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MP में मौसम का बदलाव, आज से 4 दिन तक आंधी और बारिश, कई इलाकों में ओले गिरने का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले चार दिन तक आंधी-बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते यह बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जब कई हिस्सों में तेज गतिविधि दर्ज की जाएगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस दौरान ओले गिरने की भी संभावना है।शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रहे मौसम सिस्टम अब आगे बढ़ रहे हैं, जिससे रविवार से इसका प्रभाव व्यापक होगा। आने वाले 24 घंटे में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।   IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, 30 और 31 मार्च को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। शनिवार को एमपी के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इस वजह से बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च से सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, रीवा संभाग के अधिकांश हिस्से में आंधी, बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। 31 मार्च को भी ऐसा ही अलर्ट है। 1 अप्रैल को सिस्टम कमजोर होने लगेगा। हालांकि, प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश होने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहे शनिवार को मध्य प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग का कहना है कि 30 मार्च से सिस्टम ज्यादा असर दिखाएगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। 31 मार्च को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम आंधी-बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट का अनुमान जताया है। इससे पहले शनिवार को भी कई शहरों में तापमान में कमी दर्ज की गई। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री गिरावट के साथ पारा 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री तथा श्योपुर और सागर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री, भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मार्च में चौथी बार बदला मौसम प्रदेश में मार्च के दौरान मौसम बार-बार बदल रहा है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी रही, जबकि दूसरे पखवाड़े में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया। एक दौर तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 26-27 मार्च को फिर मौसम बदला। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश दर्ज की गई। अब रविवार, 29 मार्च से मौसम चौथी बार बदलने जा रहा है। अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ेगी। 

धर्म सम्मेलनों से समाज में एकता और राष्ट्र सेवा की भावना को मिलेगा बल: दत्तात्रेय होसबोले

धर्मशाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को कहा कि पूरे देश में धर्म के सही अर्थ और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न धर्म सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "समाज में एकता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जो लोग आध्यात्मिक साधना और समाज सेवा में लगे हुए हैं। वे इन सम्मेलनों में भाग लेकर राष्ट्र सेवा और आपसी एकता को बढ़ावा दे रहे हैं।" आरएसएस महासचिव ने कहा कि संघ ने समाज परिवर्तन के जो मार्ग बताए हैं, उनमें सभी लोगों को जुड़कर परस्पर सहयोग से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि भारत मां की संतान के रूप में हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को निभाए। समाज में एकता बनी रहे और लोग राष्ट्र के लिए कार्य करने की भावना से संकल्प लेकर आगे बढ़ें। होसबोले ने कहा कि देश में कई चुनौतियां और संकट मौजूद हैं, लेकिन सरकार भी देश को अच्छी स्थिति में लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "धर्म सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम सभी चुनौतियों को मिलकर पार करें और देश को मजबूत बनाएं।" आरएसएस महासचिव ने जोर देकर कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारा और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आध्यात्मिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, उन्हें समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। दत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट किया कि संघ किसी भी प्रकार के विभाजन या द्वेष को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि वह समाज को एक सूत्र में पिरोने और सभी को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और धर्म सम्मेलन केवल धार्मिक चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर भी गहन चर्चा की जाती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का प्रमुख एमआरओ हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का बड़ा एमआरओ हब पीएम मोदी ने एमआरओ सुविधा का किया शिलान्यास, विमान रखरखाव में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम अभी मेंटेनेंस के लिए 85% विमान भेजने पड़ते हैं विदेश, जेवर में एमआरओ हब से रोजगार, निवेश व तकनीकी कौशल को भी मिलेगा बूस्ट जेवर उत्तर प्रदेश का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के एविएशन सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) हब विकसित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश को विमान रखरखाव के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। एमआरओ में आत्मनिर्भरता जरूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर बताया कि भारत अभी विमान रखरखाव के मामले में काफी हद तक विदेश पर निर्भर है। देश के लगभग 85% विमान अभी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल के लिए विदेश भेजे जाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। उन्होंने इस स्थिति को बदलने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को एमआरओ सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए देशभर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अकासा एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी नोएडा एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर के सहयोग से पहली एमआरओ सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा, जिससे देश की एविएशन इंडस्ट्री को नई मजबूती मिलेगी। इस एमआरओ हब के विकसित होने से एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने विमानों को विदेश भेजने की आवश्यकता कम होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिचालन लागत में भी भारी कमी आएगी। भारत में ही विश्वस्तरीय मेंटेनेंस सुविधाएं उपलब्ध होने से देश वैश्विक एविएशन सर्विस मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा यह परियोजना स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी। युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन टेक्नोलॉजी और तकनीकी सेवाओं में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों के चलते प्रदेश में इस तरह की हाईटेक परियोजनाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश युवाओं के लिए अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में बड़ा कदम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक समग्र एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। एमआरओ सुविधा इस विजन का अहम हिस्सा है, जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमआरओ सेक्टर को “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत न केवल अपने विमानों की सर्विसिंग करेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी सेवाएं प्रदान कर सकेगा। भारत में तेजी से उभर रहा है एमआरओ सेक्टर नोएडा एयरपोर्ट में यह सुविधा स्थापित होने के साथ ही भारत में एमआरओ सेक्टर तेजी से विकास करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार 2030 तक इसका बाजार 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत सरकार की एमआरओ नीति 2021 के तहत करों में रियायत और भूमि पट्टे में छूट देकर घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत को वैश्विक एमआरओ हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी आई है। यूएसए है अग्रणी देश वैश्विक स्तर पर एमआरओ सुविधाएं प्रमुख विमानन हब का अहम हिस्सा हैं, जहां अमेरिका सबसे अधिक एमआरओ कंपनियों के साथ अग्रणी है, जबकि यूके, फ्रांस व जर्मनी यूरोप के प्रमुख केंद्र हैं। एशिया-प्रशांत में सिंगापुर, चीन, भारत और फिलीपींस, जबकि मध्य पूर्व में यूएई महत्वपूर्ण एमआरओ हब के रूप में उभर रहे हैं।

बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट

दिग्गज बोलेः जेवर बना यूपी का गहना, वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लोकार्पण और एमआरओ सुविधा के शिलान्यास कार्यक्रम में दिग्गजों ने रखी राय बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस कदम से दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव घटेगा, नए अवसरों के द्वार खुलेंगे फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स और एविएशन के बड़े केंद्र के तौर पर उभरेगा जेवर क्षेत्र जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा का शिलान्यास कई मायनों में खास बन गया। शनिवार को इस आयोजन में शामिल देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने इसे ऐतिहासिक परियोजना बताया है। सिंगापुर की कंपनी सैट्स लिमिटेड के सीईओ बॉब ची और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने इसे भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि व्यापक विकास का मॉडल है जो देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता भारत: बॉब ची सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना नोएडा व उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी। सिंगापुर की कंपनी होने के नाते इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का केंद्र बन रहा है। फिल्म सिटी से जुड़ेगा विकास का नया आयाम: बोनी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि मैं केवल विकास में सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसका हिस्सा बन रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करने की दिशा में हम सभी प्रयास कर रहे हैं। मैं यहां इंटरनेशनल फिल्म सिटी विकसित कर रहा हूं। एयरपोर्ट और फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे। हाईटेक ईंधन सुविधा से तैयार एयरपोर्ट: टीएस दुपारे इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि उनकी कंपनी को 2022 में ईंधन फार्म और इन प्लेन फ्यूलिंग सेवाएं विकसित करने का ठेका मिला था। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद यह जिम्मेदारी मिली और अब देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार है। कंपनी पूरी तरह से विमानों को ईंधन देने के लिए तैयार है। निर्यात व उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा: ललित ठुकराल नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन नोएडा और पूरे देश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। यह एयरपोर्ट बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और विमान मरम्मत केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। इससे निर्यात उद्योग को नई गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। 24 घंटे बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा: देबाशीष मेश्राम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर में दो शाखाएं स्थापित की गई हैं। एक एयरपोर्ट ऑफिस में और दूसरी कार्गो सेंटर में। यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई लॉबी और योनो ऐप की सुविधा उपलब्ध होगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24 घंटे फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। तेजी से हुआ भूमि अधिग्रहण: बृजेश नारायण सिंह गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती रहा। किसानों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी हुई है जो अपने आप में एक अनूठी उपलब्धि है। शुरुआती मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय से किसानों ने इस परियोजना का समर्थन किया और वे इसके प्रमुख भागीदार हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम: सुभाष गोयल एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्लॉट की कमी के कारण नई एयरलाइन्स को परेशानी हो रही है। जेवर एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली के साथ-साथ आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा। दिल्ली और जेवर के बीच तेज मेट्रो या एक्सप्रेस लाइन, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास होटल सुविधाओं का विकास जरूरी है। रोजगार और निवेश के नए अवसरः मैमुल्लाह अंसारी परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने इस परियोजना में बड़ा बदलाव देखा है और इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में निवेश करने की अपील की, खासकर फिल्म सिटी जैसी आगामी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए। समग्र विकास का नया केंद्र बनेगा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार हर क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं। ऐसे में, दिग्गजों की राय यह स्पष्ट संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक हब में से एक बनने की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुका है।

सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम योगी ने पेट्रोलियम पदार्थों के नियंत्रित मूल्य और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार  सीएम के निशाने पर रही कांग्रेस व सपा, मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान के प्रति जताई कृतज्ञता 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार, गत 9 वर्ष में बनी बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में यूपी की पहचान: सीएम योगी  जेवर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की उड़ान को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला यह समारोह प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज अपनी पहचान का नया उद्घोष कर रहा है कि जब संकल्प मजबूत, साहस अडिग व आत्मविश्वास अटल हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रह सकता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संकल्प को सिद्धि में बदलने का परिणाम है। इसका रनवे न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का आधार बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड भी बनेगा। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के निवेश, व्यापार व औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक पहुंचाते हुए व्यापक रोजगार सृजन भी करेगा। ग्लोबल एविएशन मैप पर यूपी की नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट विकास की नई ऊंचाइयों के साथ जनता को राहत दिलाने वाला है। पीएम मोदी ने पिछले 11-12 वर्षों में नए भारत को विकसित भारत की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी श्रृंखला का हिस्सा है। आज पीएम मोदी के करकमलों से नवनिर्माण की नई इकाई का लोकार्पण हो रहा है। यह नवसृजन उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एविएशन मैप पर नए सिरे से प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है। पीएम मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना देशवासियों को दी है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर आज की आवश्यकता है। अभी एक रनवे प्रारंभ हो रहा है। कुछ वर्षों में एयरपोर्ट के पांच रनवे संचालित होंगे तो यह खुद को ग्लोबल एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करने में सफल होगा। पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय ऐतिहासिक  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच और उनके ‘देश प्रथम’ भाव के साथ 11-12 वर्षों में नए भारत की कार्ययोजना हमें देखने को मिल रही है। रामनवमी पर देश में उत्सव व उत्साह का माहौल था, जबकि दुनिया में अव्यवस्था, अराजकता और संशय की स्थिति है। अमेरिका जैसे विकसित देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में दाम नियंत्रित है। इनकी आपूर्ति सुगम बनाई गई है। भारत के पड़ोस में जितने भी देश हैं, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और उनका अभाव भी है। वहां अव्यवस्था का माहौल है। उन्हें कार्यावधि घटाने के साथ उत्पादन रोकना पड़ा है। पब्लिक में कोटा सिस्टम लागू करना पड़ा है, लेकिन भारत में निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के साथ ही दाम को नियंत्रित रखा गया है। कल पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, उसके लिए 25 करोड़ प्रदेशवासियों की तरफ से मैं पीएम मोदी को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार  सीएम योगी ने कांग्रेस व सपा जैसे दलों पर भी निशाना साधा। कहा कि अपने नकारेपन के कारण इन्होंने देश व प्रदेश को विकास के बॉटलनेक के रूप में छोड़ दिया था। 2002 से 2017 तक यूपी अराजकता-अव्यवस्था का शिकार रहा, लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश ने 12 वर्षों और प्रदेश ने 9 वर्षों में जो स्पीड पकड़ी है,  उसने बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में नई पहचान प्रस्तुत की है। पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, आज उन्हीं के करकमलों से प्रथम फेज के उद्घाटन का कार्यक्रम भी हो रहा है। यही डबल इंजन सरकार की स्पीड है, क्योंकि पीएम मोदी ने सदैव कहा है कि जिसका शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाएगा जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेललाइन जैसे नेटवर्क से जोड़कर प्रदेश को गति के साथ विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने का भी कार्य करेगा। इस एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से लाखों नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापक निवेश की संभावनाओं ने अभी से प्रस्ताव देने प्रारंभ कर दिए हैं। पिछले दिनों इसी एयरपोर्ट के पास पीएम मोदी ने सेमीकंड्क्टर चिप बनाने की यूनिट की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अत्य़ाधुनिक मैन्युफेक्चरिंग कलस्टर की निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, ट्वाय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्रॉफ्ट पार्क समेत अन्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिसमें यहां निवेश के साथ ही रोजगार की व्यापक संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। यहां डाटा सेंटर से संबंधित यूनिट भी स्थापित हो रही है। आने वाले दिनों में अत्याधुनिक फिनटेक सिटी के निर्माण कार्य और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने के साथ ही एनसीआर में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन भी हो रहा है। सीमलेस, स्मार्ट और सस्टेनेबल एयरपोर्ट, एविएशन फ्यूलफॉर्म, इनफ्लाइट किचन फैसिलिटी, एमआरओ के साथ ही आधुनिक-डिजिटल और ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित ‘ईज ऑफ जर्नी’ की संकल्पना को यह एयरपोर्ट साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम ने कहा कि डेडिकेटेड मल्टीमोडल कार्गो हब का निर्माण होने से उत्तर प्रदेश अब लैंडलॉक्ड की लिमिटेशन से बाहर निकलकर … Read more

उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह

सारस की उड़ान बनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह नीला-हरा ग्रेडिएंट परंपरा और आधुनिकता का संगम, तकनीक, कनेक्टिविटी और पर्यावरण का संदेश जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को खास और वैश्विक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी होने के साथ-साथ समृद्ध परंपरा और प्रकृति का प्रतीक है। एयरपोर्ट के लोगो में इसे शामिल करना राज्य की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक सार्थक पहल है, जो योगी सरकार के “विकास के साथ विरासत” के दृष्टिकोण को मजबूत करती है। डिजाइन में तकनीक और इको-फ्रेंडली सोच का मेल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोगो को पतली और एकीकृत रेखाओं से तैयार किया गया है, जो गति, कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत देती हैं। नीले-हरे रंग का ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है, जो योगी आदित्यनाथ की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है। उड़ान में छिपा विकास और सकारात्मकता का संदेश लोगो में उड़ता सारस प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। यह राज्य को एक वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब बनाने के विजन को भी दर्शाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को मजबूत कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को भी अलग और प्रभावी बना रहा है। यह एयरपोर्ट अब केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यभर में 335 जगह छापेमारी की गई, जिसमें 3 हजार 841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गईं। साथ ही पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की नियमित जांच के भी आदेश दिए गए हैं। सप्लाई पूरी तरह सामान्य अधिकारियों और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडर की बुकिंग भी पहले की तरह ही चल रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सोर्स का ही सहारा लें। जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

मध्यप्रदेश में 23 सालों में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 15,345 करोड़ का घाटा, हुआ दावा

