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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष, CM विष्णु देव साय ने रणनीति और समन्वय पर जोर दिया

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन पर विस्तार से चर्चा की. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य नेताओं से मुलाकात की. मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बार-बार "डबल इंजन की सरकार" की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, समन्वय और समयबद्ध लक्ष्य के साथ काम हो रहा है. केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नक्सलवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की कमी थी. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में गंभीरता नहीं थी. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर रही है. साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय समय में पूरा होगा. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है. मुख्यमंत्री साय ने ये भी दावा किया कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय हो रहा है. सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से हिंसा अब एकमात्र विकल्प नहीं रही. अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ रही है. पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास विकास परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसके तहत अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है. नक्सलवाद के खत्म होने पर निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है. इसका जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले एक साल में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं. साथ ही सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है. डबल इंजन की सरकार में मिली स्पष्ट दिशा नक्सलवाद खत्म करने में केंद्र सरकार ने जितनी रुचि अब दिखाई है, क्या वो पहले भी इतनी सचेत थी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को स्पष्ट दिशा, निरंतरता और समयबद्ध लक्ष्य मिला है. केंद्र सरकार ने नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया है, वह अब जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रहा है और तय समय में लक्ष्य पूरा होने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले नक्सलवाद के खिलाफ न तो इतनी स्पष्ट रणनीति थी और न ही केंद्र-राज्य के बीच ऐसा समन्वय दिखता था. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं थी, जिसकी जरूरत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए होती है. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद के समूल निवारण के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने अपने जवाब में केंद्र की वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए "डबल इंजन" मॉडल की सफलता को रेखांकित किया.

ठंड का कहर! IMD ने किया दो दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी

नई दिल्ली उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। राजधानी नई दिल्ली में दिन का तापमान गिरा है और राजस्थान के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम है। कश्मीर में भी तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में घाटी के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या हिमपात का पूर्वानुमान जताया है। IMD ने 5-6 जनवरी को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या हिमपात का अनुमान जताया गया है। इसने बताया कि उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 6 जनवरी को बारिश या हिमपात हो सकता है। आईएमडी ने कहा कि अगले तीन दिन मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिसके बाद अगले चार दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। अगले पांच दिनों में गुजरात में न्यूनतम तापमान बढ़ने की संभावना है। भारत के शेष हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव का पूर्वानुमान नहीं है, जहां ठंड का प्रकोप बना रहेगा। सुबह और शाम के वक्त घने कोहरे की मार अभी जारी रहने वाली है। 6 जनवरी तक और बिगड़ेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 2 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है। 6 जनवरी तक शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। वहीं, राजस्थान में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है। सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। न्यूनतम तापमान लूणकरनसर में 2.8 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली में 4 डिग्री सेल्सियस और सिरोही, पाली व चूरू में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। शीतलहर का प्रकोप और तेज कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप और तेज हो गया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किये गए तापमान से कम है। उत्तरी कश्मीर का प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग सबसे सर्द स्थान बना हुआ है। गुलमर्ग में लगातार दूसरी रात न्यूनतम तापमान शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में यह 0-5 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।

दिल्ली यात्रा के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ में स्वागत करने का न्योता दिया

रायपुर  छत्तीसगढ़  के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय CM Vishnudev Sai Delhi Visit के बाद देर रात राजधानी रायपुर लौटे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने दिल्ली प्रवास को राज्य हित में महत्वपूर्ण बताया और दौरे की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े आगामी बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे राष्ट्रपति ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री साय ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर की आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। CM Vishnudev Sai Delhi Visit के दौरान खेल और युवा विकास से जुड़े विषय भी प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया और राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर मिलना राज्य के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की और उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती और राज्य विकास को लेकर चर्चा हुई। नक्सलवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। छत्तीसगढ़ इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है और सुरक्षा बलों व प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह CM Vishnudev Sai Delhi Visit छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक उत्थान के लिए बेहद लाभकारी रहा है, जिससे राज्य को केंद्र का निरंतर सहयोग मिल रहा है।  

