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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना सुशासन तिहार के दौरान सक्ती जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।  मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

वैभव सूर्यवंशी बने चर्चा में, पहली बार सीनियर टीम में चयन

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का ऐलान शनिवार (6 जून) को किया गया है. मेन्स सेलेक्शन पैनल की भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में बैठक हुई, जिसमें स्क्वॉड को अंतिम रूप दिया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम का ऐलान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने किया. तीनों टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, वहीं तिलक वर्मा टीम के उप-कप्तान बने हैं. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया गया है. उधर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया है. वो एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगे और उन्हें मोहम्मद सिराज की जगह टीम में जगह मिली है. हालांकि सिराज इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टी20 टीम में शामिल किए गए हैं. सबसे बड़ी खबर ये रही कि सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी छिन गई है और उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया गया है. बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल कमेटी की मीटिंग में सूर्य को हटाने पर फैसला लिया गया. बस शनिवार को औपचारिक ऐलान किया गया. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी.सचिन तेंदुलकर को जब 1989 में टीम इंडिया से पहली बार खेलने का मौका मिला था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी. यानी वैभव जब 26 जून को अपना पहला मैच खेलेंगे तब वह सिर्फ 15 साल 180 दिन के ही होंगे, जो कीर्तिमान है।  इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. भारत का आयरलैंड दौरा (जून) • पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट • दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट भारत का इंग्लैंड दौरा (जुलाई) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन • 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम • 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ • 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा; 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है. शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तपते तापमान से लोगों को बड़ी राहत मिली है. जहां एक तरफ आंधी और बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बिजली गिरने और तेज हवाओं का आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार केरल पहुंच चुका मानसून इस बार मध्य प्रदेश में अपनी सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी से पहुंचेगा।  ​प्री-मानसून की दस्तक, कहीं बरसे बादल, कहीं उड़ी धूल ​प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. शुक्रवार को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और धूलभरी आंधी का असर देखने को मिला. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रतलाम में 12 मिलीमीटर और धार में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर और रायसेन सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।  एमपी में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से तेज आंधी और बारिश का दौर है। आज इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं। आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में इससे थोड़ी राहत मिल सकती है। पचमढ़ी से ठंडा श्योपुर, 32 डिग्री रहा तापमान आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश में दिन का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा श्योपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में देर शाम कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पचमढ़ी में तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री, सतना में 36.6 डिग्री, धार और नर्मदापुरम में 36.9 डिग्री रहा। खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। ​पचमढ़ी से भी ठंडा रहा श्योपुर, तापमान में भारी गिरावट बता दें कि ​गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया. प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन और रात दोनों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया. खास बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, उससे भी ठंडा श्योपुर दर्ज किया गया।  श्योपुर में अधिकतम तापमान महज 32 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं ​बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम होकर 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  ​विदिशा, गुना और अशोकनगर में वज्रपात की चेतावनी ​मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके अनुसार विदिशा, गुना और अशोकनगर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी करते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

नई तकनीक और प्रभावी कार्यशैली से करें समस्याओं का त्वरित समाधान: अरुण साव

प्रभावी कार्यशैली और नई तकनीकों को अपनाकर समस्याओं का करें त्वरित समाधान – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

राज्यसभा चुनाव में BJP का शक्ति प्रदर्शन, तरुण चुघ-रजनीश अग्रवाल ने दाखिल किए नामांकन पत्र

