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7 छक्कों की बरसात फिर भी हार, वाइजैग T20 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराया, सूर्या का एक्सपेरिमेंट पड़ा भारी

 विशाखापत्तनम भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 28 जनवरी (बुधवार) को व‍िशाखापत्तनम (वाइजैग) के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. न्यूजीलैंड ने इस मैच में 50 रनों से जीत हासिल की. न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए 216 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 18.4 ओवरों में 165 रनों पर सिमट गई. भारत के लिए शिवम दुबे ने 7 छक्के और तीन चौके की मदद से 23 बॉल पर 65 रन बनाए, लेकिन ये इनिंग्स टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी. भारतीय टीम टी20 सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है. 21 जनवरी दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया ने 48 रनों से जीत हासिल की थी. इसके बाद रायुपर टी20 में भारत को 7 विकेट से जीत मिली. फिर गुवाहाटी में खेले गए मैच को भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीत लिया था. अब न्यूजीलैंड ने ये मैच जीतकर स्कोर 1-3 कर दिया है. टी20 सीरीज का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है. शिवम दुबे ने वाइजैग T20 में किया धुआं-धुआं, बने कई कीर्तिमान  भारत और न्यूजीलैंड के बीच 28 जनवरी (बुधवार) को विशाखापत्तनम (वाइजैग) में खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में शिवम दुबे का जलवा देखने को मिला. भारतीय ऑलराउंडर शिवम ने इस मैच में महज 23 गेंदों पर 65 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और तीन चौके शामिल रहे. शिवम ने इस दौरान सिर्फ 15 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिया. यह टी20 इंटरनेशनल में किसी भारतीय बल्लेबाज का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक रहा. इस मामले में युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा ही शिवम दुबे से आगे हैं. युवराज ने साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया था. वहीं अभिषेक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के दौरान ही गुवााहटी में 14 बॉल पर पचासा जड़ने में कामयाब रहे थे. टी20I में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक (गेंदों के आधार पर): 12- युवराज सिंह बनाम इंग्लैंड, डरबन 2007 14- अभिषेक शर्मा बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 2026 15- शिवम दुबे बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम 2026 16- हार्दिक पंड्या बनाम साउथ अफ्रीका, अहमदाबाद 2025 17- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025   शिवम दुबे ने अपनी तूफानी पारी के दौरान न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी की जमकर खबर ली. सोढ़ी के एक ओवर में 29 रन बनाए, जिसमें 28 रन शिवम के बल्ले से निकले. वहीं एक रन वाइ़ड के चलते आया.