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MP में बदलता मौसम: रायसेन में ओस, उज्जैन-इंदौर-धार-अंबाह में घना कोहरा, ग्वालियर में ओले गिरे

भोपाल  मध्य प्रदेश में घने कोहरे के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी के साथ आज भी कई जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। जबकि, कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में ओले और बारिश का दौर जारी है। जबकि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिससे 10 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी में गरज चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। जबकि, भोपाल समेत कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी देखने को मिला। आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई है. इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी मौसम वैज्ञानिक ई दिव्या बताती हैं, "वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है." इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 3 फरवरी को आगर मालवा, राजगढ़ गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, दमोह, टीकमगढ़ निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिले में बारिश हो सकती है. जबकि 4 फरवरी को श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 5 और 6 फरवरी को यहां बरसेगा पानी 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा जिले में बारिश हो सकती है. 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश हो सकती है. एक साथ सक्रिय है 3 सिस्टम आईएमडी के अनुसार वर्तमान में 3 सिस्टम एक साथ एक्टिव है, जिस वजह से रविवार और सोमवार को ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, आगर, उज्जैन, दतिया जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा नीमच और मंदसौर में ओले गिरे हैं, जबकि आगर में तेज हवाएं चली. छतरपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं ग्वालियर, उज्जैन रीवा में हल्का कोहरा छाया रहा.  टेम्प्रेचर में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रदेश में अधिकतम तापमान खरगौन में 30.2 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.4 रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी माह में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा. खासतौर से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.  एमपी के इन जिलों में 3 दिन मौसम का हाल 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना में मध्यम कोहरा रहेगा। -5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। -6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा रहेगा।

निवेशकों की चांदी! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड उछाल

मुंबई  भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से मंगलवार को शेयर बाजार रॉकेट बन गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स और निफ्टी में जबरदस्‍त तेजी देखने को म‍िली. मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई बीएसई सेंसेक्स ने 2500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी. निफ्टी भी 700 अंक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. शेयर बाजार में आई तेजी से प‍िछले कुछ महीने से लगा ग्रहण छंटता नजर आया. शेयर बाजार में आई तेजी पिछले कुछ महीने की अन‍िश्‍च‍ितता को खत्म करने वाली है. प‍िछले कुछ महीने से बाजार ट्रंप के टैरिफ को लेकर दबाव में चल रहा था. सभी इंडेक्‍स में जबरदस्‍त तेजी ट्रंप के टैर‍िफ घटाने का असर न‍िफ्टी 50 के अलावा बैंक न‍िफ्टी, न‍िफ्टी फाइनेंस, न‍िफ्टी म‍िड कैप और न‍िफ्टी स्‍मॉलकैप समेत सभी इंडेक्‍स में देखने को म‍िला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रेड डील का ऐलान कर द‍िया. अमेरिका की तरफ से भारत से न‍िर्यात क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी हटा द‍िया. GIFT निफ्टी ने सुबह ही द‍िया था संकेत डील की खबर आते ही GIFT निफ्टी (भारतीय बाजार का पूर्वानुमान देने वाला इंडेक्‍स) में 700-800 अंक की मजबूत छलांग देखी गई थी. सुबह 6-7 बजे ही यह 3 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर था. बाजार खुलते ही सेंसेक्स 83,000-84,000 के स्तर पर पहुंच गया और 2500 अंक से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. निफ्टी भी चढ़कर 25,800 के पार चला गया. किन सेक्‍टर में होगी न‍िवेशकों की चांदी? ट्रेड डील से एक्‍सपोर्ट बेस्‍ड सेक्टर में भारी उछाल देखा गया. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी देखने को म‍िल रही है. इन सेक्टर से जुड़ा सामान अब अमेरिका में पहले से सस्ते दाम पर म‍िल सकेगा, जिससे कंपनियों के प्रॉफ‍िट में बढ़ोतरी का अनुमान है. जानकारों का कहना है कि यह डील इंड‍ियन इकोनॉमी और शेयर मार्केट के लिए बड़ा बूस्ट है. टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और रुपये पर भी दबाव कम होगा.   पीएम मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया और ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि “Made in India उत्पादों पर अब केवल 18% टैरिफ लगेगा” और यह निर्णय 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक शानदार घोषणा है। ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। भारत रूस से आयल खरीद बंद करेगा और वर से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा। एशियाई-अमेरिकी बाजार में तेजी जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 प्रतिशत ऊपर 5,198 कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी चढ़कर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 प्रतिशत ऊपर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका का डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.94 फीसदी और एसएंडपी 500 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सोना-चांदी इतना हुआ महंगा शेयर बाजार में तूफानी के साथ ही मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। एमसीएक्स पर कारोबार की ओपनिंग होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी झटके में 21000 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई। मंगलवार को खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना भी चांदी की तरह ही 5,494 रुपए महंगा होकर 1,49,485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। भारतीय रुपया ने दिखाया दम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनने और टैरिफ में कटौती किए जाने के ट्रंप के ऐलान का असर Indian Currency पर भी देखने को मिला है और मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% की तेजी लेकर 90.40 पर खुला. बता दें कि इसका पिछला बंद भाव 91.5125 था। शुरुआती कारोबार में ये Top गेनर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत में टॉप-10 गेनर स्टॉक्स की बात करें, तो Adani Ports, Reliance के अलावा, बजाज फाइनेंस (6.50%), इटरनल शेयर (4.50%), बजाज फिनसर्व (4.31%), इंडिगो (3.99%), महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर (3.95%), सनफार्मा (3.63%), इंफोसिसि (3.50%), टाइटन (3%) और मारुति (2.94%) की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस-अडानी समेत ये शेयर बने रॉकेट India-US Trade Deal और टैरिफ 18% पर आने के असर से गदगद हुए शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अडानी पोर्ट का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछल गया, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर भी करीब 4 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया। भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?     बांग्लादेश: 20%     वियतनाम: 20%     मलयेशिया: 19%     कंबोडिया: 19%     थाईलैंड: 19%     पाकिस्तान: 19% ज्यादा टैरिफ वाले देश     चीन: 34%     ब्राजील: 50%     दक्षिण अफ्रीका: 30%     म्यांमार: 40%     लाओस: 40% भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश     यूरोपीय यूनियन: 15%     जापान: 15%     दक्षिण कोरिया: 15%     स्विट्जरलैंड: 15%     यूनाइटेड किंगडम: 10%  

MP के रायसेन में जल्द बन सकता है रोप-वे! शिवराज ने साझा की बड़ी खबर

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, 'रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।' इसके आगे शिवराज ने कहा, 'मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।' MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’ बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं। बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।

ट्रंप का भारत पर भरोसा! पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ, NDA खेमे में उत्साह

 नई दिल्ली नई दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद एनेक्सी भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद एनेक्सी भवन पहुंचे. उनके साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव भी एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे. बैठक में एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीते कुछ महीनों में भारत द्वारा किए गए अहम व्यापार समझौतों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील्स किए हैं, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील सबसे अहम है. रिजिजू ने इसे भारत की कूटनीतिक और आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण बताया. सेंसेक्स 2400, तो निफ्टी ने लगाई 700 अंकों की छलांग, टैरिफ डील से गदगद बाजार, ये 10 शेयर बने रॉकेट एनडीए नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. नेताओं का कहना था कि इस समझौते से भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी. बैठक में यह भी कहा गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और मजबूत होगी. एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत कर रहा है. एनडीए संसदीय दल की बैठक में कुल मिलाकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया और इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया गया. भारत पर पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ… PAK-बांग्लादेश भारत के लिए गुड न्यूज (Good News For India) आ गई है और डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को घटाने (US Tariff Cut) का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट शेयर कर Tariff Cut और India-US Trade Deal पर सहमति बनने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ अब 25% से घटकर सिर्फ 18% किया जाएगा. इस बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और दोस्ती निभाते हुए टैरिफ में बड़ी कटौती कर दी. बता दें कि अब भारत पर अपने पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन से भी कम Tariff हो गया है.  भारत पर 18% टैरिफ ही फाइनल  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इस ऐलान के साथ ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बीते कुछ समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और उसपर 50% की जगह 18 फीसदी का टैरिफ ही फाइनल है. वहीं रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से भी बताया गया है कि अमेरिका ने रूसी तेल आयात (Russian Oil Import) से जुड़े दंडात्मक शुल्क को वापस ले लिया है और अब सिर्फ संशोधित Reciprocal Tariff यानी 18 फीसदी लागू रहेगा.   भारत सबसे ज्यादा फायदे में, चीन-PAK पीछे  ट्रंप के भारत को लेकर किए गए इस बड़े Tariff Cut के ऐलान से अमेरिका के नए टैरिफ स्ट्रक्चर शुल्क संरचना के साथ भारत अब इस मामले में पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं से ज्यादा फायदे में आ गया है. चीन और पाकिस्तान की तुलना में भी भारत में अब काफी कम शुल्क हैं, जबकि इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम भी भारत से ज्यादा टैरिफ झेलने वाले देश बन चुके हैं.  इन देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ चीन 37%  ब्राजील 50%  दक्षिण अफ्रीका 30%  म्यांमार 40% लाओस 40% इन देशों पर कम, लेकिन भारत से ज्यदा टैरिफ बांग्लादेश 20% वियतनाम 20% मलेशिया 19%  कंबोडिया 19% थाईलैंड 19%  पाकिस्तान 19% टैरिफ के ये आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि भारत के लिए संशोधित Tariff Rate उसे अमेरिका के सबसे प्रमुख सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों की लिस्ट और भी करीब लाता है. 

मार्केट में भूचाल! गिरावट के बाद सोना-चांदी की जबरदस्त वापसी, चांदी ₹21 हजार महंगी

 इंदौर / नई दिल्ली    सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. चांदी की कीमतों में फिर उछाल  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.  तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  Gold Rate में भी तगड़ी तेजी चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया.  सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है.

मध्य प्रदेश के 25 जिलों में अगले 3 दिन मावठा बारिश का अनुमान, तापमान गिरेगा, किसान चिंतित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम और ठंड में बदलाव देखने को मिल रहा है. अधिकतर जिलों में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि, अगले 3 दिनों में मध्य प्रदेश के 25 जिलों में मावठा की बारिश हो सकती है. जिससे तापमान में और गिरावट आएगी. बारिश की आशंका ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बीते दिनों कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई थी. हालांकि कई जिलों में बारिश का दौर रुक गया है लेकिन ठंडक बनी हुई है. पूरे प्रदेश में सुबह के समय कोहरा छाया रहता है. मौसम में बदलाव के संकेत, मौसमी प्रणालियां सक्रिय मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ''वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ एक द्रोणिका भी जुड़ी हुई है, जो मौसम में बदलाव के संकेत दे रही है.'' उन्होंने बताया कि, ''दक्षिणी हरियाणा और उससे लगे उत्तरी राजस्थान के क्षेत्र में एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है. इस चक्रवात से लेकर मध्य महाराष्ट्र तक एक लंबी द्रोणिका विकसित हुई है, जो गुजरात होते हुए आगे बढ़ रही है. इस मौसमी प्रणाली के कारण संबंधित क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा सकती है.'' मध्य प्रदेश में बारिश का अनुमान मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, ''पूर्वोत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम की हवाएं सक्रिय हैं. जिनकी रफ्तार करीब 232 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. इन तेज हवाओं का प्रभाव आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को और प्रभावित कर सकता है.'' दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ''5 फरवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है. इसके असर से कुछ इलाकों में बादल, हल्की से मध्यम वर्षा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.'' नीमच-मंदसौर में गिरे ओले  नीमच और मंदसौर जिले में तेज हवाएं चलीं, इस दौरान ओले भी गिरे. कई गांव सफेद बर्फ की चादर से ढंक गए. इसके अलावा ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में भी हल्की बारिश हुई. बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि बीते दिनों हुई बारिश से किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं. गेहूं की फसल, जो अभी फूलने की स्टेज में है, खराब हो सकती है. बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है. जिससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है. खंडवा सहित कई जिलों में खेतों में खड़ी लगभग 50 से 60 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई है. जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. नीमच के जीरन क्षेत्र में नींबू के आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कें बर्फ जैसी दिखाई दीं. इससे अफीम, गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल फूलों की अवस्था में है, इसलिए बारिश और ओलावृष्टि से पैदावार पर असर पड़ सकता है.

