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विकास का महाकुंभ: योगी सरकार ने सोनभद्र में 548 करोड़ की योजनाओं को दी हरी झंडी

सोनभद्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और बिहार के संबंध की तुलना भगवान राम और देवी सीता के पवित्र संबंध से करते हुए शनिवार को कहा कि दोनों राज्यों का रिश्ता भी ‘‘अटूट और सुदृढ़'' है। सोनभद्र में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 548 करोड़ रुपये की 432 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  बिहार में ऐतिहासिक जीत पर सीएम योगी ने जताई प्रसन्नता  बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार साझा संस्कृति, साझा विरासत और साझा संकल्प के प्रतीक हैं। प्रभु राम और माता जानकी के पवित्र संबंध की तरह दोनों राज्यों का रिश्ता भी अटूट और सुदृढ़ है। डबल इंजन की सरकार पर लोगों का बढ़ रहा विश्वास उन्होंने कहा, ‘‘वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता के लिए डबल इंजन की सरकार पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित व विकास की नीतियों को जनता का सशक्त समर्थन मिल रहा है।'' मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की धरती को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के अनोखे संगम की संज्ञा दी।  बिहार में सीएम योगी ने की 30 रैलियां और एक रोड शो उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनजातीय बहनों–भाइयों की भागीदारी बदलाव की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है। योगी की टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह बिहार में राजग द्वारा महागठबंधन को हराकर सत्ता बरकरार रखने के एक दिन बाद आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन के चुनाव अभियान में 30 रैलियां और एक रोड शो किया। उनका अभियान 16 अक्टूबर को शुरू हुआ था। अपने भाषणों में योगी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में राजग सरकारों के विकास कार्यों को प्रमुखता से रखा, जबकि कांग्रेस-राजद गठबंधन पर ‘‘जंगल राज'', अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमला बोला।   

राजधानी में बड़ी पुलिस बैठक: ASP, CSP और थाना प्रभारियों को दिए गए सख्त निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ में आगामी DG–IG कॉन्फ्रेंस को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण क्राइम बैठक जारी है, जिसमें शहर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विस्तृत रणनीतियों पर मंथन किया जा रहा है। यह बैठक कंट्रोल रूम स्थित C4 सभागार में हो रही है, जहां आईजी और एसएसपी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस हाल के दिनों में बढ़ रहे चाकूबाजी के मामलों पर सख्ती से नकेल कसना है। पुलिस अधिकारी शहर के ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहे हैं, जहां इस तरह की वारदातें अधिक हो रही हैं। इसके साथ ही साल के अंत (ईयर-एंडिंग) से पहले लंबित मामलों के निराकरण में आ रही दिक्कतों पर भी विस्तृत चर्चा की जा रही है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। इसे ध्यान में रखते हुए राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष रूप से समीक्षा की जा रही है। बैठक में बताया गया कि इस राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, देशभर के लगभग 70 डीजी/आईजी रैंक के अधिकारी और 6 अन्य विशेष डिग्निट्री शामिल होंगे। ऐसे में रायपुर पुलिस के लिए सुरक्षा प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसे देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बैठक में शहर के सभी एएसपी, सीएसपी और प्रत्येक थाना प्रभारी मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों को शहर में फ्लैग मार्च, नाइट पेट्रोलिंग, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संयुक्त प्रयासों और सख़्त मॉनिटरिंग से न केवल शहर में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलेगी, बल्कि आगामी बड़े कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलें: नया शपथ ग्रहण कब होगा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तीन चौथाई से भी बड़े बहुमत के साथ राज्य के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व तथा अप्रत्याशित जीत दर्ज की है और विपक्षी महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। कुल 243 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव की शुक्रवार को हुई मतगणना में अब तक प्राप्त नतीजों और रुझानों में राजग को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं जबकि छह सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजय हुए हैं। वहीं अब बिहार के सियासी गलियारों में नई सरकार का गठन कब होगा, इस विषय पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ? बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते है। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी चर्चा कर सकते है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक 18वीं विधानसभा का गठन हो सकता है। NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा करते हुए प्रचंड जीत हासिल की। इसी रिकार्ड तोड़ जीत के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत हासिल किया है। Election Commission Data के अनुसार RJD को 23% वोट शेयर मिला, जबकि BJP को 20.08% और JDU को 19.25% वोट मिले। इसके बावजूद दोनों एनडीए दलों ने आरजेडी से कहीं ज्यादा सीटें जीत लीं। RJD का वोट प्रतिशत ज्यादा होना उसकी सत्ता तक की दूरी को कम नहीं कर सका क्योंकि— उसने सबसे ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कई सीटों पर बड़ा मार्जिन मिला पर सीटें नहीं बढ़ीं। महागठबंधन का कुल वोट शेयर NDA के मुकाबले काफी कम था। BJP-JDU का रणनीतिक सीट प्रबंधन ज्यादा कारगर रहा। यही वजह है कि RJD Highest Vote Share Winner होने के बावजूद Seat Tally में कमजोर साबित हुई।

