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यू-टर्न की खबर: अमेरिका पीछे हटा, ईरान की चेतावनी के बीच होर्मुज में टैंकरों की गति पर असर

वाशिंगटन मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक तेल बाजार में अचानक हलचल मचा दी. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया है, ताकि दुनिया तक तेल की आपूर्ति जारी रह सके. लेकिन यह दावा ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया. कुछ ही मिनटों बाद यह पोस्ट हटा दी गई और व्हाइट हाउस को आगे आकर सफाई देनी पड़ी। क्रिस राइट ने अपने पोस्ट में लिखा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान भी वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने सफलतापूर्वक एक तेल टैंकर को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की, ताकि वैश्विक बाजारों तक तेल की आपूर्ति बनी रहे। हालांकि, यह जानकारी सामने आते ही तेल बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ ही देर में कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया. इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना एक विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन अभी ऐसा कोई मिशन नहीं चल रहा है। अमेरिकी मंत्री के दावे को IRGC ने नकारा इस मामले पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने भी प्रतिक्रिया दी थी. ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के दावे को पूरी तरह गलत बताया. उनका कहना था कि कोई भी अमेरिकी नौसैनिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास आने की हिम्मत तक नहीं कर पाया. बाद में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि ऊर्जा मंत्री के एक्स अकाउंट से जो वीडियो पोस्ट किया गया था, उसे विभाग के कर्मचारियों ने गलत कैप्शन के साथ साझा कर दिया था, इसलिए उसे हटा दिया गया। यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक बाजार पहले से ही बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है. यहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी की सप्लाई गुजरती है। ऑयल टैंकर पर हमले, शिपिंग कंपनियों ने बंद की सर्विस हाल ही में यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और अन्य एजेंसियों के आंकड़ों में भी चिंता जताई गई है. 1 से 10 मार्च के बीच कम से कम 10 तेल टैंकरों पर हमले या हमले की कोशिशें दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं के बाद कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. इसके कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल का भंडार बढ़ने लगा है. कई तेल उत्पादक देशों को मजबूर होकर उत्पादन कम करना पड़ा है. सऊदी अरब, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देश रोजाना लाखों बैरल कम तेल निकाल रहे हैं। अगर बंद रहा होर्मुज स्ट्रेट तो वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्दी बहाल नहीं हुई, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और ज्यादा पड़ सकता है. हालांकि, ईरान ने साफ संकेत दिया है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, तब तक फारस की खाड़ी से तेल निर्यात सामान्य नहीं होने दिया जाएगा। युद्ध से पहले हर दिन औसतन करीब 138 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है. इसी बीच ट्रंप प्रशासन वैश्विक बाजार को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को बीमा सुरक्षा देने और जरूरत पड़ने पर नौसेना से टैंकरों को एस्कॉर्ट करने का प्रस्ताव दिया है. इसके बावजूद तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। JPMorgan Chase के कमोडिटी विश्लेषकों ने मंगलवार को कहा, जब तक Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक ऐसे नीतिगत फैसलों का तेल की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं होगा। युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया. सोमवार को कीमतें करीब 30 फीसदी बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट आई, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. लेकिन इसके अगले ही दिन अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के अंदर अब तक के सबसे आक्रामक हमले किए जाएंगे, जिससे बाजार में फिर अनिश्चितता बढ़ गई।

रचना टॉवर में सौंदर्यीकरण होगा, मंत्री सारंग ने दिया हरी झंडी, पार्क और जिम भी बनेगा

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने किया रचना टॉवर का दौरा  रचना टॉवर परिसर में होगा सौंदर्यीकरण, पार्क, ओपन जिम और पोल लाइट लगाने के निर्देश भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत स्थित रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। नागरिकों द्वारा क्षेत्र में बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण की मांग को ध्यान में रखते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के समक्ष स्थित पेविंग के समीप सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए यहां पार्क का विकास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि पार्क के साथ ही यहां ओपन जिम की भी व्यवस्था की जाए, जिससे क्षेत्र के नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम क्षेत्र की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। मंत्री  सारंग ने क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रचना टॉवर के समक्ष पोल लाइट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रचना टॉवर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से कार्य प्रारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। नागरिकों ने क्षेत्र के विकास के लिए मंत्री  सारंग का आभार व्यक्त किया। 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ ने किया देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई रायपुर महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। महिला एवं बाल विकास  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

LPG आपूर्ति पर संकट: मध्य प्रदेश में सिलेंडर स्टॉक घटा, लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी

भोपाल  ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हो रही है। केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। प्रदेश के डीलर्स के पास कमर्शियल सिलेंडर का करीब दो दिन का ही स्टॉक बचा है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से प्रदेश के करीब 15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कमर्शियल संस्थानों के साथ बैठक कर गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।  घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सरकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 90 लाख के आसपास है, जिनमें से करीब 92 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। वहीं, बाकी आठ प्रतिशत यानी करीब 15 लाख कमर्शियल उपभोक्ता हैं।  उद्योग हो सकते हैं प्रभावित  कमर्शियल उपयोग की बात करें तो प्रदेश में एलपीजी का केवल 5 से 7 प्रतिशत उपयोग कमर्शियल क्षेत्र में होता है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए करीब दो से तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, ऑयल कंपनियों के पास औसतन 6 से 7 दिन का स्टॉक रहता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होटल, रेस्टारेंट और उद्योगों को दूसरे विकल्पों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। इसमें सबसे अधिक उद्योगों के प्रभावित होने की बात सामने आर ही है।  शादी-समारोहों पर असर पड़ना तय  कमर्शियल गैस की सीमित उपलब्धता का असर होटल व्यवसाय और शादी-समारोहों की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल में सिलेंडर बुक कर सकते थे, अब बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसके साथ ही एक उपभोक्ता को एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।   कलेक्टरों को दिए गए निर्देश सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएं और गैस का विवेकपूर्ण व सीमित उपयोग सुनिश्चित कराएं। आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया है। वहीं, अस्पताल और शैक्षणिक सेवाओं के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की काला बाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक  वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक हैं। इसके अलावा सप्लाई जारी है। वहीं, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बता दें मध्य प्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। मुख्यमंत्री ने बनाई समन्वय समिति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश के बीच समन्वय के लिए मंत्रिगण की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति तय करेगी। 

ओम बिरला पर विपक्ष का तंज: शेरो-शायरी के जरिए साधा निशाना

नई दिल्ली संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान बुधवार को लोकसभा में जबरदस्त हंगामा होने के पूरे आसार है। सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा में हिस्सा लेंगे। इससे पहले मंगलवार को दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। विपक्ष ने जहां ओम बिरला पर सरकार की आवाज बनने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कहा है कि ओम बिरला ने कभी पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं किया। हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्रवाई बुधवार तक के लिए स्थापित कर दी गई थी। ओम बिरला को पद से हटाने पर तुला विपक्ष, चाहिए होंगे कितने वोट? बता दें कि ओम बिरला के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव बीते फरवरी माह में ही लाया गया था जिस पर लगभग 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। इस प्रस्ताव पर बहस के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है, जिसके बाद इस पर सांसदों के मत लिए जाएंगे। प्रस्ताव पास कराने के लिए विपक्ष को सिंपल मेजोरिटी यानि साधारण बहुमत की आवश्यकता है। तू लाख बेवफा है मगर सर उठा के चल… TMC सांसद का शायराना अंदाज टीएमसी संसद सयानी घोष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार सदन में बेरोजगारी, एपस्टीन फाइल्स, SIR जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देती है। वहीं ओम बिरला के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें खेद हैं कि वह पहली बार सांसद बनी हैं लेकिन उन्हें ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करता पड़ा है। इस दौरान उनका शायराना अंदाज देखने भी को मिला। उन्होंने अपना वक्तव्य खत्म करते हुए कहा, "तू लाख बेवफा है मगर सर उठा के चल, दिल रो पड़ेगा तुझको पशेमां देखकर।" किसी नेता के अहंकार की संतुष्टि के लिए लाया गया है प्रस्ताव- रविशंकर प्रसाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाया गया प्रस्ताव उनके खिलाफ अविश्वास के लिए नहीं, बल्कि 'किसी' के अहंकार की संतुष्टि के लिए लाया गया है। विपक्ष द्वारा बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए प्रसाद ने कहा, ''लोकसभा अध्यक्ष के पद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को किसी के अहंकार की संतुष्टि का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।'' प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह प्रस्ताव बिरला के खिलाफ अविश्वास के लिए नहीं, बल्कि किसी के अहं की संतुष्टि के लिए लाया गया है।'' कांग्रेस ने ओम मोदी की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने लोकसभा में पीएम मोदी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। अपना नाम लिए जाने पर भड़के राहुल गांधी लोकसभा में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष द्वारा बार बार अपना नाम लिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भड़क उठे। उन्होंने कहा है कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया गया। और बार बार मेरा नाम लिया जा रहा है।

राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान पारित

पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगे पारित पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि  पर्यटन विभाग के अंर्तगत तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन हेतु 100 करोड़, शक्तिपीठ भ्रमण योजना हेतु 5 करोड़, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान  मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना हेतु 3 करोड़ रूपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण मे 75 प्रतिशत तक सब्सिडी  पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों हेतु अनुदान मद के अंर्तगत 100 करोड़ रूपए का प्रावधान  रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रूपए का प्रावधान शक्तिपीठ परियोजना के अंर्तगत छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को विकसित किए जाने हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान सिरपुर एकीकृत विकास योजना हेतु 10 करोड़ रूपए का प्रावधान, सिरपुर को हेरिटेज स्थल के रूप मंे किया जाएगा विकसित राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन का किया जाएगा निर्माण सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन पर विशेष जोर मंदिरों के जीर्णाेद्धार और प्रमुख मेलों के आयोजन को मिलेगा प्रोत्साहन रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों को सदन में पारित किया गया। विभागीय मंत्री  राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद इन विभागों के लिए कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं, इसमेें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रूपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रूपए तथा धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  सदन में बजट भाषण के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी विरासत से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों को समन्वित रूप से विकसित कर छत्तीसगढ़ को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन विभागों के बजट में पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन विभाग मंत्री  अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 344 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के माध्यम से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किटों और पर्यटक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। इसके लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, ब्रांडिंग, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए  रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 44 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क दर्शन कराया जा चुका है और इसके लिए इस वर्ष 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के माध्यम से राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी जाएगी। इस योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   अग्रवाल ने कहा कि राज्य में साहसिक पर्यटन और जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जलाशयों और प्राकृतिक स्थलों पर जल क्रीड़ा तथा एडवेंचर गतिविधियों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  अग्रवाल ने जानकारी दी कि पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास  कार्यों हेतु  100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, इसके अंर्तगत भोरमदेव कॉरिडोर का विकास, मयाली-बगीचा के विकास के अंर्तगत जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़ के निकट स्थित मयाली मंे पर्यटक रिसॉर्ट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। उन्होेंने आगे कहा कि नया रायपुर मंे चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेेंटर का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर एवं सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में बस्तर टूरिज्म सर्किट एवं जशपुर टूरिज्म सर्किट के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का स्वरूप और अधिक निखरकर सामने आएगा।  मंत्री  अग्रवाल ने आगे कहा कि पर्यटन प्रोत्साहन अनुदान मद में 5 करोड़ की वृद्धि कर 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंर्तगत बस्तर, सरगुजा एवं अन्य संभावित पर्यटन क्षेत्रों मंे पर्यटकों के लिए होमस्टे सुविधा एवं सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के आर्थिक विकास एवं पर्यटन के विकास के लिए निजी निवेशकों एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। शक्तिपीठ परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को उत्तराखंड की चारधाम परियोजना की तर्ज पर विकसित करने और जोड़ने का कार्य किया जाना है। इस हेतु बजट मंे 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सिरपुर को बुद्धिष्ट थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप मंे विकसित किया जाएगा, इसके लिए सिरपुर विकास योजना केे तहत 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजनांर्तगत आईआरसीटीसी के माध्यम से 75 प्रतिशत सब्सिडी मंे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलांे का भ्रमण कराया जाएगा। इस हेतु बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में राजधानी रायपुर से जगदलपुर एवं बारनवापारा-सिरपुर टूर तैयार किया जा रहा है।  पर्यटन विभाग के अंर्तगत नया रायपुर स्थित भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान हेतु 4 करोड़ रूपए, स्टेट टूरिज्म अवार्ड हेतु 5 लाख रूपए एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं ब्राडिंग हेतु मेला, उत्सव, प्रर्दशनी अनुदान मद मंे 8.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट तथा स्टेक होल्डर्स से संपर्क कर उन्हें छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए कार्य किए जाने हेतु प्रोत्साहित करने प्रमुख 10 शहरों में रोड शो और बिजनेस मीटिंग का अयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।  संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  अग्रवाल ने बताया कि संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 98 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया … Read more

12 दिन में संघर्ष तेज, ईरान ने अमेरिकी सैनिकों पर हमला कर दिखाया कॉन्फिडेंस, हॉर्मुज पर कब्ज़ा

