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कांग्रेस में भीतरघात की चर्चा तेज, तीसरी राज्यसभा सीट जीतने की रणनीति में जुटी BJP

भोपाल  मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तस्वीर दो सीटों पर लगभग साफ हो चुकी है, लेकिन तीसरी सीट को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ते जा रही है। भाजपा ने जहां अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, वहीं पार्टी ने चार नामांकन फॉर्म लेकर राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा तीसरी सीट पर भी कोई बड़ा दांव चल सकती है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार है। इसके बाद पार्टी तय करेंगी कि तीसरी सीट पर पार्टी सीधे उम्मीदवार उतारेगी या फिर किसी निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देकर चुनावी मुकाबले को रोचक बनाएगी। इन अटकलों के बीच कांग्रेस ने भी विधायकों को एकजुट करने बैठक बुलाई है।   मीनाक्षी नटराजन की एंट्री के बाद बदला समीकरण कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भाजपा के लिए तीसरी सीट पर रणनीति बनाने की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस ने कमलनाथ या दिग्विजय सिंह जैसे बड़े नेताओं को मैदान में उतारा होता तो भाजपा शायद अतिरिक्त जोखिम लेने से बचती। मीनाक्षी नटराजन के नाम की घोषणा के बाद अब भाजपा के भीतर तीसरी सीट पर चुनावी गणित साधने की कवायद तेज हो गई है। पार्टी के रणनीतिकार कांग्रेस के भीतर संभावित असंतोष और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं का भी आकलन कर रहे हैं।  आदिवासी चेहरे पर भी विचार सूत्र बताते हैं कि भाजपा तीसरी सीट के लिए किसी आदिवासी चेहरे को आगे बढ़ाने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। प्रदेश में आदिवासी राजनीति का बढ़ता महत्व और आगामी चुनावों को देखते हुए यह फैसला राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश देने वाला हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा किसी निर्दलीय उम्मीदवार को मैदान में उतारकर पर्दे के पीछे से समर्थन दे सकती है और चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास करेगी।  क्या कहता है चुनावी गणित? विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 57 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63  विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 50 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त सात वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका और भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। 8 जून तक बना रह सकता है सस्पेंस राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा फिलहाल सभी विकल्पों पर विचार कर रही है और अंतिम फैसला नामांकन की अंतिम तिथि के आसपास लिया जा सकता है। ऐसे में 8 जून तक तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सस्पेंस बने रहने की पूरी संभावना है। फिलहाल इतना तय है कि दो सीटों का चुनाव भले ही औपचारिक नजर आ रहा हो, लेकिन तीसरी सीट को लेकर पर्दे के पीछे राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है।  मंत्री के बयान से गर्माई सियासत प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने जमीन पर रहकर संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया है। राज्यसभा की संभावित तीसरी सीट पर भाजपा उम्मीदवार उतारने की अटकलों के बीच जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया। राकेश सिंह ने कहा, "आपसे किसने कहा कि हम प्रत्याशी उतार रहे हैं, और यह भी किसने कहा कि हम प्रत्याशी नहीं उतार रहे हैं। समय का इंतजार कीजिए।" वहीं कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान पर टिप्पणी करते हुए राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस की कलह उनका आंतरिक मामला है, लेकिन उनकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है।  

ईंधन संकट की चिंता खत्म! LPG और पेट्रोल-डीजल की भरपूर आपूर्ति के लिए तैयार हुआ बड़ा रोडमैप