पीएम मोदी का नर्मदा दौरा: देवमोगरा मंदिर में पूजा-अर्चना, बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

सूरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं, जहां वे कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। अपने गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी सबसे पहले सूरत पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अंत्रोली इलाके में बन रहे बुलेट ट्रेन स्टेशन का जायजा भी लिया है। बता दें कि, पीएम मोदी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा व नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में है। यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई समेत प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। गुजरात को देंगे 9700 करोड़ रुपये की सौगात पीएम मोदी अपने गुजरात दौरे के दौरान जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नर्मदा जिले में 9700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं में आदिवासी कल्याण, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और विरासत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएम मोदी के दौरे का पूरा कार्यक्रम पीएम मोदी दोपहर में डेडियापाड़ा पहुंचेंगे और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वह कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जगुआ) के तहत बने एक लाख घरों का गृह प्रवेश शामिल है। इसके अलावा पीएम मोदी लगभग 1900 करोड़ रुपये की लागत वाले 42 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों,  डिब्रूगढ़ में असम मेडिकल कॉलेज में एक सक्षमता केंद्र और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए इंफाल में एक जनजातीय अनुसंधान संस्थान भवन का भी उद्घाटन करेंगे। 250 बस, 50 नए एकलव्य विद्यालयों की सौगात प्रधानमंत्री गुजरात के 14 आदिवासी जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। वह आदिवासी क्षेत्रों में 748 किलोमीटर नई सड़कों और डीए-जगुआ के तहत 14 आदिवासी बहु-विपणन केंद्रों की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी 2,320 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 50 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की भी आधारशिला रखेंगे।

NDA की बड़ी जीत के बाद सीएम साय का हमला: पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव की ओर

रायपुर बस्तर दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिहार चुनाव के परिणाम को लेकर कहा कि जनता ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया है. बिहार में एनडीए की बड़ी जीत हुई है. पहले बिहार को कुशासन और जंगलराज से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन अब एनडीए सरकार में सुशासन और विकास हो रहा है. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भी जंगलराज है, वहां की जनता भी उससे छुटकारा चाहती है. धान खरीदी पर कांग्रेस के आरोप पर सीएम साय का पलटवार धान खरीदी को लेकर सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन है, हार से बौखलाए हुए हैं. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने वहां की कमान संभाली थी, लेकिन उनके पास कुछ नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश में आज से धान खरीदी की भव्य शुरुआत हो रही है. जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सीएम होंगे शामिल बस्तर के जगदलपुर दौरे को लेकर सीएम साय ने जानकारी दी और कहा कि आज 15 नवंबर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेशभर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है. सीएम ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया. उन्होने कहब कि इसी शुभ दिन पर धान खरीदी की भी भव्य शुरुआत हो रही है.

