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मोहन सरकार के दो साल: 2025 में मध्य प्रदेश में ₹8 लाख करोड़ के उद्योग, जानें क्या रही खासियत

भोपाल  प्रदेश की मोहन यादव सरकार पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सबसे ज्यादा फोकस उद्योगों पर कर रही है। प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार तमाम कवायद कर रही है। साथ ही कुछ नई रवायतें भी शुरू की हैं। पहली बार प्रदेश के अलग-अलग संभागों में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए।  इंदौर से हटकर ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट पहली बार भोपाल में हुई। इसके जरिए मोहन सरकार पूरे प्रदेश के हर इलाके की तस्वीर उद्योगपतियों के सामने रख रही है। साथ ही उनकी खासियत बता कर मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया है। इसके नतीजे भी अब धरातल पर आने लगे हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पांच हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है। आठ लाख करोड़ के उद्योग लगे प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया। यही वजह है कि प्रदेश में करीब आठ लाख करोड़ रुपये के उद्योग लग चुके हैं और छह लाख लोगों को रोजगार मिलने का सरकार दावा भी कर रही है।  भोपाल सेंट्रल : मध्य प्रदेश के सेंट्रल एमपी के भोपाल से लगे रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड बीईएमएल की रेल हब निर्माण इकाई ब्रह्मा का शिलान्यास किया गया। यह कंपनी वंदे भारत और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जमीन आवंटित होने के बाद प्रोजेक्ट का शिलान्यास हो गया है। काम शुरू होने पर प्रत्यक्ष तरीके से 1575 लोगों को रोजगार मिलेंगे और अप्रत्यक्ष तरीके से भी सैकड़ों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। यह मध्य एमपी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही सरकार भोपाल के अचारपुरा में नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप कर रही है। इसको टैक्सटाइल और फार्मा कंपनियों का हब बनाने की तैयारी है। कुछ कंपनियों को जमीन भी आवंटित हो गई है। मालवा निर्माण : मालवा निर्माण के क्षेत्र में भी बड़े इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हुए हैं। वहां पीथमपुर में पहले से ही कई बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं। अब केंद्र की तरफ से धार जिले में ही इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए पीएम मित्र पार्क की सौगत मिली है। यह इसकी शुरुआत से एमपी में टेक्सटाइल के क्षेत्र में बूम आएगा। जिससे रोजगार के साथ-साथ वहां के किसानों को भी काफी फायदा होने वाले हैं। उस क्षेत्र में कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है और टेक्सटाइल पार्क नहीं होने की वजह से अभी बाहर के लोग उसे ले जाते हैं। 2158 एकड़ में फैले इस पार्क में 23 हजार करोड़ का निवेश होगा। कई बड़ी कंपनियों को जमीन भी अलॉट कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट से करीब तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिलेंगे। साथ ही ग्लोबल मार्केट में एमपी को एक नई पहचान मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क इसके साथ ही उज्जैन से सटे विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया गया है। यह पार्क करीब एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह देश के चार बड़े मेडिकल डिवाइस पार्कों में से एक हैं। यहां पर बड़े पैमाने पर निवेश भी आ रहे हैं। करीब 2900 करोड़ के निवेश अब तक आ चुके हैं। अब पार्क पूरी तरह से फुल हो चुका है। इसके बाद फेज-2 का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 360 एकड़ जमीन विकसित की गई थी। इस प्रोजेक्ट से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेंगे। साथ ही एक्सपर्ट और इंम्पोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।  बुंदेलखंड: पतंजलि समूह कर रहा निवेश सरकार बुंदेलखंड के विकास पर भी जोर दे रही है। बुंदेलखंड में पतंजलि ग्रुप बढ़ा निवेश करने जा रही है। इसके लिए रीवा जिले के मऊगंज तहसील में 175 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है। इसमें पांच हजार करोड़ का निवेश आएगा और पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने रीवा में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया था। इसमें करीब बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों में 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए थे। सिंगरौली और कटनी में कंटेनर डिपो का निर्माण हो रहा है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज और मैहर में नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना है। रामा प्लाई ग्रुप ने रीवा में नई प्लाइवुड यूनिट विस्तारित करने की घोषणा की थी कि इसमें 500 करोड़ निवेश का वादा किया था। सागर के मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी मिल गई है, जिससे बुंदेलखंड में उद्योगों को नई गति मिलेगी। इस पैकेज से 24,240 करोड़ रुपये का निवेश और 29 हजार से अधिक रोजगार अवसर बनने का मार्ग खुलेगा। ग्वालियर-चंबल: अदाणी समूह कर रहा बड़ा निवेश ग्वालियर चंबल में भी बड़ी कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं। अदाणी ग्रुप ने शिवपुरी में जैकेट बनाने के लिए 3500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा गुना में अदाणी ग्रुप सीमेंट की बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है। साथ ही उस क्षेत्र में अंबानी ग्रुप भी फर्टिलाइजर और बायोगैस के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। साथ ही टूरिज्म और स्पोर्टस के क्षेत्र में भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में काफी बदलाव आ रहे हैं। ग्वालियर में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होने लगे हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग एवं ऑटोमोटिव इंटीरियर के क्षेत्र में मार्बल विनाइल नाम की कंपनी ने 620 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर एसएसजी फर्नीसिंग सॉल्यूशन ने भी 750 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इससे 9 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, मुरैना में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम हो रहा है। यहां देश की पहली सौर ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित की गई हैं। इसमें तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश है, जो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है।

मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद से मुक्ति पाई, सीएम मोहन यादव ने बीजेपी सरकार के दो साल पूरे होने से पहले किया ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बन गया है. ये घोषणा खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की है. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश सरकार ने ये उपलब्धि निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर ली है.  मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट में 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. दीपक उइके और रोहित ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में सरेंडर किया – और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर दिया. ये भी संयोग है कि 13 दिसंबर को मोहन यादव की सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, और दो दिन पहले ही ये उपलब्धि हासिल हुई है. देश के पहले नक्सल मुक्त राज्य बनने की कहानी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 26 जनवरी की तारीख तय कर रखी थी, लेकिन लक्ष्य करीब डेढ़ महीने पहले ही हासिल हो गया.  मोहन यादव को ये मौका बीजेपी की नई सरकार के दो साल पूरे होने से पहले ही मिल गया. दो साल के शासन की ये सबसे बड़ी उपलब्धि मिल गई है.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2026 में नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य पहले ही निर्धारित कर रखा है. और, इसके लिए मार्च तक का लक्ष्य रखा है – मध्य प्रदेश ने इस मामले में पहले ही बाजी मार ली है.  मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, MMC जोन में बीते 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित इलाकों की MMC जोन कैटेगरी में रखा गया है.  मोहन यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 42 नक्सलियों पर कुल 7.75 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. और, 2025 में अकेले मध्य प्रदेश में, राज्य की पुलिस ने 13 नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराया, जबकि 10 एनकाउंटर में मारे गए.  मध्य प्रदेश के तीन जिले बालाघाट, डिंडोरी और मंडला नक्सल प्रभावित थे, जो दीपक उइके और रोहित के सरेंडर के बाद पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं.  नक्सलियों के न भूलने वाले कारनामे बालाघाट मध्य प्रदेश का वो इलाका है जिसकी सीमा महाराष्ट्र के गोंदिया, और छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव लगती है – और ये पूरा इलाका माओवादी हिंसा से बुरी तरह प्रभावित रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट की वो घटना भी याद दिलाई, जब मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे लखीराम कावरे की नक्सलियों ने घर में घुसकर उनको बाहर निकाला और बेरहमी से मौत के घात उतार डाला. ये 1999 की घटना है, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह थे, और कांग्रेस की सरकार थी.   1. लखीराम कावरे बालाघाट के ही रहने वाले थे. वो अपने गांव में रहते थे दिग्विजय सिंह ने 1998 में जब दूसरी बार सरकार बनाई तो लखीराम कावरे को परिवहन मंत्री बनाया.  लखीराम कावरे गांव में अपने घर पर थे. अचानक ही माओवादियों ने उनका घर चारों तरफ से घेर लिया. लखीराम कावरे को घर से बाहर निकाला और वहीं कुल्हाड़ी से काट डाला – 15 दिसंबर, 1999 का दिन शायद ही कभी कोई भूल पाए.  2. छत्तीसगढ़ की भी नक्सल हमले की एक घटना कभी न भूलने वाली है. 2013 के आखिर में विधानसभा के लिए चुनाव होने थे, और कांग्रेस जोर शोर से तैयारी कर रही थी. बीजेपी की सरकार थी, और डॉक्टर रमन सिंह मुख्यमंत्री थे. तब कांग्रेस नेता बीजेपी सरकार के खिलाफ परिवर्तन रैली कर रहे थे.  25 मई, 2013 को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन रैली थी. रैली खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था. कांग्रेस नेताओं के काफिले में करीब 25 गाड़ियां थीं, और उनमें करीब 200 नेता सवार थे. शाम के 4 बज रहे थे, और कांग्रेस का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था. रास्ते में पेड़ काटकर गिरा दिए गए थे. रास्ता बंद होने के कारण एक के पीछे एक सारी गाड़ियां रुक गईं, और इससे पहले कि किसी को कुछ समझ आ पाता, आस पास के पेड़ों के पीछे छिपे नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमलावरों ने सभी गाड़ियों को निशाना बनाया. करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही.  करीब साढ़े पांच बजे हमलावरों का एक जत्था मौके पर पहुंचकर चेक कर रहे थे कि कोई जिंदा तो नहीं बचा है. जो जिंदा बचे थे, उनको पकड़कर बंधक बना रहे थे, और जो जो मरे हुए समझ में आ रहे थे, उनको भी फिर से गोली मार रहे थे, और चाकू से भी वार कर रहे थे, ताकि जिंदा बचने की कोई गुंजाइश न रहे.  तभी महेंद्र कर्मा अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, और बोले,  ‘मुझे बंधक बना लो, बाकियों को छोड़ दो.’ नक्स्लिी महेंद्र कर्मा को थोड़ी दूर तक ले गए, और उनको भी मार डाला. असल में, ‘सलवा जुडूम’ का नेतृत्व करने की वजह से नक्सली उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते थे. महेंद्र कर्मा के शरीर पर नक्सलियों ने चाकू से 50 से ज्यादा वार किए थे, और करीब 100 गोलियां भी दागी थी – बताते हैं, हत्या के बाद नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था. हमले में महेंद्र कर्मा, कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल सहित 30 लोग मारे गए थे. घायलों में केंद्रीय मंत्री रहे वीसी शुक्ल भी घायल हुए थे.  सरेंडर कर चुके एक नक्सली की पुराने साथियों से अपील  नक्सलियों को सबसे बड़ा झटका लगा है हिडमा के मारे जाने के बाद. आंध्र प्रदेश में हुए एक मुठभेड़ में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत के एक दिन बाद पूर्व नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति पुराने साथियों से एक बड़ी अपील की. मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति ने 15 अक्टूबर को ही 60 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया था. भूपति की अपील का वीडियो गढ़चिरौली पुलिस की तरफ से जारी किया गया है.  भूपति ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) कैडर से सशस्त्र संघर्ष छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है. भूपति का कहना है, ‘यह बहुत चिंताजनक मसला है… मैं आपको बताना चाहता हूं… हमने लगभग डेढ़ महीने पहले सशस्त्र संघर्ष छोड़ दिया था… क्योंकि हमें एहसास हुआ कि बदलते हालात में … Read more

आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे: 45 मिनट में तय होगा सफर, 85 किमी में तीन एंट्री और एग्जिट प्वाइंट

ग्वालियर  आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में आगरा से ग्वालियर के बीच 85 किलोमीटर के दायरे में तीन एंट्री और तीन एग्जिट प्वाइंट तय किए गए हैं। इस व्यवस्था से यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि ग्रीन फील्ड से ग्वालियर आने वाले वाहन 45 मिनट में पहुंच सकेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ग्वालियर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमाकांत मीणा ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इस निर्माण के बाद आगरा से ग्वालियर 4 घंटे का सफर केवल 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और बाहर निकलने के लिए तीन प्वाइंट नूराबाद-मालनपुर, धौलपुर राजाखेड़ा-आगरा और दिमनी पर बनेंगे। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं भी स्थानीय ब्रिज भी नहीं होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से ग्वालियर तक पहुंचने में लगने वाले समय की बचत होगी और दुर्घटना की संभावना भी कम होगी।  ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे ग्वालियर से निकलकर आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट कर दिया जाएगा, ताकि ग्वालियर से दिल्ली-नोएडा जाने वाले वाहन दो घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी कर सकें। इसके एग्जिट व एंट्री प्वाइंट से पुराना ग्वालियर-आगरा राजमार्ग और ग्वालियर-इटावा राजमार्ग भी कनेक्ट हो जाएगा, ताकि वाहन चालकों को अपने गंतव्य के लिए असुविधा नहीं हो। 

तानसेन समारोह 2025 में 114 कलाकार करेंगे लाइव पेंटिंग, 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकार भी भाग लेंगे

