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भोपाल में बनेगा सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर, “शौर्य संकल्प” से सुरक्षा बलों तक पहुंचेंगे युवा : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को विंध्याचल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक, प्रेरित और वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित स्पेस सेंटर में मिसाइल और सैटेलाइट के क्रमिक विकास के डिजाइनों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही अंतरिक्ष के समान जीरो ग्रेविटी वातावरण में स्पेस स्टेशन का सिम्युलेटरी अनुभव देने के लिये विशेष अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बच्चे यह देख और महसूस कर सकें कि उपग्रह के भीतर अंतरिक्ष यात्री किस तरह रहते और कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाएगा और स्पेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि यह नवाचार उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जो अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासु हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसके माध्यम से ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीमती गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025’ को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर वर्ष करीब 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण देकर सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ सैद्धांतिक मार्गदर्शन देकर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध विकसित किया जाएगा। आदर्श छात्रावास और पहली बार मेस सुविधा राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेशभर में ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिम, वाचनालय, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं से युक्त इन छात्रावासों के उन्नयन पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग बनने के बाद पहली बार छात्रावासों में निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कर कमलों से होने की संभावना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत साढ़े सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाकर हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। वहीं बेरोजगार युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की पहल की जा रही है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के तहत आगामी समय में 600 युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए जन अभियान परिषद के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इनकी गणना तीन माह में पूर्ण की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ लक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसी पहल करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि डॉ. कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर जैसे नवाचार और शौर्य संकल्प जैसी योजनाओं के माध्यम से हम प्रदेश के युवाओं को विज्ञान, सुरक्षा और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। यही विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा है।  

मध्यप्रदेश के छात्रों को राहत, 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित

भोपाल प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए शीतकालीन अवकाश को लेकर बड़ी और स्पष्ट जानकारी सामने आई है। राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार इस वर्ष प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। यह अवकाश सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा, जिससे छुट्टियों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। शासन के निर्देशों के अनुसार ही होगी छुट्टी इस बार राज्य सरकार ने शीतकालीन अवकाश को लेकर सख्ती बरती है और साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल शासन द्वारा घोषित तिथियों का ही पालन करेंगे। इसी कारण मिशनरी स्कूलों सहित कई निजी स्कूलों ने अपने पुराने नियमों में बदलाव किया है और अब अवकाश की अवधि शासन के आदेश के अनुरूप रखी गई है।   मिशनरी स्कूलों ने बदला पुराना पैटर्न दरअसल, प्रदेश में CBSE से संबद्ध स्कूलों में मिशनरी संस्थानों की संख्या अधिक है। बीते वर्षों में अधिकांश मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 23 दिसंबर से 2 जनवरी तक घोषित कर दिया जाता था, जो कि शासन द्वारा निर्धारित छुट्टियों से अलग था। लेकिन इस बार शिक्षा विभाग की सख्ती और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के चलते मिशनरी स्कूलों ने भी अपने पुराने लंबे अवकाश के नियम को बदल दिया है और शासन की घोषित तारीखों के अनुसार ही छुट्टी देने का निर्णय लिया है। 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक रहेगा अवकाश राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में एपमी बोर्ड (MP Board) से संबद्ध स्कूलों और सभी सरकारी स्कूलों में 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। इसके अलावा 4 जनवरी रविवार होने के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस तरह छात्रों को लगातार पांच दिनों की छुट्टी का लाभ मिलेगा। 5 जनवरी से खुलेंगे स्कूल शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेश के सभी स्कूल 5 जनवरी (सोमवार) से दोबारा नियमित रूप से खुलेंगे। शिक्षण कार्य पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार शुरू होगा। अभिभावकों और छात्रों को राहत एक समान अवकाश व्यवस्था लागू होने से अभिभावकों और छात्रों दोनों को राहत मिली है। अब अलग-अलग बोर्डों और स्कूलों की छुट्टियों को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शैक्षणिक कैलेंडर में भी अनुशासन बना रहेगा और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। कुल मिलाकर, इस बार शीतकालीन अवकाश को लेकर शासन का रुख साफ है सभी स्कूलों के लिए एक समान नियम और एक समान तारीखें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण अतिथियों को भेंट के रूप में दिया जा रहा है प्रदेश का महेश्वरी स्टोल प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति बढ़ाएं मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियों का संग्रह होगा विकसित – महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन बनेंगे आधार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि –     प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।     कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।     विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।     भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।     जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।     डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना     ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।     उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।     भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।     बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।     एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।     1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।     प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।     खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।     देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।     जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।  

‘हत्याओं को इग्नोर नहीं किया जा सकता’: MEA ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर यूनुस राज पर जताई चिंता

नई दिल्ली बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत का रुख अब बहुत आक्रामक है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि भारत विरोधी झूठे नैरेटिव को भारत पहले ही खारिज कर चुका है. कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना पूरी तरह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी शत्रुता पर गहरी चिंता जताता है. MEA ने मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हालिया हत्या की निंदा करते हुए कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2900 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं को मीडिया की अतिशयोक्ति या महज राजनीतिक हिंसा बताकर खारिज नहीं किया जा सकता. जायसवाल ने कहा कि ये घटनाएं कोई मीडिया का बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया आंकड़ा नहीं है. यह एक कड़वी हकीकत है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता. इसके साथ ही अमेरिका में H-1B वीजा के संकट को लेकर भी भारत ने वॉशिंगटन में आवाज उठाई है. कई भारतीयों की नौकरी और पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है. सरकार ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी. क्या बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार को झुठला रही है यूनुस सरकार? बांग्लादेश में हालात बद से बदतर हो चुके हैं. हिंदुओं के साथ ईसाई और बौद्ध भी वहां असुरक्षित हैं. जायसवाल ने साफ कहा कि सुरक्षा देना अंतरिम सरकार का काम है. 2900+ घटनाओं का सबूत अब दुनिया के सामने है. इसे राजनीतिक हिंसा बताकर टालना बिल्कुल गलत है. भारत वहां की हर पल की खबर ले रहा है. अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाना बंद होना चाहिए. दोषियों को कड़ी सजा दिलाना वहां की सरकार की जिम्मेदारी है. भारत ने स्पष्ट किया कि इसे मीडिया का बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला नहीं कहा जा सकता. यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन, तारिक रहमान की वापसी को उसी नजरिए से देखने की अपील बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ी एक अन्य अहम घटना पर MEA ने कहा कि भारत वहां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है. BNP नेता तारिक रहमान की वापसी को भी इसी व्यापक लोकतांत्रिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए. भारत का जोर इस बात पर है कि बांग्लादेश में स्थिरता, समावेश और कानून का राज कायम रहे. बॉन्डी बीच आतंकी हमले पर ऑस्ट्रेलिया से संपर्क में भारत एक अलग प्रेस ब्रीफिंग में MEA प्रवक्ता ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच आतंकी हमले से जुड़े जिम्मेदार लोगों को लेकर आई रिपोर्ट्स की जानकारी भारत को है. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी इस मामले में भारतीय एजेंसियों के संपर्क में हैं. भारत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सूचना साझा करने को बेहद अहम मानता है. H-1B वीजा अपॉइंटमेंट रद्द होने से भारतीयों की मुश्किलें, अमेरिका से उठाया मुद्दा H-1B वीजा अपॉइंटमेंट कैंसिलेशन के सवाल पर MEA ने बताया कि कई भारतीय नागरिकों ने वीजा शेड्यूल और री-शेड्यूल में देरी को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं. वीजा जारी करना संबंधित देश का संप्रभु अधिकार है, फिर भी भारत ने नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी अधिकारियों के सामने यह चिंता उठाई है. MEA के अनुसार, देरी के चलते पढ़ाई और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ा है. सरकार अमेरिकी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को कम किया जा सके.

PAK ने LoC के पास लगाया काउंटर-ड्रोन सिस्टम, ऑपरेशन सिंदूर का असर अभी भी महसूस

 नई दिल्ली भारत की ऑपरेशन सिंदूर में हुई सटीक ड्रोन हमलों से घबराया पाकिस्तान अब नियंत्रण रेखा (LoC) के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के आगे के इलाकों में बड़े पैमाने पर काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रहा है. पाकिस्तान को 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' का डर सता रहा है, इसलिए उसने रावलाकोट, कोटली और भिंबर सेक्टरों के सामने नए एंटी-ड्रोन उपकरण लगाए हैं. 30 से ज्यादा एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात LoC के साथ पाकिस्तान ने 30 से अधिक विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की हैं. यह काम मुख्य रूप से 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन (मुर्री मुख्यालय) और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन के सैनिक कर रहे हैं. कोटली-भिंबर इलाके में 23वीं डिवीजन की ब्रिगेड काम संभाल रही हैं. इसका मकसद LoC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर को मजबूत करना है. सेक्टर के हिसाब से तैनाती     रावलाकोट सेक्टर: यहां 2nd आजाद कश्मीर ब्रिगेड जिम्मेदार है, जो पूंछ सेक्टर के सामने भारतीय चौकियों को देखती है.     कोटली सेक्टर: 3rd आजाद कश्मीर ब्रिगेड संभाल रही है, जिसका इलाका राजौरी, पूंछ, नौशेरा और सुंदरबनी के सामने है.     भिंबर सेक्टर: 7th आजाद कश्मीर ब्रिगेड यहां तैनात है. पाकिस्तान ने लगाए ये हथियार पाकिस्तान ने इलेक्ट्रॉनिक और हथियारों वाले दोनों तरह के काउंटर-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं…     स्पाइडर काउंटर-UAS सिस्टम: यह रेडियो फ्रीक्वेंसी से ड्रोन का पता लगाता है. 10 किलोमीटर तक छोटे-बड़े ड्रोन को डिटेक्ट कर सकता है.     सफरा एंटी-UAV जैमिंग गन: यह कंधे पर रखकर चलाई जाने वाली बंदूक है, जो 1.5 किलोमीटर दूर तक ड्रोन का कंट्रोल, वीडियो और GPS सिग्नल जाम कर देती है. इसके अलावा पुराने हवाई रक्षा हथियार भी इस्तेमाल हो रहे हैं…     ओर्लिकॉन GDF 35 mm ट्विन बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन (रडार के साथ).     अंजा Mk-II और Mk-III MANPADS – ये धीमे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन को मार गिरा सकते हैं. तुर्की और चीन से नई खरीदारी की कोशिश पाकिस्तान तुर्की और चीन से नए ड्रोन और रक्षा सिस्टम खरीदने की बातचीत कर रहा है. लेकिन अभी भारत की आक्रामक सैन्य तैयारी से डरा हुआ है. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना पश्चिमी सीमा पर लगातार युद्धाभ्यास कर रही हैं, जिससे पाकिस्तान में घबराहट बढ़ गई है. यह तैनाती साफ बताती है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अब भारतीय ड्रोन हमलों से बेहद डरा हुआ है. LoC पर अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में जुट गया है.  

2 साल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियां, मंत्री कृष्णा गौर ने दी जानकारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने पर मंत्रियों के अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में 26 दिसंबर शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। पत्रकार वार्ता की शुरुआत वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए की गई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों की प्रशंसा की गई है। मंत्री ने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश पिछड़ा हुआ प्रदेश था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के टैग से मुक्ति मिली। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश को नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से हो रहा अपने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। ओबीसी छात्रावास परियोजना के तहत पूरे प्रदेश में आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों को शामिल किया गया है और आने वाले समय में सभी छात्रावासों का उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श छात्रावासों में प्रत्येक कक्ष का रिनोवेशन, नया फर्नीचर, अलमारी, अध्ययन टेबल, भोजन कक्ष और आधुनिक किचन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सभी छात्रावासों में वाई-फाई, इंडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस उन्नयन कार्य पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत मंत्री ने बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत की गई है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। यह सुविधा 26 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी। छात्रावासों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा नियमित रूप से योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 7.35 लाख विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 978.43 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई। वहीं वर्ष 2024-25 में 7.72 लाख छात्र-छात्राओं को 1119.13 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2025-26 में 5 नवंबर 2025 तक 5.23 लाख विद्यार्थियों को 681.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग की एक विशेष योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजा जाता है। वर्ष 2024-25 में चयनित 50 में से 33 विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया, जिस पर 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा एमपीपीएससी और यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1320 अभ्यर्थियों को 3 करोड़ 65 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 635 अभ्यर्थियों को 69 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना चलाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बैंकों के माध्यम से 583 हितग्राहियों को 34 करोड़ 71 लाख रुपये का ऋण तथा 833 हितग्राहियों को 2 करोड़ 79 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) के तहत पहले चरण में 16 बच्चों को जापान भेजा गया, जहां उन्हें रोजगार मिला। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी भेजने की कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। मंत्री ने दिल्ली छात्र गृह योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। साथ ही छात्रों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जा रही है और अभिभावकों की आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जा रही है। इसके अलावा सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना के तहत 10 हजार छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 107 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 55 कन्या और 52 बालक छात्रावास हैं। संभागीय स्तर पर 500 सीटर छात्रावासों का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसकी सुविधा फिलहाल इंदौर और जबलपुर में उपलब्ध है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2025’ तैयार की गई है, जिसके तहत प्रति वर्ष 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत प्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमेटरी स्पेस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। SC-ST को जैसा लाभ मिला वैसा OBC को नहीं मिला पत्रकार वार्ता के अंत में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कृष्णा गौर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजादी के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति को जो लाभ मिले, वैसा ओबीसी वर्ग को नहीं मिला। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी समुदाय को अधिकार और लाभ दिए गए। वहीं, उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर बताया कि मध्यप्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है और … Read more

फ्री ट्रेड डील के बाद भी भारत के लिए जरूरी काम, रिपोर्ट में मिली अहम जानकारी

नई दिल्‍ली भारत ने एक के बाद एक दूसरे देशों से 18 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्‍ताक्षर किया है, लेकिन एक्‍सपोर्ट में उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) का कहना है कि नए समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बजाय मौजूदा समझौतों से निर्यात में ठोस लाभ सुनिश्चित करने पर फोकस करना चाहिए. खासकर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, इंजीनियरिंग और टेक्‍सटाइल्‍स सेक्‍टर में, जहां से ज्‍यादा लाभ मिल सकता है.  रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत का कुल निर्यात 825 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था, लेकिन वित्त वर्ष 2026 के दौरान इसमें मामूली इजाफा हुआ है और यह करीब 850 अरब अमेरिकी डॉलर तक होने का अनुमान है. ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिकी टैरिफ के असर कारण इसमें ज्‍यादा इजाफा नहीं हुआ है.   कमजोर इंटरनेशलन डिमांड और बढ़ते सेफ उपायों के कारण माल निर्यात में कोई खास बदलाव नहीं होने की उम्मीद है, जबकि सर्विस सेक्‍टर एक्‍सपोर्ट 400 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो सकता है. यह भारत के समग्र व्यापार प्रदर्शन को सपोर्ट कर सकता है.  भारत ने की 18 एफटीए डील GTRI की रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं और साल 2026 में और भी हस्ताक्षर होने की संभावना है. ऐसे में भारत की प्राथमिकता समझौतों पर हस्ताक्षर करने से हटकर मुक्त व्यापार समझौतों से वास्तविक निर्यात लाभ प्राप्त करने की ओर होनी चाहिए.  GTRI ने इस बात पर फोकस किया है कि भारत पिछले कई सालों में सबसे कठिन ग्‍लोबल ट्रेड सिचुएशन के साथ 2026 में एंट्री ल रहा है. विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ते संरक्षणवाद, वैश्विक मांग में मंदी और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी नई व्यापार बाधाएं भारत के निर्यात बढ़ाने के प्रयासों के साथ मेल खा रही हैं. इससे बाजार में विस्‍तार के बजाय मौजूदा स्थिति को बनाए रखने पर ज्‍यादा फोकस हो रहा है.  टैरिफ सबसे बड़ा दबाव  संयुक्त राज्य अमेरिका एक महत्वपूर्ण दबाव के तौर पर उभरा है. डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व व्यापार संगठन के मानदंडों को दरकिनार करते हुए एकतरफा भारी टैरिफ लागू किया है. मई और नवंबर 2025 के बीच मौजूदा 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग 21 प्रतिशत गिर गया.  निर्यात में और गिरावट आ सकती है जीटीआरआई ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को वापस नहीं लेता या कोई व्यापार समझौता नहीं करता, भारत के सबसे बड़े बाजार को निर्यात में और गिरावट आ सकती है.  भारत के लिए यूरोप से भी चुनौती यूरोप एक अलग चुनौती पेश कर रहा है. यूरोपीय संघ 1 जनवरी, 2026 से अपना कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म लागू करेगा, जिसके तहत आयात पर कार्बन टैक्‍स लाया जाएगा. अभी ये टैक्‍स लागू होने से पहले ही यूरोपीय संघ को भारत के इस्पात निर्यात में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट आई है.  हालांकि इन चुनौतियों के बावजूद, रिपोर्ट में लचीलेपन के संकेत मिले हैं. अमेरिका को निर्यात में गिरावट के बावजूद अन्‍य ग्‍लोबल मार्केट को शिपमेंट में करीब 5.5 फीसदी की तेजी है. जीटीआरआई ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक भू-राजनीति पर सीमित प्रभाव के साथ, भारत को अपने देश पर फोकस करना चाहिए. 