MP में हाईवे पर हर दिन 21 करोड़ का खर्च, बावजूद इसके 33 सड़क हादसे और 10 मौतें

भोपाल. मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। बावजूद इसके नेशनल हाईवेज की जमीनी हकीकत आज भी डरावनी है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने एक चौंकाने वाला विरोधाभास उजागर किया है।  प्रदेश में जहां हाईवे के रखरखाव और विकास पर हर दिन औसतन 21 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। आंकड़ों की मानें तो एमपी के हाईवे पर हर दिन औसतन 33 सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें रोजाना 10 से 11 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। पांच साल में खर्च हुए 38 हजार 700 करोड़ सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020-21 से लेकर 2024-25 तक MP में हाईवे के विकास और मरम्मत के लिए कुल 38 हजार 700 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसका मतलब है कि सरकार हर साल औसतन 7 हजार 740 करोड़ राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, डवलपमेंट और सुरक्षा कार्यों पर खर्च कर रही है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़कों पर सुरक्षित सफर की गारंटी नहीं मिल पा रही है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लिखित उत्तर से सामने आया है कि मध्य प्रदेश में हर दिन औसतन करीब ₹21 करोड़ हाईवे मेंटेनेंस और विकास पर खर्च हो रहे हैं , इसके बावजूद रोजाना औसतन 33 सड़क हादसे हुए और 10 से 11 लोग अपनी जान गवां रहे हैं। हर साल कितना खर्च हो रहा है? सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार 2020-21 से 2024-25 तक कुल हाइवे मेंटेनेंस व विकास बजट (MP): लगभग ₹38,700 करोड़ यानी औसतन ₹7,740 करोड़ हर साल है। सरकार के मुताबिक यह राशि राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, चौड़ीकरण, उन्नयन और सड़क सुरक्षा पर खर्च की गई। 12 हजार से ज्यादा हादसे हर साल लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों को देखें तो एमपी में 2021 से लेकर 2025 तक पांच सालों में 61,176 दुर्घटनाएं हुई और इन हादसों में 19,416 मौतें हुईं। हर साल औसतन एमपी में 12,235 हादसे हो रहे हैं और 3,883 मौतें प्रति वर्ष हो रहीं हैं। हर दिन ₹21 करोड़ खर्च, फिर चूक कहां? केंद्र सरकार के अनुसार यह बजट सड़क चौड़ीकरण, मरम्मत व रखरखाव, सुरक्षा कार्य, और नई परियोजनाओं पर खर्च किया गया। बीते पांच साल में मध्य प्रदेश को 4,000 किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं भी सौंपी गईं। इसके बावजूद हादसों की संख्या यह सवाल खड़ा करती है कि क्या मेंटेनेंस की गुणवत्ता, हाइवे डिजाइन और सुरक्षा इंतजाम जमीन पर उतने प्रभावी हैं? सरकार ने गिनाईं वजहें लोकसभा में दिए जवाब में मंत्रालय ने हादसों के लिए तेज रफ्तार, लापरवाही, ओवरलोडिंग, सड़क व वाहन की स्थिति को जिम्मेदार बताया। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक स्पॉट सुधार, साइनज, लाइटिंग, सर्विस रोड और निगरानी पर खर्च की वास्तविक असरदार मॉनिटरिंग भी जरूरी है। डेवलपमेंट और मेंटेनेंस पर खर्च हुई राशि(करोड़ रुपए) वर्ष खर्च 2020–21 8,250 2021–22 9,006 2022–23 6,210 2023–24 7,447 2024–25 7,799 पांच साल में 19 हजार से ज्यादा मौतें लोकसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच मध्य प्रदेश के हाईवे पर कुल 61 हजार 176 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों ने प्रदेश को गहरे जख्म दिए हैं। इनमें 19 हजार 416 लोगों की मौत हो गई। अगर इसका सालाना औसत निकालें, तो प्रदेश में हर साल 12 हजार 235 हादसे हो रहे हैं। साथ ही 3 हजार 883 लोग काल के गाल में समा रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि करोड़ों के निवेश के बाद भी हाईवे डेथ ट्रैप बने हुए हैं। मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्घटना रिपोर्ट (2021-2025) साल कुल हादसे (Total Accidents) कुल मौतें (Total Deaths) 2021 11,030 3,389 2022 13,860 4,025 2023 14,561 4,476 2024 13,937 4,644 2025 7,788 2,882 कुल (Total) 61,176 19,416 करोड़ों के खर्च के बाद चूक कहां? केंद्र सरकार का दावा है कि बीते पांच सालों में मध्य प्रदेश को चार हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं सौंपी गईं। बजट का बड़ा हिस्सा सुरक्षा इंतजामों और मरम्मत पर खर्च हुआ। लेकिन हादसों की बढ़ती संख्या ने मेंटेनेंस की गुणवत्ता और हाईवे डिजाइन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या साइन बोर्ड, लाइटिंग और सर्विस रोड जैसे सुरक्षा इंतजाम कागजों से उतरकर जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो पा रहे हैं?  

