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राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और 4 करोड़ घर गरीबों के लिए — देश के सपनों की दिशा

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।   उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’ पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।' आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों? नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।  

सीएम मोहन यादव बोले: इंडिया-यूरोपियन यूनियन डील से आम वस्तुओं की कीमतों में राहत

भोपाल  भारत ने यूरोपियन यूनियन के ट्रेड डील की है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ वार का जवाब माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस डील पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत व यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि इसका मध्यप्रदेश सहित देश के सभी राज्यों को भी लाभ होगा, अनेक वस्तुएं सस्ती होंगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। सीएम मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। राज्यों को भी भरपूर लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में ये विचार व्यक्त किए। भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है।

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी उछाल आई. बीएसई सेंसेक्‍स 487.20 या 0.60 फीसदी चढ़कर   82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक या 0.66%  चढ़कर 25,342.75 पर क्‍लोज हुआ.   BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर गिरवाट पर थे, बाकी 22 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. BEL के शेयर सबसे ज्‍यादा 8.90 फीसदी चढ़कर 453 रुपये पर पहुंच गए. इसके बाद  ETERNAL के शेयर 5 फीसदी चढ़कर 266 रुपये पर आ गए. बजाज फाइनेंस, फिनसर्व, ट्रेंट और पावरग्रिड शेयरों में 2 फीसदी की तेजी रही. मारुति सुजुकी, सनफार्मा, इंफोसिस, एयरटेल  जैसे शेयर गिरावट पर बंद हुए.   निवेशकों की हुई मोटी कमाई  शेयर बाजार में मिड और स्‍मॉलकैप में भी शानदार रैली देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 में 954 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी स्‍मालकैप 100 में 371 अंकों की तेजी आई. जिस कारण निवेशकों के पोर्टफोलियों में भी जबरदस्‍त उछाल देखने को मिला.  बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 453.67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 459.64 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 6 लाख करोड़ की उछाल है.  शेयर बाजार में क्‍यों आई तेजी?  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को आई तेजी का सबसे बड़ा कारण भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील को माना जा रहा है. जिसके तहत दोनों देश ज्‍यादातर समानों पर कम टैरिफ या शून्‍य टैरिफ लगाने पर सहमत हुए हैं. इस डील से भारत के एक्‍सपोर्ट में उछाल होने की उम्‍मीद है, जिससे कई कंपनियों को लाभ होगा. इस कारण शेयर बाजार का सेंटिमेंट बदल गया है.  वहीं लार्ज, मिड और स्‍मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी देखने को मिली, जिस कारण अच्‍छी खासी खरीदारी आई है. खासकर मार्केट बंद होने के कुछ ही घंटे पहले इन स्टॉक्‍स में बड़ी खरीदारी हुई.  इन शेयरों में 20 फीसदी की तेजी  स्‍टारलाइट शेयरों में आज 20 फीसदी की तेजी आई है, जो 103 रुपये पर पहुंच गया. तेजस नेटवर्क का शेयर 15 फीसदी चढ़ा, डेटा पैटर्न के शेयर में 13.63 फीसदी की उछाल आई. हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयरों में 12.67 फीसदी की उछाल आई है. ऑयल इंडिया के शेयरों में 9 फीसदी की तेजी आई है. मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में 8 फीसदी की उछाल आई है. 

एनसीपी नेता अजित पवार की मौत, राजनीतिक गलियारों में छाया मातम, नेताओं ने कही संवेदनाएं

भोपाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में आज सवेरे पौने नौ बजे हुए प्लेन क्रेश में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। उपमुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है। सीएम यादव ने जताया दुख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर दिए अपने संदेश में कहा- महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वे जमीन से जुड़े नेता थे। उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जताया दुख कमलनाथ ने अपने संदेश में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। दिग्विजय सिंह ने भी जताया दुख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी अजीत पवार के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अजित दादा के विमान हादसे में दुखद निधन की खबर सुनकर अत्यंत व्यथित हूं। सुनेत्रा जी और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

