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मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, पचमढ़ी जैसी ठंड, इंदौर-भोपाल में पारा 7° तक गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़क ठंड की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार गिर रहा है और सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर में बीती रात न्यूनतम तापमान 5.2°C दर्ज हुआ, जो पिछले दस साल की सबसे ठंडी रात थी। खास बात यह है कि इंदौर का तापमान इस बार पचमढ़ी के बराबर ठंडा रहा। राजधानी भोपाल में भी पारा 7°C से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी और जेट स्ट्रीम की सक्रियता इस बार ठंड बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। जेट स्ट्रीम लगभग 12.6 KM की ऊंचाई पर 200+ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ी राज्यों से आने वाली बर्फीली हवाओं और इस ऊंची हवा के मिलने से MP में तापमान काफी कम हो गया। भोपाल में लगातार छह दिन तक कोल्ड वेव (शीतलहर) चलने के बाद गुरुवार को थोड़ी राहत मिली, लेकिन शुक्रवार को दिन फिर सर्द रहा। भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सीहोर और शाजापुर में सर्द हवाएं चली। इस वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। दिन में धूप तो खिली, लेकिन शाम को ठंड का असर बढ़ा रहा। हालांकि, अगले 3 दिन तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड का असर बरकरार रहेगा। दूसरी ओर, गुरुवार-शुक्रवार की रात कई शहरों में पारा 5 डिग्री के आसपास रहा। इंदौर शहर में 5.2 डिग्री रहा। इतना ही तापमान पचमढ़ी में भी दर्ज किया गया। रात में भोपाल और ग्वालियर में पारे में गिरावट हुई। भोपाल में 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले तीन दिनों तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारा 5 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1, उज्जैन में 9, जबलपुर में 8.4 डिग्री रहा। वहीं राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2 और मंडला में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। पहाड़ी राज्यों में कई जगह तापमान शून्य से नीचे चला गया है। इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी मौसम को प्रभावित कर रही है। करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही यह जेट स्ट्रीम मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ाने का कारण बन रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रातें फिलहाल बेहद सर्द बनी रहेंगी। तापमान में गिरावट जारी  प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। इंदौर और पचमढ़ी दोनों में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2, मंडला में 7.6, रायसेन, शिवपुरी और नरसिंहपुर में 8, बैतूल में 8.5, छिंदवाड़ा और खजुराहो में 9, सतना में 9.1, टीकमगढ़ और रतलाम में 9.5, दमोह में 9.8 और दतिया में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसलिए मध्य प्रदेश में बढ़ी ठिठुरन मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। उत्तराखंड के कई इलाकों में नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। इसके साथ ही उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह जेट स्ट्रीम जमीन से करीब 12 से 13 किलोमीटर की ऊंचाई पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बह रही है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। लगातार टूट रहे ठंड के रिकॉर्ड मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं के साथ जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने से इस बार ठंड का असर दोगुना हो गया है। यही वजह है कि दिसंबर में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी दर्ज की गई है। दिसंबर में भी इंदौर की ठंड ने बीते 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।  बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी हुई है। उत्तराखंड में तो नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। कई शहरों में पारा माइनस है। दूसरी ओर, जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण शुक्रवार को भी शीतलहर का असर देखा गया। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ … Read more

उत्तर प्रदेश बीजेपी में आज खत्म होगा अध्यक्ष पद का सस्पेंस, पंकज चौधरी का नाम तय होने की संभावना

