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सोनम वांगचुक को मिली राहत, जेल से रिहाई और NSA केस हुआ खत्म, लद्दाख हिंसा पर सरकार का अहम फैसला

नई दिल्ली लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. सोनम वांगचुक को लद्दाख में कुछ महीनों पहले हुई हिंसा के आरोपों के बाद हिरासत में लिया गया था और वे पिछले कई महीनों से पुलिस की निगरानी में थे. सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है. सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे। सोनम वांगचुक को क्यों किया गया था गिरफ्तार? दरअसल, सोनम वांगचुक को लद्दाख में कुछ महीने पहले हुई हिंसक घटनाओं के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था. आरोप था कि एक प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी. इसी मामले में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया था। कौन हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं. फिल्म थ्री इडियट्स आमिर खान का कैरेक्टर फुनसुक वांगडू इन्हीं सोनम वांगचुक से प्रेरित था. पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं. खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे. सरकार का कहना है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में शांति और संवाद का माहौल बनाना जरूरी है. इसी वजह से सरकार ने यह फैसला लिया है कि सोनम वांगचुक की हिरासत को समाप्त किया जाए और आगे की प्रक्रिया सामान्य कानूनी ढांचे के तहत चलती रहे. केंद्र सरकार ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि लद्दाख की सुरक्षा और स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाते रहेंगे.

Meta का बड़ा फैसला, Instagram से हटेगा एंड टू एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेसी खत्म होने का खतरा

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. यानी इस तारीख के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) में यह सुरक्षा फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। यह जानकारी खुद इंस्टाग्राम के आधिकारिक हेल्प पेज पर दी गई है, जहां साफ कहा गया है कि 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा। अगर किसी यूजर की चैट इस फीचर के तहत है, तो उन्हें पहले से नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपने चैट डेटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। क्या होता है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ नहीं सकता। यहां तक कि प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी भी उन मैसेज को नहीं देख सकती. इस तकनीक में मैसेज भेजते समय वह एक कोड में बदल जाता है और केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है। इसी वजह से इसे डिजिटल दुनिया में सबसे मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा माना जाता है. Signal और WhatsApp जैसे कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूजर्स की बातचीत पूरी तरह निजी रह सके। इंस्टाग्राम में कब आया था यह फीचर? इंस्टाग्राम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर को 2023 के आसपास अपने मैसेजिंग सिस्टम में जोड़ना शुरू किया था. शुरुआत में यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट नहीं था बल्कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करना पड़ता था। इस फीचर को ऑन करने के बाद बातचीत एक अलग एन्क्रिप्टेड चैट में होती थी और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी मिलते थे.  लेकिन अब कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है। मेटा ने क्यों लिया यह फैसला? इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे. इसलिए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी यूजर्स को पहले से नोटिफिकेशन भी भेज रही है ताकि वे चाहें तो अपने एन्क्रिप्टेड चैट्स और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें। क्या इंस्टाग्राम यूज़र्स के मैसेज डेटा से Meta AI होगा ट्रेन? आधिकारिक तौर पर भले ही मेटा ने इस फैसले को कम इस्तेमाल से जोड़ा है. लेकिन टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो सकता है।  एंड टू एंड एन्क्रिप्शन होने पर प्लेटफॉर्म खुद यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, इसलिए उस डेटा का इस्तेमाल किसी भी तरह के विश्लेषण या AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए करना संभव नहीं होता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने के बाद तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म के पास मैसेज स्कैन करने और डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे कंपनियां मैसेजिंग सिस्टम को बेहतर बनाने, कंटेंट मॉडरेशन करने या AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म को मैसेज स्कैन करने और संदिग्ध या अवैध कंटेंट का पता लगाने में आसानी होती है। प्राइवेसी को लेकर पहले भी घिर चुकी है Meta प्राइवेसी को लेकर मेटा पहले भी विवादों में घिर चुकी है. हाल ही में कंपनी के RayBan Meta AI Glasses को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड हुई वीडियो और फोटो का इस्तेमाल एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था और इसके लिए ह्यूमन रिव्यूअर्स भी फुटेज देखते थे। एक जांच में सामने आया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स उन वीडियो को देखते थे जिनमें बेहद निजी पल भी शामिल थे।  रिपोर्ट्स के अनुसार इन फुटेज में लोगों के घर के अंदर के फुटेज, बाथरूम में रिकॉर्ड हुए पल या अन्य सेंसिटिव मोमेंट्स भी शामिल थीं। इन डेटा का इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठे। इतना ही नहीं, इन स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद कैमरों को लेकर यह भी चिंता जताई गई कि लोग अनजाने में रिकॉर्ड हो सकते हैं, क्योंकि यह सामान्य चश्मे की तरह दिखते हैं और आसानी से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे भविष्य के लिए एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बताया है।  यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे. यानी तकनीकी रूप से यह मैसेज प्लेटफॉर्म के सर्वर पर प्रोसेस होंगे. हालांकि कंपनियां आमतौर पर दावा करती हैं कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है। फिर भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटने से प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि यह फीचर मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बनाता है। क्या WhatsApp पर भी खत्म होगा एन्क्रिप्शन? इंस्टाग्राम के इस फैसले के बाद कई यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेटा अपने दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा ही कदम उठाएगा. फिलहाल ऐसा नहीं है। मेटा के दूसरे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और यह वहां डिफॉल्ट रूप से लागू है। 8 मई से पहले क्या करें यूजर्स? अगर आप इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करते हैं तो 8 मई 2026 से पहले अपने चैट का बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं. इंस्टाग्राम इसके लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन और डाउनलोड का विकल्प देगा। इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा और मॉडरेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, जिसकी वजह से ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