नई दिल्ली  भारत लंबे समय से कच्चे तेल और गैस के लिए विदेशों पर निर्भर रहा है. हर साल अरबों डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी खरीदने में खर्च हो जाता है. लेकिन अब तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है. अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस मिलने के बाद मोदी सरकार ने पूर्वी तट पर ऐसा मेगाप्लान शुरू किया है, जो आने वाले सालों में देश की ऊर्जा कहानी बदल सकता है. सरकार अब समुद्र की गहराई में छिपे तेल और गैस भंडार खोजने के लिए बड़े स्तर पर सर्वे करा रही है. अगर यह मिशन सफल हुआ तो भारत को न सिर्फ एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में मजबूती मिलेगी, बल्कि विदेशी तेल कंपनियों पर निर्भरता भी कम होगी. यही वजह है कि ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भारत का ‘एनर्जी फ्रीडम मिशन’ बता रहे हैं. सरकार की नजर अब उन इलाकों पर है जहां पहले तकनीक की कमी के कारण पूरी तरह खोज नहीं हो पाई थी. अब एडवांस्ड सिस्मिक इमेजिंग टेक्नोलॉजी के जरिए समुद्र के नीचे छिपे बड़े हाइड्रोकार्बन भंडार तलाशे जाएंगे।   जानकारी के अनुसार सरकार की यह पूरी योजना सिर्फ तेल खोजने तक सीमित नहीं है. इसके पीछे आर्थिक और रणनीतिक दोनों सोच काम कर रही है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश है. घरेलू उत्पादन कम होने के कारण देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करना पड़ता है. इससे वैश्विक संकट का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखता है. रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट तनाव के दौरान इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में साफ दिखा था. अब सरकार चाहती है कि देश के भीतर ही ऐसे बड़े भंडार खोजे जाएं, जिससे आने वाले दशकों तक ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सके. इसी दिशा में महानदी, बंगाल-पुर्णिया, कृष्णा-गोदावरी और कावेरी बेसिन जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सर्वे शुरू किए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इन इलाकों में भारी मात्रा में तेल और गैस छिपी हो सकती है।  पूर्वी तट पर शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा मिशन     अंडमान सागर में ऑयल इंडिया को प्राकृतिक गैस मिलने के बाद सरकार का फोकस अब पूरी तरह पूर्वी तट पर आ गया है. सरकार ने वैश्विक जियोफिजिकल कंपनियों से निविदाएं मांगी हैं ताकि पुराने सिस्मिक डेटा को दोबारा प्रोसेस किया जा सके और नए ब्रॉडबैंड 3D सर्वे किए जा सकें. यह मिशन करीब 36 महीने तक चलेगा. इसके तहत समुद्र के नीचे की चट्टानों और संरचनाओं का हाई-टेक नक्शा तैयार किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन क्षेत्रों की पहचान हो सकेगी जिन्हें पहले नजरअंदाज कर दिया गया था।      सरकार इस बार सिर्फ पुराने तरीकों पर भरोसा नहीं कर रही. नई तकनीकों का इस्तेमाल करके समुद्र के नीचे कई किलोमीटर गहराई तक की स्पष्ट तस्वीर बनाई जाएगी. सर्वेक्षण जहाज समुद्र में लंबी केबल यानी स्ट्रीमर छोड़ेंगे. ये उपकरण साउंड वेव भेजकर नीचे की चट्टानों से लौटने वाली गूंज रिकॉर्ड करेंगे. वैज्ञानिक इस डेटा को प्रोसेस करके पता लगाएंगे कि कहां तेल और गैस फंसी हो सकती है. यही तकनीक दुनिया के बड़े ऑफशोर तेल क्षेत्रों की खोज में इस्तेमाल होती है।      भारत का सबसे बड़ा दांव कृष्णा-गोदावरी यानी KG बेसिन पर माना जा रहा है. यह क्षेत्र पहले से ही देश का प्रमुख गैस उत्पादन केंद्र है. यहां कई बड़े गैस फील्ड मौजूद हैं. लेकिन सरकार का मानना है कि एडवांस्ड सिस्मिक इमेजिंग से यहां और गहरे हिस्सों में नए भंडार मिल सकते हैं. KG बेसिन में गैस हाइड्रेट्स, डीप वॉटर रिजर्वायर और जटिल पेट्रोलियम सिस्टम मौजूद हैं. अगर यहां नई खोज होती है तो भारत की गैस सप्लाई में बड़ा उछाल आ सकता है।  महानदी बेसिन में छिपा बड़ा खजाना? ओडिशा तट के पास मौजूद महानदी बेसिन को भारत के सबसे संभावित डीप-वॉटर क्षेत्रों में माना जा रहा है. यहां पहले भी हाइड्रोकार्बन मिलने के संकेत मिल चुके हैं, लेकिन व्यावसायिक उत्पादन सीमित रहा. अब नई तकनीक के जरिए यहां की गहरी सिडिमेंटरी परतों की जांच होगी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां 8 किलोमीटर से ज्यादा गहराई तक तेल और गैस मौजूद हो सकते हैं।  बंगाल-पुर्णिया बेसिन पर क्यों टिकी नजर? बंगाल-पुर्णिया बेसिन को भी सरकार बड़ा फ्रंटियर अवसर मान रही है. यहां 10 किलोमीटर तक मोटी सिडिमेंटरी परतें मौजूद हैं. भूवैज्ञानिक अध्ययनों में संकेत मिले हैं कि यहां मियोसीन युग के हाइड्रोकार्बन भंडार हो सकते हैं. पहले यहां बायोजेनिक गैस के संकेत भी मिल चुके हैं. अगर यह क्षेत्र सफल रहा तो पूर्वी भारत की ऊर्जा तस्वीर बदल सकती है।  