प्रदूषण से बेहाल दिल्ली: खतरनाक स्तर पर AQI, स्मॉग में छिपी राजधानी की पहचानें

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में घना स्मॉग छाया रहा, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सीने में घुटन महसूस हुई। इंडिया गेट पर विजिबिलिटी घटी दिल्ली के पॉपुलर प्लेस इंडिया गेट पर सुबह की सैर के लिए आने वाले लोगों को घने स्मॉग के कारण निराशा हाथ लगी। शनिवार सुबह इंडिया गेट स्मॉग की मोटी चादर में लगभग ओझल हो गया। सुबह 8 बजे यहां AQI 369 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। हॉटस्पॉट में हवा 'गंभीर' श्रेणी के करीब CPCB के आंकड़ों के मुताबिक प्रदूषण के हॉटस्पॉट माने जाने वाले इलाकों में स्थिति काफी चिंताजनक है। आनंद विहार में सुबह 8 बजे AQI 424 दर्ज हुआ, जो 'गंभीर' श्रेणी की तरफ इशारा करता है। वजीरपुर की हवा का स्तर 447 तक पहुंच गया, जो किसी भी शहर के लिए बेहद खतरनाक है। इसके अलावा लोधी रोड, नजफगढ़, करोल बाग और आईजीआई एयरपोर्ट के पास भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। हवा में धूल कणों, धुएं और नमी के मिश्रण ने एक मोटी स्मॉग की परत बना दी है, जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। NCR के हाल भी चिंताजनक दिल्ली से सटे NCR क्षेत्रों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। नोएडा सेक्टर-1 में AQI 387 दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम सेक्टर-51 में AQI 285 रहा। सेहत के लिए गंभीर खतरा इस जहरीली हवा का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें हो रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इतनी खराब हवा में रहने से फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों के लिए जारी की सलाह दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कच्चे ईंधन वाले वाहनों पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल-नियंत्रण के कड़े उपाय, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। आम जनता के लिए जारी की ये सलाह ·         सुबह और शाम के समय (जब प्रदूषण सबसे अधिक होता है) बाहर निकलने से बचें। ·         घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क का उपयोग करें। ·         घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और शरीर को हाइड्रेट रखें। सरकारी एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन दिल्ली और एनसीआर में हवा की यह गुणवत्ता यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

धान खरीदी सीजन शुरू: मुख्यमंत्री साय बोले—किसानों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर प्रदेश में तयशुदा कार्यक्रम के हिसाब से आज से धान खरीदी शुरू हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है.     आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर फिर शुरुआत हुई है छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की । यह धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी. किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकेंगे. धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे. धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है. धान अवैध बिक्री पर रोक प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं. अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है. धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को लेना पड़ेगा टोकन रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है. टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है. जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं. किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं. जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है. मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. कितने टोकन पर कितनी धान बिकेगी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा. 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे.

इजरा स्ट्रीट पर बड़ी आग की घटना: फायर ब्रिगेड की 25 गाड़ियां लगीं काबू पाने में

कोलकाता  कोलकाता में शनिवार को भीषण आग लग गई है। पिछले कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जारी है, लेकिन अब तक आग को बुझाया नहीं जा सका है। इस भयानक आग को बुझाने के लिए मौके पर 25 दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इस आगजनी में अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की जानकारी सामने नहीं आयी है। जानकारी के अनुसार, यह भीषण आग कोलकाता के 26 इजरा स्ट्रीट की एक दुकान के वेयरहाउस में लगी है। आग की चपेट में आस-पास के कई दुकान और घर आ गए हैं। आग फैलने के कारण उस पर काबू पाना दमकलकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब तक आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल सका है। ज्वलनशील पदार्थ में लगी है आग बता दें कि मध्य कोलकाता के इजरा स्ट्रीट पर स्थित एक इलेक्ट्रनिक्स की दुकान पर शनिवार तड़के अज्ञात कारणों से आग लग गई, जो देखते-देखते आस-पास के दुकानों और घरों में फैल गई। ऐसे आग ने विकराल रूप ले लिया। सुबह से एक-एक करके 25 से ज्यादा दमकल की गाड़ियों की मदद से आग बुझाने की कोशिश जारी है। लेकिन अबतक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इमारतें, संकरी गलियों और भारी मात्रा में बिजली उपकरणों व ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है। तेजी से फैली आग बता दें कि जिस इलाके में यह आग लगी है, वहां बिजली उपकरणों की कई दुकानें हैं। पुलिस के अनुसार, सुबह-सुबह उठने वाले स्थानीय लोगों ने इजरा स्ट्रीट की पहली मंजिल पर आग की लपटें देखीं। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को दी। लेकिन आग की लपटें तेजी से फैली और ज्वलनशील पदार्थों तक पहुंच गई। देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी लगातार कोशिश कर रहे हैं। शुरूआत में आग बुझाने के लिए 6 दमकल गाड़ियां भेजी गई, लेकिन आग बेकाबू हो जाने की हालत में 25 से ज्यादा दमकल की गाड़िया मौके पर पहुंची हुई हैं। दमकलकर्मी इमारत की पहली मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आग के बीच में पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

Desh News: नौगाम विस्फोट में दर्जनभर लोगों की मौत

नई दिल्ली. नौगाम थाने में विस्फोट मामले में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। थोड़ी देर पहले ही डीजीपी नलिन प्रभात ने 9 मौतों की पुष्टि की थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि कई अधिकारी और आम नागरिक घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि विस्फोट इतना भयानक था कि थाना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

एमपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में, लेकिन सैंपल पेपर व जिलेवार परीक्षा केंद्र तय नहीं; शिक्षक चुनाव ड्यूटी में व्यस्त

भोपाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू होने वाली है।परीक्षा शुरू होने में करीब ढाई माह का समय शेष है।ऐसे में अब तक मंडल ने ना तो सैंपल पेपर अपलोड किया है और ना ही जिलेवार केंद्रों का निर्धारण हो पाया है, जबकि इस बार हर साल की अपेक्षा एक माह पहले परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अब दिसंबर में ही हो सकेगा। अब तक माशिमं की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है।दरअसल, शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है।इस कारण भी परीक्षा केंद्र का निर्धारण नहीं हो सका है।हर साल पौने चार हजार परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं और सितंबर तक केंद्रों की सूची तैयार कर ली जाती है,ताकि वहां पर व्यश्वस्थाओं का परीक्षण किया जा सके।   मंडल ने सभी जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि अपने जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में बनाए जाने वाले केंद्रों के नाम तय कर सूची जल्द भेजें।इस बार 10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल पर नकेल कसने के लिए इस बार 200 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमेरे लगाए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू किया जा रहा है। अगली बार से सभी केंद्रों पर कैमरे लगाए जाने की तैयारी है। इसके लिए पहले केंद्रों का निर्धारण होना आवश्यक है। बता दें कि, परीक्षा की तैयारी में इसलिए भी देरी हो रही है, क्योंकि मंडल के सचिव का पद करीब साढ़े तीन माह से खाली है। जुलाई में तात्कालीन सचिव केडी त्रिपाठी के सेवानिवृत होने के बाद शासन की ओर से किसी की पदस्थापना नहीं हो सकी है। अब अगर महत्वपूर्ण समय में सचिव का पद खाली रहेगा तो परीक्षा की तैयारी पर तो असर पड़ना लाजिमी है। रैंडेमाइज से सीएस व एसीएस का होगा नाम तय मंडल की ओर से केंद्राध्यक्ष(सीएस)व सहायक केंद्राध्यक्ष(एसीएस) की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।रैंडेमाइज तरीके से इनके नामों का चयन होगा।माशिमं के पौने चार हजार परीक्षा केंद्रों पर जिला स्तर पर केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति होगी। सैंपल पेपर तैयार नहीं मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के करीब 18 लाख विद्यार्थियों को सैंपल पेपर नहीं दे पाया है।ये पेपर परीक्षा शुरू होने के तीन माह पहले विद्यार्थियों को मिल जाना चाहिए थे।पूर्व में माशिमं द्वारा वार्षिक परीक्षा शुरू होने के छह महीने पहले सैंपल पेपर जारी कर दिए जाते थे,जिससे विद्यार्थी छमाही और वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर लेते थे। मंडल के ढीले रवैये के चलते परीक्षा के तीन माह पहले भी सैंपल पेपर जारी नहीं कर सके हैं।सैंपल पेपर जारी नहीं होने से अंक योजना के आधार पर भी विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।