भोपाल  मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में दोनों का नामांकन पत्र दाखिल कराया।  दोनों ने भाजपा नेताओं के साथ शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों प्रत्याशी भाजपा कार्यालय स्थित शिव एवं हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।  हमारे प्रत्याशियों ने भरा नामांकन सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज हमारे दोनों ही राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन भर दिया है। इस दौरान भाजपा की सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस समय हम सभी हर्ष और उल्लास के साथ हैं। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। हमारा राज्य संगठन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में आता है। हम सबने मिलकर उनका नॉमिनेशन फॉर्म जमा करवाया है। हम सभी वर्गों की सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।  नामांकन से पहले बीजेपी दफ्तर में बैठक नामांकन दाखिल करने से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की एक बैठक बुलाई गई। इसमें दोनों प्रत्याशियों (तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल) के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में चुनाव की रणनीति और एकजुटता को लेकर चर्चा हुई। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकला काफिला बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दोनों उम्मीदवार भाजपा कार्यालय परिसर में स्थित शिव और हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां नेताओं ने जीत के लिए पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद करीब 15 से ज्यादा कारों के भारी काफिले के साथ सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। जब प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने अंदर गए, तब रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के बाहर भाजपा के कई सीनियर विधायक एकजुट होकर बैठे नजर आए। भाजपा एक परिवार की तरह है यहां नेता अभिभावक- चुघ भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि मध्य प्रदेश भारत का दिल है। मप्र जब धड़कता है, समझें भारत धड़क रहा है। मप्र की तरक्की ही विकसित भारत का प्राण है। हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया। उन्होंने आगे कहा, ''पार्टी ने आगे बढ़ने, काम करने व समर्पण का मौका दिया है। पोस्टर, झंडे लगाने का मौका दिया तो झंडे गाड़े। जहां पार्टी नेतृत्व ने भेजा मैंने काम किया है। भाजपा एक परिवार की तरह है। यहां नेता अभिभावक है। आपको पिता की तरह समझाता भी है, मां की तरह दुलार भी करता है। भाई बहनों की तरह हाथ में हाथ देकर चलना भी सिखाता है। यह केवल भाजपा में ही है और कहीं नहीं मिल सकता। पहले भी कार्यकर्ता बोध से काम किया था आगे भी कार्यकर्ता बोध से काम करेंगे। जो संगठन ने कहा मैंने अक्षरश: पालन किया है।'' पूर्व मंत्री बोले- हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन नामांकन के दौरान खुरई से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने पार्टी की मजबूत स्थिति पर भरोसा जताते हुए कहा- बीजेपी की तैयारी पूरी है, अगर पार्टी तीसरा कैंडिडेट भी चुनाव मैदान में उतारती है तो भी हमारी जीत तय है। हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन है। प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने जमीन पर रहकर संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया है। 

मानसून की आहट के बीच पंजाब में मौसम विभाग की चेतावनी, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने 6 जून के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि तीन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इन जिलों के प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति कायम रहती है और वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य में मानसूनी वर्षा सामान्य से 8 से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद जून के मध्य से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी से कुछ राहत बनी रहेगी। जून के पहले पांच दिनों में सामान्य से अधिक बारिश 5 जून की सुबह तक पंजाब में औसतन 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान एसबीएस नगर में 9.5 मिलीमीटर और रूपनगर में 6.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून के पहले पांच दिनों में राज्य में औसतन 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत 2.8 मिलीमीटर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा एसबीएस नगर, अमृतसर, रूपनगर और मानसा में दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, मोगा और पठानकोट में अब तक बारिश नहीं हुई है। फाजिल्का और बठिंडा में भी बहुत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे खेती और जल संसाधनों को शुरुआती राहत मिली है। हालांकि वर्षा का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बादलों का इंतजार बना हुआ है। उत्तर भारत के मौसम पर सक्रिय सिस्टमों का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 जून 2026 तक देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों तक और आगे बढ़ सकता है। उधर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब समेत कई इलाकों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी हुई हैं। सुरेंद्र पाल के अनुसार 6, 7 और 11 जून को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 6 और 11 जून को कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो सकता है और अगले चार दिनों के दौरान इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तकनीकी खामी, लुधियाना में अलग हुई बोगी, बड़ा हादसा टला

 लुधियाना  दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही स्पेशल ट्रेन की एक बोगी का बाथरूम के पास का हिस्सा टूट गया। हालांकि, बाथरूम के पास कोई यात्री न होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर खड़ी है।लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कटरा स्पेशल ट्रेन का हादसा हो गया। ट्रेन जब चलने लगी तो 2 कोच को जोड़ने वाला कपलर टूट गई। जिससे स्लीपर कोच का टॉयलेट धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। दोनों कोच भी अलग हो गए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई।  जिस वक्त हादसा हुआ, ट्रेन लुधियाना से चलने वाली थी। न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (04081) नाम की यह ट्रेन आज (शनिवार) सुबह ही नई दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही थी। हादसे का पता चलते ही रेलवे सुरक्षा बल और लोकल पुलिस स्टेशन पर पहुंच गई है। इस घटना से जुड़े 3 बड़े बयान पढ़िए:- 1. लुधियाना के ADCP समीर वर्मा:-     तकनीकी खराबी आई, जांच की: ADCP समीर वर्मा ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।     दरार आई, वेल्डिंग फेलियर संभव: ADCP ने कहा- जांच में पता चला कि जम्मू-कटड़ा की ओर जा रही ट्रेन के एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में अचानक दरार (ब्रेकेज) आ गई थी। रेलवे के तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों ने जांच के दौरान बताया कि यह मामला वेल्डिंग फेलियर का प्रतीत होता है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर पड़ गई थी और उसी स्थान से हिस्सा टूट गया।     ब्लास्ट नहीं, यात्री सुरक्षित: ADCP ने कहा- रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई ब्लास्ट या विस्फोट नहीं था। घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। 2. फिरोजपुर डिवीजन के DRM संजीव कुमार:-     पैनल ब्रेक हुआ, गाड़ी चेक की: DRM संजीव कुमार ने कहा- 9 बजे ट्रेन यहां रूकी और पांच मिनट बाद यहां से जाने लगी। उनका कहना है कि जब ट्रेन चलने लगी तो एस-2 बोगी का एन पैनल ब्रेक हो गया। ट्रेन में तैनात स्टाफ ने गाड़ी रुकवा दी। एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। उसके बाद चेक किया गया।     आवाज आना स्वाभाविक, जांच करेंगे: DRM ने कहा- जब यह हादसा हुआ तो आवाज आना स्वाभाविक है। आवाज का सोर्स क्या था, यह अभी जांच का विषय है। उनका कहना है कि डब्बा 15 साल पुराना है जबकि डब्बे की लाइफ कम से कम 25 साल होती है। जांच के बाद ही स्पष्ट कारण बताए जा सकते हैं। जल्दी ही इन 2 डब्बों को छोड़कर गाड़ी तैयार की जाएगी ताकि लोगों को उनके गंतव्य तक भेजा जा सके। 3. ट्रेन में बैठा यात्री अमित चौहान:-     ट्रेन लेट हुई, दिल्ली में पुराना डिब्बा जोड़ा: ट्रेन में बैठे यात्री अमित चौहान का कहना है कि वो माता वैष्णो देवी जा रहे थे। ट्रेन का दिल्ली से टाइम 11.30 बजे थे लेकिन ट्रेन वहां से ढाई बजे रात को चली है। वहां पर लोग परेशान रहे। आखिर में दिल्ली में एक पुराने डब्बे को लाया गया और स्टोर में खड़ी बोगियों को लोकर ट्रेन तैयार की गई।     जैसे ही चलने लगी तो हादसा हुआ, माता की कृपा से बचे: अमित ने कहा- हमें तभी लग गया था कि यह ट्रेन गड़बड़ करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लुधियाना स्टेशन पर रूकी और पांच मिनट बाद जब चलने लगी तो यह हादसा हुआ। माता रानी की कृपा रही कि सभी सुरक्षित रहे। उसका कहना है कि अगर यह हादसा हाईस्पीड में होता तो मंजर खतरनाक हो सकता था।     अंदर बैठे लोग कांपने लगे, तुरंत बाहर आए: अमित ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कुछ सामान चढ़ाया जा रहा था। जब ट्रेन चलने लगी तो तेज आवाज आई और लोग बाहर आ गए। लोग आवाज सुनकर डर गए और वो डर के मारे कांपने लगे। रेल विभाग इस तरह का काम न करे और लोगों की जान का को खतरे में न डाले।

ब्लू स्टार बरसी पर अमृतसर में बढ़ी हलचल, श्री अकाल तख्त से जत्थेदार का कौम के नाम संबोधन

अमृतसर  ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 42वीं बरसी है। श्री अकाल तख्त साहिब में सुबह से ही संगत पहुंचने लगी है।  सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड अपने समर्थकों के साथ श्री अकाल तख्त पहुंचे। अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अपने साथियों के साथ श्री अकाल तख्त पर पहुंचे। आज गुरुनगरी में बंद का आह्वान किया गया है। इसे देखते हुए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। सिविल ड्रेस में पुलिस और गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी तैनात हैं।   एसजीपीसी ने भी श्री अकाल तख्त साहिब के आसपास अपनी टास्क फोर्स तैनात की है। अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने सिख कौम को संदेश दिया। श्री अकाल तख्त साहिब के पास संगत ने खालिस्तान के नारे लगाए। कड़ी सुरक्षा और नाकाबंदी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरु नगरी में 65 से ज्यादा जगहों पर नाकाबंदी है। संदिग्ध वाहनों और लोगों की तलाशी ली जा रही है। होटल मालिकों को संदिग्धों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट पर भी चेकिंग अभियान चल रहे हैं। जिले में पुलिस और अर्ध सैनिक बल की कुल ग्यारह कंपनियां तैनात की गई हैं।   ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिस पर आज भी बहस खत्म नहीं हुई. एक पक्ष इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कार्रवाई मानता है, तो दूसरा इसे सिख भावनाओं पर चोट के रूप में देखता है. यही वजह है कि हर साल 6 जून को अमृतसर में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और भिंडरावाले को याद करते हैं. इस बार भी कई संगठनों ने विशेष अरदास की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 1984 की कार्रवाई ने पूरे सिख समुदाय को गहरी पीड़ा दी थी. वहीं प्रशासन का फोकस किसी भी तरह की उग्र गतिविधि को रोकने पर रहा. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें नारेबाजी और पोस्टर दिखाई दिए. ऐसे में सवाल फिर उठने लगा है कि आखिर 6 जून को ही स्वर्ण मंदिर में इतना संवेदनशील माहौल क्यों बन जाता है।  42 साल बाद भी क्यों जिंदा है ब्लू स्टार का जख्म?     ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 के बीच चलाया गया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर में कार्रवाई की थी. सेना का मकसद जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके हथियारबंद समर्थकों को बाहर निकालना था. इस ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई और 6 जून 1984 को भिंडरावाले मारा गया. इसी वजह से हर साल 6 जून को उसकी बरसी के तौर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।      इस सैन्य अभियान के दौरान अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा था. यही कारण है कि सिख समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की बेअदबी मानता है. ऑपरेशन के बाद पूरे देश में तनाव फैल गया था. बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद देश में भयानक दंगे हुए थे।      स्वर्ण मंदिर परिसर में  सुरक्षा बेहद कड़ी रही. पंजाब पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं. मंदिर परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई. प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी हालत में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।  अपनों ने किया श्री हरिमंदिर साहिब पर हमला जून 1984 की घटनाओं की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कौम के नाम संदेश पढ़ते हुए कहा कि जून 1984 में भारतीय सेना ने श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर कार्रवाई की थी, जिसमें दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल शबेग सिंह समेत अनेक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना में टैंकों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसे सिख इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। जत्थेदार ने बीबी सतनाम कौर और बीबी वाहेगुरु कौर सहित उन महिलाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए बलिदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान और परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास हुए हैं। साथ ही कहा कि सिख समुदाय ने दुनिया भर में मेहनत, सेवा और “सरबत दा भला” की भावना से सम्मान हासिल किया है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। जत्थेदार ने अपने संदेश में कहा कि पहले विदेशी ताकतें हमला करती थी। लेकिन  इस घल्लूघारा में अपनों ने ही हमला किया।  सिखों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि सिख इस देश के बराबरी के अधिकार रखने वाले नागरिक हैं और उन्होंने हमेशा अपनी आन, बान और शान के साथ जीवन व्यतीत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान को कमजोर करने और पांच ककारों को समाप्त करने जैसी नीतियां बनाई गईं तथा सिखों की अलग पहचान मिटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर दुनिया भर से लोग आकर रहते हैं, लेकिन जब सिख अन्य राज्यों में बसने जाते हैं तो कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सिख अपने गुरुओं और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का जज्बा रखते हैं। जत्थेदार ने कहा कि आज सिख समुदाय पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, सेवा और सरबत दा भला की भावना के कारण सम्मानित पहचान बना चुका है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर विश्व स्तर पर सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। पुलिस मुस्तैत, रिजर्व फोर्सेस तैनात हेरिटेज स्ट्रीट के चप्पे चप्पे की निगरानी पुलिस अफसर सीसी कैमरों के जरिए कर रही है। गुरुनगरी के मुख्य प्वाइंट्स पर … Read more

308 करोड़ के केशकाल घाट बायपास का उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, कार्यों की प्रगति परखी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर बायपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है। 11.38 किमी का है बायपास, 2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोंडागांव जिले के केशकाल शहर में केशकाल से सलना तक सड़क मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। साव नजदीक के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

बदायूं, गोरखपुर और लखनऊ महिला पीएसी परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, झलकारीबाई तथा उदा देवी की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित होगी: मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित बल और मजबूत अवसंरचना से सशक्त होगी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री पीएसी में तैयार होगा आईसीसीसी, एक ही डिजिटल नेटवर्क में जुड़ेंगी सभी वाहिनियां पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश बदायूं, गोरखपुर और लखनऊ महिला पीएसी परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, झलकारीबाई तथा उदा देवी की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित होगी: मुख्यमंत्री पीएसी बैंड कार्मिकों के समयबद्ध पदोन्नति के लिए नियमावली तैयार करें: मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था से आपदा प्रबंधन तक, सुरक्षा तंत्र के व्यापक आधुनिकीकरण पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा सिविल पुलिस से मिलता-जुलता नहीं, विशिष्ट हो पीएसी का गणवेश संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के सुदृढ़ीकरण पर मुख्यमंत्री का फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की वास्तविक शक्ति उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्मिक होते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक और तकनीक आधारित बनाया जाए, ताकि सुरक्षा बलों के जवान हर परिस्थिति में प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हों। गुरुवार को उत्तर प्रदेश प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी), एसडीआरएफ तथा उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास एवं भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ प्रदेश की सुरक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और इन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने पीएसी बल का गणवेश सिविल पुलिस से अलग करने की आवश्यकता भी जताई। मुख्यमंत्री ने पीएसी के डिजिटलीकरण एवं तकनीकी उन्नयन की समीक्षा करते हुए कहा कि आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि सभी पीएसी वाहनों में जीपीएस एवं डैशकैम स्थापित करने तथा त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश पीएसी एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) परियोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से प्रदेश की सभी पीएसी वाहिनियों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग, ड्रोन एवं एआई आधारित निगरानी, लाइव कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित किए जाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था, चुनावी तैनाती, महिला सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला बटालियनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में महिला बटालियनों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने तीनों बटालियन परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, वीरांगना उदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए। यह भी बताया गया कि बलरामपुर, मीरजापुर और जालौन में नई महिला वाहिनियों से संबंधित कार्यवाही भी आगे बढ़ाई जा रही है।  मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 16 मई से 30 जून तक विभिन्न नदी तटों पर 17 पीएसी कंपनियों का विशेष बाढ़ राहत प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने सभी उपकरणों की नियमित जांच और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीआरएफ की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इसकी टीमें वर्तमान में 12 जनपदों में तैनात हैं तथा संभावित बाढ़ परिस्थितियों को देखते हुए 15 जनपदों में अतिरिक्त तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एसडीआरएफ कर्मियों को एनडीआरएफ अकादमी नागपुर, नादिया, पश्चिम बंगाल तथा नंदा देवी इंस्टीट्यूट ऑफ एयरो रेस्क्यू सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पीएसी बैंड के कार्मिकों के समयबद्ध पदोन्नति की नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही एसडीआरएफ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खोज एवं बचाव कार्यों के लिए ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन की उपयोगिता पर विचार को भी कहा। उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, आरआरटीएस, न्यायालय परिसरों, महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों तथा प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी जिम्मेदारी निरंतर बढ़ रही है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में यूपीएसएसएफ 11 एयरपोर्ट, 4 मेट्रो नेटवर्क, मेरठ आरआरटीएस, लोकभवन, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा 5 जनपदीय न्यायालयों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहा है।  मुख्यमंत्री ने एसएसएफ में तैनाती के लिए मानकीकरण के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से एयरपोर्ट सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाते हुए प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता को और मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने यूपीएसएसएफ की विभिन्न वाहिनियों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि मुख्यालय एवं प्रथम वाहिनी, लखनऊ के निर्माण कार्य में लगभग 77 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। गोरखपुर स्थित द्वितीय वाहिनी का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर एवं अयोध्या में प्रस्तावित वाहिनियों से संबंधित कार्यवाहियां भी प्रगति पर हैं।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, तकनीकी उन्नयन, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास तथा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों एवं परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।