कावेरी बेसिन से मिल सकती है नई ताकत तमिलनाडु से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला कावेरी बेसिन पहले से तेल उत्पादन क्षेत्र रहा है. लेकिन सरकार का मानना है कि यहां अभी भी बड़े भंडार छिपे हुए हैं. खासकर ऑफशोर कार्बोनेट सिस्टम और जुरासिक सिं-रिफ्ट प्ले में भारी संभावनाएं बताई जा रही हैं. इस क्षेत्र में सिडिमेंटरी परतें करीब 8 किलोमीटर तक गहरी हैं. यानी यहां भविष्य में बड़े स्तर पर ड्रिलिंग की संभावना है।  विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की तैयारी भारत अभी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. कच्चे तेल का आयात बिल हर साल लाखों करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है. अगर घरेलू उत्पादन बढ़ता है तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों का असर भी कम होगा. यही वजह है कि सरकार इसे सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक मिशन मान रही है।  मल्टी-क्लाइंट मॉडल से कैसे बदलेगा खेल? सरकार इस मिशन में मल्टी-क्लाइंट मॉडल का इस्तेमाल कर रही है. इसका मतलब है कि जियोफिजिकल कंपनियां खुद डेटा जुटाएंगी और बाद में उसे कई ऊर्जा कंपनियों को बेच सकेंगी. इससे सरकार पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा. साथ ही निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी. इससे खोज का काम तेजी से आगे बढ़ सकता है।  सरकार पूर्वी तट पर नया सर्वे क्यों करा रही है? सरकार का उद्देश्य समुद्र के नीचे छिपे तेल और प्राकृतिक गैस भंडार की खोज करना है. भारत अभी बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है. अगर घरेलू भंडार मिलते हैं तो एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता … Read more

घनी आबादी वाले इलाकों तक पहुंचेगी इंदौर मेट्रो, मालवीय नगर तक विस्तार से सफर होगा आसान

इंदौर   मेट्रो अपने संचालन के दूसरे साल में एक बड़े विस्तार की तरफ बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक सुपर कॉरिडोर के अपेक्षाकृत कम आबादी वाले हिस्से में सीमित रहने वाली मेट्रो 18 जून से मालवीय नगर तक पहुंचने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो ट्रेन नजर आएगी और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, 31 मई 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद से अब तक करीब ढाई लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया है। वर्तमान में मेट्रो गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आवासीय आबादी सीमित होने के कारण नियमित यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। रियायती ऑफर समाप्त होने के बाद घटे यात्री शुरुआती महीनों में मेट्रो ने लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और जॉय राइड की सुविधा दी थी। उस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहली बार मेट्रो का अनुभव लिया। बाद में रियायती ऑफर समाप्त होने और नियमित किराया लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई। विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति अब मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मालवीय नगर तक तैयार हो चुका है। 25 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) इस हिस्से के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति भी दे चुके हैं।  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 18 जून को इस विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति बनी है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कर सकते हैं शुभारंभ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मेट्रो रेल निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को निगम के प्रबंध संचालक ने इंदौर पहुंचकर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। अधिकारियों का मानना है कि शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के बाद मेट्रो केवल आकर्षण का साधन नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। यही कारण है कि अगले कुछ महीनों में यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। एक नजर में -2.5 लाख यात्री एक वर्ष में कर चुके हैं सफर -31 मई 2025 को शुरू हुआ था कमर्शियल संचालन -वर्तमान में केवल 6 किमी रूट पर चल रही है मेट्रो -18 जून से बढ़कर 17 किमी रूट पर होगा संचालन -25 मार्च 2026 को सीएमआरएस से मिली थी मंजूरी -पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगी मेट्रो -सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक चलेगी ट्रेन क्यों महत्वपूर्ण है मालवीय नगर विस्तार? -शहर के आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो से जोड़ेगा। -दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। -निजी वाहनों और सड़क यातायात पर दबाव कम हो सकता है। -भविष्य के पूर्ण मेट्रो नेटवर्क के लिए आधार तैयार होगा। -मेट्रो की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।