वो भारत की पारी का 12वां ओवर था. उस ओवर में सोढ़ी का गेंदबाजी आंकड़ा- 2, 4, Wd, 6, 4, 6, 6  रहा. भारत और न्यूजीलैंड के बीच किसी टी20I मैच के दौरान एक ओवर में बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे. साल 2020 में शिवम दुबे ने माउंट माउंगानुई टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ओवर में 34 रन लुटाए थे. शिवम का वो अनचाहा रिकॉर्ड अब भी नहीं टूटा है. टी20I मैच में एक ओवर में बनाए गए सर्वाधिक रन (भारत vs न्यूजीलैंड) 34 रन (गेंदबाज-शिवम दुबे, माउंट माउंगानुई, 2020) 29 रन (गेंदबाज-ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे अब भारत की ओर से किसी टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान एक ओवर में सबसे ज्यादा बनाने वाले बैटर्स की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ चुके हैं. शिवम दुबे ने ईश सोढ़ी के ओवर में बल्ले से कुल 28 रन बनाए. शिवम ने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली है, जिन्होंने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मिचेल स्टार्क के एक ओवर में 28 रन बनाए थे. युवराज सिंह (36 रन) और संजू सैमसन (30 रन) ही केवल शिवम से आगे हैं.   एक ओवर में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बैटर (टी20 अंतरराष्ट्रीय): 36- युवराज सिंह (गेंदबाज- स्टुअर्ट ब्रॉड, डरबन, 2007) 30- संजू सैमसन (गेंदबाज- रिशाद हुसैन, हैदराबाद, 2024) 28- रोहित शर्मा (गेंदबाज- मिचेल स्टार्क, ग्रोस आइलेट, 2024) 28- शिवम दुबे (गेंदबाज- ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे ने इस मैच में 282.60 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. 50 ज्यदा की टी20I इनिंग्स में किसी भारतीय बैटर का ये तीसरा सर्वाधिक स्ट्राइक रेट रहा. इस मामले में युवराज सिंह (362.50) और अभिषेक शर्मा (340.00) ही इस मामले में शिवम से आगे हैं. टी20I पारी में भारत के लिए उच्चतम स्ट्राइक रेट (50+ रन) 362.50- युवराज सिंह (16 गेंदों पर 58 रन) बनाम इंग्लैंड, डरबन, 2007 340.00- अभिषेक शर्मा (20 गेंदों पर 68* रन) बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 282.60- शिवम दुबे (23 गेंदों पर 65 रन) बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम, 2026 सिर्फ शिवम दुबे ही चल पाए… चेज में भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही. उसने 9 रनों के स्कोर तक अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवा दिए. अभिषेक (0 रन) पहली ही गेंद पर मैट हेनरी का शिकार बने. वहीं सूर्यकुमार (8 रन) को जैकब डफी ने कॉट एंड बोल्ड किया. संजू सैसमन की खराब फॉर्म जारी रही और वो 24 रन बनाकर कप्तान मिचेल सेंटनर की गेंद पर बोल्ड हो गए. हार्दिक पंड्या से तूफानी बैटिंग की आस थी, लेकिन वो 2 रन ही बना सके. रिंकू सिंह लय में दिख रहे थे, लेकिन वो अपनी इनिंग्स को काफी बड़ा नहीं कर पाए. रिंकू ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 30 बॉल पर 39 रन बनाए. रिंकू सिंह के आउट होने के समय भारत का स्कोर 82/5 था. इसके बाद शिवम दुबे की आक्रामक बैटिंग देखने को मिली. शिवम ने 6 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 15 गेंदों पर फिफ्टी जड़ दी. शिवम दुबे अर्धशतक जड़ने के बाद ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक पाए और वो रनआउट हो गए. यहां से भारत के लिए जीत हासिल करना मुश्किल था और ऐसा हुआ भी. हर्षित राणा (9 रन), अर्शदीप सिंह (0 रन), जसप्रीत बुमराह (4 रन) और कुलदीप यादव (1 रन) आउट होने वाले आखिरी चार बल्लेबाज रहे. कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने तीन खिलाड़ियों को आउट किया वाइजैग T20 में एक्पेर‍िमेंट पड़ा टीम इंड‍िया पर भारी न्यूजीलैंड ने भारत को बुधवार को वाइजैग (व‍िशाखापत्तनम) खेले गए चौथे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले … Read more

Property Alert: भोपाल के रियल एस्टेट में उछाल, कुछ इलाकों में कीमतें 20% तक बढ़ीं

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रॉपर्टी रेट में एक बार फिर बढ़ोतरी करने की तैयारी है। इस बार शहर के साथ-साथ जिलेभर की प्रापर्टी 15 से 20 फीसदी तक महंगी करने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर जिलेभर में जिन स्थानों पर अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हुईं हैं, वहां के रिकॉर्ड पंजीयन विभाग ने राजस्व विभाग से मांगा है। इन क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों और प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त के आधार पर प्रापर्टी के नए दाम निर्धारित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि, उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक मंगलवार को तय थी, लेकिन किसी कारण से बैठक नहीं हो सकी। ऐसे में जल्द ही बैठक आयोजित कर गाइडलाइन के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसे अंतिम रूप देने के बाद जिला मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। इस तरह जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर रजिस्ट्रेशन और राजस्व विभाग के अफसरों द्वारा सर्वे जारी है। पटवारियों से तैयार कर मांगा गया रिकॉर्ड भोपाल जिले की नगरीय और ग्रामीण सीमा में आने वाले क्षेत्रों में इन दिनों जमकर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की गई है। ऐसे में इन इलाकों का रिकॉर्ड पटवारियों से तैयार कर मांगा गया है, जिससे पता चल सके कि, यहां कितनी जगह तय दाम से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हुईं हैं। अधिक दाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों को ही दाम में वृद्धि करने का आधार बनाया जाएगा। इसके लिए हुजूर, कोलार, बैरसिया तहसील के एसडीएम, तहसीलदार द्वारा पटवारियों से सर्वे करवाकर जानकारी जुटाई जा रही है। इन इलाकों में खूब बिक रही प्रापर्टी भोपाल के कटारा हिल्स, अवधपुरी, खजूरी कलां, 11 मील, सहारा एस्टेट, सलैया, मिसरोद, समरधा, कोलार, नर्मदापुरम रोड, रातीबड़, नीलबड़, मुगालिया छाप, ईंटखेड़ी छाप, फंदा, खजूरी सड़क, भैंसाखेड़ी, कोलूखेड़ी, परवलिया सड़क, चंदूखेड़ी, गांधीनगर, जेल रोड, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, बिलखिरिया, रायसेन रोड, कान्हासैया, ओंकारा सेवनियां, सूखी सेवनियां, भोपाल बायपास, जगदीशपुर, ईंटखेड़ी, लांबाखेड़ा, करोंद, पलाशी, मुबारकपुर, डोबरा, परेवाखेड़ा, अचारपुरा, पुरामनभावन, देवलखेड़ी, गोलखेड़ी, श्यामपुर समेत नगरीय और ग्रामीण सीमा में प्रापर्टी खरीदी जा रही है। फरवरी में तय होंगी नई दरें मीडिया रिपोर्ट्स में पंजीयन विभाग के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने का हवाला देकर बताया कि, कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां चल रही हैं, कुछ ही दिन में प्रस्ताव तैयार होगा, जिसे उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा जाएगा। जिन क्षेत्रों में तय दाम से अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं, वहां पर 15 से 20 फीसदी तक प्रापर्टी रेट में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके लिए राजस्व विभाग से जानकारी मांगी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से मजबूत हो रहा बच्चों का कल

बेहतर शिक्षा से सशक्त हो रहा प्रदेश के बच्चों का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए हुए स्थायी प्रबंध भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चे राष्ट्र की पूंजी हैं। इनका भविष्य संवारना हम सबकी जिम्मेदारी है। बेहतर शिक्षा के लिए मजबूत अधोसंरचनाओं और कुशल मानव प्रबंधन पर हम प्रदेश के बच्चों का भविष्य बेहतर बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मूल संकल्प है कि प्रदेश के स्कूल जाने योग्य हर विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी संकल्प की पूर्ति के लिए हमने प्रदेश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की है। अब तक प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबको अनिवार्य रूप से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इस अधिनियम के अंतर्गत हमने अब तक प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की समुचित शिक्षा के लिए सभी स्थायी प्रबंध और पुख्ता शिक्षण व्यस्थाएं सुनिश्चित कर दिए हैं। बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए हम कोई कमी नहीं करेंगे।  

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेश में रोजगार मिलेगा: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेशों में मिलेगा रोजगार : राज्यमंत्री श्रीमती गौर अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जापान समेत अन्य देशों में भी मिलेगा रोजगार, कैबिनेट ने दी मंजूरी भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि अब युवाओं को केवल जापान ही नहीं, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके लिए युवाओं को नियोजक की मांग के अनुरूप डोमेन-स्पेसिफिक स्किल, सॉफ्ट स्किल एवं संबंधित देश की भाषा का गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित युवाओं का विदेश में नियोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित “पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना–2022” के नाम एवं प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह योजना अब “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिये विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2026” के नाम से लागू की जाएगी। योजना के तहत प्रतिवर्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के संचालन के लिये विभागीय बजट के साथ-साथ सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निधि के उपयोग का भी प्रावधान किया गया है, जिससे शासकीय कोष पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम अथवा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। युवाओं के विदेश भेजने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेरोजगार अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्य धारा में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।  

टेक्नोलॉजी के साथ जनगणना: विदिशा में मोबाइल एप से पहली बार होगी घर-घर काउंटिंग

विदिशा  आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। जिले में भी पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जनगणना कराई जाएगी। इस बार गणनाकर्मियों को भारी-भरकम रजिस्टर लेकर घर-घर नहीं जाना होगा, बल्कि मोबाइल एप के जरिए ही मकानों की गणना और जनसंख्या से जुड़ी समस्त जानकारी दर्ज की जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत जिले में जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी जल्दी ही प्रारंभ की जा रही है। पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच संपन्न होगा, जिसमें मकानों की गणना की जाएगी। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल एप आधारित यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी बढ़ाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनगणना इकाइयों का निर्धारण कर लिया गया है और प्रशासनिक सीमाएं पहले ही फ्रीज की जा चुकी हैं, ताकि गणना के दौरान किसी प्रकार का परिवर्तन न हो। छह माह घर-घर दस्तक देंगे कर्मचारी जनगणना के पहले चरण में जिले के प्रत्येक गांव, कस्बे और शहरी वार्ड में मकानों की गणना की जाएगी। इसमें आवासीय और गैर-आवासीय भवनों का विवरण दर्ज किया जाएगा। मकान किस प्रकार का है, उसका उपयोग क्या है, निर्माण सामग्री, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, इंटरनेट, वाहन जैसी सुविधाओं की जानकारी मोबाइल एप पर दर्ज होगी। इस चरण का उद्देश्य जिले के भौतिक ढांचे की वास्तविक स्थिति को सामने लाना है। इस दौरान शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में तैनात सरकारी अमला घर-घर दस्तक देकर जानकारी हासिल करेगा। जनसंख्या गणना में दर्ज होगी परिवारों की जानकारी जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में शुरू होगा। इसमें जिले की वास्तविक जनसंख्या से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, भाषा, प्रवास, दिव्यांगता सहित अन्य सामाजिक और आर्थिक बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इस चरण में जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह जानकारी केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए होगी और पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना एप तैयार, रजिस्टर से मुक्ति इस बार जनगणना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह डिजिटल होना है। अब तक सरकारी अमला नागरिकों की सारी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करते था, लेकिन इस बार प्रत्येक गणनाकर्मी के पास मोबाइल या टैब रहेगा, जिसमें जनगणना एप इंस्टॉल होगा। उसी एप के माध्यम से जीपीएस लोकेशन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे दोहराव की संभावना कम होगी और रियल टाइम डेटा उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही किसी भी स्तर पर त्रुटि होने पर तुरंत सुधार की सुविधा भी रहेगी। प्रशिक्षण और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था अधिकारियों का कहना है कि जनगणना को त्रुटिरहित बनाने के लिए कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में एप संचालन, डेटा सुरक्षा, नागरिकों से संवाद और गोपनीयता के नियमों की जानकारी दी जाएगी। जिले में चार्ज अधिकारी, सुपरवाइजर और नोडल अधिकारियों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। किसी भी शिकायत या समस्या के त्वरित निराकरण के लिए नियंत्रण तंत्र भी तैयार किया जा रहा है। रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर जेपी शर्मा का कहना है जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि जिले के भविष्य की नींव है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल, रोजगार और सामाजिक योजनाओं की रूपरेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। इसलिए जनगणना के दौरान कर्मचारियों को वास्तविक जानकारी ही उपलब्ध कराना चाहिए।     जनगणना की प्रक्रिया जिले में शुरू हो गई है। दो माह बाद एक अप्रैल से मकानों की गणना का कार्य शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा है। सही और पूरी जानकारी देने से ही जिले के विकास की सटीक तस्वीर सामने आएगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य में योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और नीति निर्धारण का काम किया जाएगा।     – सेवाराम रैकवार, जिला योजना अधिकारी, विदिशा।  

मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा में नई पहल: ईमानदारी की पेटी, सेंटरों पर CCTV और ऐप से मॉनिटरिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही है. इस परीक्षा में बच्चों के ज्ञान के साथ नैतिकता की भी परीक्षा होगी. एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बच्चों की नैतिकता की कसौटी कसेगा. इसके लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाद इस बार ईमानदारी की पेटी भी रखी जाएगी, ताकि नकल करने के इरादे से परीक्षा हॉल में पहुंचने वाले बच्चे पहले ही नकल सामग्री को इस पेटी में डालें और पूरी ईमानदारी से परीक्षा में शामिल हों. उधर एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल और गड़बड़ियों को रोकने कई तैयारियां की हैं. बच्चे ईमानदारी से दें परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमा वैद्य कहते हैं कि "हमारी कोशिश है कि पूरी परीक्षा पारदर्शी हो. इसके लिए कई तरह के काम किए जा रहे हैं. इसमें स्टूडेंट्स को नैतिकता की कसौटी पर कसने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाहर इस बार एक बॉक्स लगाया जा रहा है. इसका नाम ईनामदारी की पेटी रखा गया है. इसका उद्देश्य है कि यदि कोई बच्चा कोई नकल सामग्री लेकर पहुंचा है, तो वह परीक्षा शुरू होने के पहले ही इस बॉक्स में उसे डाल दे और अपनी पूरी मेहनत से परीक्षा दे. एडमिट कार्ड पर होगा क्यूआर कोड इस बार स्टूडेंट्स के प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड की भी व्यवस्था की गई है. प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) को स्कैन करते ही स्टूडेंट्स से जुड़ी पूरी जानकारी पलक झपकते ही सामने आ जाएगी. इससे बच्चे की पुष्टि करना आसान होगा. पेपर लीक जैसे घटनाओं को रोकने के लिए इस बार प्रश्न पत्रों को थाने से उठाने से लेकर परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने तक की हर बंडल की लोकेशन ट्रेस होगी. इसके लिए एक एप तैयार किया गया है. इसमें प्रश्न पत्र उठाने और केन्द्र पर सौंपने के दौरान संबंधित व्यक्तियों को एप पर सेल्फी अपलोड करनी होगी. हर प्रश्न पत्र का पैकेट नंबर एप पर दर्ज करना होगा. इसके बाद प्रश्न पत्र को खोलने से लेकर इसके वितरण और परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपी के बंडल बनने और मूल्यांकन केन्द्र तक जाने तक की एंट्री इस एप के माध्यम से ही होगी." कैमरों से होगी लाइव निगरानी उधर एमपी बोर्ड ने प्रदेश भोपाल, इंदौर, देवास, सागर, दमोह, रीवा, भिंड मुरैना, ग्वालियर जैसे 9 जिलों के 226 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की सूची में रखा है. इन केन्द्रों में पूर्व में नकल के मामले सामने आ चुके हैं. इसको देखते हुए इन सभी केन्द्रों पर इस बार करीबन 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों के जरिए परीक्षा की लाइव स्थिति को एमपी बोर्ड मुख्यालय में देखा जा सकेगा. इसके लिए कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है. प्रदेश में परीक्षा के लिए 3856 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां करीबन 16 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. इन परीक्षा केन्द्रों में 448 संवेदनशील केन्द्र भी चिन्हित किए गए हैं. इन परीक्षा केन्द्रों पर विशेष निगरानी रहेगी. सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि के पास होगा मोबाइल एमपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान कोई भी टीचर अपने साथ मोबाइल नहीं रख सकेगा. एमपी बोर्ड ने इसके लिए सभी जिलों में निर्देश जारी कर दिए हैं. सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि ही अपने साथ मोबाइल रख सकेंगे. परीक्षा शुरू होने के पहले सभी ड्यूटी टीचर को अपने मोबाइल ऑफिस में जमा कराने होंगे.

इंदौर से निकलेगी भारत गौरव ट्रेन, धार्मिक स्थलों की होगी यात्रा; जू-रालामंडल में पर्यटकों का उत्साह

 इंदौर मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का नया धार्मिक टूर पैकेज घोषित किया है, जो 10 अप्रैल को इंदौर से रवाना होगी। इसके लिए यात्रियों को महज रु.19 हजार 990/- प्रति व्यक्ति (स्लीपर-इकानामी श्रेणी), रु. 32 हजार 800/- प्रति व्यक्ति (थर्ड एसी- स्टैंडर्ड श्रेणी) एवं रु. 43 हजार 250/- प्रति व्यक्ति (सेकंड एसी-कंफर्ट श्रेणी) का खर्च उठाना होगा। आईआरसीटीसी, इस सर्व समावेशी टूर की पेशकश कर रहा है। इसमें भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कार्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है। पर्यटक इसकी बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन व अधिकृत एजेंट से भी करा सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी व बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के भोपाल, जबलपुर एवं इंदौर रेलवे स्टेशन कार्यालय में निम्नलिखित फ़ोन नंबरों पर संपर्क कर सकते है। इसमें इंदौर-0731-2522200, 9321901865, 8287931711, 8287931624, 8287931729 संपर्क करें। भारत गौरव ट्रेन से प्रमुख तीर्थों के दर्शन यह विशेष पर्यटक ट्रेन यात्रियों को पुरी, गंगासागर, गया, अयोध्या, काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराएगी। 10 रात और 11 दिनों की इस यात्रा में देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इन स्टेशनों से यात्री कर सकेंगे सफर रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन इंदौर के अलावा उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी और अनूपपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इन सभी स्टेशनों से यात्री ट्रेन में सवार हो सकेंगे। 25 और 26 जनवरी की लगातार दो दिन की छुट्टियों में रालामंडल अभयारण्य में 3654 पर्यटक पहुंचे। इस दौरान वन विभाग को 1 लाख 55 हजार 910 रुपए का राजस्व मिला। जनवरी माह की छुट्टियों में रालामंडल से कुल 4.87 लाख रुपए की आय हुई। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर प्राणी संग्रहालय को विशेष रूप से खोला गया, जहां दिनभर में करीब 15 हजार दर्शक पहुंचे। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ और पुलिस बल तैनात किया गया।25 और 26 जनवरी को एडवेंचर ईको पार्क उमरीखेड़ा में भी 150 से ज्यादा परिवार घूमने पहुंचे। जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि सुबह 10:30 बजे से ही पर्यटकों का आना शुरू हो गया था और शाम तक करीब 15 हजार लोग जू पहुंचे। उमरीखेड़ा ईको पार्क में भी दिखी रौनक 25 और 26 जनवरी को एडवेंचर ईको पार्क उमरीखेड़ा में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इन दो दिनों में 150 से ज्यादा परिवारों ने पार्क का भ्रमण किया। खाने, रहने और घूमने की पूरी व्यवस्था आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रैक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन बोर्ड और ऑफ बोर्ड भोजन, गुणवत्तापूर्ण बसों से स्थानीय भ्रमण, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार ठहरने की व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट, यात्रा बीमा, ऑन बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। किराया श्रेणी अनुसार निर्धारित इस धार्मिक यात्रा का किराया श्रेणी के अनुसार तय किया गया है। स्लीपर क्लास का किराया 19,900 रुपये प्रति व्यक्ति, एक्स एसी स्टैंडर्ड श्रेणी का किराया 32,450 रुपये प्रति व्यक्ति और डब्ल्यू एसी कम्फर्ट श्रेणी का किराया 42,750 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। बुकिंग की प्रक्रिया यात्री इस भारत गौरव टूर पैकेज की बुकिंग आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एजेंट्स के माध्यम से कर सकते हैं।  

भारत-ब्राजील रिश्तों में बड़ा मोड़! राष्ट्रपति लूला की यात्रा से खुलेंगे सहयोग के नए दरवाज़े

