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मंत्री प्रतिमा बागड़ी के भाई पर गांजा तस्करी का आरोप, सीएम मोहन यादव ने कहा- ‘जो अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी’

भोपाल मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गया है और इस मुद्दे पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा दी जाएगी और मंत्री के भाई का भाई भी बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी और सरकार की छवि तब खराब होती जब मंत्री का भाई होने की वजह से आरोपी को पकड़ा नहीं जाता।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है और पुलिस की ओर से लिए गए ऐक्शन से कानून व्यवस्था और सुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। सीएम ने कहा, 'प्रतिमा बागड़ी के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। इसके ठीक उलट है। प्रतिमा बागड़ी के भाई के खिलाफ आरोप था, और हमने तुरंत पुलिस को उसे पकड़ने को कहा। इसलिए विवाद कैसा?' कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता है।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यहां तक कि कोई मंत्री का भाई हो तो भी, वह कानून से बच नहीं सकता है। मैं प्रतिमा बागड़ी को भी यह कहने के लिए धन्यवाद देता हूं कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने भी सरकार के ऐक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी। इसलिए यह एक अच्छा उदाहरण है।'  जब सीएम से पूछा कि क्या मंत्री के भाई अनिल बागड़ी की गिरफ्तारी से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार की छवि तब धूमिल होती, यदि हम उसे गिरफ्तार नहीं करते। यह मेरी भी छवि नष्ट कर देता यदि मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता और ऐक्शन नहीं लिया जाता। लेकिन मैंने कहा कि कोई बचाव नहीं होगा।' दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी पहली बार की विधायक और राज्य मंत्री बनीं बागड़ी से इस्तीफे की मांग कर रही है। बुधवार सुबह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बंगले के बाहर भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रमुख अमित खत्री की अगुआई में बंगले के बाहर मंत्री के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, हजारों नौकरियों का रास्ता खुला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति PPP मॉडल के तहत चल रही परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का श्रेष्ठ उदाहरण बनने जा रहा है। यह विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए इसके समयबद्ध निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि जिन किसानों और परिवारों ने अपनी भूमि देकर इस सपने को साकार किया है, उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।  पीएएफ परिवारों के हित रखे गए सर्वोपरि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर परियोजना प्रभावित परिवारों (PAF) को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए गए हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नेतृत्व में PPP मॉडल के तहत चल रही इस परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता है। लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल हैं। रोजगार और कौशल विकास का किया गया प्रबंध PAF युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। तीन विशेष भर्ती शिविरों में 300 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 24 युवाओं को ऑफर लेटर जारी हुए हैं। यही नहीं, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ITI जेवर को आधुनिकीकृत किया गया है, जहां पैसेंजर हैंडलिंग और रैंप ऑपरेशंस जैसे कोर्स संचालित किए गए। 28 प्रशिक्षुओं में से 24 को सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। इसके अलावा, लगभग 100 PAF युवाओं को इंग्लिश और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इन सभी पहलों की निगरानी NIAL, जिला प्रशासन और YIAPL की संयुक्त समिति द्वारा की जा रही है। नेट-जीरो उत्सर्जन वाला विश्वस्तरीय एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक हवाईअड्डा होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनने वाला यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।

गिल की फॉर्म पर उठे सवाल: क्या भारत विजयी प्लेइंग-11 में करेगा बदलाव?

मुल्लांपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुरुवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। भारत ने पहले टी20 में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की और सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। अब टीम की नजरें सीरीज में बढ़त मजबूत करने पर टिकी होंगी। आमतौर पर भारतीय टीम विजयी संयोजन से छेड़छाड़ नहीं करती, इसलिए यह देखने लायक होगा कि दूसरे टी20 के लिए क्या भारतीय टीम प्रबंधन ये जोखिम उठाएगी? वापसी को यादगार नहीं बना सके गिल  भारत ने पहले टी20 में वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, संजू सैमसन और हर्षित राणा को बाहर रखा था। इसमें सबसे ज्यादा हैरानी सैमसन को बाहर रखने पर हुई थी जिनकी जगह जितेश शर्मा को तरजीह दी गई। सैमसन कुछ समय पहले तक नियमित रूप से टी20 टीम का हिस्सा थे और अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज कर रहे थे, लेकिन शुभमन गिल के आने से उन्हें मध्य क्रम में बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा जहां वह सफल नहीं हुए। पहले टी20 से गिल ने चोट के बाद वापसी की, लेकिन वह इसे यादगार नहीं बना सके और चार रन बनाकर आउट हुए।  गिल पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। गिल के पहले ही ओवर में विकेट गंवाने से भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा था। उनसे दूसरे टी20 में बेहतर प्रदर्शन करने की आस होगी। टेस्ट और वनडे कप्तान गिल आसानी से वह भूमिका निभा सकते हैं जो विराट कोहली ने पिछले साल टी20 विश्व कप तक भारत के लिए निभाई थी। भारतीय टीम में आठवें नंबर तक बल्लेबाजी के विकल्प मौजूद हैं और उसने अब अपने निडर दृष्टिकोण को और मजबूत कर लिया है, जिससे एक सूत्रधार के लिए बहुत कम जगह बची है।  सूर्यकुमार का फॉर्म चिंता का विषय गिल निश्चित रूप से पावरप्ले में अभिषेक शर्मा की तरह आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं और इसलिए उन्हें यह पता लगाना होगा कि वह अपनी भूमिका कैसे अच्छी तरह निभा सकते हैं। गिल के अलावा कप्तान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन भी अगले साल फरवरी मार्च में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले चिंता का विषय बना हुआ है। उनका विश्व कप से पहले फॉर्म में लौटना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।  सैमसन को मौका मिलने की संभावना कम न्यू चंडीगढ़ के ठंडे वातावरण में भारत का अपने विजयी संयोजन में कोई बदलाव करने की संभावना नहीं है। यानी मुल्लांपुर में भारत उसी प्लेइंग-11 के साथ उतर सकता है, जो कटक में उतरा था। चोट से उबरकर राष्ट्रीय टीम में वापसी करते हुए हार्दिक पंड्या ने अदद ऑलराउंडर के रूप में अपनी स्थिति को फिर से साबित कर दिया। कटक में पहले मैच में उनकी 28 गेंदों में खेली गई 59 रन की पारी ने मुश्किल विकेट पर बहुत बड़ा अंतर पैदा किया। टी20 में 100 विकेट हासिल करने से एक कदम दूर हार्दिक भारत के अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने कटक में बल्ले और गेंद दोनों से दम दिखाया था। हार्दिक ने नाबाद अर्धशतक लगाने के साथ ही एक विकेट भी लिया था। हार्दिक के टी20 अंतरराष्ट्रीय में 99 विकेट पूरे हो गए हैं और वह इस प्रारूप में 100 विकेट पूरे करने से एक कदम दूर हैं। हार्दिक अगर दूसरे टी20 में एक विकेट हासिल कर लेते हैं तो वह टी20 में भारत के लिए 100 विकेट पूरे करने वाले तीसरे गेंदबाज बन जाएंगे। भारत की ओर से अब तक अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की ऐसा कर चुके हैं।  अर्शदीप-कुलदीप का साथ खेलना मुश्किल? पहले मैच में खेलने वाली टीम से यह भी संकेत मिला कि दो प्रमुख गेंदबाज अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव एक साथ अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं हो सकते हैं क्योंकि टीम प्रबंधन आठवें नंबर तक अच्छे बल्लेबाज को रखने के पक्ष में है। पहले मैच में अर्शदीप को मौका मिला और इस प्रारूप में भारत की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले इस तेज गेंदबाज ने जसप्रीत बुमराह के साथ गेंदबाजी करते हुए एक बार फिर टीम को शुरुआती विकेट दिलाए। वहीं, जसप्रीत बुमराह एक बार फिर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।  इस मुकाबले के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 इस प्रकार है… भारत: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह।  दक्षिण अफ्रीका: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), एडेन मार्करम (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवान फेरेरा, मार्को यानसेन, केशव महाराज, लुथो सिपाम्ला, लुंगी एनगिडी, एनरिच नॉर्त्जे।  

IAS संतोष वर्मा का नया विवाद, हाईकोर्ट पर आरोप: ‘एससी-एसटी के बच्चों को सिविल-जज बनने का नहीं मिल रहा अवसर’