विगत 15 दिनों में कुल 87 अवैध हथियार, 23 धारदार हथियार, कारतूस एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्‍त

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा अवैध हथियारों के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 15  दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों द्वारा अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, विक्रय एवं उपयोग में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए 87 अवैध हथियार, 23 धारदार हथियार एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं। खरगोन थाना भीकनगाँव एवं चौकी बमनाला पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध कार्रवाई कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 अवैध देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, मोबाइल फोन एवं हथियार परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्‍त की गई। गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब, पश्चिम बंगाल एवं मध्यप्रदेश से जुड़े खरीददार एवं बिचौलिये शामिल हैं।  इसी प्रकार थाना गोगावां एवं थाना सनावद पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम सिगनूर में संचालित अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर दबिश देकर 05 सिकलीगर आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 09 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 02 देशी कट्टे, 02 अधबनी पिस्टल एवं बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए।  एक अन्‍य कार्यवाही में थाना गोगावा, थाना सनावद और थाना जैतपुरा पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अवैध फायर आर्म्स तस्करी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 55 हजार रुपये के इनामी आरोपी एवं उसके साथी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखे गए 08 देशी पिस्टल एवं 03 देशी कट्टे, कुल लगभग 2.45 लाख रुपये मूल्य के अवैध हथियार बरामद किए हैं। उक्त तीनो कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 अवैध फायर आर्म्स (29 देशी पिस्टल एवं 06 देशी कट्टे) तथा बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री जप्त की गई है। मुरैना मुरैना जिले में थाना कोतवाली, पोरसा, अंबाह, देवगढ़, सबलगढ़ एवं सिहोनिया पुलिस द्वारा फायरिंग, हत्या के प्रयास, चोरी एवं अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विभिन्न प्रकरणों में पुलिस ने कुल 15 अवैध हथियार (देशी कट्टे एवं पिस्टल), 27 जिंदा राउंड, अधिया, खाली खोखे, मोटरसाइकिल एवं अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की। धार पुलिस द्वारा मनावर क्षेत्र में यूपी के गैंगस्टर एवं सिकलीगर को गिरफ्तार कर 04 देशी पिस्टल एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्‍त किए गए। वहीं वाहन चेकिंग के दौरान आरोपी से देशी पिस्टल, मैग्जीन, जिंदा राउंड एवं स्कूटी जब्‍त की गई। दतिया थाना उनाव पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 03 कट्टे, 01 पिस्टल, जिंदा राउंड एवं मोटरसाइकिल सहित आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 04 कट्टे, अधबने हथियार एवं निर्माण सामग्री जब्‍त की है।  गुना पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर 03 देशी कट्टे एवं जिंदा राउंड जब्‍त किए। वहीं कॉम्बिंग गश्त के दौरान डकैती की योजना बना रहे 05 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर देशी कट्टा, जिंदा राउंड एवं अन्य उपकरण जब्‍त किए।  नीमच पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 03 देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, ग्राइंडर मशीन, बंदूक की नाल, वेल्डिंग मशीन एवं अन्य हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए। भोपाल पुलिस द्वारा थाना तलैया क्षेत्र में विधि विरूध्‍द बालक को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से 15 तलवार एवं 08 छुरे बरामद किए गए। ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो एवं स्टेटस डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर एक 315 बोर का देशी कट्टा जब्‍त किया। इसी प्रकार थाना आरोन में दो 315  बोर के देसी कट्टे एवं थाना थाटीपुर में 1 अवैध देसी कट्टा जप्त किया है।  