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तेज हवाओं से बाधित विद्युत आपूर्ति को सुधारने में जुटीं बिजली कंपनियों की टीमें

भोपाल राजधानी भोपाल में गुरुवार की शाम आये तेज आँधी-अँधड़ और वर्षा से विद्युत प्रदाय में व्यापक व्यवधान और हानि पहुँची। प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल शहर में लगभग 300 फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर विद्युत संरचना को गंभीर क्षति पहुँची है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की टीम मैदान में कार्य कर रही है। सभी स्थानों पर यथाशीघ्र विद्युत प्रवाह शुरू करने युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने लिय जायजा ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर आँधी-अँधड़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को अतिशीघ्र विद्युत प्रवाह शुरू करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है।

सुशासन तिहार के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री  साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।        

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर कुकरैल में होगा वृहद पौधरोपण, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुकरैल वन क्षेत्र से इसका शुभारंभ करेंगे। उनके नेतृत्व में पूरे राज्य में एक दिन में 5 करोड़ पौधरोपण किए जाएंगे। इसके लिए सभी विभागों व मंडलों के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। पर्यावरण दिवस पर वन विभाग की तरफ से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्य आयोजन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।  कुकरैल वन क्षेत्र में होगा वृहद पौधरोपण  ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कुकरैल वन क्षेत्र में वृहद पौधरोपण होगा। सबसे पहले यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधरोपण करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।  जनसहभागिता से प्रदेश मनाएगा उत्सव इसके पश्चात प्रदेश के 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों समेत सभी ग्राम पंचायतों में यह अभियान पूरे दिन चलेगा। वन विभाग के संयोजकत्व में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, नगर विकास आदि विभागों के सहयोग से अमृत सरोवर, तालाबों, सड़कों, एक्सप्रेसवे, नदियों, नहरों आदि के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। इसमें विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि की भी सहभागिता होगी।  लखनऊ मंडल में 62 लाख, बरेली में 32.21 लाख व प्रयागराज में लगेंगे 32.17 लाख पौधे मंडल – लक्ष्य मेरठ- 19,06,000 सहारनपुर- 14,86,000 आगरा- 24,67,000 अलीगढ़- 18,97,000 मुरादाबाद- 27,60,000 बरेली- 32,21,000 प्रयागराज- 32,17,000 वाराणसी- 24,83,000 मीरजापुर- 28,63,000 गोरखपुर- 24,75,000 बस्ती- 16,01,000 आजमगढ़- 18,93,000 लखनऊ- 62,77,000 अयोध्या- 30,41,000 देवीपाटन- 29,34,000 कानपुर- 31,83,000 झांसी- 31,67,000 चित्रकूट- 31,29,000 ग्राम्य विकास विभाग 3 करोड़ तथा कृषि विभाग लगाएगा 75 लाख पौधे  विभाग – लक्ष्य ग्राम्य विकास विभाग- 3 करोड़  कृषि विभाग- 75 लाख  वन विभाग- 50 लाख  उद्यान विभाग- 50 लाख  पंचायती राज विभाग- 20 लाख  नगर विकास- 5 लाख कुल- 5 करोड़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण

रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है। कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

पर्यावरण दिवस से योग दिवस तक डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां लेकर जनता के बीच जाएंगे मंत्रिगण

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा तथा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी और जनजागरण का व्यापक अभियान बनें। उन्होंने कहा कि 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत न्यूनतम 05 करोड़ पौधों का रोपण किया जाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता, जियो टैगिंग तथा उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जाए तथा इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 05 से 21 जून तक की अवधि विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रभारी मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अभियंताओं, उद्योगपतियों, अधिवक्ताओं, युवा उद्यमियों तथा स्टार्टअप इनोवेटरों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। विगत वर्षों में देश और प्रदेश में हुए सकारात्मक परिवर्तनों, सुशासन, आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा की जाए तथा समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों और अपेक्षाओं को भी गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि यह संवाद विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अवधि में स्वच्छता को विशेष जनअभियान के रूप में संचालित किया जाए तथा अधिकारीगण स्वयं इसमें सहभागी बनकर समाज को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 14 से 16 जून तक विकास खंड स्तर पर आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों एवं स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से पात्र लेकिन वंचित लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही प्रत्येक जनपद की विशिष्ट पहचान, उपलब्धियों और आधारभूत संरचना विकास को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के माध्यम से प्रबुद्ध नागरिकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़ते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर सार्थक विमर्श किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपालों का आयोजन कर जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं की समीक्षा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाए। नामित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि प्रवास भी करें, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को निकटता से समझकर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 08, 09 एवं 10 जून को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। उन्होंने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भर्ती परीक्षा की शुचिता, निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न होने पाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सहभागिता को देखते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप यातायात प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो। उन्होंने परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने 06 जून को परीक्षा आयोजन का पूर्वाभ्यास कराने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाने अथवा भ्रामक एवं असत्य सूचनाएं प्रसारित करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियों की सतत और गहन निगरानी की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी अभ्यर्थी को अनावश्यक कठिनाई या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक भी अभ्यर्थी को धूप में खड़ा न रहना पड़े तथा परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा रियायती किराये पर अंतर्जनपदीय विशेष बसों का संचालन किया जाए। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी संवेदनशीलता के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी करें और अभ्यर्थियों को सुगम, सुरक्षित एवं सकारात्मक परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने वाले प्रत्येक युवा के मन में व्यवस्था के प्रति संतोष और विश्वास का भाव उत्पन्न हो, यह सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