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में बीजेपी को आज नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है. आज प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में नामांकन होना है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है और अगर उनके अलावा किसी और उम्मीदवार का नामांकन नहीं होता है तो आज ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंकज चौधरी का चुनाव लगभग तय माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि आज दोपहर 2 बजे तक उनके नाम का अनौपचारिक ऐलान भी हो सकता है. इसकी वजह यह है कि पंकज चौधरी के अलावा किसी दूसरे नेता के नामांकन की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंकज चौधरी के प्रस्तावक होंगे. अगर अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन होता है और चुनाव की स्थिति नहीं बनती है तो आज ही यह साफ हो जाएगा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा. हालांकि प्रदेश अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा बीजेपी रविवार को करेगी. रविवार दोपहर 12 बजे लखनऊ के एक बड़े सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम का भी ऐलान किया जाएगा. ज्यादातर सांसद भी आज लखनऊ में ही रहेंगे. उन्हें राष्ट्रीय परिषद के नामांकन के लिए बुलाया गया है. दूसरे नाम भी रेस में, लेकिन संभावना कम हालांकि पंकज चौधरी के अलावा कुछ और नाम भी चर्चा में रहे हैं. इनमें केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा और पूर्व सांसद निरंजन रंजन ज्योति का नाम भी रेस में बताया जा रहा है. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन नामों के नामांकन की संभावना फिलहाल बेहद कम है. ओबीसी चेहरे पर बीजेपी का फोकस दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सस्पेंस बनाए रखकर बीजेपी ने इसे लगभग एक बड़े राजनीतिक इवेंट का रूप दे दिया है. पार्टी ने यह लगभग तय कर लिया है कि इस बार उत्तर प्रदेश में ओबीसी चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. इसे बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पंकज चौधरी ओबीसी वर्ग की कुर्मी बिरादरी से आते हैं और वे सात बार सांसद रह चुके हैं. ऐसे में अगर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो यह यूपी की राजनीति में एक बड़ा संदेश होगा. पूर्वांचल फैक्टर… सूत्रों के मुताबिक अगर पंकज चौधरी ही प्रदेश अध्यक्ष बनते हैं तो मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पूर्वांचल से होंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से आते हैं, जबकि पंकज चौधरी महाराजगंज से हैं. दोनों जिले एक-दूसरे से सटे हुए हैं. ऐसे में जहां एक ओर बीजेपी ओबीसी और खासकर कुर्मी वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष का लगभग एक ही इलाके से होना कुछ सवाल भी खड़े कर रहा है. 2024 की नाराजगी साधने की कोशिश? बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में ओबीसी वर्ग और खासकर कुर्मी समाज की नाराजगी का सामना करना पड़ा था. अब पंकज चौधरी के नाम के जरिए पार्टी इस वर्ग को फिर से अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है.

कंबोडिया बॉर्डर पर बमबारी, ट्रंप के सीजफायर दावे के विपरीत, थाईलैंड ने दिया कड़ा बयान

