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लेखपाल भर्ती पर बड़ा फैसला: सीएम योगी ने दिखाई सख्ती, आरक्षण संबंधी खामियों पर लगेगी रोक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी और कड़े निर्देशों के बाद लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में सामने आई आरक्षण संबंधी विसंगति अब दूर होने जा रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने 12 दिसंबर को लेखपाल के 7994 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, लेकिन इसमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का समुचित पालन न होने को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। यूपीएसएसएससी को पत्र भेज दी गई जानकारी मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद ने यूपीएसएसएससी को पत्र भेजकर श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की जानकारी दी है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि संशोधित पदों का विवरण एक सप्ताह के भीतर आयोग को भेज दिया जाएगा। आरक्षण में विसंगति का मुद्दा उठाया गया था यूपीएसएसएससी द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार लेखपाल के स्थायी पदों में अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के 4185, अनुसूचित जाति के 1446, अनुसूचित जनजाति के 150, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1441 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 792 पद निर्धारित किए गए थे। इन्हीं आंकड़ों को लेकर आरक्षण में विसंगति का मुद्दा उठाया गया था।   मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी इस संबंध में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने यूपीएसएसएससी को भेजे पत्र में बताया कि मंडलायुक्तों द्वारा मंडल स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत लेखपालों के आधार पर रोस्टरवार (लंबवत एवं क्षैतिज आरक्षण सहित) श्रेणीवार रिक्तियों की गणना कर अधियाचन उपलब्ध कराया गया था। इसी आधार पर चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया। श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की संभावना हालांकि, अब जिला स्तर पर कार्यरत और रिक्त लेखपाल पदों की श्रेणीवार गणना से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके चलते आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में दर्शाई गई श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की संभावना है। राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि संशोधित जानकारी एक सप्ताह के भीतर आयोग को भेज दी जाएगी। 

आमजन से जुड़ा बजट: 22 दिसंबर को सामाजिक न्याय संचालनालय में ‘बजट पर संवाद’ कार्यक्रम

भोपाल  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये बजट तैयारी के संबंध में 'बजट पर संवाद' 22 दिसम्बर को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण संचालनालय भोपाल में सुबह 10:30 बजे से होगा। बजट पर संवाद में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर आगामी बजट को अधिकाधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बनाए जाने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त करेंगे। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए और आम जनता से जुड़ी हुई विभिन्न सुविधाओं को प्रदान करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देशन में वित्त विभाग बजट की तैयारी कर रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, ग्रामीण- विकास, जनजाति, आर्थिक एवं वाणिज्यिक, जेंडर बजट, पर्यावरण के विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने के लिये बजट पर संवाद किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ग़रीब,किसान, युवा, नारी शक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब 'बजट पर संवाद' आयोजित किया जा रहा है। 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम में बैंकिंग, अर्थशास्त्र, वित्त आयोग, उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्यान, चिकित्सा, चार्टर्ड एकाउंटेंसी, फिल्म, में सफलता पूर्वक कार्य कर रहे हितधारकों को भी सुझाव देने के लिये आमंत्रित किया जा रहा है। आम जनता से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (https://mp.mygov.in/group-issue/mpbudget/), दूरभाष (0755-2700800), ई-मेल (budget.mp@mp.gov.in) व पत्राचार के माध्यम से उनके सुझाव प्राप्त किए गए हैं। इससे विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के आगामी बजट में अपने सुझावों के माध्यम से सहभागिता निभाकर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में आम जनता भी अपना योगदान दे सकेगी।  

ग्रामीण रोजगार को बड़ी सौगात: ‘जी राम जी’ विधेयक बना कानून, अब 125 दिन मिलेगा काम

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-जी राम जी) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस तरह मनरेगा की जगह अब 'जी राम जी' कानून बन गया है। ग्रामीण परिवारों के लिए अब हर साल मजदूरी रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ा दिया गया है। संसद में गुरुवार को विपक्ष के विरोध के बीच जी राम जी विधेयक पारित हुआ। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है। मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को चौहान ने सिरे से खारिज कर दिया।   शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस नीत सरकार ने मनरेगा को भी ताकत के साथ लागू नहीं किया और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सही से क्रियान्वित किया।’ उन्होंने यूपीए और राजग सरकार के समय इस योजना के क्रियान्वयन की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय जहां 1660 करोड़ श्रम दिवस सृजित हुए थे, वहीं मोदी सरकार में 3210 करोड़ श्रम दिवस का सृजन किया गया। मोदी सरकार से पहले इस योजना में महिलाओं की भागीदारी 48 प्रतिशत थी, जो इस सरकार के समय 56.73 प्रतिशत हो गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने तो गांधी का नाम चुराने का पाप किया है।’ क्या है जी राम जी कानून जी राम जी कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन के साथ जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और कृषि उत्पादकता को मजबूत करना है। विधेयक में ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, साथ ही स्थानीय नियोजन, श्रमिक सुरक्षा और योजनाओं के एकीकरण पर जोर दिया गया है। इस कानून का मकसद ग्रामीण आय सुरक्षा को मजबूत करना, अग्रिम पंक्ति की योजनाओं का एकीकरण और कृषि-रोजगार संतुलन है। सरकार का कहना है कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा।  

निकाय चुनावों में NDA का दबदबा, महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना-NCP गठबंधन 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई  महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के अब तक रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति 214 स्थानीय निकायों में स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 118 निकायों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 59 निकायों में और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 37 निकायों में आगे चल रही है। वहीं, विपक्षी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) वर्तमान में केवल 49 निकायों में आगे है, जबकि कांग्रेस 32 निकायों में बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 253 में मतगणना जारी है। गौरतलब है कि भाजपा ने पहले ही तीन सीटें निर्विरोध जीत ली हैं, जिनमें डोंडाईचा नगर परिषद (धुले) और अंगार नगर पंचायत (सोलापुर) के सदस्य व अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। साथ ही जामनेर नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव में भी कोई विपक्ष नहीं था।   महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की 'सफलता' भाजपा संगठन और सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें संगठन और सरकार दोनों शामिल हैं। हमने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। मैंने सकारात्मक विकास एजेंडे पर आधारित अभियान चलाया और कभी भी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की। फडणवीस ने आगे कहा कि उन्होंने विकास एजेंडे, अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर ही वोट मांगे। लातूर में भाजपा ने 5 में से 4 सीटों पर अध्यक्ष पद जीता महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। लातूर जिले में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम घोषित हो रहे हैं। यहां भाजपा ने पांच में से चार स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद पर विजय हासिल की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने उदगीर, अहमदपुर, निलंगा और रेनापुर के स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद जीते, जबकि उसके सहयोगी अजीत पवार की एनसीपी ने औसा की सीट पर कब्जा किया है। इस तरह लातूर जिले में सभी पांच सीटों पर महायुति ने कब्जा कर लिया है। नतीजे और महायुति की जीत तो बस ट्रेलर है उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में आगे क्या होने वाला है, इसका एक ट्रेलर हैं। शिवसेना के नेता शिंदे ने अपनी सेना के 'स्ट्राइक रेट' की भी सराहना की और कहा कि ये परिणाम हमारी पार्टी द्वारा किए गए अच्छे काम की पुष्टि करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये परिणाम जनता की उस प्रवृत्ति को दर्शाते हैं जो राजनीति से ऊपर विकास को प्राथमिकता देती है। महायुति की जीत महज एक ट्रेलर है। महायुति आगामी नगर निगम चुनावों में भी यही शानदार प्रदर्शन दोहराएगी निकाय चुनाव में पार्टी की जीत पर बधाई महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के नतीजों पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की जीत पर बधाई दी। गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी को उसकी शानदार जीत पर हार्दिक बधाई। राज्य भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सभी समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई। उन्होंने आगे कहा कि यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं की है। भाजपा और उसके विकासोन्मुखी कार्यों पर भरोसा जताने के लिए जनता का तहे दिल से धन्यवाद। विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को मतदाताओं ने किया खारिज महाराष्ट्र में रविवार को स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दावा किया कि उनकी पार्टी को निर्णायक जनादेश मिला है। चव्हाण ने कहा कि मतदाताओं ने विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि महायुति ने 288 में से 250 से अधिक परिषदों, नगर पंचायतों और नगर परिषदों में जीत हासिल की है। भाजपा के उम्मीदवारों ने 236 में से 134 पार्षद पदों और 3,000 से अधिक पार्षद सीटों पर जीत हासिल की है। चव्हाण ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन जनता ने उनकी पोल खोल दी। उद्धव ठाकरे ने खुद कहा कि उनके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं था और इसीलिए उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उनकी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भी दो अंकों में जीत हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने विपक्ष के झूठे दावों को खारिज कर दिया है। अब मुंबईवासी भी आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनावों में विपक्ष के दावों को खारिज कर देंगे। दोपहर 3 बजे के मुताबिक रायगढ़ जिले की नगरपालिकाओं में मेयर पद के नतीजे घोषित हो गए हैं। रोहा सीट पर एनसीपी के वनश्री शेगडे मेयर चुनी गई हैं। कर्जत सीट पर एनसीपी की पुष्पा डागड़े और मुरुड सीट पर एनसीपी की आराधना दांडेकर ने जीत हासिल की है। माथेरान सीट पर शिवसेना उम्मीदवार चंद्रकांत चौधरी, महाड से शिवसेना के सुनील कविस्कर, खोपोली में शिवसेना के कुलदीप शिंदे मेयर चुने गए हैं। श्रीवर्धन में शिवसेना यूबीटी के अतुल चोगले, पेण में बीजेपी की श्रीमती प्रीतम पाटिल, अलीबाग में शेतकरी कामगार पक्ष के अक्षया नाइक और उरण सीट पर एनसीपी शरद गुट की भावना घाणेकर ने जीत हासिल की है।  

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा- प्रदेश में दिया जा रहा है प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में रासायनिक मुक्त एवं विष-रहित खाद उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल के अंतर्गत सागर स्थित पी.टी.सी. ग्राउंड में जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती किसानों के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि वे रासायनिक खादों के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाएं, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और सुरक्षित, पौष्टिक खाद्यान्न का उत्पादन हो सके। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में इस दिशा में और भी योजनाएं लागू की जाएंगी। जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार के माध्यम से किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं विष-रहित खाद्य सामग्री मिलेगी। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित जैविक अनाज, फल-सब्जियां एवं अन्य उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। बड़ी संख्या में किसानों एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे, हम सब मिलकर प्रदेश को बनायेंगे समृद्ध

शाजापुर में बनेगा मेडिकल कॉलेज, शुजालपुर को मिलेगा आयुर्वेदिक कॉलेज दो साल में शाजापुर जिले को मिली कई सौगातें मुख्यमंत्री निवास में हुआ अभिनंदन एवं आभार कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनेपन से कुछ और बेहतर करने की नई ऊर्जा मिलती है। शाजापुर जिले ने प्रदेश को विचारों की दिशा दी है। इसलिए विकास में पहला हक भी शाजापुर का है। हम शाजापुर जिले के विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे। मक्सी के साथ-साथ अब शाजापुर में भी बदलाव की बयार बह रही है। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाजापुर जिले के जनप्रतिनिधियों, उद्योग संघ, डाक्टर्स एसोशिएशन, कर्मचारी संघ, अधिवक्ता संघ, उद्योग भारती के गणमान्य जनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पहारों के साथ अंगवस्त्रम ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री निवास पर अभिनन्दन कर आभार व्यक्त किया। बीते 2 साल के दौरान शाजापुर जिले को विकास की विभिन्न सौगातें देने के लिए आयोजित इस अभिनंदन समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों ने बीते दो साल की उपलब्धियों का हर्षित होकर जिक्र किया और समवेत् स्वर में 2 साल-बेमिसाल का उद्घोष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 मेट्रोपोलिटन एरिया के बीच में शाजापुर सबसे अच्छी जगह है। शाजापुर 2 मेट्रोपोलिटन का केन्द्र बिन्दु है। शाजापुर में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। वहीं शुजालपुर में भी आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। मक्सी बहुत पहले औद्योगिक केन्द्र बन गया था लेकिन उसका विकास रूका हुआ था। अब मक्सी भी विकास की नई राह पर है। शाजापुर में भी विकास के कई काम हो रहे हैं। उन्होंने शाजापुर जिले के नागरिकों से कहा कि हम आपके लिए वो सब कुछ करेंगे, जो आप चाहेंगे। शाजापुर के विधायक श्री अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यंमत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश का गौरव हैं। दो साल की अल्प अवधि में भी मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की काया पलट दी है। शाजापुर जिले को तो सबसे अधिक सौगातें मिली हैं। इसलिए यहां के नागरिक अभिभूत हैं। हम सब हमेशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ऋणी रहेंगे। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन रीजन के प्रस्तावित क्षेत्र में शाजापुर जिले के अधिकांश हिस्सा को इस रीजन के दायरे में ले लिया गया है। इससे संपूर्ण जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है, क्योंकि अब इस क्षेत्र के विकास की नई गति मिलेगी। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर विधानसभा के मक्सी क्षेत्र में 8000 करोड़ रुपये निवेश वाली सोलर प्लेट बनाने वाले उद्योग की सौगात दी है। इसका भूमि-पूजन भी हो चुका है। इससे जिले के विकास को नये पंख मिल गये हैं। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिला 2 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं (पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना एवं नर्मदा-कालीसिंध परियोजना) से लाभान्वित हुआ। शाजापुर में मेडिकल कॉलेज की सौगात, आलू-प्याज की मंडी को मंजूरी, शाजापुर शहर का एबी रोज-4 लेन, मक्सी से मोहन बड़ौदिया बायपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन सभी सौगातों से जिले के सभी नागरिक बेहद खुश और अभिभूत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त किया। कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि 2 साल में कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में भी विकास के कई काम मंजूर होकर प्रारंभ हो गए हैं। कालापीपल क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित रोड का न केवल भूमिपूजन हो गया है, बल्कि उसका निर्माण कार्य भी अब प्रारंभ हो गया है। उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। इस अवसर पर शाजापुर जिले से आए श्री हेमराज सिंह सिसौदिया, श्री दिनेश तिवारी, अन्य जनप्रतिनिधि, डॉक्टर्स, व्यापारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में नागरिकगण भी उपस्थित थे।  

डिब्रूगढ़ से पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: असम में बांग्लादेशी घुसपैठ पर कही बड़ी बात, यूरिया प्लांट का लोकार्पण

गुवाहाटी पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय असम के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी स्थित ‘स्वाहिद स्मारक क्षेत्र’ में असम आंदोलन के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। जो काम कांग्रेस को उस समय करना था, उसने नहीं किया। इसलिए मुझे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने ही बसाया है और कांग्रेस ही उन्हें बचा रही है। SIR का विरोध कर रही है। तुष्टिकरण और वोट बैंक के इस कहर से हमें असम को बचाकर रखना है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि असम की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा फौलाद बनकर खड़ी है। इससे पहले पीएम ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर 25 बच्चों के साथ करीब 45 मिनट परीक्षा पे चर्चा भी की। मोदी ने नामरूप में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (BVFCL) के मौजूदा परिसर में नए फर्टिलाइजर यूनिट की आधारशिला रखी। ANI के मुताबिक गुवाहाटी दौरे पर परीक्षा पर चर्च कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री ने असम के 25 प्रतिभाशाली छात्रों से बात करेंगे. यह बातचीत ब्रह्मपुत्र नदी में चल रहे एक क्रूज पर आयोजित की जाएगी. असम आंदोलन (1979-1985) ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में चला था. इसका मुख्य उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करना था. इस आंदोलन के दौरान व्यापक प्रदर्शन, हड़तालें और पुलिस कार्रवाई हुईं, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए. आंदोलन का समापन 1985 में असम समझौते के साथ हुआ, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किए थे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- चाहे जिस खेल में रहें, हमेशा अपना उत्कृष्ट दीजिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा। निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।  

किसानों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, अब कम ब्याज दर पर मिलेगा कृषि ऋण

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। रविवार को लखनऊ में युवा सहकार सम्मेलन और यूपी को ऑपरेटिव एक्सपो 2025 के उद्घाटन के मौके पर सीएम योगी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर सरकार किसानों के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के जरिए मिलने वाले लोन के ब्याज की दर को कम किया जाएगा। हम चाहते हैं कि यह लोन सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाए। राज्य सरकार इसमें सहयोग करेगी।   कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पी प्रभु बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सीएम योगी की इस घोषणा को अन्नदाता किसानों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया जा रहा है। इससे प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक LDB से लोन का रेट अभी करीब साढ़े 11 प्रतिशत है। किसान को बहुत ब्याज देना पड़ता है। हम लोग इसको कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार इसमें योगदान देगी। लघु और सीमांत किसानों को 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' के अंतर्गत हम 6% की ब्याज दर पर LDB के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में एक नए जिला कोआपरेटिव बैंक के गठन की कार्रवाई आगे बढ चुकी है। 2024-25 में 162 करोड़ 2 लाख रुपए का लाभ भी हमारे कोआपरेटिव बैंक ने कमाया है। अब हम इसमें तेजी के साथ काम कर रहे हैं। विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया पालती थीं। पिछली सरकारों के माफिया राज के कारण कोआपरेटिव क्षेत्र बर्बाद हो गया था। किसानों की हजारों करोड़ पूंजी फंस गई थी। हम लोगों धीरे-धीरे करके किसानों का पैसा वापस कराया। आज वो पैसा भी वापस है। बैंक भी आगे बढ़ रहा है। अब हम वन डिस्ट्रिक्ट वन कोआपरेटिव बैंक की दिशा में बैंक आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश के अंदर जितना भी फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड का वितरण होता है। इसमें से कम से कम आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े हुए एम-पैक्स के माध्यम से वितरित हो। सहकारिता की उपलब्धियों पर पुस्तक का विमोचन सीएम योगी ने इस मौके पर सहकारिता विभाग की उपलब्धियों एवं नवाचार पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके साथ ही सहकारिता के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ​विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।  

भाजपा के जिक्र के साथ मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘हमें सिर्फ सेवा संगठन समझना भारी भूल’

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों पश्चिम बंगाल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। उत्तर बंगाल से कोलकाता पहुंचे भागवत ने साइंस सिटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगर आप संघ को समझना चाहते हैं, तो तुलना करने से गलतफहमियां पैदा होंगी। अगर आप संघ को केवल एक अन्य सेवा संगठन मानते हैं, तो आप गलत होंगे। आरसएस प्रमुख ने कहा कि कई लोगों में 'संघ' को भाजपा के नजरिए से समझने की प्रवृत्ति होती है, जो एक बहुत बड़ी गलती है। संघ की स्थापना का सार एक ही वाक्य में है 'भारत माता की जय'। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि अपनी खास संस्कृति, परंपरा और स्वभाव का नाम है। संघ का लक्ष्य इन मूल्यों को बनाए रखते हुए भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समाज को तैयार करना है। 'संघ को समझाने के लिए इतिहास उदाहरण' भागवत ने साफ किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्म किसी राजनीतिक मकसद, प्रतिस्पर्धा या विरोध के लिए नहीं हुआ। उनका कहना था कि संघ पूरी तरह हिंदू समाज के संगठन, उन्नति और संरक्षण के लिए समर्पित है। संघ की भूमिका समझाने के लिए भागवत ने इतिहास का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के निधन के बाद अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष भले ही थम गया, लेकिन राजा राम मोहन राय के समय से शुरू हुई समाज सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रही। उन्होंने इसे समुद्र के बीच एक ऐसे द्वीप की तरह बताया, जो समय के साथ मजबूती से कायम रहा। हमें अपने समाज को मजबूत करना है- आरएसएस प्रमुख अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख ने समाज को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक महान विरासत वाला देश है और उसे वैश्विक नेतृत्व के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि अतीत में हम अंग्रेजों से युद्ध हार गए थे, लेकिन अब वक्त है कि हम अपने समाज को संगठित और सशक्त बनाएं। उनका पूरा भाषण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ की सोच और एकजुट हिंदू समाज के साथ समृद्ध भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रहा।