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जनकल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित कार्यक्रम होंगे आयोजित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 9 जून का दिन विशेष महत्व का है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के निरंतर कार्यकाल का आज के बाद रिकॉर्ड बनने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि के लिए 5 से 21 जून तक प्रदेश में कल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों की 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा को जन्म दिवस की मंगलकामनाएं दीं। प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकायों पर लगेंगे जनकल्याण शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकायों में "एक पेड मां के नाम" अभियान संचालित किया गया। अभियान में प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई एवं शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। अभियान के अंतर्गत 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकाय मुख्यालयों पर जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे। इनमें केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण किए जायेंगे। शिविर 03 दिवसीय होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 19 एवं 20 जून 2026 को प्रत्येक जिले में 2 स्थानों पर कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अन्य अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शन तथा व्याख्यान सहित प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 प्रत्येक विकासखण्ड और नगरीय निकायों में स्थानीय योग समूह के सहयोग से मनाया जाऐगा। स्थानांतरण की समय-सीमा 15 जून तक ही रहेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानांतरण के लिए 15 जून की समय-सीमा निर्धारित की है। सभी विभाग 15 जून तक स्थानांतरण नीति का पालन करते हुये स्थानांतरण की कार्यवाही पूरी कर लें। समय-सीमा नहीं बढ़ेगी। सोलर रूफटॉप को करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता नामांकित हो चुके है। अगले 6 माह में 6 लाख से अधिक नामांकन करना है। मार्च 2027 तक घरों की छत पर पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को प्रदेश से 3 हजार 835 करोड़ रूपए का हुआ निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यदव ने बताया कि 6 जून 2026 को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 में लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश, उत्पदान और नवाचार के लिये आमंत्रित किया। वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष से 19 प्रतिशत अधिक है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि इंदौर में आयोजित फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि के साथ भारत में उरुग्वे, पेरू, पनामा रिपब्लिक, अल-सल्वाडोर, क्यूबा और ग्वाटेमाला के राजदूत और गुयाना के हाई कमिश्नर शामिल हुये। उर्वरक के लिए हर जिले में नियुक्त करें नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष कमजोर मानसून के पूर्वानुमान और खाड़ी में युद्ध की स्थिति के कारण उर्वरक की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। खाड़ी की वर्तमान स्थिति को देखते हुये उर्वरक की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक की उपलब्धता की स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी और एक मोबाइल नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए। नीति आयोग की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 11 जून को नीति आयोग की बैठक "इन्क्लूसिव हृयूमन डेव्हलपमेंट फॉर विकसित भारत @ 2047" थीम पर रखी गई है। मिशन GYAN – गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी इन सभी के समग्र विकास के लिये कार्य किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि आगामी वर्ष युवा वर्ष होगा, सभी विभाग युवाओं पर केंद्रित योजनाएं बनाए।  

सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए। बेहतर प्रबंधन के लिए स्टाफिंग और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ हो। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्रालय में संपन्न बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, श्रम मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा पर्यटन राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति     उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।     तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।     तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।     देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।     उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।     उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।     लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।     महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।     कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य। ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के लिए जारी विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी। ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास के आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ के बाद भी घाटों का दीर्घकालिक उपयोग हो सकेगा। पुलिस-प्रशासन-नगर निगम बेहतर समन्वय के लिए अभी से अभ्यास करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा। इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए। अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया कि उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। जनसुविधा उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता और सुविधा के लिए उज्जैन से लगे क्षेत्रों जैसे देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन आदि में भी … Read more

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, एमडी यादव ने दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव गुणवत्ता में लापरवाही पर 8 निर्माण एजेंसियाँ होगी ब्लैक लिस्टेड जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा 29 कार्यों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश बारिश से पहले सड़क एवं पुलों की मरम्मत, सीएम हेल्पलाइन और लोक कल्याण सरोवरों की समीक्षा लोक निर्माण विभाग के 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण भोपाल प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान अन्तर्गत दिनांक 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के 7 विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम एवं पन्ना जिलों में निरीक्षण किया गया। इसमें कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडमली चयन कर उनकी गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों एवं रखरखाव की स्थिति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण कार्य, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षण दलों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई एमडी यादव ने कई कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भामौरी से पटना सड़क मार्ग के कार्य में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य में गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में ही मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत है, उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने को कहा गया। अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-मार्ग की 7 किलोमीटर लंबी सड़क, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य के निरीक्षण में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में संबंधित वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने, परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। 29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकांश कार्यों में सामान्य अथवा आंशिक कमियां पाई गईं। एमडी यादव ने ऐसे कुल 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एमडी यादव ने कहा कि आगामी निरीक्षणों में इन कार्यों की पुनः जांच की जाएगी तथा यदि कमियों का निराकरण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश एमडी यादव ने निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए औचक निरीक्षणों के प्रतिवेदनों में उल्लेखित सभी कमियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी देकर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की रैंकिंग में निरंतर सुधार लाने के लिए शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वर्षाकाल पूर्व सड़क एवं पुलों की सुरक्षा पर विशेष जोर एमडी यादव ने आगामी वर्षाकाल को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा सड़कों पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि वर्षा के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, जलस्तर संबंधी जानकारी एवं आपातकालीन सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 1099 का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य 30 जून तक पूरे करने के निर्देश बैठक में … Read more

विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय अब जिलों में कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 … Read more

घर का सपना होगा पूरा? PM आवास योजना के लिए नया सर्वे अभियान शुरू, बन रही नई लिस्ट

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों की पहचान को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास (P&RD) विभाग ने पहली बार सेल्फ-सर्वे सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत पात्र नागरिक खुद अपने घर से आवेदन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन शिकायतों को कम करना है, जिनमें अक्सर आरोप लगाए जाते थे कि आवास योजना के लाभार्थियों के चयन में पक्षपात, राजनीतिक हस्तक्षेप या गलत जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है। अब लाभार्थियों को किसी मध्यस्थ या स्थानीय सिफारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे सीधे डिजिटल माध्यम से अपनी पात्रता दर्ज करा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। नई व्यवस्था के तहत इच्छुक आवेदकों को अपने मोबाइल फोन में ‘AwaasPlus 2024’ और ‘AadhaarFace RD’ ऐप डाउनलोड करने होंगे। इसके बाद आधार बेस्ड पहचान सत्यापन पूरा कर डिजिटल आवेदन जमा करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त सर्वेक्षक संबंधित परिवार के घर पहुंचकर दी गई जानकारी की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि आवेदक योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करता है या नहीं। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार फर्जी दावों को रोकने और सही लाभार्थियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। खास बात यह है कि यह मॉडल पहले से कई राज्यों में लागू है और अब पश्चिम बंगाल ने भी इसे अपनाने का फैसला किया है। सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि तकनीकी जानकारी या स्मार्टफोन की कमी के कारण कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रह जाए। ऐसे लोगों के लिए डोर-टू-डोर सर्वे की व्यवस्था की गई है। सर्वेक्षक गांव-गांव जाकर उन परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे, जो स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवार केवल तकनीकी बाधाओं के कारण लाभ से वंचित न हों। सरकार का दावा है कि इस पहल से आवास योजना का दायरा और अधिक व्यापक तथा समावेशी बनेगा। लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने तीन-स्तरीय सत्यापन प्रणाली भी लागू की है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सर्वे किए गए कम से कम 10% परिवारों का दोबारा सत्यापन ब्लॉक या सब-डिवीजन स्तर के अधिकारियों से कराया जाए। इसके अलावा ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्वतंत्र रूप से 5% मामलों की जांच करेंगे, जबकि जिला स्तर के अधिकारी 2% आवेदनों का प्रत्यक्ष सत्यापन करेंगे। इस बहु-स्तरीय जांच व्यवस्था का मकसद किसी भी तरह की गड़बड़ी, त्रुटि या गलत चयन को रोकना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत में सर्वे टीमों का गठन कर दिया गया है और लाभार्थियों की पहचान का काम शुरू हो चुका है। यह सर्वेक्षण 20 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि नई सेल्फ-सर्वे प्रणाली से सही लाभार्थियों की पहचान आसान होगी, शिकायतें कम होंगी और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुंचेगा, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। यह कदम ग्रामीण आवास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