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीजफायर कराने के दावे के बावजूद दोनों देशों के बीच सीमा पर लड़ाई थमती नहीं दिख रही है. कंबोडिया ने दावा किया है कि शनिवार सुबह भी थाई सेनाएं विवादित सीमा पर हमले कर रही हैं, जबकि थाईलैंड ने उलटे कंबोडिया पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. फिलहाल, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित सीमा पर सैन्य टकराव नहीं रुक रहा. यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने में अहम भूमिका निभाई है. कंबोडिया के सूचना मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि थाई सैन्य बलों ने सीमा पार हमले बंद नहीं किए हैं. मंत्रालय के मुताबिक, थाई सेनाएं अब भी बमबारी कर रही हैं और इन हमलों में फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल किया गया है. कंबोडिया के सूचना मंत्रालय ने बयान में कहा, थाई सेनाओं ने अब तक बमबारी बंद नहीं की है और हमले लगातार जारी हैं. थाईलैंड का पलटवार, कंबोडिया पर गंभीर आरोप वहीं, थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है. थाई सेना का कहना है कि कंबोडिया बार-बार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है. थाईलैंड के मुताबिक कंबोडियाई बलों ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाया है और सीमा क्षेत्रों में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं. थाईलैंड का आया बयान… बॉर्डर पर बमबारी के बीच थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल का बयान आया. उन्होंने कहा, यह बिल्कुल भी कोई रोड एक्सीडेंट नहीं है. थाईलैंड तब तक सैन्य कार्रवाई करता रहेगा, जब तक हमारी जमीन और हमारे लोगों के लिए कोई और नुकसान या खतरा खत्म नहीं हो जाता. मैं यह बात पूरी तरह स्पष्ट करना चाहता हूं. आज सुबह हमारी कार्रवाइयों ने खुद सब कुछ बता दिया है. ट्रंप का दावा… लेकिन दोनों देशों की चुप्पी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत से फोन पर बातचीत के बाद कहा था कि दोनों देश शुक्रवार से ही सभी तरह की गोलीबारी रोकने पर सहमत हो गए हैं. हालांकि ट्रंप के इस दावे के बाद दोनों देशों के नेताओं के बयानों में किसी औपचारिक सीजफायर समझौते का जिक्र नहीं किया गया. थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने साफ कहा कि कोई सीजफायर नहीं हुआ है. जब ट्रंप के दावे पर सवाल किया गया तो थाई विदेश मंत्रालय ने पत्रकारों को प्रधानमंत्री के बयान का हवाला दिया. कंबोडिया ने दोहराई शांतिपूर्ण समाधान की बात कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने शनिवार को फेसबुक पर जारी एक बयान में ट्रंप के साथ हुई बातचीत और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पहले हुई चर्चा का जिक्र किया. मानेत ने कहा कि कंबोडिया अब भी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है. उन्होंने कहा कि कंबोडिया अक्टूबर में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में हुए पहले के समझौते के तहत ही विवाद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है. ट्रंप ने सीजफायर पर क्या कहा था? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि थाईलैंड और कंबोडिया शुक्रवार शाम से अपने जॉइंट बॉर्डर पर सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमत हो गए हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत से अलग-अलग बातचीत की. उन्होंने इन चर्चाओं को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि इनका मकसद दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद में हालिया तनाव को खत्म करना था. ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर जारी संदेश के मुताबिक, दोनों नेताओं ने तुरंत सभी तरह की गोलीबारी रोकने और उस शांति ढांचे पर वापस लौटने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे पहले अमेरिका की भूमिका और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मध्यस्थता से तय किया गया था. ट्रंप ने कहा, वे इस शाम से सभी तरह की फायरिंग रोकने पर सहमत हो गए हैं और मेरे साथ तथा उनके साथ मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मदद से किए गए मूल शांति समझौते पर वापस लौटेंगे. यह नए सीजफायर का ऐलान ऐसे समय किया गया था, जब बीते कुछ दिनों में हुए घातक संघर्षों के चलते हजारों नागरिकों को अपने घर छोड़ने पड़े थे और इस साल की शुरुआत में मलेशिया की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के टूटने का खतरा पैदा हो गया था. ट्रंप ने अक्टूबर में मलेशिया में हुई फॉलो-अप बैठकों में भी हिस्सा लिया था. वे इस संघर्ष को उन कई विवादों में से एक बताते हैं, जिन्हें उनके मुताबिक उन्होंने सुलझाया है.

