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सत्ता के नशे में ट्रंप? कभी युद्ध की चेतावनी, कभी भारत से ट्रेड डील पर बड़े-बड़े दावे

वाशिंगटन वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को अपनी बड़ी जीत बताने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब और ज्यादा आक्रामक होते दिख रहे हैं. ताजा बयान में उन्होंने दो देशों को धमकी दी है, जिनमें से एक अमेरिका का पुराना दोस्त है. ट्रंप ने खुले तौर पर कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और यह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला है. यह बयान इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि ग्रीनलैंड, अमेरिका का नहीं बल्कि डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और डेनमार्क, अमेरिका का पुराना NATO सहयोगी है. डेनमार्क और ब्रिटेन के बीच में समुद्र है. इस लिहाज से यह ब्रिटेन का पड़ोसी ही हुआ. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड इस वक्त ‘बेहद रणनीतिक’ है और वहां रूसी व चीनी जहाज मौजूद हैं. ट्रंप के शब्दों में, ‘हमें ग्रीनलैंड चाहिए, डेनमार्क इसे संभाल नहीं सकता.’ उन्होंने यह तक दावा कर दिया कि यूरोपीय संघ भी चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड अपने नियंत्रण में ले. क्या ग्रीनलैंड पर हमला करेंगे ट्रंप? ट्रंप की इस टिप्पणी ने यूरोप में खतरे की घंटी बजा दी है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका को अपने ‘ऐतिहासिक सहयोगी’ को धमकाना बंद करना चाहिए. ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने भी इसे अपमानजनक करार देते हुए साफ कहा कि ‘हमारा देश बिक्री के लिए नहीं है.’ एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी बवाल बढ़ाया है. शनिवार देर रात, ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने अपने फेसबुक पेज पर अमेरिकी झंडे के रंगों में रंगे डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र की विवादास्पद तस्वीर पोस्ट की. इसके साथ उन्होंने कैप्शन लिखा, ‘जल्द ही.’ कभी भारत से ट्रेड डील पर बड़ा दावा… कभी टैरिफ बढ़ाने की धमकी बीते पूरे साल 2025 में ट्रंप के टैरिफ से दुनिया के शेयर बाजारों में हलचल जारी रही, तो वहीं तमाम देशों के बीच ट्रेड वॉर के हालात तक बने. US-China Trade Tension ने तो इसे और भी बढ़ाने का काम किया. भारत को लेकर हालांकि ट्रंप बीते कुछ समय से लगातार ये दावा करते नजर आ रहे थे कि India-US Trade Deal को लेकर जल्द ही बहुत सकारात्मक हल निकलने वाला है और दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है. लेकिन अचानक ही फिर से उन्होंने कुछ वैसा ही कदम उठाने की धमकी दे डाली है, जिसे लेकर भारत-यूएस में डील अटक गई थी.  ट्रंप ने दी Tariff बढ़ाने की वार्निंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद का मुद्दा उठाया और कहा कि अगर नई दिल्ली 'रूसी तेल' पर मदद नहीं करता है, तो फिर अमेरिका भारतीय इंपोर्ट पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा सकता है. यानी पहले से ही भारत पर 50% US Tariff और भी बढ़ाया जा सकता है.  गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में जब Donald Trump ने दुनिया के तमाम देशों पर अपना रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) थोपना शुरू किया था, तो भारत पर पहले 25% का टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने Russian Oil की खरीद को लेकर भारत पर तगड़े आरोप लगाए थे और ये कहते हुए टैरिफ दोगुना यानी 50% कर दिया था कि इस खरीद के जरिए भारत यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की आर्थिक मदद कर रहा है.  PM Modi की तारीफ, लेकिन… ट्रंप ने नए बयान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है और कहा है कि, 'वे (भारत) असल में मुझे खुश करना चाहते थे. PM Modi बहुत अच्छे इंसान हैं और उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था. मुझे खुश करना जरूरी था. लेकिन अगर वे रूस से व्यापार करते हैं, तो हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.' बता दें कि अमेरिका की ओर से भारत की रूसी तेल की खरीद का लंबे समय से विरोध किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव डालने के एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है.  न सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप, बल्कि उनके प्रशासन के कई अधिकारी और वित्त मंत्री भी रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर निशाना साधते रहे हैं. बता दें कि Russia-Ukraine War के बाद से भारत का रूसी तेल आयात तेजी से बढ़ा था और रूस, भारत को तेल सप्लाई करने वाला बड़ा देश बन गया. यही बात ट्रंप को खटकने लगी.  अब Trade Deal का क्या होगा?  Donald Trump की इन नई टैरिफ धमकी ने एक बार फिर से भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर असमंजस पैदा कर दिया है. क्योंकि इससे पहले भी जब भारत पर टैरिफ दोगुना किया गया था, तो दोनों देशों के बीच बात अटक गई थी. तब तक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर पांच दौर की बातचीत हो गई थी और छठे दौर की बात अगस्त महीने में प्रस्तावित थी, लेकिन टैरिफ बढ़ाने के बाद ये रुक गई थी.  हालांकि, इसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर 2025 के आखिर में फिर से शुरू हुआ और उम्मीद जताई जा रही थी नवंबर तक इसे लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. India-US Trade Deal को लेकर सिर्फ ट्रंप की ओर से ही इसके जल्द फाइनल होने के दावे किए जा रहे थे, बल्कि भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भी इसकी अच्छी प्रगति की बात कही थी. इसके अलावा मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा था कि अगर वित्तीय वर्ष के अंत तक समझौता नहीं हो पाता है, तो मुझे आश्चर्य होगा. हालांकि, अब Trump New Warning से मामला फिर अटकता हुआ नजर आ रहा है.  क्या एक्टिव होगा NATO का आर्टिकल 5? सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ट्रंप वाकई ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिश करते हैं, तो क्या नाटो का आर्टिकल 5 लागू होगा? NATO का आर्टिकल 5 कहता है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा. चूंकि डेनमार्क NATO का सदस्य है, इसलिए उस पर किसी भी तरह की सैन्य … Read more

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

तीन राज्यों की दूरी होगी आधी, 11 घंटे का रास्ता 6 घंटे में तय कराएगा एक्सप्रेस-वे

भोपाल मध्यप्रदेश में महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना पर एक बार फिर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके संबंध में शनिवार को अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट अभी एलाइनमेंट के पेंच में फंसा है। करीब ढाई साल से प्रगति ठप है जिससे किसानों और संबंधित जिलों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच- 27 से शुरू होकर मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण से एमपी के भिंड, एमपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करनेवालों को सीधा, सुगम और शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा। यात्रा के समय में करीब 5 घंटे बचेंगे। कुल 404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना में शामिल है। मप्र में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी एवं यूपी में 22.96 किमी का निर्माण होना है। अटल प्रोग्रेस वे की प्रारंभिक लागत करीब 6 हजार करोड़ रुपए की थी जोकि अब 23 हजार 645 करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। खेतों से होकर प्रोगेस वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अटल प्रोग्रेस-वे में भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर जाएगा। जिले की सीमा में करीब 95 किलोमीटर की लंबाई प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिले में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी थी। इसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन है। एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक का भी सफर आसान करेगा।   11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होगी अटल एक्सप्रेस वे से यूपी के इटावा से एमपी के भिण्ड, मुरैना होकर राजस्थान के कोटा तक सीधा 4 लेन मार्ग बनाया जाएगा। इससे कोटा तक की 11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। यानि यात्रा के समय में पूरे 5 घंटे बच सकेंगे। अटल प्रोग्रेस-वे के लिए भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तीनों जिलों के किसानों ने खेतों से होकर रोड निर्माण के प्रस्ताव का विरोध किया। इसपर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खेतों की बजाए बीहड़ों से होकर दोबारा एलाइनमेंट कराने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद से प्रोग्रेस वे की प्रक्रिया ठप पड़ी है।

550 करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट: एमपी में बिजली दरें होंगी आधी, उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी की जा रही है। 110 मेगावाट के सोलर प्लांट तीन स्थानों पर लगाए जाएंगे। दो साल में स्थापित होने वाले प्लांट कंपनी थर्मल पावर प्लांट के आसपास ही स्थापित करेगी। कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर सुबोध निगम का कहना है कि, ये कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट है। अभी तक कंपनी ने 7 मेगावाट का सोलर प्लांट मंदसौर के रातागुरड़िया में स्थापित किया है। कंपनी को लंबे समय से सोलर प्लांट लगाने की जरूरत थी। पर्यावरण को पहुंच रहा नुकसान अभी कोयले से संचालित थर्मल पावर प्लांट से बिजली की लागत अधिक होने के साथ पर्यावरण के लिए घातक गैस का उत्सर्जन हो रहा है। हालांकि, कंपनी स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काफी उपाय किए गए हैं और राख का पर्याप्त निष्पादन भी किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी सोलर प्लांट लगाकर स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की तैयारी कर रही है।   550 करोड़ होंगे प्रोजेक्ट पर खर्च सुबोध निगम का कहना है कि, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 40 मेगावाट, श्रीसिंगाजी ताप विद्युत गृह में 40 मेगावाट और बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह में 30 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए निविदा कंपनी स्तर पर जारी की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

यात्री नहीं मिले तो बदला प्लान: भोपाल मेट्रो का 14 दिन में शेड्यूल रिवाइज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह 09 बजे की बजाय 03 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल 05 जनवरी से लागू होने जा रहा है। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।   ऐसा रहेगा नया शेड्यूल -मेट्रो अब 3 घंटे देरी से दोपहर 12 बजे से चलेगी।, जबकि रात 7:55 बजे तक इसका संचालन होगा -शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। -पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। -पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। -एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी।   अब ये रहेगी टाइमिंग -पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। -आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले -21 दिसंबर को मिले 6,568 पैसेंजर। -22 दिसंबर को मिले 2,896 पैसेंजर। -23 दिसंबर को मिले 2,163 पैसेंजर। -24 दिसंबर को मिले 1,787 पैसेंजर। -25 दिसंबर को मिले 4,264 पैसेंजर। -26 दिसंबर को मिले 1,473 पैसेंजर। -27 दिसंबर को मिले 1,200 पैसेंजर। -28 दिसंबर को मिले 2,349 पैसेंजर। -29 दिसंबर को मिले 1,100 पैसेंजर। -30 दिसंबर को मिले 9,67 पैसेंजर। -31 दिसंबर को मिले 1113 पैसेंजर। -01 जनवरी को मिले 2,023 पैसेंजर। -02 जनवरी को मिले 1,065 पैसेंजर।

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

7 रेलवे ट्रैक को पार करेगा 100 करोड़ का आरओबी, शहर को मिलेगा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा

भोपाल निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज(ROB) इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ेगा। इससे करीब 9 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ये देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जो एकसाथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। बनाई गई कमेटी यह आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा। पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआइ सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए एक कमेटी बनाई गई है ताकि, निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए और यह जल्दी बन जाए।   रेलवे स्टेशन पर आना होगा आसान आरओबी के बनने के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा से आने वाले लोग आसानी से भोपाल रेलवे स्टेशन आ-जा सकेंगे। पुराने शहर से किसी को भेल इलाके में जाना होगा तो यह आरओबी काफी फायदेमंद रहेगा। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा समेत कई इलाकों से आना-जाना आसान हो जाएगा। भविष्य में यही आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोग आ सकेगा। 2 नदियों पर नए ब्रिज, 5 बायपास और 3 ROB बनेंगे पांच बायपास रोड, दो नदियों पर नए पुल और रेल लाईनी पर तीन नए ओवरब्रिज अशोकनगर जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएंगे। इससे वाहन चालकों को आबादी क्षेत्रों में आवाजाही की समस्या तो खत्म होगी ही, साथ रेलवे क्रॉसिंग पर भी निकलने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिले में निर्माण कार्य चल रहे है, जो साल 2026 मैं तैयार हो जाएंगे।   नए साल में मिलेंगी ’50 सड़कों’ की सौगात लोक निर्माण विभाग भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 56 गांवों को नए साल में पक्की सड़कों की सौगात देने की तैयारी में है। 80 प्रतिशत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग के पिछले तीन साल में कुल 56 सड़क निर्माण (Paved Roads Construction) कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी लंबाई 187.89 किलोमीटर और लागत 53.50 करोड़ रुपएसे अधिक है। एक दर्जन से अधिक कार्य तो वर्ष 2025 में ही स्वीकृत हुए हैं। जिनमें से अधिकांश में निविदा प्रक्रियाधीन है।  

भाजपा सरकार आते ही पंजाब को विकास के शिखर पर ले जाएंगे: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पंजाब में सरकार बनाकर भारतीय जनता पार्टी पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाएगी। मौजूदा पंजाब सरकार में शामिल लोगों ने झूठे वायदे करके सत्ता तो हथिया ली, चार साल बीतने के बावजूद लोगों के हित में काम करने की बजाए पंजाब का शोषण किया जा रहा है।  पंजाब को नशाखोरी, बेरोजगारी और वायदा खिलाफी ने बर्बाद कर दिया है। पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर हरियाणा की तर्ज पर विकास करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हरियाणा-पंजाब सीमा के निकट स्थित जिला पटियाला के घनौर की अनाजमंडी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन युवा विकास शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि एक समय में हरियाणा में भी कहा जाता था कि भारतीय जनता पार्टी का माहौल नहीं है। वर्ष 2014 के बाद ऐसा समय आया, आज वहां लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने की बात कहकर यहां नशे को बढ़ा दिया है। युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया गया था। हालात ये हैं कि आज चार साल बाद भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। इन्होंने वायदा किया था कि महिलाओं को एक हजार रुपये देंगे। आज तक नहीं दिए गए। बुजुर्गां  को 2500 रुपये पेंशन देने की बात कही थी, आज तक भी 1500 रुपये दी जाती है, वह भी तीन से चार महीनों देरी से मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भाजपा ने वायदा किया था कि सरकार बनने पर महिलाओं को पांच सौ रुपये में सिलेंडर और 2100 रुपये दिए जाएंगे। सरकार बनते ही हरियाणा में पांच सौ रुपये में सिलेंडर देने की योजना लागू कर दी गई और अब प्रदेश में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये देकर वायदा पूरा कर दिया है। हरियाणा में बुजुर्गों को 3200  रुपये पेंशन दी जा रही है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने भर्ती पर रोक लगवा दी थी। इसके बाद उन्होंने युवाओं से वायदा किया था कि वे शपथ बाद में लेंगे और  युवाओं को नियुक्ति पत्र  पहले देंगे। जैसे ही भाजपा की सरकार आई,  शपथ बाद में ली और 25000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर वायदा पूरा किया। हरियाणा में किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन किया गया और उनके 350वें शहीदी साल को मनाते हुए एक माह तक लगातार प्रदेश में कार्यक्रम किए गए। स्कूलों, कॉलेजों में निबंध लेखन, सेमीनार सहित विभिन्न कार्यक्रमों से उनकी शहादत की जानकारी दी गई ताकि आने वाली पीढिय़ों को पता चल सके कि  श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कितना बड़ा बलिदान दिया था।  उनकी शहादत की याद में 350 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। प्रत्येक शिविर मेें 350 युनिट रक्त एकत्रित किया गया।  हरियाणा सरकार गुरुओं के बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचा रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिछले माह 25  तारीख को कुरुक्षेत्र में पहुंच कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन करते हुए उनकी याद में एक सिक्का, एक डाक  टिकट एवं एक कॉफी टेबल बुक जारी की। हरियाणा में विश्वविद्यालयों के नाम गुरुओं के नाम से रखे जा रहे हैं।   उन्होंने कहा कि पंजाब में सायं पांच बजे के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार के दरवाजे बंद हो जाते है। उन्होंने कुछ न देने वाले एक शंख की कहानी सुनाकर आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि इनसे वायदे कितने भी करवा लो, लेकिन करने कराने को कुछ नहीं। जिसका खामियाजा आज पंजाब के लोग भुगत रहे हैं।  हंसता खेलता विकसित पंजाब आम आदमी पार्टी की सरकार ने बर्बाद कर दिया है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस ने गरीबों को प्लाट देने की बात तो कही थी, लेकिन उन्हें न तो कागज दिए और न ही कब्जा। आज प्रदेश सरकार ऐसे लोगों को प्लाट व उनका कब्जा दे रही  है।  मुख्यमंत्री  ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार और पूर्व में सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी बताए, उन्होंने आमजन के लिए क्या किया? फसल खराबे की बात की जाती है, हरियाणा में कांग्रेस ने दस साल के शासन में किसने को महज 1138 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया। भाजपा सरकार ने अब तक 15 हजार 500 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया है। पिछले साल आई बाढ़ में पंजाब का काफी नुकसान हुआ। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का है प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि भगवान श्रीमहाकाल और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे प्रदेश में विद्यमान है और प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। बार-बार ध्वस्त होकर भी सोमनाथ का पुनर्निर्माण यह उद्घोष है कि, शिव शाश्वत हैं, हमारी आस्था अडिग है और सनातन की चेतना अमर है। सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था एवं भोपाल उत्सव मेला की सोमनाथ ज्योतिर्लिंग रूद्र पूजा और मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन के रवीन्द्र भवन- मुक्ताकाश परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, भोपाल उत्सव मेला के श्री मनमोहन अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता श्री माखन सिंह और श्री राहुल कोठारी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिव ही सत्य और सनातन हैं। पंच महाभूतों से बने हमारे शरीर का शिव ही सनातन संस्कृति की मूल अवधारणाओं से परिचय कराते हैं। शिव ही हमारे विकारों का संहार करते हैं। सनातन के विरोध का भाव रखने वाली संस्कृतियां, वर्तमान में स्वयं आतंरिक संकट से ग्रस्त हैं। जबकि सदैव विश्व के कल्याण की कामना करने वाली भारतीय संस्कृति, संसार को एक परिवार मानते हुए आगे बढ़ रही है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां एक ओर श्री सोमनाथ महादेव का पुनर्निर्माण कराया वहीं प्रधानमांत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर की स्थापना की। उज्जैन में महाकाल जन-जन की श्रद्धा के केंद्र के रूप में विद्यमान हैं। यह इस तथ्य को स्थापित करता है कि सनातन आदि और अनंत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आध्यात्मिक ज्ञान, उनकी आत्मीयता और मानवमात्र के प्रति प्रेम, सम्मानीय है। उनके द्वारा प्रसारित, सांस लेने की लयबद्ध सुदर्शन क्रिया की तकनीक ने कई लोगों के जीवन से तनाव, चिंता और अवसाद जैसे जटिल विकारों का निदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूद्र पूजन में भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने की कामना की।  

