samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर, 1.70 करोड़ की लागत से बनी सड़क

रायपुर : बनमुंडा-लकराघरा सड़क निर्माण से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच हुई आसान मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से 1.70 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण पूरा बरसात में आवागमन की परेशानी हुई दूर, गांवों के बीच सड़क संपर्क हुआ मजबूत रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क संपर्क को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में फरसाबहार तहसील क्षेत्र के बनमुंडा से लकराघरा मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क से क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही पक्की सड़क की मांग पूरी हुई है। नई सड़क से ग्रामीणों के लिए दैनिक आवागमन आसान होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हुई है। सड़क निर्माण से गांवों के बीच संपर्क भी मजबूत हुआ है, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों को मिल रहा है। बरसात में कीचड़ और जलभराव से मिली राहत बनमुंडा-लकराघरा मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में यहां आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। कीचड़ और जलभराव के कारण दोपहिया सहित अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी होती थी। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता था। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद अब ग्रामीणों को इन समस्याओं से राहत मिली है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों के बीच आवाजाही सुगम हुई है और ग्रामीणों के लिए स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी बनमुंडा-लकराघरा सड़क का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क बनने से विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन में होने वाली परेशानी से बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनने से गांवों के बीच संपर्क मजबूत होने के साथ दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में सुविधा बढ़ी है। बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्र के विकास के साथ ग्रामीणों के दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सेवा संकल्प अभियान: नगरीय निकायों में लगेंगे BLC कैंप, 30 हजार नए आवासों का लक्ष्य

सेवा संकल्प अभियान-प्रदेशभर के नगरीय निकायों में लगेंगे BLC कैंप 17 अक्टूबर तक 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य भोपाल प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत आगामी 17 अक्टूबर तक प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। BLC कैंपों के माध्यम से हितग्राहियों को दी जाएगी सुविधा निर्धारित लक्ष्य की समयसीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में विशेष BLC (Beneficiary Led Construction) कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजना की संपूर्ण जानकारी पहुंचाना, पात्रता मानदंडों और आवश्यक दस्तावेजों से अवगत कराना तथा आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है। नगरीय निकायों के लिए निर्धारित किए गए न्यूनतम लक्ष्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रशासनिक स्तर पर नगर परिषदों को न्यूनतम 50 नवीन आवास, नगर पालिकाओं को न्यूनतम 100 नवीन आवास तथा नगर पालिका निगमों को न्यूनतम 500 नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य दिया गया है। किस्त वितरण में तेजी और निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश आयुक्त भोंडवे ने BLC कैंपों के जरिए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में स्वीकृत आवासों के पात्र हितग्राहियों को प्रथम एवं द्वितीय किस्त का शत-प्रतिशत और समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके और हितग्राहियों को आर्थिक सहायता सुलभ हो सके। प्रदेश सरकार का उद्देश्य सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हर पात्र परिवार तक पक्के मकान का लाभ पहुंचाना और योजना के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी एवं व्यापक बनाना है।  

भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री

खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन  एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर दी पुष्पांजलि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी किया याद सीएम ने जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया।  भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।  स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।  हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम  सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला।  ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना।  भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

गांधी जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे CM यादव, चरखा चलाकर दिया स्वदेशी का संदेश

खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे मुख्यमंत्री राष्ट्रपिता को नमन किया, चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजिटर बुक में लिखा संदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाकर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजि़टर बुक में अपना अनुभव संदेश भी अंकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खादी वस्त्रों के निर्माण से लेकर उनकी मार्केटिंग और इन वस्त्रों के विक्रय की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार आए खरीदारों से चर्चा की और कहा कि खादी से प्रेम बनाए रखें, हमेशा खादी अपनाएं और स्वदेशी की ओर बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हम सबको वोकल फॉर लोकल होने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की। गांधी जयंती के अवसर पर आज खादी वस्त्रों की खरीदी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने खरीदारी कर यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश अंकित करते हुए लिखा कि – आजादी के पूर्व स्वालंबन एवं ग्राम स्वराज के साथ आजादी की ललक लिये, देशभर में महात्मा गांधी ने खादी तथा सूत कातते हुये जो देशभक्ति और जनभावनाओं की जो अलख जगाई, वह कालातीत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: इसी भाव को पुर्नस्थापित करते हुए खादी के प्रति पूरे देश का प्रेम एवं अपनत्व जोड़ा है। आइये हम सब खादी अपनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी को मूलमंत्र बनाया था। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बहिष्कार कर कपास से निर्मित स्वदेशी खादी को प्रोत्साहित किया। ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने के लिए यही खादी गांधी जी का अमोघ अस्त्र सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। स्वदेशी खादी को प्रोत्साहन मिलने से हमारी भारतीय मुद्रा देश से बाहर नहीं जाती है और इसी से हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खादी वस्त्र निर्माण से जुड़े नागरिक स्वाभिमान के साथ जीवन जियें, इस भाव को बनाए रखने के लिए गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी खादी और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार में खरीदारी कर रहे लोगों से चर्चा की और खादी के प्रति लगाव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीदारी कर रही सुविजयलक्ष्मी यादव से पूछा किस कक्षा में पढ़ती हो ? बालिका ने बताया सर, मेरा आज ही बीएससी बीएड का रिजल्ट आया है, जिसमें वह पास हो गई है। इसपर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्न होकर विजयलक्ष्मी को आशीर्वाद देकर उपहार स्वरूप अपना पेन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधि एवं खादी भंडार के स्टाफर्स उपस्थित थे।  

गांधी-शास्त्री जयंती पर रायपुर में आयोजन, मंत्री गजेन्द्र यादव ने ‘प्रयास’ और ‘तारुण्य वार्ता’ का किया विमोचन

रायपुर : गांधी और शास्त्री जयंती पर राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पत्रिका 'प्रयास' और पुस्तक 'तारुण्य वार्ता' का किया विमोचन, वेबसाइट का भी किया लोकार्पण रायपुर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं संस्था की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने की।           कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री यादव ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की पत्रिका ‘प्रयास’ तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ द्वारा तैयार ‘तारुण्य वार्ता’ (मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा) पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने संस्था की नवीन वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के स्काउट्स एवं गाइड्स को सम्मानित भी किया गया। हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें          शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचार तथा लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। सर्वधर्म प्रार्थना सभा हमें सभी आस्थाओं का सम्मान करने और समाज में प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़े बच्चे और युवा सेवा, अनुशासन तथा सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। हमारे देश की संस्कृति "सर्वधर्म समभाव" और सभी के मंगल की कामना पर आधारित है। सर्वधर्म प्रार्थना हमें यही संदेश देती है कि सभी सुखी हों, सभी का कल्याण हो और हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें। स्काउट-गाइड हमें अनुशासन का संदेश देता है         यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड का उद्देश्य केवल नियमों और प्रतिज्ञाओं को पढ़ना नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना है। हम स्वयं अनुशासित रहेंगे, तभी दूसरों को अनुशासन का संदेश दे पाएंगे। स्काउट-गाइड हमें प्रकृति से प्रेम करना और पशु-पक्षियों का मित्र बनना भी सिखाता है। इसलिए प्रत्येक स्काउट और गाइड अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।          राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है। अलग-अलग आस्थाओं और परंपराओं के प्रति आदर ही सामाजिक सद्भाव और एकता का आधार है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।           सर्वधर्म प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों का स्मरण करते हुए शांति, प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने सर्वधर्म समभाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम अध्यक्ष चंदू लाल साहू, औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बीज विकास निगम अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, राज्य केश शिल्पी बोर्ड अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, विधायक मोती लाल साहू सहित विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले डिप्टी CM अरुण साव, सम्मान कर बढ़ाया उत्साह

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान, बढ़ाया हौसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा घोषित 51 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक संजू देवी को सौंपा मधु सिदार और गीता यादव को 11.12-11.12 लाख रुपए का विशेष सहायता पैकेज देश में हॉकी लीग आयोजित करने वाला पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : अरुण साव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार अभिनव पहल कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक पुरुष हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा, जो इस तरह की हॉकी लीग का आयोजन करने जा रहा है। लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसमें छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान के अनुरूप किया गया है। साव ने बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। उन्होंने एशियन गेम्स-2026 में कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता सुसंजू देवी तथा जूनियर हॉकी एशिया कप-2026 की स्वर्ण पदक विजेता सुमधु सिदार और सुगीता यादव को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने की। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सुसंजू देवी के लिए पूर्व में घोषित 51 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। वहीं मधु सिदार और गीता यादव को 11 लाख 12 हजार रुपए प्रत्येक को विशेष सहायता पैकेज देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में दोनों को इसमें से तत्काल 2-2 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। साव ने तीनों खिलाड़ियों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों में परिवार के योगदान का सम्मान करते हुए उप मुख्यमंत्री ने तीनों खिलाड़ियों के परिजनों को भी शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र के प्रशासनिक भवन में नवनिर्मित ऑडियो-वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए उत्साह, उल्लास और गौरव का दिन है। इन खिलाड़ियों ने इसी सेंटर में खेलना सीखा, अपनी प्रतिभा को निखारा और कठिन परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। चीन और जापान में स्वर्ण पदक जीतना सहज उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प है। साव ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को योग्य, सक्षम और अच्छा नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। खेल के मैदान से अच्छा स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का जज्बा मिलता है। खिलाड़ी कठिन समय में निराश होने के बजाय संघर्ष करना और फिर आगे बढ़ना सीखता है। खेल प्रतिभा के बल पर आज खिलाड़ियों को मान-सम्मान के साथ बेहतर भविष्य के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, खेल अलंकरण, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से प्रदेश में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे प्रशिक्षकों सहित खेलों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं अन्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। साव ने खिलाड़ियों से अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा स्वयं से होती है। हर दिन स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें। किसी प्रतियोगिता में चयन नहीं होने पर निराश न हों, बल्कि और अधिक मेहनत के साथ आगे बढ़ें। आज इन तीन खिलाड़ियों को यह अवसर और सम्मान मिला है, आने वाले समय में यहां प्रशिक्षण ले रहे अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे। बहतराई में और बढ़ेंगी खेल सुविधाएं :सुशांत शुक्ला समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने बहतराई जिला खेल परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न खेल मैदानों एवं हाई मास्ट लाइट सहित अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से वातानुकूलन सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से खेल अधोसंरचना विकसित करने की योजना है, जिसका जल्द भूमिपूजन किया जाएगा। राज्य हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, प्रदेश कबड्डी संघ के महासचिव प्रदीप यादव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल और दीपक सिंह सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

भारत की महिला हॉकी टीम का कमाल, चीन को मात देकर 44 साल बाद जीता स्वर्ण पदक

टोक्यो  44 साल का इंतजार खत्म हो गया. भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल में लालरेमसियामी के 10वें मिनट के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिरी सीटी तक बरकरार रखा. इस जीत के साथ भारत ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता।  इस गोल्ड की अहमियत सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं है. एशियन गेम्स की महिला हॉकी चैंपियन को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है. यानी चीन के खिलाफ मिली इस जीत ने भारत को एशियन गेम्स चैंपियन बनाने के साथ अगले ओलंपिक का टिकट भी दिला दिया।  लालरेमसियामी ने 200वें मैच को बनाया यादगार फाइनल में भारत को 10वें मिनट में बढ़त मिली. लालरेमसियामी ने गोल कर टीम को 1-0 आगे कर दिया. यह मुकाबला उनके लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह भारत के लिए अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही थीं. पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास 1-0 की बढ़त थी. चीन ने इसके बाद बराबरी के लिए दबाव बढ़ाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने लगातार हमलों का सामना किया।  दूसरे क्वार्टर में सविता बनीं दीवार चीन को दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक मिला. भारत के लिए यह मैच का अहम मोड़ था. गोलकीपर सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक रोककर चीन को बराबरी करने से रोक दिया. इसके बाद भी चीन ने भारत के सर्कल में दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बरकरार रखी. हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 भारत के पक्ष में रहा।  तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर ने गोललाइन पर बचाया गोल तीसरे क्वार्टर में चीन ने लगातार हमले किए. 33वें मिनट में चीन को पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस दौरान नवनीत कौर ने गोललाइन पर गेंद को रोककर भारत को बचाया. इसके बाद चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला था, लेकिन भारत के रेफरल के बाद फैसला बदला गया और पेनल्टी स्ट्रोक की जगह पेनल्टी कॉर्नर दिया गया।  चीन ने इसके बाद ड्रैग फ्लिक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को रोकने के लिए अपना शरीर तक लगाया. फर्स्ट रशर के तौर पर सलीमा टेटे के हाथ पर गेंद लगी, जिसके बाद उन्हें कुछ देर के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा. उनकी जगह बलजीत कौर मैदान पर आईं।  आखिरी 15 मिनट में चीन ने बनाया दबाव आखिरी क्वार्टर में चीन ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया. भारत को कई बार अपने सर्कल के आसपास दबाव झेलना पड़ा, लेकिन डिफेंस ने चीन को गोल करने का मौका नहीं दिया. भारत ने 1-0 की बढ़त को आखिरी सीटी तक बचाए रखा और इसी के साथ एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड अपने नाम कर लिया।  1982 के बाद फिर भारत का स्वर्ण भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर से संतोष करना पड़ा. 2026 में चीन को हराकर भारत ने 44 साल बाद फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।  इस एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. चीन ने जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।  गोल्ड के साथ मिला LA 2028 का टिकट भारत के लिए इस जीत का एक और बड़ा मतलब है. एशियन गेम्स महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मिलता है. भारत ने चीन को हराकर यह जगह पक्की कर ली है। 

सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक

बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के जरिए बापू के स्वदेशी भाव को आगे बढ़ा रहा उत्तर प्रदेश, स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान पीएम मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत से आत्मनिर्भर भारत तक साकार हो रहे बापू के सपने, 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में बने शौचालय बापू के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही सरकार, ग्राम सचिवालय के जरिए जनसुविधाओं के साथ मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन, कहा- ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र ने सुरक्षा व खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की रखी नींव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना। बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है। दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया। आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने … Read more

भोपाल मंडल में रेलवे का बड़ा ब्लॉक, अक्टूबर में 22 ट्रेनें रद्द और 23 के बदले रूट

भोपाल भोपाल रेलवे के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमॉडलिंग कार्यों के कारण अक्टूबर में भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग, कसारा में तीसरी रेल लाइन और कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। 23 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी। बीना स्टेशन पर प्री-एनआई/एनआई कार्य और आगासौद यार्ड के काम के कारण दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के कुल 12 फेरे भी निरस्त रहेंगे। 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रेलवे के अनुसार ये 22 ट्रेनें निरस्त रहेंगी:     64618 ललितपुर-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     64617 बीना-ललितपुर मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61619 बीना-कटनी मुड़वारा मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61620 कटनी मुड़वारा-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस: 14 अक्टूबर तक।     12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर तक।     61611 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61612 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61625 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61626 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     12197 भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     12198 ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     11086 ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस: 9 अक्टूबर को।     11085 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस: 4 और 11 अक्टूबर को।     22161 भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक।     22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस: 10 से 16 अक्टूबर तक।     22163 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     22164 खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     01925 कानपुर सेंट्रल-मदुरै स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     01926 मदुरै-कानपुर सेंट्रल स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।     04149 प्रयागराज-यशवंतपुर स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     04150 यशवंतपुर-प्रयागराज स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को। 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त 11271 इटारसी-भोपाल एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी। दमोह-भोपाल के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी। भोपाल-दमोह के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। कसारा में तीसरी लाइन का काम, 23 ट्रेनों के रूट बदले कसारा में तीसरी रेल लाइन के काम के कारण इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा:     कल्याण-करजत-पुणे-मनमाड रूट:12598 सीएसएमटी-गोरखपुर (14 अक्टूबर), 11043 दादर-बलिया (14 अक्टूबर), 22121 एलटीटी-लखनऊ (17 अक्टूबर), 11071 एलटीटी-बलिया (17 अक्टूबर), 11047 दादर-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 12107 एलटीटी-सीतापुर (17 अक्टूबर), 12546 एलटीटी-रक्सौल (17 अक्टूबर) और 20435 एलटीटी-प्रयागराज (17 अक्टूबर)।     जलगांव-नंदुरबार-बसई रोड-ठाणे/पनवेल रूट:12533 पुष्पक एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 15066 पनवेल-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 15018 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 12172 हरिद्वार-एलटीटी (16 अक्टूबर), 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 12617 एर्नाकुलम-एलटीटी (16 अक्टूबर), 13202 एलटीटी-राजगीर (17 अक्टूबर), 22221 सीएसएमटी-निजामुद्दीन राजधानी (17 अक्टूबर), 12137 पंजाब मेल (17 अक्टूबर), 20436 प्रयागराज-एलटीटी (16 अक्टूबर) और 02198 जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल (16 अक्टूबर)।     मनमाड-पुणे-लोनावला-कल्याण रूट:15660 अगरतला-एलटीटी (15 अक्टूबर), 12166 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 11058 अमृतसर-सीएसएमटी (16 अक्टूबर) और 12335 भागलपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर)। कोटा में भी ट्रेनों का संचालन बदला 18 अक्टूबर तक कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुनर्विकास कार्य चलेगा। इसके कारण:     61634/61633 बीना-कोटा-बीना पैसेंजर: सोगरिया स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से ओरिजिनेट होगी। कुल 20 फेरे।     14814/14813 भोपाल-जोधपुर-भोपाल और 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस: कोटा जंक्शन को बायपास कर गुरला-सोगरिया मार्ग से चलेंगी। हमसफर एक्सप्रेस के कैंसिलेशन की तारीख बदली पहले 22169 रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को 14 अक्टूबर और 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर को 15 अक्टूबर को निरस्त बताया गया था। 28 सितंबर के संशोधित आदेश के बाद अब ये अक्टूबर वाली कैंसिलेशन लागू नहीं होगी। 22169 का 9 दिसंबर और 22170 का 10 दिसंबर 2026 का फेरा निरस्त रहेगा। अक्टूबर में दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य रहेगा। यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें ट्रेनों के निरस्त होने और रूट बदलने से यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद 139, NTES, Rail One ऐप या अधिकृत रेलवे सूचना माध्यमों से ट्रेन का स्टेटस, समय और रूट जांचने की अपील की है।

अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी

अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई' अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी  2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद लखनऊ,   यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा।  विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी।  अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी। 2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।