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 23 सालों में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) के रूप में 15,345 करोड़ रुपए का नुकसान होने का दावा सामने आया है। आरोप है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की सरकारों ने केंद्र सरकार की तारीख के अनुसार महंगाई भत्ता नहीं दिया, जिससे लाखों कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस मुद्दे में पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह, कमल नाथ, उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामला सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। पेंशनर्स और परिवार पेंशनधारकों को भी समय पर महंगाई राहत (DR) नहीं मिल रही। वर्तमान में मोहन यादव सरकार पर भी आरोप है कि पेंशनर्स को जनवरी 2026 से राहत दी गई, जबकि यह जुलाई 2025 से मिलनी चाहिए थी। पांचवें-छठवें वेतनमान में सबसे ज्यादा नुकसान बताया गया है कि पांचवें और छठवें वेतनमान के दौरान करीब 11,970 करोड़ रुपए का महंगाई भत्ता समय पर नहीं दिया गया। हालांकि भत्ता बाद में दिया गया, लेकिन केंद्र की तय तारीख से देरी के कारण कर्मचारियों को एरियर का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। सातवें वेतनमान में 27 महीने का DA रोका सातवें वेतनमान में जुलाई 2019 से सितंबर 2021 तक 27 महीने का 5% महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इस अवधि में राज्य में पहले कमल नाथ की सरकार थी, बाद में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार आई, लेकिन भत्ता जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों को करीब 3,375 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दिग्विजय सरकार में 2 साल DA पूरी तरह बंद जनवरी 2002 से दिसंबर 2003 तक, जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, उस दौरान करीब 24 महीने तक महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों को लगभग 1,260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। भाजपा सरकार में भी देरी से मिला लाभ दिसंबर 2003 के बाद उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में DA दिया गया, लेकिन केंद्र की दर और तारीख से नहीं। इससे छठवें वेतनमान में करीब 10,710 करोड़ रुपए का नुकसान बताया गया है। कर्मचारी संगठन का आरोप मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी के मुताबिक, “कांग्रेस और भाजपा—दोनों ही सरकारों ने केंद्र के बराबर समय पर DA नहीं दिया। इसका सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ा है और लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।”

1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम, डिजिटल पेमेंट के लिए करना होगा यह काम

मुंबई  मॉल या स्थानीय दुकान पर बहुत से लोग पेमेंट करने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन या UPI का सहारा लेते हैं. अब डिजिटल ट्रांजैक्शन को लेकर एक नियम बदलने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आदेश के बाद बैंकों को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) लागू करना होगा. सितंबर 2025 में जारी किए गए आदेश में 1 अप्रैल 2026 डेडलाइन लगी रखी है।  1 अप्रैल 2026 के बाद से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए सिर्फ एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) पर निर्भर रहना काफी नहीं होगा. सभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए कम से कम दो अलग और इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन फैक्टर से वेरिफाई करना होगा. क्रेडिट कार्ड में पहले से टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन पहले से लागू है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली है।  ये होंगे ऑथेंटिकेशन के तरीके      पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN)     बायोमेट्रिक जैसे फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन     बैंकिंग ऐप के अंदर जनरेट होने वाले वर्चुअल टोकन     SMS आधारित OTP  इन्हें उदाहरण के रूप में समझें तो पेमेंट के लिए दो काम करने पड़ेंगे.     OTP + PIN (स्टैटिक)     बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन + डिवाइस बाइंडिंग     टोकन आधारित ऑथेंटिकेशन + पासवर्ड जैसे किसी दुकान से सामान खरीदा और पेमेंट के लिए उसको अपना डेबिट कार्ड दिया. इसके बाद जैसे ही सेल्स पर्सन पॉइंट ऑफ सेल (POS) से स्वाइप करेगा, उसके बाद यूजर्स को पिन एंटर करने के साथ अब OTP भी देना होगा. अब ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को दो तरह से ऑथेंटिकेट करना होगा।  अब 1 अप्रैल के बाद से हर एक ट्रांजैक्शन के लिए कम से कम दो तरीकों से ऑथेंटिकेट करना होगा. ऐसे में साइबर साइबर ठगों पर लगाम लगेगी और अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन पर लगाम लगेगी।  साइबर ठगों पर लगाम लगाने की कोशिश  साइबर ठगी के ऐसे बहुत से केस हैं, जहां विक्टिम के पर्सनल मोबाइल पर आने वाले बैंक ओटीपी को साइबर ठगों ने चालाकी से हासिल कर लिया. फिर उनके बैंक खाते को खाली कर डाला. फिशिंग स्कैम, सिम स्कैम और बहुत से स्कैम हाल के दिनों में बढ़े हैं।  इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर भी लागू होगा नियम RBI के दिशा-निर्देश में यह  साफ किया गया है कि 1 अक्टूबर 2026 तक इंटरनेशनल कार्ड-नॉट-प्रेजेंट ट्रांजैक्शन पर भी इसी तरह के ऑथेंटिकेशन नियम लागू किए जाएंगे। 

8वें वेतन आयोग का बड़ा ऐलान: कब होगा लागू, सैलरी में कितनी बढ़ेगी वृद्धि?

