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US-ईरान जंग के बीच पेट्रोल के दाम घटने की संभावना, जेडी वेंस ने शेयर किया प्लान

वॉशिंगटन  मिडिल ईस्ट में बरसते बारूद ने पूरी दुनिया का तेल पी लिया है. कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और अमेरिका जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. हर कोई सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है कि ये जंग कब खत्म होगी और कब ईंधन के दाम गिरेंगे? इस सवाल का जवाब हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दे दिया है. उन्होंने बताया है कि गैस के दाम कब गिरेंगे और जंग को लेकर उनका प्लान आखिर क्या है? वेंस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर क्या कहा? वेंस का कहना है कि अमेरिका का मकसद ईरान पर कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे इतना ‘शक्तिहीन’ कर देना है कि वह दोबारा कभी चुनौती न बन सके. जेडी वेंस ने एक हालिया इंटरव्यू में अमेरिकी जनता को बड़ी राहत देने की कोशिश की।  उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान में एक या दो साल तक नहीं रुकने वाला है. राष्ट्रपति ट्रंप का मिशन साफ है, काम खत्म करो और बाहर निकलो. उन्होंने यह भी दावा किया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की समस्या सिर्फ कुछ समय के लिए है और जैसे ही ऑपरेशन सफल होगा, गैस के दाम फिर से नीचे आ जाएंगे।  ईरानी नौसेना पर आखिरी अटैक अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुछ ऐसे वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें ईरानी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका का कहना है कि दशकों से ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जो दादागिरी मचा रखी थी, अब उसका अंत हो चुका है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों को खंडहर बना दिया है जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे।  जहां अमेरिका अपनी जीत के दावे कर रहा है, वहीं ईरान की तरफ से आने वाली खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि उन्होंने दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ‘सैकड़ों’ अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं और घंटों तक एम्बुलेंस और राहत दल शवों और घायलों को ढोते रहे। 

