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सरकार ने दुबई में चीनी पर टैक्स की मंजूरी दी, नए साल से लागू

दुबई  यूएई ने 2026 में कई नए नियमों में बदलाव किया है. इसका वहां रह रहे लोगों पर व्यापक असर पड़ सकता है. आने वाला साल भविष्य पर केंद्रित होगा, जिसमें नई तकनीकें और नए नियम केंद्र में हैं. नए साल से हि वहां फ्लाइंग टैक्सी का ऑपरेशन शुरू हो जाएगा.  इसके साथ ही सरकार वहां चीनी पर टैक्स लगाने जा रही है.  खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई में यह घोषणा की गई है कि 1 जनवरी 2026 से देश में शर्करायुक्त (विद शुगर) पेय पदार्थों पर कर लगाने के तरीके में बदलाव होगा. चीन पर लगेगा 50 प्रतिशत उत्पाद शुल्क वित्त मंत्रालय और संघीय कर प्राधिकरण ने कहा है कि अगले साल से मीठे पेय पदार्थों पर लगने वाला टैक्स उनकी उत्पाद श्रेणी के बजाय उनकी चीनी सामग्री पर आधारित होगा – जो कि 50 प्रतिशत उत्पाद शुल्क है. इसका उद्देश्य देश को स्वस्थ बनाना है. टैक्स पेयर्स के स्वास्थ्य को लेकर उठाए गए कदम संयुक्त अरब अमीरात ने 2026 से व्यापक कर सुधारों की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स के लिए जीवन को आसान बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है. इसमें स्पष्ट नियम और समय-सीमाएं होंगी, जिनमें रिफंड का दावा करने की समय-सीमा भी शामिल है. यूएई 2026 में लागू किए जाने वाले नए मूल्य वर्धित कर (वैट) नियमों के साथ कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए तैयार है. 2026 के मध्य से, यूएई  चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रव्यापी ई-इनवॉयसिंग प्रणाली लागू करेगा. नई प्रणाली के तहत, व्यवसायों को इनवॉइस का आदान-प्रदान एक मानकीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में करना होगा – न कि केवल पीडीएफ या स्कैन की गई प्रतियों के माध्यम से. बहुप्रतीक्षित राष्ट्रव्यापी एतिहाद रेल 2026 में यात्रियों के लिए परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है. एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने पर, यह नेटवर्क 11 प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को जोड़ेगा, जिससे निवासियों को देश के कोने-कोने में आसानी से यात्रा करने में मदद मिलेगी. रेलवे से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने और देश के रियल एस्टेट परिदृश्य में बदलाव आने की उम्मीद है. इसका मतलब यह भी हो सकता है कि ज़्यादा लोग शहरों से बाहर निकलकर ट्रेन से काम पर जाएंगे.

शराब खरीदने के लिए सैलरी स्लिप जरूरी, इस देश में 50,000 रियाल की कमाई पर निर्भर करेगा नियम

रियाध सऊदी अरब में शराब बिक्री को लेकर नियमों में छूट दी जा रही है। इसके मुताबिक यहां पर गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक शराब खरीद सकेंगे। इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में रहने वाले गैर मुस्लिम विदेशी अपनी सैलरी स्लिप दिखाकर शराब खरीद सकते हैं। हालांकि यह जरूरी है कि उनकी मासिक कमाई 50 हजार रियाल यानी 13,300 डॉलर होनी चाहिए। अगर रुपए में बात करें तो यह कमाई करीब 12 लाख रुपए प्रतिमाह होनी चाहिए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी में रहने वाले गैर मुस्लिम रियाध में स्थित दुकान से शराब खरीद सकते हैं। इस दुकान में एंट्री के लिए उन्हें सैलरी स्लिप दिखाकर अपनी कमाई साबित करनी होगी। यह दुकान पिछले साल विदेशी राजनयिकों के लिए खोली गई थी। हाल ही में यहां से उन गैर-मुस्लिमों को भी शराब बेची जाने लगी है जो प्रीमियम रेजीडेंसी का दर्जा रखते हैं। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर दी। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यह लोग अपनी पहचान नहीं जाहिर करना चाहते। बता दें कि मामले को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। वहीं, सरकार ने भी इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। शराब में क्यों दे रहा छूट सऊदी शराब से जुड़े नियमों में छूट देने के पीछे सऊदी अरब की खास रणनीति है। ऐसा करके सऊदी अपने देश में सामाजिक प्रतिबंधों को आसाना बना रहा है। ताकि लोगों को व्यवसाय और निवेश के लिए यहां आमंत्रित किया जा सके। पिछले कुछ साल में सऊदी अरब में कई तरह के बदलाव हुए हैं। इनमें महिलाओं के ड्राइविंग पर प्रतिबंध को हटाना, सार्वजनिक मनोरंजन की इजाजत, संगीत आदि से जुड़ी छूट शामिल है। यह सब करके सऊदी खुद को अत्याधुनिकरण के रास्ते में बढ़ता दिखाना चाहता है।

