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रोज़गार का मौका! पंजाब सरकार ने मंजूरी दी, जल्द शुरू होगी सैकड़ों पदों पर नियुक्ति

चंडीगढ़ पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को घोषणा की कि वित्त विभाग ने पशुपालन विभाग में 345 वेटरनरी इंस्पेक्टरों की चरणबद्ध भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पशुपालन विभाग में वर्तमान में वेटरनरी इंस्पेक्टरों  के कुल 2010 स्वीकृत पद हैं और इन पदों में से 345 पद वर्तमान में रिक्त हैं तथा 1665 वेटरनरी इंस्पेक्टरों कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग ने इन 345 रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की मंजूरी दे दी है, जिनमें से 150 पद चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पहले चरण में और शेष 195 पद अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान दूसरे चरण में भरे जाएंगे। वित्त मंत्री, जो कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि पंजाब राज्य पशु चिकित्सा निरीक्षक संघ के साथ हुई बैठक में मौजूदा पदों को भरने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पशुपालन विभाग ने बताया कि राज्य के 22 वेटरनरी पॉलीक्लिनिकों में उपचाराधीन पशुओं की संख्या बढ़ रही है, जिसके कारण विभाग में कर्मचारियों की कमी हो रही है। पंजाब के पशुपालकों के लिए पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू और कुशल बनाए रखने हेतु सभी 345 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पशुपालन विभाग राज्य में 22 वेटरनरी पॉलीक्लिनिकों, 1,367 पशु अस्पतालों और 1,489 पशु औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पशुओं की उचित देखभाल की सुचारू सेवा सुनिश्चित करके विभाग को मजबूत करने का एक प्रयास है। 

DKS अस्पताल को मिली नई मंजूरी, रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग होंगे शुरू

रायपुर  रायपुर के DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग खोलने की अनुमति मिल गई है। इस फैसले के साथ DKS अस्पताल छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा, जहां गठिया, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल समस्याओं का सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर इलाज एक ही जगह उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और DKS अस्पताल की स्वशासी समिति की सामान्य सभा में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दोनों विभागों के लिए अस्पताल में 10-10 बेड के नए वार्ड बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी दोनों ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं, जिनमें संयुक्त दर्द, गठिया, ऑटोइम्यून समस्याएं, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ इलाज संभव होगा। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी में आती है और राज्य में इसकी गंभीर कमी है। समझिए इससे मरीजों को क्या फायदा होगा रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। गठिया और हार्मोन संबंधी बीमारियों का स्पेशलिस्ट से इलाज होगा। संयुक्त दर्द, गठिया, थायरॉइड, हार्मोनल समस्याओं और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज विशेषज्ञ करेंगे। अस्पताल में दोनों विभागों के लिए 10-10 बेड के नए वार्ड को मंजूरी मिली है। सचिव ने निरीक्षण के बाद मांगा था प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग शुरू करने की मांग रखी थी। इसके बाद सचिव ने इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाने और भेजने के निर्देश दिए थे। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट की कमी छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, लेकिन वे सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने पर उन्हें DKS में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी 5 साल पहले ऐसा प्रयास असफल हुआ था। डॉक्टर ने प्रस्तावित OPD में बैठने से इनकार कर दिया था। डायबिटीज और हार्मोनल बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज मिलने लगी है। छोटे बच्चों में टाइप-1 यानी जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। हार्मोनल समस्याओं, थायरॉइड और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की भारी कमी है। वहीं जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और आर्थोपेडिक्स विभाग संभाल रहा है, जो सुपर स्पेशियलिटी की श्रेणी में नहीं आता। रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्स है, जिसकी राज्य में कमी है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को DKS अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग प्रारंभ करने की मांग रखी थी, जिसके बाद सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, जो फिलहाल सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने के बाद उन्हें DKS अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी पांच वर्ष पूर्व ऐसा प्रयास असफल रहा था। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में डायबिटीज और हार्मोनल विकारों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आने लगे हैं, जबकि छोटे बच्चों में टाइप-1 जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में सुपर स्पेशियलिटी विभागों की शुरुआत मरीजों को बड़ा लाभ देगी और इलाज की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।  

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश: लक्ष्य तय करें और कठिनाइयों को अवसर बनाएं

