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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित राजस्थान रन 2026’ को दी हरी झंडी, युवाओं का उमड़ा उत्साह

जयपुर  राजस्थान सरकार ने राजस्थान दिवस से पहले युवाओं के लिए सार्वजनिक भागीदारी वाली मैराथन 'विकसित राजस्थान रन 2026' का आयोजन किया। राज्य खेल परिषद द्वारा आयोजित 'विकसित राजस्थान रन 2026' को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविवार की सुबह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। इस मैराथन में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थी, एनएसएस के स्वयंसेवक, एनसीसी के कैडेट, भारत स्काउट एंड गाइड, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड, एनवाईकेएस सदस्य के इसके अलावा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के युवा और खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन में पहुंचे भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "'विकसित राजस्थान 2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत राजस्थान के विकास की यात्रा का प्रतीक है, जो राज्य के ऐतिहासिक नेताओं के प्रयासों और विरासत को प्रतिबिंबित करता है।" इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "आपका हौसला, आपकी उमंग निश्चित रूप से विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करेगी। फिट इंडिया अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने स्वस्थ रहने का संदेश दिया है। हमारे देश में चार जातियां हैं, युवा, महिला, किसान और मजदूर। अगर ये आगे बढ़ेंगे तो देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "पिछली सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया। हमारी सरकार ने लोगों को जेल भेजने का काम किया है। सवा दो साल में सवा लाख की वेकेंसी निकालने का काम हमारी सरकार ने किया है। इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। आप सपनों की उड़ान के लिए तैयार रहिए, राजस्थान सरकार आपके साथ है। प्रदेश में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। युवा नीति के जरिए युवाओं को काम का अवसर दिया जा रहा है।" गौरतलब है कि राजस्थान दिवस के अवसर पर इस बार राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसके तहत 14 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्कृति, विकास और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

IAS मनु की संपत्ति सबसे बड़ी, मुख्य सचिव से 4 गुना ज्यादा; MP के 12 कलेक्टरों के पास नहीं है अपना घर