वहीं एक अन्‍य कार्रवाई में चोरी के बिजली तार ले जा रहे आरोपियों से एक देशी कट्टा, जिंदा राउंड, लगभग 150 किलो बिजली तार एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।  इसी प्रकार इंदौर में 01 पिस्‍टल, शिवपुरी में  315 बोर के 02 देशी कट्टे एवं 07 कारतूस, टीकमगढ़ में 12 बोर का 01 एवं 314 बोर का 01 देशी कट्टा एवं दो जिंदा कारतूस, अलीराजपुर में 12 बोर का 01 देशी कट्टा एवं कारतूस तथा छतरपुर में 315 बोर का 01 देशी कट्टा, 01 अवैध बंदूक एवं कारतूस ,बुरहानपुर में अवैध हस्त निर्मित 02 देशी पिस्टल  एवं उज्जैन में अवैध 02 देशी पिस्टल जब्त की है।  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने, निर्माण करने एवं आपराधिक गतिविधियों में उपयोग करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।  समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त  श्याम धावड़े, आईजी  अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

JPSC सिविल जज PT का संशोधित रिजल्ट जारी, 47 और अभ्यर्थी हुए सफल

रांची  झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए 10 मार्च 2024 को ली गई प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है. संशोधित रिजल्ट में कुल 1844 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. जबकि पहली बार दो जुलाई 2024 को जारी रिजल्ट में 1797 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे. संशोधित रिजल्ट में 47 अभ्यर्थी बढ़ गए हैं.   सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संशोधित आंसर-की जारी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में संशोधित आंसर-की जारी किया गया. संशोधित आंसर-की में कुल 100 प्रश्न में पांच प्रश्न के पूर्व के उत्तर में सुधार किया गया. दो प्रश्न ड्रॉप कर दिए गए. वहीं तीन सवाल के दिए गए सभी विकल्प गलत पाए जाने की स्थिति में सभी अभ्यर्थियों को एक-एक अंक दिए गए. आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक यह परीक्षा न्यायालय में सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य, रामेश्ववर सिंह बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा समरूप वादों के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा. मुख्य परीक्षा की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी. कुल 138 में 60 पद अनारक्षित हैं आयोग द्वारा यह नियुक्ति परीक्षा वर्ष 2023 से चल रही है. सिविल जज जूनियर डिविजन के कुल 138 पदों में अनारक्षित के 60 पद, एसटी के 28 पद, एससी के 12 पद, बीसी वन के 10 पद, बीसी टू के 15 पद और इडब्ल्यूएस के 13 पद शामिल हैं. मुख्य परीक्षा चार पेपर की होगी आयोग द्वारा पीटी के बाद अब मुख्य परीक्षा ली जाएगी. मुख्य परीक्षा कुल चार पेपर की होगी. हर पेपर 100 अंक का होगा. वाइवा-वॉयस टेस्ट 100 अंकों का होगा. आयोग द्वारा फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और वाइवा-वॉयस टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर तैयार होगा. रिजल्ट में झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान, दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ेंगे कई प्रमुख शहर

कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में बुलेट ट्रेन लाने का वादा किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी. रेल मंत्री ने बताया कि 42 वर्षों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का केवल 28 किलोमीटर हिस्सा ही पूरा हो पाया था, जबकि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से 45 किलोमीटर मेट्रो लाइनें जोड़ी गई हैं।  रेल मंत्री ने शनिवार को कहा कि राज्य के लिए बुलेट ट्रेन शुरू करने का फैसला किया गया है. यह ट्रेन दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी को जोड़ेगी. इस सफर में सिर्फ छह घंटे लगेंगे और यह आरामदायक होगा. अगले पांच सालों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें शुरू की जाएंगी और उम्मीद है कि 'डबल-इंजन' सरकार के तहत पश्चिम बंगाल में रेलवे प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी।  अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'अगले पाँच सालों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें शुरू की जाएंगी. आज मैंने कोलकाता मेट्रो में सफर किया. हम कोलकाता मेट्रो को नया रूप देंगे.' मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन सेवाओं का उद्देश्य यात्रा के समय को तेजी से कम करना है. उन्होंने कहा, 'ये हाई-स्पीड कॉरिडोर छह घंटे में सिलीगुड़ी को नई दिल्ली से जोड़ देंगे।  