ग्वालियर  विश्वविख्यात अखिल भारतीय तानसेन समारोह की शुरुआत 15 दिसंबर से तानसेन समाधि स्थल पर होने जा रही है। इस दौरान चार दिन तक सजीव चित्रांकन भी रहेगा, जिसकी शुरुआत समारोह की शुरुआत के साथ 15 दिसंबर से ही होगी। इसमें देशभर से 114 कलाकार भाग लेंगे। वे समारोह के दौरान अपने कल्पना के रंगों को कैनवास पर उकेरते नजर आएंगे। इनमें राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध 10 कलाकार भी लाइव चित्रांकन करेंगे। ललित कला संस्थान इंदौर, ललित कला संस्थान धार, ललित कला संस्थान खंडवा और ललित कला संस्थान जबलपुर के छात्र-छात्राएं भी चित्र बनाते नजर जाएंगे। संस्कृति विभाग ने सजीव चित्रांकन के लिए कलाकारों की सूची जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सजीव चित्रांकन का लुत्फ संगीतप्रेमी 18 दिसंबर तक समाधि स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक उठा सकेंगे। 19 दिसंबर को सुबह की सभा बेहट और शाम की सभा गूजरी महल में होगी। इसके पूर्व 14 दिसंबर को इंटक मैदान में पूर्व रंग गमक कार्यक्रम होगा, जिसमें सूफी गायिका जसपिंदर नरूला प्रस्तुति देंगी। पुणे से नवनाथ, मुंबई से सुमित्रा, कोल्हापुर से अरुण बनाएंगे पेंटिंग सजीव चित्रांकन में शहर के 30 कलाकारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय एवं ललित कला संस्थान ग्वालियर के 50 छात्र-छात्राएं, प्रदेश के ललित कला संस्था इंदौर, धार, खंडवा, जबलपुर से 24 कलाकार शामिल होंगे। इसके अलावा 10 राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शामिल होंगे, जिनमें भोपाल से आलोक भावसार, पुणे से नवनाथ क्षीरसागर, कोल्हापुर से अरुण सुतार, जयपुर से कृष्ण कुमार कुंडारा, भुवनेश्वर से रघुनाथ साहू, भोपाल से दुर्गा बाई व्यास, दिल्ली से सुमित्रा अहलावत, मुंबई से निशिकांत पलांदे, उदयपुर से मदीप शर्मा, महाराष्ट्र से संदीप अहीर आएंगे। प्रदर्शनी में 76 कलाकारों की पेंटिंग का होगा प्रदर्शन समारोह के दौरान तानसेन समारोह की प्रस्तुतियों पर एकाग्र चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें 76 कलाकारों की पेंटिंग शामिल की गई हैं, जिन्हें डिस्प्ले किया जाएगा। संगीत रसिकों के अवलोकन के लिए यह सुबह 10 बजे से रात तक खुली रहेगी।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर नवविवाहित कपल का प्राइवेट वीडियो वायरल, पुलिस ने तीन ATMS कर्मियों को किया गिरफ्तार

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने यहां सफर करने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा और निजता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. एक्सप्रेसवे पर लगाए गए हाईटेक कैमरे जहां गाड़ियों की स्पीड मॉनिटर करते हैं, वहीं अब यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारी इन कैमरों का दुरुपयोग कर लोगों की निजी जिंदगी में झांक रहे हैं. एक ताजा घटना में नव विवाहित कपल को वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया, वसूली की गई और बाद में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. यह घटना 25 अक्टूबर की है. आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक नव विवाहित कपल की कार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 93 किलोमीटर प्वाइंट से गुजर रही थी. हलियापुर टोल के अंतर्गत बने ATMS कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों की नजर CCTV स्क्रीन पर इस कार पर गई. कार के अंदर पति-पत्नी रोमांस कर रहे थे. कैमरे से वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम के कर्मियों ने पहले दीवार पर लगी स्क्रीन पर इसे रिकॉर्ड किया और फिर कपल को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई. कार में पति-पत्नी कर रहे थे रोमांस  वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद दो ATMS कर्मचारी करीब 13 किलोमीटर तक बाइक से उस कार का पीछा करते हुए पहुंचे. कार चला रहे युवक को रोककर उसे वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी. इसके बदले में पैसे की मांग की गई. कार से बातचीत करने वाला CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें कर्मचारी युवक को धमकाते नजर आ रहे हैं. चार दिन बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई. जांच शुरू हुई तो ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला दावा किया कि बीते ढाई साल में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, लेकिन वीडियो कभी वायरल नहीं हुआ इसलिए मामला खुला नहीं. इस बार वीडियो वायरल कराने में नौकरी से निकाले गए कुछ कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है. प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया हुआ था वायरल सरकार ने करोड़ों की लागत से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा मिले. एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर स्मार्ट CCTV लगाए गए जो स्पीड चेक करते हैं और आकस्मिक घटनाओं पर तुरंत सूचना देते हैं. टोल पर पुलिस, फायर विभाग और YUPIDA के वाहन भी तैनात रहते हैं. लेकिन ATMS का काम संभाल रही कंपनी SCIPL Superwave Communication and Infra Solutions Pvt Ltd के कुछ कर्मियों ने इस सिस्टम को ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना दिया. हमारी टीम जब हलियापुर टोल के ATMS कंट्रोल रूम में पहुंची तो वहां अयोध्या के ब्रजेश उपाध्याय मिले. वह पिछले 15 दिनों से अपने भांजे के एक्सीडेंट का CCTV फुटेज ढूंढने के लिए यहां चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके भांजे की गाड़ी को टक्कर किसने मारी, यह खोजने के लिए वह उसी दिन का फुटेज मांग रहे हैं लेकिन कंट्रोल रूम में वह फुटेज उपलब्ध नहीं है. ब्लैकमेलिंग के लिए बनाया था वीडियो यह विरोधाभास साफ दिखाता है कि जहां ब्लैकमेलिंग के लिए वीडियो आसानी से बनाया और निकाला जा रहा था, वहीं जरूरतमंद लोगों के लिए जरूरी रिकॉर्ड मिल नहीं रहा. एक ओर ATMS कर्मचारी कपल का पीछा करते हुए 13 किलोमीटर तक पहुंच जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक्सीडेंट जैसे गंभीर मामलों के रिकॉर्ड ढूंढे नहीं मिलते. फिलहाल पुलिस ने कपल को ब्लैकमेल करने वाले ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार, कर्मचारी अभिषेक तिवारी और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद पटेल को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि वीडियो वायरल करने वाला शशांक शेखर सिंह अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है. टोल के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल हलियापुर टोल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भी डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह कैमरे सुरक्षा के लिए लगाए गए थे लेकिन अब यह उनके लिए खतरा बन गए हैं. कैमरे खेतों में काम कर रही महिलाओं तक को कैद कर सकते हैं. गांव वालों का कहना है कि कैमरों की पहुंच बहुत गहरी है और यह पता नहीं कि बीते ढाई सालों में कितने वीडियो रिकॉर्ड होकर वायरल हुए होंगे. कंपनी ने इस मामले में शामिल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और अब कंट्रोल रूम में काम कर रहे सभी कर्मचारियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस जांच जारी है और इस मामले ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल उठा दिया है.