16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध की वकालत, मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र को दी सलाह

मदुरै मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने केंद्र सरकार को बड़ा सुझाव दिया है कि वह ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर कानून लाने की संभावना तलाशे, जिसमें 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए. जस्टिस केके रामकृष्णन और जस्टिस जी जयचंद्रन की डिवीजन बेंच एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई कर रही थी, जिसमें इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई. याचिकाकर्ता एस विजयकुमार ने कोर्ट में 'रिट ऑफ मैंडमस' की मांग की थी. उन्होंने पूरे देश में सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को 'पैरेंटल विंडो' या पैरेंटल कंट्रोल सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की मांग की. याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क था कि इंटरनेट पर अश्लील सामग्री और चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज मटेरियल (CSAM) आसानी से उपलब्ध है, जो नाबालिग बच्चों तक पहुंच रहा है. इससे बच्चों का मानसिक और भावनात्मक विकास खतरे में पड़ रहा है. हाई कोर्ट ने याचिका पर विस्तार से सुनवाई के बाद इसे निपटाते हुए कहा, 'हम समझते हैं कि ऑनलाइन CSAM वाली वेबसाइट्स और URL लगातार अपडेट होती रहती हैं और सक्रिय रहती हैं. हालांकि, इसके साथ-साथ यूजर एंड पर भी नियंत्रण जरूरी है. यह नियंत्रण केवल पैरेंट कंट्रोल ऐप या सुविधा से ही संभव है. इसके लिए अंतिम उपयोगकर्ताओं को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खतरे और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना अनिवार्य है.' भारत में भी बने ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून हाई कोर्ट ने आगे जोर देते हुए कहा, 'अंततः यह व्यक्तिगत चुनाव और अधिकार है कि कोई व्यक्ति ऐसी घृणित सामग्री देखे या न देखे. लेकिन बच्चों के मामले में जोखिम बहुत अधिक है, इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ जाती है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के सुझाव पर हम कहते हैं कि भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया जैसे कानून की संभावना तलाश सकती है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग वर्जित किया गया हो.' मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने अंतरिम राहत के तौर पर निर्देश दिया कि जब तक ऐसा कानून नहीं बनता, तब तक संबंधित अधिकारी जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएं. सभी उपलब्ध माध्यमों से संवेदनशील समूहों, खासकर बच्चों और अभिभावकों तक संदेश पहुंचाया जाए. कोर्ट ने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य स्तर पर बने आयोग इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे पूरी तरह लागू करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का अंधाधुंध उपयोग बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, साइबर बुलिंग और अनुचित सामग्री के संपर्क में आने का खतरा बढ़ा रहा है.

भोपाल गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर बाल दिवस पर शहादत को दी श्रद्धांजलि

भोपाल गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की महान शहादत को समर्पित “वीर बाल दिवस” के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका और शबद कीर्तन श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने साहिबजादों के जीवन, त्याग और अद्वितीय वीरता पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के चारों साहिबजादों को नमन करते हुए कहा कि धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युगों तक मानव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए साहस, निष्ठा और धर्म रक्षा का अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी और उनके परिवार की शहादत से जुड़े गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को समझ सकें। उन्होंने 26 दिसंबर को शासकीय स्तर पर वीर बाल दिवस के रूप में मनाने और इससे जुड़े विषयों को शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का उल्लेख किया। सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी भूमि और आवश्यक व्यवस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उज्जैन में गुरु नानक देव जी के आगमन से जुड़े स्थलों और परंपराओं को मान्यता और सम्मान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरु साहिबानों की शहादत, बलिदान और मानवता के संदेश को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए निरंतर कार्य करेगी। उन्होंने सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के साझा मानवतावादी मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि गुरुजी के इतिहास, आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े सभी विषयों में प्रदेश सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।  

राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अस्पताल में मरीजों से मिलकर बिछाई चादर, किया हालचाल जाना

सतना  मध्य प्रदेश के सतना में कोदो की रोटी खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार हो गए थे. जिन्हें देखने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और मरीजों का हाल जाना. इस दौरान राज्य मंत्री ने देखा की मरीज के बिस्तर पर चादर सिमटी हुई थी. जिसे उन्होंने अपने हाथों से ठीक किया फिर खुद जमीन पर बैठ गई. फुटेज में राज्य मंत्री का मानवीय चेहरा नजर आ रहा है. उन्होंने सभी के समुचित इलाज के लिए अस्पताल के सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. कोदो की रोटी खाने से 6 लोग बीमार सतना जिले के सिंहपुर कस्बे के ग्राम खनगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के 6 लोग अचानक उल्टी-दस्त का शिकार हो गए. परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए नागौद के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां से उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय सतना रेफर कर दिया गया. बीमार हुए सदस्यों का नाम रामबेटू कोल (उम्र 45 वर्ष), फगुना कोल (65 वर्ष), चुनवदा कोल (उम्र 55 वर्ष), सुनीता कोल (उम्र 15 वर्ष), भंडारी कोल (उम्र 17 वर्ष) सहित एक मासूम कल्लू कोल (उम्र 8 वर्ष) है. बीमार लोगों से मिलने अस्पताल पहुंची प्रतिमा बागरी सभी पीड़ित परिवार को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. खबर मिलने पर पीड़ित परिवार को देखने के लिए मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और सभी मरीजों का हाल जाना. इसके साथ ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एवं डॉक्टर को मरीज के समुचित इलाज के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए है. इस दौरान राज्य मंत्री का अनोखा रूप सामने आया, जिसे देख हर किसी ने उनकी तारीफ की. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मरीज के बिस्तर पर अपने हाथों से चादर बिछाई. मरीज के परिजनों को भी राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि आपको समुचित इलाज मिलेगा, चिंता की कोई बात नहीं. डॉक्टर इलाज कर रहे हैं सभी लोग जल्द ठीक हो जाएंगे. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि, ''ग्राम खनगढ़ में कुछ लोगों ने कोदो की रोटी खा ली थी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. सभी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं.'' जिला चिकित्सालय सतना के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने बताया कि, ''कोदो की रोटी खाने के बाद कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था. सभी का बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है. सभी मरीजों को जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.''