सालभर में उत्तराखंड में UCC ने बदल दी जिंदगी की तस्वीर, शादी और रिश्तों पर असर

देहरादून  उत्तराखंड में UCC यानी समान नागरिक संहिता लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. 27 जनवरी को राज्य में ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाया गया – और, ठीक एक दिन पहले 26 जनवरी को कानून में संशोधन प्रस्ताव लाया गया, जिसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.  2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से सत्ता में लौटने पर राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सत्ता में लौटने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. जनसंवाद, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और विधायी प्रक्रिया के बाद 7 फरवरी 2024 को यूसीसी विधेयक उत्तराखंड विधानसभा से पारित हुआ.  11 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करके 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना.  हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी केस नहीं यूसीसी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले जब उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया गया था, तब कई लोगों ने मजाक उड़ाया. पुष्कर सिंह धामी ने कहा, विपक्ष ने कहा था कि ये सिर्फ घोषणा भर है, और इसे लागू करना संभव नहीं है… लेकिन, सरकार ने कमेटी गठन से लेकर राष्ट्रपति की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया 27 जनवरी, 2025 तक पूरी करके UCC लागू भी कर दिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, बीते एक साल में हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी मामला सामने नहीं आया है. पुष्कर सिंह धामी कहते हैं, अगर भविष्य में कहीं ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, पहले जहां औसतन हर रोज 67 विवाह पंजीकरण होते थे, कानून लागू होने के बाद ये संख्या बढ़कर रोजाना 1400 से भी ज्यादा पहुंच गई है. उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026, राज्यपाल (रिटा.) लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की मंजूरी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. बीजेपी सरकार ने यूसीसी 2024 में आवश्यक संशोधनों के लिए ये अध्यादेश लाया है – फरवरी-मार्च के बजट सत्र में इसे विधेयक के रूप में सरकार विधानसभा में पास कराएगी. अध्यादेश को 6 महीने के भीतर सदन से पास करना जरूरी होता है.  संशोधन में जो बदलाव हुए हैं संशोधन के तहत दो बड़े बदलाव सबसे महत्वपूर्ण हैं. एक, विवाह में पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने पर अब कठोर सजा का प्रावधान जोड़ा गया है. और, 2010 से 2025 (26 जनवरी तक) के बीच शादी करने वाले सभी दंपतियों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.  1. विवाह के वक्त पहचान छुपाने या गलत जानकारी देने को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है, जबकि विवाह और लिव-इन संबंधों में बल प्रयोग, जबरदस्ती, धोखाधड़ी या कोई भी गैरकानूनी तरीका अपनाने पर सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं. 2. नए प्रावधानों में समय सीमा का पालन करने पर भी ज्यादा जोर दिया गया है. समय-सीमा का पालन न करने पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है. 3. संशोधन में ये भी प्रावधान है कि अगर सब-रजिस्ट्रार निर्धारित समय-सीमा के भीतर एक्शन नहीं लेता, तो मामला अपने आप रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल के पास चला जाएगा. और, रजिस्ट्रार जनरल को विवाह, तलाक, लिव-इन संबंधों और उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण रद्द करने की शक्ति दी गई है. 4. अध्यादेश में ये भी तय किया गया है कि रजिस्ट्रार जनरल का पद अब केवल अपर सचिव स्तर के अधिकारी को ही दिया जाएगा.  5. लिव-इन संबंध खत्म होने पर रजिस्ट्रार की तरफ से टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान किया गया है – और 'विडो' शब्द की जगह 'स्पाउज' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. यूसीसी के संशोधित स्वरूप को नए आपराधिक कानूनों के हिसाब से भी अपडेट किया गया है. अब आईपीसी और CrPC यानी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के नियमों को जोड़ा गया है.

अजित पवार के विमान हादसे में ग्वालियर की पायलट शांभवी पाठक, मैसेज कर दी थी दादी को

ग्वालियर  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। अजित पवार जिस चार्टर्ड प्लेन में सवार थे, उस प्लेन को ग्वालियर की रहने वाली शांभवी पाठक उड़ा रही थी। शांभवी पाठक ग्वालियर की रहने वाली थी। उनका जन्म ग्वालियर में ही हुआ और उनका बचपन भी वहीं बीता। उनकी दादी मीरा पाठक को शांभवी ने मुंबई से सुबह 6:36 पर मैसेज भेजा और उसमें लिखा था गुड मॉर्निंग दद्दा… इसके बाद शांभवी अपनी फ्लाइट पर पहुंच गईं और 8:46 बजे प्लेन क्रैश हो गया। ग्वालियर में फिलहाल शांभवी की दादी मीरा पाठक रहती हैं। पायलट शांभवी के घर पर उनकी कुछ बचपन की तस्वीरें हैं और फाइटर प्लेन से उन्हें बेहद लगाव था, क्योंकि उनके पिता भी इंडियन एयरफोर्स में रहे हैं। अगस्त में ग्वालियर आई थी शांभवी शांभवी पाठक के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। दादी मीरा पाठक ने बताया कि वह ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में जन्मी और यहीं एयर फोर्स स्कूल में पढ़ाई लिखाई हुई और उसके बाद वह दिल्ली चली गई। अगस्त के महीने में शांभवी पाठक ग्वालियर आई थी। शांभवी पाठक के बारे में दादी ने बताया कि वह बेहद हंसमुख थी और हमेशा मुझसे बात करती रहती थी।  पड़ोसी पहुंचे घर वहीं शांभवी पाठक की सूचना मिलते ही उनके पड़ोसी भी उनकी दादी के पास पहुंच गए। पड़ोसी महिलाओं ने बताया कि वह बहुत चंचल स्वभाव की थी और वह जब ग्वालियर आई थी तो उनसे मिलना जुलना होता था और खूब बातें करती थी। आज उसकी निधन की सूचना मिलने से गम का माहौल है। 