68.54 लाख महिलाओं के खातों में अंतरित हुए 642.27 करोड़ रुपये

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण तथा छोटे-छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है। जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7 हजार 770 नई महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त, स्वावलंबी और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके। महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई धारा प्रवाहित हुई है और लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली तथा आर्थिक स्थिरता का नया अध्याय जुड़ा है।

डॉ. व्यास ने पुरातत्व क्षेत्र में किए गए कार्य की जानकारी दी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. यादव मोहन से वर्ष 2012 में पद्म से सम्मानित शास्त्रीय गायक  उमाकांत गुंदेचा और वर्ष 2026 के लिए पुरातत्व विज्ञान क्षेत्र में पद्म से सम्मानित डॉ. नारायण व्यास ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट के दौरान डॉ. व्यास ने बताया कि उन्होंने पद्म डॉ. विष्णु धर वाकणकर के साथ भोपाल के निकट रायसेन जिले के प्रख्यात शैल चित्रकला स्थल भीमबैठका से संबंधित अनुसंधान के अलावा गुजरात में अहमदाबाद के पास रानी की वाव की ऐतिहासिक बावड़ी से संबंधित अनुसंधान में भी योगदान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुरातत्व क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों से संबंधित प्रकाशन भी भेंट किए। इस वर्ष प्राप्त पद्म सम्मान और प्रशस्त्रि-पत्र से भी अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुंदेचा से शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियों पर भी चर्चा की।  

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भिखमपुरा पहुंचकर स्वामी शिवानंद विद्यापीठ एवं गौसेवा आश्रम परिसर स्थित  पंचमुखी दक्षिणाभिमुख सिद्ध हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय इन दिनों सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का सतत दौरा कर रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से वे सीधे आमजन से संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं और सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं। भिखमपुरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने गौसेवा आश्रम परिसर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए प्रशासन सीधे लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ पी चौधरी  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक, आश्रम से जुड़े सदस्य तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

