samacharsecretary.com

सहकारिता में मजबूती लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देंगे नई गति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार इसे और अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनायेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक व्यवस्था ही नहीं, यह समाज के सामूहिक उत्थान का प्राचीन और बड़ा माध्यम है। हम इसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि हम सहकारी मॉडल का समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे आमजन को इसका वास्तविक और अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक और विपणन जैसी सुविधाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई योजनाओं के जरिए युवाओं और किसानों को जोड़कर सहकारिता को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर इन्हें अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के साथ ही इनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नवाचार, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है। हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सहकारिता विभाग के सहयोग से हम किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जनजातीय अंचलों के विकास सहित ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को भी गति दे रहे हैं। सहकारिता की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार से लगातार कर रहे समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सहकारिता को नई दिशा देने के लिए हमारी सरकार केंद्र सरकार से लगातार समन्वय कर रही है। हमने प्रदेश के 4 हज़ार 536 से अधिक पैक्स का सफलतापूर्वक कंप्यूटराइजेशन पूरा करा लिया है। इन सभी पैक्स की जानकारी केन्द्र सरकार की अपेक्षानुसार एनसीडी पोर्टल पर अद्यतन भी कर दी गई है। दूध (श्वेत) क्रांति 2.0 को प्रभावी एवं सफल बनाने तथा वित्तीय समावेशन के लिए दुग्ध समितियों एवं सदस्यों के खाते जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में खोले गये हैं। अन्य संस्थाओं को भी सहकारी बैंकों में लेन-देन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीसीएसएसएल) तथा मप्र राज्य सहकारी बीज संघ के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इससे करीब 17 करोड़ रुपए का व्यवसाय हुआ और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त कर ली गई है। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (एनसीओएल) तथा मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के मध्य भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। करीब 1335 पैक्स द्वारा इसकी सदस्यता ले ली गयी है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) और मप्र राज्य सहकारी संघ के साथ भी एक पृथक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हो गया है। इसमें अबतक 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता ले ली गयी है।  

चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, समाज की एकता और संगठन शक्ति की सराहना

रायपुर संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत  तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  अजय चंद्राकर, विधायक  ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक  विनोद चंद्राकर,  लालबहादुर चंद्रवंशी,  पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

इंडिया गठबंधन बैठक से पहले ममता की दिल्ली में सियासी सक्रियता तेज

पश्चिम बंगाल बंगाल का चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का किला ध्वस्त हो चुका है। ममता ने न सिर्फ सत्ता गंवाई, बल्कि उनकी पार्टी, टीएमसी में भगदड़ मची हुई है। घर को बिखरता देख अब दीदी को इंडिया गठबंधन की याद सताने लगी हैं। वह दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने पहुंच रही हैं। बता दें कि एक वक्त था जब ममता ने इंडिया गठबंधन को दरकिनार किया था। लेकिन बदलते हालात में अपनी साख बचाने के लिए ममता बनर्जी अब फिर से इंडिया गठबंधन का सहारा लेती नजर आ सकती हैं। जानकारों के मुताबिक इस बैठक के जरिए ममता बनर्जी न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं, बल्कि अपनी पार्टी के अंदर भी अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती हैं अभिषेक पहले ही पहुंच चुके गौरतलब है कि विपक्ष की बैठक 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली है। इस बैठक में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के पहुंचने का अनुमान है। ममता बनर्जी के रविवार को दिल्ली पहुंचने और मंगलवार तक यहां रुकने का अनुमान है। वहीं, अभिषेक बनर्जी पहले ही राजधानी में पहुंच चुके हैं। ममता की दिल्ली यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब वह अपनी पार्टी के लिए रिकवरी का रास्ता तैयार कर रही हैं। बता दें कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने 15 साल पुरानी सत्ता गंवा दी है। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त देकर बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है। सोनिया से कर सकती हैं मुलाकात बताया जाता है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ को मजबूत बनाना चाहती हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से यह बात कही है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली यात्रा के दौरान ममता सोनिया गांधी से मुलाकात के मौके भी तलाशेंगी। हालांकि गांधी परिवार की तरफ से इसको लेकर पुष्टि नहीं की गई है। असल में पिछले कुछ वक्त में टीएमसी और कांग्रेस के बीच रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा दरार तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व के फैसले को लेकर आई थी। पुराने बयान भारी न पड़ जाएं बंगाल के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहाकि जब ममता जीत रही थीं तो वह जो भी मन में आता था कांग्रेस के लिए बोल देती थीं। उन्होंने राहुल गांधी की भी आलोचना की और कांग्रेस नेतृत्व से इंडिया गठबंधन का नेतृत्व छीनने की भी कोशिश की। अब उनका खराब समय आया है तो कांग्रेस उनका साथ तो नहीं छोड़ेगी, लेकिन हम करीबी दोस्तों की तरह भी नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव किए हैं। इस बदलाव में अभिषेक बनर्जी तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं। लेकिन दो अन्य संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव के रूप में राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोना सेन को भी जोड़ा गया है। माना जा रहा है कि यह कदम डिसीजन मेकिंग का दायरा बढ़ाने और अभिषेक बनर्जी को लेकर बढ़ती आलोचना को देखते हुए उठाया गया है। आठ जून को है बैठक बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आठ जून को होगी। इसमें नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, चुनाव से जुड़े मुद्दों तथा संसद के मानसून सत्र के लिए साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस की पहल पर हो रही इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश बताया जा रहा है। बैठक सोमवार आठ जून को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। आम आदमी पार्टी पहले ही इंडिया गठबंधन से दूरी बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल बैठक के एजेंडे और इसकी तैयारियों को लेकर विभिन्न विपक्षी नेताओं से लगातार संपर्क में है। विपक्षी दल जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और संसद से लेकर सड़क तक संयुक्त संघर्ष की रणनीति पर सहमति बनाने का प्रयास कर सकते हैं।

जहां-जहां कृष्ण लीलाएं हुईं, वहां-वहां भव्य कृष्ण तीर्थ बना रही सरकार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मद्भागवत कथा का पुण्य-प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। भागवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और पूरे संसार का कल्याण होता है। इस कथा का श्रवण मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और सबके जीवन में सद्भाव एवं आत्मिक शांति का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म के मर्म एवं नैतिकता का भान कराती है। यह मनुष्य को उसके कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान कृष्ण के आदर्शों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भागवत गीता कथा एक पवित्र माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में एक से सात जून तक हुई मद्भागवत कथा के समापन समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कथा समापन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन में नाना प्रकार के कष्ट थे, परंतु उन्होंने अपने कष्टों से इतर कुशासन (कंस) का अंत किया। वे सदैव धर्म मार्ग पर बने रहे। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं से कहा कि वे गीता के संदेश को अपने जीवन में भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कीं, वहां-वहां हमारी सरकार भव्य कृष्ण तीर्थ बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव और धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य कृष्ण तीर्थ बनाया जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक एवं इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क बनाई जायेगी। यहां धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए भी राशि और गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली राखी में भी हमारी सरकार लाड़ली बहनों को शगुन के रूप में राशि भेजेगी, बुजुर्गों से कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को हमारी सरकार तीर्थ यात्रा करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सात दिवसीय भागवत् कथा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतजनों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध मद्भागवत कथावाचक  राकेश शर्मा 'शास्त्री',  मनोहर चौधरी,  लीलाधर पटेल,  जगदीश पटेल,  सुदामा पटेल,  सोहन पटेल,  कान्हा पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कथा समापन पर आयोजन समिति द्वारा भण्डारा भी कराया गया।  

गरियाबंद के सुपेबेड़ा को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, तेल नदी पर बनेगा एनीकट; मुख्यमंत्री साय ने मंजूर की राशि

गरियाबंद. किडनी पीड़ितों की वजह से चर्चित सुपेबेड़ा को आखिरकार साफ पानी नसीब होगा। सुशासन की समीक्षा में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेल नदी पर एनीकेट निर्माण के लिए 7 करोड़ की न केवल मंजूरी दिया, बल्कि इसके पेपर वर्क भी बारिश से पहले तैयार करने के निर्देश दिए। दरअसल, 2024 में भाजपा सरकार ने जलजीवन मिशन के तहत सामूहिक जलप्रदाय योजना के लिए 8 करोड़ की मंजूरी दी। योजना के तहत तेल नदी से इंटेक वेल के जरिए पानी ले जाकर सुपबेड़ा में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पानी साफ कर उसे 9 गांव के 2074 परिवार को आयरन फ्लोराइड रहित साफ पानी उपलब्ध कराना है। यह योजना लगभग बन कर तैयार है, लेकिन इसमें सबसे बड़ा रोड़ा निरंतर जल सप्लाई की थी, क्योंकि योजना सर्फेस वाटर पर निर्भर थी। अक्टूबर माह के बाद नदी सूख जाती है, ऐसे में तेलनदी में 12 माह जल स्थिर रखने की बड़ी चुनौती थी। दो साल पहले इंटेक वेल के ठीक नीचे 2 करोड़ लागत से डायफ्रॉम वाल खड़ा किया गया, पर वह पहली बारिश में धराशाई हो गया। जलप्रदाय योजना के लिए सपोर्ट सिस्टम की जरूरत थी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एनीकेट मंजूरी के लिए सीएम साय के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं।

विकास के एजेंडे के साथ नीति आयोग की बैठक में पहुंचेंगे CM मान, पंजाब की उपलब्धियों का करेंगे प्रस्तुतीकरण

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान 11 जून को होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पंजाब सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री मान बैठक के दौरान शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को प्रमुखता से उठाएंगे। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों का रुख किया है। बैठक में स्कूल आफ एक्सीलेंस की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूलों के विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता का भी उल्लेख किया जाएगा। नहरी पानी प्रयोजना का भी होगा जिक्र राज्य सरकार इन पहलुओं को शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत करने की तैयारी में है। कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करेंगे। सरकार का कहना है कि वर्षों से बंद या उपेक्षित पड़ी कई नहरों और जल वितरण प्रणालियों को दोबारा चालू किया गया है। इसके चलते खेती के लिए नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ी है और किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रगति हुई है। पंजाब सरकार इस पहल को जल संरक्षण और कृषि सुधारों से जोड़कर राष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी कर रही है। सेहत योजना सरकार की उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री मान हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करेंगे। इसके अलावा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए अन्य सुधारों की जानकारी भी बैठक में दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख कर सकते हैं। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को भी पंजाब सरकार की उपलब्धियों के रूप में रखा जाएगा। प्राथमिकताएं राष्ट्रीय स्तर पर होगी प्रस्तुत  गौरतलब है कि नीति आयोग की यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच विकास संबंधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बैठक में राज्यों के साथ पहले हुए विचार-विमर्श की समीक्षा किए जाने के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए नियमों को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री मान के लिए यह मंच पंजाब में किए गए कार्यों और सरकार की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर होगा।

काठमांडू ने भारत को बताया उभरती आर्थिक महाशक्ति, कनेक्टिविटी और डिजिटल पेमेंट पर चर्चा

नई दिल्ली  नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को भारत के साथ विकास-केंद्रित साझेदारी की बात कही। उन्होंने कहा कि काठमांडू एक "उभरते हुए भारत" के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है, जिसने खुद को एक बड़ी आर्थिक और तकनीकी ताकत के रूप में स्थापित किया है। भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए खनाल ने दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया और कहा कि यह रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं से कहीं आगे का है। 'हम एक नदियों के संतानें' खनाल ने कहा, "हम सिर्फ नक्शे पर पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि एक ही नदियों की संतानें हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के आपसी संबंधों के बारे में जनता की समझ बनाने में प्रेस अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, "हमारे जैसे जीवंत और विविधतापूर्ण लोकतंत्रों में मीडिया ही हमारी यात्राओं के नैरेटिव का मुख्य संरक्षक है।" मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाल का मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व पारंपरिक भू-राजनीतिक तनाव से आगे बढ़कर प्रगतिशील विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। 'हम उम्मीदों वाले भारत से जुड़ना चाहते हैं' खनाल ने कहा, "जब हम सीमा के उस पार देखते हैं, तो हमें भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर दिखाई देता है।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक ऐसे उभरते हुए भारत को देखते हैं जिसने वैश्विक मंच पर खुद को एक गतिशील, तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी और आर्थिक शक्ति के रूप में नई पहचान दी है। हम उम्मीदों, इनोवेशन और काम को अंजाम देने की क्षमता वाले इस भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं।" दिल्ली में अपनी उच्च-स्तरीय राजनयिक मुलाकातों का ब्योरा देते हुए खनाल ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत में नेपाल-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें व्यापार, सीमा-पार कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं।" 'आर्थिक बदलाव सबसे अहम' मंत्री ने फिर से कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों में आर्थिक बदलाव को सबसे अहम मानता है और पुराने भू-राजनीतिक टकरावों के नजरिए से दोनों देशों के रिश्तों को देखने की सोच को पूरी तरह खारिज करता है। दोनों देशों के बीच सहयोग में हाल की अहम उपलब्धियों का जिक्र करते हुए खनाल ने नेपाल की NCHL और भारत की NPCI के बीच हुए समझौते के तहत सीमा-पार डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस पहल से दोनों देशों के पेमेंट सिस्टम सफलतापूर्वक जुड़ जाएंगे और UPI-जैसे क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन संभव हो सकेंगे, जिससे सीमा के दोनों ओर के उद्यमियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को सीधे फायदा होगा। विकास के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाते हुए खनाल ने नेपाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की 72 परियोजनाओं और सांस्कृतिक क्षेत्र की पुनर्निर्माण से जुड़ी 12 परियोजनाओं को औपचारिक रूप से सौंपने की घोषणा की। ये परियोजनाएं 2015 के भूकंप के बाद भारत की मदद से पूरी की गई थीं।  

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परिणाम का रास्ता साफ, MP हाईकोर्ट से PSC को सशर्त अनुमति

जबलपुर. कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2024 का रिजल्ट जल्द आएगा। जबलपुर हाई कोर्ट से रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी गई है। कोर्ट ने पीएससी को सशर्त रिजल्ट जारी करने की मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीबंद लिफाफे में सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जा सके। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद निर्धारित की गई है। अनुभव के लिए 25 अंक पर उठाए सवाल एमपीपीएससी द्वारा 24 और 30 दिसंबर 2024 को कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें अनुभव के लिए 25 अंक निर्धारित थे। जिस पर छतरपुर के हरचंडी अहिरवार सहित अन्य कैंडिडेट्स ने सवाल उठाया था। उनका आरोप था कि उन्हें आरक्षण के लाभों से वंचित किया जा रहा है। याचिका लगाने पर इस परीक्षा के रिजल्ट पर रोक लगा दी गई। MPPSC ने रिजल्ट पर रोक हटाने की मांग की हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों की बेंच ने लिखित परीक्षा पास कर चुके कैंडिडेट्स के साक्षात्कार को 17 मार्च 2026 को अनुमति दी थी, लेकिन इसके परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। एमपीपीएससी की ओर से कोर्ट में आवेदन दिया गया। जिसमें उन्होंने रिजल्ट पर लगी रोक हटाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष दिए ये तर्क राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और एमपीपीएससी के अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने कोर्ट के समक्ष अपने तर्क दिए। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति जारी की।

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है : अरुण साव

जगदलपुर/रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

भारत के साथ रिश्तों पर नरम पड़ा नेपाल, सौहार्दपूर्ण समाधान की वकालत

नई दिल्ली सीमा विवाद को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की टिप्पणी के बाद अब नेपाल नरम पड़ता दिख रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की ताकत का लोहा मानते हुए कहा कि भारत एक बड़ी तकनीकी और आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए ही सीमा विवाद का हल चाहता है। भारत दौरे पर आए खनाल ने कहा, जब हम सीमा की ओर देखते हैं तो भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर नजर आता है। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर खुद को साबित किया है और अर्थव्यवस्था के मामले में मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि नेपाल की नई सरकार भारत को किसी भी मायने में विरोधी के तौर पर नहीं देखती है। भारत से चाहते हैं अच्छे संबंध खनाल ने कहा कि हम अब अतीत के मामलों के साथ बंधे नहीं रहना चाहते हैं बल्कि भारत के साथ परस्पर लाभकारी संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम भारत के साथ सीमा मुद्दे को 'खुले मन' से और द्विपक्षीय ढांचे के आधार पर हल करना चाहते है। हम 21वीं सदी की भू-राजनीति के विकृत, अति संवेदनशील नजरिए से भारत को नहीं देखते। बता दें कि खनाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच एक दिन पहले ही बातचीत हुई है। खनाल भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। खनाल ने कहा कि जब हम खुले मन से साथ बैठेंगे तो सब साफ हो जाएगा और कोई भी मुद्दा इतना जटिल नहींहै कि जिसका हल ना निकल सके। उन्होंने कहा कि आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सारी बातचीत होगी तो हल भी निकल आएगा। लिपुलेख को लेकर विवाद जयशंकर के साथ बैठक के दौरान खनाल ने कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार नयी दिल्ली के साथ ठोस और सार्थ रूप से जुड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था, 'भारत और नेपाल के बीच एक विशेष संबंध है, जो सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर आधारित है।' बालेंद्र शाह ने 31 मई को कहा था कि भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर चर्चा के अलावा, काठमांडू चीन और ब्रिटेन के साथ भी संपर्क में है। मामला लिपुलेख का है। नेपाल इस इलाके पर दावा करता है और अपने मैप में भी दिखा चुका है। वहीं आजादी से पहले के समझौते के मुताबिक ही भारत का इस क्षेत्र पर कब्जा है। मानसरोवर-कैलास यात्रा के लिए भी लिपुलेख बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने हालांकि नेपाल के साथ अपने सीमा विवाद को सुलझाने में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे के सभी पहलुओं से निपटने के लिए एक स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।