रायपुर : 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल नवा रायपुर में बच्चों संग प्रेरक संवाद, बच्चों के रोचक सवालों का मंत्री ने दिया जवाब रायपुर नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास पर आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रयान इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर के बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भर नहीं रही, बल्कि जीवन मूल्य, लक्ष्य निर्धारण, संघर्ष, शिक्षा के महत्व और छत्तीसगढ़ के पर्यटन पर गहन और प्रेरक संवाद का अवसर बन गई। बच्चों ने बड़े ध्यान से मंत्री जी की बातों को सुना और इसे अपने स्कूली व आगामी जीवन के लिए महत्वपूर्ण सीख बताया। 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल     मंत्री  अग्रवाल ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘‘हर छात्र को अपने अंदर स्वच्छता, संस्कार और अनुशासन का बीज बोना चाहिए। आपका लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा, उतनी जल्दी आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। कठिनाइयाँ हर जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनमें छिपे अवसर को पहचानना ही असली सफलता है। शिक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व के निर्माण के लिए होती है।’’ बच्चों के सवाल, मंत्री के जवाब     संवाद के दौरान एक छात्र ने मंत्री  अग्रवाल से पूछा कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली। इस पर  अग्रवाल ने कहा, ‘‘मुझे राजनीति में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पिताजी से मिली। बचपन से ही उन्हें लोगों की मदद करते, समाज के लिए काम करते देखता था। वहीं से मन में भावना आई कि जीवन ऐसा हो, जिससे अधिक से अधिक लोगों का भला हो सके। राजनीति मेरे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है।’’     एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में क्या संभावनाएँ हैं। इस पर  अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि ‘‘छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं।  हमारे यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, गुफाएँ, पुरातात्विक धरोहरें, आदिवासी संस्कृति और लोक कला की अनूठी विरासत है। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान मिले। इस क्षेत्र में हम उत्कृष्ट कार्य करेंगे, ताकि आप जैसी नई पीढ़ी अपने राज्य पर गर्व महसूस कर सके।’’ शिक्षा, लक्ष्य और आत्मविश्वास पर जोर      अग्रवाल ने बच्चों को समझाया कि ‘‘पढ़ाई का महत्व केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने कहा कि हर विषय को ध्यान से पढ़िए, केवल रटने के लिए नहीं बल्कि समझने के लिए। सवाल पूछने से कभी संकोच मत कीजिए। यही आदत आगे चलकर आपको अलग पहचान दिलाएगी। कठिन समय में घबराने के बजाय समाधान खोजिए, तब आप हर चुनौती को अवसर में बदल पाएँगे।‘‘     मंत्री  अग्रवाल ने भी बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘‘आप सभी हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन को अपना मंत्र बनाइए, फिर जीवन में कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहेगा।     स्कूली छात्रों ने मंत्री  अग्रवाल से आटोग्राफ लिया व उनके साथ फोटोग्राफ भी खिंचवाई। मंत्री से मुलाकात पर स्कूली बच्चों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमे मंत्री जी से बात कर बहुत अच्छा लगा व उनसे बहुत कुछ सीखने मिला, अब हम अपना लक्ष्य तय करेंगे और उन्हें पाने के लिए मेहनत भी उतनी ही ईमानदारी से करेंगे। पढ़ाई सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने के लिए भी ज़रूरी है। पहली बार किसी मंत्री से इतने करीब बैठकर बातचीत करने का मौका मिला है। रयान इंटरनेशनल स्कूल के इन बच्चों और पर्यटन मंत्री के बीच हुआ यह संवाद सकारात्मकता, प्रेरणा और आत्मविश्वास से भरा रहा। यह मुलाकात बच्चों के लिए केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुई।

ट्रंप की आलोचना: अमेरिकियों पर सवाल, चिप उत्पादन तक में असफल

वाशिगटन   अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक और बड़ा बयान दिया है. इस बार, उन्‍होंने अमेरिकी इंडस्‍ट्री को चिप मेकिंग्‍स को लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई. इसके अलावा, उन्‍होंने एच-1बी प्रवासी श्रमिकों के प्रति अपने समर्थन का बचाव करते हुए भी कहा कि अमेरिकियों को 'माइक्रोचिप बनाना नहीं आता'.  ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका अपने घरेलू सेमीकंडक्‍टर चिप के पुननिर्माण का प्रयास कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी वर्कफोर्स में सेमीकंडक्‍टर विनिर्माण के लिए आवश्‍यक तकनीक कौशल का अभाव है. यह एक महत्‍वपूर्ण उद्योग है. ट्रंप का दावा है कि इस सेक्‍टर में अमेरिका बड़े स्‍तर पर वापसी करेगा.  ताइवान के कंट्रोल में पूरी इंडस्‍ट्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब ज्‍यादा चिप का निर्माण नहीं करता है, लेकिन अगर आप चिप बनाने जा रहे हैं तो हमें अपने लोगों को चिप बनाने की ट्रेनिंग देनी होगी, क्‍योंकि हमने चिप वाला कारोबार ताइवान के हाथों बहुत ही मूर्खतापूर्ण तरीके से गंवा दिया है.  जल्‍द उबरेगा अमेरिका का चिप मार्केट  ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी चिप मार्केट जल्‍द ही उबर जाएगा और उन्‍होंने कुछ और सालों के भीतर घरेलू उत्‍पादन में ग्रोथ का अनुमान लगाया है. हालांकि उन्होंने 2022 चिप्स अधिनियम को खारिज कर दिया, जिसका उद्देश्य अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देना था.  चिप बनाने में सबसे आगे होगा अमेरिका  ट्रंप ने कहा कि चिप्‍स एक्‍ट एक आपदा थी. सभी चिप बनाने वाली कंपनियां वापस आ रही हैं और शायद दुनिया में ज्‍यादातर चिप निर्माण अमेरका में ही होगा. ट्रंप का यह बयान उनके रिपब्लिकन सहयोगियों की बढ़ती आलोचना के बीच आया है. ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में सियासत गरमा गई है. फ्लोरिडा के गवर्नर डेसेंटिस ने 13 नवंबर को एक पोस्ट कहा कि कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत में हैं और वे H1B को समाप्त करने के लिए कानून बना सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि यहां शब्दों का नहीं, बल्कि कार्यों का महत्व है.   एक और अधिकारी ने कहा कि माइक्रोचिप का आविष्कार करने का श्रेय जिन दो लोगों को दिया जाता है, उसमें जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस हैं, जो अमेरिकी इंजीनियर थे और अमेरिका की धरती पर काम कर रहे थे. फिर भी ट्रंप को अपनी इंडस्ट्री नजरिए पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा, 'अच्छी खबर यह है कि सब कुछ वापस आ रहा है। यह तो हमेशा से यहीं होना चाहिए था.'

रायपुर : नवंबर में विशेष अभियान, पेंशनर अब किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र

रायपुर : नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC रायपुर राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है। संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो। इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के प्रयासों की सराहना

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास भोपाल  प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है। प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है। विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कोयम्बटूर से जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि

उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आएगी ‘सम्मान निधि’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कोयम्बटूर से जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि  21वीं किस्त के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेंगे 4314.26 करोड़ रुपये  यूपी के किसानों के खाते में 20वीं किस्त तक आई 90,354.32 करोड़ की धनराशि  अन्नदाता किसानों की समृद्धि को बढ़ा रही मोदी-योगी सरकार लखनऊ मोदी-योगी सरकार अन्नदाता किसान की समृद्धि को बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार खेत से लेकर किसानों के सम्मान तक निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयम्बटूर से किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त भेजेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे 4314.26 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। वहीं यूपी के किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक (20वीं किस्त) 90,354.32 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।  बुधवार को यूपी के किसानों के खाते में आएंगे 4314.26 करोड़  बुधवार को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त से उत्तर प्रदेश के 2,15,323 किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों के खाते में 4314.26 करोड़ की धनराशि आएगी। योजना की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में तीन किस्त में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।  यूपी के किसानों के खाते में आ चुकी है 90354.32 करोड़ रुपये  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 20वीं किस्त तक 90354.32 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26 (अप्रैल-जुलाई)    5043.33 करोड़  कुल- 90,354.32 करोड़ रुपये

मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन की स्वीकृति मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति प्रदेश के 13 जिलों के आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम 2025 अनुमोदित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिये सोलर पम्प स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पम्प स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प प्रदाय किया जायेगा। अब 3 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एच.पी. और 5 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एच.पी. का सोलर पंप प्रदाय करने का विकल्प दिया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों अथवा अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की कुसुम-ब योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" नाम से 24 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। इसका क्रियान्वयन राज्य में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। इस निर्णय से सोलर पंप की स्थापना से विद्युत पंपों को विद्युत प्रदाय के लिए राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित किया जा सकेगा एवं विद्युत वितरण कम्पनियों की वितरण हानियों को कम किया जा सकेगा। मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना संचालित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना यथा स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। योजना के तहत पात्र बच्चे को 4 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायगी। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को ऑफटर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे। मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे। आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सलयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम अनुमोदित मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्के वैज्ञानिकों/अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2025 का अनुमोदन प्रदान किया गया।विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में वर्तमान समय में हो रहे अनुप्रयोगों के दृष्टिगत् प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की गतिविधियों में सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र, ग्रामीण प्रौद्योगिकी उपयोग केन्द्र, मौसम परिवर्तन अनुसंधान केन्द्र, अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केन्द्र एवं उन्नत शोध एवं उपकरण सुविधा केन्द्र कार्यरत् है, के लिए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों की आवश्यकता बनी रहती है। निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में गैर वैज्ञानिक संवर्ग के लिए, सेवा संरचना एवं भर्ती नियमों को अंगीकृत किया गया है। वैज्ञानिक संवर्ग के लिए चूंकि केडर का प्रावधान नहीं होने एवं वैज्ञानिक संवर्ग के पदों को भविष्य में होने वाले वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों के हुए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में वैज्ञानिक संवर्ग के केडर का उन्नयन किया जायेगा। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के लिए योग्य वैज्ञानिकों की सेवाएं प्रदेश को प्राप्त हो सकेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 11 मई, 2015 द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में नवीन पदों की भर्ती पर लगाई गई रोक हटाये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् नोडल एजेन्सी के रूप में कार्यरत है। मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित (सातवें) वेतनमान का वास्तविक लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संवर्ग के समान 1 जनवरी 2016 से प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। शासन के समस्त विभागों में पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रदान किया गया है। उसी अनुक्रम में मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को भी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लाभ दिये जाने पर एरियर राशि का अनुमानित वित्तीय भार 93 लाख रुपये आएगा। प्रदेश … Read more

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा ने आसानी से किया धान विक्रय

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त रायपुर, कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाएकृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।             महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है।          सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

किसानों को बड़ी राहत: रायपुर में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर शुरू हुई धान खरीदी

रायपुर : 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप किसानों के लिए बनी वरदान रायपुर विष्णुदेव साय सरकार की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के खेत-खलिहानों में नई उम्मीदों की फसल बो दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की मुस्कान लौटा दी है।     गौरेला विकासखंड के आंदु ग्राम के किसान मनमोहन सिंह राठौर ने बताया कि इस साल उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा मूल्य मिला है। ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप से उन्होंने घर बैठे ही खरीदी का टोकन प्राप्त किया। अब सोसायटियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना नहीं पड़ता। मनमोहन सिंह कहते हैं, “इस सुविधा ने हमारा समय और मेहनत दोनों बचाया है। सरकार ने सचमुच किसानों की तकलीफ को समझा है।”     उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 206 क्विंटल धान बेचा था और इस बार 10 एकड़ खेत में उगाई फसल से पहली खेप में 100 क्विंटल धान गौरेला केंद्र में जमा किया है। इस आमदनी से वे रबी सीजन में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द जैसे दलहन-तिलहन फसलें बोने की तैयारी कर रहे हैं।     गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में खरीदी का सिलसिला तेजी से जारी है। 17 नवंबर को दूसरे दिन जिले के 14 केंद्रों में कुल 2252 क्विंटल धान की खरीदी हुई, धनौली केंद्र में सबसे अधिक 510.40 क्विंटल धान खरीदा गया। यह आँकड़ा बताता है कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और विश्वसनीय भुगतान ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।     गांवों में अब हर ओर खुशी की लहर है, किसानों को सरकार पर विश्वास है, और खेतों में फिर मेहनत का जोश है। समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी और भुगतान व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी रौनक ला दी है। सरकार की पारदर्शी नीति और कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं।