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सिलेंडर बुकिंग के नए नियम, 45 दिनों में बुक करना होगा सिलेंडर, बदल गई टाइम लिमिट

भोपाल  देशभर में बढ़ती रसोई गैस की मांग और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में नया LPG सिलेंडर 45 दिनों में ही बुक हो सकेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार गैस की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। केंद्र के इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के लाखों ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं पर भी नजर आएगा। जहां उज्जवला योजना और सामान्य कनेक्शन मिलाकर बड़ी संख्या में परिवार LPG गैस पर निर्भर हैं। अब ग्रामीण परिवारों को एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 45 दिन का इंतजार करना होगा। क्यों लेना पड़ा ये फैसला? हाल के दिनों में LPG सिलेंडरों की अचानक ज्यादा बुकिंग और जमाखोरी देखने को मिली है। एमपी में भी कई गोदामों पर छापामारी की कार्रवाई की गई है। वहीं देशभर के कई राज्यों से जमाखोरी की खबरें आईं। कई जगह लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिए। जिससे वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई के कारण गैस की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।  10 दिन में तीसरी बार बदला नियम गैस बुकिंग के नियम कुछ दिनों से लगातार बदल रहे हैं। पहले दो सिलेंजर के बीच तय समय सीमा नहीं थी। 6 मार्च को पहली बार 21 दिन का गैप तय किया गया। इसके बाद इस गैप को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन लॉक-इन समय लागू कर दिया गया है। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल यह अवधि 25 दिन ही रखी गई है। एमपी में क्या दिखेगा असर? मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना और सामान्य LPG कनेक्शन से खाना बनाते हैं। ऐसे में इन नए नियमों के कारण ग्रामीण परिवारों को गैस का उपयोग अधिक सावधानी से करना होगा, ताकि गैस सिलेंडर ज्यादा समय तक चल सके। संयुक्त परिवारों में गैस की किल्लत देखी जा सकती है। कई उपभोक्ता, दूसरा सिलेंडर रखने की कोशिश कर सकते हैं। क्या कहते हैं जिम्मेदार मामले में जिम्मेदारों का कहना है कि यह कदम सप्लाई को संतुलित करने, उभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने के लिए बेहद जरूरी है। सिलेंडर डिलीवरी के समय पर मोबाइल पर OTP आएगा। OTP देने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा और गलत डिलीवरी पर रोक लगेगी। सरकार की अपील पैनिक बुकिंग या अनावश्यक सिलेंडर स्टॉक न करें। इससे असली जरूरतमंद परिवारों को मुश्किल हो सकती है। वहीं ऐसा करने से कालाबाजारी भी बढ़ती है।

गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया। तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

देश में मौसम का यू-टर्न: कहीं लू का कहर, तो कहीं ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का खतरा

देश  इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सर्दियों की विदाई के बाद बसंत की गुलाबी ठंड गायब रही और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। हालांकि, अब मौसम विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश को लू (Heatwave) और तूफानी बारिश के दोहरे वार का सामना करना पड़ेगा। भीषण लू की चेतावनी राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत को भट्टी बना दिया है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। 15 मार्च तक मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा और झारखंड में भीषण लू चलने की संभावना है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। हिमालयी क्षेत्रों में 'पश्चिमी विक्षोभ' का असर एक तरफ जहां मैदानी इलाके जल रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। 14 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च तक हल्की बर्फबारी होगी, जो 15 से 19 मार्च के बीच और तेज हो सकती है। 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है:अरुणाचल प्रदेश: 13 से 16 मार्च के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी। असम, मेघालय और सिक्किम: 13 से 15 मार्च के दौरान भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: 14-15 मार्च को छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश: 15 और 16 मार्च को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। कैसा रहेगा एमपी का मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, लेकिन 14 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे रात के तापमान में मामूली बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

भोपाल गैस त्रासदी के स्मरणार्थ यूनियन कार्बाइड परिसर में बनेगा मेमोरियल, हाई कोर्ट में सरकार ने किया खुलासा

भोपाल  दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिनी जाने वाली भोपाल गैस त्रासदी को चार दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस हादसे से जुड़े कई मुद्दे आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल अब भी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे और प्रदूषण को लेकर है। इसी मामले में अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से फैक्ट्री परिसर की सफाई और पर्यावरण सुधार की पूरी योजना पेश करने को कहा है। अदालत ने पूछा है कि यूनियन कार्बाइड साइट पर मौजूद जहरीले कचरे को हटाने और जमीन-पानी को साफ करने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। बता दें कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से दो व तीन दिसंबर 1984 की रात में जहरीली गैस का रिसाव होने से बड़ी त्रासदी हुई थी। मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीली गैस के रिसाव से बड़ी संख्या में हुई मौतों के कारण हुई इसे दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा माना गया। इसका असर आज भी कैंसर, सांस और दिव्यांगता जैसी बीमारियों के रूप में जारी है। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया कि निर्धारित प्रक्रिया को जारी रखा जाए और कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए। जानें कब और किसने दायर की थी याचिका गौरतलब है कि वर्ष 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया था कि न्यायालय के आदेश के अनुसार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निस्तारण पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में सफलतापूर्वक कर दिया गया है। जहरीले कचरे से करीब 900 मीट्रिक टन राख और अवशेष एकत्रित हुए हैं। इस बीच हाईकोर्ट में दायर एक अन्य याचिका में कहा गया था कि जहरीले कचरे से निकली राख और अवशेषों में रेडियोएक्टिव तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जो चिंता का विषय है। याचिका में यह भी कहा गया था कि राख में मरकरी मौजूद है, जिसे नष्ट करने की तकनीक फिलहाल केवल जापान और जर्मनी के पास है। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि आबादी वाले क्षेत्र से मात्र 500 मीटर की दूरी पर लैंडफिलिंग की जा रही है। हाईकोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई मुख्य याचिका के साथ करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने 8 अक्टूबर 2025 को जारी अपने आदेश में आबादी से मात्र 500 मीटर दूर लैंडफिलिंग के लिए तय स्थान पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में सरकार के आवेदन पर अदालत ने यह आदेश वापस ले लिया था। पिछली सुनवाई में सरकार ने अदालत को बताया था कि जहरीले कचरे से निकली राख की लैंडफिलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी सरकार की ओर से इसी संबंध में विस्तृत जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।  सरकार ने कोर्ट में पेश की एक्शन टेकन रिपोर्ट इस मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के सामने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल की है। रिपोर्ट में बताया गया कि, 3 मार्च को अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के पुराने प्लांट की स्थिति, वहां मौजूद टॉक्सिक वेस्ट और फैक्ट्री परिसर की सफाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने अदालत को बताया कि, इस बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने समयबद्ध रेमेडिएशन (Remediation) यानी प्रदूषित जमीन और पर्यावरण को साफ करने की योजना पर विचार किया। इसका उद्देश्य फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को सुरक्षित तरीके से हटाना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। जहरीले कचरे को हटाने की योजना पर चर्चा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में कई जगहों पर अभी भी जहरीला औद्योगिक कचरा और प्रदूषित मिट्टी मौजूद है। यह कचरा लंबे समय से पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसलिए बैठक में यह तय किया गया कि फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को हटाने और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध योजना बनाई जाए। सरकार ने कोर्ट को बताया कि, इस दिशा में संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और जल्द ही पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हाईकोर्ट ने मांगी स्पष्ट समयसीमा हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से यह भी पूछा है कि, सफाई और पर्यावरण सुधार का काम कब तक पूरा किया जाएगा। अदालत का मानना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी अगर फैक्ट्री परिसर में जहरीला कचरा मौजूद है तो यह बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा करना जरूरी है, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह का स्वास्थ्य खतरा न रहे। 40 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ त्रासदी का असर दरअसल 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) नाम की जहरीली गैस का रिसाव हो गया था। इस गैस के फैलने से हजारों लोगों की तत्काल मौत हो गई थी और लाखों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। यह हादसा दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है। गैस के प्रभाव से प्रभावित लोगों में कई को आज भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में मौजूद रासायनिक कचरे को लेकर भी लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। पर्यावरण और भूजल प्रदूषण का खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में लंबे समय तक पड़े जहरीले रसायनों के कारण मिट्टी और भूजल प्रदूषण का खतरा बना रहता है। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अगर इस कचरे का समय पर निपटान नहीं किया गया तो इसका असर आसपास … Read more

प्रधानमंत्री मोदी का बयान, सरकार वैश्विक संघर्षों के प्रभाव को कम करने के लिए कर रही है काम