पंकज चौधरी ने लोकसभा में किया 8वें वेतन आयोग पर स्पष्टीकरण, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर अहम जानकारी

नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचार‍ियों और पेंशनरों के बीच काफी उत्‍सुकता है. सोशल मीड‍िया पर भी 8वें वेतन आयोग के लागू होने को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं. मसलन 1 जनवरी 2026 से इसे लागू कर द‍िया जाएगा और डीए को बेस‍िक सैलरी में मर्ज कर द‍िया जाएगा. लेक‍िन इन सभी अटकलों को साफ करते हुए  लोकसभा में फाइनेंस स्‍टेट म‍िन‍िस्‍टर पंकज चौधरी ने यह स्‍पष्‍ट कर द‍िया क‍ि फ‍िलहाल 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई तारीख पक्‍की नहीं हुई है. और ना ही डीए और बेस‍िक सैलरी को मर्ज करने का कोई फैसला ल‍िया गया है. 8वें वेतन आयोग की स‍िफार‍िशों पर जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाला कमीशन अभी काम कर रहा है. बजट में हो सकता है अहम ऐलान हालांक‍ि अपने जवाब में पंकज चौधरी ने एक बात स्‍पष्‍ट कही क‍ि 8वें वेतन आयोग के तहत लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर के वेतन में वृद्ध‍ि के ल‍िए फंड का भी इंतजाम करना होगा. ल‍िहाजा समझने वाली बात ये है क‍ि अगर बात बजट की है तो उसका ऐलान भी बजट में हो सकता है. उम्‍मीद है क‍ि इस बार 8वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचार‍ियों और पेंशनरों की सैलरी के ल‍िए फंड पर बजट के दौरान बड़ा ऐलान हो सकता है. 8वें वेतन आयोग पर अब तक का अपडेट क्‍या है? भारत सरकार ने यह कन्फर्म किया है कि 8वां सेंट्रल पे कमीशन (CPC) फॉर्मल तौर पर बन गया है और इसका काम चल रहा है. हालांक‍ि 1 जनवरी 2026 इसके लागू होने की तारीख के लिए कोई वादा नहीं किया. सोमवार को लोकसभा में फाइनेंस स्टेट मिनिस्टर पंकज चौधरी के एक लिखित जवाब में कहा है क‍ि 8वें CPC के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को ऑफिशियली 3 नवंबर 2025 को नोटिफाई किया गया था. इससे ये पता चलता है क‍ि पे पैनल अपना काम शुरू कर चुका है. लेक‍िन साथ ही यह भी कहा क‍ि 8वां वेतन आयोग लागू करने से पहले कमीशन को देश के मौजूदा आर्थिक हालात, फिस्कल समझदारी की जरूरत और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले फाइनेंशियल असर को भी ध्‍यान रखना होगा. सरकार ने संसद को यह भी भरोसा दिलाया है कि मानी गई सिफारिशों को लागू करने के लिए फंड का इंतजाम किया जाएगा. मंत्री ने कन्फर्म है किया कि 8th CPC में लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर शाम‍िल होंगे. बता दें क‍ि सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सैलरी, अलाउंस और पेंशन स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश करने का काम जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाले कमीशन को सौंपा गया है.

यौन हिंसा के खिलाफ गंभीर चेतावनी: 100 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रभावित, भारत की स्थिति चिंताजनक