तेहरान ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया. रात भर पूरे पश्चिम एशिया में हवाई हमले के सायरन, मिसाइल लॉन्च और नए हमलों की खबरें सामने आईं. इजरायल और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले जारी रखे, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों को निशाना बनाया. हालांकि अब इन हमलों से ज्यादा बड़ा मुद्दा स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज बना हुआ है, जिसने बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है।  ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने अपने सैन्य अभियान की 35वीं लहर शुरू कर दी है. इसमें मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के मध्य हिस्सों को निशाना बनाया गया. वहीं इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े कई ठिकानों पर एक और बड़ा हमला किया है. उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का ईरान के लोगों को सीधा संदेश यह आपके लिए जीवन में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है जिससे आप अयातुल्लाहशासन को हटाकर अपनी स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं. अयातुल्ला अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं जानता हूं कि आप नहीं चाहते कि उनकी जगह कोई दूसरा तानाशाह आ जाए।  स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ा तनाव, बड़ी मुसीबत अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया, जिनमें बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज भी शामिल थे. हॉर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है क्योंकि यहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई गुजरती है. रिपोर्टों के मुताबिक ईरान इस जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसके बलों ने इस अहम तेल मार्ग के पास इन जहाजों को निशाना बनाया।  1300 से ज्यादा की हो चुकी है मौत संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका और इजराइल के हमलों में 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है. रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में मिले मिसाइल के अवशेष अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के हो सकते हैं. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि ईरान के हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है।  बढ़ रहा है संघर्ष का दायरा     इस युद्ध का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है. लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया इलाके में इजरायल ने हवाई हमले किए, जो ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को हुए हमलों में कम से कम 95 लोगों की मौत हुई. वहीं हिज्बुल्लाह ने उसी दिन इजरायल पर 30 हमले करने का दावा किया।      खाड़ी देशों में भी हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए. बहरीन ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसने 106 मिसाइल और 176 ड्रोन मार गिराए हैं. कतर ने सात मिसाइल हमलों की पुष्टि की जबकि कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में पांच ड्रोन घुसने की जानकारी दी।      सऊदी अरब ने चार ड्रोन और 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया. वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसके खिलाफ 1,475 ड्रोन और 260 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. इससे साफ है कि यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेता जा रहा है।  इजरायल ने रात में किया हमला, ईरान ने सुबह-सुबह दिया धुआंधार जवाब मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने तेहरान में हमलों की दूसरी लहर शुरू की. इजरायली सेना ने बताया कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हवाई हमले किए. बुधवार सुबह ईरान की ओर से ने कहा कि तेहरान के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया गया. वहीं लेबनान में इजरायली हमले के दौरान रेड क्रॉस की एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ, जिसमें एक पैरामेडिक की मौत हो गई. दूसरी ओर ईरान की सेना ने दावा किया कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे तेज और भारी ऑपरेशन शुरू किया है. सरकारी मीडिया के अनुसार इस हमले में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान की 175 बच्चियों का हत्यारा कौन? ट्रंप की सेक्रेटरी ने क्या कहा व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक स्कूल पर हमले के मामले में क्यों कहा कि ईरान के पास टॉमहॉक मिसाइल हो सकती है, जबकि ये मिसाइलें केवल अमेरिका और उसके तीन सहयोगी देशों के पास हैं. इस पर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने जवाब दिया कि राष्ट्रपति को अमेरिकी जनता के सामने अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है और इस पर जांच चल रही है. ईरान ने दागीं सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइलें, 7 को मार गिराया गया ईरान के साथ चल रहे युद्ध के 12वें दिन सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये मिसाइलें देश के विभिन्न इलाकों की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया. मंत्रालय ने बताया कि सऊदी सेना लगातार हाई अलर्ट पर है और किसी भी हमले से निपटने के लिए तैयार है. हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं.  ईरान ने इजरायल में मचाई है भारी तबाही, दिखा नहीं रहे नेतन्याहू: अरागची ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वे दुनिया से सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. अरागची ने दावा किया कि ईरान की शक्तिशाली सेना इजरायल के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, जिसे नेतन्याहू नहीं चाहते कि लोग देखें. उन्होंने दावा किया कि जमीन पर … Read more