EPFO खाताधारकों को मिलेगा तोहफा, 2024-25 के लिए बढ़ सकती है पीएफ ब्याज दर, जानें ताजा अपडेट

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों और पीएफ खाताधारकों के लिए एक अच्छी खबर है। नए साल में केन्द्र सरकार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो EPFO वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर बढ़ सकती है। इसका फैसला नए साल 2026 में लिया जा सकता है ।हालांकि अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि होना बाकी है।अंतिम फैसला केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा और फिर वित्त मंत्रालय मंजूरी देगा।वर्तमान में 8.25% ब्याज दर है। नए साल में बढ़ सकती है पीएफ ब्याज दर दरअसल, मई में वित्त मंत्रालय भारत सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO ) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.25 फीसदी तय की थी जिसका ब्याज कर्मचारियों के खातों में क्रेडिट कर दिया गया है।अब नए वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज दर तय होना है, जिसका इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ पर ब्याज दर बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।सरकार इसे बढ़ाकर लगभग 8.75 प्रतिशत तक करने पर विचार कर रही है। यदि ब्याज दर 8.75 प्रतिशत तक बढ़ती है तो इसका असर पीएफ बैलेंस पर दिखाई देगा।अगर किसी कर्मचारी के खाते में लगभग 6 लाख रुपये जमा हैं, तो 8.75 प्रतिशत की दर से उसे तकरीबन 52,000 रुपये तक और 5 लाख रुपये की राशि जमा है, तो उसे 43,750 रुपये के आसपास ब्याज मिल सकता है। यह पूरी रकम सीधे रिटायरमेंट फंड में जोड़कर मिलेगी। यदि ब्याज दर बदलती नहीं है तो 6 लाख पर 49,500 रुपये और 5 लाख की रकम पर 41,250 रुपये तो मिलेंगे ही। EPFO : कब कब कितनी रही है ब्याज दर     वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO ) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर 8.25 फीसदी रखी है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ईपीएफओ ने भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत निर्धारित की थी, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से अधिक है।     इससे पहले 2021-22 में 8.10% 2020-21 EPF दर 8.5 फीसदी (PF Interest Rate), 2018-19 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत थी। EPFO ने साल 2023-24 के लिए 1,07,000 करोड़ की इनकम पर 8.25% ब्याज दिया, जो लगभग 13 लाख करोड़ की मूल राशि के आधार पर इसका हाईएस्ट रिटर्न है, जबकि साल 2022-23 में 91,151.66 करोड़ की इनकम पर दिए गए 8.15% से बढ़ोतरी थी। EPFO : इन 4 तरीकों से चेक कर सकते है बैलेंस     Umang APP से: अपने फोन में UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance) ऐप को इंस्टॉल करें। अब ऐप को ओपन करके उसमें लॉग-इन करें।इसके बाद ‘EPFO Option’ पर क्लिक करें और ‘Employee Centric Services’ पर जाएं। अब ‘view passbook’ पर क्लिक करें। इसके बाद आपको UAN नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) आएगा। ओटीपी डालने के बाद पीएफ अकाउंट लॉग-इन हो जाएगा। अब आपको पीएफ पासबुक शो होगी।     SMS से : SMS से PF बैलेंस जानने के लिए EPFO के पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7738299899 पर SMS करें।इसके लिए EPFO UAN LAN (भाषा) टाइप करना होगा। अगर आपको अंग्रेजी में जानकारी चाहिए तो LAN की जगह ENG लिखें। हिंदी में जानकारी के लिए LAN की जगह HIN लिखें।हिंदी में अकाउंट की जानकारी लेने के लिए EPFOHO UAN HIN लिखकर इसे 7738299899 नंबर भेज दें और मैसेज आपके मोबाइल पर आ जाएगा।     Missed Call से: इन तरीकों के अलावा आपके पास मिस्ड कॉल का भी ऑप्शन है। इसके लिए आपको अपने UAN रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7738299899 पर मिस्ड कॉल करना है। यहा आपको अपने नए योगदान और बैलेंस के विवरण के साथ एक SMS मिल जाएगा।     EPFO से : सबसे वेबसाइट पर लॉग इन कर ई-पासबुक पर क्लिक करें। ई-पासबुक पर क्लिक करने पर एक नए पेज पर आ जाएंगे। जहां आपको अपना यूजर नाम (UAN नंबर), पासवर्ड और कैप्चा भरना होगा और फिर नया पेज खुलेगा । यहां मेंबर आईडी का चुनाव करना होगा।यहां ई-पासबुक पर अपना ईपीएफ बैलेंस मिल जाएगा।  