 नई दिल्ली  2023 में 15 साल से कम उम्र की 1 अरब से ज्यादा महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का शिकार हुईं हैं। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। द लैसेंट जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 608 मिलियन (60 करोड़ 80 लाख) महिलाओं अपने पार्टनर के द्वारा ही प्रताड़ित हुई हैं। घरेलू हिंसा और यौन हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं अफ्रीका और दक्षिण एशिया में देखी गईं हैं। इससे महिलाएं एचआईवी समेत कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो गई हैं। भारत में क्या कहते हैं आंकड़ें? भारत में 15 साल से अधिक उम्र वाली 23 प्रतिशत महिलाओं को पार्टनर की हिंसा झेलनी पड़ी है। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं और 13 प्रतिशत पुरुष बचपन में यौन हिंसा क शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है. हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  यह रिपोर्ट ग्लोबर बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) के 2023 के अध्ययन के आधार पर प्रकाशित की गई है। अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के द्वारा जीबीडी स्डटी की जाती है, जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया- "2023 में वैश्विक स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की 60 करोड़ से ज्यादा महिलाएं कभी न कभी घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। 15 साल की उम्र से अधिक 1 अरब से ज्यादा लोगों ने बचपन में यौन हिंसा का सामना किया है।" महिलाओं की सेहत पर हुआ असर: रिपोर्ट बचपन में यौन हिंसा का शिकार होने का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थित पर पड़ता है। वहीं, घरेलू हिंसा के कारण कई महिलाएं विकलांगता की चपेट में आ जाती हैं। इससे महिलाओं को कई गंभीर बीमारी होने का भी खतरा रहता है। घरेलू और यौन हिंसा: बीमारी का बोझ शोधकर्ताओं के अनुसार कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों और महिलाओं-बच्चों के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा वाले क्षेत्रों में इन समस्याओं को रोकने और कम करने की चुनौती और बड़ी हो जाती है। उच्च आय वाले देशों में हिंसा का प्रसार अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद घरेलू और यौन हिंसा 15–49 वर्ष के युवा वयस्कों में बीमारी के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव रिपोर्ट बताती है कि विश्व स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की दस लाख से अधिक महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का सामना कर चुकी हैं। वहीं लगभग 608 मिलियन महिलाएं घरेलू हिंसा से प्रभावित हुई हैं। AIIMS नई दिल्ली और गोरखपुर, PGIMER चंडीगढ़ तथा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस, चेन्नई के शोधकर्ताओं की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये अनुभव दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हैं। इनमें अवसाद, चिंता, पुरानी बीमारियां और समय से पहले मृत्यु का बढ़ा हुआ खतरा शामिल है। WHO ने जारी किए थे आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी नवंबर में एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि 2023 में 15-49 साल के बीच हर 5 में से 1 महिला पार्टनर के द्वारा घरेलू हिंसा का शिकार हुई थी। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं अपने पूरे जीवन में कभी न कभी घरेलू हिंसा झेल चुकी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को दी विकास की अनेक सौगातें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा। भूमिगत होगा मेट्रो का प्रमुख हिस्सा-राज्य सरकार देगी 800–900 करोड़ रुपए बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं, इसलिए सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाये। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करें। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा विस्तार—14,000 वर्ग किमी में जुड़ेगा पूरा मालवा बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए  इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में पाँच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट,दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे,दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है। स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर—इंदौर को देंगे नई आर्थिक पहचान बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाये। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी। हुकुमचंद मिल परियोजना बनेगी देश के लिये मॉडल बैठक में बताया गया कि हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द प्रारंभ होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है। सम्पूर्ण 17.5 हेक्टेयर भूमि के विकास के लिये डीपीआर तैयार हो गयी है। निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। आगामी तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस भूमि का ऐसा विकास किया जाये,जो देश के लिये मॉडल हो। इसमें देश की शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाये। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का  होगा रिडेंसिफिकेशन बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण (Redevelopment) के लिए निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने  इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया। स्मार्ट इंदौर—आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर-रेडी सिस्टम बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिये गये। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि  जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। इसके तहत 13690 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जहाँ लगभग 60 हजार कैमरों की स्थापना की जायेगी। इसकी एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित किये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलायी जायेंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाये जायेंगे। इसके लिये वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान होंगे विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया करायी जायेंगी। इसके लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा विश्वविद्यालय बनेंगे … Read more

दिव्यांगों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में अब मिलेगा 25 लाख तक का सब्सिडी लोन, जानें पूरी शर्तें

रायपुर छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगों को पांच लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें शासन की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगों को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है। इसके अंतर्गत दुकान, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ट्रांसपोर्ट, होटल, डेयरी, पोल्ट्री, मशीनरी आधारित कार्य जैसे कई व्यवसाय शामिल हैं। कौन ले सकता है योजना का लाभ योजना का लाभ वही दिव्यांगजन ले सकते हैं जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आय सीमा शासन के मापदंडों के अनुसार तय की जाती है। लोन राशि और सब्सिडी समाज कल्याण विभाग के अनुसार व्यवसाय की प्रकृति और परियोजना रिपोर्ट के आधार पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत किया जाता है। इस राशि में शासन द्वारा सब्सिडी दी जाती है, जिससे लाभार्थी को बैंक को चुकाने वाली राशि कम हो जाती है। शेष रकम आसान किश्तों में चुकानी होती है। कैसे करें आवेदन इच्छुक दिव्यांगजन जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित जनपद एवं नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और प्रस्तावित व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जांच के बाद प्रकरण बैंक को भेजा जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों को मौका यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के दिव्यांगों के लिए लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन, डेयरी, ट्रैक्टर या मशीनरी आधारित व्यवसाय को भी योजना में शामिल किया गया है।

मध्य प्रदेश की मिसाल: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर शुरू हुई देश की पहली ‘रेड रोड’ पहल