रामकथा मंच से सीएम योगी का संदेश, लव जिहाद और लैंड जिहाद पर समाज को किया आगाह

 लखनऊ  मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने दो-टूक कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। प्रभु श्रीराम से द्रोह करने वालों को धरती पर जगह नहीं मिली। लव व लैंड जिहाद के प्रति आगाह करते हुए सीएम ने कहा कि इसके विरुद्ध समाज को एकजुटता के साथ खड़ा होना होगा। तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रामकथा का श्रवण भी किया। कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया। सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से कहा कि जो भी प्रभु के सान्निध्य में आया, वह दैवीय आपदा से मुक्त रहता है। उन्होंने कामना की कि हर श्रद्धालु का जीवन सुख व समृद्ध के साथ बढ़ता रहे। राम नाम में हर समस्या का समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को जन्म-मरण का प्रश्न बनाया था। संत इसका श्रेय नहीं चाहते थे, वे सिर्फ इसलिए अभियान से जुड़े क्योंकि भारतीय परंपरा, विरासत में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के आदर्श हैं और राम नाम में जीवन की हर समस्या का समाधान है। राजनीति व पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो हर भारतवासी, जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने भगवान राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया है। मर्यादा पुरुषोत्तम का नाम उत्तर से दक्षिण व पूरब से पश्चिम तक हर भारतीय को जोड़ने का सामर्थ्य रखता है। अदालत ने भी माना- सैकड़ों वर्षों से अन्याय सीएम ने कहा कि 491 वर्ष तक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन चलता रहा। 2019 में सर्वोच्च न्यायालय की फुल बेंच के न्यायमूर्तियों ने अपने फैसले में कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं रामजन्मभूमि है। इसे लेकर साक्ष्य-प्रमाण और विद्वानों के वक्तव्य भी दिए गए थे। सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायमूर्ति ने स्वामी रामभद्राचार्य जी के बारे में कहा कि जब मैंने उनके वक्तव्य को सुना तो लगा कि सनातन धर्मावलंबियों के साथ सैकड़ों वर्षों से अन्याय हो रहा था। संतों की साधना राष्ट्र कल्याण व लोकमंगल के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि संतों की साधना राष्ट्र कल्याण व लोकमंगल के लिए है। जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य जी द्वारा स्थापित भारत का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट में है और वह उसके कुलाधिपति हैं। इस उम्र में वह आराम कर सकते थे, लेकिन राष्ट्रमंगल की कामना के साथ प्रभु की कथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। देश-दुनिया में कोई भी भक्त बुलाता है तो प्रभु की कृपा को जन-जन तक पहुंचाते हैं। इसके पीछे उनका उद्देश्य है कि भगवान राम के विराट आदर्शों से भक्त थोड़ा भी अंश जीवन में अंगीकार कर लें तो उनका, समाज व देश का कल्याण हो सकता है। नकारात्मक ताकतें आएंगी तो तहस-नहस करेंगी मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण और उसके राक्षसों की आर्याव्रत में घुसपैठ थी। खर-दूषण के आतंक से दंडकारण्य त्रस्त था। ताड़का, मारीच व सुबाहु ने बस्तर के वनों, नगरों को उजाड़ दिया था। जब भी नकारात्मक ताकतें वर्चस्व में आएंगी तो तहस-नहस करेंगी। शिक्षण संस्थानों व शोध केंद्रों को वैसे ही बंजर करेंगी, जैसे खर-दूषण व ताड़का द्वारा किया जाता था। सीएम ने मारीच व शकुनि पर किया कटाक्ष सीएम ने कहा कि महर्षि विश्वामित्र प्रभु श्रीराम को अपनी कथा की रक्षा के बहाने ले गए और उनकी ताकत को देखना चाहा। उनका सबसे पहला मुकाबला ताड़का से हुआ। मारीच व सुबाहु का भी अंत हुआ। पहले मारीच ने रावण को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन रावण ने उसे मारने की धमकी दी, तब मारीच ने कहा कि यदि मरना ही है तो रावण के हाथों नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के हाथों मरूंगा ताकि उद्धार हो जाए। सीएम ने कटाक्ष किया कि मारीच रिश्ते में रावण का मामा लगता था। मामा व चाचा अनुचित व्यवस्था में पड़ते हैं तो कुसंग की तरफ ले जाते हैं, सन्मार्ग की तरफ नहीं। दुर्योधन के मामा शकुनि ने महाभारत करा दिया। लव जिहाद रोकने पर दिया बल सीएम ने कहा कि रावण ने मां जानकी का अपहरण किया। भगवान राम ने यत्न कर उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ा। नारी गरिमा की रक्षा लव जिहाद को रोकने के लिए आदर्श उदाहरण हो सकता है। केरल उच्च न्यायालय ने 2009 व 2011 में रिलीजियस डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश पर चिंता व्यक्त की, लेकिन उस समय भी ध्यान नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश में हमने 2020 में सख्त कानून बताया, फिर भी इस पर व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है। लैंड जिहाद से जुड़े थे खऱ-दूषण सीएम ने कहा कि हर कालखंड में नकारात्मक ताकतें आएंगी, लेकिन इसके मुकाबले के लिए समाज की सज्जन शक्ति को मिलकर तैयार रहना होगा। मारीच, खर-दूषण, सुबाहु भी लैंड जिहाद से जुड़े थे। जबरन जमीन पर कब्जा कर रहे थे। हमें लैंड जिहाद से जुड़े लोगों से मुकाबले को भी तैयार रहना होगा। खाली जमीन पर तंबू गाड़ने की प्रथा बंद होनी चाहिए। रामद्रोहियों को धरती पर जगह नहीं मिली सीएम ने कहा कि शिव हों या राम, हम जिसे भी मानते हैं, उनके आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाएं। उनके अनुरूप जीवन जीने और बनने का प्रयास करें और परिवार के सदस्यों को उन आदर्शों से प्रेरणा लेने को प्रेरित करें। जिसने भी राम को जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ। जिसने राम का द्रोह किया, उसे धरती पर जगह नहीं मिली। मारीच, रावण समेत रामायण काल के अनेक उदाहरण हैं, जो उच्च कुल व श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेने के बाद भी पशुवत मारे जाते हैं, क्योंकि उन्होंने राम के साथ द्रोह किया। राम की संगति में पूज्य हो गए हनुमान व विभीषण सीएम ने कहा कि पवनसुत हनुमान या विभीषण भगवान राम की संगति में आने के बाद पूज्य हो गए। गांव के … Read more

महिलाओं के लिए बड़ी राहत, यूपी सरकार देगी आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

लखनऊ  महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ट्रिपल तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर सामाजिक कुरुतियों और आपराधिक कृत्यों से प्रभावित महिलाओं को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आवास और हेल्थ इंश्योरेंस कवर प्रदान करने की तैयारी कर रही है. योगी सरकार इन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ देने की दिशा में काम कर रही है।  इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं के दायरे में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने इस संबंध में कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग ट्रिपल तलाक और एसिड अटैक से प्रभावित महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा एकत्र कर रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा सके. सरकारी स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देशों और शासनादेश को तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है।  प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है. हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिया था।  उन्होंने कहा था कि ट्रिपल तलाक या एसिड अटैक जैसी परिस्थितियों का सामना कर चुकी और जिनके पास स्थायी आवास नहीं है, ऐसी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन महिलाओं और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।  बता दें कि एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, कई सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है. वहीं ट्रिपल तलाक से प्रभावित अनेक महिलाएं आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करती हैं. ऐसे में आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराकर योगी सरकार उनके जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासरत है। 

किसानों से लेकर मेट्रो तक, मोहन सरकार ने लिए कई अहम फैसले; 15 जून तक पूरे होंगे तबादले

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, अधोसंरचना विकास, प्रशासनिक सुधार और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कृषि, परिवहन, उर्वरक वितरण और ग्रामीण विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव भी पारित किया। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि बीते 12 वर्ष भारत के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार जनता तक पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का फैसला राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। 15 जून तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है। भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली अतिरिक्त वित्तीय सहायता कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त राशि मिलने से परियोजना के कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी भोपाल में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। कपास उत्पादक किसानों को राहत किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कमी करने का फैसला लिया है। अब कपास पर प्रति गठान लगने वाला मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों और कृषि व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा कृषि विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उर्वरक वितरण पर रहेगी विशेष निगरानी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। मंडी टैक्स बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया कैबिनेट ने मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार इस निर्णय से प्रतिवर्ष लगभग 835 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग कृषि मंडियों के अधोसंरचना विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार तथा गोसंवर्धन से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा। अगले कृषि सीजन की तैयारियां अभी से शुरू राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

छात्राओं के लिए बड़ी सौगात! रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देगी योगी सरकार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई कर रही छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार स्नातक प्रथम वर्ष की मेधावी छात्राओं को अपनी तरफ से मुफ्त स्कूटी देने की एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल का नाम 'रानी लक्ष्मी बाई योजना' रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के आने से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी। मेरिट के आधार पर चमकेगी मेधावियों की किस्मत सरकार की इस योजना का लाभ सीधे तौर पर उन छात्राओं को मिलेगा जो पढ़ाई-लिखाई में अव्वल हैं। स्कूटी देने के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी। योजना के नियमों के मुताबिक, छात्राओं को उनके स्नातक प्रथम वर्ष में प्राप्त अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इन अंकों के आधार पर एक राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, और जो छात्राएं इस मेरिट में स्थान बनाएंगी, उन्हें सरकार की तरफ से मुफ्त स्कूटी का तोहफा दिया जाएगा। पहले चरण में 50 हजार छात्राओं को मिलेगी रफ्तार उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में इस समय कुल मिलाकर लगभग नौ लाख छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार इस योजना को चरणों में लागू करने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने जो खाका तैयार किया है, उसके तहत पहले चरण में राज्य की 50 हजार सबसे मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने होगा प्रजेंटेशन इस योजना को धरातल पर उतारने और इसका लाभ जल्द से जल्द छात्राओं तक पहुंचाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग दिन-रात काम कर रहा है। विभाग की ओर से इस योजना का पूरा प्रस्ताव और गाइडलाइंस तैयार कर ली गई हैं। बहुत जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस पूरी योजना का एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण करेंगे। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही इस योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया और तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर करीब 9 लाख छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी छात्राओं में से कड़ी स्क्रीनिंग और मेरिट लिस्ट के जरिए ही भाग्यशाली मेधावियों का चुनाव किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि कॉलेज आने-जाने में उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है।

भारत ने उठाई PoK की आवाज, मुनीर की कथित बर्बरता पर पाकिस्तान को घेरा

 नई दिल्ली भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से ध्यान हटाने के लिए फ़ेक न्यूज़ और गलत जानकारी फैला रहा है. रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के कुछ दिनों बाद भी वहां तनाव बना हुआ है।  इस इलाके से आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 'पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न' देखा है और इसे अपनी नाकामियों को छिपाने की एक हताश कोशिश बताया है।  जायसवाल ने कहा, "इस संदर्भ में, हम पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न देख रहे हैं. यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की कथित बर्बरता की खबरों का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।  उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की गंभीर बर्बरता की खबरें हैं. हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।  ये बयान रावलकोट में पाकिस्तानी बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 27 लोग मारे गए. जहां आधिकारिक आंकड़ों में मरने वालों की संख्या 27 बताई गई है, वहीं सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में दावा किया गया है कि हताहतों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।  यह इलाका तनावपूर्ण बना हुआ है क्योंकि प्रदर्शनकारी समूह पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ़ लामबंद हो रहे हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे PoK में प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रस्तावित 'लॉन्ग मार्च' को रोक देंगे, जबकि आयोजकों ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है।