केंद्रीय बजट 2026: एमपी के रेलवे नेटवर्क के लिए 7500 करोड़ का फंड, इस मंडल को मिलेगा बड़ा लाभ

ग्वालियर देश के आम बजट के साथ रेलवे का बजट (Railway Budget 2026) भी पेश किया गया है। इसमें रेल मुसाफिरों की सुरक्षा पर फोकस रहा है। रेल हादसों को रोकने के लिए मुख्य रेल मार्गों पर कवच (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) लगाने के काम को तेज किया जाएगा। रेल अधिकारियों का कहना है इससे रेल एक्सीडेंट की आशंका को काफी हद तक खत्म किया जाएगा। इसके अलावा रेल बजट में इस बार गेज कन्वर्जन की राशी को 4284 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4600 करोड़ रुपए किया है और सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को पुख्ता करने के लिए 7500 रुपए खर्च होंगे। इसमें कवच सुरक्षा भी शामिल है। क्या है ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम रेल अधिकारियों का कहना है ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम एक आधुनिक कवच प्रणाली है। इस पर करीब 2012 से प्रयोग चल रहा है। इसे अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने तैयार किया है। इससे रेल दुर्घटनाओं की गिनती में कमी आएगी। पिंक बुक से सामने आएंगी सौगातें ग्वालियर, आगरा, झांसी, सहित दूसरे स्टेशन को रेल बजट में क्या सौगात मिली है इसका खुलासा पिंक बुक के जारी होने पर सामने आएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक पिंक बुक 2 फरवरी को जारी किए जाने की उम्मीद है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंहका कहना है पिंक बुक जारी होने पर पता चलेगा कि एनसीआर को कितना बजट मिला है इसमें ग्वालियर को क्या सहूलियतें मिलीं हैं। मिलेगा फायदा, यह भी उम्मीद     केंद्र सरकार ने बजट में 20 हजार से अधिक पशु डॉक्टरों की उपलब्धता की बात है। जिले में पशु चिक्तिसकों की काफी कमी है। स्थिति यह है कि प्रदेश की सबसे गोशाला में भी पशु नहीं है,ऐसे में जिले को भी डॉक्टर मिलने से काफी फायदा मिलेगा।     वीजीएफ/पुंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास बनाया जाएगा। इससे जिले को महिला छात्रावास मिल सकेगा।     बजट में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना होगी। इसमें जिले में भी दो माध्यमिक विद्यालयों व एक महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाएं खोलने की उम्मीद है।     ग्वालियर जिले में भी उच्च शिक्षा एसटीईएम संस्थानों में महिला छात्रावास बनाया जाएगा। 