अपने नजरिए को बदलकर मुश्किलों को आसान बनाने का प्रभावी तरीका

5 प्रेरणादायक जीवन मंत्र 1) Jeevan Mantra – अपने विचारो को बताने से पहले थोडा सोच ले : गलत समय पर गलत बाते बोलना आपकी मुसीबतों को बढ़ा सकता है. अंततः हम सभी को आत्ममंथन की जरुरत होती ही है. ये एक साधारण उपाय है हम हमारे रवैये को बदलकर ही जिंदगी में बहोत सी मुसीबतों का सामना आसानी से कर सकते है. और प्यार भरे रिश्तो को जिंदगीभर के लिये बनाये रख सकते है. 2) Jeevan Mantra – आलोचनाओ से दूर रहे और दूसरो का मजाक न उडाये : हमारी अनुभूति और उसके प्रकोप के दो तरह के प्रभाव होते है. यदि आप प्यार, स्नेह, दया, करुणा, कल्याण के रूप में सकारात्मक विचारो को भेजते हो तो इससे आपके संबंध और भी मधुर और मजबूत बनेंगे. इसके विपरीत जो लोग गुस्सा, नफरत, चिंता, आलोचना, गलतिया ढूंडना, नकारात्मक सोचना और बुरे शब्दों का प्रयोग करते है, उनके संबंध ख़त्म होते हुए नज़र आते है. और इसी की चिंता में इंसान के जीवन से प्यार और ख़ुशी हमेशा के लिये चली जाती है. दो इंसानों में संबंध में दोनों में एक-दूजे को समझने की ताकत होनी चाहिये, ना की एक-दूजे में अहंकार और द्वेषभाव होना चाहिये. 3) Jeevan Mantra – क्या आप आसानी से दुखी होते हो और मुश्किल से खुश होते हो ? मेरा ऐसा मानना है की अच्छी और बुरी आदतों को सिमित जगह तक ही रखना आपको गलत रास्तो पर ले जा सकता है. लोगो में बुरी आदतों को जल्दी अपनाने की और उन्हें विकसित करने की आदत होती है जबकि अच्छी आदते बड़ी मुश्किल और लाख कोशिशो के बाद ही लगती है. और इसी वजह से हम एक-दुसरे से नाराज़ रहते है. हमें हमारी आंतरिक भावना को सोच-समझकर ही बाहर लाना चाहिये. आंतरिक भावना के बारे में विचार करते हुए हमें सकारात्मक भावनाओ को बाहर लाना चाहिये और नकारात्मक भावनाओ को नष्ट कर देना चाहिये. इसके विपरीत ख़ुशी का अहसास, प्यार, आकर्षण, ध्यान रखना, दया और करुणा ये सब हमें अपने स्वभाव में ही दिखाई देता है. हमारा स्वभाव ही हमारे गुणों को दर्शाता है और हमारे स्वभाव पर ही हमारा खुश रहना निर्भर करता है. रिश्तो में आयी खटास को दूर करने का शबे आसान उपाय अपने स्वभाव को नम्र बनाना और परिस्थिति चाहे आपके अनुकूल हो या विपरीत हमेशा मुस्कुराते रहना ही है. खुश रहने के लिये आपको अपने स्वभाव को बदलने की जरुरत होगी. 4) Jeevan Mantra – अपनी परीभाषा को बदले : अपनी परीभाषा को इस कदर बनाये की आप आसानी से खुश हो जाये और बड़ी मुश्किल से मायूस हो पाये. निश्चित करे की आपका सबसे अच्छा दिन आज ही है, आज ही आप आसानी से मनचाही जिंदगी जी सकते हो. इन बातो को हमेशा याद रखे तभी आपके जीवन में ख़ुशी, प्यार, आज़ादी हमेशा बनी रहेंगी. यदि आपसे कोई यह प्रश्न करता है की आप बहोत खुश और उत्साही कैसे रहते हो? तो आपका जवाब, “मै इसलिए खुश हु क्योकि मै आज में जीता हु और आसानी से सांस ले पाटा हु और आसानी से खुश हो जाता हु” होना चाहिये. आपका ये रवैया आपको एक खुशनुमा जिंदगी जीने में सहायक साबित होगा. और आप हमेशा के प्यार, आकर्षण, सहायक और दया, करुणा के वातावरण में रहने लगोगे, जिससे आपका स्वास्थ और आपकी संपत्ति दोनों ही सुरक्षित होंगे. आसानी से खुश होने के अलावा एक और बात है जो आपमें होनी चाहिये, और वह है की आसानी से दुखी न होना. किसी भी इंसान के लिये आपको दुखी कर पाना असंभव होना चाहिये. अपने मायूसी की एक सीमा निश्चित कर ले. ठान ले की आप तभी मायूस होंगे जब आपका दिन में 10 लाख डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान होगा, यदि इस तरह की कोई घटना आपके जीवन में होती है तो आपको मायूस होना चाहिये. यदि आप इन सीमाओ को अपने जीवन में उपयोग करो तो आप कभी आसानी से मायूस नहीं हो पायेंगे. और आप जिंदगीभर खुश रह पायेंगे. 5) Jeevan Mantra – इन शर्तो को प्रयोग में लाये : आप जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिये ही सारे बदलाव करते हो. इन आदतों को बढाने के लिये आपको नम्र, इमानदार और लगातार किशिशे करते रहने की जरुरत है. हर समय आपको जीवन की इस नयी परीभाषा का ज्ञान होना चाहिये. इन सभी शर्तो को बहोत सारे पन्नो पर लिखे और उन्हें घर में अलग-अलग जगहों पर लगाये. ताकि बार-बार आपका ध्यान उनकी तरफ जाये. आप इन सभी शर्तो को अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल का वॉलपेपर बनाकर भी रख सकते हो. ऐसा करने से कुछ ही दीनो में आपकी बुरी आदते अच्छी आदतों में परीवर्तित हो जाएँगी, और आप खुद को इस दुनिया का सबसे खुश इंसान पाओगे. ऐसा करने से आप हमेशा खुश रह सकते हो. और अपने रवैये से दूसरो को कैसे खुश किया जा सकता है यह भी सिख सकते हो. और इस दुनिया में गुस्सा, नफरत, मायूसी और मुसीबत के लिये कोई जगह नही होंगी.  

आप विधायक को दुष्कर्म मामले में सात दिन का रिमांड, पुलिस ने शुरू की पूछताछ

चंडीगढ़  दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को रविवार को चार दिनों का पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। जहां पुलिस ने और पूछताछ के लिए पठान माजरा के लिए 10 दिन के रिमांड की मांग की है। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पठानमाजरा को 7 दिनों के रिमांड पर भेज दिया है। पठान माजरा को हाल ही में पटियाला पुलिस ने मध्य प्रदेश में ग्वालियर के नजदीक से गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर पटियाला के थाना सिविल लाइन में पठान माजरा के खिलाफ 1 सितंबर 2025 को दुष्कर्म करने और धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पठानमाजरा हरियाणा के करनाल में अपने रिश्तेदार के पास भाग गए थे। पठानमाजरा को पकड़ने के लिए पटियाला पुलिस वहां पहुंची। आरोप है कि पठानमाजरा के साथियों ने पुलिस पार्टी पर पत्थरबाजी की और फायरिंग की। इस दौरान एक पुलिस मुलाजिम भी घायल हो गया। बाद में पठान माजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसी बीच पता चला कि पठान माजरा ऑस्ट्रेलिया भाग गया है।  पुलिस ने जारी किया था LOC पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से MLA चुने गए हैं। केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 9 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। उनके दिल्ली से आने की पुलिस को भनक लग गई थी जिसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर बाइपास पर गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहे थे। पठानमाजरा पर बाढ़ के दौरान अफसरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद केस दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP की दिल्ली टीम के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ पुराने मामले में FIR की गई है। महिला ने कहा- तलाकशुदा बताकर शादी रचाई, रेप किया- MLA पठानमाजरा पर 1 सितंबर, 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसमें महिला ने बताया कि साल 2013-14 में उसकी मुलाकात पठानमाजरा से फेसबुक के जरिए हुई थी। पठानमाजरा ने कहा था कि उनका तलाक हो गया है। वह शादी के लिए दूसरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं। इसके बाद उसकी पठानमाजरा से जान-पहचान हो गई। इसी दौरान विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए शादी का प्रपोजल रखा। लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे में हुई थी शादी- महिला ने कहा कि पठानमाजरा के तलाकशुदा होने पर यकीन कर उसने हां कर दी। इसके बाद 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे पत्ती मुल्तानी में दोनों का आनंदकारज (शादी) हुआ। इस दौरान पठानमाजरा ने गुरुद्वारे के ग्रंथी के सामने भी खुद को तलाकशुदा बताया। महिला का कहना है कि विवाह के बाद उसे लुधियाना के मजीठिया एन्क्लेव स्थित एक मकान में रखा गया, जहां वह खुद को विधायक की कानूनी पत्नी मानकर उनके साथ रहती रही। महिला ने आगे कहा- मार्च 2022 में जब पठानमाजरा ने AAP के टिकट पर सनौर सीट से चुनाव लड़ा, तो हलफनामे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम लिखा और खुद को विवाहित बताया। यह देखकर उसे पता चला कि पठानमाजरा का तलाक नहीं हुआ था। विधायक ने झूठ बोलकर न केवल धोखा दिया बल्कि लगातार शारीरिक शोषण और रेप किया। अंतरंग पलों के वीडियो बनाने का पठानमाजरा पर आरोप पठानमाजरा पर आरोप लगाने वाली महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसके साथ अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया। जुलाई 2024 में भी उसे एक कॉल आई जिसमें विधायक ने कहा कि अगर वह उनके पास नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