भोपाल   विवादों में घिरे IAS अफसर संतोष वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया में उनका एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सीधे हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं. ब्राह्मण बेटियों पर दिए बयान से मचे हंगामे के बाद अब उनका नया बयान पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रहा है. वायरल वीडियो में संतोष वर्मा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “हाईकोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा.उन्होंने दावा किया कि सिविल जज भर्ती में 50% कटऑफ होने के बावजूद SC-ST उम्मीदवारों को 49.95 तक नंबर देकर बाहर किया जा रहा है. वर्मा ने आगे कहा कि इंटरव्यू में भी SC-ST उम्मीदवारों को पूरा 20 नहीं बल्कि सिर्फ 19.5 नंबर दिए जाते हैं. उनका सवाल था कि हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज क्यों नहीं? संतोष वर्मा यही नहीं रुके. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ही रोक रहा है SC-ST को आगे बढ़ने से.” यह बयान सामने आते ही विवाद और गहरा गया है. उनके पहले वीडियो में ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए गए कमेंट ने पहले ही माहौल गर्म कर दिया था, और अब हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी ने तनाव और बढ़ा दिया है. दूसरा वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया में उनकी बातें आग की तरह फैल गईं. लोग इसे “संविधान, न्यायपालिका और समाज को बांटने वाला बयान” बताते हुए सवाल उठा रहे हैं. वहीं कुछ लोग उनके दावों की जांच की मांग कर रहे हैं. हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं दरअसल IAS संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम में कहा कि- एससी/एसटी (SC-ST) बच्चों को हाईकोर्ट सिविल जज नहीं बनने दे रहा है। IAS वर्मा के बयान पर सोशल मीडिया में हंगामा मच गया है। उन्होंने कहा- 50% कटऑफ, लेकिन SC-ST को दिए जा रहे 49.95 नंबर। “इंटरव्यू में 20 नहीं… 19.5 नंबर दिए जाते हैं”। “हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं?” IAS संतोष वर्मा का बड़ा दावा है कि -“हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है”। ज्यूडिशरी में हमारा ‘बीज’ खत्म किया जा रहा है। संतोष वर्मा ने आगे कहा कि आपने तय कर लिया कि 50 पर्सेंट कटऑफ करके छात्र को 49.95 प्रतिशत देना है,50 नहीं देना है। आपने इंटरव्यू में भी तय कर दिया कि 20 की जगह 19 नंबर ही देना है, ऐसे में कौन सिविल जज बना देगा हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है, कौन सा नियम है? ये कौन कर रहा है? ये हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे न्याय की उम्मीद होती है, बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मानते हैं। ये वहीं से हो रहा है। बता दें कि एक दिन पहले कार्यक्रम में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की तारीफ में आईएएस संतोष वर्मा ने कहा था कि तुम कितने संतोष वर्मा मारोगे हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा। इसपर पर सपाक्स की महिला विंग ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ऐसा है तो हर घर से चंडी निकलेगी जिसे तुम रोक नहीं पाओगे। IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से महिला विंग में आक्रोश IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान के बाद ब्राह्मण महिला विंग में आक्रोश जारी है. महिला विंग ने चेतावनी दी है कि अगर संतोष वर्मा पर कार्रवाई नहीं हुई तो हर घर से महिलाएं दुर्गा काली बनकर ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगी. ब्राह्मण महिला विंग न्यायालय की शरण लेगी और संतोष वर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग करेगी. उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल घर नहीं संभाल रही हैं बल्कि वकील, डॉक्टर, और पुलिसकर्मी के कर्तव्यों का निर्वहन भी कर रही हैं. महिला विंग का मानना है कि संतोष वर्मा को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है. आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल विवादित आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी की है. वर्मा का आरोप है कि SC-ST बच्चों को सिविल जज बनने से रोका जा रहा है. पहले ब्राह्मण बेटियों पर बयान दिया था और अब हाईकोर्ट को लेकर विवादित बयान दिया है. उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वर्मा ने कहा कि 50% कटऑफ है, लेकिन SC-ST को 49.95 नंबर दिए जा रहे हैं. इंटरव्यू में 20 नहीं, बल्कि 19.5 नंबर दिए जाते हैं. वर्मा का दावा है कि हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है. IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से गरमाया ब्राह्मण समाज IAS संतोष वर्मा के लगातार विवादित बयानों से ब्राह्मण संगठनों में रोष है. 65 ब्राह्मण संगठन आज अपनी आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे. इन संगठनों का उद्देश्य एक मंच पर साथ आकर सीएम निवास का घेराव और आगामी प्रदर्शन की रणनीति तय करना है. संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बेटियों पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसके बाद दूसरा वीडियो भी सामने आया है. हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा दूसरा वीडियो सामने आते ही विवाद बढ़ गया है। संतोष वर्मा भड़काऊ बयान लगातार दे रहे। अफसर का विवादित बयान… “कितने संतोष वर्मा को मारोगे?” “हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा”। ब्राह्मण बेटियों वाले बयान के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ी है। ब्राम्हण समाज का विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का क्रम जारी है। समाज द्वारा उन्हें नौकरी से बार्खस्त करने की मांग की जा रही है।  जानबूझकर एग्जाम में 49.95, इंटरव्यू में 19.5 नंबर वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आपने कट ऑफ मार्क्स रख दिया है 50 प्रतिशत और आपने तय कर लिया कि इसे 49.95 नंबर देना है। 50 नंबर नहीं देना है। आपने देख लिया कि इंटरव्यू में 20 नंबर नहीं देना है। इसे 19.5 नंबर देना है। …तो कौन सिविल जज बना देगा, हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है…ये कौन सा नियम है। ये कौन कर रहा है…? यह हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे हम न्याय की उम्मीद करते हैं, जिससे हम बाबा साहब के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मांगते हैं। यह वहीं से हो रहा है। मेरा सिर्फ आपको यह कहना है कि जिस तरह से जूडिशरी से, न्यायपालिका से … Read more

इंदौर में कड़ाके की ठंड, पारा 4.5° तक गिरा, 10 साल में सबसे कम तापमान, पचमढ़ी भी ठंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बुधवार को भीषण सर्दी का असर देखने को मिला। शहडोल का कल्याणपुर ठंड से कांप उठा। यहां सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ। आज गुरुवार को भी कई जगहों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर… मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिससे एमपी में भीषण ठंड पड़ रही है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है। पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा। रायसेन में 5 डिग्री, रीवा में 5.9 डिग्री, शिवपुरी में 6 डिग्री, उमरिया में 6.1 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, नौगांव में 7.1 डिग्री, मंडला में 7.3 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, रायसेन-छिंदवाड़ा में 7.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.4 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, रतलाम में 9.2 डिग्री, श्योपुर-गुना में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसलिए बढ़ी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण गुरुवार को भी शीतलहर का अलर्ट है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर बात करें बीती रात की तो इस सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3 डिग्री दर्ज हुआ। उमरिया में 4.9 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, इंदौर में 5.4 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रीवा में 5.8 डिग्री, मलाजखंड में 6.7 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 7 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, सतना में 8.1 डिग्री, बैतूल में 8.2 डिग्री, खजुराहो में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.7 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, जबलपुर में 9.1 डिग्री और ग्वालियर में 9.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट मध्य प्रदेश में जहां न्यूनतम में काफी गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं अधिक तापमान भी लुढ़का है। बालाघाट के मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं नरसिंहपुर, धार, सीधी, रीवा और बैतूल में पारा 26 डिग्री से कम रहा। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की मानें तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई है। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है। बुधवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात

जरूरतमंद के आवास, बीमार के उपचार की करेंगे व्यवस्था : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनी सीएम योगी ने, बोले – हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद के पास पक्का आवास हो। जनता दर्शन में एक महिला ने अपने पति की बीमारी में इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला को आश्वस्त किया कि वह अपने पति का अच्छे से इलाज कराएं, पैसे की व्यवस्था विवेकाधीन कोष से करा दी जाएगी। इलाज में आर्थिक मदद मांगने कई अन्य लोग भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के संबंध में कुछ लोगों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। जनता दर्शन में सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पात्र को योजनाओं का लाभ मिलने में अड़चन आ रही हो तो इसकी जांच जरूर करें कि किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं।

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा, सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जल जीवन मिशन की बुधवार को समीक्षा बैठक में कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जल स्रोतों में किसी भी स्थिति में सीवरेज का दूषित जल न मिले और इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन मध्यप्रदेश इस मिशन को मार्च 2027 तक पूरा कर देश में मिसाल पेश करेगा। मिशन के संचालन और संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल आपूर्ति कभी प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच और महिला समूहों को राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पिछले दस वर्षों में जल संकट का सामना करने वाले गांवों की रिपोर्ट तैयार कर उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल वितरण का समय पानी की उपलब्धता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। मिशन के प्रभाव का विश्लेषण अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से कराया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चुके हैं और मिशन की कुल प्रगति 72.54 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में 8.19 लाख कनेक्शन का लक्ष्य पूरा किया गया और 2025-26 में अब तक 5.50 लाख कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश बोरवेल दुर्घटना रोकने वाला पहला राज्य बन गया है और “स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान” में प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। एकल नल जल योजनाओं में 93 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। डिजिटल मॉनिटरिंग, NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं और सौर-ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से जल जीवन मिशन को तकनीकी और ऊर्जा सुरक्षा के साथ संचालित किया जा रहा है। बैठक में बताया कि आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित नल जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नए ग्राम, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में जल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश जल प्रदाय व्यवस्था में देश में अग्रणी राज्य बन सकेगा।  

फरार लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड में हिरासत में लिया गया, गोवा अग्निकांड में 25 मौतों के बाद शुरू हुआ प्रत्यर्पण प्रक्रिया

पणजी  भारत के अनुरोध पर थाईलैंड पुलिस ने फुकेट में लूथरा भाइयों को हिरासत में ले लिया है. पिछले दिनों गोवा में नाइटक्लब में अग्निकांड में 25 लोगों की जान चली गई थी. लूथरा ब्रदर्स इस नाइटक्लब के फाउंडर हैं और हादसे के बाद फरार थे. पिछले हफ्ते 6 दिसंबर को गोवा के अरपोरा में स्थित बिर्च बाय रोमियो नाइटक्लब में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया था. इस घटना में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे. घटना के बाद क्लब के फाउंडर ब्रदर्स फुकेट भाग गए थे. मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने एक्शन लेते हुए नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्य आरोपियों गौरव और सौरभ लूथरा के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए हैं. पासपोर्ट इसलिए सस्पेंड किया गया कि वे फुकेट से आगे कहीं और नहीं जा सकें. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे इंटरपोल और कूटनीतिक चैनलों के जरिए भारत के लिए उनका प्रत्यर्पण आसान हो सकता है. हालांकि, अब उन्हें हिरासत में ले लिया गया, जो एक बड़ा एक्शन है. सूत्रों ने  बताया, "विदेश मंत्रालय को लूथरा ब्रदर्स के पासपोर्ट कैंसिल करने का औपचारिक अनुरोध गोवा सरकार की तरफ से मिला था." इंटरपोल ने मंगलवार को दोनों भाइयों के खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ जारी किया था. कोर्ट से राहत नहीं… मामले के बाद लूथरा ब्रदर्श ने कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी. अग्निकांड मामले में बुधवार को अदालत ने लूथरा ब्रदर्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और उनकी याचिका पर सुनवाई गुरुवार को तय की गई है. सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा और तनवीर अहमद मीर अदालत में भाइयों की तरफ से पेश हुए. उनके वकील ने कहा, 'मैं कह रहा हूं कि मैं भारत वापस आना चाहता हूं, और वे मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं. मुझे ‘witch-hunting’ का डर है.'  

रायपुर: शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक, मुख्यमंत्री साय का वक्तव्य

रायपुर : शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक – मुख्यमंत्री  साय नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, सियान सदन और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने की घोषणा 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज  राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

रायपुर: राष्ट्र और समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के शहीदों का योगदान, बोले मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री  साय राजाराव पठार ग्राम कर्रेझर में शहीद वीर नारायण सिंह के श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  गौरवशाली है आदिवासी समाज की संस्कृति, इतिहास और विरासत  तालाब निर्माण हेतु 15 लाख सहित कई घोषणाएं 71.93 लाख रूपए के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण                   रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री  साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी।      मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक  आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं  गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है।      इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है।  इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार मती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं  मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।