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भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं व योगदान बना चिरस्मरणीय अध्यायः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहाः सीएम योगी  वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देशः सीएम   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देश  सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा।  सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप भारत का हिस्सा बनीं जूनागढ़ व हैदराबाद रियासत  सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रिसायतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा। पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहा सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। पं. नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने किए अनेक उल्लेखनीय कार्य  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, उमेश द्विवेदी, विधायक ओपी श्रीवास्तव, आशीष सिंह ‘आशु’, भाजपा के महानगर अध्यक्ष  आनंद द्विवेदी, सरदार पटेल स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पटेल, महासचिव शशांक वर्मा आदि मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा। मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन : प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्यः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’ प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं। सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  अन्नदाता किसान की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं।  प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

संजय गांधी अस्पताल में नवजात की आग से मौत, प्रशासन ने 11 घंटे तक घटना को छिपाए रखा, अधीक्षक का विवादित बयान

रीवा  रीवा में संजय गांधी अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में आग लग गई. आग लगने के दौरान सर्जरी के बाद ऑपरेशन थिएटर में रखे एक नवजात बच्चे का शव आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह जल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लगभग 11 घंटे तक इस घटना को छिपाए रखा और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी. अस्पताल के ओटी में लगी आग दरअसल, रविवार को दोपहर करीब 1 बजे संजय गांधी अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी और दहशत फैल गई. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में एक नवजात बच्चा बुरी तरह जल गया. सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस गंभीर घटना को करीब 11 घंटे तक छिपाए रखा और बच्चे का शव परिवार को नहीं सौंपा. आधी रात के आसपास जब मामला ऊंचे अधिकारियों तक पहुंचा तब अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि नवजात का शव जल गया था. अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था. इसी बीच OPD एरिया में भी आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल में दहशत फैल गई. वहीं संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उनके अनुसार, मृत बच्चे को पॉलिथीन में रखा जा रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में नवजात का शव झुलस गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जनहानि से इनकार किया है। आधी रात सच्चाई उजागर गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का आपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- बच्चे की जानकारी नहीं दी   इधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि संजय गांधी अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी डिप्टी सीएम तक को थी। इसके बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही ने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को और संदिग्ध बना दिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। संजय गांधी अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और गांधी स्मारक अस्पताल इन तीनों के पास फिलहाल फायर एनओसी नहीं है। ये तीनों ही अस्पताल नगर निगम के फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करते हैं।  परिजनों के आरोप, मामला पहुंचा उच्च स्तर तक जानकारी के मुताबिक, गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- नवजात के शव की जानकारी नहीं दी गई मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल जांच से जिम्मेदारी तय होगी या लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। निगमायुक्त बोले- हादसा हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक फायर एनओसी के पैमाने पूरे नहीं किए गए। उनका कहना है कि चेतावनी दी जा चुकी है, इसलिए आगजनी की स्थिति में नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होगी।

मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश

दमोह जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : प्रभारी मंत्री परमार मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश प्रभारी मंत्री परमार की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई संपन्न समिति के सदस्यों ने रखे अपने महत्वपूर्ण सुझाव, प्रभारी मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश भोपाल दमोह जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए जनप्रतिनिधियों ने तीन गांव बोतराई, सदगुवां और लुहर्रा गांव को चयनित किया है और यहां पर नरवाई प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। जिले में प्लंबर का प्रशिक्षण शुरू कराया जाये और इसका प्रस्ताव दिया जाये, सोलर की भी ट्रेनिंग प्रारंभ कराई जाये। पॉलिटेक्निक और आईटीआई दोनों जगह, इस पर काम प्रारंभ कराये जायें। आने वाला समय सोलर एनर्जी का ही रहेगा। आगामी बैठक सिंचाई और पेयजल पर रखी जाये, जिसमें यह सुनिश्चित किया जायेगा की हर जगह अंतिम छोर तक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। इस आशय की बात प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार को, कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में कही। जिले के प्रभारी मंत्री परमार ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व समयबद्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर जिले के विकास के लिये किये गये प्रयासों, उपलब्धियों पर गहन चर्चा की गई, निर्देशानुसार कार्यवाई की जाये। प्रभारी मंत्री परमार ने कहा पीजी कॉलेज में एक उन्नत लाइब्रेरी बनाई जाये और इसकी राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, इसका तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजा जाये। इस लाइब्रेरी में महाविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा जो विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वह भी आकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने जिले में महिलाओं के लिए दोना पत्तल के काम समूह से जोड़कर कराए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा दोना पत्तल की आज हर जगह काफी डिमांड है, इस दिशा में तेजी से काम प्रारंभ किए जायें, प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाये, लोगों में जन जागृति पैदा की जाये और प्लास्टिक के नुकसान से अवगत कराया जाये। परमार ने कहा प्लास्टिक से गंभीर बीमारियां पैदा हो रही है। बैठक में बताया गया अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के युवा जो शिक्षक, प्राध्यापक बनना चाहते हैं, उन्हें कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाये ताकि वह सफल हो सके, विशेष कर मैथ्स इंग्लिश के बड़ी संख्या में पद खाली है, उन्हें भरा जा सकेगा । जिले के जिन स्कूलों में पहुंचने में वर्षा के दिनों में बच्चों को दिक्कतें पहुंचती है वहां पर ग्रेवल सड़क प्राथमिकता से बनवा दी जाए। दमोह शहर में पेयजल लाइन डालने के लिए जहां सड़के खोदी गई है, पुर्ननिर्माण का कार्य तेजी से कराये जाये नगर पालिका अधिकारी इसे तत्काल सुनिश्चित करायें। उन्होंने बैठक के दौरान समिति के सदस्यों से कहा खाद वितरण की टोकन व्यवस्था जिले में प्रारंभ की गई है, इसका किस तरह का रिस्पांस है। बैठक में मौजूद सदस्यों ने बताया कि यह प्रणाली बहुत अच्छी है, जबसे टोकन मिला है लाइन में लगने से मुक्ति मिल गई है, व्यवस्था बेहतर है। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक गांव की सिंचाई की मैपिंग के संबंध में कहा यह काम तेजी से किया जाये जिस पर जिला कलेक्टर द्वारा बताया गया की कार्य मैपिंग का शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया केन बेतवा परियोजना के तहत सर्वे का काम तेज गति से चल रहा है अगले तीन माह में डीपीआर और सर्वे हो जायेगा। बैठक में पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने सड़कों पर सब्जी बाजार के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहां 15-15 लाख की लागत से पांच प्रसाधन के निर्माण के लिए राशि शासन से मिली है, इसके टेंडर किए जाकर शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने चाहिए। बैठक में सतेंद्र सिंह लोधी ने 7 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल की विस्तार से जानकारी दी। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि सागर-दमोह मार्ग की स्वीकृति हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई है, जिसके तहत 2059.85 करोड़ रुपए से फोर लाइन मार्ग बनाया जायेगा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित किया जायेगा। कोचर ने बताया मेडिकल कॉलेज दमोह के लिए 330 नियमित और 205 आउटसोर्स पर पद स्वीकृत किए गए हैं, साथ ही झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना 165.006 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, इससे तेंदूखेड़ा तहसील के 17 गांवों में सिंचाई होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत जिले में 829 लाख सब्सिडी से पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत 1063 घरों में सोलर यूनिट स्थापना का कार्य नवंबर 2025 में किया गया, जिसमें स्वयं की बिजली बनाकर घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा विगत दो वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 पुलों का निर्माण कार्य किया गया है। यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत संपर्क विहीन सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें 241 संपर्क विहीन बसाहटों का चिंन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना तहत 100 तक की आबादी का संपर्क विहीन बसाहटों का सर्वे की भी किया गया है ,जिसमें कुल 82 संपर्क विहीन बसाहटें शामिल की गई है। कलेक्टर कोचर ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि जिले में 2023 में निर्मित सीतानगर सिंचाई परियोजना द्वारा 16200 हेक्टर सिंचाई क्षेत्र में सिंचाई की गई है, जिसके माध्यम से दमोह एवं पथरिया तहसील के 51 ग्रामों में एक हेक्टर तक के चक में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। जिले में परियोजना का कार्य 95% पूर्ण हो गया है, आगामी तीन-चार माह में पूर्ण प्रस्तावित है, इसके माध्यम से 7620 सेक्टर क्षेत्र में सिंचाई पाइपलाइन के माध्यम से होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत 91000 से अधिक बेटियां लाभान्वित हो रही है और लाड़ली बहन योजना अंतर्गत 245000 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है। औद्योगिक निवेश और कौशल विकास तथा रोजगार के संबंध में कलेक्टर ने बताया युवा संगम के माध्यम से 7000 से अधिक युवाओं … Read more

सेंसेक्स-निफ्टी के साथ जापान से हांगकांग तक गिरावट, इन 10 शेयरों ने तोड़ा दम

मुंबई     विदेशी शेयर बाजारों में कोहराम (Stock Market Crash) मचा हुआ है, जापान का Nikkei हो, हांगकांग का Hang Seng हो या फिर साउथ कोरिया का Kospi इंडेक्स तेज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में मची इस भगदड़ का असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर भी देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स फिसलकर रेड जोन में ओपन हुए. बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं.   सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत सोमवार को शेयर मार्केट कारोबार शुरू होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,267 की तुलना में तेजी से फिसलते हुए 84,891.75 पर खुला. तो वहीं निफ्टी का हाल भी Sensex के जैसा ही नजर आया. एनएसई का ये इंडेक्स बीते शुक्रवार को 26,046.95 पर क्लोज हुआ था, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ये तेज गिरावट लेकर 25,930.05 पर खुला.  खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 390 अंक की गिरावट लेकर 84,860 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 145 अंक टूटकर 25,910 पर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया.  अमेरिकी मार्केट में भी गिरावट  न सिर्फ एशियाई बाजार, बल्कि अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Markets) में भी गिरावट देखने को मिली. बीते कारोबारी दिन जहां डाउ फ्यूचर्स 115 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, तो वहीं Dow Jones 245 अंक की गिरावट लेकर 48,479.04 के लेवल पर बंद हुआ. इसके अलावा S&P Index भी 1.06 फीसदी या 73.11 अंक फिसलकर 6,848.89 पर क्लोज हुआ था.  एशियाई बाजारों में खुलते ही बुरा हाल बात Asian Stock Markets की करें, तो जापान से लेकर कोरिया तक में हड़कंप मचा हुआ है. Japan Nikkei Index सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही 1.50 फीसदी या 745 अंकों की बड़ी गिरावट लेकर 50,092.10 पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा हांगकांग का Hang Seng 235 अंकों की गिरावट के साथ 25,741 पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  अन्य एशियाई बाजारों की बात करें, तो साउथ कोरिया का Kospi Index 1.61 फीसदी या 68 अंक फिसलकर 4,099 पर ट्रेड करता नजर आया. इससे पहले खुलने के साथ ही ये 2 फीसदी से ज्यादा फिसल गया था. ऑस्ट्रेलिया में S&P/ASX 200 इंडेक्स करीब 0.66% गिर गया. इन 10 शेयरों में सबसे तेज गिरावट  Share Market में शुरुआती कारोबार के दौरान जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, उनमें टॉप-10 में लार्जकैप कैटेगरी से M&M Share (1.60%), Bharti Airtel Share (1.10%), Trent Share (1.05%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल NIACL Share (2.40%), Endurance Share (2.35%), Aegisvopak Share (2%) की गिरावट में नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो SHK Share (7%), Kotic Share (5%), VLS Finance Share (4.80%) और Rama Steel Share (4.70%) की गिरावट में था. 

विकास कार्यों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को: सांसद और विधायक सौंपेंगे कामकाज का लेखा-जोखा

भोपाल मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की दो वर्ष उपलब्धियां जनता को बताई जाएंगी। प्रभारी मंत्रियों ने शनिवार को अपने-अपने जिलों में पत्रकारवार्ता कर बताया कि मोहन सरकार ने दो साल में क्या काम किए गए हैं इसकी जानकारी जनता को दी जाएगी। सरकार की उपलब्धियों के अलावा मंत्री अपने-अपने विभागों के कामकाज का ब्योरा भी जनता के बीच रखेंगे। इसके अलावा सांसदों और विधायकों ने अपने क्षेत्रों में दो साल में क्या काम किए हैं इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे।   सीएम ने चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था। वहीं विधायकों ने अपनी निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। भाजपा के मोर्चा प्रकोष्ठों की भी जिम्मेदारी तय की गई कि वे मोहन सरकार द्वारा किसान, युवा, महिला, एससी, एसटी और अन्य वर्गों के लिए किए गए कार्यों को उन वर्गों के बीच जाकर बताएं। 25 दिसंबर तक चलेगा कार्यक्रम पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक भाजपा सरकार की उपलब्धियों को बैठकों, संगोष्ठियों और संपर्क अभियान के जरिए पहुंचाएंगे। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा। भाजपा इस वर्ष को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है। उनके जन्मदिवस 25 दिसंबर को प्रदेश भर में बूथ स्तर पर सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’, जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से जुड़ा है, उसको भी बूथ स्तर पर मजबूत रूप से मनाया जाएगा। बताएगी भाजपा, वर्षों कांग्रेस की सरकार रही पर कुछ नहीं किया डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे कि आजादी के बाद से वर्षों तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रही हैं, लेकिन विकास के कोई कार्य नहीं किए गए। वहीं मप्र में वर्ष 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही विकास की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अद्वितीय और अकल्पनीय विकास कार्य किए हैं। बूथ स्तर तक होंगे कार्यक्रम युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अजा-अजजा मोर्चा ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित कर इन दो वर्षों में हुए जनहितैषी कार्यों को पारदर्शिता और तत्परता के साथ जनता तक पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक जाने का संकल्प लिया। इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात 15 मिनट तक प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों की एक विस्तृत पीपीटी और पीडीएफ रिपोर्ट तैयार की गई है, इसे बूथ स्तर तक बताया जाएगा। 

इंदौर से धार के बीच ट्रेन सेवा मार्च 2026 तक शुरू होगी, 17 साल का इंतजार होगा समाप्त

इंदौर  अगले वर्ष 2026 में आदिवासी बहुल क्षेत्र धार जिले में पहली बार ट्रेन दौड़ेगी। इंदौर-दाहोद नई ब्राडगेज रेल लाइन परियोजना (204.76 किमी) का भूमिपूजन वर्ष 2008 में हुआ था। 17 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रेलवे दावा कर रहा है कि इंदौर से धार नए रूट पर मार्च-2026 तक ट्रेन चलाई जाएगी। हालांकि निर्माण कार्य की गति और जमीनी हकीकत को देखकर लग रहा है कि ट्रेन शुरू होने में छह महीने का और समय लग सकता है। वहीं, रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फरवरी-2026 तक टनल का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए टाइमलाइन बनाकर काम कर रहे हैं। हर दिन की समय सीमा तय की है, क्योंकि पहले ही इस प्रोजेक्ट में टनल की वजह से देरी हो चुकी है। इंदौर और वड़ोदरा के बीच सीधा संपर्क उक्त परियोजना वड़ोदरा और इंदौर के बीच सीधा संपर्क देकर यात्रा समय कम करेगी। अभी रतलाम होकर वड़ोदरा आना-जाना पड़ता है। परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग 1873 करोड़ रुपये है। वर्तमान स्थिति में इंदौर से टीही (21 किमी) और दाहोद से कटवारा (11.30 किमी) खंड का कुल 32.30 किमी भाग शुरू हो चुका है। टीही से धार के बीच ट्रैक लिंकिंग और मोबिल फ्लैश वेल्डिंग कार्य प्रगति पर है। खंड का सीआरएस निरीक्षण फरवरी 2026 के लिए लक्षित है। टीही टनल (2.9 किमी) कार्य भी तेज गति से चल रहा है। 2.95 किमी टनल में से 1.87 किमी हिस्से का काम पूरा कर दिया है। टनल के अंदर दीवारों पर फिनिशिंग की जा रही है। पानी निकलने के लिए लोहे की 150 व 400 एमएम की लाइन बिछाई जा रही है। पूरी टनल में हर 50 मीटर पर कुल 30 मेन होल बनाए गए हैं। इनके माध्यम से टनल में एकत्रित होने वाला पानी लगातार बाहर निकाला जाएगा। ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है पाइप चोक होने की स्थिति में मशीन से हवा का प्रेशर दिया जाएगा, जिससे पाइप साफ हो जाएंगे और पानी नहीं रुकेगा। इसके बाद इस हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। टनल के अंदर रेलवे बैलास्ट लैस ट्रैक बिछाएगा। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने दावा किया कि टनल का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अगले साल मार्च 2026 तक इंदौर से धार के बीच ट्रेन चलने लगेगी। हम ट्रेन चलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। टनल में मटेरियल लाने-ले जाने के लिए दोनों एंड पर छोड़ा था काम टनल के दोनों एंड पी-1 और पी-2 पर मटेरियल लाने-ले जाने के लिए रेलवे ने दोनों हिस्से में टनल का काम छोड़ा था। एक हिस्से में 170 मीटर जबकि दूसरे हिस्से में 50 मीटर से ज्यादा हिस्सा था। दोनों टनल के बीच भी 60 मीटर का हिस्सा बचा हुआ है। अब इस हिस्से में भी रेलवे काम शुरू करेगा। प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी ने कहा- अगले दो महीने में इस हिस्से को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट     2008 में प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ     2013 में काम शुरू हुआ     1873 करोड़ से अधिक लागत वर्तमान में     204.76 किमी लंबी लाइन इसलिए खास है यह परियोजना, इंदौर-मुंबई की दूरी कम होगी रेल परियोजना के पूरा होने से इंदौर और मुंबई के बीच रेल मार्ग की दूरी लगभग 55 किमी घट जाएगी। गुजरात-महाराष्ट्र से एमपी की बेहतर कनेक्टिविटी: यह नई रेल कड़ी इंदौर को गुजरात और महाराष्ट्र से सीधे जोड़ेगी, जिससे न केवल यात्री, बल्कि माल-ढुलाई में भी सुविधा बढ़ेगी। औद्योगिक विकास व माल भाड़ा सस्ता इस मार्ग से औद्योगिक क्षेत्र, विशेषकर पीथमपुर को लाभ होगा। माल को रेल से सीधे मुंबई व अन्य बंदरगाहों तक भेजना आसान और कम लागत वाला होगा। पिछड़े व आदिवासी क्षेत्रों को रेल सुविधा इस लाइन से प्रदेश के धार, झाबुआ जैसे क्षेत्रों को पहली रेल-कनेक्टिविटी मिलेगी। विकास, रोजगार, आवाजाही जैसे सामाजिक-आर्थिक लाभ होंगे।  

महिला को आज़ादी, शादीशुदा होने के बावजूद अपनी पसंद से रहने का अधिकार — MP हाईकोर्ट

इंदौर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि महिला वयस्क है, भले ही वह शादीशुदा है तो वह अपनी मर्जी के हिसाब से किसी के साथ रह सकती है। दरअसल, एक याचिका की सुनवाई के दौरान महिला को शुक्रवार को हाई कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच लाया गया। महिला ने कोर्ट में कहा कि वह याचिकाकर्ता के साथ रहना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता ने उसे जबरन अपने पास रखा है। इधर महिला के माता-पिता ने कहा कि उसकी पहले ही शादी हो चुकी है। शादी के बाद उसे अपने पति के साथ रहना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उक्त टिप्पणी की।  “मैं पूरी तरह बालिग हूँ और कानून मुझे यह अधिकार देता है कि मैं अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले खुद लूं। मैं अपनी मर्जी से जिसके साथ चाहूँ, उसके साथ रह सकती हूँ। मेरे माता-पिता मेरी इच्छा के खिलाफ मुझे जबरन अपने पास रखे हुए हैं। मैं किसी दबाव में नहीं हूँ और स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि मैं धीरज के साथ रहना चाहती हूँ। मुझे अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने दिया जाए।” पुलिस सुरक्षा के बीच  इंदौर हाई कोर्ट पहुंची महिला ने न्यायालय के सामने यह स्पष्ट बयान दिया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि महिला वयस्क है तो वह अपनी इच्छा के अनुसार किसी के साथ भी रह सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि महिला का शादीशुदा होना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद पर रोक नहीं लगा सकता। यह फैसला उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें एक युवक ने आरोप लगाया था कि उसकी साथी को उसके माता-पिता ने जबरन अपने पास रखा हुआ है। यह मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी धीरज नायक से जुड़ा है, जिन्होंने अपने अधिवक्ता जितेंद्र वर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि धीरज ने संध्या नामक महिला से विवाह किया है और संध्या उसके साथ रहना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता उसे जबरदस्ती अपने घर में रखे हुए हैं और बाहर जाने की अनुमति नहीं दे रहे। पुलिस सुरक्षा में कोर्ट लाई गई महिला इस मामले की पिछली सुनवाई 2 दिसंबर को हुई थी, जिसमें हाई कोर्ट ने महिला को स्वयं कोर्ट के सामने पेश कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच महिला को इंदौर हाई कोर्ट लाया गया। सुनवाई के दौरान महिला ने साफ तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से याचिकाकर्ता धीरज नायक के साथ रहना चाहती है और उसके माता-पिता उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध अपने पास रखे हुए हैं। महिला ने यह भी बताया कि इससे पहले कोर्ट के निर्देश पर एक न्यायिक दंडाधिकारी (JMFC) के समक्ष भी उसके बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। उन बयानों में भी उसने यही कहा था कि उसे जबरन अपने माता-पिता के नियंत्रण में रखा गया है और वह स्वतंत्र रूप से अपनी जिंदगी का फैसला नहीं कर पा रही है। माता-पिता ने कहा, पहले से शादीशुदा है बेटी वहीं, महिला के माता-पिता की ओर से यह दलील दी गई कि उनकी बेटी की पहले ही शादी हो चुकी है। उनका कहना था कि शादी के बाद महिला को अपने पति के साथ ही रहना चाहिए और किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का उसे अधिकार नहीं है। माता-पिता ने इसे सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं से जोड़ते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महिला की उम्र और उसकी स्वतंत्र इच्छा को सबसे महत्वपूर्ण आधार माना। अदालत ने कहा कि कानून की नजर में यदि महिला बालिग है, तो उसे यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह किसके साथ और कहां रहना चाहती है। हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसी भी