भारत ने C+1 फॉर्मूला के लिए बिछाया रेड कारपेट, यही रणनीति बनाएगी सोने की चिड़ीया

नई दिल्ली ज‍ियोपॉल‍िट‍िक्‍स में अब खेल इकोनॉमी के जर‍िये खेला जा रहा है. आपको याद होगा, जब कोव‍िड आया तो पूरा का पूरा सप्‍लाई चेन ह‍िलने लगा. यूक्रेन संकट ने आग में घी का काम क‍िया.दुन‍िया को समझ नहीं आया क‍ि अब जाएं तो जाएं कहां.ज‍िन देशों के साथ वे कारोबार कर रहे थे,वे फंस चुके थे. रही सही कसर अमेर‍िकी टैर‍िफ ने पूरी कर दी. अब दुन‍िया को डर लग रहा क‍ि अगर चीन पर अमेर‍िकी सख्‍ती बढ़ी, ताइवान पर हमला हुआ तो मुश्क‍िल होगी. इसल‍िए ज्‍यादातर देश ‘चीन + 1’ (C+1) फार्मूला अपना रहे हैं. भारत यह भांप चुका है. इसील‍िए बजट में सरकार ने ऐसे देशों, ऐसी कंपन‍ियों के ल‍िए रेड कारपेट ब‍िछा द‍िए हैं. मोबाइल, लैपटॉप और सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट दी गई है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम को बजट से ताकत दी है ताकि विदेशी कंपनियां चीन छोड़कर भारत आएं. मैसेज साफ है क‍ि अगर ताइवान या चीन में संकट आता है, तो भारत दुनिया की बैकअप फैक्ट्री बनने के ल‍िए पूरी तरह तैयार है. और यहीं से फ‍िर सोने की च‍िड़‍िया बनने का रास्‍ता खुलेगा. 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का एक्सप्रेसवे दुनिया की 40% मैन्युफैक्चरिंग पर चीन का कब्जा है. यहीं से पूरी दुन‍िया में जरूरत की बहुत सारी चीजें जा रही हैं. लेकिन साल 2026 ‘टर्निंग पॉइंट’होने जा रहा है. शी जिनपिंग की विस्तारवादी नीतियों और ब्लैक बॉक्स जैसी अर्थव्यवस्था से तंग आकर ग्लोबल कंपनियां अब एक ऐसे देश की तलाश में हैं, जो न केवल लोकतांत्रिक हो बल्कि जिसके पास चीन को टक्कर देने वाला स्केल भी हो.भारत ने इसी ‘चीन प्लस वन’ (C+1) मौके को भुनाने के लिए अपना ‘रेड कारपेट’ बिछा दिया है. यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का वह एक्सप्रेसवे है जो भारत को फिर से ‘विश्व गुरु’ की गद्दी पर बैठाएगा. दुनिया को आखिर भारत की जरूरत क्यों है?     सप्लाई चेन का वेपनाइजेशन: कोरोना काल में चीन ने मेडिकल सप्लाई रोककर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. दुनिया समझ गई कि एक ही सप्लायर पर निर्भर रहना आत्मघाती है. अब एपल (Apple) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को अपनी सुरक्षा के लिए भारत जैसा भरोसेमंद पार्टनर चाहिए.     बूढ़ा होता चीन: चीन की वर्किंग पॉपुलेशन तेजी से घट रही है. वहां मजदूरी महंगी हो गई है. दूसरी ओर, भारत के पास 65% युवा आबादी है, जो अगले 30 साल तक दुनिया को सबसे सस्ती और कुशल लेबर दे सकती है.     ताइवान का साया: दुनिया की 90% एडवांस चिप्स ताइवान में बनती हैं. चीन की ताइवान पर नजर ने वैश्विक टेक कंपनियों को डरा दिया है. उन्हें एक ऐसा ‘बैकअप’ चाहिए जो युद्ध की स्थिति में भी ग्लोबल सप्लाई चेन को चालू रख सके. चीन की राह रुकी, तो भारत को कैसे होगा बंपर फायदा?     इलेक्ट्रॉनिक्स का नया गढ़: बजट 2026 में मोबाइल और लैपटॉप कंपोनेंट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाना एक सोची-समझी चाल है. भारत अब केवल असेंबली नहीं, बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है. 2025 तक भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 120 बिलियन डॉलर पार करने का अनुमान है.     सेमीकंडक्टर: चीन की दुखती रग: चीन चिप वॉर में अमेरिका से पिछड़ रहा है. भारत ने इसका फायदा उठाते हुए 1.5 लाख करोड़ रुपये का ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ शुरू किया है. टाटा और माइक्रोन (Micron) जैसी कंपनियों के प्लांट भारत को उस लिस्ट में खड़ा कर देंगे, जहाँ आज केवल ताइवान और चीन हैं.     केमिकल सेक्टर में ‘प्रिवी’ जैसे खिलाड़ियों का दबदबा: चीन में पर्यावरण नियमों की सख्ती के कारण वहां के केमिकल प्लांट बंद हो रहे हैं. इसका सीधा फायदा प्रिवी स्पेशलिटी और आरती इंडस्ट्रीज जैसी भारतीय कंपनियों को मिल रहा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की जगह ले रही हैं. कंपनियों को क्या मिल रहा है? PLI स्कीम: जितना बनाओगे, उतना पैसा पाओगे. 14 से ज्यादा सेक्टरों में सरकार कंपनियों को कैश इंसेंटिव दे रही है. यह चीन की सब्सिडी का भारतीय जवाब है. नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम: पहले भारत में जमीन से लेकर बिजली तक के लिए 50 दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब एक ही पोर्टल पर सारी क्लीयरेंस मिल रही है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ अब केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिख रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश: बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. पीएम गतिशक्ति के तहत नए पोर्ट्स और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, ताकि भारत से माल भेजना चीन से भी सस्ता पड़े.