नई दिल्ली ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने पुष्टि की है कि वह फरवरी में आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। भारत यात्रा के बाद वह अमेरिका जाएंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भारत और दक्षिण कोरिया की यात्राओं के बाद फरवरी में वॉशिंगटन में मुलाकात होगी, जिसकी तारीखें जल्द तय की जाएंगी। भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला के नई दिल्ली में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने की संभावना है। इससे पहले इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आने वाले वर्ष में इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और जन-से-जन संपर्क सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सुधारित बहुपक्षवाद के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला को शीघ्र भारत आने का आमंत्रण भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2025 में ब्राजील का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई, पारंपरिक चिकित्सा, योग, खेल, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की थी। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, भारत-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के विस्तार और अगले पांच वर्षों में व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा करते हुए, हाइड्रोकार्बन और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी सहमति बनी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिज, नई और उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटर, डिजिटल सहयोग और मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संदेश: आर्य वैद्यशाला ने आयुर्वेद को दिया नया जीवन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल स्थित आर्य वैद्यशाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को सहेजने, संरक्षित करने और आगे बढ़ाने में आर्य वैद्यशाला का महत्वपूर्ण योगदान है। आर्य वैद्यशाला के संस्थापक वैद्यरत्नम पी एस वरियर को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुर्वेद के प्रति उनका दृष्टिकोण और लोक कल्याण के लिए उनका समर्पण आज भी हमें प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "केरला की आर्य वैद्यशाला, भारत की उस उपचार परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसने सदियों से मानवता की सेवा की है। भारत में आयुर्वेद किसी एक काल या एक क्षेत्र में सीमित नहीं रहा। हर दौर में इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति ने जीवन को समझने, संतुलन बनाने और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का रास्ता दिखाया है। आज आर्य वैद्यशाला 600 से अधिक आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण करती है, देश के अलग-अलग क्षेत्रों में संस्था के अस्पताल आयुर्वेदिक तरीके से मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिनमें दुनिया के 60 से अधिक देशों के मरीज शामिल होते हैं।" उन्होंने कहा कि आर्य वैद्यशाला ने ये भरोसा अपने काम से बनाया है। जब लोग कष्ट में होते हैं, तो आप सभी उनके लिए बहुत बड़ी उम्मीद बनते हैं। पीएम मोदी ने कहा, "आर्य वैद्यशाला के लिए सेवा सिर्फ एक विचार नहीं है। ये भावना उनके कार्य, दृष्टिकोण और संस्था में भी दिखाई देती है। संस्था का चैरिटेबल हॉस्पिटल पिछले 100 वर्षों से निरंतर लोगों की सेवा में जुटा है। इसमें अस्पताल से जुड़े सभी लोगों का योगदान है।" इस कार्य के लिए पीएम मोदी ने अस्पताल के वैद्य, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सभी लोगों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सरकार की पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को साइलो में देखा जाता रहा। पिछले 10-11 सालों में इस अप्रोच में बड़ा बदलाव हुआ है। अब स्वास्थ्य सेवाओं को होलिस्टिक नजरिए से देखा जा रहा है। आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथिक, सिद्ध और योग, इन सबको हम एक छाता के नीचे लाए हैं, और इसके लिए विशेष तौर पर आयुष मंत्रालय बनाया गया है। नेशनल आयुष मिशन के तहत 12 हजार से अधिक आयुष वेलनेस सेंटर्स खोले गए। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीतियों का स्पष्ट प्रभाव आयुष सेक्टर पर दिखाई दिया है। आयुष विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है और इसका विस्तार हुआ है। भारतीय पारंपरिक वेलनेस को दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार ने आयुष निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि आयुष प्रोडक्ट और सेना को वैश्विक बाजारों में बढ़ावा मिल सके। साल 2014 में भारत से लगभग 3 हजार करोड़ रुपए के आयुष और हर्बल प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट होते थे। वहीं अब भारत से 6500 करोड़ रुपए के आयुष और हर्बल प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट होने लगे हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा देश के किसानों को भी हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से भारत में सदियों से इलाज का काम होता रहा है, लेकिन ये भी दुर्भाग्य रहा है कि हमें देश में और ज्यादातर विदेशों में लोगों को आयुर्वेद का महत्व समझाना पड़ता है। इसकी एक बड़ी वजह एविडेंस बेस्ड रिसर्च और रिसर्च पेपरों की कमी है। जब साइंस के सिद्धांतों पर आयुर्वेदिक पद्धति को परखा जाता है, तो लोगों का भरोसा और मजबूत होता है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें बदलते समय के अनुसार, आयुर्वेद में आधुनिक टेक्नॉलजी और एआई का उपयोग भी बढ़ाना चाहिए। बीमारी की संभावनाओं का पता लगाने और अलग-अलग पद्धितियों से इलाज के लिए काफी कुछ इनोवेटिव किया जा सकता है।

किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी योगी सरकार, 873.58 करोड़ रुपए की सहायता जारी

लखनऊ प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। साल 2019 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में सरलता के साथ पारदर्शिता में भी बढ़ोतरी होगी। योजना न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवार का संबल बनती है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान करती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में किसान परिवार को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत राजस्व विभाग की ओर से 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए भूमिहीन किसानों व खेतिहर श्रमिकों को भी योजना में शामिल किया गया। वर्ष 2023-24 में योजना के अंतर्गत 944.72 करोड़ रुपए वितरित कर 23,821 किसानों को सहयोग प्रदान किया गया था। योजना की शुरुआत के वर्ष 2019 से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जो इन परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना के सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो कि फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण तक संभव हो सकेगा। योजना में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए इस पोर्टल को डैशबोर्ड से भी जोड़ा जा रहा है। योजना प्रदेश के किसानों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार की किसान हितैषी सोच को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।