पंजाब की राजनीति में नई हलचल, कांग्रेस के संपर्क में कैप्टन अमरिंदर; BJP से नाराजगी की चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह हमारे संपर्क में हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और हमारे वरिष्ठ साथी हैं। गौरतलब है कि कैप्टन और हुड्‌डा अच्छे दोस्त हैं। ऐसे में यह भी हो सकता है कि हुड्‌डा ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी के वाहक बनें। वहीं, हुड्डा के इस दावे पर पंजाब भाजपा ने भी रिएक्शन दिया है। पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि संपर्क में होना कोई बड़ी बात नहीं है। रणदीप सुरजेवाला और कुमारी सैलजा तो कहती हैं कि हुड्‌डा किसी के संपर्क में नहीं रहते। हुड्‌डा ने सिर्फ संपर्क में होने की बात कही, इसके कोई और मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। कैप्टन और हुड्‌डा अच्छे दोस्त माने जाते हैं। इस वजह से कयास लगने लगे हैं कि कहीं हुड्‌डा कैप्टन की कांग्रेस में वापसी की कोशिश तो नहीं कर रहे। कैप्टन के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा इसलिए तेज हुई कि वह लगातार कांग्रेस की तारीफ कर रहे हैं। वहीं इस मामले में पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियेवाल ने कहा कि संपर्क में होना कोई बड़ी बात नहीं है। रणदीप सुरजेवाला और कुमारी सैलजा तो कहती हैं कि हुड्‌डा किसी के संपर्क में नहीं रहते। हुड्‌डा ने सिर्फ संपर्क में होने की बात कही, इसके कोई और मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। भाजपा में पूछ नहीं होने से नाराज हैं कैप्टन कैप्टन के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा को इसलिए भी बल मिला है क्योंकि वह लगातार कांग्रेस की तारीफ कर रहे हैं। कैप्टन का कहना है कि कांग्रेस में पंजाब को लेकर उनसे पूछा जाता था, लेकिन भाजपा सीधे ऊपर से फैसले लेती है। मैं कांग्रेस में तीन बार अध्यक्ष रहा और वहां हमेशा मुझसे सलाह ली जाती थी। लेकिन भाजपा में पूरी तरह अलग संस्कृति है। कैप्टन ने केवल ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान बनाने का विरोध किया था। इस मामले में भाजपा ने उन से कोई राय नहीं ली गई थी। कैप्टन की BJP से नाराजगी की वजहें:-     प्रधान बनाने से पहले राय नहीं ली: कैप्टन ने केवल ढिल्लों को पंजाब BJP का नया प्रधान बनाने का विरोध किया था। कैप्टन ने कहा था कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब ढिल्लों सक्रिय जरूर थे, लेकिन जमीन (फील्ड) पर उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा, जैसा होना चाहिए था। इस मामले में भाजपा ने मुझसे कोई राय नहीं ली।     कांग्रेस सलाह लेती, BJP में फैसला ऊपर से: कांग्रेस और भाजपा की कार्य नीति की तुलना करते हुए कैप्टन ने कहा कि मैं कांग्रेस में तीन बार अध्यक्ष रहा और वहां हमेशा मुझसे सलाह ली जाती थी। लेकिन भाजपा में पूरी तरह अलग संस्कृति है। यहां बस फैसला ऊपर से आता है, किसी से पूछा नहीं जाता।     गठबंधन की बात नहीं मान रही भाजपा: कैप्टन अमरिंदर पंजाब में चुनाव को लेकर अकाली दल से गठबंधन के पक्ष में हैं। वह खुलकर इसकी पैरवी करते हैं। इसके उलट भाजपा के नेता बार-बार कह रहे हैं कि हम सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे।     भाजपा में बड़े नेताओं से मुलाकात में दिक्कत: कैप्टन ने कुछ समय पहले कहा था कि मैं आज भी कांग्रेस को मिस करता हूं। कांग्रेस एक फैमिली की तरह है। मैं जब भी फोन करता था, तो वह मुझसे मिल लेते थे। मगर, BJP में ये सिस्टम नहीं है।     भाजपा ने संवेदना तक व्यक्त नहीं की: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था- मेरे जन्मदिन पर राहुल गांधी ने बधाई संदेश भेजा था। हाल ही में मेरे भाई रणधीर के निधन पर भी उनका शोक संदेश आया, लेकिन भाजपा से किसी ने भी संवेदना व्यक्त नहीं की। कैप्टन ने कहा था, कांग्रेस को मिस करता हूं कैप्टन ने कुछ समय पहले कहा था कि मैं आज भी कांग्रेस को मिस करता हूं। कांग्रेस एक परिवार की तरह है। मैं जब भी फोन करता था, तो वह मुझसे मिल लेते थे। मगर, भाजपा में ये सिस्टम नहीं है। मेरे जन्मदिन पर राहुल गांधी ने बधाई संदेश भेजा था। हाल ही में मेरे भाई रणधीर के निधन पर भी उनका शोक संदेश आया, लेकिन भाजपा से किसी ने भी संवेदना व्यक्त नहीं की। कैप्टन आए तो कांग्रेस को क्या फायदा? पंजाब कांग्रेस में अभी नेतृत्व को लेकर कलह चल रही है। मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी, नेता विपक्ष प्रताप बाजवा समेत कई नेताओं के गुट बने हुए हैं। कांग्रेस हाईकमान चुनाव से पहले पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की भी सोच रहा है। ऐसे में अगर कैप्टन की वापसी होगी, तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है। कैप्टन के अधीन ये सारे नेता पहले भी काम कर चुके हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति का दिग्गज चेहरा हैं। 2002 हो या फिर 2017, वे अपने चेहरे के बूते ही कांग्रेस को सत्ता में लाए। यह बात कांग्रेस के भीतर उनके विरोधी भी मानते हैं। पंजाब के गांवों में कैप्टन के आक्रामक रुख को पसंद किया जाता है। वहीं, सामुदायिक सौहार्द के लिए वे शहरी तबके की पहली पसंद हैं। इसके अलावा कांग्रेस में रहते कैप्टन की सियासी पकड़ भी मजबूत थी। 2014 में जब पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी, तब भाजपा ने अमृतसर से अपने बड़े नेता अरुण जेटली को लोकसभा चुनाव लड़ने भेजा। कैप्टन वहां उनसे भिड़ने चले गए। कैप्टन को प्रचार के लिए एक महीने का ही वक्त मिला था, लेकिन जेटली हारकर दिल्ली लौटे। ऐसे वक्त में जब भाजपा के कई नेता मोदी के नाम पर जीत गए, कैप्टन ने दिखाया कि पंजाब की राजनीति में उनसे बड़ा सूरमा कोई नहीं है। इसके अलावा पंजाब में बादल परिवार की सत्ता उखाड़ने का काम कैप्टन अमरिंदर ने ही किया है। सांसद पहले ही कह चुके- कैप्टन का वेलकम गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा कैप्टन की कांग्रेस में वापसी के हक में हैं। वह चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर कह चुके हैं कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में आएं तो उनका वेलकम है। कैप्टन ने खुद कांग्रेस में … Read more

इंदौर और भोपाल मेट्रो रेल परियोजनाओं के हुए दो तिहाई कार्य पूरे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल संचालन के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। सघन आबादी के क्षेत्रों और कामकाजी नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए मेट्रो रेल व्यवस्था एक वरदान है। प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र इंदौर में मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। दोनों नगरों की मेट्रो रेल परियोजना के सभी चरणों के सम्पूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। समग्र प्रगति की दृष्टि से दोनों परियोजनाओं के दो तिहाई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में भोपाल और इंदौर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। नगरीय विकास और आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। विद्यार्थियों की अध्ययन यात्रा से भी जोड़ें मेट्रो परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी बन रहे हैं। प्रमुख धार्मिक केंद्रों, पर्यटन स्थलों, पुरातात्विक धरोहर स्थलों और टाइगर रिजर्व एवं अभयारण्य की सैर के लिए विद्यार्थियों सहित अन्य नागरिकों के लिए प्रबंध होने से मेट्रो रेल का उपयोग बढ़ेगा। इन प्रयासों में पर्यटन विभाग सहित मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।  भोपाल मेट्रो परियोजना बैठक में बताया गया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना में फेज़-1 में सुभाष नगर से एम्स तक दिसम्बर 2025 से संचालन हो रहा है। इस ट्रेक पर 7.1 किलोमीटर क्षेत्र में 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। फेज़-2 में सुभाष नगर से करोंद चौराहा तक 9.64 से किलोमीटर सेक्शन में कार्य हो रहा है, जो जून 2028 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। इस सेक्शन में 6 एलिवेटेड और दो भूमिगत स्टेशन होंगे। इसी तरह फेज़-3 में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहे तक 14.16 लम्बाई के सेक्शन में कार्य हो रहा है। इस सेक्शन में 13 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह कार्य भी आने वाले 2 वर्ष में पूर्ण होगा। इंदौर मेट्रो परियोजना बैठक में बताया गया कि इंदौर मेट्रो रेल परियोजना में फेज-1 के रीच वन में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर 3 तक 5.26 किलोमीटर के सेक्शन का शुभारंभ मई 20 25 में हो चुका है। फेज-1 के रीच-2 में सुपर कॉरिडोर 3 से मालवीय नगर चौराहे तक 11.43 किलोमीटर के सेक्शन के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 के अंतर्गत रीच-1 में शहीद बगीचा से खजराना चौराहा तक 1.77 किलोमीटर सेक्शन के कार्य और फेज-2 के ही रीच-2 के एयर पोर्ट से गांधी नगर तक 1.5 किलोमीटर सेक्शन के कार्य जून 2028 तक पूर्ण होंगे। फेज-3 में खजराना चौराहा से एयरपोर्ट के 11.59 किलोमीटर लम्बाई के सेक्शन के कार्य होंगे। बैठक में नगरों में भविष्य में क्रियान्वित किए जाने वाले फ्लाई ओवर निर्माण, मेट्रो रेल और सड़क निर्माण के कार्यों के संबंध में भी चर्चा हुई।