राजस्थान में विकास यात्रा की शुरुआत, सीएम शर्मा ने रथों को किया रवाना

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुक्रवार को हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान से 50 विकास रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनता के सेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं और प्रदेश के विकास का पहिया बिना रुके, बिना थमे आगे बढ़ रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता को अपने कामों का हिसाब दें। इसीलिए हमारी सरकार ने पिछले वर्ष की भांति ही इस वर्ष भी अपने सुशासन का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि विकास रथ हर विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक पहुंचकर आमजन को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगे।  उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे इन जनल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की इस पहल का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि विकास रथ में उपलब्ध सुझाव पेटिका के माध्यम से अपने सुझाव दें। राज्य सरकार इन सुझावों को आगामी बजट में समाहित करेगी। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग दुनियाभर में पहुंचा है। उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि अब दीपावली महोत्सव को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किया गया है। आने वाले समय में भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा और इसमें राजस्थान की भी अहम भूमिका होगी। युवा बनेंगे रोजगार प्रदाता मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपरलीक के कारण युवाओं के साथ कुठाराघात हुआ। हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लगभग 92 हजार सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और 20 हजार युवाओं को इसी माह में नियुक्तियां दी जाएंगी। हम पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरी देंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से 35 लाख करोड़ के एमओयू किए गए जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। सरकार द्वारा निजी क्षेत्र में ढाई लाख रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। आगामी समय में युवाओं के लिए युवा पॉलिसी लाई जा रही है। हम चाहते हैं कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार प्रदाता भी बनें। शर्मा ने कहा कि किसान, महिला, युवा, मजदूर सशक्त होंगे तो देश-प्रदेश विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 70 लाख जरूरतमंदों को जोड़ा गया है। साथ ही, गरीब परिवार की महिलाओं को 450 रुपये में गैस सिलेण्डर मिल रहा है। वहीं, लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने बिना भेदभाव के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में दी विकास निधि मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पिछले दो वर्षों में कानून का राज स्थापित किया है। हमारी सरकार ने पिछले दो वर्ष में जितने कार्य किए हैं, उतने पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्ष में नहीं किए। उन्होंने कहा कि हम जनता के बीच रहकर काम करते हैं तथा हमने गत दो बजटों में बिना भेदभाव के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में विकास निधि दी है। हम प्रदेश की 8 करोड़ जनता के लिए काम कर रहे हैं। 