 नई दिल्‍ली 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है. लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर कुछ स्‍पष्‍टता दी है, लेकिन अभी पूरी जानकारी उपलब्‍ध नहीं है. संसद में सरकार ने बताया है कि कबतक आठवां वेतन आयोग लागू हो सकता है।  वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को औपचारिक रूप से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की स्थापना की. उन्होंने आगे कहा कि आयोग को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन पर अपनी सिफारिशें रिपोर्ट पेश करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।  उन्‍होंने 8वें वेतन आयोग कब लागू होगा? सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह तभी पता चल पाएगा, जब रिपोर्ट पेश की जाएगी और उसे एक्‍सेप्‍ट किया जाएगा. इसके बाद तय हो सकेगा कि इस आयोग को कब से लागू किया जाए? खैर अभी आयोग इसपर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।  8वें वेतन आयोग पर फीडबैक  जानकारी के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को लेकर आयोग एक तरह से काम नहीं कर रहा है. यह अलग-अलग कैटेगरी से एक्टिव तरीके से सुझाव पाने की कोशिश कर रहा है. माईगॉव पोर्टल पर 18 तरह के सवाल अपलोड किए गए हैं. मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, यूनियनों, शिक्षाविदों और यहां तक ​​कि लोगों से भी फीडबैक मांगा गया है. फीडबैक देने का लास्‍ट डेट 31 मार्च 2026 है और सिर्फ ऑनलाइन तरीके से ही फीडबैक लिया जाएगा।  कब होगा सैलरी में इजाफा?  सैलरी को लेकर कहा गया है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने में भले ही देरी हो जाए, लेकिन 1 जनवरी 2026 से ही इसे प्रभावी माना जाएगा. हालांकि कर्मचारियों तक इसका लाभ पहुंचने में ज्‍यादा समय लग सकता है. जेनजेडसीएफओ के संस्थापक सीए मनीष मिश्रा ने संभावित देरी की वजह बताई है।  उनका कहना है कि यह सच है कि कागजों पर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाला है, लेकिन व्यवहार में बढ़ी हुई सैलरी संभवतः कर्मचारियों के बैंक खातों में 2026 के अंत तक या वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ही पहुंचेगी, ठीक वैसे ही जैसे पिछले वेतन आयोगों के बाद देरी हुई थी।  कर्मचारियों को मिलेगी बकाया राशि  उन्‍होंने यह भी बताया कि 8वें वेतन आयो के तहत बकाया भुगतान की भी संभावना है. संशोधित वेतन का भुगतान भले ही बाद में किया जाएग, लेकिन इसका कैलकुलेशन 1 जनवरी 2026 से की जाएगी. इसी दिन 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्‍त हो रहा है।  कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  वेतन बढ़ोतरी की बात करें तो अभी तक कोई अधिकारिक जानकारी इसे लेकर नहीं आई है, लेकिन शुरुआती अनुमानों से बढ़ोतरी का संकेत मिलता है. कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और मुख्य विजन अधिकारी प्रतीक वैद्य ने कहा कि उम्‍मीद पिछले रुझानों और वर्तमान आर्थिक के हिसाब से दिख रही हैं।  उन्‍होंने कहा कि सैलरी बढ़ोतरी के दो फैक्‍टर नजर आ रहे हैं, जिसमें पूर्व आयोग का कार्य और आज की अर्थव्‍यवस्‍था शामिल हैं. 6वें वेतन आयोग के तहत करीब 40 फीसदी सैलरी बढ़ी थी, जबकि 7वें वेतन आयोग के तहत 23 से 25 फीसदी के आपास बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसमें 2.57 फिटमेंट फैक्‍टर है. इसी बात पर 8वां वेतन आयोग के तहत भी सैलरी निर्भर करती है।  एक्‍सपर्ट ने कहा कि यह सिर्फ अनुमान है, अंतिम फैसला कई आंकड़ों पर निर्भर करता है. उन्‍होंने समझाया कि 8वें आयोग के लिए ज्‍यादातर अनुमानां में 20 से 35 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है, जिसमें फिटमेंट फैक्‍टर 2.4 से 3 के बीच और बेसिक सैलरी शामिल है. लेकिन अंतिम आंकड़ा अगले 12 से 18 महीनों में महंगाई, टैक्‍स की उपलब्‍धता और राजनीतिक इच्‍छा पर निर्भर करता है।