बैठक में शामिल होने के लिए वह शनिवार को  दमदम हवाईअड्डे पर पहुंचे. हवाईअड्डे से निकलने के तुरंत बाद रेल मंत्री मेट्रो में चढ़े और यात्रियों से बातचीत की. उन्होंने ऑटो रिक्शा में भी सवारी की. उनके साथ राज्य के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो भी थे।  इसके बाद मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने मीडिया को संबोधित किया और राज्य के लिए कई रेल परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा की. बुलेट ट्रेन के बारे में बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा, 'इस पर काम जल्द ही शुरू होगा. रेल परियोजना का रास्ता साफ हो गया है और सभी विधायकों ने सहयोग का भरोसा दिया है.' उन्होंने नए स्टेशनों और अतिरिक्त ट्रेनों को शुरू करने का भी वादा किया. साथ ही, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र पर ध्यान देने का आग्रह किया। 

पहले रामभक्त नहीं जा पाते थे अयोध्या, अब रामद्रोही नहीं आ सकते अयोध्या: सीएम योगी

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि अब वह नहीं होगा, जो 2017 के पहले होता था। 2015-16 में दुर्गा पूजा में गोंडा में दंगे की चेष्टा की गई थी। तब मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन नहीं होने दिया जाता था। रामलीला में अड़चन डाली जाती थी। त्योहार व उत्सव से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों व पेशेवर गुंडों के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में महीनों कर्फ्यू रहता था। लेकिन, अब किसी ने उत्सव के रंग में भंग डाला तो उसका वर्तमान के साथ भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के कटरा विधानसभा क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये व करनैलगंज में 260 करोड़ रुपये (कुल 516 करोड़ रुपये) की 262 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।  अब समान रूप से हो रहे विकास कार्य अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि असुरक्षा के वातावरण में निवेश नहीं होता। 2017 से पहले राज्य में पहचान का संकट, नौजवान बेहाल, किसान परेशान, बहन-बेटियां असुरक्षित थीं। जब विकास के पिछले पायदान में हमारी गिनती होती थी तो सम्मान भी नहीं मिलता था। अब सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 826 विकास खंडों, 762 नगर निकायों, लगभग 14 हजार वार्डों, 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को बिना रोक-टोक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। तुष्टिकरण, अराजकता की भेंट चढ़ गया था गोंडा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा के युवा ऊर्जावान, किसान परिश्रमी, बहन-बेटियां प्रतिभाशाली हैं। कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने अपने हुनर की छाप देश-दुनिया तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं की। गोंडा ने स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई, लेकिन आजादी के बाद यहां जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह तुष्टिकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद, जातिवाद की भेंट चढ़ गया और इसका खामियाजा जनपद को भुगतना पड़ा। गोंडा विकास के अभाव में पिछड़ता गया। अब स्वागत होता है यूपी वालों का सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ गया, जब अन्य जनपदों की भांति ही गोंडा के नौजवानों के सामने भी पहचान का संकट हो गया। प्रदेश में नौकरी-रोजगार नहीं था। नौजवान जब बाहर जाते थे तो अन्य प्रदेशों के लोग 10 कदम की दूरी बना लेते थे। शंका भरी निगाहों से देखते थे। 12 वर्ष में पीएम मोदी व 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का परिणाम है कि अब यूपी का नाम आते ही सामने वाले का चेहरा खिल जाता है और वह आपको गले लगाने को उतावला दिखता है।  