भोपाल   प्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मनु श्रीवास्तव एमपी में तैनात एसीएस स्तर के अफसरों में सबसे अमीर आइएएस हैं। उनके पास 19.50 करोड़ की अचल संपत्ति है। जबकि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एसीएस अशोक बर्णवाल पगार के अलावा अपनी संपत्तियों से सबसे अधिक कमाने वाले अफसर हैं। बर्णवाल के पास 7.50 करोड़ की संपत्ति है। इससे उन्हें हर साल 23.68 लाख रुपए आय हो रही है।  MP में 391 IAS अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सबसे अमीर हैं। उनके पास 19 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास 4 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्ति है। इस तरह मनु श्रीवास्तव की संपत्ति अनुराग जैन से लगभग 4.7 गुना अधिक है। इसके अलावा प्रदेश के 55 जिलों के कलेक्टरों में से 12 जिलों के कलेक्टरों के पास न तो अपना घर है और न ही खेती की जमीन है। इन अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति निल बताई है। वहीं 17 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास मकान और दुकान के साथ-साथ खेती की जमीन भी है। कलेक्टरों में किशोर कन्याल सबसे अमीर जिला कलेक्टरों में गुना कलेक्टर किशोर कन्याल सबसे अधिक संपत्ति वाले अधिकारी हैं। उनके पास करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपए की संपत्ति है। उनके पास दो मकान, एक प्लॉट और कृषि भूमि है, जो भोपाल, उत्तर प्रदेश और नोएडा में स्थित है। विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन है। उनके पास भटिंडा, गंगानगर, सिरसा, मुक्तसर, पंचकुला, मुल्लानपुर, इंदौर और भोपाल में मिलाकर करीब 65 एकड़ किसान जमीन है। इसके अलावा इंदौर के अपर कलेक्टर नवजीवन पवार के पास सबसे अधिक 20 अलग-अलग प्रॉपर्टी दर्ज हैं। 16 साल में 4.5 लाख का प्लॉट घटकर 1 लाख का हुआ इन सबके बीच नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा का मामला अलग नजर आता है। वर्ष 2010 में उन्होंने 4.5 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था। आमतौर पर समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है, लेकिन इस मामले में उल्टा हुआ। 4 लाख 50 हजार रुपए का वह प्लॉट अब घटकर केवल 1 लाख रुपए का रह गया है। यानी करीब 16 साल में उस प्लॉट की कीमत लगभग 4.5 गुना कम हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ की संपत्ति मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ कीमत की अचल संपत्ति है. हालांकि उनके पास 3 राज्यों में संपत्ति है. इसमें भोपाल के प्रेमपुरा नगर में भूखंड, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 79 लाख कीमत का एक अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैट, जयपुर में एक फ्लैट और शिवाजी नगर भोपाल में 2 करोड़ 72 लाख कीमत का एक मकान है। अलका उपाध्याय के पास करोड़ों की संपत्ति,नहीं दर्शाई कीमत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सेक्रेटरी और मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की आईएएस अलका उपाध्याय के पास दिल्ली, गुडगांव और भोपाल में मकान, भूखंड हैं. गुडगांव में 2930 स्क्वायर फीट का फ्लैट, दिल्ली में 3244 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, भोपाल में करीब 1 हजार स्क्वायर मीटर का प्लॉट है. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जो उन्हें अपने पिता से मिली है. उन्होंने प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत नहीं बताई है।  अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी करोड़पति 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के पास भोपाल के मिंडोरी में 163.4 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत उन्होंने 48 लाख रुपए बताई है. गुजरात के अहमदाबाद में 50 लाख रुपए कीमत का एक ऑफिस, मिंडोरी में 0.25 एकड़ भूमि इसकी कीमत 27 लाख रुपए दिखाई गई है. भोपाल के सेमरी बजाफ्त में 0.580 हेक्टेयर भूमि कीमत 28.92 लाख और मिडोरी में 0.25 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत 20 लाख दिखाई गई है।  अशोक वर्णवाल के पास 7 करोड़ 50 लाख की संपत्ति वर्ष 1990 बैच के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के पास कुल अचल संपत्ति 7 करोड़ 50 लाख है. भोपाल के बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि, झारखंड के डुमरी में 1200 स्क्वायर फीट का दो मंजिला मकान, बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि और बावड़िया कला में फ्लैट भी है. इसके अलावा बावड़िया कला भोपाल में 2 फ्लैट हैं. इनकी कीमत 4.50 करोड़ रुपए है।  मनोज गोविल के पास 2 करोड़ 64 लाख की अचल संपत्ति 1991 बैच के आईएएस अधिकारी दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ मनोज गोविल ने कुल अचल संपत्ति 2 करोड़ 64 लाख दशाई है. भोपाल के तुलसी नगर में उनका एक फ्लैट, गुडगांव, हरियाणा में एक फ्लैट है।  अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के पास 20 करोड़ की अचल संपत्ति 1991 बैच के नवकरर्णीय ऊर्जा में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव का प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में पुस्तैनी 699.86 स्क्वायर मीटर का मकान है, इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है. इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में 3.50 करोड़ रुपए कीमत का एक प्लॉट है।  आशीष श्रीवास्तव भी करोड़पति, नहीं दर्शाई संपत्ति की कीमत 1992 बैच के आईएएस और दिल्ली में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ आशीष श्रीवास्तव के पास भोपाल के गौंदरमऊ में 240 स्क्वायर मीटर प्लॉट और हरियाणा गुरूग्राम में 2 फ्लैट हैं. इसकी खरीद के समय कीमत 66 लाख रुपए दर्शाई गई है. अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास जाटखेड़ी, भोपाल में 3858 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, कटारा, भोपाल में 0.1़6 हेक्टेयर कृषि भूमि, गौहरगंज रायसेन में 220 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, इंदौर में 6877 स्क्वायर फीट का प्लॉट और अरेरा कॉलोनी, भोपाल में 588 स्क्वायर मीटर पर मकान है, जिसकी खरीद के समय कीमत 3.95 करोड़ रुपए थी।  वीएल कांताराव के पास भोपाल, तमिलनाडु में करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस और केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ वीएल कांताराव का कटारा हिल्स, भोपाल में 0.75 एकड़ भूमि और कांजीपुरम, तमिलनाडु में 2500 स्क्वायर फीट का प्लॉट है।  अनिरूद्ध मुखर्जी के पास 8 करोड़ 45 लाख की संपत्ति 1993 बैच … Read more

LPG सिलेंडर कालाबाजारी पर कड़ी नजर, 2,554 जगहों पर की गई छापेमारी और निरीक्षण

LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी 40 एफआईआर, 8 गिरफ्तार, 37 व्यक्तियों को किया गया अभियोजित आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, सभी जनपदों में स्थापित किए गए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम उपभोक्ताओं को बुकिंग के सापेक्ष 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से सुनिश्चित कराई गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां आवश्यतानुसार एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान: सिंधी समाज की एकजुटता प्रशंसनीय

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की एकजुटता और उनकी संघर्षशील परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सिंधी समाज ने देश के इतिहास के सबसे कठिन दौर—विभाजन की विभीषिका—का सामना किया है। इसके बावजूद इस समाज ने व्यापार और उद्यम के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज के अनेक परिवारों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति और घर-बार छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था और परिश्रम के बल पर उन्होंने नई शुरुआत की और आज सिंधी समाज विकास के नए-नए सोपान रच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का यह जुझारूपन और आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणास्पद है और इसके लिए समाज के सभी सदस्य प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकजुट होने का अवसर मिलता है। जब समाज संगठित और मजबूत होता है तो राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। इस मेले में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज सिंधी समाज के लोग देश के कोने-कोने में बसे हुए हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा उद्यमशीलता के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय से शुरुआत कर अपने कार्य को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जो उनके परिश्रम और दूरदर्शिता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार  प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश सरकार ने  अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेश में आज से प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में  गौधाम स्थापित किए गए हैं। इन गौधामों के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। यहां पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, काऊ कैचर, दवाइयाँ तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और हम उनका पूजन करते हैं। गाय से प्राप्त पंचगव्य को अमृत के समान माना गया है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज अत्यंत मेहनतकश समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं।  इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक  मोती लाल साहू, धमतरी महापौर  रामू रोहरा, पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत के अध्यक्ष  महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित  थे।

उरी में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

 जम्मू जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है. 'ऑपरेशन डिग्गी 2' (OP DIGGI 2) के तहत चलाए गए एक संयुक्त अभियान में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर 14 और 15 मार्च 2026 की दरमियानी रात उरी सेक्टर के बुच्छर (Buchhar) इलाके में सेना और पुलिस ने घेराबंदी शुरू की। घने जंगलों का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को सतर्क जवानों ने समय रहते भांप लिया. जब आतंकी को रुकने की चुनौती दी गई, तो उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक पाकिस्तानी आतंकी ढेर हो गया। मारे गए आतंकी के पास से एक एके-राइफल (AK Rifle), पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस सहित युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद हुए हैं. सुरक्षाबलों का मानना है कि यह आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से सीमा पार से आया था. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और आतंकी छिपे न हों। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया. इस दौरान एक संदिग्ध आतंकी मारा गया, जबकि उसके एक साथी की तलाश जारी है. सेना के अनुसार यह घटना मंगलवार 10 मार्च को हुई. इंडियन आर्मी को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं. इसके बाद सेना ने इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान शुरू किया. जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दो संदिग्ध आतंकियों को दोपहर करीब 3 बजे झांगर के पास देखा गया. यह इलाका नौशेरा सेक्टर में LoC के करीब है। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन भारतीय सेना के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस से घुसपैठ की संभावित कोशिश को लेकर मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर 14 और 15 मार्च 2026 की दरमियानी रात उरी सेक्टर के बुच्छर इलाके में संयुक्त अभियान चलाया गया. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. इसी दौरान सैनिकों ने झाड़ियों के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि देखी, जिसके बाद उसे चुनौती दी गई। आतंकवादी ने की अंधाधुंध फायरिंग सुरक्षा बलों द्वारा चुनौती दिए जाने पर संदिग्ध व्यक्ति ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. इसके जवाब में सेना और पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ शुरू हो गई. कुछ देर चली गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादी को मार गिराया। सुरक्षा बलों  के साथ मुठभेड़ सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान एक संदिग्ध आतंकी मारा गया. दूसरे आतंकी की तलाश के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और घुसपैठिया छिपा हुआ न हो।

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कटनी में शीघ्र खुलेगा मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम जलाशय और नहरों का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने बरही के कृषि महोत्सव में विकास कार्यों की दी सौगात कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रूपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं उन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जायेंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनायेंगे। साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने 'राहवीर योजना' की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्यप्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1000 करोड़ की सौगातें दी हैं। बाणसागर डैम से 161 करोड़ की सिंचाई योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में नए पुल निर्माण के लिए 95 करोड़ की राशि दी गई है। कटनी क्षेत्र में कृषि को नए आयाम देने के लिए एग्रीकल्चर विलेज की स्थापना की जा सकती है। विधायक  संजय पाठक ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में कटनी को अनेक सौगातें मिली हैं। स्कूल शिक्षा एवं … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान: बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की ओर हो रही प्रगति

बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ ‘आदि परब’ का हुआ समापन रायपुर  हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी मती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यूपीएससी … Read more

मिडल-ईस्ट तनाव के कारण ट्रैवल सेक्टर को ₹5500 करोड़ का रोज़ाना नुकसान, कोच्चि और पुरी की मांग में 200% वृद्धि

नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण दुनियाभर में ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के मुताबिक इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर के टूर और ट्रैवल सेक्टर को हर दिन करीब 5,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। मिडिल-ईस्ट के कई देशों में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान बदल रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है। अगर भारतीय पर्यटकों की बात करें तो हर साल भारत से विदेश यात्रा करने वाले लगभग आधे यात्री यूएई, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे मिडिल-ईस्ट देशों की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 40 प्रतिशत लोग पर्यटन के उद्देश्य से इन देशों में जाते हैं। लेकिन हालात को देखते हुए अब कई भारतीय पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव कर रहे हैं। टूर ऑपरेटर्स के अनुसार अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड, मलेशिया और जापान जैसे देशों के लिए ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। इन देशों को फिलहाल सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जा रहा है, इसलिए यहां पर्यटन की मांग बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर भारत के अंदर भी घरेलू पर्यटन में तेजी देखने को मिल रही है। एयरलाइंस के किराए बढ़ने के बावजूद कई पर्यटक अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसे भारतीय पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इन घरेलू डेस्टिनेशन के लिए पूछताछ में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  2026 घरेलू पर्यटन के लिए अच्छा साबित हो सकता है ल्ल दिल्ली स्थित ट्रैवल कंपनी टीमवन हॉलिडेज की प्रवक्ता अनीशा शर्मा के मुताबिक, फिलहाल खाड़ी देशों की यात्रा के लिए लगभग 100% तक कैंसिलेशन देखने को मिल रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो 2026 भारत के घरेलू पर्यटन के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। यात्री देश के नजदीकी और विविध पर्यटन स्थलों को खोज रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म पिकयोरट्रेल के सीईओ हरि गणपति के मुताबिक मिडिल-ईस्ट क्षेत्र की बुकिंग में 60% तक की गिरावट आई है। ल्ल मेकमाईट्रिप के को-फाउंडर राजेश मागो कहते हैं- यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो लोग घरेलू गंतव्यों या अप्रभावित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं। ल्ल वहीं ईज माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी का कहना है- थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और जापान जैसे देशों के लिए बुकिंग में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। घरेलू पर्यटन लगातार मजबूत बना हुआ है।’

मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री शुल्क महंगा होने वाला है, मनमाने रेट बढ़ाने की योजना

भोपाल  मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री के लिए जमीनों के रेट तय करने के लिए बनाई जा रही कलेक्टर गाइडलाइन में इस बार भी कोई तय फॉर्मूला नहीं बनाया गया है। मनमाने रेट बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस बार 10 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाने की तैयारी है। सरकार गाइडलाइन के साथ लागू किए जाने वाले उपबंधों में भी कोई बदलाव नहीं कर रही है। इससे खासतौर पर कृषि भूमि की रजिस्ट्री डेढ़ गुना से ज्यादा दर पर की जा रही है। जबकि प्रॉपर्टी के वास्तविक गुण, लैंड-यूज, सड़क की चौड़ाई, लोकेशन, सुविधाओं और टाइटल-क्वालिटी आदि को आधार बनाकर रेट तय होना चाहिए। गाइडलाइन पर फिर से आपत्तियां और सुझाव आना शुरू हो गए हैं। उज्जैन में प्रॉपर्टी लेना होगा और महंगा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी कलेक्टर गाइड लाइन के तहत प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने की तैयारी है। जिला मुल्यांकन समिति की बैठक में कई लोकेशन पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पिछले प्रस्तावों में जिले की करीब 91 लोकेशन्स पर रेट बढ़ाने की बात सामने आई थी। करीब 60 लोकेशन ऐसी थीं जिन के रेट 10-20 फीसदी तक बढ़ाए गए। वहीं 21 लोकेशन पर 20-30 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ी थी। वहीं कुछ स्थानों पर 30 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव शामिल था।  बताया जा रहा है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की त्रिवेणी की और शिप्रा विहार योजनाओं समेत कई नई कॉलोनियों के रेट बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मिलने के बाद इसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। 74 हजार लोकेशन के सर्वे के बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन की कवायद शुरू प्रदेश में जमीन और मकानों की कीमतों को नए सिरे से तय करने की कवायद तेज हो गई है। राजस्व और पंजीयन विभाग ने प्रदेश की करीब 74 हजार लोकेशन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है, जिसके आधार पर नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव जल्द ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में नई प्रॉपर्टी दरें लागू कर दी जाएंगी। जहां ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री, वहीं बढ़ेंगी दरें जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल सवा लाख से अधिक लोकेशन हैं, लेकिन इनमें से लगभग 74 हजार लोकेशन ऐसी हैं जहां नियमित रूप से प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री होती है। इन्हीं स्थानों पर पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने संपदा-2 सॉफ्टवेयर, एआई तकनीक और अन्य माध्यमों से सर्वे किया है। सर्वे में यह आकलन किया गया कि किन क्षेत्रों में मौजूदा गाइडलाइन से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं। भोपाल की 500 से ज्यादा लोकेशन पर हाई रेट रजिस्ट्री राजधानी भोपाल में करीब 3 हजार लोकेशन का सर्वे किया गया, जिनमें से एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रॉपर्टी लेनदेन हो रहा है। इनमें करीब 500 से ज्यादा लोकेशन ऐसी पाई गईं, जहां वर्तमान कलेक्टर दरों से अधिक कीमत पर रजिस्ट्री की गई है। इन्हीं क्षेत्रों को चिह्नित कर आकलन किया जा रहा है, ताकि नई गाइडलाइन में यथार्थ के अनुरूप दरें तय की जा सकें।  