सिलचर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार दुनिया भर में हो रहे झगड़ों का लोगों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश करके "गैर-जिम्मेदाराना" काम कर रही है।  प्रधानमंत्री ने यह बात असम के सिलचर शहर में विधानसभा चुनाव से पहले 23,550 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कही.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज किया और आजादी के समय ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली की समुद्र तक पहुंच काट दी।  उन्होंने कहा, दुनिया युद्धों का सामना कर रही है, हमारी कोशिश है कि देश के लोगों पर उनका असर कम से कम हो।  उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही. वह लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है।  उन्होंने दावा किया, "उनके पास न तो असम के लिए और न ही देश के लिए कोई विजन है, बल्कि वे सिर्फ मोदी को गाली देना, लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाहें और झूठ फैलाना जानते हैं." मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र थी।  उन्होंने आरोप लगाया, जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया, वैसे ही बराक वैली को कमजोर करने में भी उसकी बड़ी भूमिका रही. जब भारत आजाद हुआ, तो कांग्रेस ने एक ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली का समुद्र तक संपर्क कट गया।  बराक घाटी, जो कभी एक औद्योगिक केंद्र के तौर पर जानी जाती थी, उसकी ताकत छीन ली गई. उन्होंने कहा, "आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस की सरकारें सत्ता में रही, फिर भी इस इलाके में बहुत कम विकास हुआ. आज, भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।  पीएम ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर गुमराह किया, जबकि भाजपा ने यह पक्का किया है कि राज्य उनके लिए मौकों का सागर बन जाए।  उन्होंने कहा, जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं." उन्होंने कहा कि भाजपा का मंत्र विकास में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता देना है। 

चोट के कारण हर्षित राणा IPL 2026 से बाहर, KKR को बड़ा नुकसान

नई दिल्ली  IPL 2026 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बड़ा झटका लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम के स्टार तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। हर्षित राणा को साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच के दौरान चोट लगी थी. वह रनअप पूरा नहीं कर पा रहे थे और एक ही ओवर में दो बार ऐसा देखने को मिला. इसके बाद उन्हें घुटने में दर्द महसूस हुआ और वह लड़खड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे. उन्होंने उस मैच में सिर्फ एक ओवर डाला, जिसमें 16 रन दिए थे। उस इंजरी के बाद वो लगातार मैदान से बाहर चल रहे हैं और फिलहाल उनकी रिकवरी में समय लग रहा है. इसी वजह से वह इस बार IPL में KKR के लिए खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।  रिपोर्ट के अनुसार, तीन बार की चैम्प‍ियन  KKR ने अभी तक हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट को लेकर कोई फैसला नहीं किया है. KKR के लिए अहम गेंदबाज रहे हैं राणा हर्षित राणा की चोट कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और पिछले कुछ सीजन में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है. राणा ने IPL 2024 में KKR को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उस सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे और टीम की गेंदबाजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. उनके इसी प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में उनके डेब्यू का रास्ता भी खुला और धीरे-धीरे उन्होंने नेशनल टीम में अपनी जगह मजबूत की. 4 करोड़ में किया गया था रिटेन IPL 2025 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने हर्षित राणा को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. उस सीजन में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मैचों में 15 विकेट अपने नाम किए थे. उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी के कारण टीम उन्हें भविष्य के मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में देख रही थी. डेथ ओवर्स में थी बड़ी जिम्मेदारी कोलकाता के लिए इस सीजन में हर्षित राणा से डेथ ओवर्स में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद थी. खासतौर पर आंद्रे रसेल के IPL से संन्यास के बाद टीम उनकी भूमिका में राणा को देख रही थी. लेकिन चोट के कारण उनके बाहर होने से टीम की गेंदबाजी रणनीति पर असर पड़ सकता है. पथिराना की फिटनेस पर भी सवाल KKR के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं. टीम के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का खेलना भी संदिग्ध बताया जा रहा है. वह भी चोट के कारण T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए थे और फिलहाल रिकवरी कर रहे हैं. हालांकि KKR मैनेजमेंट की ओर से उनकी फिटनेस को लेकर अभी कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया है. मुजरबानी को किया गया शामिल इस बीच KKR ने शुक्रवार को जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी से करार करने की घोषणा की है. मुजरबानी ने IPL में खेलने के लिए पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से अपना नाम वापस ले लिया है. इससे पहले KKR ने पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था. 29 मार्च को पहला मैच BCCI द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार IPL 2026 में KKR अपना पहला मुकाबला 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी. ऐसे में टीम को टूर्नामेंट से पहले अपनी गेंदबाजी संयोजन को नए सिरे से तैयार करना पड़ सकता है. देखें 20 मैचों का पूरा शेड्यूल: तारीख दिन मुकाबला/ वेन्यू 28 मार्च 2026 शनिवार, शाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs हैदराबाद- बेंगलुरु   29 मार्च 2026 रविवार, शाम मुंबई इंडियंस vs कोलकाता नाइट राइडर्स- मुंबई 30 मार्च 2026 सोमवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स- गुवाहाटी 31 मार्च 2026 मंगलवार, शाम पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस- मुल्लांपुर 1 अप्रैल 2026 बुधवार, शाम लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स-लखनऊ 2 अप्रैल 2026 गुरुवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs हैदराबाद- कोलकाता 3 अप्रैल 2026 शुक्रवार, शाम चेन्नई सुपर किंग्स vs पंजाब किंग्स- चेन्नई 4 अप्रैल 2026 शनिवार,दोपहर दिल्ली कैपिटल्स vs मुंबई इंडियंस- दिल्ली 4 अप्रैल 2026 शनिवार, शाम गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स-अहमदाबाद 5 अप्रैल 2026 रविवार, दोपहर सनराइजर्स हैदराबाद vs लखनऊ जायंट्स- हैदराबाद 5 अप्रैल 2026 रविवार, शाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs चेन्नई सुपर किंग्स- बेंगलुरु 6 अप्रैल 2026 सोमवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs पंजाब किंग्स-कोलकाता 7 अप्रैल 2026 मंगलवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस-गुवाहाटी 8 अप्रैल 2026 बुधवार, शाम दिल्ली कैपिटल्स vs गुजरात टाइटंस- दिल्ली 9 अप्रैल 2026 गुरुवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs लखनऊ – कोलकाता 10अप्रैल2026 शुक्रवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- गुवाहाटी 11 अप्रैल2026 शनिवार,दोपहर पंजाब किंग्स vs सनराइजर्स हैदराबाद- मुल्लांपुर 11 अप्रैल2026 शनिवार, शाम चेन्नई सुपर किंग्स vs दिल्ली कैपिटल्स- चेन्नई 12अप्रैल2026 रविवार, दोपहर लखनऊ सुपर जायंट्स vs गुजरात टाइटंस-लखनऊ 12अप्रैल2026 रविवार, शाम मुंबई इंडियंस vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- मुंबई