वयस्क महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं रोके रखना कानूनन गलत है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शादीशुदा होना किसी महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को खत्म नहीं करता। संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के तहत महिला अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने यह भी माना कि माता-पिता या परिवार की असहमति के बावजूद, यदि महिला ने स्पष्ट रूप से अपनी इच्छा जाहिर कर दी है, तो उसे उसी के अनुसार निर्णय लेने दिया जाना चाहिए। धीरज नायक को सौंपी गई महिला की सुपुर्दगी  हुई सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि महिला को धीरज नायक के साथ ही रहने दिया जाए। कोर्ट ने महिला की सुपुर्दगी धीरज को सौंपते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि वह दोनों को सुरक्षा प्रदान करे और सुरक्षित रूप से सवाई माधोपुर तक छोड़कर आए। अदालत ने यह आदेश भी दिया कि इस दौरान किसी प्रकार का दबाव, धमकी या हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, ताकि महिला बिना किसी भय के अपने फैसले पर अमल कर सके। व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर फिर मुहर यह फैसला एक बार फिर यह स्थापित करता है कि भारतीय न्यायपालिका वयस्क महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद के अधिकार को सर्वोपरि मानती है। इससे पहले भी कई मामलों में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट यह कह चुके हैं कि बालिग महिला को यह अधिकार है कि वह अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुने और उसके साथ रहे, चाहे परिवार या समाज को यह पसंद हो या नहीं।  विधि विशेषज्ञ मयंक सिंह ने कहा, कि यह आदेश उन मामलों में नजीर बनेगा, जहां पारिवारिक दबाव के चलते महिलाओं की स्वतंत्रता छीनी जाती है। अदालत का यह रुख साफ संकेत देता है कि कानून की नजर में सबसे अहम महिला की सहमति और उसकी इच्छा है, न कि सामाजिक दबाव या पारिवारिक परंपराएं।

पिनाका की 300 किमी रेंज: इस्लामाबाद से कराची तक सीधा निशाना

 नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर – यह नाम भारत की सैन्य इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा. 7 मई की रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी कैंपों पर 24 सटीक हमले किए. इसमें स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) ने 120 किमी दूर सप्लाई लाइन, बंकर और स्टेजिंग एरिया को मिनटों में नेस्तनाबूद कर दिया. DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत के मुताबिक यह हमला 'डिटरेंस बाय पनिशमेंट' का बेहतरीन उदाहरण था – पाकिस्तान को सजा देकर अगली बार सोचने पर मजबूर किया. अब कल्पना कीजिए, जब 300 किमी रेंज वाला नया पिनाका-Mk4 साल 2030 तक सेना में शामिल हो जाएगा, तो दुश्मन का क्या हाल होगा? पिनाका का 'फर्स्ट स्ट्राइक' जिसने पाकिस्तान को कंपा दिया  ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई, जिसमें 26 निर्दोष मारे गए. भारत ने पाकिस्तान को दोषी ठहराया, लेकिन पाकिस्तान ने इनकार किया. 7-8 मई की आधी रात को भारत ने 9 आतंकी ठिकानों पर हमला बोला – 5 पाक-अधिकृत कश्मीर में, 4 पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में.  पिनाका की भूमिका: Mk-3 वेरिएंट (120 किमी रेंज) ने ब्रह्मोस मिसाइल, राफेल जेट्स (SPICE-2000 और HAMMER बमों से लैस) और स्मर्च के साथ मिलकर 24 स्ट्राइक्स किए. एक बैटरी (6 लॉन्चर) ने 44 सेकंड में 72 रॉकेट दागे, जो 1,000 x 800 मीटर इलाके को तबाह करने में सक्षम हैं. सैटेलाइट इमेज से साबित हुआ – मुरिदके, सियालकोट और जैकोबाबाद के कैंप ध्वस्त हो गए. 100+ आतंकी मारे गए, जिनमें IC-814 अपहरण और पुलवामा ब्लास्ट के आरोपी शामिल थे. पाकिस्तान का जवाब और भारत की ढाल: पाक ने ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमला किया (श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट पर). लेकिन भारत का S-400, इंटीग्रेटेड काउंटर-ड्रोन ग्रिड और पिनाका ने सब नाकाम कर दिया. आर्मी ने वीडियो जारी कर कहा कि हमारी सेना आग की अटल दीवार है. कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ बल्कि इंडस वॉटर ट्रीटी को भारत ने सस्पेंड कर दिया. यह ऑपरेशन उरी स्ट्राइक (2016) और बालाकोट (2019) से आगे का कदम था – गहराई, सटीकता और जोखिम में वृद्धि हुई. रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (RUSI) के अनुसार, इससे भारत की 'कैलिब्रेटेड फोर्स' स्ट्रैटेजी मजबूत हुई. पिनाका का सफर: 38 किमी से 300 किमी तक की उड़ान पिनाका (भगवान शिव के धनुष का नाम) DRDO ने 1986 में विकसित किया, रूसी ग्रैड-स्मर्च को रिप्लेस करने के लिए. कारगिल युद्ध (1999) में पहली बार इस्तेमाल हुआ. पाकिस्तानी बंकर उड़ाए. आज 4 रेजिमेंट (72+ लॉन्चर) तैनात, 2030 तक 22 रेजिमेंट होंगी.  क्यों Mk4 दुश्मन के लिए 'गेम-चेंजर' बनेगा? पिनाका रॉकेट सॉलिड फ्यूल पर चलता है, जो बैलिस्टिक मिसाइल जैसी तेजी देता है. Mk4 में…     क्वासी-बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी: ऊंची परबोला उड़ान (100+ किमी ऊंचाई), फिर तेज नीचे की ओर. दुश्मन के एयर डिफेंस (जैसे पाक का HQ-9) को चकमा दे सकता है.      एवेसिव मैन्यूवर्स: थ्रॉटेबल प्रोपल्शन से बीच में दिशा बदलाव. रडार से बचाव, 70% हिट रेट बढ़ाता है.     ट्रिपल गाइडेंस: GPS (सैटेलाइट), INS (इनर्शियल नेविगेशन – कंपास+एक्सेलरोमीटर), एक्टिव रडार (टर्मिनल फेज में लक्ष्य लॉक). GPS जाम होने पर भी CEP 2 मीटर – सटीकता ऐसी कि एक रॉकेट ब्रिज या रडार साइट उड़ा सकता है.     रैपिड फायर: 20 सेकंड में 12 रॉकेट – एक रेजिमेंट (18 लॉन्चर) 216 रॉकेट दागकर 300 किमी दूर पूरे एयरबेस को तबाह कर देगी. पेलोड: क्लस्टर म्यूनिशन या लोइटरिंग ड्रोन भी लॉन्च कर सकते हैं.      लागत-लाभ: एक Mk4 रॉकेट 4-5 करोड़ में, जबकि ब्रह्मोस मिसाइल 15-20 करोड़. 25% कीमत में 4 गुना तबाही.  वैज्ञानिक रूप से, यह आर्टिलरी और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल के बीच पुल है. RAND सिमुलेशन के अनुसार, Mk4 से भारत की डीप-स्ट्राइक क्षमता 3 गुना बढ़ेगी. Mk4 कहां-कहां तबाही मचाएगा?      चीन सीमा (लद्दाख-अरुणाचल): 300 किमी में तिब्बत के एयरफील्ड या मिसाइल साइट्स को निशाना बना सकता है. हाई-ऑल्टिट्यूड ऑपरेशन में बेहतरीन.      पाकिस्तान LOC: इस्लामाबाद या कराची के लॉजिस्टिक्स को सीधा नुकसान. सिंदूर जैसा हमला लेकिन 5 गुना गहरा.     कोस्टल डिफेंस: अंडमान से दुश्मन नौसेना को 300 किमी दूर डुबो सकेगा. एंटी-शिप वेरिएंट संभव.     ग्लोबल एक्सपोर्ट: फ्रांस सक्रिय बातचीत में – भारत का पहला MBRL एक्सपोर्ट. 22 रेजिमेंट से एक्स्ट्रा प्रोडक्शन एक्सपोर्ट के लिए. कब और कैसे आएगा 'रॉकेट का राजा'?     टाइमलाइन: Mk-3 2028, Mk-4 2030 इंडक्शन. 5-वर्षीय DRDO प्लान – आर्टिलरी मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा.     उत्पादन: 10 रेजिमेंट पहले (180 लॉन्चर). निजी कंपनियां (टाटा, L&T) से 50% शेयर.     सेना का कॉन्फिडेंस: सिंदूर में 120 किमी पिनाका वैरिएंट ने पाक को रुलाया. 300 किमी आएगा तो वो हमला करने की हिम्मत नहीं करेंगे. यह भारत का नया हथियार है.