भोपाल   वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश ने नेशनल हाईवे पर भारत की पहली 'रेड रोड' की शुरुआत की है। यह अभिनव पहल वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-45 के लगभग दो किलोमीटर लंबे हिस्से में लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को रोकना और संवेदनशील वन क्षेत्रों में वाहनों की गति को नियंत्रित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष सड़क डिजाइन ड्राइवरों को बिना किसी सख्त ट्रैफिक अवरोध के स्वाभाविक रूप से धीमी गति अपनाने के लिए प्रेरित करती है। यह उपाय न केवल जानवरों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले यात्रियों के लिए भी अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।   कैसे काम करती है 'रेड रोड' 'रेड रोड' की सतह लाल रंग की और हल्की उभरी हुई बनाई गई है, जिससे यह एक टेबलटॉप जैसी संरचना बनाती है। पारंपरिक स्पीड ब्रेकर की तुलना में यह अधिक सुरक्षित और प्रभावी मानी जा रही है, क्योंकि इसमें अचानक ब्रेक लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लाल रंग और अलग बनावट ड्राइवरों को दूर से ही सतर्क कर देती है कि वे एक संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विज़ुअल संकेत मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रभावी है और वाहन चालकों को अधिक जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करता है। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बाघों के अलावा हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है। चूंकि ये जानवर अक्सर भोजन और पानी की तलाश में हाईवे पार करते हैं, इसलिए इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। 'रेड रोड' के माध्यम से इन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। विकास और संरक्षण का संतुलन यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार बुनियादी ढांचे का विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। राज्य सरकार और वन विभाग का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले हाईवे पर भी इसी तरह की पर्यावरण-अनुकूल सड़क डिजाइन अपनाई जा सकती है। यह कदम न केवल मध्य प्रदेश को वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बनाता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई दिशा भी प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नवीन एमवाय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी। नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड रुपए लागत आएगी। इसे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक श्री गोलू शुक्ला ने दिया। कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे 

राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में होगा जॉब फेयर का आयोजन

कई कंपनियां जॉब फेयर में लेंगी हिस्सा, छात्राओं को मिलेगा इंटरव्यू के बाद जॉब का ऑफर झांसी योगी आदित्यनाथ सरकार महिला अभ्यर्थियों और छात्राओं को रोजगार के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने के मकसद से पिंक जॉब फेयर के आयोजन कराती है। इसी कड़ी में झांसी में 16 दिसंबर को पिंक जॉब फेयर का आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी के परिसर में किया जाएगा, जिसमें कई कंपनियां छात्राओं का साक्षात्कार कर उनका चयन करेंगी। झांसी में पिछले वर्ष भी पिंक जॉब फेयर का आयोजन किया गया था। इस बार यह पिंक जॉब फेयर का दूसरा आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय झांसी एवं राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी संयुक्त रूप से करने जा रहे हैं। रोजगार मेले में अमास स्किल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, टीम प्लस एच आर सर्विस, भारतीय जीवन बीमा निगम झांसी सहित कई अन्य कंपनियां अभ्यर्थियों के चयन में हिस्सा लेंगी। रोजगार मेले में हिस्सा लेने के लिए छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। झांसी के सहायक सेवायोजन अधिकारी वसीम मोहम्मद ने बताया कि पिंक जॉब फेयर में हिस्सा लेने वाली छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग भी की जाएगी। रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है और किसी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। छात्राएं बायोडाटा के साथ राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में आयोजित होने वाले पिंक जॉब फेयर में हिस्सा ले सकती हैं।

बीजेपी संगठन में बिहार का कद बढ़ा, नितिन नबीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन (45) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस नियुक्ति को बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी की रणनीतिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं. यह नियुक्ति 14 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इस संबंध में पार्टी की ओर से औपचारिक संगठनात्मक आदेश जारी किया गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा की गई है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नितिन नबीन, जो वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं, अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे. बिहार की नीतीश सरकार में सड़क निर्माण मंत्री नितिन नबीन वर्तमान में पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. नबीन छात्र राजनीति से लेकर संगठन के विभिन्न पदों तक का सफर तय कर चुके हैं. उनकी पहचान एक अनुशासित संगठनकर्ता और तेज फैसले लेने वाले नेता के रूप में रही है. बिहार बीजेपी में वे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, जिनमें प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने की भूमिका शामिल है.   पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं नितिन नितिन नबीन का जन्म पटना में हुआ. उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रहे हैं. पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने सक्रिय रूप से चुनावी राजनीति में कदम रखा और जल्द ही अपनी अलग पहचान बनाई. राजनीति में आने से पहले वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं, जहां से उनके संगठनात्मक कौशल को पहचान मिली. पहली बार 2006 में उपचुनाव में जीते थे नितिन नबीन नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और लगातार पांचवीं बार जनता का भरोसा जीत चुके हैं. उन्होंने पहली बार 2006 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. इसके बाद वे 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार विजयी रहे. 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 98,299 वोट हासिल कर आरजेडी उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जो उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है.