शुजालपुर में सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को CM यादव ने VC से संबोधित किया, नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद

शुजालपुर शुजालपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान, निकाह सामूहिक सर्वधर्म विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 162 जोड़ों का विवाह और 38 निकाह संपन्न हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। मंत्री इंदर सिंह परमार ने मुस्लिम दूल्हा-दुल्हन और हिंदू सनातन जोड़ों को उपहार भेंट किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत शुजालपुर अध्यक्ष सीता देवी रामचंद्र पाटोदिया के बेटे के विवाह की भी मंच से सराहना की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसौदिया, भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता परमार, भाजपा जिला महामंत्री विजय बेस और कलेक्टर रिजु बाफना सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सांसद महेंद्र सोलंकी की अनुपस्थिति का उल्लेख किया, जो सदन में व्यस्त थे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में कहा कि समरसता, समानता और शोषण मुक्त भारत का सपना मोदी और मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में साकार हो रहा है। मंच से अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन से पहले दूल्हों की सामूहिक बारात पुलिस चौकी चौराहा से लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी प्रांगण 3 तक पहुंची। बारात में मंत्री परमार के साथ भाजपा नेता और अधिकारी साफा बांधकर नाचते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम राजकुमार हलदर, एसडीओपी निमिष देशमुख, पुलिस थाना प्रभारी एसके यादव और प्रवीण पाठक अपने अमले के साथ तैनात थे।

पीएम मोदी का ममता सरकार पर बड़ा आरोप, कहा- ‘बंगाल में हिंदुओं को किया जा रहा अल्पसंख्यक