अब गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए दिल्ली मुंबई जाने की जरूरत नहीं बिहार बनेगा मेडिकल हब

पटना  बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अब एक डिजिटल और तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते प्रभाव ने गंभीर बीमारियों के उपचार को न केवल सुलभ, बल्कि अधिक सटीक और सुरक्षित बना दिया है। पटना में आयोजित दो दिवसीय IASG CON-2026 मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने साझा किया कि कैसे इन तकनीकों ने कैंसर और लिवर जैसी जटिल बीमारियों के सक्सेस रेट को बढ़ा दिया है। ​ बड़े शहरों पर निर्भरता हुई कम ​IGIMS के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में यह बात उभरकर आई कि आधुनिक सुविधाओं के कारण अब बिहार के मरीजों का दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन कम हो रहा है। एआई-आधारित सिस्टम अब शुरुआती चरण में ही बीमारियों की पहचान करने में सक्षम हैं, जिससे इलाज का समय पर शुरू होना संभव हो पा रहा है। ​ रोबोटिक सर्जरी: कम चीरा, जल्द रिकवरी ​अमेरिका से आए प्रसिद्ध रोबोटिक सर्जन डॉ. थैबम थंबी पिल्लै ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बताया कि रोबोटिक तकनीक से सर्जन सूक्ष्म स्तर पर जाकर ऑपरेशन कर सकते हैं। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:     ​न्यूनतम चीरा: ऑपरेशन के दौरान स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है।     ​कम रक्तस्राव: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में खून का रिसाव बहुत कम होता है।     ​संक्रमण का अभाव: छोटे घाव होने के कारण इंफेक्शन का खतरा न्यूनतम हो जाता है।     ​त्वरित रिकवरी: मरीज को कम दर्द होता है और वह बहुत जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट आता है। ​मानवीय त्रुटियों में कमी और सटीक निर्णय ​IASG के अध्यक्ष डॉ. टी.डी. यादव और सचिव डॉ. सुजय पॉल ने स्पष्ट किया कि एआई तकनीक सर्जरी के दौरान रियल-टाइम डेटा प्रदान करती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाती है। विशेष रूप से पैंक्रियाज और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑपरेशन में, जहां पहले बड़े चीरे लगाने पड़ते थे, अब रोबोटिक आर्म्स की मदद से जटिल प्रक्रियाएं भी सरलता से पूरी की जा रही हैं। ​ आत्मनिर्भर बिहार की ओर कदम ​सम्मेलन में आयोजित 21 वैज्ञानिक सत्रों ने स्थानीय डॉक्टरों को वैश्विक मानकों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई और रोबोटिक्स का दायरा और बढ़ेगा, जिससे बिहार चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। यह बदलाव न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ा रहा है, बल्कि बिहार को एक मेडिकल हब के रूप में भी स्थापित कर रहा है।

भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बयान

भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिगंबर और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने दी है समाज सेवा को नई दिशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में महावीर जयंती व्याख्यान में की सहभागिता चार वरिष्ठ समाजसेवियों को दिया महावीर अलंकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

मन की बात: सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल, राज्यपाल पटेल ने की सराहना

‘मन की बात’ सकारात्मक सोच बनाने की पहल : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुप्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुमधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुस्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुरूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुपूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे।  

भारत में हवाई सेवाओं का अकल्पनीय विस्तार, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा: CM यादव

भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण इंदौर में हवाई सुविधाओं का हो रहा विस्तार, मिली अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात अमेरिकी कॉउंसिल ने इंदौर की हवाई सुविधा को क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से किया सम्मानित इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन हमें लोककल्याण का मार्ग दिखाता है। लोकमाता के पद चिन्हों पर चलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनसेवा के नए कदम बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने ही देश के विमानन क्षेत्र का कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज समाज के हर तबके के लिए हवाई यात्रा संभव हुई है। अब हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा करने में समर्थ्य हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है वह अकल्पनीय है। मध्यप्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत भी की गई है, इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को त्वरित उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में लोकमाता अहिल्याबाई इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण कर इन्दौरवासियों सहित पूरे मालवांचल को अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे हवाई यात्रा और भी अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी। यह नया टर्मिनल इन्दौर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूती के साथ प्रतिस्थापित करेगा। इंदौर शहर की बेहतरीन हवाई सुविधाओं को अमेरिका क्वॉलिटी कॉउंसिल ने क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉउसिल की ओर से दिया गया क्वालिटी सार्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन इन्दौर एयरपोर्ट के पदाधिकारियों को सौंपकर बधाई दी। नये टर्मिनल में मिलेंगी यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के नए टर्मिनल में यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इंदौर में पुनर्संरचना परियोजना के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से हुए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों से एवं पुरानी टर्मिनल इमारत के नवीनीकरण के बाद अब यह नया टर्मिनल प्रति घंटे लगभग 400 यात्रियों को संभालने में सक्षम हो गया है। इसमें 14 चेक-इन काउंटर्स बनाए गए हैं और लगभग 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी यहां की गई है। करीब 6 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता 15 लाख (1.5 MMPA) है। यहां पर 18 उड़ानों का संचालन, 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग एवं वीआईपी रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस नए टर्मिनल में एक बहुत बड़ा वेटिंग एरिया विकसित किया गया है, जिससे पीक आवर्स में भी बेहतर तरीके से भीड़ प्रबंधन किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां "उड़ान यात्री कैफे" की शुरुआत भी की जा रही है। इसमें यात्रियों को 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में नाश्ता मिलेगा। प्रदेश में हर 150 किमी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड्स मौजूद हैं। बीते दो साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया में नए एयरपोर्ट का सफल संचालन हमने शुरु किया है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर ली है। इससे प्रदेश में कुल 10 एयरपोर्ट्स हो जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध हो। इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवागमन के तीनों क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विस्तार कार्य मध्यप्रदेश को लगातार विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं। रेल और विमानन सेवाओं में बढ़ते कदमों के साथ ही रोड कनेक्टिविटी के लिए केन्द्र से मिले विशाल पैकेज तथा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हमारा मध्यप्रदेश अब देश का लॉजिस्टिक हब बनता जा रहा है। नये टर्मिनल के लोकार्पण कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने भी वर्चुअली सहभागिता की। कार्यक्रमको इन्दौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री महेन्द्र हार्डिया, पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

एक साथ 5000 छात्र कर सकेंगे पढ़ाई झारखंड की इस मेगा लाइब्रेरी में दिखेंगी परमवीर चक्र विजेताओं की गाथाएं

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आकार ले रही है. यहां पर करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से मेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है. यह लाइब्रेरी सूबे के छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है. रविवार को झारंखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसका निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया. एक साथ 5000 छात्रों के बैठने की सुविधा यह लाइब्रेरी अपने आप में बेहद खास होगी, जहां एक साथ करीब 5,000 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे. हर फ्लोर पर मॉडर्न रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण मिल सके. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच आराम और रिफ्रेशमेंट मिल सके. सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष व्यवस्था इस लाइब्रेरी की खास बात यह होगी कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधा मिलेगी. पहली मंजिल पर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि बुजुर्ग भी यहां आकर पढ़ें और समय बिताएं. परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा सम्मान इस लाइब्रेरी को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र भी बनाया जा रहा है. प्रस्ताव रखा गया है कि यहां परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएं. राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी. जून तक पूरा होने की उम्मीद निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाइब्रेरी जून तक बनकर तैयार हो जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ इस लाइब्रेरी को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों तक महंगी किताबें और संसाधन पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खरीद नहीं पाते. इससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा. कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है. इनके सहयोग से यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है. शिक्षा का नया केंद्र बनेगा मोराबादी रांची के बीचों-बीच, कई विश्वविद्यालयों के पास स्थित यह लाइब्रेरी आने वाले समय में पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल सिर्फ एक इमारत तक सीमित रहती है या राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान का सबसे बड़ा हब बनती है.