2027 जनगणना की तैयारी तेज: केंद्र ने 11,718 करोड़ के विशाल बजट को दी हरी झंडी

नई दिल्ली  केंद्रीय कैबिनेट ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कोलसेटू नीति और खोपरा MSP 2025 पर भी अहम फैसले लिए गए हैं। जानें आजादी के बाद की 8वीं जनगणना से जुड़ी खास बातें। कैबिनेट ने शुक्रवार को तीन महत्वपूर्ण फैसलों का मंजूरी दी। कैबिनेट ने जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री मंडल ने कोयला लिंकेज नीति में सुधार के लिए कोलसेटू नीति को भी मंजूरी दी है। सरकार ने खोपरा 2025 सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को भी नीतिगत मंजूरी दे दी है।   जनगणना 2027 के बारे में केंद्रीय मंत्री ने क्या बताया? कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनगणना 2027 की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभ्यास होगा। जनगणना 2027 अब तक की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। जनगणना केंद्र का विषय है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत इसे किया जाता है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। कोविड महामारी के कारण जनगणना 2021 आयोजित नहीं की जा सकी। इससे पहले 16 जून 2025 को जनगणना 2027 की राजपत्र अधिसूचना जारी की गई। जनगणना 2027 की अनुमानित लागत 11,718 करोड़ रुपये होगी  दो चरणों में होगी जनगणना केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे होगी। बर्फ से ढके क्षेत्रों के लिए यह तिथि 1 अक्तूबर 2026 को 00:00 बजे होगी। वैष्णव ने कहा, "जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में  मकान सूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) होगी। इसे अप्रैल से सितंबर 2026 तक अंजाम दिया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या की गिनती (PE) होगी। यह फरवरी 2027 से शुरू होगी। बर्फ से ढके क्षेत्रों में सितंबर 2026 से शुरू होगी। इससे पहले, सरकार की कैबिनेट बैठक को लेकर कई बड़े दावे सामने आए। सूत्रों के अनुसार, मनरेगा का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ किए जाने पर विचार हो सकता है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम की पहचान और प्रभाव को नया रूप देने के उद्देश्य से यह बदलाव प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश का दिल मध्यप्रदेश, दिल खोल कर स्वागत को है तैयार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को देश के दिल मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि हम दिल खोलकर आपके स्वागत के लिये तैयार हैं। नई दिल्ली में अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरूण शमि और अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश उत्सव देखने के बाद सभी प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता का वास्तविक आनंद लेने के लिये जरूर मध्यप्रदेश आएंगे। उन्होंने पर्यटकों को महाकाल लोक में दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू की आध्यात्मिकता का अनुभव करने के साथ पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की सैर करें और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाएं। उद्घाटन के बाद आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया की तीन दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के बारे में दिल्ली एनसीआर के वासीयो को प्रदेश के बारे में जानकारी देना उसके खान-पान और संस्कृति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, 1 जिला एक उत्पाद, माटी कला, पर्यटन आदि के स्टॉल लगे हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया उनके इस उत्सव में आए और प्रदेश के खानपान और संस्कृति का आनंद लें, यह पूर्णता निशुल्क है। उत्सव के पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंड गायन की सुरमयी प्रस्तुतियां होगीं, सांस्कृतिक संध्या में बुंदेली लोकनृत्य सुश्री कमला राजपूत छतरपुर, गुदुम्बबाजा नृत्य श्री लालूलाल धुर्वे अनूपपुर एवं शास्त्रीय गायन सुश्री कलापिनी कोमकली देवास द्वारा मध्यप्रदेश की गहरी सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू करवाया जाएगा। उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता , क्विज़ और MPTDC द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय फिल्म ‘स्त्री’ युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करने का काम करेगी। सांस्कृतिक संध्या में करमा नृत्य, सुश्री हर्ष मरावी डिण्डोरी, गोंडवाना लोकनृत्य श्री संजय महाजन बढ़वाह, फ्यूजन बैंडः म.प्र. के स्वर गन्धर्व बैण्ड, भोपाल के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात खादी/सिल्क फैशन शौ मध्यप्रदेश के वस्त्र वैभव का आधुनिक और भव्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा। उत्सव के तीसरे दिन बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और फीचर फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ की MPTDC की प्रस्तुति की जाएगी। सांस्कृतिक संध्या में दास्तानगोई सुश्री भारती दीक्षित इंदौर, मटकी लोकनृत्य सुश्री हीरामणि वर्मा उज्जैन, और नृत्य नाटिका सुश्री क्षमा मालवीय, भोपाल के द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित कर उत्सव का गरिमामयी समापन किया जायेगा। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं।     मध्यप्रदेश भवन परिसर में अगले 3 दिनों तक भव्य मध्यप्रदेश उत्सव।     मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल।     प्रदर्शनियों में एक जिला-एक उत्पाद और जीआई टैग प्राप्त वस्तुएं देखी जा सकती हैं।     वनोपज से तैयार हर्बल उत्पाद भी प्रदर्शित।     हस्त शिल्प, कलाकृतियां और विभिन्न अंचलों के स्वादिष्ट व्यंजन इस मेले की यूएसपी हैं।     उत्सव में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड पहली बार प्रस्तुति दे रहा है।     उत्सव में प्रदेश के टेक्स्टाइल को शो-केस करते हुए फैशन-शो भी आयोजित।     पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल।     उत्सव में प्रदेश के लोक गीत और लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण।  