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई मिसाल, सीएम विष्णदेव साय बोले- राज्य बना रोल मॉडल

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के लिए आवेदन जारी हैं. अभिभावक 11 जनवरी तक आवेदन भर सकते हैं. देश में सबसे ज्यादा आवेदन छत्तीसगढ़वासियों ने भरे हैं. अब तक 81,533 से अधिक अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राज्य ने परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि उत्सव बनाने की सोच अपनाई है. छत्तीसगढ़ इस मामले में देश का रोल मॉडल बन गया है. सीएम साय ने कहा कि पालक अब सिर्फ अंकों के दबाव में नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण पर ध्यान दे रहे हैं.     परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की सोच- छत्तीसगढ़ बना देश का रोल मॉडल।     ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में पालक सहभागिता के पंजीयन में अब तक देश में प्रथम स्थान पर बने रहना छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है।     81,533 से अधिक अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारे पालक… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में परीक्षा को सकारात्मक अनुभव बनाने के इस अभियान को छत्तीसगढ़ ने पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू किया है. इस पहल में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक की साझा भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है. अभिभावक 11 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं और इस अभियान को और मजबूत बना सकते हैं. मुख्यमंत्री साय का जनदर्शन कार्यक्रम रायपुर में 8 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर CM साय जनता की समस्याएं सुनेंगे और छत्तीसगढ़वासियों से सीधा संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम में जनता की समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे ‘बाबू जीः’ मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन   सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकालः सीएम योगी  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि ‘बाबू जी’ अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। उतर प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री थे कल्याण सिंह  मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बाबू जी’ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री थे। 1991 में जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली, तब यहां अव्यवस्था, अराजकता, गुंडागर्दी थी और आतंकी गतिविधियां सिर उठा रही थीं। गांवों, गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। एक ओर कुव्यवस्था थी तो दूसरी ओर 500 वर्षों की गुलामी को दूर करने के लिए हिंदू समाज छटपटा रहा था।  ‘बाबू जी’ का कार्य देख प्रदेशवासियों को हुआ विश्वास- सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा यूपी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहली बार भाजपा की  सरकार की कमान अपने हाथ में ली थी। जब उन्होंने कार्य शुरू किया तो कुछ ही महीने में प्रदेशवासियों के मन में यह विश्वास सुदृढ़ होने लग गया था कि उत्तर प्रदेश सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा, लेकिन उन्हें अस्थिर करने की साजिशें होने लगी। अव्यवस्था फैलानी शुरू हो गईं।  सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकाल मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन चरम की ओर बढ़ा तो रामभक्तों, पूज्य संतों की भावना का सम्मान करते हुए अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के प्रति उन्होंने सत्ता को बलिदान करने में संकोच नहीं किया। उनकी सरकार गई, लेकिन गुलामी के ढांचे को हटाने के जिस प्रण के साथ राम भक्त आगे बढ़े थे, उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर प्रभु राम के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करने में तनिक भी देर नहीं लगाई। बाबू जी का कार्यकाल यूपी सरकार के सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा।  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठ  सीएम योगी ने कहा कि आज हर भारतवासी बाबू जी को याद करता है। उनका जन्म किसान परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा। आजीवन उसे जीवन का मंत्र बनाया और उस मिशन के लिए समर्पित होकर लगातार कार्य करते रहे और अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। विधायक, मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के रूप में उनकी सेवाएं देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगी।  इस दौरान स्व. कल्याण सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, सांसद सतीश गौतम, मुकेश राजपूत, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, स्व. कल्याण सिंह के पौत्र व बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

भोपाल में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान की शुरुआत, 1.16 लाख वोटरों की जांच आज से शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक लाख से ज्यादा ऐसे मतदाता हैं, जो निर्वाचन आयोग के डिजिटल नक्शे पर लापता हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो सोमवार से आपकी नागरिकता और मतदान के अधिकार की सुनवाई शुरू हो रही है। दरअसल, भोपाल की मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान चल रहा है। इस प्रक्रिया में 1,16,925 मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनका पता डिजिटल मैप से मेल नहीं खा रहा है। आसान भाषा में कहें तो सरकारी रिकॉर्ड में आप हैं, पर आपका घर कहां है, इसकी सटीक मैपिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई सोमवार से शुरू हो रही है। सोमवार सुबह से भोपाल के सभी 85 वार्ड कार्यालयों, तहसील और नजूल दफ्तरों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन नो-मैपिंग मतदाताओं की दलीलें सुनेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को उनके घर पर नोटिस थमा चुका है। वहीं आपके इलाके के बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस बांट रहे हैं ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। 4.38 लाख नाम कटे, अब आपकी बारी यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। प्रशासन अब तक सूची से 4.38 लाख फर्जी या अपात्र नाम काट चुका है। ऐसे में अगर आपके पास नोटिस आया है और आप सुनवाई में नहीं पहुंचते, तो मुमकिन है कि अगली बार आप पोलिंग बूथ पर अपना नाम न ढूंढ़ पाएं। बीएलओ पर काम का बोझ बढ़ा है। सर्वर की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन एक जागरूक नागरिक के नाते यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने वार्ड कार्यालय पहुंचें। याद रखिए, आपकी एक छोटी-सी लापरवाही आपको लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी मतदान से बाहर कर सकती है। एक तरफ नाम काटे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ नए जोड़े जा रहे हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय का अनुमान है कि दो लाख नए मतदाता इस बार जुड़ेंगे। फार्म-6 का वितरण जारी है। सुनवाई में जाते समय साथ रखें ये दस्तावेज अगर आपको नोटिस मिला है, तो वार्ड दफ्तर खाली हाथ न जाएं। आपको भारत की नागरिकता प्रमाणित करने के लिए ये दस्तावेज दिखाने होंगे।     आधार कार्ड या पासपोर्ट।     निवास प्रमाण पत्र (बिजली बिल/राशन कार्ड)।     आयु का प्रमाण।     जारी किया गया नोटिस। वोटर आईडी अपडेट नहीं कराने से नौ-मैपिंग की समस्या     लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का पारदर्शी होना अनिवार्य है। कई बार लोग घर बदल लेते हैं पर वोटर आईडी अपडेट नहीं कराते, जिससे नो-मैपिंग की समस्या आती है। यह सुनवाई आपकी पहचान को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने का एक मौका है। – भुवन गुप्ता, उप निर्वाचन अधिकारी  

शीतलहर और घने कोहरे ने मचाई हलचल, पचमढ़ी में बर्फ, नौगांव में पारा 1 डिग्री, 19 जिलों में स्कूल बंद

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। अरब सागर से आई नमी और उत्तर भारत की सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को 'कोल्ड डे' जैसी स्थिति में डाल दिया है। आलम यह है कि सुबह में भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 33 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम बनी हुई है। राजगढ़ 5 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए 13 जिलों के स्कूलों में अवकाश और समय परिवर्तन के आदेश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी कोहरे का अलर्ट जारी किया है।  पिछले 3 दिन से पूरा मध्य प्रदेश कोहरे की आगोश में है। भोपाल में सुबह 6 से 7 बजे के बीच इतना घना कोहरा था कि 20 मीटर बाद कुछ दिखाई नहीं दिया। सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। पचमढ़ी में गाड़ियों की सीट पर बर्फ की परत जमी मिली। छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा।  खजुराहो, गुना, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, सागर, जबलपुर, नौगांव, दतिया, धार, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, रीवा, सतना, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सीधी, मंडला, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। कोहरे की वजह से बड़वानी जिले में सोमवार सुबह सांची दूध का टैंकर पलट गया। हादसे में हेल्पर कन्हैयालाल मुजाल्दे (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर अमजद अहमद शेख (35) गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा है। मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा देरी से चल रही है। सर्द हवाओं की वजह से सर्दी भी तेज हो गई है। ज्यादातर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे आ गया है। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 19 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश। भोपाल और धार में बदली स्कूल टाइमिंग     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9.30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9.30 बजे के बाद संचालित होंगी, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत रहेगा।

इंदौर में दूषित पानी का कहर, 17वीं मौत—भागीरथपुरा में 9416 की जांच, 20 नए मरीज मिले, हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

 इंदौर  इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप मचा हुआ है. भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17वीं मौत हो गई है. रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है. उन्हें एक जनवरी को उल्टी-दस्त के चलते एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया गया था. दो जनवरी को आईसीयू में एडमिट किया गया. दो दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और रविवार दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई. इंदौर के दूषित पानी से बच्चों पर भी खतरा बना हुआ है. चाचा नेहरू अस्पताल में बीमार बच्चों का इलाज किया जा रहा है. करीब 12 बच्चों का इलाज चल रहा है. रविवार को AIIMS और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की टीम बच्चों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंची थी. टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई. टीम बच्चों में बीमारी के लक्षणों की भी जांच करेगी. AIIMS के डॉक्टरों ने बच्चों की ब्लड कल्चर रिपोर्ट और स्टूल जांच की रिपोर्ट के साथ उन्हें दी जाने वाली मेडिसिन की रिपोर्ट भी ली. रविवार को स्वास्थ्य ठीक होने के बाद तीन बच्चों को डिस्चार्ज किया गया था. वहीं, बॉम्बे हॉस्पिटल में 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 4 मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। रविवार रात तक की स्थिति में 7 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। अब तक कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है। इधर, प्रभावित क्षेत्र में 4 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग ने 2354 घरों का सर्वे किया। 9416 लोगों की जांच की गई, जिनमें 20 नए मरीज मिले हैं। जबकि 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप लिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक की गोलियां बांटी गई हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए क्लीन वाटर बॉटल की किट भी बांटी गई है। 17 टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं। इन टीमों में जन अभियान परिषद के सदस्य, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सुपरवाइजर और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं। भागीरथपुरा के परिवारों पर संकट दूषित पानी कांड के बाद भागीरथपुरा के कइयों परिवारों पर संकट भी देखने को मिल रहा है. 28 साल के अमित मेर इंदौर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडस्ट्रियल इलाके की एक ऑटोमोबाइल फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं. वह 28 दिसंबर से काम पर नहीं गए हैं क्योंकि उनकी 50 वर्षीय मां रामकली की दूषित पानी पीने से मौत हो गई. अमित ने कहा कि वह करीब 400 रुपये रोज कमाते थे. मां की मौत के बाद वह काम पर जाने की हालत में नहीं हैं. उन्हें घर पर रुकना पड़ रहा है. कमाई का कोई जरिया नहीं है. पीड़ित परिवारों पर दोहरी मार भागीरथपुरा में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोग रहते हैं. रोजाना की मेहनत और उससे मिले थोड़े से पैसों से ही उनका गुजारा होता है. परिवार में किसी न किसी व्यक्ति की बीमारी के चलते उनपर दोहरी मार पड़ रही है. अस्पताल का खर्च और काम पर न जाने की वजह से आय न होना, दोनों ही उनकी मुसीबतें बढ़ा रहा है. मरीज की सेहत के साथ खिलवाड़ बीना सावरिया इंदौर के भागीरथपुरा में रहती हैं. उन्होंने बताया कि अभी भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उनके पति प्रकाश प्रजापति की तबीयत खराब थी. भागीरथपुरा में ही आरोग्य केंद्र पर दिखाया था. वहां पर डॉक्टरों ने पर्चे पर पांच दवाइयां लिखीं और चार दवाई देकर उन्हें भेज दिया. उन्हें बताया भी नहीं कि एक दवाई नहीं है. वह घर आ गए और पिछले तीन दिनों से उनके पति दवाई खा रहे थे. जब आराम नहीं हुआ, तो मेडिकल दुकान पर गए, जहां मेडिकल संचालक ने कहा कि इसमें जो सबसे महत्वपूर्ण दवाई थी, वह तो आप नहीं खा रहे हैं. उसके बाद उन्होंने मेडिकल से दवाई ली तब जाकर तबीयत ठीक हुई. कर्ज लेकर लगवाएंगे RO उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि जब दवाई उपलब्ध नहीं थी, तो फिर क्यों मरीज को नहीं बताया गया. इससे बड़ा खिलवाड़ और क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि RO का पानी खरीदकर पी रहे हैं. परिवार की चिंता है. घर में छोटे बच्चे हैं. अब कर्ज लेकर घर पर RO लगवाएंगे. कर्ज लेना मजबूरी है क्योंकि जल ही जीवन है. निगम के टैंकर और नर्मदा के पानी पर भरोसा नहीं है. यहां का पानी जहर बन चुका है. कोलकाता से आए वैज्ञानिक लेंगे सैंपल इधर, इंदौर के स्मार्ट सिटी कार्यालय में रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कलेक्टर ने भागीरथपुरा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें कार्य कर रही हैं। कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और वैज्ञानिक डॉ. गौतम चौधरी सैंपल लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच करेंगे। इसके लिए टीम भागीरथपुरा क्षेत्र से पानी के रैंडम सैंपल एकत्रित करेगी। पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से जारी भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। बोरिंग में भी लीकेज की जांच की जा रही है। रहवासी ललित ने बताया कि फिलहाल पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। साफ पानी की मांग को देखते हुए अब गलियों में बिसलरी से भरी गाड़ियां भी घूमने लगी हैं। महापौर बोले- पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- फिलहाल सभी की प्राथमिकता एक ही है कि पूरी ताकत के साथ मिलकर लोगों की सेवा की जाए। पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में मौजूद है और जैसे ही किसी मरीज की सूचना मिलती है, उसे तुरंत इलाज दिलाने और अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जा रही है। महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जल लाइनों का सर्वे कराने और जहां से भी शिकायतें मिलें, उन्हें 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए … Read more