ईरान पर हमला करेगा US ? ट्रंप के प्लान में 2500 नौसैनिक, 3500 सैनिक और युद्धपोत, ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी

वाशिंगटन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) और 'वॉशिंगटन पोस्ट' की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स की पहली 'एक्सपीडिशनरी यूनिट' (31st MEU) मध्य पूर्व पहुंच चुकी है।  इसके साथ ही पेंटागन ने ईरान के भीतर हफ़्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन का खाका तैयार कर लिया है.अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ईरान में संभावित जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी तेज कर दी है. वहीं अमेरिका ने क्षेत्र में 3500 से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए हैं।  अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने दावा किया है कि  पेंटागन कई हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की योजना बना रहा है. इसमें स्पेशल ऑपरेशन फोर्स और पारंपरिक पैदल सेना शामिल हो सकती है. हालांकि अंतिम फैसला अभी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेना है।  मिडिल ईस्ट पहुंचा युद्धपोत  इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS Tripoli करीब 2500 मरीन सैनिकों को लेकर मिडिल ईस्ट पहुंच गया है. इस जहाज पर 31st मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के सैनिक तैनात हैं. यह यूनिट पहले जापान में तैनात थी और ताइवान के आसपास अभ्यास कर रही थी, लेकिन करीब दो हफ्ते पहले इसे मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दिया गया।  USS त्रिपोली अपने साथ ट्रांसपोर्ट विमान, अत्याधुनिक स्ट्राइक फाइटर जेट्स (F-35) और Amphibious हमले के उपकरण भी मौजूद हैं जो समुद्र से जमीन पर सीधा प्रहार करने में सक्षम है।  वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी अब ईरान के भीतर 'स्पेशल ऑपरेशन्स' और पारंपरिक इन्फैंट्री सैनिकों द्वारा छापेमारी (Raids) की योजना बना रहे हैं. हालांकि, ट्रंप द्वारा इन जमीनी सैन्य अभियानों को अंतिम मंजूरी देना अभी बाकी है, लेकिन 82nd एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों और सैन डिएगो से रवाना हुए।  और खतरनाक मोड़ पर पहुंच सकता है युद्ध दरअसल मिडिल ईस्ट में तनाव तब चरम पर पहुंचा जब ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला किया, जिसमें 10 अमेरिकी कर्मी घायल हुए. वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज की नाकेबंदी ने वैश्विक तेल संकट पैदा कर दिया है. यमन के हूती विद्रोहियों की सक्रियता ने 'बाब अल-मंडेब' जैसे व्यापारिक मार्गों को भी असुरक्षित बना दिया है।  सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान में जमीनी ऑपरेशन शुरू करता है, तो यह युद्ध और व्यापक हो सकता है. अभी तक युद्ध मिसाइल, ड्रोन और एयर स्ट्राइक तक सीमित था, लेकिन ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने पर सीधे जमीन पर लड़ाई शुरू हो जाएगी।  कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. ऐसे में मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है और दुनिया की नजर अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी है। 

मन की बात कार्यक्रम देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इन्दौर एयरपोर्ट से किया प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का श्रवण इन्दौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है] जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि सभी जागरूक रहें, किसी भी तरह की अफवाहों और किसी के भी बहकावे में न आएं। सरकार की तरफ से जो निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने सभी संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। कार्यक्रम श्रवण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की 'देश से अपनी बात' कर सबसे जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम है। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। देश में हो रहे विकास, नवाचार, जनकल्याण के कामों के साथ गैर राजनीतिक विषयों को सामने लाकर पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता से रहने का सकारात्मक संदेश देने का प्रधानमंत्री का यह अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन की बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।