LPG संकट के बीच IRCTC की तैयारी: ट्रेनों में इंडक्शन व रेडी-टू-ईट फूड की वैकल्पिक व्यवस्था, WCR में 25 क्लस्टर किचन

भोपाल  इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की आशंका के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. इसी संकट को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने भी रेलवे स्टेशनों पर संचालित किचन के लिए नया निर्देश जारी किया है. आईआरसीटीसी ने कहा है कि रेल यात्रियों के लिए पकाए जाने वाले खाने को अब एलपीजी की जगह माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जाए, ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके. शहर में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।  25 क्लस्टर किचन से हो रही सप्लाई एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यात्रियों को सामान्य रूप से मिल रहा भोजन सिंह के अनुसार हाल ही में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेन में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि कैटरिंग व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एलपीजी संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार IRCTC के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में प्रवक्ता के मुताबिक वर्तमान में गैस सप्लाई का सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल WCR क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।

मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी

खेल अधोसंरचना के विकास से निखर रही प्रदेश की प्रतिभाएँ : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है :  आकांक्षा सत्यवंशी छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने बढ़ाया प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने  आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा। मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है :  आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट  आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है। आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, मती आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट मती आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।

MP में गर्मी का कहर: नर्मदापुरम में 40.1°C तापमान, हीट स्ट्रोक का खतरा, 15-17 तारीख को बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है। कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर लू जैसी स्थिति बन गई है। शुक्रवार को Narmadapuram प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन यहां तीव्र गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर फिलहाल बना रह सकता है, हालांकि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत भी हैं। तेज गर्मी की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इसलिए मौसम विभाग ने अपनी एडवायजरी में इसे लेकर खासतौर पर सलाह दी है। कहा है कि लोग दोपहर में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। ठंडे पानी का सेवन करें। घर का तापमान कम रखने के लिए ओवन का उपयोग कम ही करें। बता दें कि मार्च के दूसरे हफ्ते में ही प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। पिछले 2 दिन से पारा 40 डिग्री के पार ही है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का असर ज्यादा है। नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। शुक्रवार को पचमढ़ी को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा ही रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम में 40.1 डिग्री, रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार-खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, खरगोन में 38.4 डिग्री, सागर, टीकमगढ़-सिवनी में पारा 38 डिग्री पहुंच गया। एमपी के इन जिलों में भीषण गर्मी -नर्मदापुरम- 40.1 डिग्री -रतलाम- 39.2 डिग्री -मंडला- 39 डिग्री -धार और खजुराहो- 38.9 डिग्री -दमोह- 38.5 डिग्री -खरगोन- 38.4 डिग्री -सागर, टीकमगढ़ और सिवनी- 38 डिग्री कई संभागों में तेज गर्मी राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। Bhopal, Indore, Jabalpur, Ujjain और Gwalior जैसे प्रमुख शहरों में भी दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच पहुंच गया है। गर्मी का असर खासतौर पर ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में ज्यादा देखने को मिल रहा है। पचमढ़ी को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। तीन दिन बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के कुछ इलाकों में जल्द मौसम बदल सकता है। 15, 16 और 17 मार्च को Gwalior-चंबल, Jabalpur, Rewa और Shahdol संभाग के जिलों में हल्की बारिश या बादल छाने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। हीट स्ट्रोक से बचने की सलाह बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एडवायजरी में कहा गया है कि दोपहर के समय बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। लोगों को हल्के कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और घर के अंदर तापमान कम रखने की सलाह दी गई है। साथ ही जरूरत पड़ने पर ही तेज धूप में बाहर निकलने की बात कही गई है।