योगी सरकार की दिव्यांग सशक्तिकरण नीति को मिला नया आयाम

विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय स्थापित करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी शिक्षा और दिव्यांग सशक्तिकरण की नीति को धरातल पर उतारते हुए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में प्रदेश के पहले राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य संजय सिंह ने स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रथम तल पर स्थापित इस अत्याधुनिक ब्रेल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इससे पूर्व कुलपति ने विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस परिसर में ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके पश्चात फीता काटकर ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का विधिवत उद्घाटन किया गया। दृष्टि दिव्यांगों को मिलेगा कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों का हाथ पकड़कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि उन्हें आधुनिक कंप्यूटर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ती है। 54 उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों की 4000 से अधिक ब्रेल पुस्तकें प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विश्वविद्यालय है, जहां इतनी बड़ी संख्या में ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय अनुभाग विकसित किया गया है। पुस्तकालय में 150 से अधिक विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की सुविधा वाला रीडिंग रूम भी तैयार किया गया है। 10 हजार ब्रेल पुस्तकों का लक्ष्य प्रवक्ता एवं पुस्तकालय प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि इस वर्ष ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यहां शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ नोवेल, नाटक, महापुरुषों की जीवनियां और साहित्यिक कृतियां भी उपलब्ध हैं। बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी ले सकेंगे सुविधा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबको शिक्षा की भावना के अनुरूप यह पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी सदस्यता लेकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है। विशेष सदस्यता विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और अन्य लखनऊ के निवासियों को मिलेगी। इसके लिए सदस्यता फॉर्म के साथ दो आवासीय प्रमाण देने होंगे। पुनर्वास विवि के अतिथि प्रवक्ता, सेवानिवृत्त अध्यापक, कर्मचारी पुस्तकालय शुल्क जमा कर विशेष सदस्य हो सकेंगे। आकस्मिक सदस्यता एक बार में छह माह तक दी जा सकेगी। इसके तहत राशि का भुगतान कर पुस्तकालय संसाधनों का लाभ उठा सकते हैं। अनियमित सदस्यों को कोई पुस्तक जारी नहीं की जाएगी। कॉर्पोरेट सदस्यता के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा कर लखनऊ का कोई भी संगठन पुस्तकालय का सदस्य बन सकेगा। इसके तहत संगठन छह पुस्तकालय टिकटों के हकदार होंगे। यह सुविधा संगठन अपने कार्यरत कर्मचारियों को देगा। दृष्टि दिव्यांगों ने जताया आभार ब्रेल शोध छात्र अजय कुमार द्विवेदी, रोहित, राम सकल, मनोज और अजय सहित अन्य दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुई ब्रेल ने उन्हें पढ़ने की लिपि दी, जबकि विश्वविद्यालय ने सम्मानजनक व्यवस्था और अवसर प्रदान किया।