कोलकाता बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार क‍िया. कोलकाता में परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोध‍ित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा- बंगाल में ह‍िन्‍दुओं को अल्‍पसंख्‍य बनाया जा रहा है. अब बंगाल से निर्मम सरकार का अंत होकर रहेगा. अब बंगाल से महाजंगलराज का खात्मा होगा… कल TMC ने इस रैली में आने वाले आप सभी लोगों को ‘चोर’ कहकर गाली दी है, असली चोर कौन है यह बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है. अपनी कुर्सी जाते हुए देखकर यहां की निर्मम सरकार बौखला गई है. वह केंद्र सरकार की योजनाएं रोक रही हैं. उन्‍हें एक पैसा नहीं देना है, फ‍िर भी नहीं चाहतीं क‍ि केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों को मिले. पीएम मोदी ने कहा, ये TMC सरकार अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से यहां आयुष्मान भारत योजना को भी लागू नहीं कर रही है. देश भर के करोड़ों लोग इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं. ये लाभ आप सबको भी मिलना चाहिए. लेकिन बंगाल के परिवारों को इस योजना के अधिकार से भी TMC सरकार ने वंचित रखा है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा  पीएम मोदी ने कहा- आप सबने देश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना की सफलता के बारे में सुना है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा है. लेकिन यहां क्या हुआ? योजना का नाम बदल दिया गया, लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ की गई और जिन गरीबों को घर मिलना था वे आज भी इंतजार कर रहे हैं. केवल बिजली, पानी, सड़क, घर की बात नहीं है, TMC सरकार अपनी राजनीति की वजह से आयुष्मान योजना को भी लागू नहीं कर रही है. ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी इस विशाल सभा को रोकने के लिए निर्मम सरकार ने सारे हथियार निकाल लिए. आप लोगों को आने से रोकने के लिए ब्रिज बंद करवा दिए, गाड़ियां रुकवा दी, ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए, पोस्टर निकलवाए लेकिन निर्मम सरकार साफ-साफ देख लो- आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो. बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. वह दिन दूर नहीं जब बंगाल में फिर से कानून का राज होगा. पीएम मोदी ने कहा अब बंगाल का विकास नेक नीयत से होगा, सही नीतियों से होगा, बंगाल में अभी हमारी सरकार नहीं है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार के ज़रिए भाजपा बंगाल के विकास में लगी है… अभी हमने 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया है… ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास याद द‍िलाया पीएम मोदी ने कहा- ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास साक्षी है जब-जब बंगाल देश को दिशा देता है, यह ब्रिगेड मैदान बंगाल की आवाज बनता है. इस मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी आवाज हिंदुस्तान में क्रांति बन गई थी और उसका नतीजा क्या हुआ, अंग्रेजों के अत्याचार और लूट का खात्मा हुआ. आज यहां से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है. बंगाल में बदलाव अब दीवारों पर भी लिख चुका है और बंगाल के लोगों के दिलों में भी छप चुका है. निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यहां की निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया है. बंगाल के युवा प्रतिभा में सबसे आगे है, मेहनत में सबसे आगे है… लेकिन आज हालत क्या है? यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल रहा है… पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC, ये लोग एक के बाद एक आते रहे और अपनी जेबें भरते रहे और बंगाल में विकास कार्य ठप रहे. TMC सरकार में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं, भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि हालात बदलें… जानें पीएम मोदी ने और क्‍या कहा… भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद: यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले, परिवर्तन की इस आंधी को वो अब रोक नहीं पाएगी. भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद है. श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, ऋषि बंकिमचंद्र, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, खुदीराम बोस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी. भाजपा की सरकार उस बंगाल का निर्माण करेगी, नवनिर्माण करेगी. पलायन करना मजबूरी बना: एक समय बंगाल पूरे भारत को गति देता था, बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था. लेकिन आज यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल पा रहा है. आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे: पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC… ये लोग एक के बाद एक आते रहे… अपनी जेबें भरते रहे… और बंगाल में विकास के काम ठप्प पड़े रहे. अब TMC सरकार का एक ही एजेंडा है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे. जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता, ये किसी भी योजना को गांव, गरीब तक नहीं पहुंचने देते. इसलिए TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के मुद्दा उठाया: पीएम मोदी ने कहा- राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, लेकिन अहंकार में डूबी इस निर्मम सरकार ना सिर्फ कार्यक्रम का बहिष्कार किया जबकि बंदइंतजामी की. एक आदिवासी बेटी इतनी बड़े पद पर है ये इनसे देखा नहीं गया. टीएमसी वालों को ये याद रखना पड़ेगी कि उन्होनें सिर्फ द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, देश के संविधान का अपमान किया है. इसका जवाब निर्मम सरकार को मिलने वाला है. यहां बिजली बिल जीरो क्‍यों नहीं आता: पीएम मोदी ने कहा- देशवासियों को मुफ्त बिजली देने के लिए हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है. केंद्र की भाजपा सरकार इसके लिए हर लाभार्थी को 75 से 80 हजार रुपये देती है. जो लाभार्थी इस योजना से जुड़ता है, उसके घर का बिजली बिल जीरो हो जाता है. … Read more

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

राज्य में गोधन संरक्षण को नई दिशा : गोमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्राम लाखासार में गौधाम का किया शुभारंभ गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय पशुपालकों से संवाद कर सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी लाखासार को सौगात : महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ का होगा निर्माण लाखासार गौधाम के लिए 25 लाख का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस मिलेगी बिलासपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।     मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर  अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा  धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा  सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।     तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग  जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष  धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।   

राजनांदगांव को बनाएंगे मॉडल सिटी, CM साय ने कहा- आधुनिक सुविधाओं से होगा सुसज्जित

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री  गजेंद्र यादव, सांसद  संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर  मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।