बिना भेदभाव गोंडा का नौजवान भी पाता है सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि अब बाहर वाले मित्रवत व्यवहार करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त करनी है तो अयोध्या के बगल वाले जनपद गोंडा वालों से मैत्री करो। अब यूपी के नौजवानों को सरकारी नौकरी मिल रही है। यूपी पुलिस की 60,244 भर्तियों में गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर के नौजवानों को भी नौकरी मिली। नियुक्ति पत्र देने से पहले मैं सूची देखता हूं तो खुशी होती है कि गोंडा का नौजवान भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरी पाता है। नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं, गोंडा में भी हो रहा निवेश उन्होंने कहा कि अब निवेश केवल नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में नहीं हो रहा, बल्कि गोंडा में भी निवेश होने से स्थानीय नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अभी मंच पर 20 लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला। अब चेहरा नहीं देखा जाता, बल्कि हर जाति, मत-संप्रदाय के पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल रहा है। मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत सरकार बिना भेदभाव घर-घर तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है।  तब रामभक्त नहीं आ पाते थे, अब रामद्रोही नहीं आ पाते अयोध्या  मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हो गया। गोंडा वालों ने तो राम मंदिर आंदोलन को अपनी आंखों से देखा है। 40 साल से ऊपर की पीढ़ी ने आंदोलन में भाग लिया और तत्कालीन सरकारों के अत्याचारों को झेला। तब राम का नाम लेने पर प्रतिबंध था, डंडे व गोलियां चलती थीं। रामभक्त अपने प्रभु राम की अयोध्या में नहीं जा सकते थे। अब अयोध्या में रामभक्त ही जा सकते हैं, रामद्रोही नहीं। पूर्वज भी आशीर्वाद दे रहे हैं कि वर्तमान पीढ़ी कितनी धन्य है, जिसने राम मंदिर का निर्माण देखा। बुजुर्गों के आंखों में खुशियों के आंसू हैं तो पूर्वजों की आत्मा संतुष्ट है। आपने कमल का बटन दबाया तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिला सीएम योगी ने कहा कि बिना भेदभाव पात्रों को गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। गोंडा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज, कंपोजिट विद्यालय आदि का सपना साकार हो रहा है। हमारी सरकार ने सांसद-विधायकों के हर प्रस्ताव को स्वीकृत किया। जब आपने कमल का बटन दबाया तो विकास कार्यों, गरीब कल्याणकारी कार्यों, विरासत के सम्मान, नौकरी, निवेश के जरिए रोजगार संभव हो पा रहा है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हुआ तो यूपी पर धन की वर्षा हो रही है। गलत लोगों को चुनेंगे तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा सीएम ने मतदाताओं से कहा कि अच्छे लोगों को चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। गलत लोगों को चुनने पर खामियाजा भुगतना पड़ता है। 2017 के पहले विकास एक गांव तक ही सीमित था। लेकिन, डबल इंजन सरकार बनी तो हमने कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ सैफई नहीं, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में भी बनेगा। अब ऐसा कोई भी जिला नहीं है, जहां मेडिकल कॉलेज-इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। हर जनपद में विकास हो रहा है।  दो-दो विधानसभा क्षेत्रों का एक साथ दौरा करेंगे और विकास की सौगात देंगे  सीएम ने श्रावस्ती की पौराणिकता का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एयरपोर्ट निर्माण हो रहा है। महाराजा सुहेलदेव ने एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब दिया था। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। स्वाधीनता के लिए किस प्रकार के त्याग-बलिदान की आवश्यकता होनी चाहिए, गोंडा उसका प्रतीक है। जब अच्छी सरकारें आईं, तब गरीबों को रोजगार, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाया। हमने तय किया … Read more

सक्ति जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला। जनचौपाल में सांसद मती कमलेश जांगड़े, मती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का किया शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा मध्यप्रदेश अब वैश्विक व्यापार जगत में भी अपनी सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तथा लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच बढ़ती परस्पर आर्थिक साझेदारी में मध्यप्रदेश भी अपनी अधिकतम क्षमताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम अवसरों की धरती है। प्रदेश की स्थिर और पारदर्शी नीतियां निवेश और उद्योग फ्रेंडली हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मा इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, डिफेंस सेक्टर, और टेक्नॉलजी के क्षेत्र में हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं। हमारे पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। आज मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा हब बन चुका है। प्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक के सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और अत्याधुनिक रेल व हवाई कनेक्टिविटी ने यातायात को सुगम बना दिया है। अगले 5 सालों में हम 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैटिन-अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश, उत्पादन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आपके साथ एक ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण व्यापार-व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। राज्य में कानून- व्यवस्था की कोई परेशानी नहीं है। यहां औद्योगिक कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश सबको अपनाने वाला राज्य है, जो एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है। मध्यप्रदेश में खुले दिल से निवेश करें, यहां निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच – 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर इस ट्रेड फोरम के उद्घाटन सत्र का विधिवत् आरंभ किया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का रिमोट से शुभारंभ किया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित स्पेशल मैगजीन 'द बिजनेस टायकून्स' का विमोचन भी किया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद एवं जंबो बैग, कृषि आधारित उत्पाद तथा विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की निर्यात क्षमता के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापारिक विनिमय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों में ‘मेड इन इंडिया’ के साथ ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को मिल रहे स्नेह, अपनत्व, विश्वास और दिनों-दिन बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर मालवा को नई पहचान दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदौर प्राचीन काल में भी उन्नत व्यापार और व्यवसाय की सुगमता के कारण बड़ा व्यावसायिक केन्द्र हुआ करता था। पहले यहां सिल्क मार्ग से दुनियाभर में व्यापार होता था। भारत और लैटिन अमेरिका की परंपराओं में नजदीकियां दिखाई पड़ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में से एक है। हम सच्चे अर्थों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति अब ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रही है। अब हम वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भी एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह लैटिन अमेरिका की प्राचीन संस्कृतियों ने मदर अर्थ (Pachamama – पचमामा) को पूजा, वैसे ही हम पंच तत्वों और प्रकृति के कण-कण को पूजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सवों का उल्लास, संगीत, अनुराग, पारिवारिक ताना-बाना और हमारी जनजातीय कलाओं की जीवंतता सबमें बड़ी समानताएं हैं। यह बताते हैं कि हमारे जीवन मूल्य और हमारे संस्कार मूलत: एक हैं, समान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारत अपनी क्षमता, योग्यता और विशेषताओं के साथ दुनियाभर में व्यापार, व्यवसाय और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है।     भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग के इस महान मंच की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। आज हम सिर्फ़ देशों को नहीं, महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रख रहे हैं। यह मंच भारत, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारी, नई संभावनाओं और नए विश्वास का सेतु है। भारत का हरेक राज्य अपनी क्षमताओं और विशेषताओं के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि में तत्पर है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर और पीथमपुर का विशेष ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों ही क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स का ग्लोबल हब बन चुके हैं। यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है। हम क्यूबा के विश्व प्रसिद्ध बायोटेक एवं फार्मा अनुसंधान के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए नवाचार करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। ब्राज़ील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया के साथ मध्यप्रदेश का निरंतर बढ़ता व्यापार … Read more