एमपी में LPG संकट बढ़ा, रायसेन में चक्काजाम, उज्ज्वला सिलेंडर की बुकिंग में वृद्धि, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग भी बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने के कगार पर हैं।  रेस्तरां में इलेक्ट्रिक चूल्हे पर जोर कुछ रेस्टोरेंट ने अपने किचन को बिजली के चूल्हे पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। रेलवे ने भोपाल मंडल के रनिंग रूम का किचन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। इस व्यवस्था में लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के लोग स्वयं राशन लाकर खाना बना लेते थे। इस बीच, प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को दावा किया कि प्रदेश में घरेलू गैस का कहीं कोई संकट नहीं है, बुकिंग से 24 घंटे में भीतर सिलिंडर मिलेगा। ग्वालियर जिले में उज्जवला योजना में एक लाख 51 हजार 316 गैस कनेक्शन हैं। गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक आम दिनों में इस योजना के औसतन 18-20 प्रतिशत हितग्राही ही गैस सिलिंडर की बुकिंग करते थे, लेकिन अब इस योजना के तहत हितग्राहियों की बुकिंग औसतन 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों कतार में लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं, ताकि कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ रही। दूसरी ओर बुकिंग सर्वर भी ठप है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उज्ज्वला बुकिंग की आड़ में कालाबाजारी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन, सिलिंडर जमा/रेगुलेटर के लिए 1600 रुपये की सहायता और मुफ्त पहला रिफिल एवं चूल्हा मिलता है। रिफिल पर सब्सिडी 300 रुपये प्रति सिलेंडर मिलती है। साल में नौ सिलिंडर इस योजना के तहत सब्सिडी पर दिए जाते हैं। इसका फायदा कालाबाजारियों द्वारा उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। तमाम शहरों में लग रही कतारें भोपाल, इंदौर, जबलपुर में भी उज्ज्वला गैस सिलिंडरों की बुकिंग कराने के मामले बढ़े हैं। प्रदेश के छोटे शहरों-कस्बों पर गैस एजेंसियों के सामने भीड़ बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की नौबत भी आई। विंध्य-महाकोशल के जिलों में एजेंसियों पर अफरा-तफरी की स्थिति है। शहडोल में शुक्रवार को कलेक्टर बंगला से ठीक 100 कदम की दूरी पर स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लाइन लगाकर लोग खड़े नजर आए। एजेंसी के सामने सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इंडक्शन की बिक्री तेजी से बढ़ी इंदौर में घरेलू इंडक्शन, इलेक्ट्रिक चूल्हा की मांग बढ़ गई है। इंडक्शन निर्माताओं को भी इतनी मांग का अंदाजा नहीं था। ऐसे में बाजार की मांग को इंडक्शन निर्माता पूरा नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में जो बिक्री महीने भर में होती थी, वह अब दो-तीन दिन में हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायी भी कमर्शियल इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं। इंडक्शन के साथ ही राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर फ्रायर की भी मांग बढ़ी है। होटल व रेस्टोरेंट में पांच-छह किलोवाट इंडक्शन की मांग घरेलू उपयोग वाले इंडक्शन की क्षमता डेढ़ से दो किलोवाट की होती है। होटल व रेस्टोरेंट में 25 से 30 किलो की खाद्य सामग्री एक बार में तैयार की जाती है। ऐसे में यहां पर पांच से छह किलोवाट के कमर्शियल इंडक्शन की मांग बढ़ी है। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण फूड स्ट्रीट हब के संचालक गैस सिलिंडर के विकल्प के रूप इंडक्शन की तलाश में जुटे है।  

अमेरिका की दोहरी नीति: पहले आंख दिखाई, अब भारत से रूसी तेल खरीदने की अपील; ईरान का कड़ा जवाब

नई दिल्ली ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को रूसी तेल पर अमेरिकी रुख की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब भारत सहित दुनिया भर के देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है, जबकि पहले अमेरिका ने ही इस तरह के आयात को रोकने के लिए कई देशों पर भारी दबाव डाला था। 'एक्स' पर अमेरिका को घेरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए अराघची ने लिखा- अमेरिका ने भारत को रूस से तेल आयात बंद करने के लिए धमकाने में महीनों लगा दिए। लेकिन ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्ध के बाद, अब वाइट हाउस भारत सहित पूरी दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है। यूरोपीय देशों की भी की कड़ी आलोचना ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन करने के लिए यूरोपीय देशों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यूरोपीय देशों को लगा था कि इसके बदले में उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिलेगा। अराघची ने तंज कसते हुए कहा- यूरोप ने सोचा कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन मिल जाएगा। यह बहुत ही दयनीय है। भारत के जहाजों को ईरान ने दी सुरक्षित निकासी एक तरफ जहां पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष जारी है, वहीं इस बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय झंडे वाले तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) वाहक जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले चार सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के शिपिंग डेटा का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने यह भी बताया कि सऊदी अरब का तेल ले जाने वाले एक कच्चे तेल के टैंकर के शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज 1 मार्च के आसपास हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही गुजरा था। 'भारत हमारा मित्र है, हमारी नियति एक है' इससे पहले, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तेहरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने इसके पीछे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और साझा हितों का हवाला दिया था। जब फथली से पूछा गया कि क्या वैश्विक ऊर्जा व्यापार के इस सबसे महत्वपूर्ण मार्ग से ईरान भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने देगा, तो उन्होंने जवाब दिया: हां। क्योंकि भारत और हम दोस्त हैं। हम मानते हैं कि ईरान और भारत मित्र हैं। हमारे समान हित हैं; हमारी एक साझा नियति है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत आपसी संबंधों पर जोर देते हुए आगे कहा- भारत के लोगों की पीड़ा हमारी पीड़ा है और इसके विपरीत हमारी पीड़ा उनकी है। इसी कारण से भारत सरकार हमारी मदद करती है, और हमें भी भारत सरकार की मदद करनी चाहिए क्योंकि हमारा भाग्य और हित एक समान हैं।

LPG सिलेंडर की कमी से संसद कैंटीन में चाय और कॉफी नहीं मिल रही!

नई दिल्ली देशभर में रसोई गैस की किल्लत की शिकायतों के बीच सरकार ने साफ किया है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है. लोगों को परेशानी की असल वजह कालाबाजारी है. सरकार ने इसके साथ ही इन कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है. सरकार का दावा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं और कई शहरों में लोग सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकार का यह भी दावा है कि देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है और करीब एक लाख पेट्रोल पंपों में कहीं से भी ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं मिली है. साथ ही पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई भी सामान्य बताई जा रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि घरों, अस्पतालों और जरूरी संस्थानों को एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा नेताओं ने एलपीजी संकट को अफवाह करार देते हुए विपक्ष पर जनता में घबराहट फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस की कमी से लोग परेशान हैं और सरकार को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए. विपक्षी दलों का दावा है कि जमीनी हकीकत इससे अलग है. कई शहरों में लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि देश के कई शहरों में गैस जैसे ‘गायब’ हो गई है और लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।  नोएडा में 14 गैस एजेंसियों पर रेड, कालाबाजारी के नहीं मिले सबूत, लेकिन लोग परेशान गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है. प्रशासन का दावा है कि फिलहाल जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जो माहौल बनाया जा रहा है, वह महज अफवाह है. हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है, जहां गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ सिलेंडर के लिए तरस रही है। जिलाधिकारी मेघा रूपम के निर्देशन में गठित चार संयुक्त टीमें लगातार अलग-अलग गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर रही हैं. इन टीमों में खाद्य और रसद विभाग, नापतोल विभाग और संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं. शुक्रवार को तहसील दादरी क्षेत्र के अंतर्गत 14 गैस एजेंसियों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि इन एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पाया गया और कालाबाजारी के कोई सबूत नहीं मिले. जनपद में कुल 65 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की 13, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की 26-26 एजेंसियां शामिल हैं। 'संसद की कैंटीन में भी नहीं मिल रही चाय-कॉफी' LPG सिलेंडर की किल्लत पर कांग्रेस सांसद का दावा LPG सिलेंडर की किल्लत की खबरों पर कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि कमी है… मैं रोज़ा रख रहा हूं, लेकिन कल संसद में चर्चा चल रही थी कि जब सांसदों ने संसद कैंटीन में चाय या कॉफ़ी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि यह उपलब्ध नहीं है. और फिर भी, आप दावा करते हैं कि घबराने की कोई बात नहीं है. कालाबाज़ारी की खबरें आ रही हैं, जिसमें कीमतें 1,500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक मांगी जा रही हैं… 1483 जगहों पर रेड, 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार… यूपी में एलपीजी की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ एक्शन उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाते हुए 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई. इस दौरान कालाबाजारी और अनियमितताओं के मामलों में 24 एफआईआर दर्ज की गईं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 19 अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की जमाखोरी या अवैध बिक्री को रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं, जहां से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की निगरानी की जा रही है. सरकार का कहना है कि आम नागरिकों को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की कालाबाजारी को सख्ती से रोका जाएगा। पटना में एलपीजी की कालाबाजी पर सख्त एक्शन, 4 एफआईआर दर्ज बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी की सुचारू आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है. अब तक एलपीजी नियमों के उल्लंघन के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से तीन एफआईआर बाढ़ उपमंडल में और एक दानापुर उपमंडल में दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में रेस्तरां और कैफे संचालकों के खिलाफ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल करने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों का इस्तेमाल करना मौजूदा नियमों का उल्लंघन है. दानापुर में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रशासन उपभोक्ताओं के हित में घरेलू एलपीजी की पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, जिला स्तरीय अधिकारियों, उप-मंडल अधिकारियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को एलपीजी डीलरों और वितरकों के ठिकानों पर नियमित निरीक्षण और छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी उपभोक्ताओं और आम जनता से भी प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहे हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें और दोषियों को गिरफ्तार करें. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी … Read more