संसद हमले में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को PM मोदी समेत नेताओं ने याद किया, दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेता शनिवार को 2001 के पार्लियामेंट हमले की बरसी पर उस हमले में जान देने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित किए.इसके साथ ही देशभर में अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले सुरक्षाकर्मियों की याद में श्रद्धांजलि सभाएं की गईं और उनको याद किया गया.इससे पहले दिन में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद हमले में अपनी जान देने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका बलिदान देश हमेशा याद रखेगा. एक पोस्ट में, CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, "'लोकतंत्र का मंदिर', भारतीय संसद भवन, साल 2001 में आज ही के दिन एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला देखा था, जो देश की संप्रभुता, गरिमा और लोगों की शक्ति पर एक क्रूर हमला था. संसद और देश की गरिमा की रक्षा के लिए इस दिल दहला देने वाली घटना में अपनी जान देने वाले अमर वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि. देश हमेशा उनका आभारी रहेगा. जय हिंद!" केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस भयानक आतंकवादी हमले के दौरान भारतीय संसद की रक्षा करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.     गडकरी ने कहा, "13 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर आतंकवादी हमले के दौरान लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा के लिए अपनी जान देने वाले बहादुरों को सलाम. देश की रक्षा के लिए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा."  सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स ने भी 2001 के पार्लियामेंट टेरर अटैक की बरसी पर 88 बटालियन की कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी को श्रद्धांजलि दी और उनके साहस और बलिदान को याद किया.     CRPF के X पोस्ट में लिखा था, "बहादुरों को श्रद्धांजलि… 13 दिसंबर 2001 को, दिल्ली में पार्लियामेंट पर हुए टेररिस्ट अटैक के दौरान, 88 बटालियन, #CRPF की कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी ने भारी फायरिंग के बीच टेररिस्ट का पीछा करके और अपने साथी जवानों को उनकी एक्टिविटीज के बारे में लगातार जानकारी देकर अदम्य साहस और बेमिसाल बहादुरी का परिचय दिया." पोस्ट में कहा गया, "उनके हिम्मत वाले कामों की वजह से, सभी 5 आतंकवादी मारे गए. इस घटना के दौरान, उन्हें गंभीर चोटें आईं और आखिरकार उन्होंने ड्यूटी की वेदी पर अपनी जान दे दी. उनके अदम्य साहस और असाधारण बहादुरी के लिए, उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. बहादुर 'बलिदानी' को #CRPF का हमेशा सलाम." 13 दिसंबर, 2001 को, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पांच भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने नई दिल्ली में संसद परिसर में धावा बोल दिया और अंधाधुंध गोलियां चलाईं.     इस हमले में सुरक्षाकर्मियों और एक आम नागरिक समेत करीब 14 लोग मारे गए थे. यह आतंकी हमला संसद की कार्यवाही स्थगित होने के करीब 40 मिनट बाद हुआ था, और इमारत में करीब 100 सदस्य मौजूद थे. शुक्रवार को लोकसभा ने पार्लियामेंट सिक्योरिटी सर्विस, दिल्ली पुलिस और CRPF के उन बहादुर जवानों को दिल से श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 13 दिसंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमले के दौरान पार्लियामेंट की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था. स्पीकर ओम बिरला ने श्रद्धांजलि देने में सदन का नेतृत्व किया. सदन ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में डटे रहकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के अपने पक्के इरादे को दोहराया.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दावा: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से तेजी से प्रगति कर रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर : शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक – शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से समग्र विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने जो सेवा का अवसर दिया, उसे सरकार ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक सशक्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार हुए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण हेतु श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई भव्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकार का संकल्प है कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रदेश में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे राज्य के प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है—अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया, तथा बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। अटल जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के विजन के अनुरूप सरकार संस्कृति-संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है—लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, कलाकारों की पेंशन बढ़ाई गई है तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में केंद्र के साथ राज्य सरकार की सब्सिडी भी मिल रही है। शहरी मध्यम व निम्न वर्ग को किफायती भूखंड उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम बनाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य हेतु अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है; उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए … Read more

कबीरधाम जिला आज विकास के नए युग में कर रहा प्रवेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : कबीरधाम में चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात कबीरधाम जिला आज विकास के नए युग में कर रहा प्रवेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेडिकल कॉलेज निर्माण स्थल पर शिला-स्थापना कर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात मुख्यमंत्री ने कवर्धा में पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण और रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की मुख्यमंत्री साय ने स्व सहायता समूहों को 7 करोड़ 78 लाख रुपये की राशि का चेक वितरण किया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण स्थल पर शिला-स्थापना कर जिले को एक ऐतिहासिक सौगात दी। इसके साथ ही जिले में चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। शिला-स्थापना के साथ ही कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य मानचित्र में विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ विकसित होंगी तथा आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की मांग पर कवर्धा में पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण तथा रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन की शिला-स्थापना को ऐतिहासिक बताते हुए जिलेवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य गठन के बाद सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रायपुर प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि-पूजन किया था और आज उसी क्रम में इसकी शिला-स्थापना संपन्न हुई है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूर्ण होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कवर्धा जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिली है। सीटी स्कैन और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी सुविधाओं की स्थापना से इलाज और अधिक सुलभ हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं तथा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यभर में रजत जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर को प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर आए थे, जहाँ उन्होंने नए विधानसभा भवन एवं ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय शौर्य और महापुरुषों के बलिदान की स्मृतियों से समृद्ध है, जिसे सभी को अवश्य देखना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा रहे हैं। किसानों के हितों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि लगातार तीसरे वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना तथा तेंदूपत्ता की दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने जैसे निर्णयों को किसानों और वनांचल के हित में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा एवं अन्य जनजातीय समाज निवास करते हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारंभ की गई है। यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान प्राप्त करेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिला-स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कवर्धा के इतिहास में अभूतपूर्व और गौरवपूर्ण है। यह ऐसा क्षण है, जो स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कवर्धा जिले के गठन से लेकर अब तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, किंतु मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसा ऐतिहासिक दिन जीवन में एक बार ही आता है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों का सम्मान सर्वोपरि है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खातों में दी जा रही है, जिससे परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि कवर्धा को मिली विकास योजनाओं से जिले की दिशा और दशा तेजी से बदली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हम सभी के लिए ऐतिहासिक सौगात है, जो जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए आयाम खोलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 4.5 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है और अब तक 814 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर कर दी गई है तथा 50 क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए गए हैं। पिपरिया और बोड़ला में सोनोग्राफी मशीनें लगाई गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नया मेडिकल कॉलेज 40 एकड़ परिसर में निर्मित किया जाएगा तथा 50 सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज तक सुगम पहुँच के लिए घोटिया मार्ग एवं गौरव पथ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिले में जगमड़वा जलाशय, बड़ौदा खुर्द एवं रामपुर बरेंडा जलाशय सहित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की 3.30 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं तथा 8 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की 24 सड़कों, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 28 सड़कों तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क … Read more

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोजपाल उत्सव मेले में किया भ्रमण, विक्रेताओं से की चर्चा

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोजपाल उत्सव मेले का किया भ्रमण राज्यपाल ने मेले की स्टॉलों पर क्रेता विक्रेताओं से की चर्चा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भेल दशहरा मैदान में भोजपाल उत्सव मेले का शुक्रवार शाम को भ्रमण किया। राज्यपाल पटेल ने भ्रमण के दौरान मेला परिसर में स्थापित दुकानों का अवलोकन किया। खाद्य पदार्थ, पुस्तक, सोलर उर्जा, हथकरघा और हस्तशिल्प की विभिन्न स्टॉलों पर जाकर क्रेता और विक्रेताओं से चर्चा की। उन्होंने भ्रमण के दौरान मेला क्षेत्र में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों पर केन्द्रित प्रदर्शनी अभ्युदय मध्यप्रदेश का अवलोकन कर सराहना की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रारंभ में मेला परिसर में स्थापित मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन एवं पूजन किया। मेला व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए मेला कार्यालय का निरीक्षण किया। राज्यपाल का स्वागत फलों की टोकरी, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर मेला समिति अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास विरानी द्वारा किया गया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में तेजश द सूफी बैंड की प्रस्तुति के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है की भेल जन सेवा समिति के द्वारा भोजपाल उत्सव मेले का आयोजन किया गया है। मेला 14 नवंबर से प्रारंभ होकर 1 जनवरी तक चलेगा।  

मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: 4 नई सड़कों से 50 गांवों की बदलेगी तस्वीर

मुरैना  लंबे समय से विकास से अछूते सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की 4 बड़ी सडके बनाई जाएंगी, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। इन पक्की सड़कों के जरिए 50 से अधिक गांवों के लोगों का सफर सुगम होगा बल्कि हादसों से भी निजात मिलेगी।  इन इलाकों से गुजरेगी रोड बता दें कि, मुरैना के सुमावली क्षेत्र में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की कीमत से ग्राम बरवासिन के शासकीय प्राथमिक स्कूल से शिवलाल के पुरा तक 6.90 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई है। यह रोड कैथरी से होकर कंषाना का पुरा, कैथरी कैमरा की पुलिया से गोटिया की पुलिया तक और वहीं ग्राम कैथरी तोरखेड़ा की रोड पूरन के पुरा तक बनेगी।   इसी प्रकार 9 करोड़ 42 लाख की लागत से 10 किमी लंबी दूसरी सडक़ पिपरसा की पुलिया से विंडवा होते हुए पिढ़ावली जगन्नाथ के पुरा तक, नहर की पुलिया पिपरसा से निहाल सिंह का पुरा तक, ग्राम पंचायत पहावली में स्कूल से होते हुए रणवीर सिंह के पुरा तक, गड़ौरा रोड से बलवंत सिंह का पुरा तक, मृगपुरा रोड से परशुराम की चक्की होते हुए खासखेड़ा नहर की पुलिया से महेंद्र सिंह के पुरा तक बनेगी। सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इन चार प्रमुख सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी (PWD) कराएगी। साथ ही इन सड़कों पर बीच में लगे बिजली के पोल को भी शिफ्ट किया जाएगा, ताकि दोनों ओर के वाहन निर्वाध निकल सकें।   बंबा पुलिया से रामबाड़ी सुल्तान पुरा होते हुए नहर तक 9.67 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद यह सड़क जनकपुर रोड से गंगाराम का पुरा होते हुए मातादीन के घर से तोरखेड़ा रोड से जुड़ेगी। आगे यह सड़क तोरखेड़ा, सराय का पुरा से घुरैया का पुरा, पचोखरा से लज्जा का पुरा पचोखरा तक फैलेगी, जिसकी कुल लंबाई 9 km होगी। टेंटरा रोड से सती माता मंदिर, जाफराबाद से सांवले सिंह का पुरा, अटा गांव से निरंजन सिंह का पुरा होते हुए सुमावली-दुल्हेनी रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 2.857 करोड़ रुपये में होगा। यहां से यह बरेटा का पुरा होते हुए मड़ वाली माता तक पहुंचेगी। इस 9 km लंबी सड़क से एक दर्जन गांव भी जुड़ेंगे।

सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार के भूमि-पूजन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमि-पूजन सांस्कृतिक विरासत और शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भी होगा भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश की गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति से जुड़ी पहल के तहत सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार एवं पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन करेंगे। कार्यक्रम 13 दिसंबर को प्रातः 11 बजे महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फंदा भोपाल में आयोजित होगा। सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक चेतना को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने वाला यह प्रवेश द्वार न केवल ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नगरीय विकास को भी नई दिशा देगा। विकास के नए प्रतिमान होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। “विरासत के साथ विकास” की भावना को साकार करता यह प्रवेश द्वार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह कार्यक्रम विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी विशेष महत्व रखता है, जो मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समग्र विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।  

8वें वेतन आयोग में देरी, कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना 2026 से, रिपोर्ट 2027 तक हो सकती है