106 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

रायपुर  भारत में नक्सलवाद को खत्म करने की कोशिश में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में कुल 106 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर कुल 3.95 करोड़ रुपए का इनाम था। इन सभी नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे। बीजापुर के 37, नारायणपुर के 4, बस्तर के 16, कांकेर से 3 और सुकमा से 18, दंतेवाड़ा से 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी के सिर पर कुल लगभग 4 करोड़ रुपए का इनाम था और ये नक्सली अलग-अलग रैंक पर तैनात थे।  छत्तीसगढ़ में 3.95 करोड़ रुपये के इनामी 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा के 67 नक्सली भी शामिल हैं। रैंक की बात करें तो बीजापुर में डीवीसीएम रैंक के तहत दो नक्सली, पीपीसीएम रैंक में 4, एसीएम में 9 और पीएम रैंक वाले 22 नक्सलियो ने सरेंडर किया है। कुल 37 नक्सलियों पर 106 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। नारायणपुर में डीवीसीएम रैंक के तहत एक नक्सली, सीवाईपीसीएम का एक, पीपीसीएम का एक और पीएम रैंक वाले दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  बस्तर में डीवीसीएम रैंक का 1, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक वाले सात नक्सलियों ने सरेंडर किया है। कुल 16 नक्सलियों पर 99 लाख रुपये का इनाम है। कांकेर में डीवीसीएम रैंक का एक, एसीएम और पीएम रैंक में एक एक नक्सली ने सरेंडर किया है। कुल तीन नक्सलियों पर 14 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  सुकमा में सीवाईपीसीएम रैंक वाले दो, पीपीसीएम रैंक में छह, एसीएम में पांच पीएम रैंक में 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर 85 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। दंतेवाड़ा में डीवीसीएम का एक, पीपीसीएम में दो, एसीएम में पांच और पीएम रैंक में 22 नक्सलियों का सरेंडर हुआ है। इन पर 69 लाख रुपये का इनाम था।  क्या है सरकार का लक्ष्य बता दें कि भारत सरकार ने साल 2026 में देश से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान पिछले कुछ महीनों सैकड़ों नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया और इस दौरान हजारों नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। सरेंडर करने की इसी कड़ी में बुधवार को 106 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया।  

जंग के माहौल में सोना-चांदी सस्ता, MCX पर गोल्ड फिसलकर ₹1.63 लाख के नीचे

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान "बहुत जल्द" समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

अयोध्या में गैस संकट गहराया, ‘राम रसोई’ पर ताला, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित

  अयोध्या   ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने अयोध्या में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित कर दी है, जिससे स्थानीय मठ-मंदिरों की सामूहिक रसोइयां और प्रसाद निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अमावा मंदिर प्रशासन ने गैस उपलब्ध न होने के कारण प्रतिदिन 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराने वाली ‘श्रीराम रसोई’ को फिलहाल स्थगित कर दिया है. हनुमानगढ़ी के करीब 150 दुकानदारों के सामने लड्डू बनाने का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि कारखानों में उत्पादन बंद है. यह स्थिति गैस की कमी के कारण पैदा हुई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार और श्रद्धालुओं की भोजन व्यवस्था चरमरा गई है।  राम रसोई पर लटका नोटिस राम मंदिर के पास स्थित अमावा मंदिर की ‘श्रीराम रसोई’ के बाहर प्रशासन ने सूचना चस्पा कर दी है. मंदिर के मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय युद्ध के तनाव से देश में पैदा हुए गैस संकट के कारण रसोई को समय से पहले बंद करना पड़ा है. अब यह सेवा तभी दोबारा शुरू हो पाएगी जब गैस की आपूर्ति सामान्य होगी. इस फैसले से दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलना बंद हो गया है, जो एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है।  हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर संकट संकट की आंच सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी तक भी पहुंच गई है. प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता ने बताया कि गैस न मिलने से लड्डू का उत्पादन लगभग ठप है और केवल पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा है. यहां हर दुकानदार रोजाना 30 से 40 किलो लड्डू तैयार करता है, लेकिन अब बजरंगबली के भोग की व्यवस्था प्रभावित होने का डर सता रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण यदि यही स्थिति रही, तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग पूरी तरह बंद हो सकता है।  बेपटरी होता पर्यटन और कारोबार गैस किल्लत का सीधा असर अयोध्या के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी पड़ा है. रेस्टोरेंट संचालक अमित के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और घरेलू बुकिंग भी प्रभावित है. स्थानीय व्यापारियों और संतों का मानना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो लागत बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भोजन के लिए भटकना पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय तनाव की यह आंच अब आम लोगों की रसोई से लेकर अयोध्या की सेवा परंपरा तक महसूस की जा रही है।