राजधानी में बड़ा बदलाव: दिल्ली में अब 13 जिले, सरकार ने नए भू-प्रस्ताव को दी हरी झंडी

नई दिल्ली  दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। राजधानी में अब तक 11 राजस्व जिले थे, लेकिन सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत इन्हें बढ़ाकर 13 जिले कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस कदम से प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक तेजी से पहुंचेंगी और वर्षों से चला आ रहा विभागों के बीच तालमेल का संकट खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मसला कई सरकारों के दौरान लंबित रहा, लेकिन उनकी टीम ने इसे सिर्फ 10 महीनों में सुलझा दिया। उनका कहना है कि यह बदलाव राजधानी के लिए आवश्यक था क्योंकि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है और पुरानी व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था। नए 13 जिले और उनसे जुड़े सब-डिविजन सरकार द्वारा घोषित नए जिलों और उप-विभागों की सूची इस प्रकार है:      जंगपुरा     कालकाजी     बदरपुर Old Delhi (पुरानी दिल्ली)     सदर बाजार     चांदनी चौक North (उत्तर)     बुराड़ी     आदर्श नगर     बड़ली New Delhi (नई दिल्ली)     दिल्ली छावनी     नई दिल्ली Central (केंद्रीय दिल्ली)     पटेल नगर     करोल बाग Central North (केंद्रीय-उत्तर)     शकरपुर बस्ती     शालीमार बाग     मॉडल टाउन South West (दक्षिण-पश्चिम)     नजफगढ़     मटीयाला     द्वारका     बिजवासन Outer North (बाहरी उत्तर)     मुंडका     नरेला     बवाना North West (उत्तर-पश्चिम)     किराड़ी     नांगलोई जाट     रोहिणी North East (उत्तर-पूर्व)     करावल नगर     गोकुलपुरी     यमुना विहार     शाहदरा East (पूर्वी दिल्ली)     गांधी नगर     विश्वास नगर     पटपड़गंज South (दक्षिण)     छतरपुर     मालवीय नगर     देवली     महरौली West (पश्चिम)     विकासपुरी     जनकपुरी     राजौरी गार्डन सीमाएं अब एक जैसी होंगी—MCD, NDMC और कैंट बोर्ड का तालमेल सुधरेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक दिल्ली की सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि राजस्व जिलों की सीमाएं,     MCD     NDMC     दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमाओं से मेल नहीं खाती थीं। ऐसे में यह साफ नहीं होता था कि किसी शिकायत पर कार्रवाई कौन करेगा। फाइलें एक विभाग से दूसरे में घूमती रहती थीं, जिससे लोगों को समय पर सेवा नहीं मिलती थी। नई व्यवस्था में सभी सीमाएं एकसमान होंगी, जिससे भ्रम खत्म होगा और काम की रफ्तार बढ़ेगी। हर जिले में बनेगा मिनी सचिवालय सरकार के अनुसार, 13 जिलों के साथ अब कुल 39 सब-डिविजन होंगे। हर जिला मुख्यालय पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिसमें:    SDM कार्यालय     ADM     तहसील     सब-रजिस्ट्रार ऑफिस     राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही इमारत में उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। संपत्ति रजिस्ट्रेशन होगा आसान नए ढांचे के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ेगी और इन्हें सीधे सब-डिविजन से जोड़ा जाएगा। इससे:     मकानों और जमीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होगी     रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन बेहतर होगा     नागरिकों को दूर-दूर जाकर कागज जमा नहीं कराने होंगे सरकार का दावा: सेवाएं होंगी तेज, जवाबदेही होगी मजबूत दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम से:     विभागों में तालमेल बढ़ेगा     शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा     अधिकारियों पर कार्यभार संतुलित रहेगा     शहर की शहरी योजना और आपदा प्रबंधन बेहतर होगा     भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासन और नागरिकों के बीच दूरी कम होगी और सेवा वितरण पहले से अधिक सरल और विश्वसनीय बन जाएगा। 2012 के बाद सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में इससे पहले वर्ष 2012 में बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ था, जब जिलों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 की गई थी। लंबे समय से विशेषज्ञ और विभिन्न समितियां यह सुझाव दे रही थीं कि लगातार बढ़ती आबादी के चलते ज्यादा और छोटे जिलों की जरूरत है। अब 13 जिलों का यह नया मॉडल राजधानी की प्रशासनिक प्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।