अमेरिकी दूतावास पर बगदाद में हेलीपैड पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

बगदाद इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन ज़ोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला हुआ है. इराकी अधिकारियों के अनुसार, दूतावास परिसर के भीतर मौजूद हेलीपैड को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई है. हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है. अमेरिकी दूतावास में लगे रडार सिस्टम को एक आत्मघाती ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से धुएं का गुबार उठता साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि, अभी तक दूतावास के भीतर किसी के हताहत होने या सटीक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी पक्ष से नहीं की गई है. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में 'इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस' ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों पर भारी इनाम की घोषणा की थी और एक अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया था। माना जा रहा है कि यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है. दूतावास पर हमला सीधे तौर पर वाशिंगटन को दी गई एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास सबसे सुरक्षित राजनयिक परिसरों में से एक माना जाता है. इसके बावजूद मिसाइल का हेलिपैड तक पहुंचना सुरक्षा में एक बड़ी सेंध मानी जा रही है। ईरान को घुटनों पर लाने का ट्रंप कार्ड?  फारस की खाड़ी के शांत दिखने वाले नीले पानी के बीच एक छोटा सा द्वीप है – खार्ग आइलैंड. आकार में यह इतना छोटा है कि पहली नजर में इसे मैप पर ढूंढना भी मुश्किल लगता है. लेकिन आज यही छोटा सा द्वीप वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और सैन्य रणनीति के केंद्र में आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐलान किया कि अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर बड़ा सैन्य हमला किया है. ट्रंप के मुताबिक यह हमला "मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक" था, जिसमें द्वीप पर मौजूद लगभग सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस द्वीप को ईरानी शासन का "क्राउन ज्वेल" यानी सबसे कीमती संपत्ति बताया. उन्होंने यह भी कहा कि हमले के दौरान जानबूझकर तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को बाधित करने के आरोप लग रहे हैं. यही वजह है कि अचानक खार्ग आइलैंड अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है.खार्ग आइलैंड आकार में सिर्फ 20 वर्ग किलोमीटर का है. इसकी चौड़ाई करीब 3 मील और लंबाई लगभग 7 मील है. यह ईरान के बुशेहर प्रांत के तट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है. द्वीप की आबादी बहुत बड़ी नहीं है. यहां लगभग 3,000 से 5,000 लोग रहते हैं. इनमें स्थानीय मछुआरों के परिवार, ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी के कर्मचारी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के सैनिक शामिल हैं।  

छत्तीसगढ़ के सरकारी महाविद्यालयों में 700 नए पदों पर भर्ती की शुरुआत

छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्ति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।