सोमनाथ: आक्रमण से पुनर्निर्माण तक, 1000 साल की यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी की भावनात्मक कलम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर के बार-बार विध्वंस और इसके पुनर्निर्माण की कहानी पर एक भावुक ब्लॉग लिखा है. भारत के गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर को पहली बार 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के हाथों विध्वंस का सामना करना पड़ा, जिसमें पवित्र ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया था. इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी (1299), जफर खान (1395) और औरंगजेब (1706) जैसे मुगल शासकों ने भी हिंदू आस्था के इस प्राचीन केंद्र पर हमले किए. हर विध्वंस के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रयास किए गए. भारत की स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर इसका आधुनिक स्वरूप निर्मित हुआ.  पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा, 'सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है. भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है. द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है. ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानी ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है. ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है.' उन्होंने आगे लिखा, 'शास्त्रों में ये भी कहा गया है: सोमलिङ्गं नरो दृष्ट्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते। लभते फलं मनोवाञ्छितं मृतः स्वर्गं समाश्रयेत्॥ अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है. मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है. दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था. वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि इस महान तीर्थ पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं. जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण किया था, इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था. यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था.'   पीएम मोदी ने सोमनाथ पर हमले को मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि इतनी बार विध्वंस का सामना करने के एक हजार वर्ष बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है. साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को उसके पूरे वैभव के साथ पुन:निर्मित करने के प्रयास जारी रहे. मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका. संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है. 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था. तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में हुआ वो समारोह ऐतिहासिक था, जब मंदिर के द्वार दर्शनों के लिए खोले गए थे. उन्होंने लिखा कि 1026 में एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ पर हुए पहले आक्रमण, वहां के लोगों के साथ की गई क्रूरता और विध्वंस का वर्णन अनेक ऐतिहासिक स्रोतों में विस्तार से मिलता है. जब इन्हें पढ़ा जाता है तो हृदय कांप उठता है. हर पंक्ति में क्रूरता के निशान मिलते हैं, ये ऐसा दुःख है जिसकी पीड़ा इतने समय बाद भी महसूस होती है. हम कल्पना कर सकते हैं कि इसका उस दौर में भारत पर और लोगों के मनोबल पर कितना गहरा प्रभाव पड़ा होगा. सोमनाथ मंदिर का आध्यात्मिक महत्व बहुत ज्यादा था. ये बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींचता था. ये एक ऐसे समाज की प्रेरणा था जिसकी आर्थिक क्षमता भी बहुत सशक्त थी. हमारे समुद्री व्यापारी और नाविक इसके वैभव की कथाएं दूर-दूर तक ले जाते थे.   पीएम मोदी ने लिखा कि सोमनाथ पर हमले और फिर गुलामी के लंबे कालखंड के बावजूद आज मैं पूरे विश्वास के साथ और गर्व से ये कहना चाहता हूं कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की कहानी नहीं है. ये पिछले 1000 साल से चली आ रही भारत माता की करोड़ों संतानों के स्वाभिमान की गाथा है, ये हम भारत के लोगों की अटूट आस्था की गाथा है. 1026 में शुरू हुई मध्यकालीन बर्बरता ने आगे चलकर दूसरों को भी बार-बार सोमनाथ पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया. यह हमारे लोगों और हमारी संस्कृति को गुलाम बनाने का प्रयास था. लेकिन हर बार जब मंदिर पर आक्रमण हुआ, तब हमारे पास ऐसे महान पुरुष और महिलाएं भी थीं जिन्होंने उसकी रक्षा के लिए खड़े होकर सर्वोच्च बलिदान दिया. और हर बार, पीढ़ी दर पीढ़ी, हमारी महान सभ्यता के लोगों ने खुद को संभाला, मंदिर को फिर से खड़ा किया और उसे पुनः जीवंत किया. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, 'महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका. सोमनाथ से जुड़ी हमारी आस्था, हमारा विश्वास और प्रबल हुआ. उसकी आत्मा लाखों श्रद्धालुओं की भीतर सांस लेती रही. साल 1026 के हजार साल बाद आज 2026 में भी सोमनाथ मंदिर दुनिया को संदेश दे रहा है, कि मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है. वो आज भी हमारी प्रेरणा का स्रोत है, वो आज भी हमारी शक्ति का पुंज है. ये हमारा सौभाग्य है कि हमने उस धरती पर जीवन पाया है, जिसने देवी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूति को जन्म दिया. उन्होंने ये सुनिश्चित करने का पुण्य प्रयास किया कि श्रद्धालु सोमनाथ में पूजा कर सकें.'   प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी सोमनाथ आए थे, वो अनुभव उन्हें भीतर तक आंदोलित कर गया. 1897 में चेन्नई में दिए गए एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने अपनी भावना व्यक्त की. उन्होंने कहा, 'दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर और गुजरात के सोमनाथ जैसे मंदिर आपको ज्ञान के अनगिनत पाठ सिखाएंगे. ये आपको किसी भी संख्या में पढ़ी गई पुस्तकों से अधिक हमारी सभ्यता की गहरी समझ देंगे.' इन मंदिरों पर सैकड़ों आक्रमणों के निशान हैं, और सैकड़ों बार इनका पुनर्जागरण हुआ है. ये बार बार नष्ट किए गए, और हर बार अपने ही खंडहरों से फिर खड़े हुए. … Read more

ठंड में राहत की पहल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के रैन बसेरे का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण जरूरतमंदों और महिलाओं को पिलाई गर्मागर्म चाय, ठंड से बचने के लिए दिये कंबल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात भोपाल के तलैया स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में गरीबों, जरूरतमंद, बेसहारा और यहां रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सबके हालचाल और दु:ख-दर्द जाने एवं सभी को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाकर सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुर्जुगों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल वितरित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे, सिर्फ रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा यहां कोई परेशानी तो नहीं है।विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई भी परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रूके हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उससे बात की, तो सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में भारी दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और निगमायुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। सरकार किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देगी। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना अधिक हो सके, बचने की अपील की। गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और राहगीरों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त कर आशीष भी दिया। इस दौरान भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, क्षेत्रीय पार्षद सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।