मध्यप्रदेश के बजट में जबलपुर के लिए 300 करोड़ का फ्लाईओवर, ट्रैफिक जाम पर लगेगी लगाम

 जबलपुर   जबलपुर शहर के गढ़ा क्षेत्र में त्रिपुरी चौक, मेडिकल तिराहा और मेडिकल कॉलेज के सामने रोजाना लगने वाले भीषण जाम से राहत दिलाने के लिए लगभग ढाई से तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण की तैयारी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार के बजट (MP Budget 2026) में स्वीकृति मिलने की स्थिति में यह जबलपुर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा। इस फ्लाईओवर के बन जाने से गढ़ा, त्रिपुरी चौक और मेडिकल क्षेत्र के रहवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही ए्बुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित अन्य इमरजेंसी सेवाओं को भी जाम में फंसना नहीं पड़ेगा। ऐसा हो सकता है फ्लाईओवर का स्वरूप करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस फ्लाईओवर (Flyover Construction) की एक रैंप आईसीएमआर के सामने उतारे जाने की संभावना है, जबकि दूसरा रैंप सूपाताल क्षेत्र में बनाया जा सकती है। इसके अतिरिक्त साइड रैंप संजीवनी नगर और धनवंतरी नगर चौराहा की ओर उतारे जाने की योजना है। इससे मेडिकल मार्ग पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा और मरीजों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व मेडिकल छात्रों को सुगम आवागमन मिलेगा। वर्तमान में त्रिपुरी चौक से पंडा की मढिय़ा होते हुए इमरती तालाब और गंगा नगर तिराहा तक प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से गुजरने वाली 40 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी लंबे समय से यातायात अव्यवस्था से परेशान हैं। दो फ्लाईओवर चालू, एक निर्माणाधीन शहर में मदनमहल-दमोहनाका और कटंगा फ्लाईओवर पहले ही चालू हो चुके हैं, जबकि सगड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। पेंटीनाका फ्लाईओवर का काम रक्षा विभाग से एनओसी मिलते ही शुरू होना है। बंदरिया तिराहासा ईं मंदिर फ्लाईओवर को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं विजयनगर-धनवंतरी नगर फ्लाईओवर को बजट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके अलावा रेलवे पुल नंबर-2 से रद्दी चौकी फ्लाईओवर का प्राकलन तैयार किया जा रहा है और आईएसबीटी से आईटीआई फ्लाईओवर परियोजना पाइपलाइन में है, जिसके लिए केन्द्रीय रिजर्व निधि से फंड मिलना प्रस्तावित है। इन सबके बीच गढ़ा क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा।