samacharsecretary.com

नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा, MP में 60 हजार करोड़ की परियोजनाएं, भोपाल से जबलपुर तक ग्रीन फील्ड हाईवे

भोपाल भोपाल से जबलपुर के बीच 255 किमी लंबा नया ग्रीन फील्ड हाईवे बनाया जाएगा, जिसकी लागत 15 हजार करोड़ रुपए होगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर अप्रैल-मई 2026 से हाईवे निर्माण शुरू हो जाएगा। लखनादौन से रायपुर के बीच 220 किमी लंबा 4 लेन हाईस्पीड कॉरिडोर 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा, यह रायपुर विशाखापट्टनम कॉरिडोर से जुड़ेगा। मध्यप्रदेश सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जुड़ेगा। इंदौर से भोपाल 160 किमी ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी जा रही है, जिसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपए होगी। मध्यप्रदेश के लिए 4250 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 174 किमी लंबी 9 सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह बात कही। कार्यक्रम में गडकरी ने मध्यप्रदेश के लिए 60 हजार करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं भी की। इनके पूरे होने से जहां कई क्षेत्र आपस में जुड़ेंगे, वहीं यात्रा समय में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी ने महाकौशल सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों के निवासियों की रोड नेटवर्क संबंधी आकांक्षा व अपेक्षा को पूर्ण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिए प्रदेशवासियों की ओर से गडकरी का आभार माना। सबकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुगम संपर्क, तेज विकास, बेहतर सुरक्षा और सबकी समृद्धि सुनिश्चित करने के प्रण को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ अद्यतन अधोसंरचना निर्माण के लिए निरंतर सक्रिय है।

स्कूल में पीटी करते समय गिरी छठी की छात्रा, 13 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से मौत की आशंका

धार   धार जिले के बदनावर इलाके में पिछले कई दिनों से कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। इसका दुष्प्रभाव बच्चों पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में आज सुबह यहां नवोदय विद्यालय मुलथान में छात्रा की स्कूल के मैदान में खड़े-खड़े हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। बच्ची का नाम निशा पिता राहुल सूर्यवंशी निवासी ग्राम मुलथान बताया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि, जिस छात्रा की साइलेंट अटैक से मौत हुई है, उसकी उम्र महज 13 साल थी और वो स्कूल की 6वीं कक्षा में पढ़ती थी। मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा रोजाना की तरह सुबह पीटी के लिए मैदान में अन्य बच्चों के साथ गई थी। तभी 7:15 बजे वो अचानक गिरी तो बच्चों के साथ-साथ मैदान में मौजूद शिक्षकों ने उसे संभाला लेकिन बच्ची में कोई हलचल मेहसूस न होने से उसे तत्काल बदनावर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। निशा रोज की तरह सुबह पीटी के लिए बाकी बच्चों के साथ ग्राउंड पर गई थी। सुबह करीब सवा 7 बजे वह पीटी करते-करते अचानक गिर पड़ी। ग्राउंड पर मौजूद बच्चों और टीचर्स ने उसे संभाला। शरीर में कोई हलचल नहीं होने पर उसे फौरन सिविल अस्पताल, बदनावर ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने चेकअप के बाद निशा को मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार सुरेश नागर भी सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।   पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज बाद में अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, अभी मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन कड़ाके की ठंड में अल सुबह खुले मैदान में खेलने से उसकी मौत होने का शक है। इस असामयिक घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। फिलहाल, स्कूल में शोक की लहर है। बच्चों को लेकर माता-पिता रखें ये ध्यान ठंड में बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है। इससे बचने के लिए बुजुर्गों की तरह बच्चों को भी गर्म कपड़ों में रखें। घर के अंदर खेलने या हल्की-फुल्की कसरत (जैसे योग) कराएं। भरपूर तरल पदार्थ (गुनगुना पानी, सूप) पिलाएं। पौष्टिक आहार दें और ज्यादा ठंड में बाहर निकलने से रोकें, ताकि रक्त वाहिकाएं सिकुड़ें नहीं और हृदय पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, खासकर अगर बच्चे को पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है। बच्चों को सुरक्षित रखने के उपाय -गर्म और परतदार कपड़े पहने : बच्चे को हमेशा गर्म, ऊनी कपड़े, मोज़े, दस्ताने और टोपी पहनाएं, खासकर बाहर जाते समय। -घर के अंदर रखें : बहुत ज़्यादा ठंड या कोहरे के दौरान बच्चों को घर के अंदर ही खेलने दें। बाहर की गतिविधियां (जैसे मॉर्निंग वॉक) बहुत अधिक ठंड में टालें। -हाइड्रेटेड रखें : ठंड में भी शरीर को पानी की ज़रूरत होती है। उन्हें गुनगुना पानी, सूप, हर्बल चाय पिलाएं। -पौष्टिक आहार : फल, सब्जियां, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन दें। तैलीये और ज़्यादा नमक/चीनी वाले खाने से बचाएं। -शारीरिक गतिविधि (घर के अंदर) : हल्के व्यायाम, स्ट्रेचिंग या योग कराएं, जो घर के अंदर किए जा सकें। -तनाव से बचाएं : बच्चों को तनावमुक्त रखें। उनका मनपसंद काम करने दें और सकारात्मक माहौल दें। -बीमारियों से बचाव : सर्दी-खांसी-जुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें. फ्लू और अन्य संक्रमणों से बचाने के लिए टीका लगवाएं। किन लक्षणों पर ध्यान दें (अगर बच्चा बीमार हो) -सांस लेने में तकलीफ -सीने में दर्द या बेचैनी -बहुत ज़्यादा थकान -होंठों या उंगलियों का नीला पड़ना -तेज़ धड़कन नोट- अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। माता-पिता के लिए अतिरिक्त सलाह -बच्चों को समय पर दवा दें (यदि कोई दवा चल रही है)। -ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं, खासकर अगर जोखिम हो।

इंदौर में दूषित पानी से 17 मौतें, MP में 211 नदियां और 353 जल स्रोत दूषित, इको सिस्टम बिगड़ने की चिंता

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पानी से 17 लोगों की असमय मौत और 1400 से ज्यादा लोगों में दूषित पानी के बेक्टीरिया पाए जाने के मामले ने देश के सबसे स्वच्छ शहर की पेयजल गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही नहीं, सामने आई इस गंभीर लापरवाही ने प्रदेशभर के हालातों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। ऐसे में आनन फानन में जांच पड़ताल शुरु हुई है, जिसमें बेहद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। दरअसल, पेयजल आपूर्ति में बड़ा योगदान नदियों और जलाशयों को माना जाता है। लेकिन, गंभीर चिंतन की बात ये है कि, इन्हीं नदियों और जलाशयों में उद्योगों का रसायनयुक्त पानी मिलने से आम लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। हालिया खुलासे के अनुसार, राज्य में 2,515 उद्योग ऐसे हैं, जो जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे हैं। इन उद्योगों ने प्रदूषित जल के ट्रीटमेंट के भी कोई उपाय नहीं किए और दूषित जल सीधे जल स्रोतों में छोड़ दिए। ऐसे लाल (रेड) केटेगिरीके उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक का कोई बस नहीं चल पा रहा है। अनियंत्रित प्रदूषण और नियमों की अनदेखी आपको बता दें, उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए जल प्रदूषण नियंत्रण समेत अन्य पर्यावरण संबंधी अनुमतियां जरूरी होती हैं। प्रदेश में चल रहे 5,961 उद्योगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से समेकित सहमति और प्राधिकरण (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड अथाराइजेशन-सीसीए) रिन्युएशन ही नहीं कराया है। ये अनियंत्रित प्रदूषण फैला रहे हैं, इनसे निकलने वाला अपशिष्ट नदियों का जल तक जहरीला कर रहा है। इनके अपशिष्ट से नदियों का इको सिस्टम बिगाड़ रहे हैं। CCA रिनिवल न कराने वाले उद्योगों की जानकारी -लाल (Red) कैटेगरी के उद्योग: कुल 2,515 उद्योग (इनमें 2,311 लघु, 153 मध्यम और 51 वृहद उद्योग शामिल हैं)। -नारंगी (Orange) कैटेगरी के उद्योग: कुल 1,398 उद्योग (इनमें 1,295 लघु, 80 मध्यम और 23 वृहद उद्योग शामिल हैं)। -हरा (Green) कैटेगरी के उद्योग: कुल 2,048 उद्योग (इनमें 2,022 लघु, 20 मध्यम और 6 वृहद उद्योग शामिल हैं)। -कुल अनियंत्रित उद्योग: इस तरह प्रदेश में कुल 5,961 उद्योगों ने अपना जरूरी रिनिवल ही नहीं कराया है। अमृत मित्र और प्रदूषित जल स्रोत हालात ये हैं कि, प्रदेशभर में 7 हजार अमृत मित्र हैं, फिर भी यहां 305 नदियां, तालाब और जलाशय प्रदूषण की चपेट में हैं। मध्य प्रदेश में 7 हजार अमृत मित्र जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य कर रहे हैं। इसके लिए भारत सरकार द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत 3.70 करोड़ रुपए बजट प्रदेश को दिया गया और अमृत मित्र अंतर्गत 184 परियोजनाएं भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गई हैं। इसके बावजूद यहां 305 नदियां, तालाब और जलाशय प्रदूषण की चपेट में हैं। योजनाओं पर करोड़ों खर्च प्रदेश में अमृत मित्र योजना के अंतर्गत जल गुणवत्ता परीक्षण की 55 परियोजनाएं, हरित क्षेत्र की 10 परियोजनाएं, अर्बन फारेस्ट्री में 501 परियोजनाएं बनाई गई हैं। इनमें से 184 परियोजनाएं भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की जा चुकी हैं, शेष 317 परियोजनाएं भारत सरकार की समीक्षा में हैं। राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम में एमपी के चिह्नित दूषित स्रोत -नदियां: 211 -झीलें: 20 -तालाब: 11 -टैंक: 01 -भूजल स्रोत: 353 -जलाशय: 08 क्या कहता है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड? मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अचुत्य ए. मिश्रा का कहना है कि, प्रदेश में रेड (लाल) श्रेणी के उद्योग प्रदूषणकारी हैं। समय-समय पर इनकी मानीटरिंग की जाती है। इनसे निकलने वाला अपशिष्ट नदियों के जल को प्रदूषित करता है। हालांकि कुछ उद्योगों में रियल टाइम मानीटरिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं, लेकिन कुछ उद्योग ऐसे भी है जो अधिक प्रदूषणकारी हैं, उन्हें नोटिस देकर कार्रवाई भी की जाती है।

निकोलस मादुरो ने कोर्ट में उठाया मौका, वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद पर बनाए रखा दावा, डील का हुआ खुलासा

न्यूयॉर्क बीते हफ्ते वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इशारे पर जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके बेडरूम से उठवा लिया. मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल न्यूयॉर्क में कैद हैं और उनके खिलाफ ड्रग्स से जुड़ा मुकदमा शुरू किया गया है. मादुरो के साथ हुई इस घटना से वेनेजुएला का ट्रेड पार्टनर चीन बेहद नाराज हुआ है. चीन के टॉप डिप्लोमैट ने संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाए जाने के अमेरिका के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. वेनेजुएला में चीन एक बड़ा स्टेकहॉल्डर है और ऐसे में उसकी यह प्रतिक्रिया जायज मानी जा रही है. चीन आम तौर पर गैर-हस्तक्षेप की नीति का पालन करता है. वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना की गई सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करता रहा है. अमेरिका ने चीन के 'ऑल-वेदर' यानी सदाबहार स्ट्रैटेजिक पार्टनर माने जाने वाले देश के नेता को आधी रात उसके ही देश की राजधानी से उठवा लिया गया जो चीन के लिए एक बड़ा झटका है. 'मैं आज भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति   …..   अमेरिकी अदालत में पेश हुए निकोलस मादुरो सोमवार को खूब गरजे. उन्होंने भरी अदालत में खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि वह किडनैप किए गए हैं. वेनेजुएला से अमेरिकी सेना द्वारा उठाए गए निकोलस मादुरो ने सोमवार को मैनहैटन में अमेरिकी फेडरल कोर्ट में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों पर अपनी पहली पेशी के दौरान मौके का फायदा उठाया और खुद को निर्दोष बताया. अपनी पहली सुनवाई में निकोलस मादुरो ने जज के सामने दावा किया कि वह अब भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं और उन्हें किडनैप किया गया है. अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज एल्विन हेलरस्टीन के सामने पेश होते हुए मादुरो ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जबरदस्ती वेनेजुएला से लाया गया था. कोर्टरूम में मौजूद रिपोर्टर्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘मुझे किडनैप किया गया है.’इतना ही नहीं, निकोलस मादुरो के वकील ने अदालत में साफ किया कि वे फिलहाल जमानत की कोई मांग नहीं कर रहे हैं. जब अदालत में पेशी हुई तो निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस जेल की वर्दी और बेड़ियों में नजर आए. दोनों ने नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स तस्करी के सभी चार आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत में आक्रामक दिखे मादुरो कोर्ट रूम में निकोलस मादुरो काफी आक्रामक दिखे. उन्होंने कहा कि ‘मुझे काराकस में मेरे घर से अगवा किया गया.’ जज ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई अब 17 मार्च को होगी. सुनवाई के बाद दोनों को दोबारा कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया. अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत उन्हें काराकस से पकड़ा था. 'खुद को दुनिया का जज न समझे अमेरिका' चीन ने अमेरिका पर खुद को 'दुनिया का जज' समझने का आरोप लगाया है. चीन ने इस कार्रवाई की वैधता को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका को टार्गेट भी किया है, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को बीजिंग में पाकिस्तान के अपने समकक्ष से मुलाकात के दौरान कहा था, 'हम कभी यह नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसवाला बन सकता है, न ही हम यह स्वीकार करते हैं कि कोई देश खुद को दुनिया का जज घोषित करे.' उन्होंने सीधे अमेरिका का नाम लिए बिना वेनेजुएला में हुए 'अचानक घटनाक्रम' का जिक्र किया. वांग यी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए.  बीते शनिवार को 63 साल के मादुरो को आंखों पर पट्टी बांधकर और हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया. कैद से उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. मादुरो को हटाने के लिए उनके करीबी से हुई थी डील? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने पर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि उनके पास मादुरो के किसी करीबी अधिकारी से डील करने का मौका था, लेकिन उनकी टीम ने फैसला किया कि इसे बिना मदद के ही अंजाम दिया जाएगा। हाल ही में अमेरिका की सेना ने काराकास में सैन्य अभियान चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और यूएस लेकर गए। यहां उन पर नार्को-टेररिज्म, कोकेन आयात की साजिश और हथियार रखने जैसे आरोपों में मुकदमा चलेगा। मादुरो ने न्यूयॉर्क की अदालत में खुद को बेकसूर बताया। इस अभियान के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बन गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि वेनेजुएला पर अंतिम नियंत्रण उनका है और चुनाव कराना अभी संभव नहीं है, क्योंकि देश को पहले स्थिर करना जरूरी है। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध नहीं कर रहा, बल्कि ड्रग तस्करी करने वालों से लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अंतरिम नेतृत्व सहयोग नहीं करता तो दूसरा सैन्य अभियान हो सकता है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया कि ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को वेनेजुएला में आर्थिक और राजनीतिक सुधारों का नेतृत्व सौंपा है। वेनेजुएला की सरकार कौन चलाएगा? स्टीफन मिलर के अनुसार, अंतरिम सरकार से पूर्ण सहयोग मिल रहा है, जिससे वेनेजुएला के लोग पहले से कहीं अधिक अमीर होंगे। अमेरिका को आर्थिक और सैन्य लाभ मिलेगा। ट्रंप की टीम में रुबियो के अलावा रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, उप चीफ ऑफ स्टाफ मिलर और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शामिल हैं। मार्को रुबियो ने ट्रंप के वेनेजुएला को चलाने वाले बयान पर कहा कि अमेरिका रोजमर्रा की सरकार नहीं चलाएगा, बल्कि आर्थिक दबाव और सैन्य धमकी से प्रभाव डालेगा। रुबियो ने जोर दिया कि अंतरिम सरकार के कार्यों से ही फैसला लिया जाएगा और अभी चुनाव की बात जल्दबाजी है। ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार का जिक्र कर अमेरिकी कंपनियों के निवेश की बात की, जबकि रुबियो ने कहा कि मौजूदा सैन्य स्थिति से ड्रग और तेल शिपमेंट रोके जा रहे हैं। कोर्टरूम में क्या-क्या हुआ?     मादुरो ने अमेरिकी कोर्ट में गरजते हुए कहा कि ‘मुझे मेरे घर से पकड़ा गया था’.     40 मिनट की सुनवाई के दौरान यह एकमात्र ऐसा पल नहीं था, जब … Read more

हाईकोर्ट ने इंदौर में हुई मौतों पर सरकार को दी फटकार, भागीरथपुरा में 38 नए मरीज मिले

 इंदौर   मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बीमारी के मामले में बेहद तल्ख टिप्पणी (MP High Court on Indore Water Crisis) की है। एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है जिसमें कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हो रहा, बहुत दुखद है। देश ही नहीं विदेश तक में शहर की छवि बिगड़ी है। देश का नाम खराब हो रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं, हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है और प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है। क्या इंदौर के लोग अब सुरक्षित पानी की उम्मीद कर पाएंगे, यह सवाल सभी के सिर पर मंडरा रहा है।  इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंगलवार (6 जनवरी) को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है. कोर्ट ने कहा कि पीने का पानी ही अगर दूषित हो तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले में मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं, क्योंकि यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है। दरअसल, पूरे इंदौर शहर का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है। खास बात यह की कोर्ट ने अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को वर्चुअली हाजिर होने को कहा है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी बता दें, दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 311 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आईसीयू में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। तीसरी जनहित याचिका, जिम्मेदारी तय करने की मांग मामले में दायर तीसरी जनहित याचिका भी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मप्र में पहली बार बता दें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल संकट बना हुआ है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। 15 का आइसीयू में इलाज चल रहा है। इस बीच, भोपाल से इंदौर पहुंची स्टेट इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (एसआइडीएसपी) टीम के प्रमुख डा. भागवत भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मध्य प्रदेश में पहली बार सामने आया है। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में, इतने सीमित क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीजों का सामने आना और महामारी (एपिडेमिक) जैसी स्थिति बनना बेहद असाधारण और चिंताजनक है। कांग्रेस का प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित 10 कांग्रेस नेताओं को भागीरथपुरा में जाने की अनुमति मिल गई है। ये सभी बाइक से क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने शाम को कैंडल मार्च और हर वार्ड में रैली निकालने की घोषणा की है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है। आखिरकार इन्दौर प्रशासन ने 17 मौतें मानी भागीरथपुरा (Bhagirathpura) सहित प्रभावित क्षेत्रों में 17 मौतों को स्वीकारते हुए प्रशासन (administration)  ने सभी मृतकों के परिजनों (Finally) को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर दी।  कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को चैक वितरित किए। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे मृतकों की जांच रिपोर्ट सामने आती रही, चैक तैयार किए जाते रहे और उन्हें कल वितरित किया गया। क्षेत्रवासियों ने इस बात से भी राहत की सांस ली कि आखिरकार उनके परिजनों को मृतक की सूची में शामिल कर लिया गया। इन 17 लोगों की मौत हालिया बीमारी और दूषित जल से जुड़ी बताई जा रही थी। मृतकों में बुजुर्ग, महिलाएं और एक कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। अधिकांश मामलों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण सामने आए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों की जांच की गई। जिन-जिन के मामलों की पुष्टि होती गई चैक दिए गए हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से यहां के रहवासियों की मदद के लिए तैनात है। वहीं नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति, टंकियों की सफाई और दवा वितरण के निर्देश दिए गए हैं। इनको मिली 2- 2 लाख की मदद उर्मिला पति अलगू राम, मंजुला पति दिगंबर बाघे, सीमा पति गौरीशंकर, अवयान पिता सुनील साहू, तारारानी कोरी, नंदलाल सिद्धार्थ पाल, उमा बिहारीलाल कोरी, संतोष पिता कल्याण ,सुमित्रादेवी पति रामेश्वर दास, गोमती पति गोपाल, अशोक पिता मोतीलाल, रामकली पति जगदीश, शंकरलाल जीवनलाल बरेडे, श्रवण पिता नाथू व गीताबाई ध्रुवकर को देर शाम तक चैक का वितरण कर दिया गया। याचिकाकर्ता बोले- सप्लाई हो रहा पानी दूषित 31 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को यह निर्देश दिया था कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस पर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी है कि प्रभावित क्षेत्र में अब भी जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह दूषित है, न कि स्वच्छ और पीने योग्य। 15  जनवरी को अगली सुनवाई  हाई कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए तलब किया गया. कोर्ट ने पूरे प्रदेश में पानी को लेकर चिंता जताई है. वहीं, स्टेटस रिपोर्ट में 4 मौत दिखाने को लेकर सरकार को फटकार भी लगाई है. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 15 जनवरी तय की है.  यदि शिकायतें सुन लेते तो ये नौबत नहीं आती अन्य याचिकाओं में यह मुद्दा … Read more

हरियाणा का युवक अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन की जानकारी पाकिस्तानी पहुंचते गिरफ्तार

अंबाला. पाकिस्तान को गोपनीय सूचना देने के मामले में पकड़ा गया सबगा गांव निवासी सुनील एयरफोर्स के कांट्रेक्टर के पास 2020 से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। इसलिए एयरफोर्स स्टेशन में आना जाना लगा रहता था। फेसबुक के जरिये हनीट्रैप ने फंसने वाली महिला ने खुद को दिल्ली की रहने वाली बताया था। यह जानकारी अंबाला क्राइम डीएसपी विरेंद्र शर्मा ने सोमवार को सीआईए-2 कार्यालय में दी प्रेसवार्ता के दौरान दी। बताया कि सूचना के आधार पर सबगा गांव निवासी सुनील उर्फ सन्नी को काबू किया था। जो एयरफोर्स की सूचना पड़ोसी दुश्मन देश को दिया करता था। प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि व्यक्ति एक सोशल मीडिया के जरिए एक महिला से बात किया करता था और हनी ट्रैप के जाल में फंस गया था। जिसके बाद आरोपी ने एयरफोर्स की सूचनाएं भेजना शुरू कर दिया, फिलहाल अभी आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान इससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी ओर भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है, वही ये अकेला था या इसके साथी थे इन सभी मुद्दों पर जांच की जा रही है। आरोपी का आई कार्ड भी किया बरामद पुलिस ने आरोपी का आई कार्ड भी बरामद किया है। आरोपी के फोन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर कहां-कहां की लोकेशन व जानकारी भेजी गई है। लेनदेन का पता लगाने के लिए बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की टीमें सुरक्षा एजेंसियों संग मिलकर इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से फेसबुक पर आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट सहित व्हाट्सएप वाले नंबर को भी ट्रेस किया जा रहा है। इंडियन नंबर के व्हाट्सएप से झांसे में आया था युवक सुनील से फेसबुक के जरिये संपर्क में आई महिला या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने एक व्हाट्सएप के जरिये सूचनाएं ली। हैरानी की बात यह है कि यह नंबर भी इंडियन नंबर की तरह था, जिसने युवक को झांसे में लिया। ऐसे में पता नहीं चल पाता कि यह सूचना देश से बाहर कहीं जा सकती हो। हालांकि पुलिस इसकी भी गहनता से जांच कर रही है। बताया जाता है कि सुनील को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाली महिला ने खुद को दिल्ली की रहने वाली बताया था। आरोपी का सबगा गांव में अपना मकान है। पिता रेलवे से रिटायर्ड है और वह दो भाई है। गांव में हर कोई हैरान है कि ऐसा कैसे हो गया। आरोपी पर पहले किसी तरह का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड भी नहीं है। यह पंजाबी खत्री है। सुनील ने पसियाला के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की हुई है। यह था पूरा मामला हनीट्रैप में फंसकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में अंबाला पुलिस ने सबगा गांव निवासी सुनील को 2 जनवरी को काबू किया था। अंबाला सीआईए-2 की टीम ने आरोपी को 3 दिसंबर को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है। सुनील पर आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था। सेना से जुड़ी सूचनाएं जैसे सेना की यूनिट कहां जा रही है व कहां कौन सी यूनिट है व अन्य जानकारी साझा कर रहा था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

मध्य प्रदेश में कोहरे का असर, 14 घंटे लेट रहीं ट्रेनें, भोपाल समेत 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली

भोपाल  जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश में सर्दी ने अब अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में घना कोहरा, तेज सर्द हवाएं और शीतलहर (कोल्ड वेव) का असर महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और खजुराहो समेत कई जिलों में सुबह-सुबह विजिबिलिटी 20 मीटर तक घट गई, जिससे सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक राहत की संभावना कम बताई है। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, वहीं 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बाकी 24 जिलों में फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ, जिससे वहां के बच्चे तेज ठंड में स्कूल जाएंगे। कोहरे की वजह से 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे और 01666 अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 13 घंटे 50 मिनट लेट इटारसी पहुंची। इनके अलावा मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें 3 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3.8 डिग्री पर आ गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना-मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन का अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री-प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     नर्मदापुरम: 6–7 जनवरी को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों की छुट्‌टी।     झाबुआ: प्ले-ग्रुप से कक्षा 3 तक, 6 से 10 जनवरी तक अवकाश।     छतरपुर: कक्षा 1 से 8 तक, 2 दिन का अवकाश।     सीधी: नर्सरी से 8वीं तक, 2 दिन का अवकाश।     बैतूल: शीतलहर के कारण आज नर्सरी-8वीं तक स्कूल बंद। इन जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9:30 बजे के बाद, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत।     सीहोर: 6 जनवरी से नर्सरी से 12वीं तक कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगी।     अनूपपुर: एक पाली वाले स्कूल सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक, दो पाली वाले स्कूल 11–1 और 1–5 बजे तक।     बड़वानी: सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी नर्सरी से आठवीं तक की क्लास।     मुरैना : सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी आठवीं तक की क्लास।     खरगोन : सुबह 9 बजे के बाद स्कूल लगेंगे। घना कोहरा और शीतलहर का असर भोपाल और खजुराहो सहित प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हाईवे और शहर की सड़कें सुस्त गति से चल रही हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में शीतलहर का असर ज्यादा है। इसके चलते रात और सुबह का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि, सुबह जल्दी अनावश्यक बाहर न निकलें, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और बुजुर्गों तथा बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश और टाइमिंग बदलने का निर्णय लिया।   स्कूलों में छुट्टी (मुख्य जिले) जिला क्लास अवकाश इंदौर 1-8 3 दिन उज्जैन नर्सरी-5 1 दिन मंदसौर नर्सरी-8 2 दिन शाजापुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी ग्वालियर नर्सरी-8 5-6 जनवरी दमोह प्री-प्राइमरी-8 1 दिन मंडला नर्सरी-8 5-6 जनवरी जबलपुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी छतरपुर 1-8 2 दिन बैतूल नर्सरी-8 1 दिन (कुल 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश)            स्कूलों में टाइमिंग बदली जिला क्लास नई समय-सारणी भोपाल नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे बाद धार नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे, 9-12वीं यथावत सीहोर नर्सरी-12 सुबह 9:30 बजे से बड़वानी नर्सरी-8 सुबह 10 बजे के बाद मुरैना 1-8 सुबह 10 बजे के बाद ट्रेनों में देरी और यात्रियों की परेशानी कोहरे की वजह से कई प्रमुख ट्रेनों में 3-14 घंटे तक देरी दर्ज हुई। यात्रियों ने प्लेटफार्म पर ठंड में अलाव, चाय और गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ट्रेन का नाम देरी 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल 13 घंटे 50 मिनट 20104 मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट 1 घंटा 30 मिनट 11058 पठानकोट एक्सप्रेस 4 घंटे 45 मिनट 12722 दक्षिण एक्सप्रेस 4 घंटे न्यूनतम और अधिकतम तापमान (मुख्य शहर) शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) भोपाल 18.4 3.8 इंदौर 22.0 8.6 ग्वालियर 19.6 7.3 जबलपुर 20.4 7.8 खजुराहो 18.6 4.4 मंडला 23.4 4.9 दमोह 19.5 5.6 रतलाम 22.2 7.8 उज्जैन 22.4 7.8 मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2-3 दिन भी घना कोहरा रहेगा और 15 जनवरी तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी रहने की संभावना है। कड़ाके की ठंड ने प्रदेश में तोड़ा … Read more

चांदी और सोने की कीमतों में उछाल, चांदी में 7 हजार से ज्यादा का इजाफा, जानें नए रेट

  नई दिल्ली 6 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. आज मंगलवार को सोने के दाम भी बढ़े हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का रेट ₹124730 प्रति 10 ग्राम था, जो आज सुबह बढ़कर ₹125409 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) के भाव में 7 हजार 700 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.   सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                      शुद्धता              सोमवार शाम का रेट                मंगलवार सुबह का रेट                             कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)            136168                                136909                                         ₹741 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)            135623                                 136361                                        ₹738 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)            124730                               125409                                          ₹679 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)            102126                               102682                                         ₹556 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)            79658                                  80092                                          ₹434 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                           237063                                244788                                        ₹7725 महंगी सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹135721 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136168 प्रति 10 ग्राम मंगलवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹236775 प्रति किलो शाम का रेट: ₹237063 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.

मद्रास HC का सख्त रुख, कार्तिकेय दीपम विवाद में तमिलनाडु सरकार से कहा- राजनीति से प्रेरित न हो फैसला

चेन्नई  मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने कार्तिकेय दीपम से जुड़े मामले में सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है. अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से जुड़े मुद्दों के लिए सीधे तौर पर सरकार उत्तरदायी है. बेंच ने जोर देकर कहा कि सरकार को अपने फैसले राजनीतिक आधार पर नहीं लेने चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि 'दीपथून' (Deepathun) उस स्थान पर स्थित है, जो देवस्थानम (Devasthanam) की संपत्ति के अंतर्गत आता है. कोर्ट ने स्टालिन सरकार को नसीहत देते हुए कहा, "किसी भी विवाद को सुलझाते समय निष्पक्षता जरूरी है. सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सरकार की भूमिका अहम होती है और उसे राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए." एकल न्यायाधीश के पिछले आदेश को सही ठहराते हुए कोर्ट ने प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत किया. देवस्थानम की जमीन पर स्थित है दीपथून विवादित स्थल के मालिकाना हक पर स्पष्टता देते हुए मदुरै बेंच ने माना कि दीपथून देवस्थानम की भूमि पर स्थित है. कोर्ट के इस फैसले से मालिकाना हक को लेकर चल रही बहस पर विराम लग गया है. कोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया है कि वह सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए और यह सुनिश्चित करे कि धार्मिक परंपराओं और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बना रहे. क्या है विवाद? तमिलनाडु की थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर सुब्रमण्या स्वामी मंदिर और सिकंदर बादशाह दरगाह स्थित हैं. विवाद का केंद्र दीपाथून स्तंभ (दरगाह से 15 मीटर दूर) पर कार्तिगै दीपम जलाने का है. हिंदुत्व संगठनों ने अनुमति मांगी, मद्रास हाईकोर्ट ने 2025 में छूट दे दी. तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर लागू नहीं किया, जिससे झड़पें हुईं.  अब कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल जज के आदेश को बरकरार रखा और सरकार के रवैये पर सख्त टिप्पणी की है. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे 'मिशन कर्मयोगी' की प्रगति की  समीक्षा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा प्रदेश में जारी प्रयासों का पेश किया जाएगा खाका फील्ड स्तर के कर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर हो रहे कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस कई विभागों के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठक में रहेंगे मौजूद लखनऊ उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति और भविष्य में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समीक्षा करेंगे। मंगलवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी और राज्य में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर एक विस्तृत खाका पेश करेंगी । बैठक में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक स्तरों पर कार्यरत लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण की दिशा और प्राथमिकताओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। इस समीक्षा बैठक में कई विभागों के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहेंगे, जो अपने-अपने विभागों में क्षमता निर्माण से जुड़ी प्रगति और चुनौतियों से मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराएंगे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस  राधा चौहान ने मुख्य सचिव एसपी गोयल से भी मुलाकात कर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत जारी कार्यों को लेकर चर्चा की। प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में समीक्षा हाल ही में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यों को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के मार्गदर्शन में क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मुख्यमंत्री योगी द्वारा यह समीक्षा बैठक की जा रही है, जिसमें अब तक की प्रगति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्यों में क्षमता निर्माण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने उत्तर प्रदेश सहित 28 राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। फील्ड कार्मिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय नगरीय निकायों (ULB) के फील्ड स्तर के कर्मियों के लिए व्यवहारिक और कार्यात्मक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस रहेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है। UPAAM है नोडल की भूमिका में, iGoT पर उपलब्ध होंगे पाठ्यक्रम राज्य सरकार ने विभागों को क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने में सहयोग के लिए UPAAM को नोडल संस्था नामित किया है। इसके तहत तैयार किए जाने वाले प्रशिक्षण पैकेज iGoT पोर्टल पर कर्मयोगी भारत के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां अब तक 18.8 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विभागों में स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग प्रमुख हैं। इनके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होम गार्ड्स, कृषि, पावर कॉरपोरेशन तथा पंचायती राज विभाग उल्लेखनीय रूप से आगे हैं। कर्मयोगी भारत (iGOT) प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में हिंदी भाषा में 840 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज तैयार मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर सड़क, सिंचाई, भवन, पुल और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज भी तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य तकनीकी दक्षता के साथ-साथ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस बैठक को राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और एक सक्षम, आधुनिक व उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इस बैठक का उद्देश्य हिंदी में राज्य-विशेष पाठ्यक्रमों के विकास के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है।