भागीरथपुरा की जल आपदा: दूषित पानी से 30वीं मौत दर्ज, शहर में हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इससे पहले मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।बुधवार को उनके स्वजन और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। समझाइश के बाद वे लोग अंत्येष्ठि के लिए माने और शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवना हुए। लक्ष्मी रजक जैन (निवासी)दूध वाली गली) दूषित पानी से फैले संक्रमण की शिकार हुईं। विडंबना यह रही कि उनके पति स्वर्गीय डॉ. के.डी. रजक ने जीवनभर मरीजों का इलाज किया, लेकिन उनके ही परिवार को यह त्रासदी झेलनी पड़ी। परिजनों के अनुसार रविवार को लक्ष्मी रजक को अचानक घबराहट और पेट में तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश गुप्ता ने बताया कि जांच में लक्ष्मी रजक की किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया था। संक्रमण तेजी से फैल चुका था और अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि उनके पति का निधन भी महज 17 माह पहले हुआ था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इसी दिन भागीरथपुरा निवासी 62 वर्षीय पूर्व पहलवान खूबचंद बंधोनिया की भी उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवरेज मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसकी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को पटखनी देने वाले खूबचंद दूषित पानी के संक्रमण से जंग हार गए। दो मरीज वेंटिलेटर पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस बीमारी का कहर भले ही अब काफी हद तक कम चुका है, लेकिन क्षेत्र के लोग अब भी परेशान है। भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 4,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से लगभग 450 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में पानी की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।    

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और भारत-ईयू डील: क्यों पड़ सकता है पड़ोसी देश मुश्किल में?

नई दिल्ली भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से अटका पड़ा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आखिरकार 27 जनवरी को साइन हो ही गया। इस समझौते के बाद भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए बड़े अवसर खुलते दिख रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि इस समझौते से भारत के वस्त्र निर्यात में तेज उछाल आ सकता है और यह सेक्टर मौजूदा करीब 7 अरब डॉलर से बढ़कर बहुत कम समय में 30 से 40 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इससे श्रम-प्रधान इस क्षेत्र में 60-70 लाख नई नौकरियों के सृजन की संभावना है। बांग्लादेश के प्रभुत्व को चुनौती और बराबरी का मौका पीयूष गोयल ने इस बात का जिक्र किया कि अक्सर यह सवाल पूछा जाता था कि बांग्लादेश कपड़ा निर्यात में भारत से इतना आगे क्यों है। दरअसल बांग्लादेश एक 'कम विकसित देश' (LDC) है, इसलिए उसे यूरोपीय बाजार में जीरो ड्यूटी (शून्य शुल्क) का लाभ मिलता है। इसी कारण बांग्लादेश ने यूरोपीय संघ के 250 अरब डॉलर के कपड़ा बाजार में से 30 अरब डॉलर पर कब्जा जमा लिया है। भारत अभी तक केवल 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है और भारतीय सामानों पर 12% तक की ड्यूटी लगती है। इस FTA के लागू होते ही भारत ड्यूटी के मामले में बांग्लादेश के बराबर आ जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा- अब जब FTA लागू होगा, भारत भी ड्यूटी के मामले में बांग्लादेश के बराबर हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को समान प्रतिस्पर्धी अवसर मिलेगा। वस्त्र उद्योग: कृषि के बाद सबसे बड़ा रोजगारदाता केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में वस्त्र उद्योग कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जिसमें लगभग 4 करोड़ लोग काम करते हैं। वर्तमान में भारत यूरोपीय संघ को सालाना करीब 7 अरब डॉलर के वस्त्र और परिधान निर्यात करता है, जिन पर 12 फीसदी तक आयात शुल्क लगता है। FTA लागू होते ही यह शुल्क समाप्त हो जाएगा, जिससे भारत का निर्यात तेजी से बढ़ सकता है। समझौते का दायरा और 'पहले दिन से' लाभ पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत भारतीय सामानों को अभूतपूर्व बाजार पहुंच मिलेगी। यह समझौता भारत से यूरोपीय संघ को होने वाले कुल निर्यात का लगभग 99% और यूरोपीय संघ से भारत को होने वाले निर्यात का 97% कवर करता है। कपड़ा, परिधान, गृह सज्जा और फर्निशिंग जैसे क्षेत्रों को, जिनमें श्रमिकों का हित सबसे ज्यादा है, उनको पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। वर्तमान में यूरोपीय बाजार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है (वस्तुओं में 1.5% और सेवाओं में 2.5%), जो अब तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है। कार्बन टैक्स (CBAM) की चुनौती और समाधान समझौते में आधुनिक नियामक चुनौतियों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ के 'कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म' (CBAM) पर भी ध्यान दिया गया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि CBAM एक क्षैतिज विनियमन है जो दुनिया भर के सभी भागीदार देशों पर लागू होता है। इस समस्या से निपटने के लिए एक 'तकनीकी संवाद' स्थापित किया जाएगा। भारतीय एजेंसियों को मान्यता दी जाएगी ताकि वे यूरोपीय मानकों के अनुसार भारत में ही कार्बन उत्सर्जन का सत्यापन कर सकें। दोनों पक्ष तकनीकी प्रक्रियाओं पर सहयोग करेंगे ताकि भारतीय निर्यातकों को यूरोप में अपनाई जाने वाली माप पद्धतियों को लेकर कोई परेशानी न हो।  

सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय: कमजोर छात्राओं की बोर्ड परीक्षा तैयारी के लिए शिक्षक कर रहे घर-घर पढ़ाई

 ग्वालियर माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा को लेकर जहां शिक्षा विभाग स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और छुट्टी वाले दिन भी पढ़ाई करवा रहा है, वहीं सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय के शिक्षकों ने छात्राओं की तैयारी के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। स्कूल के शिक्षक अब छात्राओं के घर तक पहुंचकर उन्हें पढ़ा रहे हैं, ताकि कमजोर छात्राएं भी अच्छे अंक ला सकें और स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत बना रहे। यह पहल खास तौर पर उन छात्राओं के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने त्रैमासिक और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया या जो किसी कारणवश नियमित कक्षाओं से नहीं जुड़ पा रही थीं। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मिलकर ऐसी छात्राओं की सूची तैयार की और फिर उनके क्षेत्रों में जाकर सामूहिक पढ़ाई का प्रयोग शुरू किया। शिक्षक ऐसे इलाकों का चयन कर रहे हैं, जहां आसपास कई छात्राएं रहती हों, ताकि एक साथ अधिक छात्राओं को लाभ मिल सके। शिक्षक पहुंचे छात्राओं के घर विद्यालय के विज्ञान शिक्षक पवन चौरसिया, चंद्रभान तमोली, एनडी दीक्षित सहित अन्य शिक्षक अपने-अपने विषयों के अनुसार छात्राओं को उनके घर जाकर पढ़ा रहे हैं। तय समय पर शिक्षक छात्राओं के घर पहुंचते हैं और पाठ्यक्रम की दोहराई, प्रश्न-उत्तर अभ्यास और शंकाओं का समाधान करते हैं। इससे छात्राओं को न केवल विषयों की बेहतर समझ मिल रही है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी लगातार बढ़ रहा है। घर पर पढ़ाने की वजह शिक्षकों का कहना है कि कई छात्राएं घरेलू जिम्मेदारियों, दूरी या अन्य व्यक्तिगत कारणों से स्कूल नियमित नहीं आ पातीं। ऐसे में घर जाकर पढ़ाने से उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनी रहती है। खास बात यह है कि सांदीपनि स्कूलों में सामान्यतः तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाता है, जिससे शिक्षकों को घर-घर पहुंचने में ज्यादा कठिनाई नहीं हो रही है। मुख्य विषयों पर विशेष फोकस इस पहल के तहत गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे मुख्य विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक सरल उदाहरणों और आसान भाषा में पाठ समझा रहे हैं, ताकि छात्राएं विषय को जल्दी और बेहतर तरीके से समझ सकें। कई अभिभावकों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा है कि इससे उनकी बेटियों की पढ़ाई को नई दिशा मिली है। घर पर जाकर कराएंगे परीक्षा की तैयारी रवींद्र शर्मा, प्राचार्य, सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय ने कहा कि कई छात्राओं को स्कूल की अतिरिक्त कक्षाओं में आने में परेशानी थी, इसलिए स्कूल के शिक्षकों ने तय किया कि वे उनके घर पर जाकर उन्हें पढ़ाएंगे और परीक्षा की तैयारी कराएंगे। अधिकारी की प्रतिक्रिया हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे शहर के अन्य स्कूलों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय की यह पहल उन छात्राओं के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जो किसी न किसी वजह से पढ़ाई की मुख्यधारा से पीछे छूट रही थीं।

बड़ी ऊर्जा योजना: अनूपपुर में निवेश से 4,000 मेगावॉट बिजली, 60 हजार करोड़ खर्च होंगे

अनूपपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ. यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है. जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है. 4000 मेगावॉट से ऊर्जा का विस्तार- सीएम मोहन यादव सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे. इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी. डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.  निवेशकों की पहली पसंद मध्यप्रदेश- सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है. विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है. इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है. प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा. प्रदेश में साल-2026 को कृषक कल्याण साल के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा.