व नक्सलियों की साथियों से अपील इससे पहले शनिवार को कांकेर में परतापुर थाना में आत्मसमर्पण करने वाले तीन नक्सलियों ने अपने साथियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है. उन्होंने गोंडी भाषा में पत्र लिखकर लीडर चंदर और रूपी को संबोधित करते हुए कहा कि हथियार छोड़कर परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना ही बेहतर है. नक्सलियों ने जंगल की कठिन जिंदगी और लगातार खतरे का जिक्र करते हुए बाकी साथियों से भी जल्द सरेंडर करने की अपील की है.