नई दिल्ली  31 दिसंबर 2025 को 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जाना है, जिसकी संभावना कम है, क्योंकि केन्द्र की मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफ्रेंस को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है, ऐसे में आयोग अप्रैल 2027 तक केन्द्र सरकार को सिफारिशें सौंपेगा और फिर सारे पहलुओं पर विचार करते हुए इसे अक्टूबर नवंबर 2027 तक लागू किया जा सकेगा, ऐसे में जनवरी 2026 से एरियर मिलेगा या नहीं, यह सवाल चर्चाओं में बना हुआ है। इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है ले्किन संकेत जरूर मिले है कि एरियर मिल सकता है।आईए जानते है विस्तार से… 1 जनवरी 2026 से मिलेगा कर्मचारियों को एरियर?     वर्तमान में केंद्र सरकार 50 लाख कर्मचारी और 68.72 लाख पेंशनर्स है, जिन्हें 8वें वेतन आयोग का लाभ मिलना है लेकिन 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। कर्मचारी संगठनों और सांसदों द्वारा इस बारे में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चार सांसदों ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख के बारे में पूछा।     राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि इसे लागू करने की तारीख सरकार तय करेगी।आयोग की स्वीकृत सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार उचित धन का प्रावधान करेगी।बता दे कि 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना और नवंबर 2015 में रिपोर्ट दी गई। इसके बाद करीब 2.5 साल बाद जून 2016 में इसे लागू किया गया लेकिन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2016 से एरियर दिया गया।कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग में भी एरियर दिया जा सकता है, हालांकि सरकार की तरफ से अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नए वेतन आयोग में डीए होगा शून्य? फिटमेंट फैक्टर पर पड़ेगा असर?     आमतौर पर वेतन आयोगों की अनुशंसाएं प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर लागू की जाती हैं। फरवरी 2014 में 7वें वेतन आयोग का गठन हुआ था और 1 जनवरी 2016 से उसकी सिफारिशें लागू की गई थीं।इसके लागू होते ही 2.57 फिटमेंट फैक्टर होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 7000 हजार रुपये से बढ़कर सीधे 18000 रुपये (14.3%) हो गई थी।अगर 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले पर 8वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 34560 या 51,480 रुपये हो सकती है। हालांकि कितनी सैलरी बढ़ेगी यह फिटमेंट फैक्‍टर और DA पर निर्भर करेगा।     7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 था, जो 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़कर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है और डीए शून्य हो जाएगा क्योंकि हर वेतन आयोग के लागू होने पर डीए ‘0’ हो जाता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत है जो जुलाई से दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। जनवरी 2026 में इसके 60% तक जाने की उम्मीद है।विशेषज्ञों की मानें तो जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता तब तक DA बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही बढ़ेगा और आयोग के लागू होने के बाद मौजूदा DA बेसिक पे में मर्ज हो जाएगा, जिससे वेतन संरचना में बदलाव आएगा । 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी?     7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के कारण वेतन और पेंशन में वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्माचारियों की न्यूनतम सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रूपये हो गई थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है, जिससे वेतन में 30-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है।अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर होता है तो वेतन में 92% की वृद्धि यानि 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगा।     2.47 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, तो 18,000 रुपये का बेसिक वेतन बढ़कर लगभग 44,460 रुपये हो सकता है।1.83 फिटमेंट फैक्टर होने पर बेसिक वेतन करीब 32,940 रुपये और 1.86 होने पर लगभग 33,480 रुपये तक हो सकता है। 2.86 फिटमेंट होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,480 रुपये हो सकती है।     महंगाई राहत पेंशन पर एक निश्चित फीसदी के रूप में दी जाती है।जब पेंशन बढ़ती है, तो DR की वैल्यू खुद बढ़ जाती है।पुरानी पेंशन 20,000 रुपए है और DR 20% पर 4,000 रुपए और नई पेंशन 30,000 रुपए है और DR 20% तो 6,000 रुपए मिलेगी।इससे साफ है कि जितनी ज्यादा पेंशन बढ़ेगी, उतनी ज्यादा ही महंगाई राहत बढ़ेगी। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जाता है, तो 25,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर 71,500 हो सकती है और कुल सैलरी (DA और HRA समेत) 90,000 से ज्यादा पहुंच सकती है। आठवें वेतन आयोग से किसे लाभ होगा?     केंद्र सरकार के कर्मचारी     रक्षा कर्मी     केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के कर्मचारी     रेलवे कर्मचारी     केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CPC) को अपनाने वाले स्वायत्त और वैधानिक निकाय     केंद्र सरकार के पेंशनभोगी