एमपी में प्रमोशन में देरी के कारण प्रशासनिक कैडर में गड़बड़ी, 68 IAS, 48 IPS और 87 IFS पद खाली

भोपाल  मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय सेवाओं के प्रमोशन में लगातार हो रही देरी अब प्रशासनिक ढांचे पर सीधा असर डालने लगी है। हालात यह हैं कि राज्य में आईएएस,आईपीएस और आईएफएस कैडर के कुल 203 पद खाली पड़े हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था और वन प्रबंधन तीनों क्षेत्रों में दबाव बढ़ गया है। 3 कैडर, 203 पद खाली सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में आईएएस के 68 पद, आईपीएस के 48 पद और आईएफएस के 87 पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली रहने से कई जिलों में स्थायी कलेक्टर, एसपी और डीएफओ की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। प्रमोटी अफसरों को नहीं मिल पा रहा पूरा मौका प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा और राज्य वन सेवा से प्रमोट होकर आने वाले अधिकारियों को सीमित अवसर मिल पा रहे हैं। कई अफसर वर्षों से प्रतीक्षा सूची में हैं, लेकिन केंद्र से समय पर स्वीकृति और कैडर रिव्यू नहीं होने से प्रमोशन अटका हुआ है। केंद्र–राज्य समन्वय की कमी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती और प्रमोशन की प्रक्रिया केंद्र सरकार से जुड़ी होती है। कैडर स्ट्रेंथ बढ़ाने और रिक्त पद भरने के प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर राज्य के प्रशासनिक संचालन पर पड़ रहा है। जिले और विभाग अतिरिक्त प्रभार पर कई जिलों में एक ही अधिकारी के पास दो-दो या तीन-तीन जिलों का प्रभार है। वहीं, पुलिस और वन विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हो रही है और फील्ड लेवल पर निगरानी कमजोर पड़ रही है। आने वाले समय में और बढ़ेगी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही प्रमोशन और नई भर्ती की प्रक्रिया तेज नहीं की गई, तो आगामी वर्षों में रिटायरमेंट के चलते स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसका असर विकास कार्यों,कानून-व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर साफ दिखाई देगा। प्रमोशन समय पर हों तो सुधार की गुंजाइश इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती के अलावा राज्यों में प्रमोशन से भरने वाले पदों के जरिये इस रिक्तता को कम किया जा सकता है लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग और वन विभाग के अफसरों की लापरवाही और देरी के चलते तीनों ही कैडर की डीपीसी समय से नहीं हो रही है और इसका असर पद रिक्त होने के रूप में साफ दिख रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक अनुभव की टाइम लिमिट को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रशासनिक और नीतिगत कामों पर सीधा असर अधिकारियों का मानना ​​है कि स्वीकृत पदों के न भर पाने से कई दिक्कतें होती हैं। हालांकि पद रिक्त रहने के कई संरचनात्मक कारण भी बताए जा रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से वार्षिक भर्ती सीमित है, जबकि हर साल सेवानिवृत्ति जारी हैं। राज्य सिविल सेवाओं से आईएएस में अधिकारियों की पदोन्नति में देरी ने भी इस अंतर को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई राज्यों ने भर्ती में समानुपातिक वृद्धि किए बिना अपने कैडर की संख्या बढ़ा दी है।